Sunday, 04 Oct 2026 | 06:43 PM

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फोर्ब्स लिस्ट- इलॉन मस्क सबसे अमीर लेकिन दान में पीछे:गेट्स और बफेट दान न करते तो दूसरे और तीसरे सबसे अमीर होते

फोर्ब्स लिस्ट- इलॉन मस्क सबसे अमीर लेकिन दान में पीछे:गेट्स और बफेट दान न करते तो दूसरे और तीसरे सबसे अमीर होते

बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने दुनिया के अमीरों की सूची एक नए नजरिये से जारी की है। अरबपतियों की संपत्ति की दोबारा गणना करते हुए उसमें उनके द्वारा किए गए दान को भी जोड़ा गया है। इसमें जानने की कोशिश की गई है कि दुनिया के सबसे उदार अरबपतियों ने कभी दान न किया होता, तो आज उनकी संपत्ति और रैंकिंग कैसी होती? इसका जवाब पाने के लिए फोर्ब्स ने ‘ट्रू नेट वर्थ’ रैंकिंग तैयार की। इसमें माना गया कि अरबपतियों ने जो शेयर दान किए, वे उनके पास ही रहते और नकद दान भी बाजार की दरों के हिसाब से निवेश होता। नई लिस्ट – वॉरेन बफेट तीसरे और मैकिंजी स्कॉट 26वें स्थान पर होतीं इलॉन मस्क फोर्ब्स की दोनों लिस्ट में पहले स्थान पर हैं। हालांकि, उन्होंने अपनी संपत्ति का बेहद छोटा हिस्सा, करीब 0.06% ही वास्तविक दान किया है। बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट के करीब 73.1 करोड़ शेयर दान किए हैं। अगर उन्होंने ये शेयर अपने पास रखे होते, तो उनकी संपत्ति करीब 4 गुना ज्यादा होती और वे 19वें के बजाय दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति होते। इसी तरह, वॉरेन बफेट भी 9वें स्थान से तीसरे स्थान पर पहुंच जाते। 2006 से उनके द्वारा दान किए गए शेयरों की कीमत करीब 700% बढ़ी है। मैकिंजी स्कॉट 58 स्थान चढ़कर 26वें नंबर पर पहुंच जातीं। उनके पूर्व पति जेफ बेजोस, टॉप 5 से बाहर हो जाते।

देवास में शिकायत के बाद भी कब्जा, छत डाली:जनसुनवाई में महापौर ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

देवास में शिकायत के बाद भी कब्जा, छत डाली:जनसुनवाई में महापौर ने जताई नाराजगी, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

देवास नगर निगम की जनसुनवाई में गंगानगर कॉलोनी के रहवासियों ने शिकायत की कि फरवरी में अवैध अतिक्रमण की सूचना देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई और कब्जाधारी ने मकान बनाकर उसकी छत भी डाल दी, जिस पर महापौर ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जनसुनवाई में उठा अतिक्रमण का मामला देवास नगर निगम की जनसुनवाई के दौरान गंगानगर कॉलोनी का एक गंभीर मामला सामने आया। रहवासियों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायत के बावजूद अवैध कब्जा लगातार बढ़ता गया और अब पक्का मकान बनकर तैयार हो गया है। शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई रहवासियों के अनुसार उन्होंने फरवरी माह में ही नगर निगम को लिखित शिकायत दी थी। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे कब्जाधारी को निर्माण पूरा करने का मौका मिल गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में अतिक्रमणकारी ने कच्चा निर्माण किया था। लेकिन कार्रवाई न होने के कारण धीरे-धीरे उस निर्माण को पक्के मकान में बदल दिया गया और आखिर में उसकी छत भी डाल दी गई। गार्डन और सड़क पर कब्जे का आरोप रहवासियों ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने सार्वजनिक गार्डन और सड़क की जमीन पर अवैध कब्जा कर मकान खड़ा कर लिया है। इससे क्षेत्र की व्यवस्था और आवाजाही दोनों प्रभावित हो रही हैं। जनसुनवाई के दौरान महापौर गीता दुर्गेश अग्रवाल ने आवेदन देखते ही संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए पूछा कि शिकायत के बावजूद मकान की छत तक कैसे डाल दी गई। मौके पर टीम को मिलती है धमकी रहवासियों ने यह भी बताया कि जब नगर निगम की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर जाती है, तो अतिक्रमणकारी उन्हें डरा-धमकाकर भगा देते हैं। इससे कार्रवाई प्रभावित हो रही है। महापौर ने मौके पर मौजूद संबंधित इंजीनियर से पूरे मामले की जानकारी ली। उन्होंने पूछा कि फरवरी में शिकायत मिलने के बाद भी अतिक्रमण क्यों नहीं रोका गया और निर्माण कैसे आगे बढ़ता रहा। जांच और कार्रवाई के दिए निर्देश महापौर ने इंजीनियर को आवेदन पत्र सौंपते हुए निर्देश दिए कि मामले की तत्काल जांच की जाए और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि अवैध कब्जे को हटाया जा सके। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रहवासियों को उम्मीद है कि अब प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखाएगा और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जल्द की जाएगी।

