सेहत का खजाना है ये घास, बालों से लेकर सांस की बीमारियों में वरदान! फायदे जानकर आप भी ढूंढेंगे – News18 हिंदी
X सेहत का खजाना है ये घास, बालों से लेकर सांस की बीमारियों में वरदान! Health Tips: दूधी घास, जो देखने में आम घास जैसी लगती है, लेकिन इसके फायदे चौंका देने वाले हैं. इस पौधे को तोड़ने पर इसमें से दूध जैसा सफेद रस निकलता है, इसी वजह से इसे दूधी घास कहा जाता है. दूधी घास बालों की समस्याओं में काफी फायदेमंद मानी जाती है. सफेद बाल, बाल झड़ना और गंजापन जैसी दिक्कतों में इसके पत्तों का रस उपयोगी होता है. कनेर के पत्तों के साथ मिलाकर लगाने से बाल मजबूत होते हैं और झड़ना कम होता है. खांसी, अस्थमा जैसी समस्याओं में भी यह पौधा कारगर माना जाता है. इसके पत्तों का पाउडर बनाकर काढ़ा तैयार किया जाता है, जिसे नियमित लेने से सांस की नली की सूजन कम होती है और श्वसन तंत्र मजबूत होता है. दूधी घास के दूध में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं. दाद, खाज और खुजली जैसी समस्याओं में इसे लगाने से राहत मिलती है. हालांकि, दूधी घास के कई फायदे हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए. गलत मात्रा या बिना जानकारी के उपयोग नुकसान भी पहुंचा सकता है.
होटल चेक-इन: होटल में हमेशा चेक-इन दोपहर 2 बजे ही क्यों होता है? जानिए क्यों आपको कमरे के लिए इंतजार करना पड़ रहा है

होटल चेक-इन: जब भी हम किसी ट्रिप की तैयारी करते हैं तो सबसे पहले होटल कोचिंग का काम करते हैं। लेकिन एक चीज जो लगभग हर यात्री को खटकती है, वह होटल का चेक-इन टाइम है। आप सुबह की उड़ान से शहर पहुंच गए हैं, सामान लेकर होटल के रिसेप्शन पर हैं, लेकिन जवाब है कि सर या मैम, रूम दोपहर 2 बजे ही मिलेंगे।थकान और प्रतीक्षा के बीच मन में प्रश्न है कि हर होटल का नियम एक जैसा क्यों है? हमें अपने ही घर के लिए चतुर्थ लॉबी में कमरा क्यों बुक करना चाहिए? आइए, इसके पीछे के लॉजिस्टिक्स और होटल के गणित के महत्व हैं। होटल के दोपहर 2 बजे चेक-इन और सुबह 11 या 12 बजे चेक-आउटपुट के बीच का जो 2 से 3 घंटे का समय होता है, उसे ‘क्लीनिंग श्लोक’ कहा जाता है। यह समय होटल के हाउसकीपिंग स्टाफ के लिए सबसे दिलचस्प है। जब कोई अतिथि आवास छोड़ता है, तो उसके लिए होटल आवास आवास बनाने के लिए कई व्यवसाय से संबंधित वेबसाइटें होती हैं। पहले झूलों की चाँदनी और तौलिये के अवशेष। दंत चिकित्सक की डीप सफाई और प्रतिस्थापन। मिनी बार को रीफिल और कचरा साफ करना। एक होटल में एक कमरे को पूरी तरह से साफ करने में 30 से 45 मिनट लगते हैं। अगर होटल में 100 कमरे हैं और 80 चेक-आउट किए गए हैं, तो स्टाफ को सिमित समय में भारी काम करना पड़ता है। होटल उद्योग पूरी तरह से सुपरमार्केट पर है। यदि कोई मेहमान सुबह 11 बजे खाली रहता है, तो हाउसकीपिंग के कर्मचारियों को उसकी साफ-सफाई के लिए समय देना चाहिए, ताकि दोपहर 2 बजे आने वाले नए मेहमान एक ही कमरे में मिल सकें। अगर चेक-इन का समय सुबह का रखा जाए, तो पिछले मेहमानों को रात में ही आराम करना होगा, जो व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। सिर्फ सफाई ही नहीं, इस बीच के समय में होटल रूम की अन्य इमारतों की भी जांच की जाती है। क्या एसी सही काम कर रहा है? टीवी और गीजर में कोई दिक्कत तो नहीं? यदि किसी छोटी सी टोकरी की जरूरत है, तो उसे एसईके लिपि के अनुसार ठीक किया जाए ताकि अगले अतिथि को कोई सुविधा न हो। इन्वेंट्री मशीनरी चेक करना होटल के लिए उनका कमरा ही उनकी इन्वेंट्री