’70-80% सांसद पोर्न देखते हैं’: पप्पू यादव ने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के ‘शोषण’ संबंधी टिप्पणी का बचाव किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:22 अप्रैल, 2026, 12:04 IST यह विवाद महिला कोटा विधेयक और परिसीमन विधेयक से जुड़े संविधान (131वें) संशोधन विधेयक की संसद में हार के बाद हुआ है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव (छवि क्रेडिट: पीटीआई) निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया, उन्होंने दावा किया कि “70-80 प्रतिशत राजनेता पोर्न देखते हैं”, जबकि “महिला सांसदों के शोषण” के बारे में उनकी पिछली टिप्पणियों पर आलोचना जारी है। यह विवाद महिला कोटा विधेयक और परिसीमन विधेयक से जुड़े संविधान (131वें) संशोधन विधेयक की संसद में हार के बाद हुआ है, क्योंकि यह आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहा। बिहार के पूर्णिया से सांसद यादव ने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति गहरे भेदभाव को लेकर सवाल उठाया। समाचार एजेंसी के हवाले से उन्होंने कहा, “…भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन यहां उनका कभी सम्मान नहीं किया जाएगा। इसके लिए सिस्टम और समाज जिम्मेदार है…90% महिलाएं राजनेताओं के कमरे में प्रवेश किए बिना राजनीति नहीं कर सकती हैं।” एएनआई. #घड़ी | पूर्णिया, बिहार: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव कहते हैं, “…भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन यहां उनका सम्मान कभी नहीं किया जाएगा। इसके लिए सिस्टम और समाज जिम्मेदार है…90% महिलाएं राजनेताओं के कमरे में प्रवेश किए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं…”(20.04.2026) pic.twitter.com/WyHY4ZitUJ – एएनआई (@ANI) 21 अप्रैल 2026 पंक्ति बढ़ती है यह विवाद मालदा में और बढ़ गया, जहां यादव ने उन लोगों की आलोचना की, जिन्होंने महिला राजनेताओं के बारे में उनकी टिप्पणी पर उन्हें नोटिस जारी किया था, उन्होंने दावा किया कि “70-80 प्रतिशत राजनेता पोर्न देखते हैं”। उन्होंने कहा, “…मैंने सदन के पटल पर भी कहा है कि 70-80% नेता पोर्न देखते हैं। इसलिए, सभी की जांच कराएं। अगर मेरे फोन पर पोर्न है, तो मेरी भी जांच करें… ये कौन लोग हैं जिन्होंने मुझे नोटिस दिया है? वे किसके साथ हैं? पूर्व मंत्रियों के साथ कई तस्वीरें हैं। जो लोग कांच के घरों में रहते हैं, उन्हें पत्थर नहीं फेंकना चाहिए।” यादव ने अपने पहले के रुख को दोहराते हुए दावा किया कि महिला राजनेताओं का उनके पुरुष समकक्षों द्वारा शोषण किया जाता है। उन्होंने कहा, “मैंने कहा था कि पुरुष राजनेता महिलाओं का शोषण किए बिना उन्हें राजनीति में आने नहीं देते। क्या यह गलत है?…मैं महिलाओं की लड़ाई लड़ रहा हूं…वे महिलाओं का शोषण करते हैं…755 पुरुष राजनेताओं के खिलाफ यौन शोषण है और 155 के खिलाफ आरोपपत्र हैं…पूरा भारत दागदार है। अगर मैं पुरुष राजनेताओं की बात करता हूं, तो वे (महिला आयोग) परेशान क्यों हैं?…ये राजनेता महिलाओं का शोषण करते हैं और फिर महिला आरक्षण विधेयक की बात करते हैं…” बहस के केंद्र में महिला कोटा पप्पू यादव की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब संविधान (131वें) संशोधन विधेयक की हार देश में गर्म राजनीतिक बहस के केंद्र में है। परिसीमन विधेयक से जुड़े 2029 के चुनावों से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के प्रस्ताव को विपक्षी दलों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ा। संविधान संशोधन विधेयक के पक्ष में 298 सदस्यों ने वोट किया तो वहीं 230 ने इसका विरोध किया. चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : पूर्णिया, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 22 अप्रैल, 2026, 12:04 IST न्यूज़ इंडिया ’70-80% सांसद पोर्न देखते हैं’: पप्पू यादव ने सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के ‘शोषण’ संबंधी टिप्पणी का बचाव किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पप्पू यादव महिला शोषण टिप्पणी(टी)पप्पू यादव विवाद(टी)राजनेता अश्लील दावे देखते हैं(टी)महिला सांसदों का शोषण(टी)महिला आरक्षण विधेयक पर बहस(टी)संविधान 131वां संशोधन विधेयक(टी)संसद में महिला कोटा(टी)भारत में राजनीतिक लिंगवाद