युक्तियाँ ठंडे पानी के टैंक के लिए: गर्मियों में छत पर रेकी प्लाजा से आता है घोलता पानी? अपनाएं ये आसान जुगाड़, मिलेगा ठंडा पानी

पानी की टंकी को ठंडा करने की युक्तियाँ

22 अप्रैल 2026 को 13:41 IST पर अपडेट किया गया वॉटर टैंक कूलिंग टिप्स: गर्मियों के मौसम में सबसे आम परेशानी है पानी की जरूरत सबसे ज्यादा गर्म होना। दोपहर के समय यह समस्या और बढ़ती जा रही है, जिससे संस्थान से लेकर रसोई तक का काम मुश्किल हो गया है। हालाँकि, कुछ आसान टिप्स अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं फोटो गैलरी के बारे में आसान उपाय के जरिए। अनुसरण करना : पानी की मंज़िल छत पर रखी जाती है, उस पर औसत धूप बनी हुई है। प्लास्टिक की टंकियां जल्दी गर्म हो जाती हैं और अगर प्लास्टिक की टंकियां जल्दी गर्म हो जाती हैं तो वह सबसे ज्यादा हिट होती हैं। इसी वजह से पानी गर्म होता है। छवि: फ्रीपिक सुपरमार्केट के अंदर या ऊपर थर्माकोल के उपयोग से गर्मी को अंदर जाने से रोका जा सकता है। थर्माकोल एक अच्छा इंसुलेटर होता है, जो पानी के तापमान को कम रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक मछली के उपले, जूट की बोरी या किसी भी कवर्ड से भी पानी का तापमान कम किया जा सकता है। यह साधन धूप की सीधी गर्मी को रोकने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक अगर आपके खिलौने का रंग काला है तो उसे सफेद रंग से पेंट कर लें। सफेद रंग की धूप को रिफ्लेक्ट करता है, मच्छरदानी का पानी जल्दी गर्म नहीं होता है। छवि: फ्रीपिक टिन या प्लास्टिक की छत के ऊपर टिन या प्लास्टिक की छत का निर्माण कर उसे सीधे सूर्य की रोशनी से मोड़ा जा सकता है। इससे पानी का तापमान काफी हद तक कम रहता है। छवि: फ्रीपिक सुबह या शाम के समय प्लेटफार्म में पानी की कमी की कोशिश करें। इससे पानी अधिक गर्म नहीं होता है और इसका उपयोग बेहतर जीवन के लिए किया जाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 22 अप्रैल 2026 13:41 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)पानी की टंकी को ठंडा करने के टिप्स(टी)गर्मियों में पानी की टंकी को ठंडा कैसे रखें(टी)गर्मी में पानी की समस्या का समाधान(टी)टैंक के पानी को गर्म करने का समाधान(टी)घर को ठंडा करने के तरीके(टी)छत पर पानी की टंकी के टिप्स(टी)पानी के तापमान को कम करने के लिए टैंक(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू टिप्स भारत