है। दोपहर 2 बजे का समय एक वैश्विक मानक बन चुका है। इससे होटल को अपने शौक़ीन लोगों तक पहुँचाने में आसानी होती है। सॉफ्टवेयर में डेटा अपडेट करना और कागजी कार्रवाई पूरी करना किसी भी कर्मचारी के लिए इस समय की आवश्यकता है। आपको अर्ली रूम मिल क्या मिल सकता है? अगर आप दोपहर 2 बजे से पहले अमेरिका गए हैं, तो कुछ सॉसेज में आपका कमरा मिल सकता है। यदि होटल में पिछले दिन कमरा खाली था, तो वे आपको ‘अर्ली चेक-इन’ दे देते हैं। कुछ होटलों में अर्ली चेक-इन के लिए अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)यात्रा युक्तियाँ(टी)होटल चेक-इन समय(टी)होटल दोपहर 2 बजे चेक-इन क्यों करते हैं(टी)होटल हाउसकीपिंग प्रक्रिया(टी)होटलों में कमरे की स्वच्छता(टी)होटल रखरखाव अनुसूची(टी)होटल उद्योग चेक-इन कारण(टी)होटल गुणवत्ता मानक(टी)होटल संचालन का अनुकूलन
मोदी बोले- झालमुड़ी मैंने खाई, झाल उन्हें लग रही:बंगाल के कृष्णानगर में कहा- 4 मई को बीजेपी जीतेगी, मिठाई के साथ झालमुड़ी भी बंटेगी

पश्चिम बंगाल में गुरुवार को पहले फेज की वोटिंग जारी है। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने कृष्णानगर में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- आज पश्चिम बंगाल में पहले चरण की वोटिंग चल रही है। मैं सभी मतदाताओं से कहना चाहूंगा कि इस बार वोटिंग के नए रिकॉर्ड बनने चाहिए। उन्होंने आगे कहा की यह पिछले 50 साल में पहला ऐसा चुनाव है, जिसमें हिंसा कम से कम हुई है। वरना यहां गुंडाराज चलता था। मैं चुनाव आयोग का अभिवादन करता हूं कि वह बंगाल में शांतिपूर्वक चुनाव करवा पा रहे हैं। अब का मतदान सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ रहा है। मैं यहां परिवर्तन की आंधी देख रहा हूं। चुनाव प्रचार के दौरान झालमुड़ी खाने पर उन्होंने कहा – झालमुड़ी मैंने खाई है और झाल उन्हें लग रही है। 4 मई के बाद बंगाल में सुरक्षा की गारंटी शुरु आने वाली है। मोदी इसके बाद मथुरापुर में भी चुनावी रैली करेंगे। इसके साथ ही हावड़ा में उनका एक बड़ा रोड शो भी होगा। गृह मंत्री अमित शाह भी बालागढ़ और पुरसुराह में जनसभा करेंगे। इसके बाद वे मध्यग्राम में रोड शो करेंगे। बंगाल में 29 अप्रैल को दूसरे फेज की 142 सीटों पर वोटिंग होनी है। 2021 के विधानसभा चुनावों में 142 में से 114 पर TMC को जीत मिली थी, वहीं भाजपा को 27 सीटें मिली थीं। दूसरे फेज में जिन सीटों पर वोटिंग होगी, उनमें सीएम ममता बनर्जी की भवानीपुर विधानसभा सीट भी शामिल है। कृष्णानगर में TMC मजबूत पश्चिम बंगाल के कृष्णानगर में लगभग 27–30% मुस्लिम मतदाता हैं, जो पारंपरिक रूप से TMC का मजबूत आधार रहे हैं। 2021 में कृष्णानगर की 7 में से 6 विधानसभा सीटों पर TMC को जीत मिली थी। हालांकि, मतुआ समुदाय और ग्रामीण हिंदू मतदाताओं के बीच भाजपा ने पिछले कुछ चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत की है। शहरी इलाकों, जैसे कृष्णानगर उत्तर में भाजपा का प्रभाव है, जबकि ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में TMC का वर्चस्व बना हुआ है। TMC नेता महुआ मोइत्रा इसी सीट से सांसद हैं। मथुरापुर 2009 से TMC का गढ़ दक्षिण 24 परगना जिले का मथुरापुर TMC का अभेद्य किला माना जाता है। यहां पार्टी ने 2009 से अपना वर्चस्व बनाए रखा है। 2021 के विधानसभा चुनावों में सभी 7 सीटों पर TMC की जीत हुई थी। यहां अनुसूचित जाति (SC) की आबादी 30–35% और 20–25% मुस्लिम मतदाता भी हैं। हालांकि, भाजपा ने यहां मतुआ वोटों में अच्छी पकड़ बनाई है। पश्चिम बंगाल में मोदी की रैली से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं…
