Saturday, 03 Oct 2026 | 06:35 PM

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राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग: जबलपुर, इंदौर, कटनी बने चैंपियन:पुरुष वर्ग के विजेताओं को किया पुरस्कृत; नेशनल टूर्नामेंट में लेंगे हिस्सा

राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग: जबलपुर, इंदौर, कटनी बने चैंपियन:पुरुष वर्ग के विजेताओं को किया पुरस्कृत; नेशनल टूर्नामेंट में लेंगे हिस्सा

बालाघाट के नूतन कला निकेतन में आयोजित राज्यस्तरीय पॉवर लिफ्टिंग टूर्नामेंट में पुरुष प्रतियोगिता का शुक्रवार रात पुरस्कार वितरण के साथ समापन हो गया। पुरुष पॉवर लिफ्टिंग के ओपन टूर्नामेंट में जबलपुर 50 रैंक के साथ प्रथम रहा। जूनियर वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन ने 54 रैंक के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि सब जूनियर वर्ग में कटनी विजेता बना। ओपन वर्ग में इंदौर कार्पोरेशन दूसरे और छिंदवाड़ा तीसरे स्थान पर रहा। जूनियर वर्ग में रीवा ने दूसरा और छिंदवाड़ा ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। सब जूनियर वर्ग में भोपाल कार्पोरेशन और रीवा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। सब जूनियर डिवीजन में भोपाल प्रथम बॉडी वेट प्रतियोगिता में सब जूनियर डिवीजन में भोपाल के मोहित चतुर्वेदी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि कटनी के देव ताम्रकर द्वितीय और अमृतांश मिश्रा तृतीय रहे। जूनियर वर्ग में भोपाल के जावेद आलम पहले, रीवा के मोहित वर्मा दूसरे और अमित मुजालडे तीसरे स्थान पर रहे। ओपन वर्ग में छिंदवाड़ा के शैलेंद्र सेवतिया ने प्रथम, भोपाल के ध्रुवराज कुरे ने द्वितीय और रीवा के अमन सिंह ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह दो दिवसीय राज्यस्तरीय प्रतियोगिता 23 अप्रैल को बालाघाट में शुरू हुई थी। समापन समारोह में विहिप अध्यक्ष यज्ञेश लालु चावड़ा, पॉवर लिफ्टिंग एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मधु हरपाल, वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन के उमेश जायसवाल और सचिव सुरेंद्र जायसवाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों और प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस प्रतियोगिता में अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 200 महिला और पुरुष प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसका आयोजन जिला पॉवर लिफ्टिंग और वेट लिफ्टिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया था। एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र जायसवाल ने बताया कि दो दिवसीय पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में महिला और पुरुष दोनों वर्गों के सब जूनियर, जूनियर और सीनियर श्रेणियों में मुकाबले हुए। इसका उद्देश्य जिले के युवाओं को शरीर सौष्ठव के लिए एक मंच प्रदान करना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। उन्होंने बताया कि प्रतिभागियों ने पॉवर लिफ्टिंग की तीन विधाओं – बेंच, स्कॉट और डेड-लिफ्ट में अपना कौशल दिखाया। इस प्रतियोगिता में चयनित खिलाड़ी अब नेशनल टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगे।

क्या आपका बच्चा भी गर्मी की चपेट में है? जानिए लू के शुरुआती संकेत, वरना छोटी लापरवाही पड़ सकती है भारी

