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कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

कॉन्स्टेबल ने साथियों के साथ किया एजेंट का अपहरण:दतिया में दिनदहाड़े बोलेरो से उठाया; 7 KM पीछा कर 2 गिरफ्तार, आरक्षक फरार

दतिया में बाइक की बकाया किस्त मांगने के विवाद में शिवपुरी के दिनारा थाने में पदस्थ आरक्षक राजपाल मांझी ने अपने भाई और अन्य साथियों के साथ मिलकर गुरुवार दोपहर एक 21 वर्षीय रिकवरी एजेंट का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया। आरोपियों ने एजेंट के साथ मारपीट कर उसे जबरन बोलेरो में बैठाया और रास्ते में डराने के लिए फायरिंग भी की। दतिया पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर 7 किलोमीटर तक पीछा करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में आरक्षक राजपाल मांझी सहित 4 अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस ने अपहरण और मारपीट का केस दर्ज कर लिया है। ऑनलाइन सेंटर से बोलेरो में बैठाया, रास्ते में की फायरिंग जानकारी के अनुसार, दतिया निवासी 21 वर्षीय विजय बाल्मीकि एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट के तौर पर काम करता है। उसने एक ग्राहक को बाइक फाइनेंस करवाई थी, जिसकी किस्तें बकाया थीं। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद आरोपी पक्ष ने विजय के अपहरण की योजना बनाई। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे विजय दतिया के एक ऑनलाइन सेंटर पर मौजूद था। तभी छोटू मांझी, उसका भाई आरक्षक राजपाल मांझी (थाना दिनारा, शिवपुरी), बंटी उर्फ मुस्लिमान और अन्य साथी वहां पहुंचे। आरोपियों ने पहले विजय के साथ मारपीट की और फिर उसे जबरन एक बोलेरो वाहन में बैठाकर अपहरण कर लिया। अपहरण के दौरान आरोपियों ने रास्ते में विजय के साथ मारपीट की और उसे जान से मारने की धमकी दी। सूत्रों के अनुसार, उसे डराने के उद्देश्य से फायरिंग भी की गई थी। पुलिस ने 7 KM किया पीछा, एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागे घटना की सूचना मिलते ही दतिया पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और तत्काल घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आता देख, आरोपी एजेंट को सड़क पर छोड़कर भागने लगे। पुलिस ने लगभग 7 किलोमीटर तक पीछा कर आरोपी छोटू मांझी और बंटी उर्फ मुस्लिमान को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, आरक्षक राजपाल मांझी सहित चार अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अपहरण, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है। ये खबर भी पढ़ें… दतिया में फायरिंग और बैंक एजेंट अपहरण के आरोपी गिरफ्तार दतिया में अवैध हथियारों से फायरिंग कर दहशत फैलाने और बैंक एजेंट का अपहरण करने के आरोप में दो मुख्य आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के गोंडा मोहल्ले में हुई थी… पूरी खबर पढ़िए

गर्मियों में शरीर को रखना है ठंडा और रहना है हेल्दी, तो बदलें अपनी डाइट.. अपनाएं ये आसान तरीके

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Last Updated:April 11, 2026, 09:54 IST फरीदाबाद में गर्मी बढ़ने के साथ ही खान-पान पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो गया है. विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में हल्का, पानी से भरपूर भोजन और पर्याप्त हाइड्रेशन शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है, जबकि फास्ट फूड और अस्वच्छ जूस से दूरी बनाना जरूरी है. फरीदाबाद: फरीदाबाद में गर्मियों ने दस्तक दे दी है और अब तपती धूप के साथ लोगों की दिनचर्या भी बदलने लगी है. सुबह से ही तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इस मौसम में क्या खाएं और क्या नहीं, ताकि शरीर स्वस्थ रहे और बीमारियों से बचाव हो सके. खासकर फरीदाबाद जैसे शहर में जहां गर्मी अपने चरम पर होती है और लोग काम की भागदौड़ में खान-पान पर ध्यान नहीं दे पाते वहां सही डाइट बेहद जरूरी हो जाती है. गर्मियों में क्या होनी चाहिए डाइट  Local18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के आयुर्वेदिक डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया सर्दियां खत्म होते ही गर्मियों में शरीर में पित्त बढ़ने लगता है जिससे शरीर में गर्मी भी बढ़ती है. ऐसे में सबसे जरूरी है कि आप अपने शरीर को हाइड्रेट रखें. दिनभर में पर्याप्त पानी पीना चाहिए साथ ही नारियल पानी और अन्य तरल पदार्थों को भी अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए. लौकी, तोरई, टिंडा, परवल जैसी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया गर्मियों में हमेशा हल्का और जल्दी पचने वाला खाना ही खाना चाहिए. इस मौसम में लौकी, तोरई, टिंडा, परवल जैसी सब्जियां ज्यादा फायदेमंद होती हैं, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा अधिक होती है. यही वजह है कि प्रकृति भी इस मौसम में ऐसी ही सब्जियां देती है. अगर आप भारी और देर से पचने वाला खाना खाएंगे तो पाचन बिगड़ सकता है और पेट से जुड़ी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं. गर्मियों में गन्ने का जूस पीते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया गर्मियों में गन्ने का जूस पीते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए. इसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है इसलिए डायबिटीज के मरीजों को इससे बचना चाहिए. साथ ही हमेशा ताजा जूस ही पिएं क्योंकि थोड़ी देर रखा जूस भी खराब हो सकता है और उसमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. सड़क किनारे मिलने वाले जूस में साफ-सफाई का खास ध्यान रखना जरूरी है वरना संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. फास्ट फूड से भी दूरी बनानी चाहिए डॉक्टर चेतन शर्मा ने बताया लोगों को फास्ट फूड से भी दूरी बनानी चाहिए. फास्ट फूड में तेल और मैदा ज्यादा होता है जो शरीर के लिए नुकसानदायक है. गर्मियों में तो इसे पचाना और भी मुश्किल हो जाता है जिससे पेट खराब होने और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सही खान-पान के साथ हल्का व्यायाम भी जरूरी डॉक्टर चेतन शर्मा बताते हैं अगर आपको गर्मियों में स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो सही खान-पान के साथ हल्का व्यायाम भी जरूरी है. सुबह और शाम थोड़ी-बहुत एक्सरसाइज करने से शरीर फिट रहता है और गर्मी का असर भी कम पड़ता है. ऐसे में अगर आप अपनी डाइट और दिनचर्या का थोड़ा ध्यान रखेंगे तो गर्मियों को बिना बीमार हुए आसानी से निकाल सकते हैं. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Faridabad,Faridabad,Haryana First Published : April 11, 2026, 09:54 IST

