सोहराब के किरदार पर रणवीर बोले- उसे बस अटेंशन चाहिए:रजत कपूर की फिल्म में असल जिंदगी से जुड़े किरदार, विनय पाठक बोले- बदलाव जरूरी

फिल्म ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ पर रजत कपूर, विनय पाठक और रणवीर शौरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत की। रजत कपूर ने फिल्म में अभिनय के साथ इसे लिखा, डायरेक्ट किया और अपलॉज एंटरटेनमेंट के साथ प्रोड्यूस किया है। उन्होंने बताया कि सोहराब हांडा ऐसा किरदार है जो हर किसी का ध्यान खींचता है। रणवीर शौरी और विनय पाठक ने कहानी और किरदारों की गहराई पर बात की। यह मर्डर मिस्ट्री फिल्म 10 अप्रैल को ZEE5 पर स्ट्रीम हो चुकी है। सवाल: फिल्म का टाइटल ‘एवरीबडी लव्स सोहराब हांडा’ दिलचस्प है। सोहराब में ऐसा क्या है कि हर किरदार उससे जुड़ जाता है? जवाब / रजत कपूर: सोहराब हांडा एक खास इंसान है। कुछ लोग कमरे में आते ही माहौल अपने कब्जे में ले लेते हैं। सोहराब भी वैसा ही है। उसे हर किसी का ध्यान चाहिए और वह ऐसा करने का तरीका ढूंढ लेता है। उसकी पर्सनैलिटी मैग्नेटिक है। सवाल: रणवीर, आप सोहराब हांडा के बारे में क्या कहना चाहेंगे? जवाब / रणवीर शौरी: जैसा रजत सर ने कहा, वह हमेशा ध्यान चाहता है। इंडस्ट्री में ऐसे लोग हैं जिन्हें ज्यादा भाव चाहिए होता है। वह अलग-अलग लोगों से अलग तरीके से जुड़ता है, लेकिन एक बात कॉमन है- उसे अटेंशन चाहिए। सवाल: विनय जी, आप सोहराब हांडा का किरदार निभा रहे हैं। इसके लिए आपको क्या करना पड़ा? जवाब / विनय पाठक: मेरे लिए यह आसान था, क्योंकि स्क्रिप्ट अच्छी तरह लिखी गई थी। रजत बहुत रिसर्च करके लिखते हैं। हर किरदार असल जिंदगी से जुड़ा लगता है। इसलिए निभाना आसान हुआ। सभी किरदारों में गहराई और रोचकता है। सवाल: रजत जी, फिल्म के किरदार असल जिंदगी से प्रभावित हैं। क्या किसी खास व्यक्ति से प्रेरित होकर आपने कहानी लिखी? जवाब / रजत कपूर: किसी एक व्यक्ति को देखकर किरदार नहीं लिखा जाता। हम अनुभवों, दोस्तों और आसपास के लोगों से छोटी-छोटी बातें लेकर किरदार बनाते हैं। फिल्म में सभी किरदार खास हैं, ताकि रिश्ते अच्छे से दिखाए जा सकें। सवाल: क्या लिखते वक्त सारे किरदार आपके दिमाग में साफ होते हैं? जवाब / रजत कपूर: हां, एक आइडिया होता है कि कहानी किस दिशा में जाएगी। बाद में एक्टर्स किरदार को और निखार देते हैं। सवाल: रणवीर, जब आपने कहानी सुनी तो आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब / रणवीर शौरी: रजत कुछ नया लिखते हैं तो उसे पढ़ने का उत्साह रहता है। उनके साथ काम करके मैंने बहुत कुछ सीखा है। फिल्म ऊपर से साधारण लग सकती है, लेकिन अंदर से अलग और खास है। रजत कपूर:: फिल्म में बेहतरीन कलाकार हैं- हर एक शानदार है। इतने अच्छे एक्टर्स का साथ काम करना खास अनुभव है। सवाल: विनय जी, फिल्म में जिस तरह से पिता-पुत्र का रिश्ता दिखाया गया है। इससे आप कितना जुड़ाव महसूस करते हैं? जवाब / विनय पाठक: किरदार भले काल्पनिक हो, लेकिन उसमें सच्चाई है। कई बार लगेगा कि ये हमारे आसपास के लोग हैं। यही अच्छे किरदार की पहचान है कि वह असली लगे। रजत कपूर: अगर दर्शकों को लगे कि वे इन किरदारों को जानते हैं, तो वही फिल्म की असली सफलता है। सवाल: शूटिंग के दौरान कोई भावनात्मक या मुश्किल पल आया? जवाब / रणवीर शौरी: कई सीन में 15 किरदार एक साथ थे। ऐसे सीन करना मुश्किल और रोमांचक था। रजत कपूर: इतने किरदारों को एक फ्रेम में सही तरीके से दिखाना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यही मजा था। शुरुआत में सब अराजक लगता था, फिर धीरे-धीरे