Thursday, 08 Oct 2026 | 03:39 AM

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वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

वन अमले पर हमला, दो महिला समेत 10 पर केस:खंडवा के जंगल में अतिक्रमण रोकने पहुंचे चौकीदार से की थी मारपीट

खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में जंगल की भूमि पर अतिक्रमण को लेकर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई। सोमवार को भिलाईखेड़ा बीट के आमाखुजरी टांडा में अतिक्रमणकारियों ने जंगल की जमीन पर हल चलाकर खेती की तैयारी शुरू कर दी थी। इस दौरान वन विभाग की टीम ने कार्रवाई की तो आरोपियों ने एकजुट होकर वन अमले के साथ झूमाझपटी की और चौकीदार से मारपीट की थी। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया हैं। वनपाल अंतरसिंह बघेल (44), निवासी गुड़ी वन परिक्षेत्र की शिकायत पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं में FIR दर्ज की है। पुलिस ने रमेश, इंदर सिंह, सुरसिंह, भुवानसिंह, बुचा, गंगाराम, गणपत, सूरज, रामसिंह की पत्नी, गोरेलाल की पत्नी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 191(2), 190, 189(2), 132, 351(3) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। चौकीदार पर हमला, कपड़े फाड़े कार्रवाई के दौरान अतिक्रमणकारियों ने चौकीदार रामदास को घेर लिया और उसके साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने उसके कपड़े फाड़ दिए, गला दबाया और नाखूनों से हमला कर घायल कर दिया। साथ ही दोबारा कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी दी। महिलाओं ने किया हंगामा, बनाया दबाव वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं ने हंगामा करते हुए खुद के कपड़े फाड़ लिए, ताकि वन अमले पर दबाव बनाया जा सके। हालांकि, पूरे घटनाक्रम का वीडियो वन कर्मचारियों ने अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया है। बाहरी जिलों से पहुंचे अतिक्रमणकारी वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में अतिक्रमणकारी बड़वानी, खरगोन और बुरहानपुर जिलों से आकर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। अतिक्रमण में मुआसिंह और उसके परिवार के सदस्यों की भूमिका सामने आई है। विभाग के मुताबिक, इनके पट्टे करीब दो महीने पहले निरस्त कर दिए गए थे और बेदखली के आदेश भी जारी हो चुके हैं। मुआसिंह पर पहले से आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं और जिलाबदर की कार्रवाई भी लंबित है। पेड़ काटे, दोबारा कब्जा करने की कोशिश अतिक्रमणकारियों ने करीब 3 हेक्टेयर क्षेत्र में बबूल के पेड़ काट दिए, जहां पहले बीजारोपण किया गया था। वहीं आमाखुजरी क्षेत्र की करीब 250 हेक्टेयर वनभूमि में से लगभग 50 हेक्टेयर पर दोबारा अवैध कब्जा कर बोवनी की तैयारी की जा रही है।

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। दोनों सिंगर्स के भाई और म्यूजिक डायरेक्टर हृदयनाथ मंगेशकर ने सोमवार को यह जानकारी दी। हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनका जन्म पुणे में हुआ और उनकी मां और लता मंगेशकर ने इसी शहर में गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले परिवार और डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस समय यह पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने निर्णय लिया कि अस्पताल लता मंगेशकर के नाम पर बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। 16 तारीख के दिन इसके मुहूर्त की योजना थी, लेकिन इसी बीच अचानक आशा भोसले का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार ने तय किया है कि अस्पताल लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के नाम पर बनाया जाएगा। हम इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को सिंगर आशा भोसले का राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की 6 तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

लता मंगेशकर-आशा भोसले की याद में बनेगा अस्पताल:भाई हृदयनाथ बोले- पुणे में एशिया का सबसे बड़ा हॉस्पिटल बनाने की कोशिश कर रहे हैं

