बार-बार क्यों होता है पेशाब में इंफेक्शन? डॉक्टर अमरेंद्र पाठक से जानें UTI के लक्षण और ट्रीटमेंट

Recurring UTI Causes and Symptoms: बार-बार होने वाला यूटीआई एक ऐसी स्थिति है जिसमें मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया बार-बार संक्रमण पैदा करते हैं, जिससे पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना, बदबू और पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. इसका मुख्य कारण बैक्टीरिया का मूत्र मार्ग में पहुंचना होता है, जो अक्सर कम पानी पीने, पेशाब रोकने की आदत, साफ-सफाई की कमी, कमजोर इम्यूनिटी, डायबिटीज, हार्मोनल बदलाव या गलत जीवनशैली के कारण दोबारा सक्रिय हो जाता है, जबकि महिलाओं में यूरिनरी ट्रैक्ट छोटा होने की वजह से संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है. गंगाराम हॉस्पिटल के सीनियर यूरोलॉजिस्ट डॉ. अमरेंद्र पाठक ने अपने यूट्यूब वीडियो में इससे जुड़ी जरूरी जानकारी शेयर की है.
होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

हॉर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़ी जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत अब अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में ज्यादा आसानी से आने-जाने की इजाजत मिल गई है। इसे आधिकारिक तौर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह डील ऐसे समय हुई है जब US ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज में नाकाबंदी शुरू कर दी है। इसके बाद तेल सप्लाई लगभग ठहर गई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका ने मलक्का स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए यह करार किया है। होर्मुज के बाद मलक्का पर फोकस मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यह वही रास्ता है जो हिंद महासागर को पूर्वी एशिया से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से करीब 40% वैश्विक व्यापार और लगभग 30% तेल सप्लाई गुजरती है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। फिलिप चैनल पर इसकी चौड़ाई 3 किलोमीटर है, जो इसे बड़ा बॉटलनेक बनाती है। यह होर्मुज से करीब नौ गुना ज्यादा संकरा है। मलक्का स्ट्रेट पर इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर का कंट्रोल है। इस रास्ते से दुनिया का बहुत बड़ा व्यापार गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में कोई भी हलचल सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है। US-इंडोनेशिया डील के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक में बड़े समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट्स और पूर्व सैनिकों ने कहा है कि दुनिया के चोकपॉइंट्स पर US अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी अगर हॉर्मुज को तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता माना जाता है, तो मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। हाल के समय में समुद्री टैक्स और नियमों को लेकर भी बहस तेज हुई है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में अमेरिका की बढ़ती गतिविधियां यह दिखाती हैं कि वह अब एक साथ कई अहम समुद्री रास्तों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज पर अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी शुरू:ट्रम्प की धमकी- इसके पास आए ईरानी जहाज तबाह करेंगे, ईरान बोला- भारत से कोई टोल नहीं लिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई है। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल होगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं, यानी तेजी और सख्ती से। पूरी खबर पढ़ें…
होर्मुज के बाद अब ट्रम्प की मलक्का स्ट्रेट पर नजर:इंडोनेशिया से रक्षा करार किया, अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशियाई इलाके में जाने की इजाजत