शिवपुरी में कबाड़ गोदाम में लगी आग:पुरानी गाड़ियों और कबाड़ ने बढ़ाई लपटें; फायर ब्रिगेड कर रही बुझाने की कोशिश

शिवपुरी के दिनारा कस्बे में बुधवार को कृष्णा चौराहे के सामने स्थित महेश बेडर के कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। इस घटना में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, और आग के आसपास के घरों तक फैलने का खतरा बना हुआ है। गोदाम में बड़ी मात्रा में पुरानी गाड़ियां और अन्य कबाड़ रखा हुआ था। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरे गोदाम को अपनी चपेट में ले लिया। फायर ब्रिगेड और प्रशासन मौके पर पहुंचा घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। सभी आग बुझाने के प्रयासों में जुट गए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। आसपास के रहवासियों में दहशत का माहौल है, क्योंकि आग के पास के घरों तक पहुंचने की आशंका है। प्रशासन मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
झालमुरी रेसिपी: चाय के साथ खाने के लिए मिनटों में ख़ाकी चटपटी झालमुरी, स्वाद ऐसा कि बार-बार खाने का मन

झालमुरी रेसिपी: अगर आप अलॉटमेंट में कुछ प्रभाव, चटपटा और झटपट बनने वाला प्लेसमेंट ढूंढ रहे हैं, तो झालमुरी एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। यह न तो खाने में सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि घर पर बना जाए तो सेहत के लिए भी लाजवाब होता है। खास बात यह है कि इसे तैयार करने में ज्यादा समय नहीं लगता और यह सुबह या शाम की चाय के साथ बिल्कुल अलग होता है। बता दें कि झामुरी ओडिशा और बंगाल का सबसे लोकप्रिय स्ट्रीट फूड है, जिसे लोग बड़े चाव से खाते हैं। इसका स्वाद चाय, और मसाला होता है, जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। हाल ही में ये बासमती टैब और चर्चा में आया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसका स्वाद लेने आए। सबसे पहले एक बड़ी पोथी में कटी हुई साबुत और आवश्यक वस्तुओं का तेल मिलाप। इसके बाद नींबू का रस लेआउट अच्छी तरह से मिलाया जाता है। अब इसमें भुनी मूंगफली और मुरमुरे डालें और सभी नीड को अच्छे से डालें। अंत में हरा धनिया और सेव स्टैमिना गार् इसेनिश करें और तुरंत सर्व करें। झालमुरी बनाना बेहद घर पर आसान है और इसके लिए ज्यादा मेहनत की जरूरत नहीं है। कुछ सामान्य सामग्री के साथ आप इसे कुछ ही मिनट में तैयार कर सकते हैं और ताज़ा-ताजा आईसीएस का आनंद ले सकते हैं। झालमुरी को हमेशा ब्लॉक ही रखना चाहिए, क्योंकि देर करने पर मुरमुरे नर हो जाते हैं और स्वाद कम हो जाता है। यदि आप इसे और अधिक कार्मिक बनाना चाहते हैं, तो इसमें मित्रवत मूंग भी मिला सकते हैं। (टैग अनुवाद करने के लिए)झालमुड़ी रेसिपी(टी)भारतीय स्ट्रीट फूड रेसिपी(टी)स्वस्थ नाश्ते के विचार भारत(टी)आसान स्नैक रेसिपी(टी)मुरमुरे रेसिपी(टी)झटपट नाश्ता रेसिपी(टी)कोलकाता स्ट्रीट फूड झालमुरी(टी)स्वस्थ शाम के स्नैक्स(टी)मसालेदार स्नैक रेसिपी(टी)भारतीय भोजन रेसिपी
भिंड में प्राइवेट गार्ड से लाइसेंसी बंदूक लूटने की कोशिश:चलते वाहन पर छीना-झपटी, कट्टे से फायर; 1 गिरफ्तार

