ब्रेन को बनाना है सुपर शार्प, इन 5 चीजों को डाइट में मिला लीजिए, टनाटन हो जाएगी याददाश्त

Last Updated:April 15, 2026, 19:34 IST Tips to boost memory: इंसान तब तक इंसान है जब तक उसके पास बुद्धि है. अगर बुद्धि नहीं है तो वह इंसान नहीं है. इसलिए दिमाग को तेज करना जरूरी है. पर समय के साथ याददाश्त कमजोर होने लगती है. इसलिए अपनी डाइट में इन 5 चीजों को शामिल कर लेंगे तो ब्रेन पावर बेहतर हो सकता है. ब्रेन फूड. Brain Foods: कुछ लोगों का यादाश्त कमजोर होता है. यह बचपन से होता है. इसमें कुछ नहीं किया जा सकता है लेकिन अधिकांश व्यक्तियों में उम्र बढ़ने के साथ ही याददाश्त या मेमोरी पावर कमजोर होने लगता है. दरअसल, उम्र के साथ दिमाग की कोशिकाएं बूढ़ी होने लगती है. इन कोशिकाओं तक सही से ऑक्सीजन नहीं पहुंचती है.इसके साथ ही दिमाग की कोशिकाओं में समय के साथ सूजन या इंफ्लामेशन भी लगने लगता है जो दिमागी कमजोरी का बहुत बड़ा कारण है. इसक साथ ही अगर ब्लड फ्लो कमजोर हो तो भी ब्रेन की कोशिकाएं कमजोर होने लगती है. इसलिए ऐसे फूड का सेवन करना चाहिए जो ब्लड फ्लो को बढ़ाए और सूजन न होने दें. अब इन फूड के बारे में जानिए जिनसे दिमागी कोशिकाओं में सूजन में कमी आएगी. ब्रेन वाला फूड 1. हरी पत्तीदार सब्जियां-हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के मुताबिक हरी पत्तीदार सब्जियां जैसे कि पालक, कोलार्ड, ब्रोकली ब्रेन पावर के लिए महत्वपूर्ण सब्जियां हैं. इनमें विटामिन के, ल्यूटीन, फॉलेट और बीटा कैरोटीन होता है. ये फूड उम्र के साथ कम होने वाली बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है. 2. फैटी फिश-फैटी फिश जैसे कि टूना, सेलमन, कॉड, पोलाक आदि मछलियों में पर्याप्त मात्रा में ओमेगा 3 फैटी एसिड, हेल्दी अनसैचुरेटेड फैट होता है जो खून में बीटा एमायलॉयड नाम के कंपाउड का लेवल कम कर देता है. ये कंपाउड दिमाग में बौद्धिक क्षमता और याददाश्त वाली जगहों में कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए जिम्मेदार है. 3. बैरीज-बैरीज यानी ब्लूबेरी, रस्पबेरी, जामुन आदि में नेचुरल प्लांट पिगमेंट फ्लेवेनोएड पाया जाता है जो याददाश्त क्षमता बढ़ाने में सहायक है. रिसर्च में दावा किया गया है कि स्ट्रॉबेरी या ब्लूबेरी का सेवन मेमोरी को कम होने से बचाता है. 4. चाय और कॉफी-अकसर चाय और कॉफी को केवल सेहत के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन सीमित मात्रा में इनका सेवन मस्तिष्क के लिए वरदान साबित हो सकता है. जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन के शोध के अनुसार, इनमें मौजूद कैफीन मस्तिष्क के ‘न्यूरोट्रांसमीटर’ को उत्तेजित करता है, जिससे मेंटल फंक्शन अधिक सक्रिय हो जाता है. यह न केवल अलर्टनेस और एकाग्रता बढ़ाता है बल्कि याददाश्त को संचित करने की क्षमता में भी सुधार करता है. चाय में मौजूद ‘एल-थीनाइन’ तनाव कम करने और मन को शांत रखने में मदद करता है, जबकि कॉफी एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है. यदि चीनी और दूध की मात्रा संतुलित रखी जाए, तो इनका सेवन शॉर्ट-टर्म मेमोरी को बूस्ट करने और थकान मिटाने का एक प्रभावी तरीका है. ध्यान रहे, दिन भर में 2-3 कप से अधिक सेवन अनिद्रा का कारण बन सकता है. 