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दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह में युवती का शव फंदे से लटका मिला:व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से परेशान थी; पुलिस ने मोबाइल जब्त किया

दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 30 वर्षीय युवती ने घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिजनों ने युवती को फंदे से उतारकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से थी परेशान मृतका की पहचान दीपाली (30), पिता स्वर्गीय मुन्ना लाल साहू के रूप में हुई है। भाई उमेश साहू ने पुलिस को बताया कि दीपाली का मोबाइल हैक हो गया था। व्हाट्सएप और निजी डेटा से जुड़ी इस समस्या के कारण वह पिछले तीन दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घर में अकेली पाकर लगाया फंदा घटना रविवार रात की है जब मृतका की मां मंदिर गई हुई थीं और भाई उमेश बाजार में था। जब भाई घर लौटा तो उसने बहन का शव फंदे से झूलते देखा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर हटा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू की हटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि व्हाट्सएप हैकिंग के दावों की पुष्टि हो सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी के द्वारा ब्लैकमेल या परेशान किया जा रहा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

बस 2 महीने तक बाजार में मिलती है ये हरी सब्जी, खत्म होने से पहले बना लें सेहत, विटामिन-प्रोटीन से भरपूर

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Last Updated:April 19, 2026, 23:11 IST बाकला एक मौसमी हरी सब्जी है, जो बाजार में सिर्फ फरवरी से अप्रैल तक ही ज्यादा नजर आती है. स्वाद के साथ यह प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होती है, इसलिए इसके सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. ख़बरें फटाफट बाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. बाकला एक ऐसी हरी सब्जी है, जिसका लोग पूरे साल इंतजार करते हैं क्योंकि यह हर मौसम में बाजार में नहीं मिलती. आमतौर पर बाकला सर्दियों के आखिर और गर्मियों की शुरुआत में बाजार में दिखाई देती है. भारत के कई हिस्सों में यह सब्जी फरवरी से अप्रैल तक सबसे ज्यादा मिलती है, जबकि कुछ जगहों पर जनवरी के अंत से मार्च तक भी उपलब्ध रहती है. यानी इसका सीजन बहुत छोटा होता है और करीब दो महीने तक ही यह आसानी से बाजार में नजर आती है. इसलिए जब भी इसका मौसम आए, लोग इसे खरीदकर अपनी डाइट में जरूर शामिल करते हैं. स्वाद में हल्की मीठी और पौष्टिकता में भरपूर बाकला को कई जगहों पर फावा बीन्स या ब्रॉड बीन्स के नाम से भी जाना जाता है. यह सब्जी सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. अगर आप पौष्टिक और हेल्दी चीजें खाना चाहते हैं, तो बाकला बेहतरीन विकल्प हो सकता है. मौसम बदलने के समय यह शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करती है और कमजोरी दूर रखने में भी सहायक मानी जाती है. किस महीने मिलता है बाकलाबाकला का मुख्य सीजन फरवरी, मार्च और अप्रैल माना जाता है. ठंड खत्म होने के बाद यह ताजा रूप में मंडियों और सब्जी बाजारों में नजर आने लगता है. कुछ इलाकों में जनवरी के अंत से इसकी शुरुआत हो जाती है, लेकिन ज्यादा मात्रा में यह फरवरी से मिलता है. फाइबर-प्रोटीन से भरपूर सब्जीबाकला उन लोगों के लिए शानदार विकल्प है जो शाकाहारी भोजन करते हैं. इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और ऊर्जा देने में मदद करता है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी यह फायदेमंद सब्जी मानी जाती है. इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में मदद करता है. इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है. वजन नियंत्रित रखने वालों के लिए भी यह अच्छा विकल्प माना जाता है. बाकला में आयरन और फोलेट पाए जाते हैं, जो शरीर में खून की कमी दूर करने और कमजोरी कम करने में मदद कर सकते हैं. महिलाओं और बढ़ते बच्चों के लिए यह खासतौर पर लाभकारी मानी जाती है. कैसे खाएं बाकलाबाकला को सूखी सब्जी, ग्रेवी, पुलाव, सूप या सलाद के रूप में खाया जा सकता है. कुछ लोग इसे आलू, मटर या टमाटर के साथ बनाना पसंद करते हैं. उबालकर हल्के मसालों में बनाना भी स्वादिष्ट तरीका है. खरीदते समय रखें ध्यानबाकला खरीदते समय हमेशा हरी, ताजी और मुलायम फली चुनें. ज्यादा सूखी या सख्त फली स्वाद में अच्छी नहीं होती. घर लाने के बाद इसे फ्रिज में रखकर कुछ दिनों तक ताजा रखा जा सकता है. क्योंकि बाकला सालभर नहीं मिलती, इसलिए इसके छोटे से सीजन में इसे डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए. स्वाद, पोषण और सेहत से भरपूर यह सब्जी आपके खाने का शानदार हिस्सा बन सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 19, 2026, 23:08 IST