सिंगर लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। दोनों सिंगर्स के भाई और म्यूजिक डायरेक्टर हृदयनाथ मंगेशकर ने सोमवार को यह जानकारी दी। हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुणे में उनकी मां और लता मंगेशकर ने गरीबों की सेवा के लिए अस्पताल बनाने का सपना देखा था। उन्होंने बताया कि करीब 25 साल पहले परिवार और डॉक्टरों ने इस अस्पताल को बनाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उस समय यह पूरा नहीं हो सका। हृदयनाथ ने कहा कि बाद में परिवार ने फैसला लिया था कि अस्पताल लता मंगेशकर के नाम पर बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू कर दी गई थीं। 16 तारीख के दिन इसके मुहूर्त की योजना थी, लेकिन इसी बीच अचानक आशा भोसले का निधन हो गया। उन्होंने कहा कि अब परिवार ने तय किया है कि अस्पताल लता मंगेशकर और आशा भोसले दोनों के नाम पर बनाया जाएगा। वो इसे एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आशा भोसले का निधन आशा भोसले का रविवार को 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। सोमवार को उनका राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार हुआ। उन्हें महाराष्ट्र पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। अंतिम संस्कार में आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक, शान समेत कई सेलेब्स श्रद्धांजलि देने पहुंचे। देखें आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तस्वीरें- आशा भोसले के घर कई सेलेब्स पहुंचे शिवाजी पार्क श्मशान घाट में अंतिम संस्कार से पहले सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए मुंबई स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में रखा गया। सचिन तेंदुलकर, रणवीर सिंह, जैकी श्रॉफ, रितेश देशमुख सहित कई सेलेब्स अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। देखें अंतिम दर्शन के दौरान की तस्वीरें-

गोदरेज ग्रुप के नए चेयरपर्सन बनेंगे पिरोजशा, नादिर छोड़ेंगे कमान:नोटबंदी में एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला; हिलेरी क्लिंटन के साथ की थी इंटर्नशिप

गोदरेज ग्रुप के नए चेयरपर्सन बनेंगे पिरोजशा, नादिर छोड़ेंगे कमान:नोटबंदी में एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला; हिलेरी क्लिंटन के साथ की थी इंटर्नशिप

127 साल पुराने गोदरेज ग्रुप ने अपनी उत्तराधिकार योजना का औपचारिक ऐलान कर दिया है। समूह के मौजूदा चेयरमैन नादिर गोदरेज अगले साल अगस्त 2026 में अपने पद से रिटायर होंगे। उनकी जगह उनके बड़े भाई आदि गोदरेज के बेटे पिरोजशा गोदरेज (45) समूह की कमान संभालेंगे। पिरोजशा 14 अगस्त 2026 से ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह’ और ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के चेयरपर्सन का पद संभालेंगे। यह बदलाव समूह की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने और भविष्य के रणनीतिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रिटायरमेंट के बाद चेयरमैन एमेरिटस रहेंगे नादिर समूह के वर्तमान चेयरमैन नादिर गोदरेज जब अगस्त 2026 में रिटायर होंगे, तब उनकी उम्र 75 वर्ष होगी। रिटायरमेंट के बाद वे पूरी तरह से कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि ‘चेयरमैन एमेरिटस’ की भूमिका में रहकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके कार्यकाल में समूह ने कई नए मुकाम हासिल किए हैं, और अब पिरोजशा इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे। पिरोजशा फिलहाल समूह के प्रॉपर्टीज, कैपिटल और वेंचर्स बिजनेस के चेयरपर्सन के रूप में काम देख रहे हैं। पिरोजशा का सफर: 40 करोड़ की बिक्री को 30 हजार करोड़ पहुंचाया व्हार्टन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शिक्षित पिरोजशा ने साल 2004 में ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। नोटबंदी के समय एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला पिरोजशा की दूरदर्शिता का सबसे चर्चित उदाहरण 2016 की नोटबंदी के दौरान देखने को मिला था। जब पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी छाई थी और नकद लेनदेन बंद होने से हड़कंप मचा था, उस वक्त उन्होंने ग्रेटर नोएडा के एक प्रोजेक्ट में एक ही दिन में 300 करोड़ रुपए के विला बेच दिए थे। उन्होंने साबित किया कि जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो ग्राहक केवल भरोसेमंद और पारदर्शी ब्रांड्स की ओर ही रुख करते हैं। वह दिन कंपनी के इतिहास में ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ था। हिलेरी क्लिंटन के साथ इंटर्नशिप की बहुत कम लोग जानते हैं कि पिरोजशा 20 साल की उम्र में राजनीति में करियर बनाना चाहते थे। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान वे जॉर्ज बुश और अल गोर के चुनावी मुकाबले से काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के न्यूयॉर्क सीनेट कार्यालय में इंटर्नशिप भी की और दिल्ली में विदेश राज्य मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में काम किया। हालांकि, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं पर अच्छी पकड़ न होने के कारण उन्होंने बिजनेस की दुनिया को ही अपना कार्यक्षेत्र चुना। बुर्जिस गोदरेज को मिली ‘एग्रोवेट’ की बड़ी जिम्मेदारी इस उत्तराधिकार योजना में नादिर गोदरेज के बेटे बुर्जिस (35) को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। स्टैनफर्ड और हार्वर्ड से पढ़े बुर्जिस ‘गोदरेज एग्रोवेट’ के नए चेयरपर्सन बनेंगे। उन्होंने 2017 में एग्रोवेट के स्ट्रैटेजी डिवीजन से शुरुआत की थी और एस्टेक लाइफसाइंसेज के एमडी के रूप में कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले गए। अब वे समूह के कृषि-कारोबार को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ाएंगे। 1.56 लाख करोड़ का विशाल नेटवर्थ गोदरेज परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 1.56 लाख करोड़ रुपए है। समूह का कारोबार साबुन और कंज्यूमर गुड्स से लेकर रियल एस्टेट, कृषि और केमिकल तक फैला हुआ है। पिरोजशा और बुर्जिस का नेतृत्व यह तय करेगा कि समूह आने वाले दशकों में डिजिटल और टेक-आधारित मार्केट में कैसे खुद को स्थापित रखता है।

