विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले चरण के तहत 152वें क्वार्टर में वोटिंग होनी है, जिसके लिए सभी पार्टियाँ पूरी तरह से ली हैं। इस चरण में करीब 3.6 करोड़ 16 वोट के करीब 44,000 वोट पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इस बार के चुनाव में सिर्फ दो स्टेज में वोटिंग हो रही है, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह स्टेज में वोटिंग हुई थी।
बंगाल में ममता को गढ़ असफ़लता की चुनौती?
पहले चरण में स्टूडियो ऑल इंडिया पैथोलॉजी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच करीब 80 वें राउंड पर फाइनल मुकाबला माना जा रहा है, हालांकि बहुकोणीय मुकाबले पर कुछ जगह भी देखने को मिल सकती है। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, जिसके तहत 2,400 से अधिक केंद्रीय आतंकवादियों के समर्थकों और हजारों लोगों की याचिकाओं की घोषणा की गई है।
स्टैलिन की क्या होगी वापसी?
वहीं तमिल में सभी 234 विधानसभाओं में एक ही चरण में मतदान होगा, जिसमें 5.73 करोड़ से अधिक 4,000 से अधिक आबादी के भाग्य का निर्णय होगा। यहां मुख्य मुकाबला द्रविड़ मुनेत्र पेपरम इएज़ स्कूलके और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम यानी एआईए डियाके के बीच है।
राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी सत्ता शक्ति बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि एडप्पादी के. पलानीस्वामी के नेतृत्व में एआईएडीएमके वापसी की कोशिश कर रही है। राज्यभर में आतंकवादियों और आतंकवादियों के निर्माण के लिए बड़े पैमाने पर सुरक्षा बलों को ध्वस्त कर दिया गया है और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर ली गई हैं।
आरोप-प्रत्यारोप
बंगाल चुनाव के बीच गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सोनारपुर दक्षिण क्षेत्र में भाजपा के दावेदार रूपा के समर्थन में रोड शो किया और लोगों से सीएम ममता बनर्जी को सत्या से हटने की अपील की। शाह भगवान रंग से सजे वाहनों पर सवार होकर झंडे का निशान लगाते नजर आए, जबकि सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग आस्था रखते थे और “भारत माता की जय” के नारे लगा रहे थे।
उन्होंने कहा कि ‘किमां, माटी, मानुष’ के नारे के साथ सत्ता में आई ममता ने बनर्जी राज्य को “गुंडों के आदर्श” को छोड़ दिया है और अब उनका लक्ष्य आपके समर्थक अभिषेक बनर्जी को मुख्यमंत्री बनाना है। शाह ने “सिंडिकेट राज” और औद्योगिक उत्पादन का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की सत्ता में ही यह स्थिति खत्म हो जाएगी।
वहीं, ऑलमोल कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी की ओर से डेमोक्रेट नेता अमित शाह पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी पर अपमान करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रचार के दौरान जिस तरह शाह ने ”एक बहन” का किरदार निभाया था, वह महिला विरोधी भाजपा की सोच का हिस्सा है। अभिषेक बनर्जी ने यह भी कहा कि इन आदिवासियों का जवाब चार मई को चुनाव नतीजों के बाद आएगा।
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