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Last Updated:April 25, 2026, 11:57 IST फरीदाबाद में अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है. ऐसे में लू, वायरल और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ गया है. सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉ. सुमित अग्रवाल के मुताबिक, बच्चों में सुस्ती, उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत सतर्क हो जाएं. बाहर निकलते समय शरीर ढकें, खूब पानी पिएं और हल्के सूती कपड़े पहनें. फरीदाबाद: फरीदाबाद में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है. अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है. दोपहर के समय घर से बाहर निकलना किसी चुनौती से कम नहीं है. तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों को परेशान कर रही हैं. ऐसे मौसम में जरा सी लापरवाही आपको बीमार कर सकती है. खासकर बच्चों का इस भीषण गर्मी में विशेष ध्यान रखना बेहद जरूरी है क्योंकि गर्मी का असर उन पर जल्दी होता है. Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल में डायरेक्टर और हेड, इंटरनल मेडिसिन विभाग डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया बढ़ते तापमान में शरीर को खुद को ढालने के लिए समय चाहिए होता है. अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक ठंडे कमरे या वातानुकूलित वातावरण में रहने के बाद अचानक तेज धूप में निकलता है, तो उसे लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही शरीर में पानी की कमी होने पर गर्मी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी हो सकती हैं. इस मौसम में लू लगना, गला खराब होना और वायरल संक्रमण होना आम बात डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया इस मौसम में लू लगना, गला खराब होना और वायरल संक्रमण होना आम बात है. तापमान में अचानक बदलाव से वायरस तेजी से सक्रिय हो जाते हैं. वहीं गर्मी में खाना जल्दी खराब हो जाता है जिससे पेट में संक्रमण, उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. पानी कम पीने से मूत्र संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है. छोटे बच्चों पर दें विशेष ध्यान डॉक्टर सुमित अग्रवाल ने बताया छोटे बच्चे अपनी परेशानी खुलकर बता नहीं पाते. ऐसे में अगर बच्चा सुस्त दिखाई दे उसकी खेलने-कूदने में रुचि कम हो जाए खाना-पीना छोड़ दे उल्टी या दस्त होने लगें या पेट दर्द की शिकायत करे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह गर्मी से होने वाली परेशानी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. बरतें सावधानी डॉ. सुमित अग्रवाल ने बताया जब भी घर से बाहर निकलें, तो शरीर के उन हिस्सों को अच्छी तरह ढककर रखें जिन पर सीधी धूप पड़ती है. पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें. गर्मियों में हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनना सबसे बेहतर रहता है, ताकि शरीर में हवा का संचार बना रहे. लू लगने पर क्या करें डॉक्टर सुमित अग्रवाल ने बताया अगर किसी को लू लग जाए, तो सबसे पहले उसे तुरंत ठंडी जगह पर ले जाएं. उसके कपड़े ढीले कर दें, ताकि शरीर का तापमान सामान्य हो सके. समय रहते सही देखभाल और सावधानी बरतकर गर्मी के इस मौसम में खुद को और अपने बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 25, 2026, 11:50 IST

BJP बोली- केजरीवाल के मन में शीशमहल रहता है:AAP का मतलब- आलीशान आदमी पार्टी; केजरीवाल कल नई घर में शिफ्ट हुए थे

BJP बोली- केजरीवाल के मन में शीशमहल रहता है:AAP का मतलब- आलीशान आदमी पार्टी; केजरीवाल कल नई घर में शिफ्ट हुए थे

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को लेकर बीजेपी ने कहा कि उनके मन में शीशमहल रहता है। दिल्ली सरकार में मंत्री परवेश वर्मा ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान जब दिल्ली के लोग दवाइयों के लिए परेशान थे, तब भी केजरीवाल के शीश महल का काम नहीं रुका। वर्मा ने कहा कि दिल्ली के मतदाताओं ने केजरीवाल को हराया, जिसके बाद वह पंजाब चले गए। वहां भी उन्होंने दूसरा शीश महल बना लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के आसपास बड़े सरकारी मकानों में केजरीवाल, सत्येंद्र जैन, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया जैसे नेता रहे। कल नए घर में शिफ्ट हुए थे केजरीवाल अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को अपने नए घर में शिफ्ट हुए थे। वर्मा ने कहा कि केजरीवाल लंबे समय से सरकारी बंगले के लिए अदालत जा रहे थे। अब उन्हें 95 लोधी एस्टेट में आवास मिला है। तस्वीरें देखकर हैरानी हुई। जो सादगी की बात करते थे, वे आज लग्जरी में रह रहे हैं। केजरीवाल के नए घर की 6 तस्वीरें…

ओपनएआई का सबसे स्मार्ट GPT-5.5 लॉन्च:अब एआई खुद प्रोजेक्ट प्लान और पूरा करेगा; इसे 100 नंबर के टेस्ट में 93 अंक मिले

ओपनएआई का सबसे स्मार्ट GPT-5.5 लॉन्च:अब एआई खुद प्रोजेक्ट प्लान और पूरा करेगा; इसे 100 नंबर के टेस्ट में 93 अंक मिले

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की रेस में ओपनएआई ने अपना सबसे स्मार्ट और समझदार एआई मॉडल GPT-5.5 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह एआई की दुनिया में अगला बड़ा कदम है, जहां एआई अब केवल बातचीत नहीं करेगा, बल्कि असल में आपके काम को अंजाम भी देगा। पुराने एआई मॉडल्स को हर कदम पर निर्देश देने पड़ते थे, लेकिन GPT-5.5 उलझे हुए और कई हिस्सों वाले कामों को खुद-ब-खुद शुरू से आखिरी तक पूरा कर सकता है। आप इसे कोई भी प्रोजेक्ट सौंप सकते हैं और यह खुद उसकी प्लानिंग करेगा। एक्सपर्ट डेविड गेविर्ट्ज ने इस नए एआई को 10 अलग-अलग कामों में परखा। आइए जानें, इसका क्या नतीजा रहा… आपके लिए कौन-सा एआई बेहतर है? चैटजीपीटी, जेमिनी व क्लाउड मॉडल की खूबियां जानिए… 1. चैटजीपीटी 5.5: यह सबसे बेहतर ऑल-राउंडर है। 2. क्लाउड: लेखन और कोडिंग के काम में एक्सपर्ट। 3. जेमिनी: डेटा में महारत। ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

