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नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा

नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा

नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार साल के दौरान HR मैनेजर से शिकायत की गई, लेकिन हर बार नजरअंदाज कर दिया गया। महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे से मामला सामने आया महिला पुलिसकर्मियों भेष बदलकर कंपनी में काम किया पुलिस ने बताया कि यह मामला संगठित था, इसलिए सबूत जुटाना मुश्किल था। महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। उन्होंने उनके व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके के सबूत जुटाए। पुलिस ने 40 जगहों के CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपियों द्वारा लड़कियों को परेशान करने, गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने के मामले सामने आए। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से बात करके उनका भरोसा जीता, जिससे वे आगे आकर शिकायत कर सकीं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे लगा था कि कंपनी में अच्छा माहौल होगा, लेकिन वहां काम से ज्यादा उसके धर्म और सोच पर बात की जाती थी। पुलिस जांच में पता चला कि कुछ लोग कंपनी में अपने पद का गलत फायदा उठा रहे थे। वे नौकरी के लिए आई लड़कियों को पहले भरोसे में लेते थे। उन्हें प्रमोशन और बड़े मौके का लालच दिया जाता था। फिर उन्हें “वीकेंड ट्रिप” के नाम पर बाहर ले जाते थे, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उन पर दबाव बनाया जाता था। मंत्री राणे बोले- ये कार्पोरेट जिहाद ————————————– ये खबर भी पढ़ें: भोपाल में धर्म परिवर्तन का नेटवर्क!:महिलाओं ने नौकरी का झांसा देकर फंसाया, साथियों ने किया रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव राजधानी में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बाग सेवनिया पुलिस ने एक युवती और एक महिला की शिकायत पर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन का मुकदमा दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…

नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा

नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा

नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के मुस्लिम टीम लीडर्स और HR मैनेजर सहित 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने कंपनी कैंपस में घुसकर हंगामा किया। महाराष्ट्र सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। महिला कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले चार साल के दौरान HR मैनेजर से शिकायत की गई, लेकिन हर बार नजरअंदाज कर दिया गया। महिला कर्मचारियों के व्यवहार और पहनावे से मामला सामने आया महिला पुलिसकर्मियों भेष बदलकर कंपनी में काम किया पुलिस ने बताया कि यह मामला संगठित था, इसलिए सबूत जुटाना मुश्किल था। महिला पुलिसकर्मियों ने भेष बदलकर कंपनी में काम किया और आरोपियों पर नजर रखी। उन्होंने उनके व्यवहार और लड़कियों से बात करने के तरीके के सबूत जुटाए। पुलिस ने 40 जगहों के CCTV कैमरे चेक किए। इसमें आरोपियों द्वारा लड़कियों को परेशान करने, गलत तरीके से छूने और अश्लील हरकतें करने के मामले सामने आए। पुलिस ने पीड़ित लड़कियों से बात करके उनका भरोसा जीता, जिससे वे आगे आकर शिकायत कर सकीं। एक पीड़ित लड़की ने बताया कि उसे लगा था कि कंपनी में अच्छा माहौल होगा, लेकिन वहां काम से ज्यादा उसके धर्म और सोच पर बात की जाती थी। पुलिस जांच में पता चला कि कुछ लोग कंपनी में अपने पद का गलत फायदा उठा रहे थे। वे नौकरी के लिए आई लड़कियों को पहले भरोसे में लेते थे। उन्हें प्रमोशन और बड़े मौके का लालच दिया जाता था। फिर उन्हें “वीकेंड ट्रिप” के नाम पर बाहर ले जाते थे, जहां उनके साथ गलत व्यवहार किया जाता था और उन पर दबाव बनाया जाता था। मंत्री राणे बोले- ये कार्पोरेट जिहाद ————————————– ये खबर भी पढ़ें: भोपाल में धर्म परिवर्तन का नेटवर्क!:महिलाओं ने नौकरी का झांसा देकर फंसाया, साथियों ने किया रेप, धर्म परिवर्तन का दबाव राजधानी में दो युवतियों के साथ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। बाग सेवनिया पुलिस ने एक युवती और एक महिला की शिकायत पर एक महिला समेत पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म एवं धर्म परिवर्तन का मुकदमा दर्ज किया है। पढ़ें पूरी खबर…

4 मिनट की सांस फूलने वाली मेहनत बड़े काम की:ब्रिटेन में ​96 हजार लोगों पर स्टडी में खुलासा, बस के लिए दौड़ना भी कारगर

