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झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ में तहसीलदार पर आदिवासियों से अभद्रता का आरोप:सड़क निर्माण का विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट की; आप ने कलेक्टर कार्यालय घेरा

झाबुआ जिले के रानापुर तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल पर ग्रामीणों के साथ अभद्रता और मारपीट करने के आरोप लगे हैं। इन आरोपों के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन किया और एसडीएम महेश मंडलोई को ज्ञापन देकर तहसीलदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। निजी जमीन पर सड़क निर्माण को लेकर विवाद AAP जिलाध्यक्ष कमलेश सिंगाड़ ने आरोप लगाया कि बुधवार को ग्राम भूतखेड़ी में अपनी निजी जमीन पर सड़क निर्माण का विरोध कर रहे आदिवासी परिवारों के साथ तहसीलदार ने अमर्यादित व्यवहार किया। ज्ञापन में बताया गया कि पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों को गाली दी गई और एक युवक के साथ लात मारते हुए मारपीट की गई। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीणों को जबरन गाड़ी में बिठाकर ले जाते देखा जा रहा है। तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार दूसरी ओर, तहसीलदार हुकुम सिंह निगवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि जिस रास्ते को खुलवाया गया, वह सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। तहसीलदार के अनुसार, जब राजस्व टीम कोर्ट के आदेश का पालन करने पहुंची, तो प्रतिवादी पक्ष ने धारदार हथियारों के साथ टीम पर हमला करने की कोशिश की और अभद्रता की। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो के तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। सरपंच ने तहसीलदार का समर्थन किया भूतखेड़ी सरपंच मुकेश मेडा ने तहसीलदार की कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अधिकारी ने नियमों के तहत वर्षों पुराने बंद रास्ते को खुलवाकर ग्रामीणों को राहत दी है। रानापुर टीआई दिनेश रावत ने जानकारी दी कि मौके पर पुलिस और राजस्व टीम के कार्य में बाधा डालने के मामले में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। जांच और कार्रवाई की मांग आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि आदिवासी भाई-बहनों के साथ अभद्रता करने वाले अधिकारी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को उग्र किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन ने ज्ञापन लेकर मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। विवाद का मुख्य कारण वह आम रास्ता है, जिसे लेकर महीनों से एक परिवार और ग्रामीणों के बीच तनाव बना हुआ था।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन होगा मुख्यमंत्री? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन होगा मुख्यमंत्री? अमित शाह ने किया बड़ा ऐलान

बंगाल चुनाव में भाजपा का बड़े पैमाने पर उद्देश्य केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्यभर में आम जनता को बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार (10 अप्रैल 2025) को कहा कि बंगाल में अगर बीजेपी की जीत होती है तो सरकार बनने के छह महीने में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि बीजेपी बंगाल के बेटे मुख्यमंत्री बनेंगे. अमित शाह ने टीएमसी पर लगाया तुष्टिकरण का आरोप केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीतीश त्रिवेदी पर कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि पश्चिम बंगाल के लोगों के खान-पान की सलाह में एजीबी ने कहा। गृह मंत्री ने कहा, ‘यूनी फॉर्म सिविल कोड की बकवास नहीं है। यह संविधान सभा का अनुयायी है।’ उन्होंने यूसीसी को आरक्षण को आगे बढ़ाने का दावा करते हुए कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति के कारण इसे दशकों तक लागू नहीं किया गया। छह महीने में यूसीसी लागू करने का वादा पूरा हुआ उन्होंने कहा, ‘तुष्टिकरण की राजनीति के कारण समान नागरिक संहिता लंबे समय तक लागू नहीं हो सकी। जिन-जिन राज्यों में हमारी सरकार बनी है, वहां हमने इसे लागू किया है और बंगाल में भी ऐसा होगा।’ भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ‘संकल्प पत्र’ आने के छह महीने बाद सत्ता में समान नागरिक संहिता लागू करने का वादा किया है। उन्होंने कहा, ‘बंगाल में हर नागरिक के लिए एक ही कानून होगा।’ तुष्टीकरण क्या है? क्या एक व्यक्ति को चार पाट्नियां बनाए रखने की छूट देना तुष्टीकरण है या फिर बॉस देश के कानून का पालन करने के लिए तुष्टीकरण कहता है?’ पश्चिम बंगाल में बीजेपी का मुख्यमंत्री तो कौन होगा मुख्यमंत्री? पश्चिम बंगाल में बीजेपी सीएम का चेहरा कौन होगा, इस सवाल का भी अमित शाह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘हम कोई वंशवादी दल नहीं हैं, जिसमें बट के बाद भतीजा सत्ता शामिल हो।’ मुझे बंगाल के लोगों पर भरोसा है कि हमारी मुख्यमंत्री एक बंगाली होंगी और बंगाल की निवासी होंगी।’ वे कांग्रेस कांग्रेस की ओर से जारी हुमायूँ कबीर के वीडियो का ज़िक्र कर रहे हैं जिसमें पार्टी के निलंबित नेता अल्पसंख्यकों के कथित तौर पर शामिल होने का दावा किया गया है। गृह मंत्री ने इसी तरह की अटकलों को खारिज कर दिया। हुमायूं कबीर को लेकर क्या बोले गृह मंत्री अमित शाह? उन्होंने कहा, ‘हुमायूँ कबीर और बीजेपी दो बिल्कुल अलग-अलग ध्रुव हैं। ऐसी पार्टी के साथ कोई समझौता करने के बजाय हम उम्मीदवारी में पसंद करेंगे।’ उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वीडियो के जरिए राजनीतिक चर्चा गढ़ने में अक्षम हैं. उन्होंने कहा, ‘आपको ममता जी की क्षमता का पता नहीं है. वह ऐसे कई वीडियो डाउनलोड कर सकते हैं।’ ये भी पढ़ें: बीजेपी बंगाल मेनिफेस्टो 2026: बंगाल के लिए बीजेपी का संकल्प पत्र- हर महीने 3 हजार रुपये, 6 महीने में UCC, जानिए क्या हुआ बड़ा ऐलान Input By : pl भाषा (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)चुनाव 2026(टी)बीजेपी सीएम चेहरा पश्चिम बंगाल(टी)अमित शाह घोषित बीजेपी सीएम फेस(टी)गृह मंत्री अमित शाह(टी)बंगाल(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव

मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

आगर मालवा जिले के सोयतकला स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में शुक्रवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले में कक्षा चौथी के 9 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। इस घटना में 5 अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं। स्कूल में एग्जाम देने पहुंचे थे स्टूडेंट जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खी के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर उड़ने लगीं, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि स्कूल में कई जगह मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए हैं। चौथी के छात्र की मधुमक्खियों के हमले से मौत कक्षा चौथी के छात्र रमन (पिता सज्जन सिंह कराड़ा) मधुमक्खियों ने पर हमला किया। छात्र ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह मधुमक्खियों के झुंड से घिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में 4 से 5 अन्य छात्र भी घायल हुए। घटना के तुरंत बाद सभी घायल छात्रों को सोयतकला के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद रमन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झालावाड़ (राजस्थान) रेफर किया गया। झालावाड़ में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

मधुमक्खियों के हमले में चौथी के छात्र की मौत:आगर मालवा में 5 बच्चे घायल, पेपर देने स्कूल गए थे स्टूडेंट; मधुमक्खियों के झुंड ने किया हमला

आगर मालवा जिले के सोयतकला स्थित स्वामी विवेकानंद स्कूल में शुक्रवार दोपहर मधुमक्खियों के हमले में कक्षा चौथी के 9 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। इस घटना में 5 अन्य बच्चे भी घायल हुए हैं। स्कूल में एग्जाम देने पहुंचे थे स्टूडेंट जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब छात्र स्कूल में परीक्षा देने पहुंचे थे। इसी दौरान स्कूल परिसर में लगे मधुमक्खी के छत्ते से अचानक बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर उड़ने लगीं, जिससे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। बताया गया है कि स्कूल में कई जगह मधुमक्खियों के छत्ते लगे हुए हैं। चौथी के छात्र की मधुमक्खियों के हमले से मौत कक्षा चौथी के छात्र रमन (पिता सज्जन सिंह कराड़ा) मधुमक्खियों ने पर हमला किया। छात्र ने खुद को बचाने का प्रयास किया, लेकिन वह मधुमक्खियों के झुंड से घिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। इस हमले में 4 से 5 अन्य छात्र भी घायल हुए। घटना के तुरंत बाद सभी घायल छात्रों को सोयतकला के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद रमन की गंभीर हालत को देखते हुए उसे झालावाड़ (राजस्थान) रेफर किया गया। झालावाड़ में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अन्य घायल छात्रों का इलाज जारी है। प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी ली जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

गर्मियों में शरीर के लिए अमृत समान है ये रस, इम्यूनिटी करे बूस्ट, बॉडी को तुरंत दे एनर्जी, जानें सेवन का सही तरीका