सेट हो जाता था। सवाल: अप्लॉज एंटरटेनमेंट के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? जवाब / रजत कपूर: बहुत अच्छा। उन्होंने स्क्रिप्ट पढ़कर तुरंत हां कहा और पूरे समय सपोर्टिव रहे। उन्होंने काम में दखल नहीं दिया, जिससे काम आसान हो गया। सवाल: इस फिल्म को किस जॉनर में रखेंगे? जवाब / रजत कपूर: यह मर्डर मिस्ट्री है, लेकिन सिर्फ “किसने किया” नहीं, बल्कि “क्यों किया” पर ज्यादा फोकस है। सवाल: विनय जी, कंटेंट और दर्शकों की पसंद में आए बदलाव को कैसे देखते हैं? जवाब / विनय पाठक: यह बदलाव अच्छा है। अब कहानी आधारित फिल्में बन रही हैं। ओटीटी के आने से प्लेटफॉर्म बढ़े हैं, जिससे हर तरह की कहानियों को मौका मिल रहा है। सवाल: आज के कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा में इस फिल्म को कहां रखते हैं? जवाब / रजत कपूर: मुझे नहीं लगता कि पूरी तरह कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा चल रहा है। हमने एक फिल्म बनानी चाही और बना दी। आगे क्या होगा, यह समय बताएगा। रणवीर शौरी: ऐसी फिल्मों की एक खास ऑडियंस होती है। वह बड़ी नहीं होती, लेकिन मौजूद जरूर है। विनय पाठक: हम उम्मीद करते हैं कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस धीरे-धीरे बढ़े।
हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 142% ज्यादा बारिश:आज फिर 5 जिलों में तूफान का अलर्ट; 24 घंटे में 3.2 डिग्री बढ़ा टेंपरेचर

हिमाचल की राजधानी शिमला समेत प्रदेश के ज्यादातर भागों में आज सुबह से ही आसमान में बादल छाए हुए है। मौसम विभाग (IMD) ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, चंबा और शिमला जिला के कुछेक क्षेत्रों में आंधी-तूफान और आसमानी बिजली गिरने का पूर्वानुमान लगाया है। इन पांच जिलों में येलो अलर्ट की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती है। 12 अप्रैल को भी लाहौल स्पीति, चंबा, कुल्लू, किन्नौर और कांगड़ा के अधिक ऊंचे भागों में हल्की बूंदाबांदी के आसार है। अन्य क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा। 13-14 अप्रैल को पूरी तरह साफ रहेगा मौसम राज्य में 13 और 14 अप्रैल को मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा। इन दो दिनों के दौरान अच्छी धूप खिलेगी और ठंड से राहत मिलेगी। 15 अप्रैल को फिर से वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होगा। इस दिन अधिक ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। 16 अप्रैल को अधिक ऊंचे व मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में भी मौसम खराब रहेगा। बीते 24 घंटे में तापमान में 3.2 डिग्री का उछाल वहीं बीते 24 घंटे के दौरान मौसम साफ रहने के बाद प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में 3.2 डिग्री का उछाल जरूर आया है, लेकिन राज्य का औसत अधिकतम तापमान अभी भी सामान्य से 2.7 डिग्री कम है। कांगड़ा का अधिकतम तापमान सामान्य से 6.1 डिग्री कम के साथ 26.0 डिग्री, नाहन का 5.4 डिग्री कम के साथ 24.3 डिग्री, ऊना का 4.4 डिग्री कम के साथ 28.4 डिग्री और धर्मशाला का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री कम के साथ 22.0 डिग्री सेल्सियस है। एक से 10 अप्रैल तक हुई ज्यादा बारिश प्रदेश में अप्रैल माह के दौरान अब तक सामान्य से 142 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के अनुसार एक से 10 अप्रैल तक 22.9 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 55.4 मिलीमीटर बादल बरस चुके है।