छतरपुर के नमकीन गोदाम में भीषण आग:फायर ब्रिगेड की देरी से बढ़ा आक्रोश; 70 लाख तक का नुकसान, लोग खुद बुझाते रहे

छतरपुर के नमकीन गोदाम में भीषण आग:फायर ब्रिगेड की देरी से बढ़ा आक्रोश; 70 लाख तक का नुकसान, लोग खुद बुझाते रहे

छतरपुर में सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फिरंगी पछाड़ स्थित लक्ष्मी मंदिर के पीछे रविवार रात 8 बजे एक नमकीन गोदाम में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पूरा गोदाम इसकी चपेट में आ गया। घटना में करीब 60 से 70 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान है। गोदाम राकेश नामदेव का बताया जा रहा है। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लपटें तेजी से फैलने लगीं। फायर ब्रिगेड के देर से पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। बिना पर्याप्त संसाधनों के लोगों ने काफी देर तक आग से जूझते रहे। बताया जा रहा है कि अभी भी आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका है। चार तस्वीरों में देखिए आग… फायर ब्रिगेड की देरी पर उठे सवाल रहवासियों का आरोप है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। वह भी आधे टैंकर पानी के साथ आई, जो आग बुझाने के लिए पर्याप्त नहीं था। पानी खत्म होने के बाद फायर ब्रिगेड का वाहन वापस चला गया और लंबे समय तक लौटकर नहीं आया। इस दौरान आग और भड़क गई, जिससे नुकसान बढ़ गया। 60-70 लाख का नुकसान, प्रशासन पर नाराजगी गोदाम मालिक संतोष नामदेव और अशोक नामदेव के मुताबिक आग में नमकीन और अन्य सामान जलकर राख हो गया। उन्होंने 60 से 70 लाख रुपए के नुकसान की बात कही और प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई। घटना के दौरान कोई जिम्मेदार अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में आक्रोश है। रहवासियों ने फायर व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।

ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पत्नी से विवाद के बाद डिप्रेशन में चल रहा था युवक, मौत को लगाया गले

ग्वालियर में युवक ने फांसी लगाकर दी जान:पत्नी से विवाद के बाद डिप्रेशन में चल रहा था युवक, मौत को लगाया गले

हजीरा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना रविवार को गदाईपुरा नहर रोड की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, गदाईपुरा निवासी 28 वर्षीय मोनू उर्फ कृष्णकांत शर्मा पुत्र रामवीर शर्मा ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। घटना का पता उस समय चला, जब परिजन कमरे में पहुंचे और उसे फंदे पर लटका देखा। परिजनों ने तुरंत उसे नीचे उतारकर बिरला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया है कि मोनू का विवाह जून 2025 में हुआ था। शादी के बाद से ही उसका पत्नी से विवाद चल रहा था, जिसके चलते पत्नी अलग रह रही थी। परिजनों के अनुसार, इसी बात को लेकर वह मानसिक तनाव में था और संभवत: इसी कारण उसने यह कदम उठाया। परिजनों का कहना है कि मोनू ने अपनी मानसिक स्थिति का किसी को आभास नहीं होने दिया। हालांकि, वह वैवाहिक जीवन को लेकर परेशान जरूर था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है।

