Sunday, 04 Oct 2026 | 02:42 PM

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हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में बुजुर्ग की पिटाई का वीडियो वायरल:गार्ड्स पर कार्रवाई की तैयारी, अस्पताल के बरामदे में सो रहा था बुजुर्ग

हमीदिया अस्पताल में एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अस्पताल के गार्ड बुजुर्ग को लाठी से पीटते नजर आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, बुजुर्ग अस्पताल के एच-2 ब्लॉक के बरामदे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्हें अस्पताल परिसर में कहीं और ठहरने की जगह नहीं मिली थी। सुबह जब गार्ड वहां पहुंचे तो उन्हें हटाने के दौरान विवाद हुआ और गार्ड्स ने लाठी से मारपीट शुरू कर दी। वीडियो में बुजुर्ग खुद को बचाने की कोशिश करते दिखाई देते हैं, लेकिन गार्ड लगातार उन पर हमला करते रहे। उसी दिन आया मामला, जब रैन बसेरों की घोषणा यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सभी सरकारी अस्पतालों में सस्ते रैन बसेरे बनाने की घोषणा की थी। अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहरने में होने वाली दिक्कतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। ठहरने की कमी, बरामदों में रात गुजारने को मजबूर हमीदिया अस्पताल में रोज बड़ी संख्या में मरीज आते हैं, लेकिन उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए पर्याप्त ठहरने की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में लोग बरामदों, सीढ़ियों या खुले स्थानों पर रात बिताने को मजबूर होते हैं। हालांकि अस्पताल परिसर में रैन बसेरा मौजूद है, लेकिन वहां गंदगी और बदबू के कारण लोग रुकना नहीं चाहते। अस्पताल प्रबंधन ने दी सफाई अस्पताल की अधीक्षक डॉ. सुनीत टंडन के अनुसार, बुजुर्ग नशे की हालत में थे और उन्होंने पहले एक गार्ड पर पत्थर फेंका था। इसके बाद यह घटना हुई। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद दोनों गार्ड्स की ड्यूटी फिलहाल रोक दी गई है और उन्हें पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, नहीं दे सके अफसर:भोपाल में हुई शिक्षा समिति की मीटिंग; कई मुद्दों पर नाराजगी जताई

भोपाल कलेक्टोरेट के मीटिंग हॉल में हुई शिक्षा समिति की बैठक में कई मुद्दों पर मंथन हुआ। इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष मोहन सिंह जाट ने जिले में जर्जर स्कूलों की लिस्ट मांगी, लेकिन जिम्मेदार अफसर लिस्ट नहीं दे सके। बैठक में जर्जर स्कूलों के साथ पानी की व्यवस्था, शौचालय, फंड आदि विषयों पर भी चर्चा की गई। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष जाट एवं समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि स्कूलों के विकास कार्य में कोई भी लापरवाही ना बरती जाए। जो कार्य बरसों से अधूरे पड़े हैं, उन्हें जल्द पूरा करें। भ्रमण में स्कूलों के कार्यों में गुणवत्ता कम मिली समिति अध्यक्ष और सदस्यों ने कहा कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान स्कूलों में चल रहे विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी पाई गई। समिति अध्यक्ष जाट ने सहायक यंत्री नरेश भटकारिया को विकास कार्यों में गुणवत्ता की कमी एवं समय सीमा में न करने के बारे में वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया। मीटिंग में ही संबंधित इंजीनियर को हटाने पर सभी ने सहमति बनाई। वहीं, इंजीनियर भटकारिया जर्जर स्कूलों की लिस्ट भी नहीं दे सके। खितवास के हाईस्कूल को मुद्दा भी उठा अध्यक्ष जाट ने खितवास स्थित हाईस्कूल में जिम्मेदारों की लापरवाही और विकास कार्यों में रोड़ा बनने की बात कही। जाट ने नाराजगी भी जताई कि लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जाना चाहिए। जाट ने कहा कि कुछ दिन पहले उन्होंने मेंगराकलां के हाई स्कूल की जर्जर हालत देखकर वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया था। इस बिल्डिंग की दीवारों से पानी रिसता है। ऐसे में कभी भी कोई हादसा हो सकता है। जिला शिक्षा समिति के अध्यक्ष एवं समिति के सदस्यों ने एकमत होकर कहा कि ऐसे लापरवाह ठेकेदार ने सरकार की राशि का दुरुपयोग किया है। निर्माण एजेंसी के खिलाफ वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया। वहीं, ठेकेदार को ब्लैक लिस्टेड करने की बात कही। बैठक में समिति सदस्य विनय मेहर, विक्रम भलेश्वर, सदस्य प्रतिनिधि सुरेश राजपूत, विनोद राजोरिया, मिश्रीलाल मालवीय भी मौजूद थे।