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

पश्चिम बंगाल में SIR ही सबसे बड़ा मुद्दा:नई वोटर लिस्ट से CM ममता की परेशानी बढ़ी, 50 सीटों पर TMC को ज्यादा चुनौती

8 अप्रैल की सुबह बूंदाबांदी के बीच करीब सुबह 10:25 बजे तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समर्थकों के हुजूम के साथ पैदल ही हरीश चटर्जी स्ट्रीट स्थित अपने घर से नामांकन के लिए निकलीं। गोपालनगर सर्वे बिल्डिंग तक के करीब एक किलोमीटर तक रास्ते में समर्थक जोतोई कोरो हमला, आबार जितबे बांग्लो (चाहे जितना करो हमला, फिर जीतेगा बांग्ला) के नारे लगा रहे थे। वहां CM बनर्जी ने मीडिया से कहा- राज्य के करीब 90.8 लाख (11.9%) मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जिसे उन्होंने अदालत में चुनौती देने की बात कही है। अकेले भवानीपुर सीट से 51 हजार वोट घटने का अनुमान है। दरअसल, बंगाल चुनाव में इस बार भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे पुराने मुद्दों को पीछे छोड़कर स्पेशन इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सबसे बड़ा विवाद बन गया है। ममता के आरोपों का जवाब देते हुए राज्य भाजपा के अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूची से नाम सिर्फ मुसलमानों के ही नहीं कटे हैं बल्कि राजवंशी, मतुआ और अन्य समुदायों के भी कटे हैं। जो मर गए, ट्रांसफर हो गए, उनका नाम तो सूची से हटाना ही पड़ेगा। एक्सपर्ट बोले- SIR से ममता की राह थोड़ी मुश्किल हुई पॉलिटिकल एनालिस्ट और सीनियर जर्नलिस्ट सुभाशीष मोइत्रा कहते हैं कि एसआईआर से ममता की राह थोड़ी मुश्किल अवश्य हुई है। करीब 50 सीटों पर चुनौती और बढ़ गई है, लेकिन जीत असंभव जैसी भी नहीं है। राज्य में 49 सीटों पर 90% से अधिक हिंदू वोट हैं। साल 2021 में इनमें से तृणमूल 29 और भाजपा 20 सीटें जीती थी। वहीं 25% या इससे अधिक मुस्लिम वोट वाली राज्य की कुल 146 सीटों में तृणमूल 131 सीटों पर जीती थी। मोइत्रा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र (जहां नगरीय निकाय नहीं है) की करीब 163 सीटें (इन सीटों में मुस्लिम आबादी वाली व 90% हिंदू आबादी वाली कुछ सीटें शामिल हैं) में तृणमूल को 126 सीटें मिली, जबकि भाजपा 36 में सफल हुई थी। SIR के बाद मुस्लिम वोट ममता बनर्जी के पक्ष में और अधिक ताकत के साथ जुटेगा। मोइत्राग ने कहा कि मुर्शिदाबाद की बहरामपुर सीट से अधीर रंजन चौधरी उम्मीदवार हैं, जबकि मालदा मालतीपुर से मौसम नूर लड़ रही हैं। कांग्रेस यही दो सीट जीत सकती है। बाकी सीटों पर वामपंथी पार्टियाें के साथ वे कुछ खास वोट काटने या भाजपा को फायदा पहुंचाने की स्थिति में नहीं होंगी। सिर्फ 5 साल में भाजपा 10% से 38% पर पहुंची शहरी क्षेत्रों में ममता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी सीनियर जर्नलिस्ट शंखदीप दास कहते हैं कि शहरी क्षेत्रों में ममता सरकार के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी स्पष्ट नजर आती है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ममता सरकार अपनी योजनाओं के कारण मजबूत है। सबसे बड़ी बात है कि वे हर वर्ग महिला, युवा, किसान, श्रमिक, बेरोजगार, मजदूर, बुजुर्गों को कवर करने के लिए उससे संबंधित कोई न कोई योजना अवश्य चला रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इन योजनाओं का बहुत प्रभाव पड़ा है। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत राज्य की 2.21 करोड़ महिलाओं को आर्थिक मदद दी है। दुआरे सरकार (दरवाजे पर सरकार) जैसे मॉडल से लोग जुड़े हैं। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि एसआईआर सबसे बड़ा मुद्दा हो गया है। निर्वाचन आयोग भाजपा आयोग बन गया है। लग रहा है जैसे बंगाल की 294 सीटों पर ज्ञानेश कुमार ही भाजपा के उम्मीदवार हैं। इनके पास पूरे बूथ पर लड़ने के लिए कार्यकर्ता भी नहीं हैं। वहीं संघ के एक पदाधिकारी ने कहा कि राज्य में मुर्शिदाबाद को छोड़कर हर जिले में हिंदू आबादी घट गई है। गुजरात के बाद बंगाल ही ऐसा राज्य है, जहां हिंदू सर्वाधिक 68% भाजपा को वोट देते हैं। इन सबसे दूर, राज्य की राजनीति में छह दशकों पर तक सत्ता में रही कांग्रेस और वामपंथी पार्टियां इस बार अलग-अलग और सभी 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राज्य के करीब 85 हजार बूथों में से हमने 65 हजार से अधिक बूथों पर कार्यकर्ताओं की नियुक्ति कर दी है, जो बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2021 के बाद से हमारे 321 कार्यकर्ता मारे गए हैं। भयमुक्त चुनाव हुए तो हमारी जीत तय है। …………………….. यह खबर भी पढ़ें… शाह बोले- ममता भतीजे को सीएम बनाना चाहती हैं: लोगों की परेशानी की परवाह नहीं; ममता बोलीं- सांप पर भरोसा करना, BJP पर नहीं गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के देबरा में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि, ममता बनर्जी बंगाल के लोगों की चिंता नहीं करती हैं। उन्हें बस भतीजे अभिषेक बनर्जी को अगला सीएम बनाने में दिलचस्पी है। उधर बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने नॉर्थ 24 परगना के टेंटुलिया में चुनावी रैली की। उन्होंने कहा- सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन BJP पर नहीं। पूरी खबर पढ़ें…