हॉर्मुज स्ट्रेट में इस समय हालात काफी तनाव भरे हैं। अमेरिका वहां ईरान से जुड़ी जहाजों की गतिविधियों पर सख्ती कर रहा है। इसी बीच अमेरिका और इंडोनेशिया के बीच 13 अप्रैल को एक नया रक्षा समझौता हुआ है। इस समझौते के तहत अब अमेरिकी सैन्य विमानों को इंडोनेशिया के हवाई क्षेत्र में ज्यादा आसानी से आने-जाने की इजाजत मिल गई है। इसे आधिकारिक तौर पर दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का कदम बताया जा रहा है, लेकिन इसकी टाइमिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यह डील ऐसे समय हुई है जब US ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए होर्मुज में नाकाबंदी शुरू कर दी है। इसके बाद तेल सप्लाई लगभग ठहर गई और कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिका ने मलक्का स्ट्रेट पर नजर रखने के लिए यह करार किया है। होर्मुज के बाद मलक्का पर फोकस मलक्का स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यह वही रास्ता है जो हिंद महासागर को पूर्वी एशिया से जोड़ता है और दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्तों में से एक है। यहां से करीब 40% वैश्विक व्यापार और लगभग 30% तेल सप्लाई गुजरती है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे खास बनाती है। फिलिप चैनल पर इसकी चौड़ाई 3 किलोमीटर है, जो इसे बड़ा बॉटलनेक बनाती है। यह होर्मुज से करीब नौ गुना ज्यादा संकरा है। मलक्का स्ट्रेट पर इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर का कंट्रोल है। इस रास्ते से दुनिया का बहुत बड़ा व्यापार गुजरता है। यही वजह है कि इस इलाके में कोई भी हलचल सीधे तौर पर वैश्विक व्यापार को प्रभावित कर सकती है। US-इंडोनेशिया डील के बाद एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिका इंडो-पैसिफिक में बड़े समुद्री रास्तों को सुरक्षित करने की रणनीति पर काम कर रहा है। अमेरिकी एक्सपर्ट्स और पूर्व सैनिकों ने कहा है कि दुनिया के चोकपॉइंट्स पर US अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। चीन के लिए सबसे बड़ी कमजोरी अगर हॉर्मुज को तेल की सप्लाई का मुख्य रास्ता माना जाता है, तो मलक्का को पूरी दुनिया के ट्रेड की लाइफलाइन कहा जा सकता है। यहां से तेल के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनें और बाकी सामान भी बड़ी मात्रा में एक जगह से दूसरी जगह पहुंचते हैं। चीन के लिए तो मलक्का को सबसे बड़ी रणनीतिक कमजोरी माना जाता है। चीन के करीब 80% तेल आयात इसी रास्ते से आते हैं। ये इंडस्ट्रियल इकॉनमी और एक्सपोर्ट सिस्टम के लिए बेहद जरूरी है। इसी वजह से चीन लंबे समय से इस पर अपनी निर्भरता को एक कमजोरी मानता है। यही कारण है कि पूर्व चीनी राष्ट्रपति हू जिंताओ ने इसे ‘मलक्का डिलेमा’ कहा था। हाल में चीन ने इलाके के आसपास समुद्री मैपिंग और मॉनिटरिंग गतिविधियां बढ़ाई हैं। भारत के लिए क्यों अहम है मलक्का मलक्का स्ट्रेट भारत के लिए भी उतना ही अहम है। देश का करीब 55% व्यापार इसी रास्ते और सिंगापुर क्षेत्र से होकर गुजरता है। भारत की भौगोलिक स्थिति उसे इस इलाके में रणनीतिक बढ़त देती है। अंडमान और निकोबार आइलैंड्स इस स्ट्रेट के पश्चिमी मुहाने के पास हैं, जहां से पोर्ट ब्लेयर से 24 घंटे में पहुंचा जा सकता है। भारत का INS बाज एयर स्टेशन, जो कैंपबेल बे में है, इस इलाके की निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह भारत को समुद्री ट्रैफिक पर नजर रखने की ताकत देता है। क्या US-भारत सहयोग बढ़ सकता है एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका मलक्का में अपनी भूमिका बढ़ाता है, तो भारत की भागीदारी अहम हो सकती है। सिंगापुर ने पहली बार मलक्का स्ट्रेट पेट्रोल में भारत की दिलचस्पी को औपचारिक तौर पर माना है। इससे संकेत मिलता है कि क्षेत्रीय सहयोग बढ़ सकता है। हालांकि, मलक्का स्ट्रेट में अमेरिका के लिए सब कुछ आसान नहीं होगा। इंडोनेशिया और मलेशिया इस इलाके को लेकर काफी संवेदनशील रहते हैं और अपनी संप्रभुता को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहते। सिंगापुर का हिस्सा छोटा जरूर है, लेकिन वैश्विक शिपिंग में उसकी भूमिका बहुत बड़ी है। उसका पोर्ट और समुद्री सेवाएं उसकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, इसलिए वह इस रास्ते में किसी भी तरह की अस्थिरता नहीं चाहता। हाल के समय में समुद्री टैक्स और नियमों को लेकर भी बहस तेज हुई है, जिससे दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों की चिंता बढ़ी है। ऐसे माहौल में अमेरिका की बढ़ती गतिविधियां यह दिखाती हैं कि वह अब एक साथ कई अहम समुद्री रास्तों पर अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। ———————— ये खबर भी पढ़ें… होर्मुज पर अमेरिकी नेवी की नाकाबंदी शुरू:ट्रम्प की धमकी- इसके पास आए ईरानी जहाज तबाह करेंगे, ईरान बोला- भारत से कोई टोल नहीं लिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री नाकाबंदी शुरू हो गई है। यह फैसला आज शाम 7:30 बजे (अमेरिकी समयानुसार सुबह 10 बजे) से लागू हुआ। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगर कोई भी ईरानी जहाज अमेरिकी नाकाबंदी के पास आता है, तो उसे तुरंत खत्म कर दिया जाएगा। इसके लिए वही तरीका इस्तेमाल होगा, जिससे समुद्र में ड्रग तस्करों के जहाज रोके जाते हैं, यानी तेजी और सख्ती से। पूरी खबर पढ़ें…