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन:यूपी में घर पर हार्ट अटैक आया; मासूम शर्मा के साथ भी काम कर चुकीं

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन:यूपी में घर पर हार्ट अटैक आया; मासूम शर्मा के साथ भी काम कर चुकीं

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही (30) का निधन हो गया। बताया गया है कि मंगलवार देर रात घर पर ही इन्हें हार्ट अटैक आया। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हरियाणवी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने दिव्यांका के निधन पर शोक व्यक्त किया है। हालांकि, दिव्यांका के परिवार की तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया। दिव्यांका मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं। फिलहाल वह गुरुग्राम में रह रही थीं। उन्होंने सिंगर मासूम शर्मा के साथ भी कई गानों में काम किया है। उनके इंस्टाग्राम पर एक 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। गाजियाबाद में रह रहा परिवार दिव्यांका सिरोही का जन्म 19 नवंबर 1996 को बुलंदशहर में हुआ था। उन्होंने मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से बीसीए की। इसके बाद सिक्किम से MBA की। दिव्यांका का एक भाई हिमांशु, बहनें दिपांशु और जसमीत हैं। वे अपने माता-पिता और दादी के साथ फिलहाल गाजियाबाद में रह रहे हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं

भागीरथपुरा की गलियों में घूमे निगम कमिश्नर:लोगों से पूछा-पानी समय पर मिल रहा है या नहीं, अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने को कहा

भागीरथपुरा की गलियों में घूमे निगम कमिश्नर:लोगों से पूछा-पानी समय पर मिल रहा है या नहीं, अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने को कहा

भागीरथपुरा में हुए जलकांड के बाद यहां की स्थिति बेहतर करने के लिए लगातार नगर निगम काम कर रहा है। यहां नई पाइप लाइन बिछाने के साथ ही ड्रेनेज और सड़कों का काम किया जा रहा है। इस काम की जमीनी हकीकत जानने के लिए बुधवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अधिकारियों के साथ मैदान में उतरे और भागीरथपुरा की गलियों में घूमकर मौके की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने रहवासियों से भी बात की और काम की जानकारी ली। उन्होंने यहां चल रहे कामों को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी गाइडेंस दिया, ताकि काम और बेहतर हो सके। इन कामों की जानी जमीनी हकीकत नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अपनी टीम के साथ नर्मदा वाटर सप्लाई, सीवरेज लाइन और रोड निर्माण के कामों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कामों को क्वालिटी के साथ समय पर पूरा किया जाए। बता दें कि भागीरथपुरा के 95% से ज्यादा इलाके में पाइप लाइन से पानी सप्लाई करने का काम पूरा हो गया है और सप्लाई की जा रही है। जबकि बाकी जगह टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों से कहा नियमित मॉनिटरिंग करें निगम कमिश्नर ने कामों को देखने के दौरान अधिकारियों को यहां चल रहे रोड निर्माण, रेस्टोरेशन के काम की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इन कामों की नियमित रूप से मॉनटिरिंग की जाए, ताकि काम समय पर पूरा हो सकें। लोगों से पूछा समय पर पानी आ रहा है ना नहीं निगम कमिश्नर भागीरथपुरा की गलियों में घूम रहे थे, इस दौरान उन्होंने यहां पानी की सप्लाई को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। इसके साथ ही यहां रहवासियों से भी बातचीत की और पानी की सप्लाई के बारे में जाना। उन्होंने लोगों से पूछा कि उन्हें पानी समय पर मिल रहा है या नहीं। लोगों ने भी कहा कि पानी की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई के समय को लेकर भी लोगों ने अपनी बात रखी। निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को पानी की सप्लाई के दौरान नियमित सैंपलिंग करने और क्लोरिनेशन प्रोसेस को लगातार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि लोगों को साफ और सुरक्षित पानी मिल सके।