ओपनएआई का सबसे स्मार्ट GPT-5.5 लॉन्च:अब एआई खुद प्रोजेक्ट प्लान और पूरा करेगा; इसे 100 नंबर के टेस्ट में 93 अंक मिले

ओपनएआई का सबसे स्मार्ट GPT-5.5 लॉन्च:अब एआई खुद प्रोजेक्ट प्लान और पूरा करेगा; इसे 100 नंबर के टेस्ट में 93 अंक मिले

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की रेस में ओपनएआई ने अपना सबसे स्मार्ट और समझदार एआई मॉडल GPT-5.5 पेश किया है। कंपनी का दावा है कि यह एआई की दुनिया में अगला बड़ा कदम है, जहां एआई अब केवल बातचीत नहीं करेगा, बल्कि असल में आपके काम को अंजाम भी देगा। पुराने एआई मॉडल्स को हर कदम पर निर्देश देने पड़ते थे, लेकिन GPT-5.5 उलझे हुए और कई हिस्सों वाले कामों को खुद-ब-खुद शुरू से आखिरी तक पूरा कर सकता है। आप इसे कोई भी प्रोजेक्ट सौंप सकते हैं और यह खुद उसकी प्लानिंग करेगा। एक्सपर्ट डेविड गेविर्ट्ज ने इस नए एआई को 10 अलग-अलग कामों में परखा। आइए जानें, इसका क्या नतीजा रहा… जीपीटी-5.5; 100 नंबर के टेस्ट में 93 यहां GPT-5.5 के 10 टेस्ट नतीजों का संक्षिप्त सार है… आपके लिए कौन-सा एआई बेहतर है? चैटजीपीटी, जेमिनी व क्लाउड मॉडल की खूबियां जानिए… 1. चैटजीपीटी 5.5: यह सबसे बेहतर ऑल-राउंडर है। किसके लिए: प्रोफेशनल लोग व ऑफिस के मिले-जुले काम। खासियत: सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि काम की प्लानिंग और उसे पूरा भी करता है। काम: स्ट्रैटेजिक सोच, रिसर्च और ऑटोमेशन में बेहतर है। 2. क्लाउड: लेखन और कोडिंग के काम में एक्सपर्ट। किसके लिए: सॉफ्टवेयर डेवलपर्स और कंटेंट राइटर्स। खासियत: भाषा सबसे ज्यादा इंसानी लगती है। यह कोडिंग की गहराई को बेहतर समझता है। काम: क्रिएटिव राइटिंग और मुश्किल सॉफ्टवेयर डिजाइनिंग। 3. जेमिनी: डेटा में महारत। किसके लिए: गूगल टूल्स (जीमेल, ड्राइव) इस्तेमाल करने वाले और डेटा एनालिस्ट। खासियत: बड़ी फाइलों और हजारों पन्नों के डेटा को एक साथ पढ़कर समझ सकता है। काम: भारी डेटा एनालिसिस। ये खबर भी पढ़ें… मिथॉस AI से बैंकिंग सिस्टम पर साइबर हमले का खतरा: वित्त मंत्री सीतारमण ने हाई-लेवल मीटिंग की; क्या है मिथॉस और यह क्यों खतरनाक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को बैंकों के प्रमुखों के साथ एक हाई-लेवल मीटिंग की। इस बैठक में एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड मिथॉस’ AI मॉडल से बैंकिंग सेक्टर को होने वाले संभावित खतरों पर चर्चा की गई। यह एआई मॉडल इतना एडवांस है कि हैकर इसका इस्तेमाल दशकों पुरानी अज्ञात खामियों को खोजकर फाइनेंशियल सेक्टर पर साइबर हमले कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…

ग्वालियर आज लू का अलर्ट, तापमान 42 डिग्री पार:राजस्थान की गर्म हवाओं से बढ़ी तपन; दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

ग्वालियर आज लू का अलर्ट, तापमान 42 डिग्री पार:राजस्थान की गर्म हवाओं से बढ़ी तपन; दोपहर में बाहर निकलने से बचने की सलाह