भिंड जिले के लहार क्षेत्र (भटपुरा रोड) पर मंगलवार शाम बदमाशों ने एक निजी सुरक्षा गार्ड से उसकी लाइसेंसी बंदूक लूटने का प्रयास किया। बदमाशों ने चलते वाहन पर छीना-झपटी की और इस दौरान एक बदमाश ने कट्टे से फायर भी किया, लेकिन गार्ड के अपनी बंदूक लोड कर तानते ही 6 बदमाश भाग निकले। वर्तमान में गार्ड और स्थानीय लोगों ने मौके से गिरे एक बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है, वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर अन्य फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। ग्वालियर ड्यूटी पर जा रहा था गार्ड जानकारी के अनुसार, लहार निवासी संतोष खौरिया ग्वालियर स्थित करौली माता मंदिर में निजी सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत है। वह मंगलवार शाम अपनी मोटरसाइकिल से लाइसेंसी बंदूक लेकर लहार से ग्वालियर जा रहा था। इसी दौरान भटपुरा रोड पर गांव से कुछ दूरी पर दो बाइकों पर सवार बदमाशों ने उसका पीछा किया और चलते वाहन पर ही बंदूक छीनने की कोशिश की। छीना-झपटी में गिरा बदमाश, कट्टे से किया फायर अचानक हुए हमले से संतोष ने खुद को संभालते हुए बाइक से नीचे गिरकर स्थिति पर नियंत्रण पाया। छीना-झपटी के दौरान एक बदमाश भी बाइक से नीचे गिर पड़ा। इसी दौरान बाइक पर बैठे एक अन्य बदमाश ने कट्टे से फायर कर दिया। बचाव में गार्ड संतोष ने तुरंत अपनी बंदूक लोड कर ली और बदमाशों पर तान दी। हालात बिगड़ते देख बाकी 6 आरोपी अपने साथी को छोड़कर मौके से फरार हो गए। लूट के कई मामलों में नामजद है पकड़ा गया आरोपी मौके पर मौजूद लोगों की मदद से संतोष ने गिर पड़े बदमाश को पकड़ लिया और सूचना देकर उसे लहार थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान विकास यादव (निवासी गहवत, थाना उमरी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी लूट के कई मामले दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात में कुल 6 लोग शामिल थे, जो दो बाइकों पर सवार होकर आए थे। पुलिस जल्द ही बाकी आरोपियों को गिरफ्तार करने की बात कह रही है।
31 साल की उम्र में मर गई ब्राजील की यह खूबसूरत मॉडल, कारण जानकर हर कोई करेगा अफसोस

Last Updated:April 22, 2026, 11:21 IST Brazilian Beauty Queen Death: ब्राजील की ब्यूटी क्वीन माईरा क्रिस्टीना डी लीमा फील की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई. वे महज 31 साल की थीं और अपनी खूबसूरती के लिए दुनिया भर में जानी जाती थीं. रिपोर्ट्स की मानें तो उनकी मौत की वजह फुलमिनेंट मायोकार्डाइटिस बताई जा रही है. यह एक दुर्लभ, लेकिन खतरनाक दिल की बीमारी है. ब्राजीलियन मॉडल की 31 साल की उम्र में मौत हो गई. (Image- Instagram) Maiara Cristina de Lima Death Reason: एक जमाने में हार्ट डिजीज को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता है, लेकिन अब 30-35 साल की उम्र में लोग हार्ट अटैक से जान गंवा रहे हैं. ब्राजील से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. ब्राजील की मशहूर ब्यूटी क्वीन माईरा क्रिस्टीना डी लीमा फील की 31 साल की उम्र में मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और निधन हो गया. वह पूरी तरह स्वस्थ मानी जाती थीं और उन्हें पहले से किसी गंभीर बीमारी की शिकायत नहीं थी. उनकी अचानक मौत ने परिवार, दोस्तों और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया है. खास बात यह है कि वह कुछ ही दिनों बाद एक बड़े ब्यूटी पेजेंट में हिस्सा लेने वाली थीं. द संडे गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक माईरा क्रिस्टीना न सिर्फ एक जानी-मानी मॉडल थीं, बल्कि एक बच्चे की मां भी थीं. उन्होंने कई ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीते थे. पिछले साल उन्हें मिस लॉन्ड्रिना का खिताब मिला था और हाल ही में मिस सरंडी 2025/26 में वे रनर-अप रही थीं. उनकी जिंदगी का यह समय उनके करियर का सबसे अहम दौर था और वह अपने सपनों को पूरा करने के बेहद करीब थीं. लेकिन अचानक आई इस त्रासदी