बड़वानी अस्पताल में शुक्रवार रात जमकर हंगामा,:सिजेरियन के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, परिजन का पेट में कैंची छूटने का आरोप

बड़वानी अस्पताल में शुक्रवार रात जमकर हंगामा,:सिजेरियन के बाद बिगड़ी प्रसूता की तबीयत, परिजन का पेट में कैंची छूटने का आरोप

बड़वानी जिला अस्पताल में शुक्रवार एक प्रसूता के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिसबल मौके पर पहुंचा और परिजनों को शांत कराया। महिला के परिजनों ने महिला के इलाज में लापरवाही बरतने और रेफर के दौरान समय से फाइल नहीं देने का आरोप लगाया। धरमपुरी तहसील के ग्राम दगदा निवासी भूपेंद्र मंडलोई ने अपनी पत्नी के ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि सतीश बर्वे ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए हैं। भूपेंद्र मंडलोई ने बताया कि उनकी पत्नी लक्ष्मी मंडलोई को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 तारीख को उनका सिजेरियन हुआ, जिसके कुछ दिनों बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। डॉक्टरों ने पेट में संक्रमण (पस) बनने की बात कहकर दोबारा ऑपरेशन किया। इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सिविल सर्जन डॉ. मनोज खन्ना ने मामले से अनभिज्ञता जताते हुए जानकारी जुटाने की बात कही है। हंगामें तस्वीरें देखिए… कैंची छूटने का लगाया आरोप परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज और दूसरी सर्जरी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। मरीज ने अपने परिजनों को बताया कि ऑपरेशन के दौरान पेट में कोई धातु की वस्तु या कैंची छूट गई हो सकती है। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन परिजनों ने इस मामले की जांच की मांग की है। परिजनों ने यह भी बताया कि जब वे मरीज को बेहतर इलाज के लिए इंदौर ले जाना चाहते थे, तब अस्पताल प्रबंधन ने मेडिकल फाइल देने में देरी की। इससे मरीज को समय पर रेफर करने में बाधा आई। भूपेंद्र मंडलोई ने अस्पताल स्टाफ पर विभिन्न कार्यों के लिए पैसों की मांग करने का भी आरोप लगाया है। गंभीर आरोप लगाए इसी बीच, सतीश बर्वे ने अस्पताल परिसर में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा चुकी हैं। उन्होंने मरीजों के साथ संवेदनहीन व्यवहार और अस्पताल में दलाली व अवैध वसूली के माहौल का भी जिक्र किया, जिससे गरीब मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