ग्वालियर में राजस्थान की ओर से आ रही गर्म और शुष्क हवाओं ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में ही भीषण गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 42.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25.5 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 2.5 डिग्री ज्यादा है। दोपहर के समय हालात ऐसे रहे कि सड़कों पर सन्नाटा छा गया। लोग केवल जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकले। बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर भी भीड़ कम नजर आई, जबकि ज्यादातर लोग छांव या घरों में ही रहे। हीटवेव का येलो अलर्ट जारी मौसम विभाग ने शनिवार के लिए ग्वालियर में हीटवेव (लू) का येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। सुबह से ही तेज गर्मी का असर दिखने लगा था, जिससे दिन और ज्यादा तपने के संकेत मिले। सुबह से ही बढ़ा पारा इधर, शनिवार सुबह 8:30 बजे तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। दोपहर 2:30 बजे तक यह बढ़कर 42 डिग्री तक जा पहुंचा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार राजस्थान से आ रही शुष्क और गर्म हवाएं इस तेज गर्मी की मुख्य वजह हैं। हवा में नमी का स्तर 31% रहने से गर्मी और अधिक महसूस हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि कम नमी और तेज धूप के कारण “फील लाइक” तापमान और ज्यादा बढ़ जाता है। सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में गर्मी और बढ़ने की चेतावनी दी है। लोगों को दोपहर में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और लू से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। ये खबर भी पढ़ें… MP में स्कूलों की छुट्‌टी नहीं, गर्मी से बच्चे परेशान एमपी में इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है। सुबह से ही सूरज के तेवर तीखे होने लगते हैं। दोपहर में तपिश बढ़ जाती है। बावजूद भोपाल समेत कई जिलों में स्कूलों की छुट्‌टी घोषित नहीं की गई है। यहां टाइमिंग जरूर घटाई गई, लेकिन बच्चे दोपहर में ही घर पहुंच पाते हैं। IMD (मौसम केंद्र) भोपाल, ने शनिवार को ग्वालियर, उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में लू की चेतावनी जारी की है। पूरी खबर पढ़ें…

‘पंजाब के गद्दारों को सजा मिलनी चाहिए’: बीजेपी में बदलाव के बाद राघव चड्ढा, अन्य पर AAP का पोस्टर तंज | भारत समाचार

Raghav Chadha News LIVE: AAP Shares Defectors’ Images, Says ‘Traitors Of Punjab’ Should Be Punished

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 10:32 IST राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने आप छोड़ी, भाजपा में शामिल हुए, दावा किया कि आप के दो तिहाई राज्यसभा सांसद भाजपा में विलय करेंगे, आप पंजाब ने उन्हें पंजाब का विद्रोही करार दिया राघव चड्ढा न्यूज़ लाइव: AAP ने दलबदलुओं की तस्वीरें साझा कीं, कहा ‘पंजाब के गद्दारों’ को सज़ा मिलनी चाहिए राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल: आम आदमी पार्टी (आप) ने शनिवार को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अन्य राज्यसभा सांसदों के आप से नाता तोड़कर भाजपा में शामिल होने पर तीखा कटाक्ष किया। AAP की पंजाब इकाई ने फेसबुक पर एक पोस्टर साझा किया, जिसमें दलबदलू सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता और विक्रम साहनी आरएसएस की पोशाक में नजर आ रहे हैं। पोस्टर में उन्हें “पंजाब के विद्रोही” के रूप में लेबल किया गया था। लाइव अपडेट का पालन करें पोस्ट के कैप्शन में लिखा है, “पंजाब के गद्दार कड़ी से कड़ी सजा के हकदार हैं, पंजाब करारा जवाब देगा।” राघव चड्ढा, 6 अन्य ने AAP छोड़ी अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को बड़ा झटका देते हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल आप से नाता तोड़कर शुक्रवार को भाजपा में शामिल हो गए। शुक्रवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, चड्ढा ने दावा किया कि आप के उच्च सदन के लगभग दो-तिहाई सांसद उनके साथ जाने के लिए तैयार हैं, जो दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है। राघव चड्ढा ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, “हमने फैसला किया है कि हम, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य, भारत के संविधान के प्रावधानों का प्रयोग करते हैं और खुद को भाजपा में विलय कर लेते हैं।” जिसमें संदीप पाठक और अशोक मित्तल भी मौजूद थे। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, राज्यसभा सांसद ने केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी पर आरोप लगाया, जो भ्रष्टाचार से लड़ने के वादे के साथ दिल्ली में सत्ता में आई थी, वह ईमानदार राजनीति से दूर जा रही है। 37 वर्षीय चड्ढा पार्टी के शुरुआती दिनों से ही केजरीवाल के साथ जुड़े हुए थे। पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट और दिल्ली के मॉडर्न स्कूल के पूर्व छात्र, वह पहली बार इंडिया अगेंस्ट करप्शन आंदोलन के अंतिम चरण के दौरान केजरीवाल से जुड़े थे, जब एक राजनीतिक पार्टी बनाने के बारे में चर्चा चल रही थी। वह जल्द ही आप के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे और 26 साल की उम्र में उन्हें राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। एक साथ बाहर निकलकर, सांसदों ने दसवीं अनुसूची के तहत दो-तिहाई विलय प्रावधान को लागू किया है, जिससे उन्हें अपनी राज्यसभा सीटें बरकरार रखने की अनुमति मिल गई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 10:32 IST न्यूज़ इंडिया ‘पंजाब के गद्दारों को सजा मिलनी चाहिए’: बीजेपी में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा और अन्य पर आप का पोस्टर तंज अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