5. अखरोट-अखरोट को ‘ब्रेन फूड’ कहना बिल्कुल सटीक है, क्योंकि इसकी बनावट ही मानवीय मस्तिष्क जैसी होती है. वेसै तो सभी सूखे मेवे स्वास्थ्य के लिए गुणकारी हैं, परंतु दिमागी विकास के मामले में अखरोट का कोई सानी नहीं है. इसमें प्रचुर मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड (अल्फा-लिनोलेनिक एसिड) पाया जाता है, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और न्यूरॉन्स के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसके अलावा, अखरोट में मौजूद उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-ई मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं. यह न केवल याददाश्त (Memory Power) को तेज करता है, बल्कि एकाग्रता बढ़ाने और तनाव को कम करने में भी अत्यंत प्रभावी माना जाता है. संतुलित मात्रा में इसका नियमित सेवन अल्जाइमर जैसी भूलने की बीमारियों से बचाव में भी सहायक हो सकता है. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 15, 2026, 19:34 IST
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: वोटर्स को धमकाने के आरोप में पूर्व टीएमसी गिरफ़्तार, बीजेपी ने की थी याचिका

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित दत्तबाद में खतरनाक खतरों के बाद चुनाव आयोग में शिकायत। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले कैथेड्रल को प्रभावित करने और प्रभावित करने की कोशिश पर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) और पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। बिधाननगर पुलिस ने बुधवार (15 अप्रैल, 2026) को विधाननगर इलाके में विधायकों को कथित रूप से ड्राने, धमाके और प्रभावित करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। वैधानिक, पूर्व पौराणिक स्मारक के खिलाफ यह कार्रवाई बिधाननगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रमुख शरदवत मुखर्जी की याचिका के बाद हुई है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, बीजेपी उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी ने मंगलवार (14 अप्रैल, 2026) को निर्मल डाटा के खिलाफ इन आरोपों के साथ चुनाव आयोग से संपर्क किया था। उन्होंने इस संबंध में विधाननगर पुलिस आयुक्त से भी किसानों और कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. इसके बाद याचिका के आधार पर अखिल भारतीय कांग्रेस के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि निर्मल सुधाकर्स की पत्नी बिधाननगर नगर निगम के वार्ड नंबर 38 से नोएडा कांग्रेस (टीएमसी) की स्थायी संस्थाएं हैं। पुरोहित में थी लोगों को धमकाने की कोशिश रिपोर्ट के मुताबिक, टीएमसी के पूर्व बाहुबली निर्मल समर्थकों की एक मीटिंग में यह कहा गया था, ‘हमें पता चलेगा कि दत्ताबाद इलाके के लोग कौन हैं और वे कहां वोट देते हैं, हमारे पास सभी के आधार कार्ड और वोटर कार्ड हैं।’ यह विवाद सोमवार (13 अप्रैल, 2026) को सॉल्ट लेक में हुई एक रैली में एक घोटाले में शामिल हुए थे, जो कि निर्मल गांधी के कथित बयान के बाद शुरू हुए, जिस पर भाजपा उम्मीदवार ने चुनाव आयोग और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। 24 घंटे के अंदर, कोर्ट ने 10 दिनों की कस्टडी में भेजा 24 घंटे के भीतर लोगों को धमकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद रविवार (15 अप्रैल, 2026) को उन्हें बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में उत्पाद शुल्क का आदेश दिया है। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: इन चार जगहों पर आज रिश्तों को बताएंगे अमित शाह, ममता बनर्जी दो रोड शो
खेत विवाद के बाद किसान का कुएं में मिला शव:भैंसों के खेत में घुसने से हुआ था विवाद, 10 अप्रैल से लापता था किसान