अनेर नदी में डूबने से 3 सगे भाई-बहनों की मौत:घाट किनारे कपड़े और चप्पलें मिली, बड़वानी में मामा के घर आए थे

अनेर नदी में डूबने से 3 सगे भाई-बहनों की मौत:घाट किनारे कपड़े और चप्पलें मिली, बड़वानी में मामा के घर आए थे

बड़वानी जिले के सेंधवा के पास वरला तहसील के बिलवा गांव में बुधवार दोपहर मामा के घर घूमने आए तीन सगे भाई-बहनों की अनेर नदी में डूबने से जान चली गई। ये बच्चे अपनी बड़ी बहन के पास जाने का कहकर घर से निकले थे, लेकिन रास्ते में नदी में नहाने चले गए और गहरे पानी में समा गए। जानकारी के मुताबिक, देवली गांव के रहने वाले पवन ब्राह्मणे अपनी पत्नी और बच्चों के साथ बिलवा गांव आए थे। उनकी सबसे बड़ी बेटी राधिका पहले से ही मामा के घर रह रही थी। बुधवार दोपहर करीब 2 बजे उनके तीन छोटे बच्चे-राधा (10), राजवीर (8) और जयवीर (6) अपनी बड़ी बहन से मिलने की बात कहकर निकले थे। नदी किनारे मिले कपड़े और चप्पल जब काफी देर तक बच्चे वापस नहीं लौटे, तो परिवार वालों ने तलाश शुरू की। बड़ी बेटी के पास पहुंचने पर पता चला कि बच्चे वहां आए ही नहीं थे। खोजबीन के दौरान अनेर नदी के किनारे बच्चों के कपड़े और चप्पलें दिखाई दीं। शक होने पर गांव वालों ने नदी में तलाश की, तो गहरे पानी में तीनों बच्चों के शव मिल गए। अस्पताल में रखाए गए शव हादसे की खबर मिलते ही वरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को बाहर निकाला और शाम साढ़े 7 बजे अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल तीनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है। वरला थाना प्रभारी नारायण रावल ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है। एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव, बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान, गढ़ बचाए नमी-स्टालिन?

विधानसभा चुनाव 2026: तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव, बंगाल में पहले चरण के लिए मतदान, गढ़ बचाए नमी-स्टालिन?

विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152वें क्वार्टर में वोटिंग होनी है, जिसके लिए सभी पार्टियाँ पूरी तरह से ली हैं। इस चरण में करीब 3.6 करोड़ 16 वोट के करीब 44,000 वोट पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनाव में सिर्फ दो स्टेज में वोटिंग हो रही है, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह स्टेज में वोटिंग हुई थी। बंगाल में ममता को गढ़ असफ़लता की चुनौती? पहले चरण में स्टूडियो ऑल इंडिया पैथोलॉजी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच करीब 80 वें राउंड पर फाइनल मुकाबला माना जा रहा है, हालांकि बहुकोणीय मुकाबले पर कुछ जगह भी देखने को मिल सकती है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसके तहत 2,400 से अधिक केंद्रीय आतंकवादियों के समर्थकों और हजारों लोगों की याचिकाओं की घोषणा की गई है। स्टैलिन की क्या होगी वापसी? वहीं तमिल में सभी 234 विधानसभाओं में एक ही चरण में मतदान होगा, जिसमें 5.73 करोड़ से अधिक 4,000 से अधिक आबादी के भाग्य का निर्णय होगा। यहां मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र पेपरम इएज़ स्कूलके और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईए डियाके के बीच है। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सत्ता शक्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके वापसी की कोशिश कर रही है। राज्यभर में आतंकवादियों और आतंकवादियों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को ध्वस्त कर दिया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं। आरोप-प्रत्यारोप बंगाल चुनाव के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सोनारपुर दक्षिण क्षेत्र में भाजपा के दावेदार रूपा के समर्थन में रोड शो किया और लोगों से सीएम ममता बनर्जी को सत्या से हटने की अपील की। शाह भगवान रंग से सजे वाहनों पर सवार होकर झंडे का निशान लगाते नजर आए, जबकि सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग आस्था रखते थे और “भारत माता की जय” के नारे लगा रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘किमां, माटी, मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई ममता ने बनर्जी राज्य को “गुंडों के आदर्श” को छोड़ दिया है और अब उनका लक्ष्य आपके समर्थक अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना है। शाह ने “सिंडिकेट राज” और औद्योगिक उत्पादन का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सत्ता में ही यह स्थिति खत्म हो जाएगी। वहीं, ऑलमोल कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी की ओर से डेमोक्रेट नेता अमित शाह पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी पर अपमान करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान जिस तरह शाह ने ”एक बहन” का किरदार निभाया था, वह महिला विरोधी भाजपा की सोच का हिस्सा है। अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि इन आदिवासियों का जवाब चार मई को चुनाव नतीजों के बाद आएगा। ये भी पढ़ें: बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह के सीएम ममता को हटाओ का नारा, भड़के अभिषेक बनर्जी- ये है महिला का अपमान

जामुन की चटनी रेसिपी: गर्मियों में घर पर स्वादिष्ट जैमन की चटनी, फट ही मुंह से निकलेगा वाह! विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 कप जामिन (बीज मिर्च), 1-2 हरी मिर्च, पुदीना, धनिया पत्ते, स्वादानुसार काला नमक, 1 छोटा सा अन्य जीरा पाउडर, 1 नींबू का रस, 1 छोटा सा मसाला चीनी या गुड़ छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले जैमिन को अच्छी तरह से धो लें और उनके बीज निकाल लें। अब मसाले में जामिन, हरी मिर्च, पुदीना और धनिया मिलायें। छवि: एआई इसमें काला नमक, सामान्य नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर भी शामिल है। थोड़ा सा पानी रोबोटिक इसे लॉजिक पीस लें। छवि: फ्रीपिक अब इसमें नींबू का रस और थोड़ा सा चीनी या गुड्डे महान से मिला लें। आपका स्वादिष्ट जैमिन की रेसिपी तैयार है। छवि: फ्रीपिक इस रेसिपी को आप परांठे, पकौड़े, समोसे या दाल-चावल के साथ ले सकते हैं. यह चिप्स खाने में खट्टी-मीठी और तीखा स्वाद होता है, जो हर किसी को पसंद आता है। छवि: एआई अगर आपको ज्यादा खट्टा स्वाद पसंद है, तो आप थोड़ी ज्यादा दाल ले सकते हैं। चिप्स को फर्म में 2-3 दिन तक इस्तेमाल किया जा सकता है। छवि: फ्रीपिक समर में कुछ नए और टेस्टी टैटू बनाना चाहते हैं, तो जैमिन की ये शेयर जरूर करें। एक बार खाएंगे तो बार-बार बनाने का मन है। छवि: एआई

जबलपुर में अवैध पैकेज्ड पानी प्लांट का पंजीयन निलंबित:खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई पर की कार्रवाई

जबलपुर में अवैध पैकेज्ड पानी प्लांट का पंजीयन निलंबित:खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई पर की कार्रवाई

जबलपुर में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने बिना अनुमति चल रहे पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्लांट पर सख्त कार्रवाई की है। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर विजयनगर स्थित एक्वा ब्लू वाटर सप्लाई प्लांट का खाद्य पंजीयन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे के अनुसार, बुधवार को एसबीआई कॉलोनी, उखरी रोड स्थित प्लांट का निरीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि प्रतिष्ठान बिना आवश्यक अनुमति के पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर का उत्पादन कर रहा था। प्लांट के पास केवल विक्रय से संबंधित पंजीयन था, जबकि उत्पादन के लिए अलग लाइसेंस अनिवार्य होता है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्लांट केंद्र सरकार के 17 सितंबर 2025 के आदेश के तहत पैकेटबंद पेयजल और मिनरल वाटर की अनिवार्य गुणवत्ता जांच प्रक्रिया का पालन नहीं कर रहा था। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31 के तहत कार्रवाई करते हुए अधिकारी ने प्लांट का पंजीयन निलंबित कर दिया। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में प्लांट का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति और निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित हो रहे खाद्य प्रतिष्ठानों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