बहन ने घर बुलाया,भाई ने कुल्हाड़ी से काटा:ऐसा वार किया कि खाने का निवाला गले में फंसा रह गया था; अफेयर के शक में मर्डर

बहन ने घर बुलाया,भाई ने कुल्हाड़ी से काटा:ऐसा वार किया कि खाने का निवाला गले में फंसा रह गया था; अफेयर के शक में मर्डर

हैलो, मैं शारदा बोल रही हूं। शाम को खाने पर घर आ जाओ। दीदी भी यहीं पर है… यह सिर्फ एक फोन कॉल नहीं था। इसके पीछे छिपा था, एक डरावना सच। सागर के भेड़ा गांव में 10 अप्रैल को महेंद्र अहिरवार की कुल्हाड़ी से गला काटकर हत्या कर दी गई थी। बहुत ही बेरहमी से उसे मारा गया था। पुलिस ने पड़ताल की तो उसके एक हाथ में रोटी का टुकड़ा और दूसरे में ककड़ी फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम में पता चला कि उसकी गर्दन पर इतनी जोर से वार किया गया था, खाने का निवाला हलक में ही फंसा रह गया था। पूरे हत्याकांड की प्लानिंग जीजा ने अपनी मुंहबोली साली के साथ मिलकर की, क्योंकि उसे शक था कि पत्नी का महेंद्र से अफेयर चल रहा था। दैनिक भास्कर ने इस पूरे हत्याकांड को समझने के लिए जांच अधिकारी से बात की। कैसे आरोपियों तक पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… सड़क किनारे बोरे में लाश देख सहमे लोग पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल की सुबह सागर-बंडा मार्ग पर कर्रापुर में राजा ढाबा के पास सड़क किनारे एक बोरा लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। बोरे पर बाहर की तरफ खून लगा हुआ था। लोगों की सूचना पर कर्रापुर चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। बोरे का मुंह साड़ी को फाड़कर बांधा गया था, इस कारण लोग किसी महिला की लाश होना, मानकर चल रहे थे। पुलिस ने बोरा खोला तो उसमें से एक व्यक्ति की लाश निकली। शव के पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला, लेकिन गर्दन कटी थी। शरीर पर कई जगह धारदार हथियार के घाव थे। आसपास खून नहीं होने से पुलिस ने यह मानकर पड़ताल शुरू की कि हत्या कहीं और हुई। लाश को यहां सड़क किनारे ठिकाने लगाया गया है। 12 साल की बेटी इंतजार करती रही लेकिन नहीं लौटा पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। पुलिस के पास मृतक की पहचान करने की चुनौती थी। थानों के साथ ही सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट की। फोटो परिजन तक पहुंची तो वे थाने पहुंचे। उन्होंने महेंद्र अहिरवार (44) निवासी भेड़ा के रूप में शिनाख्त की। परिवार ने बताया कि महेंद्र 10 अप्रैल को घर से कुछ देर में आने का कहकर निकला था। पत्नी और 12 साल की बेटी उसका इंतजार करते रहे, लेकिन वह नहीं लौटा। परिजनों ने गांव के लोगों पर हत्या का शक जताया आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए परिजनों ने चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम किया। उन्होंने गांव के कुछ लोगों पर महेंद्र की हत्या करने का संदेह जताया। पुलिस ने परिवार और ग्रामीणों से अलग से पूछताछ की। लोगों ने अफेयर की शंका जाहिर करते हुए गांव की ही एक महिला का नाम लिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर महिला और उसके परिवार की कुंडली खंगालनी शुरू की। 