ने सब कुछ बदल दिया. बताया जा रहा है कि उनकी मौत का संभावित कारण फुलमिनेंट मायोकार्डाइटिस (Fulminant Myocarditis) हो सकता है, जो दिल की एक गंभीर बीमारी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर्स के अनुसार फुलमिनेंट मायोकार्डाइटिस एक हार्ट डिजीज है, जिसमें हार्ट की मसल्स में अचानक सूजन आ जाती है. यह आमतौर पर वायरल इंफेक्शन, ऑटोइम्यून समस्याओं या कुछ दवाओं के कारण हो सकती है. इस बीमारी की सबसे खतरनाक बात यह है कि यह बिना किसी स्पष्ट चेतावनी के अचानक गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है. फुलमिनेंट मायोकार्डाइटिस में थकान, सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. कई बार ये लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से बढ़कर कार्डियोजेनिक शॉक तक पहुंच सकता है, जिससे दिल ठीक से काम करना बंद कर देता है. यही वजह है कि समय पर पहचान और इलाज बेहद जरूरी होता है. हालांकि कई मामलों में यह इतना तेजी से बढ़ता है कि बचाव मुश्किल हो जाता है. यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण सीख भी देती है कि गंभीर बीमारियां हमेशा पहले से संकेत नहीं देतीं. भले ही कोई व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ दिखे, फिर भी शरीर में छिपी समस्याएं अचानक सामने आ सकती हैं. इसलिए नियमित हेल्थ चेकअप, किसी भी असामान्य लक्षण को नजरअंदाज न करना और समय पर डॉक्टर से संपर्क करना बेहद जरूरी है. कम उम्र में भी लोगों को हार्ट की बीमारियां हो सकती हैं और इससे बचने के लिए समय-समय पर चेकअप कराना जरूरी होता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 11:21 IST
डॉक्टर की पर्ची में लिखा Rx, Dx, Tx का क्या मतलब? जान लेंगे तो दवा समझना होगा आसान, जिंदगी भर आएगा काम

Last Updated:April 22, 2026, 11:02 IST Rx, Dx, Sx Meaning: जब आप डॉक्टरों से दिखाने जाएंगे तो आपको वे पर्ची पर दवाई लिखेगे. दवाई का नाम तो सबसे लास्ट में होता है लेकिन इससे पहले कई चीजें लिखी होती है. इनमें कई बातें बहुत शॉर्ट फॉर्म में लिखी होती है. इनमें Rx, Dx, Tx, Sx जैसे कोड वर्ड लिखे होते हैं. लेकिन क्या आप इनमें से किसी कोड वर्ड के बारे में जानते हैं. आइए इनमें से कई वर्ड के बारे में हम यहां आपको बताते हैं. मेडिकल पर्ची पर Rx का मतलब क्या होता है. Rx, Dx, Sx Meaning: डॉक्टरों की पर्ची में लिखे शब्दों को आम लोग शायद ही समझ पाते हैं. ज्यादा से ज्यादा कुछ लोग दवा के नाम जान लेते हैं लेकिन अधिकांश लोगों को यह नहीं पता होता है कि डॉक्टर ने क्या बीमारी लिखी हैं, क्या लक्षण लिखे हैं और क्या मर्ज लिखा है. इस पढ़ पाना भी मुश्किल है क्योंकि ज्यादादर चीजें ग्रीक या रोमन के शॉर्ट फॉर्म में लिखा जाता है.वास्तव में डॉक्टर अपनी पर्ची में मरीज से संबंधित सारी बातें लिख देते हैं. मसलन मरीज को क्या बीमारी है, इसके क्या-क्या लक्षण है, इसका इतिहास क्या है और आगे क्या-क्या करना चाहिए. चूंकि आधुनिक चिकित्सा में रोमन और लैटिन शब्दों का बहुत प्रयोग किया गया है, इसलिए इन शब्दों की भरमार होती है. ऐसे में अगर इसका फुल फॉर्म भी पता चल जाए तो इसे समझना मुश्किल होता है. तो चलिए इन कोड वर्ड वाले शब्दों का मतलब समझते हैं. इन वर्ड का मतलब Rx- Rx लैटिन शब्द है जिसका मतलब होता Recipe. लैटिन में इसका मतलब लीजिए या प्रेस्क्राइब होता है. इसका मतलब है डॉक्टर आपको इन दवाओं को लेने की सलाह दे रहे हैं. पुराने जमाने में डॉक्टर पर्चे की शुरुआत में Recipe लिखकर निर्देश देते थे कि मरीज को कौन सी दवा लेनी है. प्रतीकात्मक रूप से, R के साथ लगा क्रॉस (x) प्राचीन रोमन देवता ज्यूपिटर का प्रतीक भी माना जाता है, जिसे स्वास्थ्य और सुरक्षा की प्रार्थना के रूप में पर्चे पर अंकित किया जाता था. Dx-Dx का मतलब Diagnosis से है. यानी रोग या निदान. इसका