Spiny Gourd: दुनिया की सबसे ताकतवर सब्जी ‘कंटोला’ के बारे में जानते हैं? इस महीने मिलती है, ब्लड शुगर को तुरंत कर सकती है कंट्रोल

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कंटोला ऐसी देसी और मौसमी सब्जी है, जिसे बहुत से लोग नाम से कम जानते हैं लेकिन स्वाद और गुणों की वजह से पसंद करते हैं. इसे अलग-अलग इलाकों में ककोड़ा, कंकोड़ा, काकरोल, मीठा करेला या अंग्रेजी में Spiny Gourd कहा जाता है. बाहर से छोटे कांटेदार फल जैसी दिखने वाली यह सब्जी पोषण से भरपूर मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में इसे बरसात के मौसम की ताकतवर सब्जी कहा जाता है, क्योंकि यह कम समय के लिए बाजार में आती है और शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व दे सकती है. कंटोला का सीजन आमतौर पर जून से सितंबर के बीच माना जाता है. मानसून शुरू होते ही यह सब्जी मंडियों और स्थानीय बाजारों में दिखने लगती है. कुछ राज्यों में जुलाई-अगस्त में इसकी सबसे ज्यादा डिमांड होती है. यह जंगली बेलों या खेती दोनों तरीके से उगाई जाती है. सीजन छोटा होने की वजह से लोग इसे खास सब्जी मानते हैं और मिलते ही खरीदना पसंद करते हैं. क्यों कहा जाता है ताकतवर सब्जीकंटोला में फाइबर, विटामिन C, विटामिन A, आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं. ये पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने, त्वचा की देखभाल, पाचन सुधारने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकते हैं. इसमें कैलोरी कम होती है, इसलिए हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले लोग भी इसे पसंद करते हैं. ब्लड शुगर में कैसे मददगार हो सकती हैकंटोला को पारंपरिक तौर पर डायबिटीज फ्रेंडली सब्जी माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर भोजन के बाद शुगर के तेजी से बढ़ने की गति को कम करने में मदद कर सकता है. कुछ शुरुआती शोधों में भी ऐसी सब्जियों को ग्लूकोज मैनेजमेंट के लिए उपयोगी बताया गया है. हालांकि यह समझना जरूरी है कि कंटोला कोई दवा नहीं है. अगर किसी को डायबिटीज है, तो डॉक्टर की सलाह के साथ संतुलित डाइट में इसे शामिल करना बेहतर है. पेट और वजन के लिए भी फायदेमंदफाइबर से भरपूर होने की वजह से कंटोला पेट देर तक भरा महसूस करा सकती है. इससे बार-बार भूख लगने की आदत कम हो सकती है. पाचन बेहतर रखने और कब्ज जैसी परेशानी में भी फाइबर युक्त सब्जियां मददगार मानी जाती हैं. कम कैलोरी होने से यह वेट मैनेजमेंट डाइट में भी फिट बैठती है. कैसे बनाएं स्वादिष्ट सब्जी?कंटोला को धोकर लंबाई में काटें और हल्का नमक लगाकर कुछ देर रखें. फिर प्याज, टमाटर, हल्दी, धनिया और मसालों के साथ भूनकर सब्जी तैयार करें. कई जगह इसे बेसन मसाला भरकर भी बनाया जाता है. हल्की कुरकुरी फ्राई कंटोला भी काफी पसंद की जाती है. हमेशा चमकदार हरे रंग की, ताजी और सख्त कंटोला लें. बहुत ज्यादा पीली, सूखी या नरम सब्जी लेने से बचें. छोटे आकार की कंटोला अक्सर ज्यादा नरम और स्वादिष्ट होती है. डाइट में क्यों करें शामिलमौसमी सब्जियां अक्सर ज्यादा ताजी और पोषक मानी जाती हैं. कंटोला भी उन्हीं में से एक है. अगर आप हर सीजन में नई और फायदेमंद सब्जियां खाना पसंद करते हैं, तो इसे अपनी थाली में जगह दे सकते हैं. कंटोला एक हेल्दी सब्जी जरूर है, लेकिन सही असर तभी मिलता है जब इसे संतुलित भोजन, एक्टिव लाइफस्टाइल और सही मेडिकल सलाह के साथ खाया जाए. बरसात के मौसम में मिलने वाली यह सब्जी स्वाद और सेहत दोनों का अच्छा मेल है.

दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह में फर्जी दूल्हा समेत 3 आरोपी पकड़ाए:बारात न आने पर परिजन की शिकायत; रेलवे कर्मचारी बताकर-जाति छिपाकर रिश्ता तय किया था

दमोह के लोको इलाके में शादी के नाम पर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक युवक ने खुद को रेलवे का सरकारी कर्मचारी बताकर लड़की वालों को धोखे में रखा, लेकिन ऐन मौके पर बारात न आने से उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने फर्जी दूल्हे और उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, आगर मालवा के रहने वाले मोहनलाल केवट की पहचान दमोह की एक युवती से शादी वाले ऐप के जरिए हुई थी। युवक ने खुद को रेलवे का कर्मचारी बताया और अपनी जाति भी छिपाकर रिश्ता तय कर लिया। 20 अप्रैल को लोको के रेलवे इंस्टीट्यूट हॉल में शादी होनी थी। कार्ड छप चुके थे, खाना तैयार था और मेहमान भी आ चुके थे। बारात का इंतजार और बढ़ता शक दूल्हा अपने दो-तीन दोस्तों के साथ 19 अप्रैल को ही दमोह पहुंच गया था, लेकिन 20 अप्रैल की रात तक जब बारात नहीं आई, तो लड़की वालों को शक हुआ। दूल्हा बार-बार बहाने बनाता रहा कि बारात रास्ते में है, बस आने ही वाली है। जब रात बीत गई और कोई नहीं आया, तब परिजनों ने सीधे कोतवाली थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई। फर्जी आईडी कार्ड और बदलती कहानियां पुलिस की जांच में पता चला कि युवक ने जो रेलवे का आईकार्ड दिखाया था, वह पूरी तरह फर्जी था। यही नहीं, पकड़े जाने पर युवक ने अपनी कहानी बदलते हुए दावा किया कि वह रेलवे में एक प्राइवेट एजेंसी के जरिए सुपरवाइजर है। उसने यह भी आरोप लगाया कि लड़की वालों के कहने पर ही वह बारात लेकर नहीं आया था, लेकिन पुलिस ने उसकी बातों को झूठ पाया। पुलिस की कार्रवाई कोतवाली टीआई मनीष कुमार ने बताया कि मामले में मोहनलाल केवट और उसके साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। जल्द ही उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा। इस घटना के बाद से लड़की का परिवार सदमे में है।

वेट लॉस और फैट लॉस में क्या अंतर है, कैसे पता करें कि आपको सबसे पहले किसपर फोकस करना है, तभी बदलेगी फिटनेस

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Last Updated:April 22, 2026, 22:06 IST Fat Loss Vs Weight Loss: फिटनेस शुरू करते समय लोग अक्सर वेट लॉस और फैट लॉस को एक ही मान लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा फर्क है. डायटीशियन और पिलेट्स इंस्ट्रक्टर दर्शन जोशी के मुताबिक, सही लक्ष्य चुनने से ही बेहतर रिजल्ट मिलते हैं. वेट लॉस और फैट लॉस. आजकल फिटनेस की दुनिया में लोग अक्सर वेट लॉस और फैट लॉस को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर है. वजन मशीन पर नंबर कम होना हमेशा बेहतर फिटनेस का संकेत नहीं होता. कई बार शरीर का वजन घटता है, लेकिन उसमें पानी या मसल्स भी शामिल होते हैं. ऐसे में असली बदलाव समझना जरूरी है. डायटीशियन और पिलाटे ट्रेनर दर्शन जोशी के अनुसार, अगर सही लक्ष्य चुना जाए, तभी फिटनेस में स्थायी और हेल्दी बदलाव देखने को मिलता है. दर्शन जोशी बताती हैं कि वेट लॉस का मतलब है शरीर का कुल वजन कम होना. इसमें फैट, पानी, मसल्स और शरीर के अन्य तत्व भी शामिल हो सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति अचानक बहुत कम खाना शुरू कर दे, ज्यादा पसीना निकाले या क्रैश डाइट अपनाए, तो वजन मशीन पर नंबर तेजी से नीचे जा सकता है. लेकिन इसका मतलब जरूरी नहीं कि शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम हुई हो. View this post on Instagram