4 मिनट की सांस फूलने वाली मेहनत बड़े काम की:ब्रिटेन में ​96 हजार लोगों पर स्टडी में खुलासा, बस के लिए दौड़ना भी कारगर

क्या आप रोजाना 5 मिनट भी कड़ी मेहनत करने का समय नहीं निकाल पाते हैं? अगर ऐसा है, तो ये आदत बदलें, क्योंकि रोजाना सिर्फ 4 मिनट की सांस फूलने वाली कठोर मेहनत आपको 8 बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। सांस फूल जाने वाली मेहनत में जिम जाना जरूरी नहीं है। इसमें बस पकड़ने के लिए दौड़ना, तेज सीढ़ियां चढ़ना या बच्चों के साथ पूरे जोश के साथ खेलना भी आपके लिए उतना ही कारगर है। चीन की सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी की ताजा स्टडी में खुलासा हुआ है कि ऐसे छोटे लेकिन तेज व्यायाम से डिमेंशिया का खतरा 63%, टाइप-2 डायबिटीज 60% और समय से पहले मौत का जोखिम 46% तक कम हो जाता है। यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित शोध में 96,400 ब्रिटिश वयस्कों के डेटा का विश्लेषण किया गया। प्रतिभागियों ने एक सप्ताह तक कलाई पर एक्सेलेरोमीटर (गति मापने वाला डिवाइस) पहना, जिससे उनके हर छोटे-बड़े हिलने-डुलने का रिकॉर्ड रखा गया। सात साल तक की फॉलो-अप में पाया गया कि जिन लोगों ने कुल शारीरिक गतिविधि का 4% भी तेज व्यायाम में लगाया, उनमें दिल के दौरे, स्ट्रोक, गठिया, लिवर-किडनी रोग और डिमेंशिया का खतरा 29-61% कम था। असरदार है ‘सांस फूलने’ वाली एक्टिविटी स्टडी के मुख्य लेखक डॉ. मिंक्सुए शेन कहते हैं, ‘तेज व्यायाम शरीर में ऐसे खास बदलाव लाता है, जो धीमी एक्टिविटी से नहीं होते। इससे दिल ज्यादा कुशलता से पंप करता है, ब्लड वेसल्स लचीले बनते हैं और शरीर ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल सीखता है।’ उनका कहना है कि तेज एक्टिविटी दिमाग में ऐसे केमिकल्स भी छोड़ती है, जो ब्रेन सेल्स को स्वस्थ रखते हैं। इसी से डिमेंशिया का खतरा घटता है। विशेषकर सूजन वाली बीमारियों (इंफ्लेमेटरी डिजीज) जैसे गठिया, सोरायसिस और हृदय रोगों पर इसका असर सबसे ज्यादा देखा गया। जो लोग पहले से व्यायाम नहीं करते, उन्हें ज्यादा फायदा अध्ययन में डायबिटीज और लिवर रोगों में दोनों- समय और तीव्रता, महत्वपूर्ण पाए गए। यह भी पाया गया कि जो लोग पहले से कोई व्यायाम नहीं करते, उन्हें सबसे ज्यादा फायदा हुआ। यानी शुरुआत करने के लिए कभी देर नहीं होती। नई दिल्ली के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक सेठ कहते हैं, ‘भारत में 30% वयस्क शारीरिक रूप से निष्क्रिय हैं। यह स्टडी साबित करती है कि लंबी वर्कआउट का इंतजार किए बिना रोजमर्रा की छोटी-छोटी तेज एक्टिविटी से भी बड़ा स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।’ डॉक्टरों की सलाह है कि ऑफिस में लिफ्ट की जगह सीढ़ियां तेजी से चढ़ें। बस स्टॉप तक तेज चलें या शाम को 5 मिनट तेज दौड़ें। ये काफी है।’ डॉ. शेन कहते हैं, हफ्ते में सिर्फ 15-20 मिनट की ऐसी एक्टिविटी (रोज 2-3 मिनट) भी मायने रखती है।

मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर में गैस सिलेंडर के लिए चक्काजाम:एजेंसी देर से खुलने पर उपभोक्ता भड़के; एसडीएम ने संचालक को फटकार लगाई