पुणे गई सास के घर का ताला तोड़ घुसी बहू:कब्जे की कोशिश का आरोप, इंदौर लौटने पर घर में घुसने नहीं दिया

इंदौर के लसूड़िया थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद के बीच मकान पर कब्जा करने की कोशिश का मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग महिला ने अपनी बहू, उसके पिता और अन्य साथियों पर घर का ताला तोड़कर जबरन घुसने का आरोप लगाया है। आरोप है कि बहू अब सास को ही घर में प्रवेश नहीं करने दे रही है। पुलिस के मुताबिक सिल्वर पार्क कॉलोनी निवासी 62 वर्षीय शीला शर्मा ने बताया कि उनका बेटा आशीष साल 2020 से बेंगलुरु में निजी नौकरी कर रहा है और वह इंदौर स्थित मकान में अकेली रहती थीं। हाल ही में उनकी छोटी बेटी दीपिका के यहां पुणे में बच्चा हुआ था, जिसके चलते वह कुछ दिनों के लिए पुणे गई हुई थीं। महिला का आरोप बिना जानकारी घर में घुसे इसी दौरान 22 मार्च 2026 को सुबह करीब 11:30 बजे उनकी बहू आरती शर्मा अपने पिता बादशाह बरुआ और दो अन्य लोगों के साथ घर पहुंची। आरोप है कि सभी ने मिलकर मकान का ताला तोड़ दिया और बिना अनुमति घर के अंदर घुस गए। महिला का कहना है कि आरोपियों का मकसद मकान पर कब्जा करना था। उन्होंने बताया कि उनके बेटे और बहू के बीच पहले से ही दहेज प्रताड़ना, भरण-पोषण और तलाक से जुड़े मामले कोर्ट में लंबित हैं। इसी पारिवारिक विवाद के चलते इस घटना को अंजाम दिया गया। दूसरे के घर में रहने को मजबूर घटना की जानकारी मिलने के बाद शीला शर्मा इंदौर लौटीं और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि अब बहू उन्हें घर में घुसने नहीं दे रही, जिसके कारण वह अपनी एक सहेली के यहां रह रही हैं। पुलिस ने आरती शर्मा, उसके पिता और अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला आरक्षण को लेकर विपक्ष की मीटिंग:राहुल-खड़गे मौजूद, कल संसद में पेश होगा; लोकसभा सीटें 850 करने का प्रस्ताव

केंद्र सरकार के महिला आरक्षण बिल को लेकर विपक्ष ने बुधवार को मीटिंग की। यह मीटिंग दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के घर पर आयोजित की गई। जिसमें राहुल गांधी भी शामिल हुए। मीटिंग में शिवसेना (यूबीटी), एनसीपी (शरद गुट) और AAP नेता भी शामिल हुए। सरकार ने 2029 के लोकसभा चुनावों से महिला आरक्षण अधिनियम लागू करने के लिए लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा है। 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। सरकार 16, 17 और 18 अप्रैल को संसद के विशेष सत्र में 2029 से लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान संशोधन विधेयक लाने की योजना बना रही है। पीएम मोदी 17 अप्रैल को बहस का जवाब दे सकते हैं। इन बदलावों को 2029 के आम चुनाव से लागू करने की योजना है। हालांकि इस पर विरोध भी शुरू हो गया है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर कहा कि दक्षिणी राज्यों को सीटें बढ़ाना मंजूर नहीं। बिल पर विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं परिसीमन प्रक्रिया पर BRS पार्टी का रुख एकदम साफ और मजबूत है। हमारे कार्यकारी अध्यक्ष, KTR, 2022 से लगातार यह कहते आ रहे हैं कि इस पूरी प्रक्रिया में दक्षिण भारतीय राज्यों के हितों की रक्षा की जानी चाहिए। फिलहाल, संसद में दक्षिण भारतीय राज्यों का प्रतिनिधित्व 24% है। TVK अध्यक्ष विजय ने कहा, “परिसीमन केंद्र सरकार की तरफ से उठाया गया एक पक्षपातपूर्ण कदम है। हमारी पार्टी विधेयक का स्वागत करती है जो महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान करता है। इसके अलावा ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ पारित हो जाता है तो दक्षिणी और उत्तरी राज्यों के बीच प्रतिनिधित्व में आनुपातिक अंतर काफी बढ़ जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल- सरकार यह सब 2029 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने के उद्देश्य से कर रही है। अगर सरकार महिलाओं को 33% आरक्षण देना चाहती है, तो मौजूदा 543 सीटों में ही यह लागू किया जा सकता है। सीटों के पुनर्वितरण से उत्तर भारत को ज्यादा फायदा होगा। तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी- संसद में जो 3 बिल लाए जाने हैं, उनको लेकर भ्रम फैलाया जा रहा है। कांग्रेस का रुख स्पष्ट है। वह महिला आरक्षण बिल का समर्थन करती है, लेकिन जनसंख्या के आधार पर लोकसभा सीटों को 850 तक बढ़ाने के प्रस्ताव दक्षिणी राज्यों के लिए स्वीकार्य नहीं है। यह देश के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। मल्लिकार्जुन खड़गे- कांग्रेस महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। सरकार इसे राजनीतिक कारणों से आगे बढ़ा रही है। केसी वेणुगोपाल- महिला आरक्षण की आड़ में गलत डिलिमिटेशन लाया जा रहा है। यह संघीय ढांचे के खिलाफ है। शशि थरूर- डिलिमिटेशन से पहले सभी राज्यों और पार्टियों से चर्चा होनी चाहिए। जल्दबाजी देश के संघीय ढांचे के लिए ठीक नहीं है। किरण रिजिजू- किसी भी पार्टी ने महिला आरक्षण बिल का विरोध नहीं किया है। कुछ बयान सिर्फ राजनीतिक मकसद से दिए जा रहे हैं। महिला आरक्षण में अब और देरी नहीं होनी चाहिए। 40 साल इंतजार के बाद इसे जल्द लागू करना जरूरी है। एकनाथ शिंदे- शिवसेना महिला आरक्षण बिल का पूरा समर्थन करती है। इसे 2029 से पहले लागू किया जाना चाहिए। सवाल- जवाब में जानिए, इस बदलाव को 1. सीटें कितने बढ़ेंगी: लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 हो जाएंगी। राज्यों में 815 व केंद्र शासित क्षेत्रों के लिए 35 सीटें। इस बदलाव का असर राज्यसभा और देश की सभी विधानसभाओं पर भी होगा। यहां भी सीटें की संख्या बदल जाएंगी। 2. महिला आरक्षण कितने साल के लिए होगा : कुल सीटों में से 33% यानी 273 महिलाओं के लिए आरक्षित हो सकती हैं। महिलाओं के लिए यह आरक्षण 15 साल के लिए होगा। यानी 2029, 2034 और 2039 के लोकसभा चुनावों तक। इसके बाद इसे बढ़ाने का फैसला संसद करेगी। आरक्षित सीटें हर चुनाव में बदलती रहेंगी, ताकि महिलाओं का हर जगह प्रतिनिधित्व मिल सके। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए भी आरक्षण शामिल होगा। ये आरक्षित सीटें अलग-अलग क्षेत्रों में रोटेशन के आधार पर तय की जाएंगी। 3. आरक्षण कैसे होगा: परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। 4. संसद में महिलाओं की अभी क्या स्थिति है: 4. परिसीमन में क्या होगा: अभी तक सीटों का आधार 1971 की जनगणना थी, जो 2026 तक के लिए मान्य थी। परिसीमन कब होगा और किस जनगणना (जैसे 2011 या 2027) के आधार पर होगा, यह संविधान की जगह संसद एक साधारण कानून बनाकर तय कर सकेगी। सरकार इसमें बदलाव कर रही है। इसके लिए जनसंख्या (आबादी) की परिभाषा को बदला जाएगा है। इससे संसद को यह तय करने का अधिकार मिलता है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के लिए किस डेटा को आधार बनाया जाए। इसके लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई है। संविधान में संशोधन कर सरकार परिसीमन आयोग बनाएगी। अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान या पूर्व जज होंगे। आयोग सभी निर्वाचन क्षेत्र (लोकसभा सीटें) दोबारा तय करेगा। आयोग का निर्णय अंतिम होगा। इसके फैसले को कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते। 5. क्या सरकार लोकसभा में बिल पास करा पाएगी: संविधान संशोधन पारित कराने के लिए सरकार को बैक-चैनल बातचीत करनी होगी। भारतीय संविधान के ऑर्टिकल 368 के तहत, संविधान में संशोधन के लिए संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत जरूरी होता है। कुल सदस्यों का बहुमत (50% से अधिक) और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत। लोकसभा की वर्तमान संख्या 540 (कुल 543 में से) है। 3 सीटें खाली हैं। यदि सभी सांसद उपस्थित होकर मतदान करते हैं, तो कम से कम 360 सांसदों (दो तिहाई) को इसके पक्ष में वोट देना होगा। वर्तमान में, भाजपा-नेतृत्व वाले नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) के पास 292 सांसद हैं, जबकि INDIA (विपक्ष) के पास 233 सांसद हैं। 15 सांसद किसी गठबंधन के साथ नहीं हैं। यूपी में सबसे ज्यादा 40 सीटें बढ़ सकती है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला आरक्षण के बाद यूपी में सबसे ज्यादा 40 लोकसभा सीटें बढ़ सकती है। यहां 80 से बढ़कर 120 हो जाएंगी। महाराष्ट्र में महिलाओं के लिए 24 सीटें