शिवपुरी के बैराड़ थाना क्षेत्र में खेत विवाद के बाद एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। पुलिस ने शव को कुएं से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, ग्राम टोड़ा निवासी सीताराम रावत (45) का शव बुधवार 15 अप्रैल को टोरियापुरा गांव के एक कुएं में तैरता हुआ मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकलवाया। भैंसों के खेत में घुसने से हुआ था विवाद मृतक के भाई वीरसिंह रावत ने बताया कि सीताराम बटाई पर खेती करता था। 8 अप्रैल को गांव में डेरा डाले दो लोगों की भैंसें उसके खेत में घुस गईं और भिंडी की फसल खराब कर दी, जिससे विवाद हो गया। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने नुकसान की भरपाई से इनकार कर दिया और सीताराम के साथ अभद्रता की, जिससे वह मानसिक तनाव में आ गया था। 10 अप्रैल से लापता था किसान बताया गया कि सीताराम 10 अप्रैल की रात भंडारे में जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। इसके पांच दिन बाद उसका शव कुएं में मिला। परिजनों ने आरोप लगाया है कि विवाद के चलते ही सीताराम ने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
खड़ाऊ पहनते ही क्या बदल जाता है शरीर में? साधु-संत क्यों नहीं छोड़ते इसे पहनना, जानिए इसके छुपे फायदे

Last Updated:April 15, 2026, 18:37 IST क्या आपने कभी सोचा है कि घर में थोड़ी देर के लिए खड़ाऊ पहनना भी आपके शरीर और मन पर असर डाल सकता है? लकड़ी की यह पारंपरिक चप्पल सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य और आध्यात्मिकता से जुड़ी एक प्राचीन परंपरा मानी जाती है. साधु-संतों से लेकर योग परंपरा तक, खड़ाऊ का महत्व सदियों से चला आ रहा है और आज भी इसे बेहद खास माना जाता है. व्यक्ति दिनभर जूते चप्पल तो पहनता है, लेकिन क्या आपको पता है कि घर में मात्र थोड़े समय के लिए खड़ाऊ पहनना कितना फायदेमंद होता है. आज हम आपको खड़ाऊ के फायदे बताने जा रहे हैं. खड़ाऊ (लकड़ी की चप्पल) पहनने से रक्त संचार सुधरता है, मानसिक और शारीरिक थकान दूर होती है, पाचन क्रिया बेहतर होती है, रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है और शरीर का संतुलन बनता है. यह सकारात्मक ऊर्जा को संरक्षित कर आध्यात्मिक विकास में भी मदद करती है और नकारात्मक ऊर्जा से बचाती है, क्योंकि यह जमीन के सीधे संपर्क को कम करती है. खड़ाऊ भी कई प्रकार की आती है तो आइए जानते हैं कि किस प्रकार की खड़ाऊ को आप घर में पहन सकते हैं और किस प्रकार की खड़ाऊ को साधु-संत इस्तेमाल करते हैं. 1 इंच की पावड़ी पुरुष धारण कर सकता है, 2 इंच सन्यासी धारण कर सकते हैं, 3 इंच की पावड़ी को ब्रह्मचारी धारण कर सकते हैं. हमारे बड़े-बड़े मठाधीश, बड़े-बड़े आदि गुरु, शंकराचार्य, सभी अंगूठे वाली खड़ाऊ को धारण करते हैं. जो व्यक्ति अंगूठे वाली खड़ाऊ को धारण करता है, उसे बहुत ही लाभ प्राप्त होता है. Add News18 as Preferred Source on Google उसकी तल रेखा से हृदय रेखा, मस्तिष्क रेखा, तल रेखा, भाग्य रेखा होती है, वह प्रबल हो जाती है. जबकि खड़ाऊ का चलन भगवान श्री राम के कार्यकाल से ज्यादा शुरू हुआ था. अगर आपके भी घर में खड़ाऊ नहीं है तो आप भी अपने घर में खड़ाऊ ले आएं और पूजा के समय इस्तेमाल जरूर करें. आचार्य सोमप्रकाश शास्त्री ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि खड़ाऊ शरीर की विपदाओं को दूर करती है. जब हम पढ़ते हैं तो ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं. शरीर के ऊपर बिना