यूपी- मिर्जापुर में सड़क हादसा, 8 जिंदा जले:ट्रक की टक्कर से बोलेरो ट्रॉले से टकराई और आग लगी, लोग गाड़ी से निकल नहीं पाए

यूपी- मिर्जापुर में सड़क हादसा, 8 जिंदा जले:ट्रक की टक्कर से बोलेरो ट्रॉले से टकराई और आग लगी, लोग गाड़ी से निकल नहीं पाए

मिर्जापुर में बुधवार रात भीषण सड़क हादसा हो गया। बोलेरो-ट्रक की टक्कर में 8 लोग जिंदा जल गए। एक अन्य कार सवार और ट्रक के खलासी की दबकर मौत हो गई। जलकर मरने वाले सभी बोलेरो में सवार थे। दरअसल, मध्यप्रदेश से चना लादकर आ रहे एक ट्रक का अचानक ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह बेकाबू हो गया। ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रेलर में जा घुसी। बोलेरो धू-धू कर जलने लगी। हादसा ड्रमडगंज थाना क्षेत्र में हुआ। बोलेरो सवार सभी लोग प्रयागराज के मांडा क्षेत्र के हाटा के बताए जा रहे हैं। ये लोग मैहर धाम से दर्शन करके वापस लौट रहे थे। हालांकि, बोलेरो में सवार लोगों की संख्या अभी तक साफ नहीं हो सकी है। बोलेरो जिगना थाना क्षेत्र के हाटा की बताई जा रही है। वहीं, हादसे में ट्रक चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग तेज होने से रेस्क्यू प्रभावित हुआ है। सीएम योगी ने भी इस सड़क हादसे का संज्ञान लिया। उन्होंने अधिकारियों को रेस्क्यू में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मौके पर डीएम पवन कुमार गंगवार और एसपी अपर्णा रजत कौशिक मौजूद हैं। हादसे की 3 तस्वीरें… अब जानिए पूरी घटना मिर्जापुर-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात साढ़े 9 बजे बड़का मोड़ से एक ट्रक चना लादकर जा रहा था। अचानक ट्रक के ब्रेक फेल हो गए। इसी बीच एक बोलेरो भी ढलान से नीचे उतर रही थी। तभी बेकाबू ट्रक ने बोलेरो को जोरदार टक्कर मार दी। इससे बोलेरो आगे चल रहे गिट्टी लदे ट्रक से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बोलेरो में तुरंत आग लग गई। आग लगने से बोलेरो में सवार सभी यात्री अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोग तेजी से बचाव कार्य में जुट गए। लेकिन, तेज आग के कारण किसी को बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही एसपी अपर्णा रजत कौशिक, सीओ लालगंज अमर बहादुर और लालगंज और हलिया थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया। फिलहाल, पुलिस शवों की शिनाख्त करने में जुटी है। मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल ने हादसे पर दुख जताया ——————- यह खबर भी पढ़ें… ऐशान्या बोलीं- आतंकवाद जब तक जिंदा, इंसाफ अधूरा, पहलगाम में जिंदगीभर का दर्द मिला; पहली एनिवर्सरी तक नहीं मना पाई पहलगाम आतंकी हमला आज से ठीक एक साल पहले 22 अप्रैल को हुआ था। आतंकियों ने नाम और मजहब पूछकर 26 लोगों की हत्या की थी। कानपुर के रहने वाले 30 साल के शुभम द्विवेदी को उनकी पत्नी ऐशान्या के सामने सिर में गोली मारी गई। दो महीने पहले ही शुभम-ऐशान्या की शादी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…