लखनऊ में दुबई से आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग:154 यात्री थे, काठमांडू में मौसम खराब होने पर उतारा; डेढ़ घंटे बाद रवाना

लखनऊ में दुबई से आ रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग:154 यात्री थे, काठमांडू में मौसम खराब होने पर उतारा; डेढ़ घंटे बाद रवाना

लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह दुबई से काठमांडू जा रहे विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। काठमांडू में मौसम खराब होने पर वहां लैंडिंग की परमिशन नहीं मिली। उसके बाद पायलट ने लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को कॉल किया और लैंडिंग की अनुमति मांगी। अनुमति मिलने के बाद विमान को सुबह 8:22 बजे अमौसी एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। फ्लाई दुबई की फ्लाइट (एफजेड-1133) में 154 यात्री सवार थे। तकनीकी टीम ने विमान की जांच की। अब उसमें ईंधन भरा गया। करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह 10 विमान को काठमांडू के लिए रवाना कर दिया गया। फ्लाई दुबई की विमान सेवा मध्य पूर्व, यूरोप में भी फ्लाई दुबई के टिकट अन्य कंपनियों की अपेक्षा किफायती माने जाते हैं। 2008 में दुबई सरकार के सहयोग से यह कंपनी शुरू की गई थी। इसका मुख्यालय दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर है। फ्लाई दुबई मध्य पूर्व, एशिया, यूरोप, अफ्रीका के कई शहरों के लिए विमान सेवा चला रही है। भारत के कई शहरों से भी इसकी सीधी उड़ानें उपलब्ध हैं। 31 मार्च को भी कराई थी इमरजेंसी लैंडिंग लखनऊ में इससे पहले 31 मार्च को एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। फ्लाइट पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से दिल्ली जा रही थी। सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट यूपी के अंबेडकरनगर के ऊपर थी, तभी पायलट के केबिन में धुआं महसूस हुआ। उस समय फ्लाइट 36 हजार फीट की ऊंचाई पर थी। पायलट ने धुआं महसूस होते ही लखनऊ एयर ट्रैफिक कंट्रोल को मेडे कॉल किया। मेडे कॉल के बाद यात्रियों को ऑक्सीजन मास्क उपलब्ध करा दिए गए। लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग की अनुमति लेकर फ्लाइट को शाम 5:17 बजे सुरक्षित लैंड कराया। ———————– ये खबर भी पढ़िए- मिर्जापुर में मॉर्निंग वॉक पर वकील की हत्या, VIDEO : 2 हमलावर आए, सीने पर गोली मारी मिर्जापुर में शनिवार सुबह सवा 7 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले सीनियर वकील की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावर बाइक से आए। उन्हें रास्ते में रोका और सीने में तमंचा सटाकर गोली मार दी। खून से लथपथ वकील जमीन पर गिर पड़े। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पूरी वारदात CCTV में रिकॉर्ड हो गई। (पूरी खबर पढ़िए)

डीपफेक प्लेबुक: कैसे एआई वीडियो, जाली पत्र चुनावी मौसम में आरएसएस को निशाना बना रहे हैं | राजनीति समाचार