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:जनरेशन बैन कानून दोनों सदनों में पास, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है। सरकार ने ‘टोबैको एंड वेप्स बिल’ पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे। संसद से बिल पास हो चुका है और अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जिसके बाद यह कानून बन जाएगा। यह पूरे ब्रिटेन यानी इंग्लैंड, स्कॉटलैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड में लागू होगा। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से यह कानून लागू होगा। उम्र के हिसाब से लागू होगा कानून ई-सिगरेट पर भी सख्ती वेपिंग (ई-सिगरेट) पर भी सख्ती की गई है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के खेलने की जगहों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर जगहों पर वेपिंग भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो वह भी गैरकानूनी होगा। ब्रिटेन के हेल्थ सेक्रेटरी वेस स्ट्रीटिंग ने कहा है कि यह पीढ़ी लत और नुकसान से बची हुई पहली स्मोक-फ्री जनरेशन होगी। उनका कहना है कि इलाज करने से बेहतर है पहले ही बीमारी को रोक दिया जाए। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले समय में स्मोक-फ्री जनरेशन”ट तैयार होगी और धूम्रपान से होने वाली बीमारियां और मौतें कम होंगी। हालांकि कुछ लोग और कारोबारी इसे बहुत सख्त बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी है। ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से 76 हजार मौतें ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान वहां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां हर साल 76,000 से ज्यादा लोग सिगरेट से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्या से जान गंवा देते हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। बाद में यह आदत छोड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरू से ही नई पीढ़ी को इससे दूर रखना जरूरी है। धूम्रपान की वजह से इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर दबाव बढ़ता है। अगर लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। ब्रिटेन में करीब 75 प्रतिशत लोग जो सिगरेट पीते हैं, वे चाहते हैं कि उन्होंने कभी इसकी शुरुआत ही न की होती। इसके अलावा, बीमार होने की वजह से लोगों का काम भी प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन उससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। न्यूजीलैंड यह कानून लागू करने वाला पहला देश न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह आइडिया दिया कि एक तय साल के बाद पैदा हुए लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार देश को सिगरेट-तम्बाकू से मुक्त करना चाहती थी इसलिए यह कानून बनाया गया था। दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास हो गया था। इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। बाद में 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया। सरकार ने तर्क दिया कि इससे टैक्स कटौती के लिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। 70 से ज्यादा देशों में स्मोक-फ्री पॉलिसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार: 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में स्मोकिंग बैन लागू किया। 2007 तक सिर्फ 10 देशों में इनडोर स्मोकिंग बैन था। 2023 तक दुनिया की 71% आबादी (करीब 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:दोनों सदनों में पास हुआ जनरेशन बैन कानून, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:दोनों सदनों में पास हुआ जनरेशन बैन कानून, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है। सरकार ने टोबैको एंड वेप्स बिल पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे। यह बिल संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स से पास हो चुका है। अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जो आमतौर पर सिर्फ एक प्रक्रिया होती है। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल एक साल बढ़ती जाएगी। यानी जो लोग 2009 या उसके बाद पैदा हुए हैं, वे कभी भी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। ई-सिगरेट पर भी सख्ती वेपिंग (ई-सिगरेट) पर भी सख्ती की गई है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के खेलने की जगहों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर जगहों पर वेपिंग भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो वह भी गैरकानूनी होगा। अगर दुकानदार नियम तोड़ते हैं, तो उन पर जुर्माना लगेगा। तंबाकू और वेपिंग के विज्ञापनों पर भी रोक होगी। सरकार इन चीजों की बिक्री और आयात पर नजर रखने के लिए नया रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी लाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले समय में स्मोक-फ्री जनरेशन”ट तैयार होगी और धूम्रपान से होने वाली बीमारियां और मौतें कम होंगी। हालांकि कुछ लोग और कारोबारी इसे बहुत सख्त बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी है। ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से 76 हजार मौतें ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान वहां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां हर साल 76,000 से ज्यादा लोग सिगरेट से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्या से जान गंवा देते हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। बाद में यह आदत छोड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरू से ही नई पीढ़ी को इससे दूर रखना जरूरी है। धूम्रपान की वजह से इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर दबाव बढ़ता है। अगर लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। इसके अलावा, बीमार होने की वजह से लोगों का काम भी प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन उससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। न्यूजीलैंड यह कानून लागू करने वाला पहला देश न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह आइडिया दिया कि एक तय साल के बाद पैदा हुए लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार देश को सिगरेट-तम्बाकू से मुक्त करना चाहती थी इसलिए यह कानून बनाया गया था। दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास हो गया था। इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। बाद में 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया। सरकार ने तर्क दिया कि इससे टैक्स कटौती के लिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। 70 से ज्यादा देशों में स्मोक-फ्री पॉलिसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार: 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में स्मोकिंग बैन लागू किया। 2007 तक सिर्फ 10 देशों में इनडोर स्मोकिंग बैन था। 2023 तक दुनिया की 71% आबादी (करीब 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।