मैहर जिले के अमरपाटन में शुक्रवार को मानसी गैस एजेंसी के सामने उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर न मिलने पर चक्काजाम कर दिया। नाराज लोगों ने सतना रोड पर मुख्य मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलते ही एसडीएम डॉ. आरती सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और स्थिति को संभाला। सुबह 11 बजे तक एजेंसी न खुलने पर भड़का आक्रोश मानसी गैस एजेंसी पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ जमा थी, लेकिन सुबह 11 बजे तक काउंटर नहीं खुले। भीषण गर्मी और कड़ी धूप में घंटों इंतजार करने के बाद उपभोक्ताओं का धैर्य टूट गया और उन्होंने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों ने एजेंसी संचालक पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरों के कार्ड पर गैस वितरण पर लगी रोक एसडीएम ने मौके पर कतार में लगे लोगों की रैंडम जांच की, जिसमें पाया गया कि कई लोग पड़ोसियों या अन्य व्यक्तियों के गैस कार्ड की फोटोकॉपी लेकर आए थे। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सिलेंडर केवल कार्डधारक के परिवार के सदस्य को ही दिया जाएगा। अब से वितरण के लिए पहचान पत्र और मूल गैस कार्ड लाना अनिवार्य होगा। शनिवार से शुरू होगी होम डिलीवरी एसडीएम डॉ. आरती सिंह ने एजेंसी संचालक को फटकार लगाते हुए तत्काल वितरण शुरू करवाया। उन्होंने निर्देश दिए कि एजेंसी पर भीड़ कम करने के लिए शनिवार से अनिवार्य रूप से होम डिलीवरी शुरू की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में गैस की किल्लत नहीं है और जाम हटने के बाद यातायात सामान्य हो गया है।

‘बीजेपी कभी भी बाबरी मस्जिद बनाने वाले किसी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती’: पश्चिम बंगाल में अमित शाह | राजनीति समाचार

AP Inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time.(AI Image)

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 15:09 IST अमित शाह ने कहा कि बीजेपी ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने वाले किसी व्यक्ति के साथ सहयोग करने के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल में. (फाइल फोटो: एक्स/अमित शाह) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टीएमसी के आरोप के खिलाफ कड़े शब्दों में कहा, “भाजपा पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण करने वाले किसी व्यक्ति के साथ सहयोग करने के बजाय विपक्ष में बैठना पसंद करेगी।” शाह कोलकाता में एक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के घोषणापत्र का अनावरण करते हुए बोल रहे थे। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के इस आरोप पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कि भाजपा राज्य में ममता बनर्जी सरकार को गिराने के लिए पूर्व तृणमूल कांग्रेस नेता हुमायूं कबीर का समर्थन कर रही है, केंद्रीय मंत्री ने कहा, “ममता जी 2,000 वीडियो बना सकती हैं। हुमायूं कबीर और भाजपा दक्षिणी ध्रुव और उत्तरी ध्रुव की तरह हैं; हम कभी एक नहीं हो सकते।” उन्होंने कहा, “बीजेपी उन लोगों के साथ कभी गठबंधन नहीं करेगी जो बंगाल में बाबरी मस्जिद का निर्माण कर रहे हैं; हम 20 साल तक विपक्ष में बैठना पसंद करेंगे।” क्या है विवाद? हुमायूं कबीर से जुड़ा विवाद टीएमसी नेताओं द्वारा प्रसारित एक कथित वीडियो से उपजा है, जिसमें कथित तौर पर कबीर को एक वित्तीय सौदे पर चर्चा करते और भाजपा के साथ संबंधों का दावा करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में, पूर्व टीएमसी नेता कथित तौर पर अल्पसंख्यक मतदान पैटर्न को प्रभावित करने की योजना के बारे में बात कर रहे हैं। कथित तौर पर कबीर का दावा है कि योजना को क्रियान्वित करने के लिए उसे 1,000 करोड़ रुपये के सौदे की अग्रिम राशि के रूप में 200 करोड़ रुपये मिले हैं। हुमायूँ कबीर ने दावों का खंडन करते हुए क्लिप को छेड़छाड़ और राजनीति से प्रेरित बताया। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव चल रहे हैं, जिसमें तृणमूल और भाजपा के बीच तीखी लड़ाई चल रही है। बाबरी मस्जिद लिंक हुमायूँ कबीर को टीएमसी से हटा दिया गया था, जब उन्होंने पिछले साल बाबरी मस्जिद बनाने की योजना की घोषणा की थी। 6 दिसंबर को, अयोध्या में बाबरी मस्जिद के विध्वंस की सालगिरह पर, कबीर ने मुर्शिदाबाद में प्रतिकृति की नींव रखी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने उन पर “पार्टी को धोखा देने” का आरोप लगाते हुए उन्हें “गद्दार” कहा। पश्चिम बंगाल चुनाव 294 सदस्यीय पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में क्रमशः 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। जबकि फैसला तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) लगातार कार्यकाल चाहता है, विपक्ष भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कथित भ्रष्टाचार, खराब शासन, हिंसा और विकास एवं परिवर्तन की आवश्यकता जैसे मुद्दों का हवाला देकर राज्य में सत्ता हासिल करने के लिए चुनाव लड़ रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 15:09 IST समाचार राजनीति ‘बीजेपी कभी भी बाबरी मस्जिद बनाने वाले किसी के साथ गठबंधन नहीं कर सकती’: पश्चिम बंगाल में अमित शाह अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह बाबरी मस्जिद टिप्पणी(टी)अमित शाह पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी टीएमसी टकराव(टी)हुमायूं कबीर विवाद(टी)बाबरी मस्जिद प्रतिकृति(टी)ममता बनर्जी आलोचना(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)बीजेपी विपक्ष रुख