12 अप्रैल को दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, उन्होंने जुर्म तो कबूला, लेकिन पुलिस को गुमराह करते रहे। काफी सख्ती दिखोन पर सनसनीखेज हत्याकांड की कहानी का खुलासा हुआ। प्रेमिका की मुंहबोली बहन ने कॉल कर बुलाया पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि महेंद्र की लीला से दोस्ती है। इसकी भनक लीला के पति हरिशंकर अहिरवार का भी लग चुकी थी। धीरे-धीरे यह बात परिवार से बाहर निकलकर गांववालों तक पहुंच गई। बदनामी के कारण हरिशंकर और उसका परिवार गुस्से में था। हरिशंकर ने महेंद्र को पत्नी से दूर रहने को भी कहा था, हालांकि महेंद्र ने उसकी बात को गंभीरता से नहीं लिया। इसी बात से नाराज होकर हत्याकांड को अंजाम दिया गया। 10 अप्रैल को महेंद्र काम से घर लौटा ही था कि उसकी फोन की घंटी बजी। कॉल करने वाली लीला की मुंह बोली बहन शारदा थी। महेंद्र ने हैलो ही कहा था कि उधर ने शारदा बोल उठी। तुमसे मिलना है, सागर के राजीव नगर मेरे घर पर आ जाओ। दीदी भी यहीं पर आई हुई है। उसकी बातों में आकर महेंद्र घर आने को राजी हो गया। वह तैयार हुआ और कुर देर में आने का बोलकर घर से सागर के लिए निकल गया। जब वह राजीव नगर पहुंचा तो घर में शारदा और लीला मिली। बातचीत चल ही रही थी कि लीला का पति, भाई और बेटा भी वहां आ गए। काफी देर तक बातचीत होती रही, फिर सभी खाने पर साथ बैठे। खाना खाते समय बातचीत बहस में बदल गई। लीला का भाई गणेश गुस्से में उठा और पीछे रखी कुल्हाड़ी उठाकर खाना खा रहे महेंद्र की गर्दन पर दे मारी। कुल्हाड़ी लगते ही महेंद्र की चीख निकल गई। खून की धार निकलने लगी। कुछ ही देर में वह बदहवास हो गया। जमीन पर पड़े महेंद्र पर फिर से कुल्हाड़ी से वार किया। इस पर वार माथे पर किया गया था। कुछ ही देर में तड़पते हुए उसने दम तोड़ दिया। देर रात हुए इस पूरे घटनाक्रम से पड़ोसी अंजान थे। वारदात छिपाने ऑटो में शव रखकर सड़क किनारे फेंका हत्या के बाद आरोपी किस्सू बोरा लेकर आया। शव को बोरे में भरा। आरोपी गणेश घर गया और अपने भाई भूपेंद्र अहिरवार का इलेक्ट्रिक ऑटो ले आया। किस्सू, शारदा और गणेश ने शव को ऑटो में डाला और तीनों शव लेकर ठिकाने लगाने निकल पड़े। मोतीनगर से होते हुए वे बंडा रोड पहुंचे। अब तक रात के 2 बच चुके थे। उन्होंने कर्रापुर के पास सड़क किनारे बोरे में भरी लाश फेंकी और वापस सागर लौट आए। वारदात को अंजाम देने के बाद रात करीब 4 बजे वे वापस घर आकर सो गए। उन्होंने पुलिस को भ्रमित करने के लिए लाश को सड़क किनारे फेंका था। मैंने कॉल कर बुलाया, गणेश ने कुल्हाड़ी मारकर हत्या की पुलिस गिरफ्त में आई शारदा अहिरवार ने बताया कि वह हरिशंकर अहिरवार की मुंह बोली साली है। बहन और महेंद्र के बीच अफेयर चल रहा था। गांव और समाज में बदनामी हो रही थी। काफी बार समझाया, लेकिन उसने नहीं सुना। बदनामी का बदला लेने के लिए जीजा हरिशंकर, भाई और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। साजिश के तहत महेंद्र को फोन कर मैंने ही घर बुलाया था। यहां खाना खाते समय मौत के घाट उतारा। वारदात के दौरान मौके पर मैं, बहन

दिल्ली दरबार के अंदर: राघव चड्ढा के अलग होने के बाद, AAP को राजधानी में सबसे कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ा | भारत समाचार

Hours after the press conference, Chadha, Pathak and Mittal went to the BJP headquarters in New Delhi and joined the ruling party.