TS inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time

आखरी अपडेट:11 अप्रैल, 2026, 09:22 IST फर्जी वीडियो, एआई-क्लोन ऑडियो क्लिप और आरएसएस लेटरहेड पर दर्जनों जाली पत्रों की एक श्रृंखला ने सोशल मीडिया पर बाढ़ ला दी है, प्रत्येक को राजनीतिक आक्रोश भड़काने के लिए डिज़ाइन किया गया है। आरएसएस (बाएं) द्वारा फर्जी पत्रों की तथ्य-जांच की गई और संगठन के खिलाफ प्रसारित फर्जी खबरों को खारिज किया गया, (न्यूज18) फरवरी में, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का एक वीडियो सभी प्लेटफार्मों पर प्रसारित किया गया था। भागवत की स्पष्ट रूप से संपादित क्लिप में दावा किया गया है कि उन्होंने भारतीय सेना के ‘भगवाकरण’ का आह्वान किया था और कथित तौर पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से ‘अछूतों से छुटकारा पाने’ का अनुरोध किया था। कुछ ही घंटों में, यह क्लिप हर जगह फैल गई: साझा की गई, बहस हुई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हथियार बनाया गया और अन्य जगहों पर भी। दावा विस्फोटक था. लेकिन जांच से पता चला कि वीडियो एआई का उपयोग करके बनाया गया था और डीपफेक था। ऑडियो को क्लोन किया गया, संदर्भ को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और इरादा गढ़ा गया। सरकार ने एक स्पष्टीकरण जारी किया और वीडियो के इर्द-गिर्द फर्जी कहानी का भंडाफोड़ किया। लेकिन यह एकबारगी नहीं था. यह कहीं अधिक व्यवस्थित प्लेबुक का हिस्सा था। वास्तव में, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा कि यह केवल एक बहुत बड़े दुष्प्रचार हिमखंड का सिरा था। हाल के महीनों में, सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो, एआई-क्लोन किए गए ऑडियो क्लिप और आरएसएस लेटरहेड पर दर्जनों जाली पत्रों की बाढ़ आ गई है, जिनमें से प्रत्येक को राजनीतिक आक्रोश भड़काने और सार्वजनिक धारणा को विकृत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पीएम मोदी को लिखे मनगढ़ंत पत्रों से लेकर राहुल गांधी से जुड़े फर्जी दावों तक, पैटर्न एक जैसा है। इसमें आधिकारिक दिखने वाले प्रारूप, वायरल-तैयार सामग्री और संवेदनशील क्षणों के आसपास रणनीतिक समय निर्धारण शामिल है। डीपफेक में राजनाथ सिंह जैसे नेताओं को भी शामिल किया गया है, जबकि छद्मवेशी झूठी विश्वसनीयता प्रदान करने के लिए अजीत डोभाल जैसे लोगों की नकल करते हैं। लेटरहेड साजिश उद्देश्य अब केवल गलत सूचना देना नहीं रह गया है। आरएसएस के एक सूत्र ने कहा, यह बड़े पैमाने पर एक कथात्मक व्यवधान है। आरएसएस अब सक्रिय रूप से पीछे हट रहा है, नकली पत्रों को एआई-जनरेटेड के रूप में चिह्नित कर रहा है, कानूनी शिकायतें शुरू कर रहा है, और चेतावनी दे रहा है कि उसके नाम और लेटरहेड का व्यवस्थित रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है। “वर्तमान अति-त्वरित सूचना चक्र में, गलत सूचना अब यादृच्छिक शोर नहीं है। इसे इंजीनियर किया गया है। सावधानीपूर्वक समयबद्ध, राजनीतिक रूप से लोड और डिजिटल रूप से परिष्कृत, इन अभियानों का उद्देश्य न केवल गुमराह करना है, बल्कि तथ्यों को पकड़ने से पहले कथाओं को अस्थिर करना है। और संदर्भ के लिए, कोई यह देख सकता है कि विधानसभा या लोकसभा चुनावों से पहले इस तरह के डीपफेक या एआई-निर्मित दस्तावेज़ कैसे बढ़ जाते हैं। तो स्पष्ट रूप से, ये यादृच्छिक चीजें नहीं हैं, “वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा। यदि डीपफेक वीडियो मुख्य कार्य हैं, तो जाली दस्तावेज़ चुपचाप व्यवधान उत्पन्न करने वाले हैं। News18 ने RSS लेटरहेड पर कम से कम आठ फर्जी पत्रों तक पहुंच बनाई, जो हाल के महीनों में प्रसारित किए गए थे, प्रत्येक को आधिकारिक दिखने के लिए तैयार किया गया था, प्रत्येक को विवाद पैदा करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। फिर मनगढ़ंत ‘नीति’ नोटों की एक श्रृंखला आई जिसमें एक धार्मिक आरक्षण पर, दूसरा रूपांतरण रणनीति की रूपरेखा, और दूसरा संघ के भीतर आंतरिक असंतोष की ओर इशारा करता है। चुनाव, फर्जी सर्वेक्षण, अल्पसंख्यक आउटरीच और यहां तक ​​कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर इन नकली सलाह को जोड़ें और एक स्पष्ट पैटर्न उभर कर आता है। प्रत्येक दस्तावेज़ में समान पदचिह्न होते हैं, जिसमें आधिकारिक दिखने वाले लेटरहेड, नौकरशाही स्वर और वायरल होने के लिए पर्याप्त संभाव्यता शामिल होती है। नकली पत्र फैक्ट्री वीडियो के अलावा, एक और अधिक घातक उपकरण बार-बार तैनात किया गया है, जिसमें आरएसएस लेटरहेड पर जाली पत्र भी शामिल हैं। राजनीतिक हलचल पैदा करने के लिए हाल के महीनों में प्रसारित आठ ऐसे मनगढ़ंत संचार नीचे दिए गए हैं: * प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर भागवत का एक फर्जी पत्र, जिसमें असम की राजनीति पर सवाल उठाया गया और परोक्ष रूप से हिमंत बिस्वा सरमा को निशाना बनाया गया * भविष्य के नेता के रूप में राहुल गांधी की प्रशंसा करने वाला एक मनगढ़ंत नोट * “धार्मिक आरक्षण” पर एक जाली निर्देश, जिसे झूठा बताकर संघ को जिम्मेदार ठहराया गया * एक रूपांतरण रणनीति दस्तावेज़, धार्मिक लामबंदी के लिए गैर-मौजूद योजनाओं की रूपरेखा *चुनाव हस्तक्षेप पर एक पत्र, जो कथित तौर पर मतदान पैटर्न का मार्गदर्शन करता है *आंतरिक असहमति पर एक संचार, संगठन के भीतर दरारें पेश करना * अल्पसंख्यक आउटरीच पर एक नीति नोट, जिसे विवादास्पद दिखने के लिए तैयार किया गया है * राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक ‘रणनीतिक सलाह’, संस्थागत स्वर और प्रारूप का दुरुपयोग आरएसएस पुशबैक सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस और असम पुलिस ने इन घटनाओं की जांच की है, जिससे फर्जी पत्र बनाने और प्रसारित करने के लिए कांग्रेस छात्र विंग (एनएसयूआई) से जुड़े कुछ लोगों सहित लोगों की गिरफ्तारी हुई है। आरएसएस के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने कहा, आरएसएस समर्थकों ने अपराध शाखा और चुनाव आयोग के साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें चेतावनी दी गई है कि इस तरह की फर्जी सामग्री का उद्देश्य सार्वजनिक सद्भाव को बिगाड़ना है। धक्का-मुक्की अब बयानों से आगे बढ़ गई है। कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, एजेंसियां ​​छेड़छाड़ किए गए वीडियो और जाली दस्तावेजों की उत्पत्ति पर नज़र रख रही हैं; दिल्ली और असम पुलिस द्वारा चुनिंदा मामलों में गिरफ्तारियां की गई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि कार्रवाई चल रही है। जांचकर्ता तेजी से ऐसी सामग्री का बड़े पैमाने पर उत्पादन और तेजी से प्रसार करने के लिए एआई टूल का लाभ उठाने वाले संगठित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहे हैं। वीडियो और पत्रों के साथ-साथ, संगठन के सूत्रों ने ‘मनगढ़ंत’ समाचार लेखों और राय के टुकड़ों में भी वृद्धि को चिह्नित किया है, जो अस्पष्ट पोर्टलों

रतलाम में RCL का फाइनल आज:खतम इलेवन और फाइनेंस सर्किल के बीच होगा मुकाबला; मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होंगे शामिल

रतलाम में RCL का फाइनल आज:खतम इलेवन और फाइनेंस सर्किल के बीच होगा मुकाबला; मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होंगे शामिल

रतलाम के नेहरु स्टेडियम में स्व. कुशाभाऊ ठाकरे जी की स्मृति में चल रही रतलाम चैंपियन लीग (RCL) का फायनल 11 अप्रैल (शनिवार) को होगा। फायनल में खतम इलेवन व फाइनेंस सर्किल टीम के बीच भिड़ंत होगी। प्रदेश के नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल होंगे। गृह मंत्री हिम्मत कोठारी की प्रेरणा से रतलाम नगर की खेल प्रतिभाओं के सृजन के उद्देश्य से रतलाम चैंपियन लीग का चौथा सीजन का फाइनल मैच रात 8 बजे से शुरू होगा। 12 रन से जीती फाइनेंस सर्किल टीम शुक्रवार रात दूसरे सेमीफाइनल में हिंद टाइटंस व फाइनेंस सर्किल के बीच हुए मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए फाइनेंस सर्किल ने 10 ओवरों में 111 रनो का लक्ष्य दिया। नीलेश निनामा 33, शक्ति घोषरे 25, अनील निनामा ने 24 बन करा शानदार बल्लेबाजी की। समिति संयोजक विकास कोठारी, यतेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि जवाब में हिंद टाइटंस के गेंदबाज हर्षित उपाध्याय ने 1, अनुज ने 2 व सौरभ ने 2 विकेट लिए। हिंद टाइटंस 94 रनो पर आल आउट हो गई। 12 रनों से फाइनेंस सर्किल टीम विजय रही। मेन ऑफ द मैच फाइनेंस सर्किल के विपिन सिंह जावरा रहे। ट्रॉफी का अनावरण आरसीएल में 42 मैचों में खिलाड़ियों ने 8586 रन बनाए। जिनमें 612 चौके व 730 छक्के शामिल है। 23 बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए। पहले सेमीफायनल में मुख्य रूप से कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय मौजूद रहे। मंत्री काश्यप के मौजूदगी में विजेता उपविजेता ट्रॉफी का अनावरण किया गया। समिति सचिव जयेश राठौर ने बताया फायनल मुकाबले में खतम इलेवन व फाइनेंस सर्किल टीम के बीच भिड़ंत होगी।

‘रणनीति, मतभेद नहीं’: मार्गरेट अल्वा ने कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन में तनाव से इनकार किया | चुनाव समाचार

West Bengal poll will be held in two phases on April 23 and April 29.