चलती ट्रेन में फायरिंग, 2 कर्मचारियों से 7 लाख लूटे:रामपुर में रफ्तार धीमी पड़ते ही कूदकर भागे; पीड़ित दिल्ली जा रहे थे

यूपी के रामपुर में बुधवार सुबह 10 बजे चलती संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में दो बदमाशों ने तमंचा और पिस्टल दिखकर दो कर्मचारियों से 7 लाख रुपए लूट लिए। पीड़ित उत्तराखंड के रहने वाले हैं। वे कारोबारी की दुकान के लिए ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। आरोप है कि बदमाश पहले से ही ट्रेन में सवार थे। ट्रेन जैसे ही बिलासपुर के नजदीक धीमी हुई, बदमाशों ने दोनों कर्मचारियों को घेर लिया। उन्होंने दोनों कर्मचारियों को गन प्वाइंट पर लिया और उनसे लगभग 7 लाख रुपए लूट लिए। आरोप है कि भागते समय बदमाशों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। इसके बाद बदमाश चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। यह घटना बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र में हुई। 2 फोटो देखिए… व्यापार मंडल बोला- आरपीएफ जल्दी कार्रवाई करें घटना की सूचना मिलते ही रुद्रपुर रेलवे स्टेशन पर व्यापारियों की भीड़ जमा हो गई। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल ने पीड़ितों से मुलाकात की। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में व्यापारियों ने आरपीएफ से मिलकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बदमाशों की तलाश में आसपास के क्षेत्रों में लगातार दबिश दी जा रही है। अब सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए पूरी खबर… सुबह दिल्ली के लिए रवाना हुए थे ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर की सिंह कॉलोनी स्थित जपनीत ऑटो के कर्मचारी रितिक मंडल और साहिब सिंह ऑटोमोबाइल का सामान खरीदने दिल्ली जा रहे थे। दोनों बुधवार सुबह रुद्रपुर रेलवे स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्हें दिल्ली से ऑटोमोबाइल का सामान खरीदना था, जिसके लिए वे नकदी लेकर जा रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से दोनों कर्मचारियों ने 7 लाख की नकदी अपनी कमर में बेल्ट के जरिए बांध रखी थी। आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को पहले से ही इस बड़ी रकम की भनक लग गई थी और वे रेकी करते हुए उसी ट्रेन में सवार हो गए। जैसे ही संपर्क क्रांति एक्सप्रेस उत्तर प्रदेश के बिलासपुर रोड स्टेशन के नजदीक पहुंची, ट्रेन की रफ्तार धीमी हो गई। इसी दौरान तीन बदमाशों ने रितिक और साहिब सिंह को घेर लिया। बदमाशों ने उनके सिर पर तमंचा और पिस्टल तान दी, जिससे कर्मचारी बुरी तरह दहशत में आ गए। चलती ट्रेन से छलांग लगाई मौत का डर दिखाकर बदमाशों ने कर्मचारियों की कमर से नोटों से भरी बेल्ट छीन ली। वारदात को अंजाम देने के बाद, बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग की और चलती ट्रेन से छलांग लगाकर भाग गए। घटना के बाद पूरी ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। लूट की खबर मिलते ही रुद्रपुर के व्यापारियों में भारी रोष फैल गया। व्यापार मंडल अध्यक्ष संजय जुनेजा के नेतृत्व में दर्जनों व्यापारी रेलवे स्टेशन पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए। व्यापारियों ने आरपीएफ चौकी प्रभारी संतोष कुमार मीणा से मुलाकात कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की। घटना की सूचना पर रुद्रपुर और रामपुर की जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) और आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पीड़ितों से पूछताछ की, घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के जंगलों में तलाशी अभियान चलाया, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं मिला। जीआरपी प्रभारी ईश्वर चंद ने बताया, मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं। आरपीएफ अधिकारी शिखा मलिक ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की है। पुलिस फिलहाल सीसीटीवी फुटेज और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आरपीएफ चौकी प्रभारी के मुताबिक, पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। बिलासपुर रोड रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस को शक है कि यह किसी ‘इनसाइडर’ की टिप हो सकती है, क्योंकि बदमाशों को सटीक पता था कि पैसा कहां छिपाया गया है। —————— ये खबर भी पढ़ें… आशुतोष महाराज ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को अपशब्द कहे:लिखा- ब्राह्मणों का अपमान किया..