आखरी अपडेट:25 अप्रैल, 2026, 10:12 IST अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती विधायकों को पाला बदलने से रोकना होगा क्योंकि छोटी सी हार भी आप की विधायी स्थिति को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। दिल्ली आप के लिए सिर्फ एक अन्य राज्य इकाई नहीं है; यह पार्टी का राजनीतिक आधार और पहचान है। (पीटीआई) दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) की तात्कालिक चुनौती अब विस्तार या पुनरुद्धार नहीं बल्कि अस्तित्व बचाने की है। इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के अनुसार, राघव चड्ढा के छह अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ नाटकीय विभाजन के बाद, पार्टी नेता अब संकट को राजधानी की विधायी इकाई तक फैलने से रोकने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सबसे बड़ी चिंता दिल्ली में AAP के विधायकों के बीच और दलबदल का खतरा है। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों को डर है कि संसदीय विद्रोह के बाद “पांच से सात” आप विधायक पाला बदल सकते हैं। यह विशेष रूप से गंभीर है, यह देखते हुए कि AAP की ताकत पहले ही कितनी कम हो चुकी है। 2015 में 67 और 2020 में 62 विधायकों के शिखर से, पार्टी अब दिल्ली विधानसभा में केवल 22 विधायकों पर सिमट गई है। यदि मुट्ठी भर विधायक भी चले जाते हैं, तो आप की उपस्थिति सदन में लगभग अप्रासंगिक हो सकती है, उस पार्टी के लिए जो एक समय दिल्ली की राजनीति में हावी थी। दिल्ली दरबार दिल्ली आप के लिए सिर्फ एक अन्य राज्य इकाई नहीं है; यह पार्टी का राजनीतिक आधार और पहचान है। लेकिन वह आधार कमजोर हो रहा है. पार्टी ने 2025 के विधानसभा चुनावों में सत्ता खो दी और अब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विरोध में बैठी है। इसकी विधायी ताकत में भी तेजी से गिरावट आई है। यह भी पढ़ें | कांग्रेस की पंजाब पहेली: राघव चड्ढा का जाना, AAP की मुश्किलें जश्न का कारण क्यों नहीं यह वर्तमान क्षण को महत्वपूर्ण बनाता है। दिल्ली पर नियंत्रण के बिना, AAP प्रशासनिक दृश्यता और अपनी सबसे मजबूत राजनीतिक कथा, जो कि शासन है, दोनों खो देती है। बीजेपी फैक्टर इंडियन एक्सप्रेस के सूत्रों के मुताबिक, दलबदल का एक रणनीतिक आयाम भी है. भाजपा आगामी चुनावी लड़ाइयों में, विशेषकर पंजाब में, चड्ढा जैसे नेताओं को तैनात कर सकती है, जिन्हें एक पहचानने योग्य चेहरे के रूप में देखा जाता है। आप के भीतर व्यापक चिंता यह है कि दिल्ली आगे के राजनीतिक पुनर्गठन के लिए एक परीक्षण स्थल बन सकती है, जिससे शेष विधायकों पर दबाव बनेगा। हाल के घटनाक्रम उस जोखिम को रेखांकित करते हैं। ताजा रिपोर्टों से पता चलता है कि आप के भीतर लगातार मंथन चल रहा है, विभाजन के नतीजों के बीच कई नेता बाहर निकल रहे हैं या उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। न्यूज18 ने खबर दी थी कि आप के करीब 50 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और कई अगले कुछ हफ्तों में बाहर निकल सकते हैं. मौजूदा परेशानी कोई अकेली घटना नहीं है. पिछले कुछ वर्षों में, AAP ने संस्थापक नेताओं से लेकर वरिष्ठ रणनीतिकारों तक, हाई-प्रोफाइल लोगों के जाने का सिलसिला देखा है। ये निकास अक्सर केंद्रीकृत निर्णय लेने और असहमति के लिए सिकुड़ती जगह की ओर इशारा करते हैं, आंतरिक असहमति अक्सर सार्वजनिक टकराव में फैल जाती है। यह भी पढ़ें | द मैजिक ऑफ़ 7: कैसे राघव चड्ढा ने ‘दो-तिहाई स्विच’ के साथ AAP की राज्यसभा शील्ड को तोड़ दिया नेतृत्व और राष्ट्रीय प्रोफ़ाइल से उनकी निकटता को देखते हुए, चड्ढा का बाहर जाना अब तक की सबसे गंभीर टूटन है, खासकर 2027 के पंजाब चुनावों से पहले। आगे का रास्ता अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लिए दिल्ली में तात्कालिक रोडमैप स्पष्ट लेकिन कठिन है। सबसे बड़ी चुनौती आगे दल-बदल को रोकना होगा. विधायकों को पाला बदलने से रोकना फिलहाल सर्वोच्च प्राथमिकता है क्योंकि छोटी-मोटी हार भी पार्टी की विधायी स्थिति को असंगत रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। दूसरा, संगठनात्मक सामंजस्य का पुनर्निर्माण करना है, यह देखते हुए कि विद्रोह ने आंतरिक दोष रेखाओं को उजागर कर दिया है जिन्हें तत्काल मरम्मत की आवश्यकता होगी। दिल्ली में सत्ता के बिना, आप को एक शासन-केंद्रित पार्टी से एक प्रभावी विपक्ष में बदलना होगा, जिसका राजधानी में अनुभव सीमित है। इसके अलावा, यह देखते हुए कि AAP की पहचान शासन और भ्रष्टाचार विरोधी राजनीति से जुड़ी हुई है, प्रशासनिक नियंत्रण के बिना उस कथा को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण परीक्षा होगी। यह भी पढ़ें | आप का महान पलायन: राघव चड्ढा पार्टी छोड़ने वाले केजरीवाल के वफादारों की लंबी सूची में शामिल हो गए आने वाले सप्ताह यह तय कर सकते हैं कि AAP स्थिर होगी या और फिसलेगी। यदि यह दलबदल को रोकने और अपने कम हुए आधार को मजबूत करने में सफल हो जाती है, तो पार्टी अभी भी दिल्ली की राजनीति में एक प्रासंगिक ताकत बनी रह सकती है। लेकिन अगर मौजूदा मंथन उसके विधायकों तक फैलता है, तो चड्ढा के बाहर निकलने से उत्पन्न संकट एक गहरी संरचनात्मक गिरावट का संकेत दे सकता है। फिलहाल दिल्ली में AAP की सबसे बड़ी लड़ाई चुनावी नहीं बल्कि अंदरूनी है. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 25 अप्रैल, 2026, 10:12 IST न्यूज़ इंडिया दिल्ली दरबार के अंदर: राघव चड्ढा के विभाजन के बाद, AAP को राजधानी में सबसे कठिन परीक्षा का सामना करना पड़ रहा है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आम आदमी पार्टी संकट(टी)आप का दलबदल(टी)राघव चड्ढा का विभाजन(टी)दिल्ली विधानसभा की राजनीति(टी)आप बनाम बीजेपी(टी)अरविंद केजरीवाल नेतृत्व(टी)आप का आंतरिक विद्रोह(टी)दिल्ली राजनीतिक पुनर्गठन