मुंबई एयरपोर्ट पर ₹38 करोड़ का 29.37 किलो सोना जब्त:24 केन्याई महिलाएं गिरफ्तार, कपड़ों-बैग में छिपाकर ला रही थीं

मुंबई एयरपोर्ट पर ₹38 करोड़ का 29.37 किलो सोना जब्त:24 केन्याई महिलाएं गिरफ्तार, कपड़ों-बैग में छिपाकर ला रही थीं

मुंबई एयरपोर्ट पर बुधवार को 29.37 किलो सोने के साथ 24 केन्याई महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने इन महिलाओं से ₹37.74 करोड़ का सोना जब्त किया है। ये महिलाएं सोना कपड़ों और बैग में छिपाकर ला रही थीं। दरअसल, DRI को इनपुट मिला था कि केन्या के नैरोबी से आने वाली कुछ महिला यात्री सोना लेकर मुंबई पहुंचेंगी। इसके बाद छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर ऑपरेशन ‘धहाबू ब्लिट्ज’ चलाया गया संदिग्ध यात्रियों को रोका गया। जांच में महिलाओं के पास से कुल 29.37 किलो सोना बरामद हुआ। इसमें 25.10 किलो सोने की सिल्लियां और 4.27 किलो सोने के जेवर शामिल हैं। ट्रेनिंग देकर तस्करी कराई जा रही थी एजेंसी के मुताबिक, महिलाओं को सोना छिपाने और एयरपोर्ट जांच से बचने के तरीके पहले से सिखाए गए थे। इससे साफ है कि पूरा काम एक संगठित नेटवर्क के जरिए किया जा रहा था, जो कैरियर्स के माध्यम से सोना भारत भेज रहा था। गिरोह खुद सोना नहीं लाता था, बल्कि पैसों के लालच में लोगों को कैरियर बनाकर उनके जरिए तस्करी कराता था। यह इस साल मुंबई एयरपोर्ट पर पकड़े गए सबसे बड़े मामलों में से एक है। सभी महिलाओं को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जबकि एजेंसी अब इस नेटवर्क के सरगनाओं तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। इस ऑपरेशन का नाम ‘धहाबू ब्लिट्ज’ रखा गया है। ‘धहाबू’ स्वाहिली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ सोना होता है। पिछले साल कन्नड़ एक्ट्रेस सोना तस्करी में पकड़ी गई थीं DRI ने पिछले साल 3 मार्च को कन्नड़ एक्ट्रेस रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14.2 किलो सोने के साथ गिरफ्तार किया था। रान्या इसे अपने बेल्ट में छिपाकर ला रही थी। उन पर गोल्ड स्मगलिंग का केस दर्ज किया गया है। DRI अधिकारियों के मुताबिक, रान्या राव दुबई से एमिरेट्स फ्लाइट के जरिए भारत लौटी थीं। सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही उनकी एक्टिविटी पर नजर रख रही थीं, क्योंकि वे पिछले 15 दिनों में 4 बार दुबई जा चुकी थीं। पुलिस ने रान्या के लावेल रोड स्थित अपार्टमेंट की तलाशी ली। यहां से 2.1 करोड़ रुपए की ज्वेलरी और 2.7 करोड़ रुपए नकद भी बरामद किए। एयरपोर्ट पर पकड़ी गई सोना तस्करी की पिछली घटनाएं… 10 फरवरी: अंडरवियर में छिपाकर दुबई से 45 लाख का सोना ला रहा था 10 फरवरी 2026 को कस्टम विभाग ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दुबई के एक शख्स को 96 लाख रुपए के सोने के साथ पकड़ा था। इसने अपने अंडरवियर में 45 लाख का सोना छिपा रखा था। जांच के दौरान व्यक्ति के पास से 24 कैरेट शुद्धता की दो पूरी सोने की छड़ें और एक कटी हुई छड़ भी मिली। ये छड़े उनकी अपनी जेब में रखे पर्स में छिपा रखी थीं। पूरी खबर पढ़ें… 8 फरवरी: लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का गोल्ड मिला, सऊदी अरब से 3 पैकेट में छुपाकर लाया था लखनऊ एयरपोर्ट पर 2 करोड़ का सोना पकड़ा गया। जेद्दा से आई सऊदी एयरलाइंस की फ्लाइट से 1.267 ग्राम सोना लावारिस हालत में मिला है। रविवार को एयर इंडिया की सुरक्षा टीम की ओर से सौंपे गए इस सोने को कस्टम्स एक्ट 1962 के तहत जब्त कर लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… ———— ये खबर भी पढ़ें… तस्करी करने 135 ग्राम सोना निगल रखा था:अबू धाबी से अहमदाबाद आए पैसेंजर को एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने पकड़ा अहमदाबाद कस्टम्स विभाग ने अबू धाबी से आए एक पैसेंजर को पकड़ा। इसने 24 कैरेट का 135 ग्राम से अधिक सोना निगल रखा था। अस्पताल में मलत्याग के जरिए गोल्ड निकलवाया गया। जब्त किए गए सोने की अनुमानित बाजार कीमत करीब 21.89 लाख रुपए आंकी गई है। पूरी खबर पढ़ें…