IPL में आज दिल्ली vs चेन्नई:धोनी के बिना खेल रही CSK तीनों मैच हारी, कप्तान अक्षर DC को 2 जीत दिला चुके

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच चेपॉक स्टेडियम में होगा। मुकाबला शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। CSK की टीम आज भी पूर्व कप्तान एमएस धोनी के बिना मैदान में उतरेगी, टीम 3 मैच हार चुकी है। वहीं अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स 2 मैच जीत चुकी है, टीम को इकलौती हार पिछले मुकाबले में गुजरात के खिलाफ मिली। दिन का पहला मैच पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। PBKS ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है, वहीं SRH को 2 हार मिल चुकी है। चेपॉक में होम टीम आगे चेन्नई और दिल्ली के बीच 31 IPL मैच खेले गए। 19 में CSK और 12 में DC को जीत मिली। चेपॉक स्टेडियम में होम टीम चेन्नई का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। टीम ने दिल्ली को 10 में से 7 मैच हराए हैं, वहीं DC 3 मैच ही जीत सकी। इस सीजन चेन्नई एक मैच भी नहीं जीत सकी है। टीम RCB, PBKS और RR के खिलाफ हार चुकी है। वहीं दिल्ली ने इकलौता मैच GT के खिलाफ गंवाया, टीम ने LSG और MI को 1-1 मैच हराया है। CSK की बैटिंग बुरी तरह फ्लॉप चेन्नई की टीम आज भी धोनी के बगैर उतरेगी, लेकिन साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस वापसी कर सकते हैं। टीम की बैटिंग टूर्नामेंट में फ्लॉप रही, एक भी बैटर 3 मैचों में 100 रन नहीं बना सका। बॉलिंग भी काम नहीं आ पाई, RCB ने टीम के खिलाफ 20 ओवर में 250 रन बना दिए थे। टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है। DC की टीम बैलेंस्ड दिल्ली की टीम इस सीजन बैलेंस नजर आई। टीम ने लखनऊ और मुंबई को शुरुआती 2 मैच 6-6 विकेट से हराए। हर बार समीर रिजवी इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए और टीम को जीत दिलाई। GT के खिलाफ तीसरे मुकाबले में रिजवी खाता भी नहीं खोल सके। टीम ने यह मुकाबला 1 रन के करीबी अंतर से गंवा दिया। 2 जीत के साथ दिल्ली चौथे नंबर पर है। चेपॉक की पिच बैटिंग के लिए फायदेमंद चेपॉक स्टेडियम की पिच पहले स्पिन फ्रेंडली हुआ करती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां बल्लेबाजों को रन बनाने में आसानी होती आई है। ओस के कारण चेज करना आसान होता है, इसलिए टीमें टॉस जीतकर बॉलिंग चुनेगी। इस सीजन पहले मुकाबले में पंजाब ने यहां होम टीम के खिलाफ 210 रन का टारगेट चेज कर लिया था। बारिश नहीं होगी चेन्नई में आज बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन में 33 डिग्री सेल्सियस तक टेम्परेचर जा सकता है, लेकिन मैच के दौरान टेम्परेचर 28 से 31 डिग्री के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 CSK: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड, आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा/डेवाल्ड ब्रेविस, प्रशांत वीर/अकील हुसैन, जैमी ओवरटन, खलील अहमद, अंशुल कम्बोज, मैट हेनरी, नूर अहमद। DC: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, थंगारसु नटराजन, मुकेश कुमार। —————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… वैभव की सिक्स से फिफ्टी, 15 बॉल पर अर्धशतक:RCB ने 37वीं बार 200+ स्कोर बनाया, बिश्नोई की बॉल पर कोहली बोल्ड; मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स राजस्थान रॉयल्स ने IPL में लगातार चौथी जीत दर्ज की। टीम ने शुक्रवार को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 6 विकेट से हरा दिया। गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रोचक मोमेंट्स देखने को मिले। पूरी खबर IPL में आज पहला मैच PBKS vs SRH:हैदराबाद ने पंजाब के खिलाफ पिछले 4 मैच जीते, किंग्स ने आखिरी जीत 2023 में दर्ज की IPL में आज दो मैच खेले जाएंगे। दिन का पहला मैच पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। मुकाबला PBKS के घरेलू मैच न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह स्टेडियम में शाम 3:30 बजे से खेला जाएगा। जबकि टॉस शाम 3:00 बजे होगा। पूरी खबर