बदला लूंगा, लखनऊ में तहरीर दी आशुतोष ब्रह्मचारी ने डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को लेकर फेसबुक पर अपशब्द लिखे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री के खिलाफ लखनऊ पुलिस से शिकायत की है। शंकराचार्य पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज बुधवार को हजरतगंज कोतवाली पहुंचे। पढ़ें पूरी खबर…
बड़वानी की महक गोले को प्रदेश में छठवीं रैंक:10वीं में 98.8 प्रतिशत अंक किए हासिल; पिता बनाते हैं मटके, अब IAS बनना लक्ष्य

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के बुधवार को घोषित 10वीं कक्षा के परिणाम में अंजड़ की छात्रा महक गोले ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। छात्रा महक ने 500 में से 494 अंक हासिल कर प्रदेश की मेरिट सूची में छठवीं रैंक बनाई है। जिले के लिए यह इस सत्र की सबसे बड़ी शैक्षणिक उपलब्धि है। मटके बनाने वाले की बेटी ने किया कमाल महक के पिता बलिराम गोले कुम्हार समाज से हैं और मटके बनाने का कार्य करते हैं। महक ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के कड़े संघर्ष और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। बलिराम की तीन बेटियां हैं, जिनमें महक और उसकी जुड़वां बहन पल्लवी दोनों ने इस वर्ष 10वीं की परीक्षा दी है। यूपीएससी पास कर आईएएस बनने का लक्ष्य परीक्षा परिणाम के बाद महक गोले ने भविष्य की योजनाओं पर चर्चा करते हुए बताया कि वह संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण करना चाहती हैं। उनका लक्ष्य एक आईएएस अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। उन्होंने बताया कि पिता को दिन-रात मेहनत करते देख उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिली। स्कूल स्टाफ ने मिठाई खिलाकर दी बधाई सफलता की सूचना मिलते ही स्कूल के स्टाफ ने महक को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। बड़वानी जिले से प्रदेश की टॉप-10 सूची में नाम आने पर स्कूल प्रबंधन और स्थानीय नागरिकों ने हर्ष व्यक्त किया है। पिता बलिराम गोले ने अपनी बेटियों की शिक्षा के लिए निरंतर सहयोग जारी रखने की बात कही है।
कांग्रेस ने ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ पर अब्दुल जब्बार को निलंबित किया; उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने जल्दबाजी में काम किया’ | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:15 अप्रैल, 2026, 14:05 IST दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में कथित पार्टी विरोधी गतिविधि के लिए कांग्रेस एमएलसी अब्दुल जब्बार को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। कांग्रेस ने ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ पर अब्दुल जब्बार को निलंबित किया; उन्होंने कहा, ‘आदेश की समीक्षा के बाद जवाब देंगे’ हाल ही में दावणगेरे दक्षिण विधानसभा उपचुनाव के दौरान कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अब्दुल जब्बार को कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया है। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से की गई। जब्बार, जिन्होंने पहले केपीसीसी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था, दावणगेरे से कांग्रेस के टिकट के दावेदार भी थे। उन पर उपचुनाव के दौरान पार्टी के चुने हुए उम्मीदवार शमनूर समर्थ के खिलाफ काम करने का आरोप है। ऐसे भी आरोप थे कि उन्होंने निर्वाचन क्षेत्र में एक एसडीपीआई उम्मीदवार का समर्थन किया, जिससे पार्टी के भीतर चिंताएं बढ़ गईं। केपीसीसी द्वारा आधिकारिक बयान एक प्रेस विज्ञप्ति में, कर्नाटक के डिप्टी सीएम और केपीसीसी अध्यक्ष डीके शिवकुमार के कार्यालय ने कहा कि विधान परिषद के सदस्य अब्दुल जब्बार को दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव में उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निलंबित कर दिया गया है। बयान में पुष्टि की गई कि निर्णय तुरंत प्रभावी होगा। जब्बार के निलंबन के साथ-साथ डीके शिवकुमार ने उनके नेतृत्व में गठित सभी अल्पसंख्यक समितियों को भी भंग कर दिया है। यह कदम केपीसीसी अल्पसंख्यक विंग प्रमुख के पद से उनके हालिया इस्तीफे के बाद उठाया गया है। राजनीतिक नतीजा उपचुनाव के दौरान पार्टी के भीतर आंतरिक असहमति के मद्देनजर यह घटनाक्रम सामने आया है। आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ काम करने और प्रतिद्वंद्वी का समर्थन करने के आरोपों के कारण सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जब्बार के बाहर निकलने के बाद पार्टी नेतृत्व इस मुद्दे को सुलझाने और अल्पसंख्यक विंग संरचना को पुनर्गठित करने के लिए तेजी से आगे बढ़ा है। जब्बार की प्रतिक्रिया निलंबन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, अब्दुल जब्बार ने कहा कि वह कोई भी विस्तृत प्रतिक्रिया देने से पहले आदेश की समीक्षा करेंगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने उन्हें निलंबित किया है, उन्होंने कारण बताए होंगे और वह पार्टी और मीडिया दोनों को जवाब देने से पहले उनकी जांच करेंगे। उन्होंने किसी भी चुनावी झटके के सुझाव को खारिज कर दिया, यह कहते हुए कि कांग्रेस के हारने का कोई सवाल ही नहीं है और विश्वास व्यक्त किया कि पार्टी जीतेगी। उम्मीदवार चयन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इसे एक नाम तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए और याद दिलाया कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक के दौरान एक परिवार को तरजीह देने के बजाय कुरुबा समुदाय को टिकट देने की मांग की गई थी. जब्बार ने यह भी कहा कि उन्हें नहीं पता कि पार्टी ने जल्दबाजी क्यों की. उन्होंने कहा कि वह इस पर टिप्पणी नहीं करेंगे कि इस फैसले के पीछे कौन हो सकता है, यह देखते हुए कि पार्टी ने उन्हें पद और सम्मान दिया है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक पत्र मिलने के बाद वह इसका पूरा जवाब देंगे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 15 अप्रैल, 2026, 14:02 IST समाचार राजनीति कांग्रेस ने ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ पर अब्दुल जब्बार को निलंबित किया; उन्होंने कहा, ‘पार्टी ने जल्दबाजी में काम किया’ अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अब्दुल जब्बार निलंबन(टी)अब्दुल जब्बार कांग्रेस(टी)केपीसीसी अनुशासनात्मक कार्रवाई(टी)दावणगेरे दक्षिण उपचुनाव(टी)डीके शिवकुमार केपीसीसी(टी)कांग्रेस आंतरिक संघर्ष(टी)अल्पसंख्यक विंग विघटन(टी)एसडीपीआई समर्थन आरोप
अमरावती में लव ट्रैप में फंसाकर 180 लड़कियों का शोषण:350 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले, आरोपी गिरफ्तार, प्रशासन ने घर पर बुलडोजर चलाया

महाराष्ट्र में अमरावती जिले के परवाड़ा में 180 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण के मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से सात दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। आरोपी के पास 350 से ज्यादा अश्लील वीडियो मिले हैं जिनसे वह लड़कियों को ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने बुधवार को परतवाड़ा में मोहम्मद अयाज के घर बुलडोजर चलाया। आरोपी के तीन साथियों को भी गिरफ्तार किया गया है। लड़कियों को मुंबई और पुणे ले जाकर अश्लील वीडियो बनाए पुलिस के मुताबिक, आरोपी लड़कियों को “लव ट्रैप” में फंसाता था, उन्हें मुंबई और पुणे ले जाकर उनके अश्लील वीडियो बनाता था। इन वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल कर देह व्यापार के लिए मजबूर करता था। राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने ग्रामीण एसपी विशाल आनंद को ज्ञापन देकर मामले की जांच के लिए SIT बनाने की मांग भी की थी। शिकायत में बताया गया है कि आरोपी व्हाट्सएप और स्नैपचैट ग्रुप के जरिए नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था। वह उन्हें प्यार के जाल में फंसाकर अपने साथ ले जाता और फिर उनका शोषण करता था। बताया गया है कि वीडियो की जांच साइबर सेल को अब पुलिस यह जांच कर रही है कि ये वीडियो आरोपी ने अपने दोस्तों या किसी संगठित गिरोह के साथ शेयर किए थे या नहीं। इसी बीच, पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इस