मच में महावीर जिनालय प वार्षिक ध्वजारोहण:स्वर्ण जड़ित रथ में विराजे भगवान, बैंडृ-बाजों के साथ निकली शोभायात्रा

नीमच में श्री आदिनाथ जिनालय एवं जिन कुशल सूरी खरतरगछ ट्रस्ट द्वारा आयोजित आठ दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव जारी है। इसी क्रम में आज विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर वार्षिक ध्वजा चढ़ाई गई। इसके बाद दीक्षार्थियों का भव्य वरघोड़ा (शोभायात्रा) निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग शामिल हुए। सुबह 7 बजे से ही विकास नगर स्थित महावीर जिनालय पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। विधि-विधान से ध्वजारोहण के बाद वरघोड़ा प्रारंभ हुआ। शोभायात्रा में सबसे आगे हाथी, घोड़े और बैंड-बाजे चल रहे थे। चांदी और स्वर्ण जड़ित रथ में भगवान महावीर स्वामी विराजमान थे, जबकि दो दीक्षार्थी जोड़े सुसज्जित बग्गी में सवार थे। समाजजनों ने जगह-जगह दीक्षार्थियों का अक्षत और फूलों से स्वागत किया। ढोल-धमाकों की थाप पर महिलाएं और युवक नृत्य करते हुए चल रहे थे। यह वरघोड़ा विकास नगर से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ ग्वालटोली स्थित नवनिर्मित दादाबाड़ी धाम पहुंचा। पूरे मार्ग में ‘गुरुदेव के जयकारे’ और ‘दीक्षार्थियों का संयम अमर रहे’ के नारे गूंजते रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में जैन संत और महासतीजी भी उपस्थित रहे, जिनके सानिध्य में समाजजनों ने धर्म लाभ लिया। नवनिर्मित आदिनाथ जिनालय की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर समाज के हर वर्ग में उत्साह देखा जा रहा है। आठ दिवसीय इस महोत्सव में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।
ट्रम्प के डीलमेकर जम्पोली चर्चा में:20 मिनट में 20 अरब डॉलर के सौदे; मेलानिया से इन्होंने ही मिलवाया, बोइंग से डील करा जीता भरोसा

‘20 मिनट में 20 अरब डॉलर’ की डील यह दावा है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के खास दूत पाओलो जम्पोली (56) का। हाल ही में वे उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के साथ हंगरी में परमाणु ऊर्जा की डील में शामिल होकर सुर्खियों में आए हैं। ट्रम्प के लिए ‘डील मशीन’ कहे जाने वाले जम्पोली के काम का तरीका कूटनीति के पुराने ढर्रों से बिल्कुल अलग है। जम्पोली-ट्रम्प का रिश्ता 90 के दशक में न्यूयॉर्क की हाई-सोसाइटी से शुरू हुआ। तब ट्रम्प सफल कारोबारी थे, लेकिन बड़े अमीरों तक उनकी पहुंच सीमित थी। जम्पोली ने अपनी मॉडलिंग एजेंसी ‘आईडी मॉडल्स’ के जरिए ट्रम्प की पार्टियों में टॉप मॉडल्स और यूरोपियन अमीरों की एंट्री करवाई, जिससे उनकी इमेज ‘ग्लोबल ब्रैंड’ बनी और भरोसे का रिश्ता तैयार हुआ। इटली के कारोबारी परिवार से आए जम्पोली 1998 में न्यूयॉर्क पहुंचे और यहीं एजेंसी खड़ी की। इसी दौरान एक फैशन पार्टी में उन्होंने ट्रम्प की मुलाकात स्लोवेनियाई मॉडल मेलानिया से करवाई, जो बाद में उनकी पत्नी बनीं। आगे चलकर वे ‘ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन’ में इंटरनेशनल डेवलपमेंट डायरेक्टर बने और कई प्रॉपर्टी डील्स में भूमिका निभाई। ट्रम्प शासन आने के बाद सितंबर 2025 में उज्बेकिस्तान दौरे पर, जब 37,164 करोड़ रु. के विमानों का प्रस्ताव आया, तो उन्होंने इसे ‘छोटा सौदा’ कहकर ठुकरा दिया और सीधे 4.64 लाख करोड़ की मांग रख दी। जम्पोली का दावा है कि कुछ मिनटों में डील 1.86 लाख करोड़ पर पहुंच गई। हालांकि बाद में ट्रम्प प्रशासन ने 74 हजार करोड़ में खरीद का ऐलान किया, जिसमें आगे और विकल्प भी जोड़े गए। जम्पोली कूटनीति में काफी सक्रिय हैं। 