पश्चिम बंगाल चुनाव में ईडी की छापेमारी: बंगाल में नुसरत जहां ईडी की राय पर कौन-कौन, 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, कोलकाता के डीसीपी लापता

पश्चिम बंगाल चुनाव में ईडी की छापेमारी: बंगाल में नुसरत जहां ईडी की राय पर कौन-कौन, 24 घंटे में आंध्र प्रदेश, कोलकाता के डीसीपी लापता

विधानसभा से पहले निदेशालय निदेशालय (ईडी) बंगाल में पूरी तरह से सक्रिय है और 1 अप्रैल से विपक्ष, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और कथित प्रमुख राजनीतिक मध्यस्थों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के कम से कम 19 मामलों में गहन कार्रवाई कर रही है। आई-पीएसी के निदेशकों में से एक ऋषि राज तलबसोमवार को एजेंसी ने मोटरसाइकिल से जुड़ी राजनीतिक सलाहकार कंपनी आईएस-पीएसी के निदेशकों से एक ऋषि राज को तलब किया। साथ ही, एसएससी भर्ती अकादमी के संबंध में राज्य के शिक्षा विभाग के पूर्व प्रधान सचिव और वयोवृद्ध पुरोहित मनीषी अधिकारी जैन को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। आई-पीएसी के एक अन्य निदेशक प्रतीक जैन को पहले भी कई बार तलब का भुगतान किया जा चुका है, जिससे इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक सलाहकार कंपनी की जांच में तेजी आई है। आई-पीएसी के दूसरे निदेशक विनेश चंदेल चौधरी चौधरी के पद पर हैं। वसीयत शांतनु सिन्हा बिस्वास लापताआई-पीएसी की गहन जांच से इस स्मारक झील स्टॉक एक्सचेंज के लिए महत्वपूर्ण इस फर्म ने अपना काम बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कही ये बात. आतंकवादी ने कहा कि ये बेबुनियाद वास्तुशिल्प ब्रह्माण्ड का जन्म होने के लिए खोजा गया है। रविवार को एचडी ने कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा के ख़ातिर शांतनु सिन्हा बिस्वास के आवास पर एसकेएन ली, प्रोजेक्ट वेस्ट बंगाल के निजी मेडिकल स्टॉक में कथित रूप से प्रमाणित एन रिटार्य कोटा के प्रवेश के मामले में जांच चल रही है। एचडी के समन के बाद कोलकाता पुलिस के डीसीपी शांतनु लापता हो गए हैं। कोलकाता में उत्पादों के बाद से उनके संपर्क नहीं हो रहे हैं। नॉमिनल न्यूसरत जहां भी तलबरिफाइनरी अधिकारी मनीष जैन से पूर्व मंत्री और आरबीआई के करीबी सहयोगी पार्थ चैटैट के ठिकानों पर पूछताछ की गई। बिस्वास, पूर्व झारग्राम कलेक्टर सुनील अग्रवाल के साथ, रेत खनन मामले, मनी लॉन्ड्रिंग मामले और कोयला खनन घोटाले में पहले से ही जांच के आंकड़े हैं। उनके करीबी सहयोगी जय एस कामदार को रविवार को गिरफ्तार कर लिया गया, जब एडी ने उन पर सोलोमन सोलो से संबंध बनाए रखने और सीमा पार और घरेलू शेयरहोल्ड में शामिल होने का आरोप लगाया। राशन एकेडमी में धोबी ने पूर्वाचल मिनीमार्च नुसरत जहां को तालाब बनाया था। एडी ने राशन की संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के लिए गेस्ट हाउस में अभिनेत्री और पूर्व सांसद न्यूसरत जहां आज कोलकाता स्थित बीएड ऑफिस जमा किया है। ये भी पढ़ें पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता में मछली-भात के शौकीन अनुराग ठाकुर, ऐसा क्या बोले कि बंगाल की राजनीति में हंगामा!