गोदरेज ग्रुप के नए चेयरपर्सन बनेंगे पिरोजशा, नादिर छोड़ेंगे कमान:नोटबंदी में एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला; हिलेरी क्लिंटन के साथ की थी इंटर्नशिप

गोदरेज ग्रुप के नए चेयरपर्सन बनेंगे पिरोजशा, नादिर छोड़ेंगे कमान:नोटबंदी में एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला; हिलेरी क्लिंटन के साथ की थी इंटर्नशिप

127 साल पुराने गोदरेज ग्रुप ने अपनी उत्तराधिकार योजना का औपचारिक ऐलान कर दिया है। समूह के मौजूदा चेयरमैन नादिर गोदरेज अगले साल अगस्त 2026 में अपने पद से रिटायर होंगे। उनकी जगह उनके बड़े भाई आदि गोदरेज के बेटे पिरोजशा गोदरेज (45) समूह की कमान संभालेंगे। पिरोजशा 14 अगस्त 2026 से ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज समूह’ और ‘गोदरेज इंडस्ट्रीज लिमिटेड’ के चेयरपर्सन का पद संभालेंगे। यह बदलाव समूह की नई पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने और भविष्य के रणनीतिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। रिटायरमेंट के बाद चेयरमैन एमेरिटस रहेंगे नादिर समूह के वर्तमान चेयरमैन नादिर गोदरेज जब अगस्त 2026 में रिटायर होंगे, तब उनकी उम्र 75 वर्ष होगी। रिटायरमेंट के बाद वे पूरी तरह से कंपनी से अलग नहीं होंगे, बल्कि ‘चेयरमैन एमेरिटस’ की भूमिका में रहकर नई पीढ़ी का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उनके कार्यकाल में समूह ने कई नए मुकाम हासिल किए हैं, और अब पिरोजशा इस विरासत को आगे बढ़ाएंगे। पिरोजशा फिलहाल समूह के प्रॉपर्टीज, कैपिटल और वेंचर्स बिजनेस के चेयरपर्सन के रूप में काम देख रहे हैं। पिरोजशा का सफर: 40 करोड़ की बिक्री को 30 हजार करोड़ पहुंचाया व्हार्टन और कोलंबिया यूनिवर्सिटी से शिक्षित पिरोजशा ने साल 2004 में ‘गोदरेज प्रॉपर्टीज’ से अपने करियर की शुरुआत की थी। नोटबंदी के समय एक दिन में बेचे थे 300 करोड़ के विला पिरोजशा की दूरदर्शिता का सबसे चर्चित उदाहरण 2016 की नोटबंदी के दौरान देखने को मिला था। जब पूरे रियल एस्टेट सेक्टर में मंदी छाई थी और नकद लेनदेन बंद होने से हड़कंप मचा था, उस वक्त उन्होंने ग्रेटर नोएडा के एक प्रोजेक्ट में एक ही दिन में 300 करोड़ रुपए के विला बेच दिए थे। उन्होंने साबित किया कि जब बाजार में अनिश्चितता होती है, तो ग्राहक केवल भरोसेमंद और पारदर्शी ब्रांड्स की ओर ही रुख करते हैं। वह दिन कंपनी के इतिहास में ‘गेमचेंजर’ साबित हुआ था। हिलेरी क्लिंटन के साथ इंटर्नशिप की बहुत कम लोग जानते हैं कि पिरोजशा 20 साल की उम्र में राजनीति में करियर बनाना चाहते थे। अमेरिका में पढ़ाई के दौरान वे जॉर्ज बुश और अल गोर के चुनावी मुकाबले से काफी प्रभावित हुए थे। उन्होंने हिलेरी क्लिंटन के न्यूयॉर्क सीनेट कार्यालय में इंटर्नशिप भी की और दिल्ली में विदेश राज्य मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव के रूप में काम किया। हालांकि, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं पर अच्छी पकड़ न होने के कारण उन्होंने बिजनेस की दुनिया को ही अपना कार्यक्षेत्र चुना। बुर्जिस गोदरेज को मिली ‘एग्रोवेट’ की बड़ी जिम्मेदारी इस उत्तराधिकार योजना में नादिर गोदरेज के बेटे बुर्जिस (35) को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। स्टैनफर्ड और हार्वर्ड से पढ़े बुर्जिस ‘गोदरेज एग्रोवेट’ के नए चेयरपर्सन बनेंगे। उन्होंने 2017 में एग्रोवेट के स्ट्रैटेजी डिवीजन से शुरुआत की थी और एस्टेक लाइफसाइंसेज के एमडी के रूप में कंपनी को नई ऊंचाइयों पर ले गए। अब वे समूह के कृषि-कारोबार को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से आगे बढ़ाएंगे। 1.56 लाख करोड़ का विशाल नेटवर्थ गोदरेज परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 1.56 लाख करोड़ रुपए है। समूह का कारोबार साबुन और कंज्यूमर गुड्स से लेकर रियल एस्टेट, कृषि और केमिकल तक फैला हुआ है। पिरोजशा और बुर्जिस का नेतृत्व यह तय करेगा कि समूह आने वाले दशकों में डिजिटल और टेक-आधारित मार्केट में कैसे खुद को स्थापित रखता है।

कलेक्टर रात में वेयरहाउस पहुंचे, ताला खुलवाया:फसल तुलाई रुकने पर कलेक्टर की फटकार; बोले- किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा

कलेक्टर रात में वेयरहाउस पहुंचे, ताला खुलवाया:फसल तुलाई रुकने पर कलेक्टर की फटकार; बोले- किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा

अशोकनगर जिले के सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर 8 अप्रैल से किसानों की फसल तुलाई बंद होने की सूचना पर कलेक्टर साकेत मालवीय सोमवार रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां पहुंचते ही अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल वेयरहाउस का ताला खुलवाया। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद प्रशासन तुलाई का काम सुनिश्चित करने में जुटा हुआ है। गौरतलब है कि इससे पहले तुलाई रुकने से नाराज होकर किसानों ने चक्काजाम भी किया था, जिसे अधिकारियों के समझाने पर हटाया गया था। बोले- मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा? कलेक्टर ने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि समिति प्रबंधक नहीं है, तो क्या किसानों की फसल नहीं तोली जाएगी? जिला अधिकारी होने के नाते उन्हें तुलाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा, “आप डिस्ट्रिक्ट ऑफिसर हो, मुंशी न होने की स्थिति में तुलाई शुरू नहीं कर पा रहे। मुंशी नहीं होगा तो क्या काम नहीं होगा?” कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि किसान अपनी फसल लेकर खड़े रहेंगे और अधिकारी चैन से सोएंगे, ऐसा बिल्कुल नहीं होगा। अधिकारियों से पूछा- दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, जानकारी क्यों नहीं थी मौके पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचे कलेक्टर मालवीय ने जवाब मांगा कि दिनभर से तोल नहीं हो रही थी, इसकी जानकारी उन्हें क्यों नहीं थी और तुलाई का काम शुरू क्यों नहीं कर पाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसानों को तुलाई में जितनी देर होगी, अधिकारियों को भी उतनी ही रात भर जागना पड़ेगा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, “किसान जगेगा तो सबको जागना पड़ेगा।” 8 अप्रैल से बंद थी तुलाई, किसानों ने किया था चक्काजाम दरअसल, सिजावट गांव स्थित अमल वेयरहाउस पर समिति प्रबंधक द्वारा 8 अप्रैल से किसानों की फसल की तुलाई रोक दी गई थी। लगातार कई दिनों से तुलाई न होने के कारण किसानों में भारी आक्रोश था और इसी से नाराज होकर उन्होंने चक्काजाम कर दिया था। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों के हस्तक्षेप और समझाने के बाद चक्काजाम हटाया गया था, जिसके बाद सोमवार रात खुद कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।

जबलपुर में अवैध स्क्रैपिंग गिरोह पकड़ा, 2 गिरफ्तार:क्राइम ब्रांच की रेड में वाहन काटकर बना रहे थे स्क्रैप, गैराज से कटी कार और स्क्रैप जब्त

जबलपुर में अवैध स्क्रैपिंग गिरोह पकड़ा, 2 गिरफ्तार:क्राइम ब्रांच की रेड में वाहन काटकर बना रहे थे स्क्रैप, गैराज से कटी कार और स्क्रैप जब्त

जबलपुर में क्राइम ब्रांच और अधारताल थाना पुलिस ने अवैध रूप से वाहनों की स्क्रैपिंग करने वाले गिरोह पर संयुक्त कार्रवाई की है। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि खजरी खिरिया इलाके में एक गैराज में बिना वैध दस्तावेज के वाहनों को काटकर स्क्रैप बनाया जा रहा है। इसके बाद टीम ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान एक वाहन (DL-1 LR 9698) में स्क्रैप लोड मिला। वहीं एक इंडिका विस्टा कार (MP 20 CC 7962) आधी कटी हालत में मिली, जिसका इंजन बाहर निकाला गया था। स्क्रैप और वाहन जब्त, केस दर्ज पुलिस ने मौके से तीन वाहनों का स्क्रैप, एक आधी कटी कार, इंजन और अन्य पुर्जे जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(1), 61(2) और मध्यप्रदेश मोटर कराधान अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जांच में सामने आया कि अरबाज (26) वाहनों की व्यवस्था करता था, जबकि आरिफ उन्हें काटकर स्क्रैप बनाता था। दोनों मिलकर अवैध रूप से मुनाफा कमा रहे थे। कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमरे और क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी शैलेष मिश्रा के नेतृत्व में टीम की अहम भूमिका रही। बिना दस्तावेज काटे जा रहे थे वाहन गैराज संचालक शेख आरिफ (37) ने पूछताछ में बताया कि उसने MP 20 CA 6862, MP 20 FA 6828 और MP 20 F 6243 नंबर के वाहनों को काटकर स्क्रैप तैयार किया था। जब पुलिस ने वैध दस्तावेज और आरटीओ अनुमति मांगी, तो आरोपी कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सके।

सारा अली खान ने उत्तराखंड में की ट्रैकिंग:तीन दिन तक 18km पैदल चली, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी खाई

सारा अली खान ने उत्तराखंड में की ट्रैकिंग:तीन दिन तक 18km पैदल चली, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी खाई

सारा अली खान तीन दिन के लिए उत्तराखंड में ट्रैकिंग के लिए पहुंचीं। इस दौरान वे टिहरी में 18 किलोमीटर पैदल चलीं। उन्होंने पंवाली कांठा बुग्याल में ट्रैकिंग कर बर्फबारी और पहाड़ी की खूबसूरत वादियों का दीदार किया। इस दौरान सारा ने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताकर वहां के पहाड़ी खाना भी खाया। वह यहां तीन दिन रुकीं। स्काईहाइक कंपनी के ट्रैकर कुलदीप रावत ने बताया कि सारा अली खान टिहरी के घुत्तू क्षेत्र पहुंचीं। उन्होंने ग्वाणा गांव से लगभग 18 किलोमीटर लंबे पैदल ट्रैक की शुरुआत की। यह ट्रैक प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच से होकर गुजरता है। ट्रैक के दौरान सारा ने दोफन नामक स्थान पर रात्रि विश्राम किया। यहां होटल या रेस्टोरेंट जैसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है, इसके बावजूद सारा ने बर्फबारी के बीच टेंट में रुककर रात बिताई। सारा ने लाल चावल, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी खाई अगले दिन सुबह वह पंवाली कांठा बुग्याल पहुंचीं, जहां इन दिनों ताजा बर्फबारी के कारण पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढका हुआ है। उन्होंने बुग्यालों की मनमोहक वादियों और बर्फीले नजारों के बीच काफी समय बिताया। देर शाम वह दोफन वापस लौटीं और अगले दिन घुत्तू के लिए रवाना हो गईं। वे शनिवार को आई थीं और सोमवार शाम को वापस लौट गईं। ट्रैक के दौरान सारा अली खान ने स्थानीय लोगों के साथ समय बिताया और पहाड़ी व्यंजनों जैसे लाल चावल, मंडवे की रोटी और लिंगड़ी की सब्जी का स्वाद भी लिया। ट्रैकर्स से बातचीत में उन्होंने कहा कि यह स्थान बेहद खूबसूरत है। यहां आकर उन्हें बहुत सुकून मिला और यह अनुभव उनके लिए यादगार रहा। उन्होंने भविष्य में दोबारा यहां आने की इच्छा भी जताई। सारा ने अक्टूबर में किए थे रुद्रनाथ धाम के दर्शन सारा अली खान ने चमोली में स्थित चतुर्थ केदार रुद्रनाथ धाम के कपाट बंद होने से पहले अक्टूबर में दर्शन किए थे। इस दौरान सारा 20 किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर पहुंची थी। सारा ने अपनी ये यात्रा चमोली के गोपेश्वर के गंगोल गांव से शुरू की थी। इसके बाद एक दिन बाद वह ल्वींटी बुग्याल पहुंची, जहां पर रात्रि विश्राम के बाद उन्होंने फिर से ट्रैकिंग शुरू की और फिर रुद्रनाथ बाबा के मंदिर तक पहुंच गईं थी। इस पूरी यात्रा के दौरान सारा कई पथरीले और संकरे रास्तों से गुजरीं, बीच में उन्हें कई स्थानीय ग्रामीण भी मिले, जो सारा को देखकर काफी खुश हो गए। सारा अली खान ने ट्रेकिंग के दौरान झोपड़ीनुमा ढाबों पर रुककर चाय पी और स्थानीय लोगों से बातचीत की। उन्होंने यहां के धार्मिक विश्वास, लोक जीवन और पारंपरिक व्यंजनों के बारे में जाना। अभिनेत्री ने पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता और ग्रामीण संस्कृति से खासा प्रभावित होकर इसे यादगार अनुभव बताया था। सारा अली खान कई बार पहुंच चुकी हैं केदारनाथ सारा अली खान का केदारनाथ धाम से खास जुड़ाव रहा है। फिल्म ‘केदारनाथ’ के बनने के बाद वह कई बार धाम में दर्शन के लिए पहुंच चुकी हैं और अब तक बिना किसी रोक-टोक के पूजा-अर्चना करती रही हैं। हालांकि प्रस्तावित नई व्यवस्था लागू होने के बाद उन्हें भी अन्य श्रद्धालुओं की तरह तय प्रक्रिया का पालन करना पड़ सकता है। सारा का केदारनाथ से पहला आध्यात्मिक और पेशेवर जुड़ाव साल 2017 में उनकी डेब्यू फिल्म ‘केदारनाथ’ की शूटिंग के दौरान हुआ था। इसके बाद वह लगातार यहां आती रही हैं। अक्टूबर 2024 में दिवाली से ठीक पहले उन्होंने केदारनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और फोटो शेयर की थीं। वहीं 2023 में उन्होंने दो बार धाम की यात्रा की 6 मई 2023 को केदारनाथ और तुंगनाथ के दर्शन किए, जबकि करीब छह महीने बाद अक्टूबर 2023 में वह फिर केदारनाथ पहुंचीं। इसके अलावा नवंबर 2021 में सारा अली खान अपनी दोस्त और अभिनेत्री जान्हवी कपूर के साथ भी केदारनाथ दर्शन के लिए पहुंची थीं। 6 साल पहले सारा अली खान ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे सारा अली खान ने 2020 में काशी में श्री विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन की थी। वो उन दिनों मां अमृता सिंह के साथ वाराणसी में फिल्म की शूटिंग कर रही थी। सारा इससे दो दिन पहले गंगा आरती में शामिल हुईं और काशी विश्वनाथ मंदिर में षोडशोपचार पूजा अर्चना की और शिवलिंग को स्पर्श किया। इस पर संतों व विद्वानों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। 3 साल पहले की थी महाकाल की पूजा सारा अली खान 2022 में उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल की भस्म आरती में शामिल हुईं थी। भस्म आरती के बाद उन्होंने गर्भगृह में जाकर शिवलिंग के दर्शन किए थे। नंदी हॉल में बैठकर करीब आधा घंटे तक मंत्रों का जाप किया था।