सिला हुआ वस्त्र पहरते हैं और नीचे लकड़ी की पावड़ी अर्थात खड़ाऊ पहनते हैं. अब यहां पर कहना चाहूंगा कि खड़ाऊ व पावड़ी कई प्रकार की होती है. वह अंगूठे की भी होती है, पट्टी वाली भी होती है, पीछे से रबड़ वाली भी होती है, लेकिन यहां पर खड़ाऊ का वर्णन है और उसके पश्चात यहां पर पावड़ी का विवरण आता है. पावड़ी एक छोटी मध्यस्थ में होती है, जिसके ऊपर रबर लगी हुई होती है और वह व्यक्ति डालकर आराम से चल सकता है. जो खड़ाऊ आती है वह हमारे गुरुजनों का एक प्रतीक माना गया है. इसकी शुरुआत रामचंद्र जी के काल से और पहले प्रारंभ हुई है, जब भरत जी ने भगवान श्री राम के चरण पादुका अपने सिर पर रखकर के 14 वर्षों तक राज्य किया था और अपने बराबर में खड़ाऊ सिंहासन पर रखा था. उन पावड़ियो को धरने से व्यक्ति में लाभान्वित होती है. पावड़ी की जो हाइट होती है, वह एक इंच होती है, जिसे नॉर्मल पुरुष धारण कर सकता है. 2 इंच खड़ाऊ सन्यासी धारण कर सकते हैं, 3 इंच की जो पावड़ी होती है, वह ब्रह्मचारी धारण कर सकते हैं. First Published : April 15, 2026, 18:37 IST
सिंगरौली में चलती बाइक में लगी आग, VIDEO:पूरी बाइक जलकर खाक; राइडर ने कूदकर बचाई जान; शिवधाम मंदिर के सामने हादसा

सिंगरौली के बैढ़न कोतवाली थाना क्षेत्र में शिवधाम मंदिर के सामने एक चलती पल्सर बाइक में अचानक आग लग गई। बाइक चालक चाचर निवासी कृष्णा प्रसाद शाह ने तुरंत कूदकर अपनी जान बचाई। बच्चों से मिलने हॉस्टल जा रहे थे बाइक सवार कृष्णा प्रसाद शाह बैढ़न के रैन बसेरा में कार्यरत हैं। घटना के समय वह बच्चों से मिलने हॉस्टल जा रहे थे। यात्रा के दौरान अचानक बाइक से धुआं उठने लगा, और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। कुछ ही पलों में पूरी बाइक आग की चपेट में आकर जलने लगी। मौके पर जलकर राख हुई बाइक घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने का तत्काल कोई प्रयास नहीं किया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन मोटरसाइकिल पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दौसा में सिलिकोसिस का कहर, ऑक्सीजन के सहारे जिंदगी! – News18 हिंदी

X सांसों पर है गहरा संकट: दौसा में सिलिकोसिस का कहर, ऑक्सीजन के सहारे जिंदगी! Silicosis Patient In Dausa District : दौसा जिले से एक ऐसी सच्चाई सामने आ रही है, जो अंदर तक झकझोर देती है. यहां हजारों लोग सिलिकोसिस जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, लेकिन उनकी पीड़ा अब भी अनसुनी है. यह बीमारी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर देती है और जब तक इसका पता चलता है, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. मानपुर क्षेत्र के एक पीड़ित घनश्याम योगी पिछले चार साल से इस बीमारी से लड़ रहे हैं. हालात इतने खराब हो चुके हैं कि अब वे पूरी तरह ऑक्सीजन पर निर्भर हैं. परिवार के लिए हर दिन 800 से 1000 रुपये का खर्च उठाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है. उनकी पत्नी बताती हैं कि आर्थिक तंगी के बीच इलाज और ऑक्सीजन की व्यवस्था करना बेहद मुश्किल हो गया है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि कई मरीजों को अब तक सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाया है. कार्ड न बनने और सहायता न मिलने से हालात और गंभीर हो रहे हैं. यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की है, जो हर दिन सांस लेने के लिए संघर्ष कर रहे हैं और राहत की उम्मीद में सिस्टम की ओर देख रहे हैं.