सिवनी में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर निकली वाहन रैली:पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल; जिले के आठों विकासखंडों में दिखा उत्साह

सिवनी में भगवान परशुराम जन्मोत्सव पर निकली वाहन रैली:पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा हुए शामिल; जिले के आठों विकासखंडों में दिखा उत्साह

सिवनी में रविवार को भगवान परशुराम प्राकट्य महोत्सव पर ब्राह्मण समाज ने विशाल वाहन रैली और धर्मसभा का आयोजन किया। मठ मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई इस रैली में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और पूर्व विधायक संजय शर्मा भी सम्मिलित हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस रैली का समापन डूंडासिवनी स्थित नंदकेश्वर धाम में हुआ। झांकियां रहीं आकर्षण का केंद्र, गूंजे परशुराम के जयकारे मठ मंदिर में ध्वजारोहण और पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुई रैली में भगवान परशुराम के पराक्रम को दर्शाती सुसज्जित झांकियां शामिल थीं। पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवाओं, महिलाओं और बच्चों ने उत्साह के साथ जयकारे लगाए। रैली के समापन पर नंदकेश्वर धाम मंगल भवन में विद्वान पंडितों द्वारा हवन-पूजन, आरती और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। प्रतिभाओं का सम्मान और सामाजिक एकजुटता पर जोर नंदकेश्वर धाम में आयोजित धर्मसभा के दौरान समाज के वरिष्ठजनों ने शिक्षा, संस्कृति संरक्षण और सामाजिक उत्थान के महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर समाज के प्रतिभावान छात्रों को सम्मानित किया गया और वरिष्ठ नागरिकों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में जरूरतमंदों को वस्त्र एवं महाप्रसाद का वितरण भी किया गया। जिले के आठों विकासखंडों में दिखा उत्साह भगवान परशुराम जन्मोत्सव का प्रभाव केवल शहर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, बरघाट, छपारा, कुरई और लखनादौन विकासखंडों में भी श्रद्धा और उत्साह देखा गया। इन क्षेत्रों में सुंदरकांड पाठ, भंडारे और सांस्कृतिक कार्यक्रम देर रात तक चलते रहे। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से जिले भर में सभी आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए।

खेत की झोपड़ी में लगी आग, मजदूर जिंदा जला:कांटी गांव में अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम; झोपड़ी में सो रहा था

खेत की झोपड़ी में लगी आग, मजदूर जिंदा जला:कांटी गांव में अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम; झोपड़ी में सो रहा था

दमोह जिले के कांटी गांव में रविवार शाम खेत में बनी एक झोपड़ी में आग लगने से 42 वर्षीय मजदूर जीवन विश्वकर्मा की मौत हो गई। घटना के समय वह झोपड़ी के भीतर सो रहा था। आग की लपटों में बुरी तरह घिरने के कारण वह गंभीर रूप से झुलस गया था, जिसने जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे मृतक जीवन विश्वकर्मा गांव के ही गोलू पटेल के खेत पर मजदूरी करने गया था। शाम के समय दोनों खेत पर बनी झोपड़ी में सो रहे थे, तभी अचानक अज्ञात कारणों से आग लग गई। गोलू पटेल झोपड़ी से सुरक्षित बाहर निकल गया और उसने परिजनों को घटना की सूचना दी। जब तक परिजन मौके पर पहुंचे, आग पूरी झोपड़ी को अपनी चपेट में ले चुकी थी। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम परिजनों ने झुलसी हुई अवस्था में जीवन को हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी नाजुक हालत को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। शव को फिलहाल हटा अस्पताल के फ्रीजर में रखा गया है, जिसका सोमवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। हटा पुलिस ने शुरू की जांच हटा पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना की पड़ताल शुरू कर दी है। आग लगने का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस खेत मालिक गोलू पटेल और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आग दुर्घटनावश लगी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।