बालाघाट में महिला ने खाया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत:शादी में गया था परिवार, बेटा बोला-शरीर दर्द से परेशान रहती थी मां

बालाघाट में महिला ने खाया कीटनाशक, इलाज के दौरान मौत:शादी में गया था परिवार, बेटा बोला-शरीर दर्द से परेशान रहती थी मां

बालाघाट जिला अस्पताल में कीटनाशक खाने के बाद भर्ती एक महिला की बुधवार को मौत हो गई। मृतका की पहचान परसवाड़ा थाना क्षेत्र के चटरीटोला निवासी श्यावती पति धीरसिंह मर्सकोले (55) के रूप में हुई है। डॉक्टर की तहरीर पर अस्पताल चौकी पुलिस ने शव बरामद किया। परिजनों की मौजूदगी में शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में आगे की कार्रवाई परसवाड़ा पुलिस करेगी। अस्पताल चौकी पुलिस के अनुसार, श्यावती मर्सकोले को कीटनाशक खाने के बाद हालत बिगड़ने पर परसवाड़ा अस्पताल से रेफर किया गया था। उन्हें मध्यरात्रि 12:30 बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां बुधवार को उनकी मृत्यु हो गई। मृतका के बेटे यशवंत मर्सकोले ने बताया कि घटना के समय उनकी छोटी बहन अरशिका और मां घर पर थीं, जबकि परिवार के अन्य सदस्य एक विवाह समारोह में गए थे। बहन ने सूचना दी कि मां ने खेत में डालने वाली कीटनाशक खा ली है। यशवंत ने यह भी बताया कि उनकी मां शरीर में दर्द और थकावट की बीमारी से परेशान थीं और उनका इलाज चल रहा था। आशंका जताई जा रही है कि बीमारी से परेशान होकर महिला ने यह कदम उठाया है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

IPL में वैभव सूर्यवंशी के सबसे तेज 500 रन:आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा; 8 रन बनाकर आउट; आज राजस्थान-लखनऊ के बीच मुकाबला

IPL में वैभव सूर्यवंशी के सबसे तेज 500 रन:आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा; 8 रन बनाकर आउट; आज राजस्थान-लखनऊ के बीच मुकाबला

वैभव सूर्यवंशी ने अपने IPL करियर में 500 रन पूरे कर लिए हैं। वे लीग में सबसे कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ मैच में पहली ही गेंद पर चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। उन्होंने IPL में सिर्फ 227 गेंदों पर 500 रन बनाए हैं। वैभव ने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 244 गेंदों में अपने पहले 500 रन पूरे किए थे। हालांकि, इस मैच में वैभव 11 गेंदों पर सिर्फ 8 रन ही बना सके। आज IPL में लखनऊ के इकाना क्रिकेट स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स (RR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। लखनऊ ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है। वैभव ने 236 की स्ट्राइक रेट से स्कोर किया राजस्थान के लिए खेल रहे बिहार के ओपनर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस सीजन में जबरदस्त फॉर्म में हैं। उन्होंने अब तक 7 मुकाबलों में 254 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 236.53 का रहा है, जो किसी भी गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने के लिए काफी है। IPL 2026 के 7 मैचों में उनकी पारी में 25 चौके और 20 छक्के शामिल हैं। वैभव सूर्यवंशी की बैटिंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए