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इन सफेद-काले छोटे बीजों में छिपे हैं कई बड़े गुण, हर दिन खाने से मसूड़े, दांत और हड्डियां होती हैं मजबूत

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Last Updated:April 12, 2026, 22:54 IST Sesame seeds benefits: आयुर्वेद में तिल को पोषण का खजाना कहा जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो दांतों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है. नियमित रूप से तिल का सेवन करने से दांतों की जड़ें मजबूत होती हैं और मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. इसके अलावा, तिल के सेवन से क्या लाभ होते हैं, जानिए यहां. दिल की सेहत के लिए भी तिल बेहद फायदेमंद माना जाता है. Sesame seeds health benefits: आज के समय में दांतों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. कम उम्र में ही लोगों को दांतों में दर्द, कमजोरी और मसूड़ों की परेशानी होने लगती है. इसकी सबसे बड़ी वजह शरीर में कैल्शियम की कमी मानी जाती है. आमतौर पर लोग कैल्शियम के लिए दूध पर निर्भर रहते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि तिल दांतों को मजबूत बनाने में बेहद असरदार साबित हो सकता है. इसमें मौजूद पोषक तत्व न सिर्फ दांतों को मजबूत बनाते हैं, बल्कि शरीर को कई अन्य बीमारियों से भी बचाने में मदद करते हैं. तिल को खाने से होने वाले फायदे आयुर्वेद में तिल को पोषण का खजाना कहा जाता है. इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है, जो दांतों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी है. नियमित रूप से तिल का सेवन करने से दांतों की जड़ें मजबूत होती हैं और मसूड़ों को भी मजबूती मिलती है. इसके अलावा, तिल में मौजूद फॉस्फोरस दांतों की संरचना को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है. यही कारण है कि आयुर्वेद में भी तिल को दांतों और हड्डियों के लिए बहुत लाभकारी माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. तिल में आयरन, मैग्नीशियम, जिंक और फाइबर जैसे कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. आयरन शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद करता है, जिससे एनीमिया जैसी समस्या से राहत मिलती है. वहीं, मैग्नीशियम हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ मांसपेशियों के सही काम करने में भी मदद करता है. जिंक इम्युनिटी को मजबूत करता है, जिससे शरीर बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है. दिल की सेहत के लिए भी तिल बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं और दिल को स्वस्थ बनाए रखते हैं. जो लोग हार्ट से जुड़ी समस्याओं से जूझ रहे हैं, उनके लिए तिल का सेवन लाभकारी साबित हो सकता है. पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में भी तिल अहम भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है. नियमित रूप से तिल के सेवन से डाइजेशन बेहतर होता है और पेट से जुड़ी कई परेशानियां दूर रहती हैं. इसके अलावा, तिल त्वचा और बालों को भी स्वस्थ रखता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा में निखार और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. यही वजह है कि कई ब्यूटी प्रोडक्ट्स में भी तिल का इस्तेमाल किया जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 12, 2026, 22:54 IST

दो बाइक की टक्कर, तीन घायल:एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता, दो युवक सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे

दो बाइक की टक्कर, तीन घायल:एक माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करता, दो युवक सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे

बालाघाट के बैहर रोड पर रविवार देर शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टेकाड़ी और पिपरटोला के बीच हुए इस हादसे में तीन युवक बुरी तरह घायल हुए हैं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि घायलों को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से एक की नाजुक हालत को देखते हुए उसे निजी अस्पताल रेफर करना पड़ा। हादसे में घायल प्रकाश कुसरे बिरसा क्षेत्र में माइक्रो फाइनेंस कंपनी में काम करते हैं और छुट्टी मनाकर वापस अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। वहीं दूसरी बाइक पर सवार संजय कावरे और राकेश सर्राठे मलाजखंड की ओर से बालाघाट आ रहे थे। बताया जा रहा है कि मलाजखंड की तरफ से आ रहे दोनों युवक नशे की हालत में थे, जिसके कारण बाइक पर से नियंत्रण खो गया और यह हादसा हो गया। अस्पताल में इलाज जारी फिलहाल प्रकाश की गंभीर स्थिति को देखते हुए परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए हैं, जबकि संजय और राकेश का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। अस्पताल चौकी पुलिस ने डॉक्टरों की सूचना पर घायलों के परिवार वालों को खबर दे दी है और मामले की जांच शुरू कर दी है। खबर लिखे जाने तक दोनों अन्य घायलों की हालत भी गंभीर बनी हुई है

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगा हत्या के प्रयास का आरोपी:मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां, खतरे में पड़ गई महिलाओं-बच्चों की जान

ग्वालियर पुलिस के हाथ लगा हत्या के प्रयास का आरोपी:मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां, खतरे में पड़ गई महिलाओं-बच्चों की जान

ग्वालियर के हजीरा थाना पुलिस के हाथ हत्या के प्रयास का आरोपी लगा है। बीते सप्ताह मुखबिरी के शक में एक बदमाश ने खुलेआम ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं, जिससे वहां मौजूद कई महिलाओं और बच्चों की जान पर खतरा पैदा हो गया था। फायरिंग का एक वीडियो भी सामने आया था। घटना हजीरा के चंदनपुरा इलाके की है। पुलिस तभी से हमलावर विजय पंडित की तलाश कर रही थी। एसएसपी ग्वालियर की ओर से उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। रविवार को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी हजीरा इलाके में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। सीएसपी महाराजपुरा नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि खुलेआम फायरिंग करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। उस पर 10 हजार रुपए का इनाम था। मुखबिरी के शक में चलाई थीं गोलियां हजीरा थाना क्षेत्र के चंदनपुरा में कुछ दिन पहले विजय पंडित ने मामूली विवाद के बाद अपने साथियों के साथ मिलकर आशीष पिता अशोक सिंह चौहान पर राइफल से फायरिंग की थी। आरोपी को शक था कि आशीष उसकी पुलिस से मुखबिरी करता है। गोलीबारी के दौरान वहां कई महिलाएं और बच्चे मौजूद थे। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था। तभी से हजीरा थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह तोमर उसकी तलाश में जुटे हुए थे। रविवार को उसके आने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। एसएसपी ने घोषित किया था इनाम आरोपी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह राइफल लेकर फरियादी पर ताबड़तोड़ फायरिंग करता नजर आया था। इस मामले में विजय पंडित के साथ श्यामू पंडित और पप्पू शर्मा के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा विजय पंडित पर एक युवक के अपहरण और जान से मारने की धमकी का मामला भी दर्ज है। इसके बाद एसएसपी धर्मवीर सिंह ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

इंदौर में चलती कार में अचानक भभक उठी आग:शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस ने रोकी कार, टला बड़ा हादसा

इंदौर में चलती कार में अचानक भभक उठी आग:शहर के व्यस्ततम चौराहे पर पुलिस ने रोकी कार, टला बड़ा हादसा

ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तत्परता रविवार को काम आई। इसकी वजह से एक बड़ा हादसा टल गया। पलासिया चौराहे पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। कार के चालक को पता ही नहीं चला कि कार में आग लगी है, पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार को रुकवाया और पानी डालकर आग पर काबू पाया। रविवार रात को एक कार साकेत नगर से पलासिया होते हुए घंटाघर की ओर जा रही थी। पलासिया चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक जवान मनोज शर्मा की नजर कार पर पड़ी तो उन्होंने देखा कि कार के इंजन के नीचले हिस्से से आग की लपटे उठ रही है। उन्होंने तुरंत ही कार चालक को गाड़ी रोकने के लिए कहा और पलासिया चौराहे से घंटाघर की ओर जाने वाली रोड पर ही कार रुकवा दी और कार चालक को तुरंत बाहर आने को कहा। जैसे ही कार चालक बाहर आया तो वह भी कार में आग देख हैरान रह गया और घबरा गया, जिसके तुरंत ट्रैफिक पुलिस जवानों ने शांत करवाया। पानी डालकर पाया आग पर काबू इस दौरान वहां पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार, आरक्षक मनोज शर्मा, आरक्षक पवन और सैनिक सूरज ने तुरंत ही तत्परता दिखाते हुए पहले पानी की बोतल से फिर पानी की 20 लीटर की पानी की कुप्पी भरकर लाए और पानी डालकर आग पर काबू पाया। जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। कार की फोग लैंप की लाइट कराई थी चेंज ट्रैफिक सुबेदार ब्रजराज अजनार ने बताया कि कार में एक ही व्यक्ति सवार था। कार के नीचले हिस्से में आग लगी थी। जिसके कारण चालक को पता ही नहीं चला। कार चलाने के दौरान हवा से आग बढ़ने लगी। समय रहते उसे देख लिया नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। ट्रैफिक सुबेदार ने बताया कि चालक से जब चर्चा कि तो उसने बताया कि कुछ टाइम पहले ही उसने फोग लाइट चेंज करवाई थी और हाई पॉवर की लगवाई थी। फोग लाइट के वहीं आग लगी थी, जिसकी वजह से चालक को आग का पता नहीं चला। लाइट गर्म होने की वजह से प्लास्टिक चिपक गया। कुछ ही देर में प्लास्टिक जमीन पर गिरने लग गया था। करीब 2 मिनट में आग पर काबू पाया। तस्वीरों में देखिए-