जबलपुर के शहपुरा-भिटौनी में 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न:अक्षय तृतीया पर हुआ आयोजन, जेसीबी से हुई फूलों की बारिश

जबलपुर के शहपुरा-भिटौनी में 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह संपन्न:अक्षय तृतीया पर हुआ आयोजन, जेसीबी से हुई फूलों की बारिश

अक्षय तृतीया के अवसर पर शहपुरा-भिटौनी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना के तहत 200 कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इनमें 198 हिंदू कन्याओं का विवाह पंडितों द्वारा विधि-विधान से संपन्न हुआ, जबकि 2 मुस्लिम कन्याओं का निकाह मौलवी द्वारा कराया गया। दोपहर में सभी वर-वधुओं ने सात फेरे लेकर विवाह संस्कार पूरे किए। शाम को सामूहिक बारात निकाली गई, जिसके स्वागत में दो जेसीबी मशीनों से फूलों की बारिश की गई। इससे आयोजन स्थल पर उत्सव का माहौल बन गया। बरगी विधायक और जनपद सदस्यों ने द्वारचार कर बारातियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का वर्चुअल संबोधन भी हुआ। उन्होंने नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए कन्यादान के महत्व पर प्रकाश डाला और इसे दो परिवारों के साथ सात जन्मों के बंधन का प्रतीक बताया। इस अवसर पर जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने पहुंचकर नवदंपतियों को शुभकामनाएं दीं। इस सामूहिक विवाह में सामाजिक संगठनों और व्यापारियों का भी महत्वपूर्ण सहयोग रहा। क्षत्रिय सभा शहपुरा ने वधुओं को डिनर सेट भेंट किया, जबकि कृषि मंडी के व्यापारियों ने बर्तन दिए। एथेनॉल कंपनी और वेयरहाउस संचालकों ने भी उपहार प्रदान किए। विधायक ने नवविवाहितों को कुकर, बिछिया और साड़ी भेंट की। कार्यक्रम के अंत में सभी 200 वधुओं के खातों में शासन की निर्धारित राशि डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की गई।

नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसूता और अजन्मी बेटी की मौत:करेली से रेफर होकर आई थी गर्भवती; मुंह से झाग निकलने के बाद तोड़ा दम

नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसूता और अजन्मी बेटी की मौत:करेली से रेफर होकर आई थी गर्भवती; मुंह से झाग निकलने के बाद तोड़ा दम

नरसिंहपुर जिला अस्पताल में प्रसव से पहले एक 26 वर्षीय गर्भवती महिला और उसकी अजन्मी बेटी की मौत हो गई। रविवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुए पोस्टमार्टम के दौरान महिला के गर्भ से मृत नवजात बालिका को बाहर निकाला। करेली से जिला अस्पताल रेफर किया था जानकारी के मुताबिक, करेली निवासी रचना कुशवाहा (पति राजेश कुशवाहा) को शनिवार को प्रसव पीड़ा होने पर प्राथमिक उपचार के लिए करेली के शासकीय अस्पताल ले जाया गया था। वहां महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल नरसिंहपुर रेफर कर दिया। शनिवार शाम को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के कुछ देर बाद बिगड़ी हालत प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद ही रचना की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज झटके आने लगे और मुंह से झाग निकलने लगा। डॉक्टरों ने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन प्रसूता ने उपचार के दौरान ही दम तोड़ दिया। प्रसूता की मौत के साथ ही गर्भ में पल रही बच्ची की भी जान चली गई। मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुआ पीएम मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को नायब तहसीलदार की उपस्थिति में मृतका के मायके और ससुराल पक्ष के सामने पंचनामा तैयार किया गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। अस्पताल चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है। रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण डॉक्टरों ने बताया कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगी। प्रारंभिक लक्षणों के आधार पर स्थिति को समझने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपचार के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही तो नहीं हुई।

पति ने पारिवारिक कलह में घर को लगाई आग:कटनी में सिलेंडर फटा, गांव में दहशत फैली; युवक हिरासत में