आखरी अपडेट:11 अप्रैल, 2026, 08:35 IST वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने गठबंधन तनाव, खड़गे की टिप्पणियों और असम के सीएम की पत्नी पर उनकी टिप्पणियों के लिए सहयोगी पवन खेड़ा की ‘प्रताड़ना’ की खबरों पर सफाई दी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा. (एक्स @alva_margaret) वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा ने तमिलनाडु में कांग्रेस-द्रमुक गठबंधन के भीतर दरार की बात को खारिज कर दिया है और इसे “रणनीति का मामला बताया है, मतभेद का नहीं”। सीएनएन-न्यूज18 से बात करते हुए, अल्वा ने स्वीकार किया कि सीट-बंटवारे से कांग्रेस के भीतर बेचैनी पैदा हुई है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि यह टूटने का संकेत नहीं है। उन्होंने सीएनएन-न्यूज18 को बताया, “चुनाव के समय हर कोई सीटें चाहता है। कांग्रेस अधिक सीटें चाहती थी, और कई कैडर निराश थे। लेकिन यह मत कहिए कि कोई एकता नहीं है। मुद्दा यह है कि यह रणनीति के बारे में है।” यह निर्दिष्ट करते हुए कि स्थानीय पार्टी कार्यकर्ता-स्तर के तनाव गठबंधनों में नियमित हैं, उन्होंने कहा कि वे बड़े राजनीतिक उद्देश्य को नहीं बदलते हैं। उन्होंने कहा, “जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की अपनी राजनीति, अपने मतभेद हैं और वे इसके साथ रहते आए हैं। लेकिन जब सरकार बनाने की बात आती है, तो हम एकजुट होते हैं। लक्ष्य स्पष्ट है- द्रमुक को सत्ता में वापस लाना और वह वापस आएगी।” अल्वा ने यह समझाते हुए कि क्यों कांग्रेस और द्रमुक अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रचार करते नजर आ रहे हैं, कहा कि यह कलह का संकेत नहीं बल्कि एक सुविचारित दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा, “सवाल यह है कि अधिकतम सीटें कैसे जीती जाएं। डीएमके के गढ़ों में उनके कार्यकर्ता लड़ाई का नेतृत्व करेंगे। कांग्रेस वहां ध्यान केंद्रित करेगी जहां उसके पास ताकत, क्षमता और संगठन है। हर जगह हस्तक्षेप करने या हर चरण को साझा करने पर जोर देने का कोई मतलब नहीं है।” कांग्रेस और द्रमुक के बीच हाल की संयुक्त रैलियों का जिक्र करते हुए, जिसमें कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार भी शामिल थे, उन्होंने कहा, “हर कोई मंच पर है, हर कोई गठबंधन का हिस्सा है। लेकिन हर किसी को बोलने की जरूरत नहीं है। यह इस बारे में है कि आप अभियान को अधिकतम करने के लिए समूहों को कैसे जोड़ते हैं।” अल्वा ने इस धारणा का भी खंडन किया कि भाजपा-अन्नाद्रमुक गठबंधन अधिक एकजुट दिखता है। जमीनी स्तर की प्रतिक्रिया के आधार पर, उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में राजनीतिक मूड भाजपा के प्रति तीव्र बना हुआ है। उन्होंने कहा, “बहुत गुस्सा है-भाजपा विरोधी, हिंदी विरोधी, हिंदुत्व विरोधी। तमिलनाडु का लोकाचार लंबे समय से ब्राह्मणवाद विरोधी, उत्तर विरोधी, हिंदी विरोधी रहा है। यह सोचना कि कैडर अचानक भाजपा के एजेंडे को अपना लेंगे, सच नहीं है। वे भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का समर्थन नहीं करेंगे।” अभिनेता-राजनेता विजय और उनके टीवीके की राजनीतिक संभावनाओं पर, अल्वा ने लोकप्रियता और चुनावी सफलता के बीच अंतर बताया। उन्होंने कहा, “वह लोकप्रिय हैं, एक अच्छे प्रचारक हैं, एक फिल्म स्टार हैं जो भीड़ खींचते हैं। लेकिन चुनाव रैलियों से नहीं जीते जाते।” “आपको बूथ-स्तरीय मशीनरी की आवश्यकता है। प्रति बूथ कम से कम 10 कार्यकर्ता जो मतदाता सूची, लामबंदी, बारीकियों को समझते हैं। इसे रातोरात नहीं बनाया जा सकता है। कई लोग तेजी से उठते हैं लेकिन बूथ स्तर पर गिर जाते हैं।” असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर एक टिप्पणी के लिए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ एफआईआर पर एक सवाल पर, अल्वा ने असम पुलिस की कार्रवाई पर तीखा हमला किया और इसे संघीय मानदंडों का उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, “किसी राज्य पुलिस के लिए देश भर में ऐसे स्थानों पर घूमना पूरी तरह से अस्वीकार्य है जहां उनका कोई अधिकार नहीं है। आप दूसरे राज्य में किसी के घर में प्रवेश नहीं कर सकते और उन्हें बाहर नहीं खींच सकते।” उन्होंने कहा, “आरोप हैं, उन्हें नकारें, एफआईआर दर्ज करें, अदालत जाएं, गिरफ्तारी वारंट लें। यही कानून का नियम है। आप महज आरोपों पर कार्रवाई नहीं कर सकते।” “मुख्यमंत्री की पत्नी कौन है? क्या वह देवी है? अगर वह इतनी पवित्र है कि आप सवाल भी नहीं पूछ सकते?” अल्वा ने पूछा. उन्होंने विदेशी संपत्तियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए औपचारिक जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड के बारे में बात की जा रही है; लंदन, अमेरिका, टैक्स हेवेन, यहां तक ​​कि अर्जेंटीना और कैरेबियन जैसी जगहों पर भी संपत्तियां हैं। अगर ऐसा है, तो एक जांच आयोग गठित करें। अपने दूतावासों का उपयोग करें, सत्यापित करें कि ये संपत्तियां मौजूद हैं या नहीं। फिर कार्रवाई करें।” इसके बजाय, उसने अधिकारियों पर अतिशयोक्ति और ध्यान भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप लोगों के घरों में घुसकर इससे बच निकलने की उम्मीद नहीं कर सकते। वह (सरमा) घबरा रहे हैं। वह हार रहे हैं और यह ध्यान भटकाने की कोशिश है।” असम में एक अभियान के दौरान एआईसीसी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे की “सांप” वाली टिप्पणी के विवाद पर, अल्वा ने नफरत फैलाने वाले भाषण के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। “यह नफरत फैलाने वाला भाषण क्यों है? अगर कोई सांप आपके पास से गुजरता है, तो क्या आप उसे नमाज पढ़ रहे लोगों को काटने देंगे? आप पहले सांप को मार देंगे। इसमें गलत क्या है?” उसने पूछा. उन्होंने कहा कि टिप्पणी का जानबूझकर गलत मतलब निकाला जा रहा है। “खड़गे ने किसी को सांप नहीं कहा है। उन्होंने कहा है कि अगर आप नमाज पढ़ रहे हैं तो अगर सांप आ जाए तो स्वाभाविक रूप से आप पहले उसे मार डालेंगे। क्या यह ईशनिंदा है?” उसने कहा। बीजेपी और आरएसएस पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, “अगर आरएसएस को लगता है कि वे सांप हैं जो जाकर नमाज में खलल डालते हैं, तो यह उनकी दोषी अंतरात्मा है, खड़गे नहीं।” अल्वा ने दलील दी कि चुनाव के दौरान ऐसे विवाद बढ़ जाते हैं. उन्होंने कहा, “चुनावी मौसम में आप किसी भी चीज़ को कुछ भी बना सकते हैं,” उन्होंने कहा, “कोई भी समझदार व्यक्ति – दायां, बायां, केंद्र, भाजपा, आरएसएस – अगर सांप को आते हुए देखेगा तो वह उसी तरह प्रतिक्रिया करेगा”। उन्होंने खड़गे की पिछली “अनपढ़” टिप्पणी पर उनका बचाव किया, जहां उन्होंने दक्षिणी राज्यों और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में