चौंकाने वाला: कन्हैया कुमार ने अहमदाबाद रैली में गुजरातियों को “घुसपैठिया” कहा | News18 अपडेट

चौंकाने वाला: कन्हैया कुमार ने अहमदाबाद रैली में गुजरातियों को "घुसपैठिया" कहा | News18 अपडेट

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‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला | राजनीति समाचार

AP Inter Results 2026 Live Updates: Manabadi Intermediate 1st, 2nd year results link release date and time.(AI Image)

आखरी अपडेट:10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (बाएं से दाएं) कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर निशाना साधते हुए राज्य से घुसपैठियों को बाहर निकालने के भाजपा के वादे पर निशाना साधा। कुमार ने असम के बोंगाईगांव में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए कहा, “…मैंने कहा था कि हिमंत बिस्वा सरमा के साथ सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया है और उसे भी बाहर निकालने की जरूरत है।” यह बयान शाह की पिछली टिप्पणी के जवाब में था कि असम में घुसपैठियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें “एक-एक करके” निर्वासित किया जाएगा। उन्होंने 9 अप्रैल को असम में बराक घाटी के पत्थरकांडी में कहा था, “हमने घुसपैठियों की पहचान कर ली है; अब उन्हें एक-एक करके देश से बाहर भेजने का समय आ गया है।” बोंगाईगांव में कांग्रेस उम्मीदवार गिरीश बरुआ के लिए प्रचार कर रहे कन्हैया कुमार ने कहा कि असम के संसाधन राज्य के लोगों के हैं, इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। बोंगाईगांव, असम: कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार कहते हैं, “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जैसे गांधीजी ने अंग्रेजों से समझौता नहीं किया,… pic.twitter.com/hBAKvzEWU3– आईएएनएस (@ians_india) 10 अप्रैल 2026 “हमारे गांव और जिले के लोग बोंगाईगांव में काम करते हैं, लेकिन हम अभी भी कहते हैं कि बोंगाईगांव के संसाधन और असम की संपत्ति पहले असम के लोगों की है… जिस तरह गांधी ने अंग्रेजों के साथ समझौता नहीं किया, उसी तरह हम इस देश के संविधान को मिटने नहीं देंगे। हम इन चोरों के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे…” उन्होंने कहा। असम में मतदान भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, असम की 126 सीटों पर गुरुवार, 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें राज्य में 85.74 प्रतिशत का प्रभावशाली मतदान दर्ज किया गया। जहां भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करना चाहता है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन रायजोर दल और सीपीआई (एम) के साथ गठबंधन पर भरोसा करके वापसी करना चाहता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 10 अप्रैल, 2026, 14:34 IST समाचार राजनीति ‘सबसे बड़ा घुसपैठिया गुजरात से आया’: असम में कन्हैया कुमार का अमित शाह पर परोक्ष हमला अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कन्हैया कुमार असम भाषण(टी)कन्हैया कुमार अमित शाह(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम घुसपैठियों की टिप्पणी(टी)कांग्रेस बनाम बीजेपी असम(टी)बोंगाईगांव चुनाव रैली(टी)असम मतदाता मतदान 2026(टी)असम विधानसभा चुनाव