‘किसान मित्र छड़ी’ सांपों से 100 मीटर पहले चेताएगी:मल्टी मशीन से एकसाथ कई काम संभव; रायसेन कृषि मेले में आधुनिक यंत्रों का प्रदर्शन

‘किसान मित्र छड़ी’ सांपों से 100 मीटर पहले चेताएगी:मल्टी मशीन से एकसाथ कई काम संभव; रायसेन कृषि मेले में आधुनिक यंत्रों का प्रदर्शन

रायसेन के दशहरा मैदान में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव में खेती को सुरक्षित और आसान बनाने वाली आधुनिक तकनीकों ने किसानों का ध्यान आकर्षित किया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को स्वयं प्रदर्शनी का अवलोकन किया और किसानों को इन यंत्रों के उपयोग की जानकारी दी। महोत्सव में दो प्रमुख नवाचार प्रस्तुत किए गए हैं, जो किसानों की सुरक्षा बढ़ाने और उनकी मेहनत कम करने में सहायक हो सकते हैं। इनमें ‘किसान मित्र छड़ी’ और एक ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ शामिल हैं। ‘किसान मित्र छड़ी’ रात में खेतों में काम करते समय किसानों को सांप और अन्य जहरीले जीवों से होने वाले खतरे से आगाह करती है। यह छड़ी इसी समस्या के समाधान के लिए विकसित की गई है। जमीन पर रखने पर यह छड़ी कंपन के माध्यम से लगभग 100 मीटर के दायरे में सांप या अन्य जहरीले जीवों की उपस्थिति का संकेत देती है, जिससे किसान समय रहते सतर्क हो सकते हैं। इसमें एक सोलर टॉर्च भी लगी है, जो अंधेरे में रोशनी प्रदान करती है। ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ भी आकर्षण का केंद्र बनी दूसरी ओर, ‘मल्टी-टास्किंग मशीन’ भी किसानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। यह आधुनिक यंत्र बागवानी फसलों में निंदाई-गुड़ाई, दवा छिड़काव और कटाई (रीपर) जैसे कई कार्य एक साथ कर सकता है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसे पौधों की कतारों के बीच आसानी से चलाया जा सकता है, जिससे फसल को कोई नुकसान नहीं होता और काम भी तेजी से पूरा होता है। यह मशीन किसानों की लागत और श्रम दोनों को कम करने में सहायक सिद्ध होगी। इन नवाचारों से स्पष्ट होता है कि कृषि अब केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं है, बल्कि तकनीक के समावेश से यह अधिक सुरक्षित, आसान और लाभदायक बन रही है। यह महोत्सव कल (सोमवार) शाम तक जारी रहेगा, जिससे किसानों को इन नई तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर मिलेगा। आज (रविवार) देर शाम तक केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि मेले में लगाए कई स्टॉल और कृषि यंत्रों का अवलोकन किया। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष राकेश शर्मा भी मौजूद रहे।

निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा:कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म में एकाधिकार खत्म, कलेक्टर का सख्त आदेश; उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन का शिकंजा:कॉपी-किताब और यूनिफॉर्म में एकाधिकार खत्म, कलेक्टर का सख्त आदेश; उल्लंघन पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