चुकंदर दही सलाद रेसिपी: गर्मी के मौसम में घर पर बनाएं चुकंदर और दही का दही, स्वादानुसार खाएं और खाएं फिट; नोट करें रेसिपी

15 अप्रैल 2026 को 17:10 IST पर अपडेट किया गया चुकंदर दही का सलाद: अगर आप त्वचा की चमक और फिटनेस दोनों चाहते हैं, तो इस दही को सप्ताह में 3-4 बार जरूर शामिल करें। यह शरीर के अंदर से डिटॉक्स करने में भी मदद करता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)चुकंदर दही का सलाद(टी)चुकंदर दही का सलाद कैसे बनाएं(टी)चुकंदर दही का सलाद(टी)सलाद रेसिपी(टी)चुकंदर सलाद(टी)चुकंदर दही सलाद(टी)चुकंदर दही सलाद
Cold In Summer: गर्मियों में बहती-बंद नाक से परेशान? डॉ. से जानें गर्मी में सर्दी होने का कारण, बचाव के उपाय

Last Updated:April 15, 2026, 16:48 IST Garmi Me Jukam Hone Ka Karan: सर्दियों के मौसम में जुकाम बहुत कॉमन प्रॉब्लम है. लेकिन क्या आप गर्मी के दिनों में भी बहती और बंद नाक से परेशान रहते हैं? यदि हां तो ये लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. जनरल फिजिशियन डॉ. प्रतीक कुमार ने बताया कि इससे बचाव और इलाज के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काफी मददगार हो सकते हैं. जुकाम से राहत के लिए क्या करना चलिए यहां जानते हैं. Garmi Me Jukam Ka Karan: गर्मियों का मौसम आमतौर पर गर्मी, पसीना और डिहाइड्रेशन से जुड़ा होता है. इस मौसम में जहां लोग लू के शिकार होते हैं, वहीं, कुछ लोगों में बंद नाक, बार-बार छींक आना, नाक बहना, गले में खराश, हल्का बुखार जैसे जुकाम के लक्षण भी नजर आते हैं. यह सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इसके पीछे कई सामान्य कारण होते हैं. डॉ. प्रतीक कुमार, जनरल फिजिशियन, मैकक्योर एंड आस्था हॉस्पिटल, दिल्ली बताते हैं कि गर्मी में जुकाम होने का सबसे बड़ा कारण है बार-बार तापमान में बदलाव. तेज धूप से आने के बाद तुरंत एयर कंडीशनर या कूलर के सामने बैठना शरीर के तापमान को अचानक बदल देता है, जिससे इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है और वायरस आसानी से शरीर पर हमला कर सकते हैं. इसके अलावा, ठंडे पेय पदार्थों का अधिक सेवन, पसीने में भीगकर बैठना, और गीले बालों के साथ ठंडी हवा में रहना भी सर्दी का कारण बन सकता है. गर्मी में वायरस इंफेक्शन का लक्षण- जुकाम गर्मियों में होने वाली सर्दी का एक और कारण वायरल इंफेक्शन होता है. कई वायरस जैसे राइनोवायरस इस मौसम में भी एक्टिव रहते हैं. बंद जगहों में ज्यादा समय बिताना, जैसे ऑफिस या मॉल, जहां एयर कंडीशनिंग चलती रहती है, वहां वायरस के फैलने की संभावना बढ़ जाती है. साथ ही, शरीर में पानी की कमी भी इम्यूनिटी को कमजोर करती है, जिससे सर्दी-जुकाम होने का खतरा बढ़ जाता है. जुकाम के लिए घरेलू उपायइससे बचाव और इलाज के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय काफी मददगार हो सकते हैं. सबसे जरूरी है शरीर को हाइड्रेट रखना—पर्याप्त पानी, नारियल पानी और ताजे फलों का सेवन करें. गुनगुने पानी से गरारे करना गले की खराश में राहत देता है. भाप लेना नाक बंद होने और कफ निकालने में मदद करता है. इसके साथ ही हल्दी वाला दूध या अदरक-तुलसी की चाय इम्यूनिटी बढ़ाने और संक्रमण से लड़ने में सहायक होती है. इसके अलावा ठंडी चीजों का सेवन कम करें और पसीने में भीगे कपड़े तुरंत बदलें. डॉक्टर से कब मिलेंहालांकि ज्यादातर मामलों में गर्मियों की सर्दी कुछ दिनों में ठीक हो जाती है, लेकिन कुछ संकेत ऐसे होते हैं जिन पर ध्यान देना जरूरी है. यदि सर्दी 7–10 दिनों से ज्यादा बनी रहे, तेज बुखार आए, सांस लेने में तकलीफ हो, छाती में दर्द महसूस हो या गाढ़ा पीला/हरा कफ निकल रहा हो, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए. छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रसित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 15, 2026, 16:48 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