सीधी में खेत-तालाब निर्माण को लेकर विवाद:रात में जेसीबी से खुदाई का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

सीधी में खेत-तालाब निर्माण को लेकर विवाद:रात में जेसीबी से खुदाई का आरोप, कलेक्टर से शिकायत

सीधी जिले के ग्राम कोस्टा कोठार में खेत तालाब निर्माण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि राजीव पांडे के खेत में तालाब बनाने का काम शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे शुरू किया गया। ग्रामीणों ने मनरेगा के तहत मजदूरों से कराए जाने वाले इस कार्य को जेसीबी मशीन से कराने पर सवाल उठाए हैं। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत सीधे कलेक्टर विकास मिश्रा से की। ग्रामीणों का आरोप है कि खेत तालाब योजना के तहत पहले भी कई बार राशि निकाली जा चुकी है, लेकिन मौके पर कोई काम नहीं हुआ। अब जब मामला सामने आने लगा, तो रोजगार सहायक सत्य प्रकाश पांडे ने आनन-फानन में निर्माण कार्य शुरू करा दिया। गांव के पूर्व सरपंच रमेश कुमार बंसल ने इसे भ्रष्टाचार का मामला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव में लगातार अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। बंसल ने वर्तमान सरपंच कलावती रावत और रोजगार सहायक की मिलीभगत से यह कार्य कराए जाने का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों के अनुसार, जेसीबी से काम कराने का उद्देश्य मजदूरों के नाम पर फर्जी भुगतान दिखाना और सरकारी राशि का गबन करना है। इससे मनरेगा योजना के तहत स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की शासन की मंशा भी प्रभावित हो रही है। दूसरी ओर, रोजगार सहायक सत्य प्रकाश पांडे ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि कार्य पूरी तरह नियमों के अनुसार किया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। कलेक्टर विकास मिश्रा ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।