निजी स्कूलों द्वारा कॉपी-किताब, यूनिफॉर्म और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीद को लेकर की जा रही अनिवार्यता और एकाधिकार पर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्रत्येक विद्यालय संचालक/प्राचार्य को प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले अपनी स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी और विद्यालय परिसर के सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करना होगा। प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के दौरान अभिभावकों को पुस्तकों की सूची की प्रति उपलब्ध कराना भी अनिवार्य होगा। साथ ही सत्र प्रारंभ होने से दो माह पूर्व कम से कम तीन पुस्तक/यूनिफॉर्म विक्रेताओं के नाम वेबसाइट पर अपलोड करना सुनिश्चित करना होगा। किसी एक दुकान से खरीद की बाध्यता नहीं विद्यालय प्रबंधन विद्यार्थियों औरअभिभावकों को किसी एक दुकान, विक्रेता या संस्था विशेष से कॉपी-किताब या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। अभिभावक 15 जून 2026 तक अपनी सुविधा अनुसार पुस्तकों की खरीद कर सकेंगे। एनसीईआरटी और अधिकृत पुस्तकों के अलावा अन्य पर रोक विद्यालय जिस बोर्ड सीबीएसई, आईसीएसई, एमपी बोर्ड या अन्य से संबद्ध है, उसी के निर्धारित पाठ्यक्रम की पुस्तकें ही पढ़ाई जाएंगी। नियामक संस्था या विधिक रूप से अधिकृत एजेंसी (जैसे एनसीईआरटी, मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम आदि) द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के अतिरिक्त निजी प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान, कंप्यूटर आदि विषयों की निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए भी विद्यार्थियों को बाध्य नहीं किया जाएगा। पीटीएम में प्रचार-प्रसार पर रोक यूनिफॉर्म में भी सख्त प्रावधान कोई भी विद्यालय दो से अधिक प्रकार की यूनिफॉर्म निर्धारित नहीं करेगा (ब्लेजर और स्वेटर अलग रहेंगे)। यूनिफॉर्म में कम से कम तीन वर्ष तक कोई परिवर्तन नहीं किया जाएगा। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी। 12 अप्रैल से 11 जून तक रहेगा प्रभावी यह प्रतिबंधात्मक आदेश 12 अप्रैल 2026 से 11 जून 2026 तक प्रभावी रहेगा। जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों को आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

मोबाइल चोरी के आरोप से आहत वृद्धा ने जहर खाया:छतरपुर में गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश; बाद में पेड़ पर मिला मोबाइल

मोबाइल चोरी के आरोप से आहत वृद्धा ने जहर खाया:छतरपुर में गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश; बाद में पेड़ पर मिला मोबाइल

छतरपुर जिले के बारीगढ़ थाना क्षेत्र में रविवार को मोबाइल चोरी के आरोप से आहत एक 65 वर्षीय महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या का प्रयास किया। गंभीर हालत में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। महिला की पहचान संपत अहिरवार (65), निवासी बारीगढ़ के रूप में हुई। घटना के बाद परिजन उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर छतरपुर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। आरोप- गाली-गलौज, मारपीट की कोशिश हुई परिजनों के अनुसार, घटना के समय महिला का पति खेत पर काम करने गया था। इसी दौरान गांव के ही एक दंपती घर पहुंचे और मोबाइल चोरी का आरोप लगाने लगे। आरोप है कि उन्होंने महिला के साथ गाली-गलौज की और मारपीट की कोशिश भी की। बताया गया कि आरोप लगाने वालों ने घर का सामान भी अस्त-व्यस्त कर दिया और मोबाइल की तलाश में कपड़े, बिस्तर और अनाज तक बिखेर दिया। महिला ने खुद को निर्दोष बताते हुए मंदिर में कसम खाने तक की बात कही, लेकिन आरोप लगाने वाले नहीं माने। बाद में मोबाइल घर के पास एक पेड़ की खोह में मिला, जहां महिला आम तोड़ने गई थी और वहीं उसे रख दिया था। मोबाइल मिलने के बावजूद हुए अपमान और मानसिक दबाव से आहत होकर महिला ने जहर खा लिया। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस को मामले की सूचना दे दी गई है। स्वस्थ्य होने परल महिला के बयान लेंगे : थाना प्रभारी जुझारनागर थाना प्रभारी राजकुमार यादव के अनुसार, अस्पताल से सूचना मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है। महिला के स्वस्थ होने पर उसके बयान दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

घूरकर देखने पर दोस्तों के सामने चाकू मारकर हत्या:सीने में किए कई वार, शव के पास रोती रही मां; 3 महीने पहले हुई थी शादी