स्मार्टफोन की लत दिमाग को बना रहा 10 साल बूढ़ा? ‘डिजिटल डिटॉक्स’ से ब्रेन हेल्‍थ को ऐसे करें रीवर्स, रिसर्च में बड़ा खुलासा

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Last Updated:April 10, 2026, 14:33 IST Social media addiction and brain health : शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मार्टफोन से दूरी बनाने पर दिमाग की एकाग्रता (Attention) में इतना सुधार हुआ, जो उम्र के साथ आने वाली 10 साल की गिरावट को मिटाने के बराबर था. यानी, सिर्फ 14 दिन का संयम आपके दिमाग को 10 साल तक जवां बना सकता है. न्यू मैक्सिको में भी कोर्ट ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के लिए मेटा पर भारी जुर्माना लगाया है. Impact of social media on memory and attention :क्या आपकी सुबह फोन की स्क्रीन से शुरू होती है और रात उसी नीली रोशनी के साथ खत्म हो जाती है? अगर हाँ, तो आप अकेले नहीं हैं. रिसर्च बताती है कि एक औसत इंसान दिन के 4 से 5 घंटे सिर्फ फोन पर बिता रहा है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह लत आपके दिमाग को समय से पहले बूढ़ा बना रही है? विज्ञान का दावा है कि सोशल मीडिया की यह आदत आपके दिमाग को 10 साल तक पीछे धकेल सकती है. राहत की बात यह है कि इसे ‘रिवर्स’ यानी ठीक करना भी आपके ही हाथ में है. दुनियाभर की कोर्ट ले रही ऐतिहासिक फैसलेसोशल मीडिया का जाल अब इतना गहरा हो गया है कि इसे लेकर दुनिया भर की अदालतें सख्त हो गई हैं. पिछले महीने कैलिफोर्निया में एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया गया, जहाँ टेक दिग्गज मेटा और यूट्यूब को एक युवती को करीब 50 करोड़ रुपये ($6 मिलियन) हर्जाना देने का आदेश मिला. वजह? वह इन प्लेटफॉर्म्स की इतनी बुरी तरह आदी हो गई थी कि उसका मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ गया. न्यू मैक्सिको में भी कोर्ट ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाने के लिए मेटा पर भारी जुर्माना लगाया है. ये फैसले साफ बताते हैं कि अब पानी सिर के ऊपर से गुजर चुका है. क्या है डिजिटल डिटॉक्स, जो लौटाएगा दिमाग की जवानी?‘PNAS नेक्सस’ द्वारा किए गए एक ताजा अध्ययन में 467 लोगों पर रिसर्च की गई. इन लोगों ने सिर्फ दो हफ्ते के लिए अपने फोन से इंटरनेट का नाता तोड़ दिया. नतीजे चौंकाने वाले थे! शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मार्टफोन से दूरी बनाने पर दिमाग की एकाग्रता (Attention) में इतना सुधार हुआ, जो उम्र के साथ आने वाली 10 साल की गिरावट को मिटाने के बराबर था. यानी, सिर्फ 14 दिन का संयम आपके दिमाग को 10 साल तक जवां बना सकता है. फोन और कंप्यूटर के इस्तेमाल में बड़ा फर्कअध्ययन में एक दिलचस्प बात सामने आई. शोधकर्ताओं का मानना है कि हम कंप्यूटर या लैपटॉप का इस्तेमाल किसी काम के लिए करते हैं, लेकिन फोन का इस्तेमाल “मजबूरी और बिना सोचे-समझे” (Mindless scrolling) होता है. यही वह आदत है जो हमारे डिनर, वॉक और परिवार के साथ बिताए जाने वाले सुकून के पलों को छीन रही है. जब प्रतिभागियों ने फोन का इंटरनेट बंद किया, तो उनका ऑनलाइन समय 314 मिनट से घटकर महज 161 मिनट रह गया. मूड और नींद में जबरदस्त सुधारहार्वर्ड यूनिवर्सिटी की एक और स्टडी बताती है कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल कम करने से केवल एक हफ्ते के भीतर चिंता (Anxiety), अवसाद (Depression) और अनिद्रा (Insomnia) जैसी समस्याओं में बड़ी गिरावट आती है. अगर आप रात भर करवटें बदलते हैं या बिना वजह तनाव महसूस करते हैं, तो शायद इसकी जड़ आपके हाथ में मौजूद वह छोटा सा गैजेट ही है. बच्चों पर मंडराता खतरा और कड़े कानूनसोशल मीडिया के खतरों को देखते हुए अब कई देश सख्त कानून बना रहे हैं. अमेरिका के मैसाचुसेट्स में 14 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की तैयारी है, वहीं इंडोनेशिया ने 16 साल से कम उम्र वालों पर इसे प्रतिबंधित कर दिया है. वैज्ञानिक अब उन लोगों की पहचान कर रहे हैं जो दूसरों से अपनी तुलना करके दुखी होते हैं या अकेलेपन को दूर करने के लिए घंटों रील स्क्रॉल करते हैं. कैसे करें शुरुआत? एक्सपर्ट की सलाहजॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कोस्टाडिन कुश्लेव का कहना है कि आपको हमेशा के लिए फोन छोड़ने की जरूरत नहीं है. बस कुछ दिनों का ‘आंशिक डिटॉक्स’ (Partial Detox) भी जादू की तरह काम करता है. सप्ताह में एक दिन ‘नो फोन डे’ रखें या सोने से 2 घंटे पहले फोन को खुद से दूर कर दें. आपका दिमाग खुद-ब-खुद हील होने लगेगा. डिजिटल दुनिया की चकाचौंध में हम अपनी दिमागी शांति खो रहे हैं. विज्ञान ने रास्ता दिखा दिया है- फैसला अब आपका है कि आप फोन को खुद पर हावी होने देंगे या अपने दिमाग की सेहत को चुनेंगे. (यह लेख पीनास नेक्सस (PNAS Nexus), हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की स्टडी और द वाशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट पर आधारित है.) About the Author Pranaty Tiwary मैंने लेडी श्रीराम कॉलेज फॉर वूमन से अपनी ग्रेजुएशन और मिरांडा हाउस से मास्टर्स की डिग्री पूरी की है. पत्रकारिता करियर की शुरुआत दूरदर्शन(2009) से की, जिसके बाद दैनिक भास्कर सहित कई प्रमुख अख़बारों में मेनस्ट्र…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 10, 2026, 14:31 IST