पति ने पारिवारिक कलह में घर को लगाई आग:कटनी में सिलेंडर फटा, गांव में दहशत फैली; युवक हिरासत में

कटनी जिले के बड़वारा थाना क्षेत्र के विलायत कला गांव में रविवार शाम एक युवक ने पारिवारिक विवाद के बाद अपने घर में आग लगा दी। आग इतनी भीषण थी कि घर का सारा सामान जलकर खाक हो गया। इस दौरान घर में रखा रसोई गैस सिलेंडर फटने से जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, विलायत कला निवासी कौशलेंद्र का अपनी पत्नी के साथ किसी घरेलू बात को लेकर गंभीर विवाद हुआ था। विवाद बढ़ने पर पत्नी घर छोड़कर अपने मायके चली गई। पत्नी के जाने से नाराज कौशलेंद्र ने शाम के वक्त अपने सूने घर में आग लगा दी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें देखकर ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। इसी बीच, घर के अंदर रखा गैस सिलेंडर आग की तपिश से फट गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग सहम गए। गनीमत रही कि धमाके के वक्त घर के भीतर कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़वारा थाना प्रभारी केके पटेल पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों की सक्रियता और पुलिस के घंटों के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया जा सका। हालांकि, तब तक घर का अधिकांश हिस्सा और कीमती सामान जलकर राख हो चुका था। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया थाना प्रभारी केके पटेल ने बताया कि पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। आगजनी करने वाले आरोपी युवक को हिरासत में लेकर थाने लाया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद का प्रतीत हो रहा है। युवक से विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

शिवपुरी में अक्षय तृतीया से पहले दो बाल विवाह रुके:चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर कार्रवाई: विशेष निगरानी के लिए टीमें गठित

शिवपुरी में अक्षय तृतीया से पहले दो बाल विवाह रुके:चाइल्ड हेल्पलाइन की सूचना पर कार्रवाई: विशेष निगरानी के लिए टीमें गठित

शिवपुरी जिले में अक्षय तृतीया से पहले प्रशासन ने बाल विवाह रोकने के लिए सक्रियता दिखाई है। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली सूचना के आधार पर रविवार को प्रशासनिक टीम ने दो अलग-अलग गांवों में पहुंचकर दो बाल विवाह रुकवाए। दोनों ही मामलों में परिजनों को समझाइश दी गई और कम उम्र में शादी न करने का लिखित आश्वासन लिया गया। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर गठित टीम ने पहली कार्रवाई तेंदुआ थाना क्षेत्र में की। यहां एक 17 वर्षीय लड़के का विवाह तय किया गया था। जांच में पता चला कि जिस लड़की से शादी होनी थी, वह विदिशा जिले के सिरोंज क्षेत्र की निवासी है और उसकी उम्र भी 18 वर्ष से कम है। दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि होने पर मौके पर ही विवाह रुकवा दिया गया। दूसरी कार्रवाई रन्नौद थाना क्षेत्र में की गई। यहां 17 वर्ष 10 माह की एक लड़की का विवाह कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी, जिसके बाद शादी रुकवा दी गई। परिवार को समझाइश दी गई प्रशासन ने दोनों मामलों में परिजनों को बाल विवाह कानून के तहत होने वाली सजा से अवगत कराया। इसके बाद परिवारों ने निर्धारित कानूनी उम्र पूरी होने से पहले विवाह न करने का लिखित आश्वासन दिया। विदिशा जिले की टीम ने भी सिरोंज में संबंधित परिवार से संपर्क कर विवाह रोकने की कार्रवाई सुनिश्चित की। परियोजना अधिकारी अमित यादव ने बताया कि लड़का और लड़की दोनों नाबालिग पाए गए थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने जानकारी दी कि अक्षय तृतीया के दौरान जिलेभर में विवाह आयोजनों की निगरानी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे बाल विवाह कराता है तो उसके खिलाफ बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 और किशोर न्याय अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील की गई है कि बाल विवाह की सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।