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में घूरकर देखने पर चाय पी रहे युवक की हत्या कर दी गई। आरोपी ने युवक पर चाकू से कई वार किए। सीने में गहरे घाव हुए और अधिक खून बहने से मौके पर मौत हो गई। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के शुक्ला चौक का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 21 वर्षीय साहिल पिता अय्यूब शाह, निवासी मदारपुरा के रूप में हुई है। हमले में रहीम (पिता मुन्ना शाह) भी घायल हुआ। आरोपी ने उसके हाथ और अन्य जगहों पर वार किए, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। ये तस्वीरें देखिए… साढ़े 6 बजे घर से निकला, 8 बजे तक हत्या की खबर परिजन के मुताबिक, साहिल शाम करीब 6:30 बजे यह कहकर घर से निकला था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा। कुछ ही घंटों बाद उसकी मौत की खबर घर पहुंच गई। साहिल की शादी तीन महीने पहले हुई थी। वारदात के बाद परिवार में मातम है। मां शव को पकड़कर रोती रही। रात करीब 8 बजे विवाद के बाद हमला घायल दोस्त रहीम ने बताया, रात करीब 8 बजे शुक्ला चौक के पास साहिल और साथी चाय की दुकान पर बैठे थे, तभी अमन शाह नाम का युवक बाइक से पहुंचा। उसने साहिल पर घूरकर देखने का आरोप लगाया। बिना बहस के चाकू से हमला कर दिया। हमला इतना तेज था कि साहिल संभल नहीं पाया। आरोपी ने सीधे सीने पर वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। बीच-बचाव करने आए रहीम भी हमले में घायल हो गया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही टूट गई सांसें स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने साहिल को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर्स के अनुसार, सीने पर गहरे घाव हैं। ज्यादा खून बह जाने की वजह से मौत हो गई। वहीं रहीम का इलाज जारी है। हालत स्थिर है। आरोपी फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश कोतवाली पुलिस ने बताया- वारदात के बाद आरोपी अमन शाह पिता आमीन शाह फरार हो गया। रहीम के बयान दर्ज कर लिए हैं। आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। यह भी जांच की जा रही है कि विवाद केवल घूरकर देखने को लेकर था या कोई पुरानी रंजिश थी। …………………………………… निवाड़ी में मछली काटने वाली छुरी से लड़की का गला काटा मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश बॉर्डर पर निवाड़ी जिले में युवती की गला काटकर हत्या की गई है। उसकी कुछ दिन में शादी होने वाली थी। मर्डर स्पॉट से 100 मीटर दूर UP के युवक की फांसी पर लटकी डेडबॉडी मिली। मामला सेंदरी थाना क्षेत्र के पूछा की पहाड़ी ढिमरपुरा का है। पढ़ें पूरी खबर…

भारत बोला-चीन के दिए नाम मनगढ़ंत, अरुणाचल भारत का हिस्सा:झूठे दावे हकीकत नहीं बदलते; चीन ने 9 साल में 62 जगहों के नाम बदले

भारत बोला-चीन के दिए नाम मनगढ़ंत, अरुणाचल भारत का हिस्सा:झूठे दावे हकीकत नहीं बदलते; चीन ने 9 साल में 62 जगहों के नाम बदले