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

दतिया की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। 42 गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। हालत यह है कि खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है और खड़ी फसल सड़कर नष्ट हो रही है। किसान न तो फसल काट पा रहे हैं और न ही उसमें से एक दाना निकालने की उम्मीद बची है। दैनिक भास्कर टीम ने आलमपुर बुजुर्ग, जरौली, दिगुवा सहित कई गांवों का दौरा किया। जहां किसानों ने बताया कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में जलभराव बना हुआ है। गेहूं पूरी तरह सड़ चुकी है, जिससे खाने के लिए अनाज तक नहीं बचा। वहीं पशुओं के लिए भूसे का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों का कहना है कि अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें अपने पशु बेचने तक की नौबत आ गई है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी उनके सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। आरोप- कई गांवों में सर्वे नहीं हुआ ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक कई गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची है। किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन सर्वे में देरी से उन्हें राहत मिलने पर भी संशय बना हुआ है। किसानों का दर्द है कि फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है, लेकिन खेतों की सफाई के लिए भी अब उन्हें अलग से खर्च करना पड़ेगा। इधर, जनप्रतिनिधि और नेता केवल आश्वासन दे रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। मामले की लेकर अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कपचे ने बताया कि सर्वे टिम लगी हुई है, जो जल्द सर्वे कर जांच रिपोर्ट सौंपेगी।