रतलाम में लूट के खुलासे के लिए बनाई SIT:रात में घटनास्थल पहुंचे एसपी; बाइक सवार पिता और बेटी को नकाबपोशों ने लूटा था

रतलाम में लूट के खुलासे के लिए बनाई SIT:रात में घटनास्थल पहुंचे एसपी; बाइक सवार पिता और बेटी को नकाबपोशों ने लूटा था

रतलाम के बाजना क्षेत्र के माही नदी के पास रविवार देर रात बाइक सवार पिता ओर बेटी के लूटपाट की घटना के बाद सोमवार रात एसपी अमित कुमार घटनास्थल पहुंचे। अपने स्तर से उन्होंने पुलिस अधिकारियों से जांच के पाइंट तय किए। साथ ही घटना को शीघ्र पर्दाफाश कर बदमाशों को पकड़ने के लिए एसआईटी भी बना दी है। लूट की घटना को गंभीरता से लेते हुए एसपी अमित कुमार सोमवार रात घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल का मौका मुआयना किया। हर एक पहलू को जांचा। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया। ओवरटेक कर घेरा, चाकू अड़ाया था राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ निवासी कादर खान अपनी बेटी नजराना और तीन वर्षीय पोता शादाब के साथ बाइक से जावरा से अपने घर लौट रहे थे। रात में जब वे रतनपुर के पास माही नदी से निकले तो कुछ लोगों ने उन्हें रोकने को कहा। लेकिन उन्होंने अपनी बाइक नहीं रोकी। तब पीछा कर दो बाइक पर आए 6 नकाबपोशों ने ओवरटेक करते हुए माही नदी से करीब 9 किलोमीटर दूर रात करीब 12 बजे उन्हें घेर कर रोक लिया। एक बदमाश ने कादर खान की गर्दन पर चाकू अड़ा दिया। बदमाशों ने कादर खान के पास से करीब 5000 नकद एवं उनकी बेटी से पर्स में रखे 15 हजार नगद, मंगलसूत्र एवं कान के सोने के टॉप्स छिन लिए। इसके अलावा बाईक की चाबी, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड के साथ कपड़ों से भरा बैग और दोनों के मोबाइल व अन्य सामान लूट लिया। यहां तक उनके पास चाकू था जिससे पैर में पहनी चांदी की पाइजब भी काटने की कोशिश की। इसी दौरान बाजना की तरफ से एक पिकअप की रोशनी देख बदमाश रतलाम की तरफ भाग गए। रिश्तेदारों के घर पहुंचे पिता और बेटी रात में बाजना में अपने रिश्तेदार के यहां पहुंचे। उन्हें घटना की जानकारी देकर रात में वही रुके। सोमवार दोपहर बाजना थाना पहुंच घटनाक्रम बताया। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। पिता कादर खान को लेकर बाजना थाना पुलिस व रतलाम सायबर टीम घटनास्थल पहुंची। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया। 18 से 22 साल की उम्र कादर बेटी के साथ जावरा शादी में गए थे। रात में उनकी बहू की डिलेवरी होने की जानकारी मिलने पर रात में ही वह जावरा से अपने घर जाने के लिए निकल गए थे। कादर खाने के अनुसार बदमाशों ने मुहं पर कपड़ा बांध रखा था। जिनकी उम्र करीब 18 से 22 साल की थी। 4 से 5 दिन पहले टीआई लाईन अटैच बाजना थाना प्रभारी मनीष डाबर को कार्य में लापरवाही बरतने को लेकर एसपी अमित कुमार ने 4 से 5 दिन पहले ही लाइन अटैच किया था। इसके बाद थाना का प्रभारी सब इंस्पेक्टर आरसी खपेड़ के पास था। तलाश जारी है- एसपी एसपी ने बताया पूर्व की घटनाओं को देखते हुए लूट के आरोपियों की तस्दीक की जा रही है। घटना के खुलासे के लिए एसआईटी बनाई है। संदिग्ध लोगों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। साइबर सेल टीम तकनीकी साक्ष्यों से छानबीन में जुटी है।

दुनिया में इस खतरनाक बीमारी से जूझ रहे 130 करोड़ लोग, अभी न सुधरे तो हर कोई बन जाएगा मरीज !