IPL में आज दिल्ली vs चेन्नई:धोनी के बिना खेल रही CSK तीनों मैच हारी, कप्तान अक्षर DC को 2 जीत दिला चुके

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के 19वें सीजन में आज 2 मैच खेले जाएंगे। दिन का दूसरा मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच चेपॉक स्टेडियम में होगा। मुकाबला शाम 7.30 बजे से खेला जाएगा, जिसका टॉस 7 बजे होगा। CSK की टीम आज भी पूर्व कप्तान एमएस धोनी के बिना मैदान में उतरेगी, टीम 3 मैच हार चुकी है। वहीं अक्षर पटेल की कप्तानी में दिल्ली कैपिटल्स 2 मैच जीत चुकी है, टीम को इकलौती हार पिछले मुकाबले में गुजरात के खिलाफ मिली। दिन का पहला मैच पंजाब किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच होगा। PBKS ने एक भी मुकाबला नहीं गंवाया है, वहीं SRH को 2 हार मिल चुकी है। चेपॉक में होम टीम आगे चेन्नई और दिल्ली के बीच 31 IPL मैच खेले गए। 19 में CSK और 12 में DC को जीत मिली। चेपॉक स्टेडियम में होम टीम चेन्नई का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है। टीम ने दिल्ली को 10 में से 7 मैच हराए हैं, वहीं DC 3 मैच ही जीत सकी। इस सीजन चेन्नई एक मैच भी नहीं जीत सकी है। टीम RCB, PBKS और RR के खिलाफ हार चुकी है। वहीं दिल्ली ने इकलौता मैच GT के खिलाफ गंवाया, टीम ने LSG और MI को 1-1 मैच हराया है। CSK की बैटिंग बुरी तरह फ्लॉप चेन्नई की टीम आज भी धोनी के बगैर उतरेगी, लेकिन साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस वापसी कर सकते हैं। टीम की बैटिंग टूर्नामेंट में फ्लॉप रही, एक भी बैटर 3 मैचों में 100 रन नहीं बना सका। बॉलिंग भी काम नहीं आ पाई, RCB ने टीम के खिलाफ 20 ओवर में 250 रन बना दिए थे। टीम पॉइंट्स टेबल में टॉप पर है। DC की टीम बैलेंस्ड दिल्ली की टीम इस सीजन बैलेंस नजर आई। टीम ने लखनऊ और मुंबई को शुरुआती 2 मैच 6-6 विकेट से हराए। हर बार समीर रिजवी इम्पैक्ट प्लेयर बनकर आए और टीम को जीत दिलाई। GT के खिलाफ तीसरे मुकाबले में रिजवी खाता भी नहीं खोल सके। टीम ने यह मुकाबला 1 रन के करीबी अंतर से गंवा दिया। 2 जीत के साथ दिल्ली चौथे नंबर पर है। चेपॉक की पिच बैटिंग के लिए फायदेमंद चेपॉक स्टेडियम की पिच पहले स्पिन फ्रेंडली हुआ करती थी, लेकिन पिछले कुछ सालों से यहां बल्लेबाजों को रन बनाने में आसानी होती आई है। ओस के कारण चेज करना आसान होता है, इसलिए टीमें टॉस जीतकर बॉलिंग चुनेगी। इस सीजन पहले मुकाबले में पंजाब ने यहां होम टीम के खिलाफ 210 रन का टारगेट चेज कर लिया था। बारिश नहीं होगी चेन्नई में आज बारिश की कोई संभावना नहीं है। दिन में 33 डिग्री सेल्सियस तक टेम्परेचर जा सकता है, लेकिन मैच के दौरान टेम्परेचर 28 से 31 डिग्री के बीच रहेगा। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 CSK: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड, आयुष म्हात्रे, सरफराज खान, शिवम दुबे, कार्तिक शर्मा/डेवाल्ड ब्रेविस, प्रशांत वीर/अकील हुसैन, जैमी ओवरटन, खलील अहमद, अंशुल कम्बोज, मैट हेनरी, नूर अहमद। DC: केएल राहुल (विकेटकीपर), पाथुम निसांका, नीतीश राणा, समीर रिजवी, ट्रिस्टन स्टब्स, डेविड मिलर, अक्षर पटेल (कप्तान), विपराज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, थंगारसु नटराजन, मुकेश कुमार।
12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में से 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार, दूसरे फेज में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
भोपाल में मेट्रो काम के चलते बदला ट्रैफिक प्लान:जवाहर चौक–डिपो मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू; पुलिस बोली- परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें

भोपाल में मेट्रो निर्माण कार्य के चलते शहर के व्यस्ततम मार्गों में शामिल जवाहर चौक से भारत माता चौराहा (डिपो) के बीच यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। यातायात पुलिस ने इस हिस्से में एक तरफ का मार्ग (वन-वे) परिवर्तित करते हुए वाहनों के लिए डायवर्सन प्लान लागू किया है, ताकि निर्माण कार्य के दौरान ट्रैफिक सुचारू रखा जा सके। हनुमान मंदिर से जवाहर चौक तक वन-वे बदला यातायात पुलिस के अनुसार, डिपो चौराहा से जवाहर चौक के बीच स्थित हनुमान मंदिर से जवाहर चौक की ओर जाने वाला एक तरफ का मार्ग अब परिवर्तित रहेगा। वहीं, जवाहर चौक से डिपो चौराहा की ओर आने वाला मार्ग पहले की तरह चालू रहेगा, जिससे इस दिशा में यातायात सामान्य रूप से चलता रहेगा। डायवर्सन से गुजरेंगे वाहन डिपो चौराहा से हनुमान मंदिर होते हुए जवाहर चौक जाने वाले वाहनों को अब हनुमान मंदिर से बाएं मुड़कर पानी की टंकी, नागेश्वर धाम मंदिर और अटल पथ स्मार्ट रोड होते हुए जवाहर चौक पहुंचना होगा। जबकि जवाहर चौक से डिपो चौराहा जाने वाले वाहनों के लिए कोई बदलाव नहीं किया गया है। यातायात पुलिस की अपील यातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और परिवर्तित मार्गों का ही उपयोग करें। अनावश्यक रूप से इस मार्ग पर आवागमन से बचें, क्योंकि डायवर्सन वाले रास्तों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है।
ग्वालियर में घर में घुसकर नाबालिग छात्रा से रेप:पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की दी धमकी; भागने से पहले आरोपी अरेस्ट

ग्वालियर के हजीरा में एक नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। आरोपी ने छात्रा और उसके परिवार को जान से मारने की भी धमकी दी। यह घटना दिसंबर 2025 में हजीरा क्षेत्र की है। बदनामी के डर से छात्रा शुरुआत में चुप रही, लेकिन इसी का फायदा उठाकर आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार शारीरिक शोषण से परेशान होकर छात्रा ने आखिरकार मामले की शिकायत दर्ज कराई। शुक्रवार को शिकायत मिलते ही पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है। हजीरा थाना क्षेत्र निवासी 17 वर्षीय नाबालिग 12वीं की छात्रा है। छात्रा ने शिकायत की है कि दिसंबर 2025 में वह घर पर अकेली थी, तभी उसके घर में गोसपुरा नंबर एक निवासी आयुष खटीक घुस आया और उसका मोबाइल नंबर मांगा। जब नाबालिग छात्रा ने मोबाइल नंबर देने से इनकार किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी देकर रेप किया। घटना के बाद आरोपी उसे धमकी देकर भाग गया। बदनामी और धमकी के कारण नाबालिग चुप रही तो आरोपी उसे ब्लैकमेल कर शोषण करने लगा। अब पीड़ित नाबालिग लगातार शारीरिक शोषण से परेशान हो गई तो शुक्रवार को परिजन को आपबीती सुनाई। इसके बाद पीड़ित छात्रा हजीरा थाने पहुंची और मामले की शिकायत की। जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। शहर