चीन की ओर से अरुणाचल प्रदेश के स्थानों को फर्जी नाम देने पर भारत ने विरोध जताया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को कहा कि ऐसे झूठे दावे जमीन की हकीकत नहीं बदल सकते। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और रहेगा। चीन अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए अपने हिसाब से नाम तय करता रहा है और उस पर दावा करता है। भारत ने इस तरह के कदम को खारिज करते हुए कहा कि यह भारत का हिस्सा है। इसमें कोई बदलाव नहीं हो सकता। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने यह बयान एक मीडिया सवाल के जवाब में दिया। उन्होंने एक प्रेस नोट जारी करते हुए लिखा कि भारत अपने क्षेत्र के हिस्सों को दिए गए फर्जी नामों को पूरी तरह खारिज करता है। चीन की ओर से ऐसे नाम तय करना शरारती कोशिश है। इधर, चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। इसे 26 मार्च को मंजूरी दी गई। यह इलाका कराकोरम क्षेत्र के पास है। जो अफगानिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) की सीमा के करीब स्थित है। काउंटी चीन की प्रशासनिक इकाई होती है, जो जिले जैसी होती है। दोनों देशों के रिश्तों पर असर की चेतावनी भारत ने कहा कि चीन के ऐसे कदम दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिशों को प्रभावित करते हैं। चीन को ऐसे कदमों से बचना चाहिए, जो रिश्तों में नकारात्मकता लाते हैं और बेहतर समझ बनाने की प्रक्रिया को कमजोर करते हैं। भारत की ओर से यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब लद्दाख को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। एक साल में तीसरी बार शिनजियांग में काउंटी बनाया चीन ने शिनजियांग क्षेत्र में ‘सेनलिंग’ नाम से नया काउंटी बनाया है। पिछले एक साल में चीन तीसरी बार शिनजियांग में नया काउंटी बना चुका है। इससे पहले ‘हियान’ और ‘हेकांग’ काउंटी बनाए गए थे। हियान काउंटी का बड़ा हिस्सा अक्साई चिन क्षेत्र में आता है, जिसे भारत लद्दाख का हिस्सा मानता है। सिल्क रूट और CPEC से कनेक्शन नया काउंटी काशगर क्षेत्र से जुड़ा है, जो प्राचीन सिल्क रूट का अहम केंद्र रहा है। सिल्क रूट वह ऐतिहासिक व्यापार मार्ग था, जो चीन को मध्य एशिया और यूरोप से जोड़ता था। आज यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की शुरुआत का भी केंद्र है। यह प्रोजेक्ट पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) से होकर गुजरता है, जिसे भारत अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है। हालांकि सेनलिंग काउंटी की सीमाएं स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन संवेदनशील सीमा क्षेत्रों के पास इस तरह के प्रशासनिक बदलाव को लेकर भारत ने चिंता जताई है। चीन ने 9 साल में 62 जगहों के नाम बदले चीन पहले भी अरुणाचल प्रदेश के स्थानों के नाम बदल चुका है। भारत हर बार इसका विरोध करता रहा है। 2017 में 6 स्थानों के नए नाम जारी किए 2021 में 15 स्थानों के नाम बदले थे 2023 में 11 स्थानों के नाम घोषित किए 2024 में 30 जगहों के नाम बदल दिए। इनमें 11 रिहायशी इलाके, 12 पर्वत, 4 नदियां, एक तालाब और एक पहाड़ों से निकलने वाला रास्ता है। ————-

राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

राजगढ़ में स्विमिंग पूल उद्घाटन पर शुल्क विवाद:कांग्रेस ने कहा- पहले मुफ्त था, अब 200 रुपए रोज; विभाग बोला- ₹50 प्रति घंटा ही वास्तविक चार्ज

राजगढ़ में प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कौशल विकास एवं रोजगार विभाग गौतम टेटवाल ने रविवार को जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्विमिंग पूल का विधिवत शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के बाद मंत्री द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद पूल के शुल्क को लेकर विवाद खड़ा हो गया। यह स्विमिंग पूल नया नहीं है, बल्कि लगभग 10 साल पुराना है और इसे हर साल गर्मियों में चालू किया जाता रहा है। इस बार प्रशासन ने औपचारिक रूप से मंत्री से इसका उद्घाटन करवाया। मंत्री टेटवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जिले में खेल सुविधाओं का विस्तार युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए आवश्यक है, जिससे उन्हें तैराकी जैसी गतिविधियों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। शुल्क बढ़ने पर मंत्री से हस्तक्षेप की मांग हालांकि, मंत्री की सोशल मीडिया पोस्ट पर कांग्रेस नेता एहेतेशाम सिद्धीकी ने शुल्क वृद्धि पर सवाल उठाए। उन्होंने टिप्पणी की कि यह पूल पहले निःशुल्क था, फिर 10 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क लिया जाने लगा और अब इसे बढ़ाकर 200 रुपए प्रतिदिन कर दिया गया है। सिद्धीकी के अनुसार, इस हिसाब से मासिक खर्च लगभग 6,000 रुपए होता है, जो आम जनता की पहुंच से बाहर है। उन्होंने मंत्री से हस्तक्षेप कर छात्रों और आम लोगों को राहत प्रदान करने की मांग की। वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा : विभाग इस संबंध में, खेल एवं युवक कल्याण विभाग की जिला संयोजक शर्मिला डाबर ने स्पष्ट किया कि वास्तविक शुल्क 50 रुपए प्रति घंटा है। उन्होंने बताया कि मासिक शुल्क लगभग 1,500 रुपए है और एक घंटे से अधिक समय तक रुकने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता है। उद्घाटन कार्यक्रम में कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी सहित अन्य अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।