Friday, 09 Oct 2026 | 02:18 AM

Trending :

EXCLUSIVE

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

May 10, 2026/
6:51 pm

सामग्री: 2 बड़े प्याज, 1 कप दही, 1 हरी मिर्च, 1/2 काली मिर्च, 1 चुटकी हींग, 1/2 हल्दी पाउडर, 1/2...

Peoples Will Crucial for National Security

April 14, 2026/
8:34 pm

गांधीनगर2 घंटे पहले कॉपी लिंक राष्ट्रीय रक्षा यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में संबोधित करते NSA डोभाल। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA)...

आपकी हर हरकत पर नजर, कनेक्टिविटी निजता के लिए खतरा:स्मार्टफोन, टीवी, ओटीटी यहां तक कि कनेक्टेड कार भी चुरा सकती है आपका डेटा

May 15, 2026/
1:40 pm

हमारी जिंदगी पहले से ज्यादा स्मार्ट और ‘कनेक्टेड’ हो गई है। मनोरंजन, सुविधा और सोशल मीडिया के इस दौर में...

Swiggy & Zomato Platform Fee Hike

March 24, 2026/
8:10 pm

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो के बाद अब स्विगी से भी खाना मंगाना महंगा...

People show their identity cards as they wait in a queue at a polling station to cast their votes during the Municipal Corporation elections, in Amritsar. (Source: PTI)

May 29, 2026/
10:42 am

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 10:42 IST कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद सहित 34 कैबिनेट पद हैं। दो इस्तीफों और एक मंत्री...

भवानीपुर चुनाव परिणाम 2026 लाइव: भवानीपुर विधानसभा सीट पर टीएमसी की ममता बनर्जी आगे, जानिए कितने अंकों से बनी बढ़त

May 4, 2026/
8:03 am

तमिलनाडु में डीएमके का झंडा ख्वाब, चेन्नई हेडक्वॉर्टर में उकेरे तुंब, कुरसियां ​​में ‘विजय’ की लहर, पसरा दुखिया Post Views:...

थाईलैंड के स्कूल में छात्र ने फायरिंग की:6 लोगों की मौत, कई घायल; हमलावर छात्र भी अस्पताल में भर्ती

August 7, 2026/
11:49 am

थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के पास एक हाई स्कूल में शुक्रवार को एक छात्र ने अचानक गोलियां चला दीं। फायरिंग...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.