मतलब होता है रोग की पहचान करना. यह ग्रीक शब्द Diagignoskein से आया है. इसमें Dia का अर्थ है आर-पार और Gignoskein का अर्थ है जानना. सीधे शब्दों में कहे तो बीमारी के आर-पार को जानना. इसमें डॉक्टर बीमारी की पहचान के लिए लक्षणों और परीक्षणों के आधार पर किसी बीमारी के सटीक नाम या स्थिति का निर्धारण करता है. यह शब्द डॉक्टरों को मरीज की स्थिति का संक्षिप्त सारांश देने में मदद करता है, जिससे इलाज की दिशा तय होती है. Sx- Sx का मतलब Symptoms होता है. Sx का इस्तेमाल मरीज द्वारा महसूस किए जाने वाले लक्षणों को दर्शाने के लिए किया जाता है. यह ग्रीक शब्द ‘Symptoma’ से आया है जिसका अर्थ है कुछ ऐसा जो घटित हुआ हो. चिकित्सा चार्ट में Sx के सामने वे शिकायतें लिखी जाती हैं जो मरीज खुद बताता है, जैसे दर्द, बुखार या चक्कर आना. Dx तक पहुंचने के लिए Sx (लक्षणों) का विश्लेषण करना डॉक्टर के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम होता है. Tx-Tx का अर्थ है ‘ट्रीटमेंट’ यानी उपचार की योजना. यह लैटिन शब्द Tractare से आया है, जिसका अर्थ है संभालना या प्रबंधन करना. एक बार जब Dx हो जाता है, तो डॉक्टर Tx सेक्शन में दवाइयां, सर्जरी, थेरेपी या परहेज के निर्देश लिखता है. यह संक्षिप्त शब्द स्वास्थ्य सेवा कर्मियों को यह समझने में मदद करता है कि मरीज को ठीक करने के लिए वर्तमान में कौन सी प्रक्रिया अपनाई जा रही है. Hx-Hx का मतलब बीमारी या मरीज की सेहत का इतिहास से संबंधित है. यह ग्रीक शब्द Historia से आया है, जिसका अर्थ है पूछताछ से प्राप्त ज्ञान. इसमें मरीज की पिछली बीमारियां, सर्जरी, एलर्जी और जीवनशैली का विवरण होता है. सटीक इलाज के लिए Hx अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि कई बार वर्तमान बीमारी की जड़ें मरीज के अतीत में छिपी होती हैं. डॉक्टर फाइल में Hx लिखकर मरीज की पुरानी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी को संक्षेप में दर्ज करते हैं. Fx -इसका मतलब Fracture है. यानी हड्डियों में टूट-फूट होती है तो डॉक्टर Fx लिखते हैं. Fx का मेडिकल अर्थ है ‘फ्रैक्चर’ यानी हड्डी का टूटना. यह लैटिन शब्द Fractura से निकला है, जिसका अर्थ है ब्रेक. एक्स-रे रिपोर्ट और आर्थोपेडिक नोट्स में इसका व्यापक उपयोग होता है. यह शब्द केवल हड्डी टूटने के लिए ही नहीं, बल्कि हड्डी में आई मामूली दरार के लिए भी उपयोग किया जाता है. आपातकालीन स्थिति में Fx लिखकर डॉक्टर तुरंत हड्डी की चोट की गंभीरता को संकेतित करते हैं. 7. Px – Px का अर्थ है प्रोग्नोसिस जिसका मतलब है बीमारी के ठीक होने की संभावना या भविष्य का अनुमान. यह ग्रीक शब्द Pro (पहले) और Gnosis (ज्ञान) से बना है. इसका उपयोग यह बताने के लिए किया जाता है कि मरीज के स्वास्थ्य में सुधार की कितनी उम्मीद है या बीमारी आगे क्या मोड़ ले सकती है. उदाहरण के लिए, Px: Good का अर्थ है कि मरीज के पूरी तरह ठीक होने की संभावना बहुत अधिक है. 8. Bx-Bx का मतलब Biopsy बायोप्सी है. बायोप्सी में शरीर के किसी हिस्से से टिशू का छोटा नमूना लेकर जांच की जाती है. यह ग्रीक शब्द Bios (जीवन) और Opsis (देखना) से आया है. कैंसर या गंभीर संक्रमणों की पुष्टि के लिए Bx एक अनिवार्य प्रक्रिया है. मेडिकल रिपोर्ट में Bx का उल्लेख यह बताता है कि माइक्रोस्कोप के नीचे कोशिकाओं की जांच करके बीमारी की प्रकृति का पता लगाया जाना है. 9. ABx-इसका मतलब एंटीबायोटिक्स है. ABx का उपयोग ‘एंटीबायोटिक्स’ दवाओं के लिए किया जाता है. A और B Anti और Bio को दर्शाते हैं, जहां ग्रीक में Anti का अर्थ है विपरीत और Bios का अर्थ है जीवन. यह शब्द उन दवाओं के लिए उपयोग किया जाता है जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को रोकने या उन्हें मारने का काम करती हैं. अस्पताल के चार्ट में ABx लिखकर डॉक्टर यह सुनिश्चित करते हैं कि मरीज को संक्रमण रोधी दवाएँ सही समय पर दी जा रही हैं. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से