कनाडा में सिख हेरिटेज प्रोग्राम में हंगामा, VIDEO:युवती बोली- मेरे बाल खींचे-थप्पड़ मारे, पुलिस बुलाओ; युवक गालियां देता दिखा

कनाडा में सिख हेरिटेज प्रोग्राम में हंगामा, VIDEO:युवती बोली- मेरे बाल खींचे-थप्पड़ मारे, पुलिस बुलाओ; युवक गालियां देता दिखा

कनाडा के ओंटारियो में सिख हेरिटेज मंथ के एक कार्यक्रम के अचानक हंगामा हो गया। कार्यक्रम में एक युवती के बाल खींचने और थप्पड़ मारने के आरोप लगे। यह कार्यक्रम सिख समुदाय के इतिहास और उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। ओंटारियो के कविंज पार्क स्थित गुरुद्वारा में सिख समुदाय के लोग प्रांत की सरकार से मिलकर इस महीने को मनाने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान कई ओंटारियो इमिग्रेंट नॉमिनी प्रोग्राम (OINP) वर्कर्स प्रदर्शन करने लगे और कनाडा सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए। उनका कहना था कि उनके OINP अर्जियों के रिजेक्शन से वे काफी नाराज हैं और वे इस मुद्दे पर सरकार से जवाब चाहते थे। तभी सवाल पूछ रही युवती से मारपीट हो गई। हंगामे का वीडियो भी सामने आया है। 1 मिनट 23 सेकेंड के वीडियो में क्या दिखा… युवती ने कनाडाई अधिकारियों से पूछे थे सवाल हालांकि, प्रदर्शन करने आए OINP वर्कर्स में से 6 लोगों को अंदर कार्यक्रम में जाने की अनुमति दी गई थी, लेकिन युवती के सवालों पर कुछ लोग भड़क गए और हाथापाई हो गई। इसके बाद कुछ समय बाद जब कनाडाई अधिकारी वहां से जाने लगे, तो कुछ लोगों ने दोबारा सवाल उठाने शुरू कर दिए और वीडियो बनाने लगे। ओंटारियो गुरुद्वारा कमेटी और OINP के बीच बहस इस दौरान ओंटारियो गुरुद्वारा कमेटी और OINP वर्कर्स के बीच बहस शुरू हो गई। इसका एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति दावा कर रहा है कि पगड़ी पहने शख्स ने एक युवती को थप्पड़ मारा और उसके बाल खींचे हैं।