रामायण के पहले पार्ट में नहीं होगा राम-रावण का टकराव:रावण का रोल निभा रहे यश बोले- पहले पार्ट में रणबीर के साथ मेरा कोई सीन नहीं

नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायण ’ में रावण का किरदार निभा रहे एक्टर यश ने खुलासा किया है कि फिल्म के पहले पार्ट में उनका और राम बने रणबीर कपूर का कोई भी सीन साथ में नहीं होगा। यश ने बताया कि पहले पार्ट में दोनों किरदारों को उनके अपने-अपने राज्यों में दिखाया जाएगा, इसलिए पर्दे पर कोई फेस-ऑफ (आमना-सामना) नहीं होगा। रावण का अपना साम्राज्य होगा, राम का अपना हाल ही में यश और फिल्म के प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ‘रामायण ‘ के प्रमोशन के लिए सिनेमाकॉन इवेंट में शामिल हुए। वहां यश से पूछा गया कि रणबीर कपूर के साथ स्क्रीन शेयर करने का अनुभव कैसा रहा। इस पर यश ने साफ कर दिया कि फिलहाल फैंस को दोनों को एक साथ देखने के लिए इंतजार करना होगा। उन्होंने कहा कि चूंकि यह दो पार्ट वाली फिल्म है, इसलिए पहले पार्ट में रावण का अपना साम्राज्य होगा और राम का अपना। रणबीर के साथ तालमेल पर क्या बोले यश भले ही दोनों ने पहले पार्ट में साथ में स्क्रीन शेयर न की हो, लेकिन यश ने रणबीर कपूर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, रणबीर एक शानदार एक्टर हैं। हम कई बार मिल चुके हैं और हमारे बीच गहरा आपसी सम्मान है। जब आप रामायण जैसी किसी बड़ी और असाधारण फिल्म पर काम करते हैं, तो सबका लक्ष्य एक ही होता है- कहानी को बेहतरीन तरीके से पेश करना। हमारी सोच मिलती-जुलती है, इसलिए तालमेल बिठाने में कोई दिक्कत नहीं आई। दो हिस्सों में आएगी फिल्म रिपोर्ट्स के मुताबिक, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ एक बड़े स्तर पर बनाई जा रही फ्रैंचाइजी होगी। इसे दो भागों में रिलीज किया जाएगा। फिल्म का पहला हिस्सा दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं, कहानी का दूसरा और अंतिम भाग अगले साल दिवाली 2027 में रिलीज करने की योजना है। फिल्म ‘रामायण’ से जुड़ी अहम बातें-
गुरुग्राम लैंड स्कैम केस में रॉबर्ट वाड्रा को समन:राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई, सभी 9 आरोपियों को 16 मई को पेश होने का आदेश

हरियाणा के गुरुग्राम के शिकोहपुर लैंड स्कैम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कोर्ट ने रॉबर्ट वाड्रा समेत 9 आरोपियों के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी को समन जारी किया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि वाड्रा सहित सभी आरोपी 16 मई को अदालत में पेश हों। इस केस में वाड्रा के साथ हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी आरोपी हैं। उन पर आरोप है कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने वाड्रा की कंपनी को मुनाफा पहुंचाया। वाड्रा केस से जुड़ा पूरा मामला विस्तार से पढ़ें.. 