मुंबई-चेन्नई मुकाबले में दिख सकते हैं धोनी:वानखेड़े में विकेटकीपिंग और बैटिंग की प्रैक्टिस; MI में विल जैक्स की एंट्री

IPL 2026 में गुरुवार रात वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस (MI) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच मैच में एमएस धोनी और विल जैक्स एक्शन में नजर आ सकते हैं। धोनी मंगलवार रात वानखेड़े में अभ्यास करते दिखे, वहीं विल जैक्स मुंबई के कैंप से जुड़ चुके हैं। चेन्नई फिलहाल पॉइंट्स टेबल में 8वें स्थान पर है और उसे जीत की सख्त जरूरत है। धोनी ने आधा घंटा विकेटकीपिंग की: मांसपेशियों के खिंचाव के बाद पहली बार दिखे लय में सीजन से पहले एमएस धोनी पिंडली की मांसपेशियों में खिंचाव से जूझ रहे थे। मंगलवार को वानखेड़े में उन्होंने आधे घंटे विकेटकीपिंग और 30 मिनट बल्लेबाजी की। इस दौरान 44 साल के धोनी बिना परेशानी बड़े शॉट्स लगाते नजर आए। अगर वे कल खेलते हैं, तो चेन्नई की बैटिंग को मजबूती मिलेगी। टीम ने 6 में से 2 मैच जीते हैं। विल जैक्स की मुंबई इंडियंस में एंट्री: वर्ल्ड कप में जीते थे 4 प्लेयर ऑफ द मैच इंग्लैंड के खिलाड़ी विल जैक्स भारत पहुंच गए हैं। वे निजी कारणों से शुरुआती 6 मैचों से बाहर थे। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में 4 बार ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे जैक्स ने सोमवार और मंगलवार को मुंबई के नेट सेशन में अभ्यास किया। उन्होंने करीब एक घंटे बल्लेबाजी की और ऑफ स्पिन गेंदबाजी भी की। उनके आने से मुंबई का मिडिल ऑर्डर और स्पिन विभाग मजबूत होंगे। वे मिचेल सैंटनर या अल्लाह गजनफर की जगह प्लेइंग-XI में शामिल हो सकते हैं। CSK के कैंप में आए पेसर स्पेंसर जॉनसन: खलील अहमद की जगह ले सकते हैं चेन्नई के लिए राहत की खबर है। ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्पेंसर जॉनसन टीम से जुड़ गए हैं। उन्हें चोटिल नाथन एलिस के रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया है। जॉनसन ने मंगलवार को वानखेड़े में टीम के साथ ट्रेनिंग की। संभावना है कि वे खलील अहमद की जगह खेलेंगे, जो पिछले हफ्ते चोट से बाहर हो गए थे। यह सीजन चेन्नई के लिए चोटों के लिहाज से खराब रहा है। पिछले मैच में आयुष म्हात्रे भी हैमस्ट्रिंग इंजरी से पूरे सीजन से बाहर हो गए। मुंबई की फॉर्म लौटी: गुजरात को 99 रन से हराकर आ रही है टीम मुंबई इंडियंस ने पिछले मैच में गुजरात टाइटंस को 99 रन से हराया है। इस जीत से टीम का मनोबल ऊंचा है। विल जैक्स के आने से फिनिशिंग डिपार्टमेंट मजबूत होगा। दूसरी तरफ, चेन्नई को प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रखने के लिए यह मैच जीतना होगा। धोनी की मौजूदगी टीम का स्कोर बढ़ाने के साथ कप्तानी में भी मदद करेगी। ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL- अभिषेक के शतक से हैदराबाद की लगातार तीसरी जीत: दिल्ली को 47 रन से हराया; ईशान मलिंगा ने 4 विकेट झटके अभिषेक की शतकीय पारी के दम पर सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) ने IPL सीजन में लगातार तीसरी जीत हासिल की। मंगलवार को टीम ने दिल्ली कैपिटल्स (DC) को 47 रन से हराया। पूरी खबर
कार की टक्कर से उछलकर सड़क पर जा गिरा छात्र:ग्वालियर में तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर, छात्र को मामूली चोट