2013 में डोमिनिका के लिए यूएन में राजदूत रहे, 2025 में इटली के अनौपचारिक दूत बने। अभी बतौर विशेष दूत वे कई देश जाकर अमेरिकी हितों के सौदे कराते हैं। वे साफ कहते हैं कि राष्ट्रपति को खुश करना है तो बोइंग जैसे अमेरिकी प्रोडक्ट खरीदो। हाल में रोमानिया में ‘डोनाल्ड जे ट्रम्प पार्क’ की डील भी इसी पहुंच से कराई। सीधा, लेन-देन पर आधारित तरीका उन्हें ट्रम्प का खास बनाता है। एयरपोर्ट कर्मियों को ट्रक भरकर खिलौने देते थे जम्पोली 90 के दशक में इटली में जम्पोली की कंपनी खिलौने बनाती थी। वहां मिलान एयरपोर्ट पर वे वीआईपी मेहमानों की बिना रोक-टोक एंट्री के लिए सुरक्षा अधिकारियों को खिलौनों से भरे ट्रक गिफ्ट करते थे यहीं से उन्होंने सिस्टम को अपने पक्ष में मोड़ने की कला सीखी। जो आज उन्हें ट्रम्प की ‘ग्लोबल डील मशीन’ का सबसे भरोसेमंद चेहरा बनाती है।
ग्रीष्मकालीन विशेष: क्या आप भी शुगर से जुड़े हैं? नाश्ते में शामिल करें ये 5 चीजें

23 अप्रैल 2026 को 12:34 IST पर अद्यतन किया गया ग्रीष्म ऋतु विशेष: बढ़ती गर्मी से बेरोजगारी के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। क्योंकि डायहाइड्रेशन और हीट ब्लड शुगर लेवल प्रभावित होता है। एक सही ब्रेकास्ट न केवल आपको पर्यावरणीय ऊर्जावान बनाए रखता है, बल्कि ग्लूकोज लेवल को भी स्थिर बनाए रखता है। यहां 5 ऐसी चीजें हैं जिनमें आपको अपनी बात जरूर शामिल करनी चाहिए। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : मूंग दाल और बेसन दोनों का ग्लाइसेमिक घटक (जीआई) कम होता है। प्रचुर मात्रा में नारियल रहता है, जो धीरे-धीरे शुगर रिलीज करता है। इसे पुदीने की चटनी के साथ खाने से पेट ठंडा होता है। छवि: फ्रीपिक ओट्स में बीटा-ग्लूकोन होता है जो टेस्ला में सबसे अच्छा काम करता है। इनसाइडर से मैस लाइब्रेरी डबल हो जाती है। इससे लंबे समय तक भूख कम नहीं लगती। छवि: फ्रीपिक जौ की तासीर अनमोल होती है, जो गर्मी में शुगर की खपत के लिए सबसे अच्छी होती है। यह मेटाबॉलिज़्म को स्थिरांक और वजन में मदद करता है। इसमें मौजूद सॉल्युबल बड़ शुगर स्पाइक्स का आगमन हुआ है। छवि: फ्रीपिक इलिनोइस मूंग या चीनी प्रोटीन का उत्कृष्ट स्रोत जो पेट के लिए बहुत प्रभाव पड़ता है। इसमें खेडा, टमाटर और नींबू मिलाकर इसे ताज़ा करें। कच्चे या पाइप स्टीम खाने से पोषक तत्त्व बने रहते हैं। छवि: फ्रीपिक सत्तू का नारियल मसाला (नमक, जीरा, पुदीना) शर्करा नियंत्रण है। यह शरीर को तुरंत हाइड्रेशन देता है और लू से सीखता है। इसमें जीरो चॉकलेट और हाई प्रोटीन होता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : आर्या पांडे प्रकाशित 23 अप्रैल 2026 12:34 IST
बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन:चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे

बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। डॉक्टरों ने उन्हें आराम की सलाह दी थी। इसी कारण शिवरतन अग्रवाल परिवार सहित वहां के एक होटल में ठहरे हुए थे। बीकानेर के सार्दुलगंज के रहने वाले शिवरतन 10 दिन पहले परिवार के साथ चेन्नई गए थे। सुबह असहज महसूस कर रहे थे गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे शिवरतन अग्रवाल कुछ असहज महसूस कर रहे थे। हालत बिगड़ने पर उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल ले जाया गया था। जहां उनका निधन हो गया। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1993 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। छोटे स्तर से शुरू हुआ यह कारोबार आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। बीकानेर से साल 1986 में हुई थी शुरुआत बिजनेस के बंटवारे के बाद शिव रतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दी राम’ से अलग होकर खुद का बिजनेस शुरू करने के बारे में सोचा। अपनी अलग पहचान बनाने की जिद के साथ शिव रतन अग्रवाल बीकानेर पहुंच गए। यहां उन्होंने ‘शिवदीप फूड्स प्रोड्क्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाने का बिजनेस शुरू किया। इसके साथ ही भारतीय स्नैक मार्केट की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक बीकाजी ब्रांड की शुरुआत हुई। एक यूनीक पहचान बनाने के लिए नाम रखा बीकाजी शिव रतन चाहते थे कि असली भारतीय टेस्ट को पूरी दुनिया में पहचान मिले। उन्हें लगा कि ब्रांड का नाम ऐसा हो जो सभी को आसानी से याद हो जाए और एक यूनीक पहचान भी दे। यह नाम बीकानेर शहर के संस्थापक राव बीका के नाम पर है। बीकानेर शहर का नाम भी राव बीका के नाम पर ही रखा गया था। 8वीं पास शिव रतन ने क्रिएटिव विजन से बनाया ब्रांड शिव रतन अग्रवाल ने केवल 8वीं तक पढ़ाई की है। उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। जब वे अपने बिजनेस की शुरुआत कर रहे थे तो उन्होंने कई देशों की यात्रा की। दरअसल, उस समय तक भुजिया केवल हाथों से ही बनाई जाती थी। किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस इंडियन स्नैक को मशीनों से भी बनाया जा सकता है। मगर शिव रतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। बीकाजी के प्रोडक्ट्स की मेकिंग से लेकर पैकिंग तक हर काम मशीन से होने लगा। बीकाजी आज इंटरनेशनल ब्रांड है इसलिए प्रोडक्ट्स में सभी पैरामीटर्स का ध्यान रखा जाता है।
धार में महिला से छेड़छाड़, आरोपी ने ब्लाउज फाड़ा:मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की, शोर मचाने पर भागा

धार के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम दिलावरा में खेत में सो रही एक महिला से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। यह घटना 21 अप्रैल को हुई थी। पीड़िता ने गुरुवार को कोतवाली थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई।जानकारी के अनुसार, आरोपी चुपचाप महिला के पास पहुंचा। आहट होने पर जब महिला ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसकी छाती पर हाथ लगाया और ब्लाउज फाड़ दिया। महिला के विरोध करने और शोर मचाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर चुप कराने की कोशिश की। हालांकि, महिला ने हिम्मत दिखाते हुए संघर्ष किया, जिसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। पीड़िता के पास आने-जाने का साधन न होने के कारण उसने घटना के कुछ दिन बाद गुरुवार को थाने पहुंचकर पूरी जानकारी दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया है। घटना के बाद से आरोपी फरार है। कोतवाली थाना पुलिस की टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चला रही है। पुलिस ने बताया कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:23 अप्रैल, 2026, 12:02 IST नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ”बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं.” बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन (छवि: न्यूज18) भाजपा नेता नितिन नबीन ने गुरुवार को बिहार में विपक्षी दलों पर निशाना साधा और नीतीश कुमार की जद (यू) के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए उनकी आलोचना की, जबकि राज्य में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है। नेटवर्क18 ग्रुप के एमडी और ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी से बात करते हुए नबीन ने एनडीए पर हमला तेज करते हुए कहा, ‘बिहार में विपक्ष का अस्तित्व खतरे में है, वे 80 से ज्यादा विधायकों वाली जेडीयू के भविष्य पर कैसे सवाल उठा सकते हैं।’ उन्होंने आगे कहा कि बिहार में विपक्ष को पहले आत्ममंथन करना चाहिए. परिसीमन पर नितिन नबीन विशेष साक्षात्कार के दौरान, भाजपा अध्यक्ष ने चल रहे परिसीमन मुद्दे पर भी प्रकाश डाला और विपक्ष पर उत्तर-दक्षिण विभाजन का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया, और कहा कि आज जिस कानून पर सवाल उठाया जा रहा है, वह तब बनाया गया था जब वे सत्ता में थे। बातचीत के दौरान नबीन ने कहा कि ”कानून विपक्ष ने बनाया है.” उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने द्वारा बनाए गए ढांचे पर आपत्ति जता रहा है, सवाल कर रहा है कि क्या उसे अपने कानूनों पर भरोसा नहीं है और किसी भी कथित अंतराल को पहले क्यों नहीं संबोधित किया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 23 अप्रैल, 2026, 11:50 IST समाचार राजनीति ‘बिहार में उनका अस्तित्व ख़तरे में है’: नितिन नबीन ने जेडीयू के भविष्य पर सवाल उठाने के लिए विपक्ष की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नितिन नबीन(टी)बीजेपी(टी)जेडीयू(टी)एनडीए(टी)बिहार
ट्रम्प ने आर्मी के बाद नौसेना चीफ को बर्खास्त किया:ईरान जंग के बीच परमाणु विभाग के साइटिंस भी सस्पेंड, हनी ट्रैप में फंसे थे

अमेरिका में रक्षा मंत्रालय (पेंटागन) के भीतर लगातार बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पहले आर्मी चीफ को हटाया और अब नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को भी पद से बर्खास्त कर दिया है। इसके साथ ही परमाणु विभाग से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी एंड्रयू हग को संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में सस्पेंड किया गया है, जो कथित तौर पर हनी ट्रैप में फंस गया था। यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। फारस की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना सक्रिय है और इसी बीच शीर्ष स्तर पर लगातार बदलाव हो रहे हैं। रक्षा मंत्री से तालमेल नहीं बना सके पेंटागन की तरफ से छोटा सा बयान जारी कर इसकी जानकारी दी गई, लेकिन हटाए जाने की स्पष्ट वजह नहीं बताई गई। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। खासकर नौसेना के जहाज निर्माण कार्यक्रम, काम करने के तरीके और नेतृत्व को लेकर उनके और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। दरअसल, अमेरिका अपनी नौसेना को मजबूत करने के लिए नए युद्धपोत, पनडुब्बियां और सपोर्ट जहाज तेजी से बनाना चाहता है। इसके लिए बड़े स्तर पर शिपबिल्डिंग सुधार शुरू किए गए थे, जैसे नए जहाजों के डिजाइन को तेज करना, निर्माण प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और प्राइवेट शिपयार्ड के साथ तालमेल बेहतर करना। इन योजनाओं में कई दिक्कतें आ रही थीं। जहाजों के बनने में देरी हो रही थी, कई