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Last Updated:April 14, 2026, 08:13 IST Global Liver Disease Surge: लिवर डिजीज के मरीजों की संख्या बेहद तेजी से बढ़ रही है. लैंसेट की एक स्टडी में पता चला है कि साल 2023 में दुनिया भर में लगभग 130 करोड़ लोग लिवर डिजीज से प्रभावित पाए गए. खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और बढ़ता शुगर लेवल इसके मुख्य कारण हैं. एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि अगर वक्त रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो 2050 तक मरीजों की संख्या 180 करोड़ तक पहुंच सकती है. फिर इसे कंट्रोल करना बेहद मुश्किल हो जाएगा. दुनिया भर में लिवर डिजीज के 130 करोड़ से ज्यादा मरीज हैं. Liver Disease Crisis Worldwide: मॉडर्न लाइफस्टाइल और अनहेल्दी खानपान ने पूरी दुनिया की सेहत बिगाड़ दी है. लगातार बीमारियों का कहर बढ़ता जा रहा है और हर उम्र के लोग मरीज बन रहे हैं. आमतौर पर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट डिजीज को सबसे बड़ी बीमारियां माना जाता है, लेकिन लैंसेट की एक स्टडी में बेहद हैरान करने वाली बात सामने आई है. इसमें पता चला है कि साल 2023 में दुनिया भर में 130 करोड़ लोग मेटाबोलिक डिसफंक्शन-एसोसिएटेड स्टीयाटोटिक लिवर डिजीज (MASLD) से जूझ रहे थे. आप सोचकर देखिए कि दुनिया की पूरी आबादी 800 करोड़ है और उसमें से 130 करोड़ से ज्यादा लोग लिवर डिजीज का शिकार हो चुके हैं. द लैंसेट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड हेपेटोलॉजी जर्नल में प्रकाशित नई स्टडी के अनुसार साल 2023 में करीब 130 करोड़ लोग लिवर डिजीज से पीड़ित थे. यह संख्या 1990 के मुकाबले लगभग 143 प्रतिशत की बढ़ोतरी को दर्शाती है, जो बेहद चिंताजनक है. यह स्टडी ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज, इंजरीज एंड रिस्क फैक्टर्स स्टडी 2023 के डाटा पर आधारित है. शोधकर्ताओं का अनुमान है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा, तो 2050 तक MASLD के मरीजों की संख्या बढ़कर 180 करोड़ तक पहुंच सकती है. इसके पीछे मुख्य कारण तेजी से बढ़ती जनसंख्या, खराब लाइफस्टाइल, मोटापा और हाई ब्लड शुगर जैसी समस्याएं हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. इस स्टडी में यह भी सामने आया कि उत्तरी अफ्रीका और मिडिल ईस्ट जैसे क्षेत्रों में लिवर डिजीज के मरीज अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा हैं. हालांकि एक राहत की बात यह है कि बीमारी के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद इससे होने वाली मौतों में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है. इसका मतलब है कि इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के कारण लोग पहले की तुलना में ज्यादा समय तक और बेहतर जीवन जी पा रहे हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार MASLD के मामलों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा शुरुआती स्टेज में देखने को मिल रहा है. इसके बावजूद खतरा कम नहीं हुआ है, क्योंकि समय के साथ यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर जैसी जानलेवा स्थितियों में बदल सकती है. चिंता की बात यह है कि यह बीमारी अब कम और मिडिल इनकम वाले देशों में युवाओं को भी तेजी से प्रभावित कर रही है. शहरीकरण, फास्ट फूड की आदत और फिजिकल एक्टिविटी की कमी प्रमुख कारण माने जा रहे हैं. बदलती लाइफस्टाइल ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है. यह अध्ययन बताता है कि MASLD अब एक वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती बन चुकी है. इससे निपटने के लिए जरूरी है कि सरकारें और स्वास्थ्य संस्थाएं जागरुकता अभियान चलाएं, बेहतर नीतियां बनाएं और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करें. समय रहते कदम उठाने से ही इस बढ़ते खतरे को रोका जा सकता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 14, 2026, 08:13 IST