डिवाइस में कई आपत्तिजनक वीडियो मिले हैं, जिनकी जांच साइबर सेल की मदद से की जा रही है। इस मामले में स्थानीय मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग भी थाने पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों से पूरे समुदाय की छवि खराब होती है, इसलिए कड़ी कार्रवाई जरूरी है। आरोपी AIMIM में भी रहा वहीं, आरोपी का संबंध सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से भी बताया जा रहा है। उसके सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो और फोटो में वह पार्टी के कार्यक्रमों में नजर आता है और अमरावती के अध्यक्ष हाजी इरफान खान से पत्र लेते हुए दिखता है। हालांकि, मामला सामने आने के बाद उसके इंस्टाग्राम अकाउंट से कई वीडियो हटा दिए गए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह अभी साफ नहीं है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। ———————- ये खबर भी बने: टाटा सन्स चेयरमैन बोले- नासिक की घटना परेशान करने वाली:सीनियर अफसर से जांच करा रहे, TCS कैंपस में यौन उत्पीड़न, जबरन धर्म परिवर्तन के आरोप हैं टाटा सन्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने TCS नासिक में लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों को गंभीर और परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीनियर अफसर से कराई जा रही है और दोषियों पर सख्त एक्शन लेंगे। रविवार को अपनी पहली प्रतिक्रिया में कंपनी ने कहा था कि कंपनी में किसी भी तरह के उत्पीड़न के लिए ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति है। जैसे ही उसे मामले की जानकारी मिली, उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
जबलपुर में सुसाइड प्वाइंट पर पुलिस तैनात:10वीं-12वीं का आया रिजल्ट, टीचर बोले-परीक्षा का दूसरा अवसर मिलेगा; घबराकर गलत निर्णय न लें

मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपी बोर्ड) ने बुधवार को हाईस्कूल और हायर सेकंडरी का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में सफल होने वाले विद्यार्थी जहां खुश हैं, तो असफल रहे विद्यार्थी दुखी। ऐसे में टीचर और परिवार उन्हें मोटिवेट कर रहे हैं। उन्हें बताया जा रहा है कि शासन परीक्षा देने का दूसरा मौका भी दे रहा है। उधर, जबलपुर पुलिस ने अहतियाती कदम उठाते हुए तिलवाराघाट, बरगी डैम, भेड़ाघाट और गौरीघाट पर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। इन स्थानों पर पूरी नजर रखी जा रही है। दरअसल, ऐसे में सुसाइड केस बढ़ जाते हैं। पिछले सालों में ऐसी घटनाएं देखने को मिली हैं। असफल हुए हैं तो घबराएं नहीं जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने सफल हुए छात्र-छात्राओं को बधाई दी है। साथ ही असफल छात्र-छात्राओं से कहा है कि यह घबराने का नहीं, बल्कि और मेहनत करने का समय है। वे कहते हैं कि शासन परीक्षा का दूसरा मौका दे रहा है। आप अपनी मेहनत से इस परिणाम को बदल सकते हैं। इसलिए दृढ इच्छाशक्ति के साथ फिर से परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं और परिणाम को बदलकर दिखाएं। हतोत्साहित न हों विद्यार्थी मॉडल हाईस्कूल की प्रिंसिपल डॉ. अर्चना ने दैनिक भास्कर से बात करते हुए कहा कि परीक्षा छात्रों के लिए निश्चित रूप से ऐसा समय होता है, जब सफल न होने पर वे हतोत्साहित हो जाते हैं, लेकिन अब हतोत्साहित होने की जरूरत नहीं है। शासन ने दूसरा मौका देने का निर्णय लिया है, जो छात्र असफल हुए हैं, उन्हें उम्मीद से अच्छा परिणाम लाने का एक और मौका और समय मिल रहा है। वे सब कुछ भूलकर परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं। डॉ. अर्चना ने बताया कि मॉडल हाईस्कूल में दसवीं में दो बच्चे स्टेट मेरिट में आए हैं, जबकि 12वीं क्लास में चार बच्चों ने प्रदेश की टॉप टेन में जगह हासिल की है। जबलपुर के मॉडल हाईस्कूल में पढ़ने वाली दसवीं कक्षा की छात्रा सिया जैन ने चौथे नंबर की रैंक हासिल की है। उन्होंने अपने साथी छात्र-छात्राओं से अपील की है कि परीक्षा परिणाम विपरीत आने पर बिल्कुल भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। हो सकता है कि हमारी मेहनत में कुछ कमी रह गई हो, लेकिन उसके लिए फिर से मौका मिलेगा। क्योंकि लाइफ एक बार ही मिलती है, लेकिन पढ़ाई के लिए मौके कई बार मिलते हैं।