2008 में हुआ जमीन का सौदा फरवरी 2008 में रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से गुरुग्राम के शिकोहपुर गांव में 3.5 एकड़ जमीन 7.5 करोड़ रुपए में खरीदी थी। उसी साल, तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अगुआई वाली हरियाणा सरकार ने इस जमीन पर 2.7 एकड़ के लिए व्यवसायिक कॉलोनी विकसित करने का लाइसेंस दिया। इसके बाद कॉलोनी बनाने की जगह स्काईलाइट कंपनी ने इस जमीन को DLF को 58 करोड़ रुपए में बेच दिया, जिससे लगभग 50 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ। IAS अधिकारी ने म्यूटेशन रद्द किया 2012 में, तत्कालीन हरियाणा सरकार के भूमि रजिस्ट्रेशन निदेशक अशोक खेमका ने इस सौदे में अनियमितताओं का हवाला देते हुए जमीन के म्यूटेशन (स्वामित्व हस्तांतरण) को रद्द कर दिया। खेमका ने दावा किया था कि स्काईलाइट को लाइसेंस देने की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ, और सौदा संदिग्ध था। इसके बाद, उनका तबादला कर दिया गया, जिससे यह मामला और विवादास्पद हो गया। 2018 में दर्ज की गई FIR साल 2018 में हरियाणा पुलिस ने रॉबर्ट वाड्रा, भूपेंद्र हुड्डा, DLF, और ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज के खिलाफ एक शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की थी। जिसमें धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के आरोप में IPC की धारा 420, 120, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में IPC की धारा 423 के तहत नए आरोप जोड़े गए थे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर ये आरोप जमीन की यह डील जब हुई, उस समय हरियाणा में कांग्रेस की सरकार थी और भूपेंद्र सिंह हुड्डा मुख्यमंत्री थे। जमीन खरीदने के करीब एक महीने बाद हुड्डा सरकार ने वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को इस जमीन पर आवासीय परियोजना विकसित करने की परमिशन दे दी। आवासीय परियोजना का लाइसेंस मिलने के बाद जमीन के दाम बढ़ जाते हैं। लाइसेंस मिलने के मुश्किल से 2 महीने बाद ही, जून 2008 में, डीएलएफ वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी से यह जमीन 58 करोड़ में खरीदने को तैयार हो जाती है। यानी मुश्किल से 4 महीने में 700 प्रतिशत से ज्यादा का मुनाफा वाड्रा की कंपनी को होता है। 2012 में हुड्डा सरकार कॉलोनी बनाने वाले लाइसेंस को DLF को ट्रांसफर कर देती है। ED ने FIR के आधार पर जांच शुरू की इसके बाद ईडी ने संदेह जताया कि इस सौदे में मनी लॉन्ड्रिंग हुई, क्योंकि जमीन की कीमत कुछ ही महीनों में असामान्य रूप से बढ़ गई। इसके अलावा यह भी संदेह जताया कि ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज एक फर्जी कंपनी थी। उसे सौदे में भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया। जमीन की खरीद से जुड़ा चेक कभी जमा नहीं किया गया। ईडी ने 2018 में हरियाणा पुलिस की FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। यह जांच स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की वित्तीय गतिविधियों और सौदे से प्राप्त आय पर केंद्रित है। ED को संदेह, DLF को हुआ 5 हजार करोड़ का फायदा ईडी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी की वित्तीय लेनदेन, जमीन की खरीद-बिक्री, और DLF के साथ सौदे की जांच कर रही है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस सौदे से प्राप्त आय का उपयोग अवैध गतिविधियों में किया गया। आरोप है कि DLF को इस सौदे में फायदा पहुंचाने के लिए हुड्डा सरकार ने नियमों का उल्लंघन किया। इसमें वजीराबाद में DLF को 350 एकड़ जमीन आवंटन का भी जिक्र है, जिससे डीएलएफ को कथित तौर पर 5,000 करोड़ रुपए का फायदा हुआ। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं….