प्रोजेक्ट तय समय से काफी पीछे चल रहे थे। लागत भी लगातार बढ़ रही थी, यानी बजट से ज्यादा खर्च हो रहा था। हेगसेथ का मानना था कि जरूरी सैन्य सुधारों को लागू करने में फेलन काफी धीमे हैं। ट्रम्प से सीधे संपर्क करने से भी नाराजगी बढ़ी वहीं, फेलन का सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क करना भी विवाद की वजह बना। दरअसल फेलन सीधे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से संपर्क कर रहे थे, जबकि आम तौर पर ऐसा नहीं किया जाता। अमेरिकी सेना में एक तय कमांड चेन होती है। यानी फैसले और जानकारी नीचे से ऊपर एक तय क्रम में जाती है। जैसे नौसेना के अधिकारी पहले अपने सीनियर को रिपोर्ट करते हैं, फिर रक्षा मंत्रालय के जरिए बात राष्ट्रपति तक पहुंचती है। लेकिन आरोप था कि फेलन ने इस तय व्यवस्था को नजरअंदाज करते हुए सीधे राष्ट्रपति से बात की या अपने मुद्दे रखे। इससे हेगसेथ नाराज हो गए थे। रैंडी जॉर्ज- समय से एक साल पहले जबरन निकाले गए अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ जनरल रैंडी जॉर्ज को 2 अप्रैल को हटा दिया गया। रैंडी का पद साल 2027 में समाप्त होने वाला था। उनके जाने के बाद वाइस चीफ ऑफ स्टाफ जनरल क्रिस्टोफर ला नेव कार्यवाहक आर्मी चीफ की जिम्मेदारी संभालेंगे। ला नेव पहले हेगसेथ के सहायक रह चुके हैं। इस पूरे मामले में आधिकारिक तौर पर कोई वजह नहीं दी गई है। पेंटागन ने सिर्फ इतना कहा कि वह रिटायर हो रहे हैं और उनकी सेवा के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि, जो संकेत मिलते हैं, उनसे लगता है कि यह फैसला व्यक्तिगत गलती की वजह से नहीं, बल्कि बड़े स्तर पर हो रहे बदलाव का हिस्सा है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ अपने पद संभालने के बाद कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटा या बदल चुके हैं। यानी सेना के टॉप लेवल पर नई टीम बनाई जा रही है। एक और बात यह है कि रैंडी जॉर्ज को पिछली सरकार के समय नियुक्त किया गया था। नई सरकार अक्सर अपने भरोसे के लोगों को लाना चाहती है, इसलिए पुराने अधिकारियों को हटाया जाता है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन ने रैंडी जॉर्ज को आर्मी चीफ के पद के लिए नामित किया था और 2023 में सीनेट ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। एंड्रयू हग का वीडियो वायरल, हटाए गए इसी बीच परमाणु विभाग से जुड़े अधिकारी एंड्रयू हग का मामला भी सामने आया है। सोशल मीडिया पर हाल ही में उनका एक कथित वीडियो वायरल हुआ था जिसमें वे एक रेस्टोरेंट में एक महिला को संवेदनशील जानकारी दे रहे थे। वीडियो में अमेरिका के न्यूक्लियर और केमिकल सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का जिक्र होने का दावा किया गया है। यह भी दावा किया गया कि अमेरिका के पास अभी भी नर्व एजेंट मौजूद हैं और एक अमेरिकी आर्मी केमिस्ट की मौत इनके संपर्क में आने से हुई। एंड्रयू हग का वायरल वीडियो… साथ ही ईरान को लेकर अमेरिकी योजनाओं का भी जिक्र बताया गया है, लेकिन इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हग ‘चीफ ऑफ केमिकल न्यूक्लियर श्योरिटी’ थे और न्यूक्लियर व केमिकल सेफ्टी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वीडियो सामने आने के बाद उन्हें जांच पूरी होने तक प्रशासनिक छुट्टी पर भेज दिया गया है। इसके अलावा जनरल डेविड होडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे वरिष्ठ अधिकारियों को भी हटाया जा चुका है।