छोड़ने से पहले पकड़ा गया आरोपी वारदात के बाद आरोपी यही सोच रहा था कि पीड़िता डर के चलते पुलिस के पास नहीं जाएगी, लेकिन किसी तरह पीड़ित छात्रा पुलिस तक पहुंच गई। पुलिस ने मामला दर्ज करने से पहले ही आरोपी आयुष की तलाश शुरू कर दी। आरोपी को भी मामला दर्ज होने की भनक लग चुकी थी, वह शहर से भागने की तैयारी में था, लेकिन पुलिस ने उसके भागने से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर मारपीट, अवैध वसूली और धमकाने के कई मामले दर्ज हैं पकड़े गए आरोपी का शहर के हजीरा समेत विभिन्न थानों में अच्छा खासा अपराधिक रिकॉर्ड है। मारपीट, अवैध वसूली व धमकाने के कई मामले दर्ज हैं। यही कारण है कि पीड़िता उससे डर गई थी। हजीरा थाना प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर ने बताया- एक युवक ने नाबालिग पीड़िता के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देकर दुष्कर्म किया है। घटना दिसंबर 2025 की है। पीड़िता ने अब मामले की शिकायत की है, जिस पर मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।
‘बंगला में घुसपैठ के लिए टीएमसी जिम्मेदार’, अमित शाह ने भड़के अभिषेक बनर्जी पर तंज कसते हुए शेख हसीना को लेकर क्या कहा?

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित अभिषेक ने कश्मीर, दिल्ली में गृह मंत्रालय की भूमिका पर सवाल उठाया। गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपनी सभी पार्टियों में राज्य में घुसपैठियों के मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहे हैं और इसके लिए वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी लोकतांत्रिक कांग्रेस (टीएमसी) को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। शाह के आरोप-प्रस्ताव पर टीएमसी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और समाजवादी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इसके साथ ही उन्होंने बांग्लादेश से घुसपैठ के मामले में शाह की रिहाई पर पलटवार करते हुए बांग्लादेश के अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का भी ज़िक्र किया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से यह स्पष्ट करने को कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख़ हसीना को बंधक बनाया जाना चाहिए। इसके साथ ही, अभिषेक अंबानी ने पहलगाम और नई दिल्ली में पिछले साल हुए हमले में गृह मंत्रालय की भूमिका पर भी रोक नहीं लगाने का सवाल उठाया। शेख़ ख़ुशना को लेकर क्या बोले अभियोग…? न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर जारी बयान में कहा गया है कि टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने कोलकाता में शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने शाह से यह स्पष्ट करने की मांग की कि शेख हसीना को क्या कहा जाए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने शरण दी है। हमलावरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें दूर-दराज़ के निवासियों से खोजा गया है, जो कि फ्लॉवर के शाह के संकल्प का ज़िक्र करते हुए अभियोग ने केंद्रीय गृह मंत्री पर बार-बार आरोप लगाया है- एक ही बात दोहराई जा रही है और इस मुद्दे पर ग़लत जानकारी फैलाई जा रही है। उन्होंने कहा, ‘अगर हम घुसपैठियों की बात करें तो बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की क्या स्थिति है, जो पिछले साल से भारत में रह रही हैं? क्या हैं वे बांग्लादेशी घुसपैठिए?’ लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से अमित शाह असफलः अभिवचन अभिषेक ने कहा, ‘अमित शाह पहले गाम में हुए आतंकवादी हमलों में कैसे नाकाम रहे, जिसमें 26 भारतीय मारे गए? दिल्ली में हमलावरों ने कैसे घुसे और 10 लोगों को मार डाला? ‘शाह इन लोगों की सुरक्षा क्यों विफल हो रही है?’ यह भी पढ़ें: ओडिशा के गंजाम में ‘दंड नाच’ के दौरान दो संप्रदायों में मामूली बहस के बाद हिंसक हुई घटना (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)अभिषेक बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)बांग्लादेश(टी)शेख हसीना(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी
Secret Trick: शबाना सैफी की इस ट्रिक से सिर्फ 1 सिटी में ही पकाए एकदम सीधे-खिले चावल, समय भी बचाए और स्वाद भी बढ़ाया

गुप्त युक्ति: अक्सर लोगों की परेशानी यह होती है कि चावल में थोड़ा-थोड़ा कुकर या तो अलग-अलग तरह से चिपक जाते हैं या फिर नीचे से जल जाते हैं। कुकर में परफेक्ट चावल बनाना एक कला है, और कुकिंग एक्सपर्ट शबाना सैफी ने इस कला को बेहद आसान बना दिया है। उनके बताए गए खास टिप्स और पानी के सही अनुपात को अपनाकर आप घर पर ही रॉयल पुलाव जैसे खिले-खिले चावल तैयार कर सकते हैं। आइए हम आपको इस लेख में स्टेप-बाय-स्टेप चावल बनाने की विधि के बारे में बताते हैं। जिससे चावल एकदम खिला-खिला रहेगा और हर दाना एक अलग सा दिखेगा। चावल की गुणवत्ता अच्छी होनी चाहिए चावल की गुणवत्ता और उसे तैयार करने का तरीका सबसे पहला कदम है।खिले-खिले चावल हमेशा अच्छी गुणवत्ता के लिए लंबे ग्रेन बासमती चावल का चयन करें।चावल बनाने से पहले कम से कम 30 मिनट तक सोखना जरूरी है। सब्सने से दाने पानी सोख लेते हैं, जिससे वे पकते समय टूटते नहीं और अपनी पूरी लंबाई तक खिलते हैं।चावल धोते समय हाथों का दबाव अलग, ताकि दानों के बीच से न टूटे। चावल बनाने का पहला स्टेप साधारण चावल को ‘स्पेशल’ बनाने के लिए उन्हें सलाद के बजाय मसाले का तड़का लगाएं। कुकर में थोड़ी सी घी या तेल गरम कर लीजिये. इसमें लौंग, छोटी और बड़ी इलायची, काली मिर्च और जीरा डाला जाता है। जैसे ही मसालों की ध्वनि आने लगे, बड़े-बड़े चावलों को कुकर में डालें। चावलों को घी में 1-2 मिनट का चित्रांकन। ऐसा करने से दानों पर घी की एक परत चढ़ जाती है, जो उन्हें बिजली से रोकती है। चावल पकाने के लिए पानी की मात्रा का ध्यान रखें कुकर में चावल खराब होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि हम पानी कम या फिर ज्यादा ले रहे हैं। साधारण शबाना सैफी के अनुसार 2 चम्मच चावल के लिए सिर्फ 2.5 चम्मच पानी का ही उपयोग करें। ज्यादातर लोग ज्यादा पानी दाल देते हैं। चावल स्वादिष्ट हो जाते हैं। यह पोटली का फॉर्मूलेशन चावल को एकदम सटीक टेक्सास देता है। चावल पकाने का सही तरीका यही स्टेप सबसे जरूरी है। जो आपके चावलों को रेस्टोरेंट की तरह बनाएगा। पानी डाउनलोड करने के बाद तुरंत बंद न करें।कुकर को एक साधारण प्लेट से पुराने डेक और उच्च फ्लेम पर व्यंजन बनाया गया।जब ऊपर का पानी सूख जाए और चावलों की सतह दिखे, तब कुकर का असली समुद्र तट।अब केवल एक सीट पर क्लिक करें और तत्काल बंद कर दें। चावल सर्व करने से पहले ये जरूर करें शहर के बाद कुकुर को घण्टा बंद न छोड़ें। स्टीम को तुरंत हटा दिया गया और डेथ एंकर। अब एक केंट या कढ़ी की मदद से चावलों को हाथों से फुलाएं। इसके अंदर की गर्म हवा निकल जाएगी और चावल के साथ में शामिल नहीं होगा। शबाना सैफी का तरीका ये भी पढ़ें – ड्रैगन फ्रूट Vs बनाना शेक: ड्रैगन फ्रूट और बनाना शेक में कौन सबसे ज्यादा जादुई? जानिए क्या हैं फायदे