ग्वालियर में एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे छात्र को टक्कर मार दी। यह घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। छात्र को मामूली चोटें आई हैं।घटना मंगलवार को बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के विनय नगर 100 फुटा रोड पर हुई। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि छात्र सड़क पार कर रहा था, तभी अचानक एक तेज गति से आ रही कार ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि छात्र उछलकर काफी दूर सड़क पर जा गिरा। गनीमत रही कि इस हादसे में छात्र की जान बच गई और उसे केवल हल्की चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल छात्र को संभाला और उसे प्राथमिक उपचार दिलाया। कार चालक मौके से फरार टक्कर मारने के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। वीडियो सामने आने के बाद बहोड़ापुर थाना पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर फरार कार चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी चालक को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गर्मियों में क्यों बढ़ जाता है डायरिया का खतरा? अचानक उल्टी-दस्त होने लगें, तो क्या करें, डॉक्टर ने दिए टिप्स

Last Updated:April 22, 2026, 10:19 IST Diarrhea Risk in Summer: गर्मी के मौसम में उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ जाती है. डॉक्टर सोनिया रावत के अनुसार गर्मी में दूषित खाना और पानी डायरिया का खतरा बढ़ा देता है. इससे लोगों को उल्टी, दस्त और डिहाइड्रेशन की परेशानी हो जाती है. ऐसी कंडीशन में तुरंत ORS पीना जरूरी है. अगर कंडीशन लगातार बिगड़ रही हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. अचानक उल्टी-दस्त होने पर ORS घोलकर पीना शुरू कर दें. Summer Diarrhea Causes: गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं बढ़ जाती हैं. अत्यधिक गर्मी के कारण लोगों की हालत खराब हो जाती है. इस मौसम में उल्टी और दस्त सबसे कॉमन समस्या है. तापमान बढ़ने के साथ ही बैक्टीरिया और वायरस तेजी से पनपने लगते हैं, जिससे खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं. यही कारण है कि इस मौसम में फूड पॉइजनिंग और पेट से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी बढ़ जाता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है. इसलिए समय रहते इसके कारण और बचाव के उपाय जानना बेहद जरूरी है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया गर्मियों में उल्टी-दस्त की समस्या हो जाती है, जिसे मेडिकल की भाषा में डायरिया कहा जाता है. इसकी सबसे बड़ी वजह दूषित खाना और पानी है. खुले में रखा खाना, स्ट्रीट फूड या ठीक से न धुले फल-सब्जियां खाने से ई.कोलाई और साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया शरीर में घुस जाते हैं. इसके अलावा तेज गर्मी में पानी की कमी भी पाचन तंत्र को कमजोर कर देती है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. बाहर का खाना खाने या साफ-सफाई का ध्यान न रखने से भी यह समस्या अचानक हो सकती है. अचानक उल्टी-दस्त हो जाएं, तो क्या करें? डॉक्टर ने बताया कि जब डायरिया होता है, तो शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकलने लगते हैं. बार-बार दस्त होना, उल्टी, पेट दर्द, कमजोरी, चक्कर आना और कभी-कभी बुखार भी हो सकता है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह स्थिति गंभीर डिहाइड्रेशन में बदल सकती है, जो जानलेवा भी हो सकता है. इसलिए जैसे ही ये लक्षण दिखें, तुरंत सावधानी बरतना जरूरी है. डायरिया होने पर सबसे पहले पानी में घोलकर ORS पीना चाहिए. आप थोड़ी-थोड़ी देर में ओआरएस पिएं. इससे शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी दूर होती है. इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और सादा पानी भी बार-बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पीते रहना चाहिए. इससे आपको काफी हद तक राहत मिल जाएगी. कब करना चाहिए डॉक्टर से संपर्क? अगर उल्टी-दस्त लगातार हो रहे हों या मरीज बहुत ज्यादा कमजोर महसूस कर रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है. खासकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में लापरवाही बिल्कुल नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर जरूरत पड़ने पर दवाइयां या ड्रिप देने की सलाह दे सकते हैं, ताकि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे. ऐसे मरीज खाने में खिचड़ी, दही-चावल और केला लें. इस दौरान तला-भुना या मसालेदार खाना बिल्कुल न खाएं. गर्मी में डायरिया के कैसे करें बचाव? एक्सपर्ट ने बताया कि गर्मियों में डायरिया से बचने के लिए हमेशा साफ और उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं. खाने से पहले हाथ अच्छी तरह धोएं और बाहर के खुले खाने से परहेज करें. स्ट्रीट फूड या जंक फूड से जितना दूर रहेंगे, पेट की सेहत उतनी बेहतर बनी रहेगी. गर्मियों में फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर ही खाएं. थोड़ी सी सावधानी और साफ-सफाई का ध्यान रखकर आप इस खतरनाक समस्या से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 10:19 IST
मीठी तुलसी गर्मियों में शरीर को दे ठंडक, शुगर कंट्रोल करने में रामबाण, भीषण गर्मी में दे ढेरों फायदे

What is Sweet Basil or Stevia: हिंदू परंपरा में तुलसी का धार्मिक महत्व तो है ही, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए भी बेहद उपयोगी पौधा माना जाता है. आम तुलसी के बारे में आप सभी जानते हैं, जो आपके घर के आंगन, बालकनी में भी लगी होती है, लेकिन बहुत कम लोग ही ‘मीठी तुलसी’ यानी स्टीविया के बारे में जानते होंगे. स्टीविया के गुणों से बहुत कम लोग ही परिचित होंगे. स्टीविया को मीठी तुलसी भी कहा जाता है. यह डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद होती है. जानिए मीठी तुलसी या स्टीविया के फायदों के बारे में यहां… क्या है मीठी तुलसी (स्टीविया)? आयुर्वेद में मीठी तुलसी को खासतौर पर डायबिटीज मरीजों के लिए लाभकारी बताया गया है. इसे स्टीविया या ‘शुगर-फ्री प्लांट’ भी कहा जाता है. इसकी मिठास सामान्य चीनी से लगभग 30 गुना ज्यादा होती है, लेकिन यह ब्लड शुगर लेवल नहीं बढ़ाती, क्योंकि इसमें ग्लूकोज और सुक्रोज नहीं होता. डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद मीठी तुलसी का सेवन सीमित मात्रा में करने पर डायबिटीज के पेशेंट के लिए सुरक्षित माना जाता है. यह मीठा खाने की इच्छा को शांत करती है और इससे शरीर को नुकसान भी नहीं होता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वजन बढ़ने से रोके इसमें कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए यह वजन को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकती है. जो लोग मीठा खाने से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प है. गर्मियों में शरीर को दे ठंडक स्टीविया की तासीर ठंडी होती है. गर्मी के मौसम में इसके पत्तों से बना शरबत पेट की जलन को शांत करता है और पित्त को संतुलित करने में मदद करता है. दांतों के लिए लाभकारी इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो दांतों को सड़न और कैविटी से बचाने में मदद कर सकते हैं. वहीं, रिफाइंड शुगर दांतों के लिए हानिकारक मानी जाती है. ब्लड प्रेशर रखे कंट्रोल गर्मियों में लो ब्लड प्रेशर की समस्या होने पर मीठी तुलसी का सेवन शरीर को संतुलित रखने में मदद कर सकता है और ठंडक प्रदान करता है. पाचन और त्वचा के लिए उपयोगी मीठी तुलसी पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है, पेट को ठंडक देती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिला सकती है. इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा से जुड़ी समस्याओं को कम करने में भी सहायक हैं. कुल मिलाकर, मीठी तुलसी स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का बेहतरीन संतुलन है, खासकर गर्मियों के मौसम में.