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Ganne ka juice peene ke fayde: गर्मियों में गन्ने का जूस पीना सेहत के लिए अमृत समान है. यह एक नेचुरल ड्रिंक है, जो कई तरह के पोषक तत्वों का भंडार होता है. जब आप तेज धूप में घूमकर घर लौटते हैं तो थकान महसूस होती है. इस थकान को कम करने का काम करता है, गन्ने का रस. ये रस शरीर को तुरंत ही भरपूर एनर्जी देता है.  गन्ने के रस पीने के क्या फायदे होते हैं और इसमें क्या-क्या पोषक तत्व मौजूद होते हैं, जानिए यहां विस्तार से… गन्ने के जूस में मौजूद पोषक तत्व गन्ने का रस एक पावर-पैक्ड जूस है, जिसमें मिनरल्स, विटामिंस, एंटीऑक्सीडेंट्स का खजाना होता है. इसमें एलेक्ट्रोलाइट्स को शरीर में बढ़ाने के भी गुण होते हैं. शरीर को डिटॉक्सिफाई, हाइड्रेटेड भी बनाए रखता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट्स, आयरन, विटामिन सी, मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटैशियम, विटामिन बी1, बी2, बी9, एनर्जी, जिंक आदि होते हैं. गन्ने का जूस पीने फायदे -गर्मियों में गन्ने का रस पीने से शरीर को भरपूर एनर्जी मिलती है. आपकी सारी थकान दूर हो जाती है. आयुर्वेद में गन्ने के रस को कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. यह शरीर को तरोताजा रखता है. यह लिवर की कार्यक्षमता बढ़ाता है. पाचन तंत्र को दुरुस्त बनाए रखता है. खासकर, पीलिया जैसी बीमारी में गन्ने का रस पीना बहुत फायदेमंद माना गया है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, गन्ने का रस एक नेचुरल डिटॉक्स ड्रिंक है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है. यह क्षारीय पेय (alkaline drink) होता है, जिसके कारण इम्यूनिटी बूस्ट होती है. -आयुर्वेद में गन्ने के रस को मूत्रवर्धक, शीतलक, रेचक और टॉनिक के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यह पेशाब में जलन, पेशाब न आने की समस्या और रक्तस्राव में भी राहत देता है. -लिवर की कार्यप्रणाली में सुधार करता है गन्ने का रस. पीलिया जैसी लिवर संबंधी समस्याओं के प्राकृतिक उपचारों में से एक गन्ने का रस है. इसकी क्षारीय प्रकृति पेट के अतिरिक्त पित्त रस और अम्लों को बेअसर करती है. लिवर की कार्य क्षमता को मजबूत बनाती है. -यूनानी चिकित्सा में इसे पीलिया के मरीजों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है. आधुनिक अध्ययनों में भी गन्ने में सूजन-रोधी, दर्द निवारक और लिवर की रक्षा करने वाले गुण पाए गए हैं. -इसमें मौजूद मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स तनाव कम करने में मददगार है. गन्ने का जूस पीने का सही तरीका विशेषज्ञों के अनुसार, गन्ने का ताजा और शुद्ध रस ही पीना चाहिए. अगर आप ठेले से गन्ने का रस पी रहे हैं तो ध्यान दें कि वहां मक्खियां ना भिनभिना रही हों. साफ-सफाई का पूरा ध्यान दिया जा रहा हो. बाजार में मिलने वाले मिलावटी गन्ने का जूस पीने से भी बचें. गन्ने के रस में आप नींबू या अदरक का रस मिलाकर भी पी सकते हैं. इसके फायदे अधिक बढ़ जाते हैं.  हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को सावधानी बरतनी चाहिए.

बालाघाट में ओवरब्रिज के उद्घाटन में विधायक को रोका:वारासिवनी में सांसद ने किया पूजन; MLA बोले- यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन, कार्यकर्ताओं के साथ फीता काटा

बालाघाट में ओवरब्रिज के उद्घाटन में विधायक को रोका:वारासिवनी में सांसद ने किया पूजन; MLA बोले- यह प्रोटोकॉल का उल्लंघन, कार्यकर्ताओं के साथ फीता काटा

बालाघाट के वारासिवनी में बुधवार को रेलवे ओवरब्रिज के उद्घाटन के दौरान पुलिस और कांग्रेस विधायक विवेक पटेल के बीच तीखी झड़प हुई। प्रशासन ने विधायक और उनके कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल पर जाने से बलपूर्वक रोक दिया, जिसके विरोध में विधायक वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में उन्होंने स्वयं पूजा-अर्चना कर फीता काटते हुए ओवरब्रिज का शुभारंभ कर दिया। पुलिस ने बलपूर्वक रोका, सांसद ने किया पूजन विधायक विवेक पटेल का आरोप है कि ओवरब्रिज को आवागमन के लिए खोलने का कार्यक्रम उन्हीं के द्वारा तय किया गया था। इसके बावजूद, शुक्रवार दोपहर को जब सांसद भारती पारधी इसका पूजन किया जा रहा था, तब पुलिस ने उन्हें कार्यकर्ताओं सहित रोक दिया। उनके आने से पहले ही सांसद भारती पारधी और पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने रेलवे ओवरब्रिज का पूजन कर दिया। विधायक ने प्रशासन की इस कार्रवाई को ‘सत्ता के दबाव में की गई लोकतंत्र की हत्या’ और ‘दुर्भावनापूर्ण’ करार दिया है। देखें 3 तस्वीरें.. पूर्व मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की विधायक को रोके जाने से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद विरोध स्वरूप विधायक बीच सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद विधायक ने कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजा की और फीता काटकर पुल का उद्घाटन कर दिया। प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप विधायक विवेक पटेल ने बताया कि जिले में कांग्रेस विधायकों की अनदेखी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व सरेखा ओवरब्रिज के शुभारंभ में भी उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। विधायकों ने प्रशासन पर सत्ता पक्ष के एजेंट के रूप में काम करने और प्रोटोकॉल के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है।

High Cholesterol Symptoms: 20s-30s में हाई कोलेस्ट्रॉल हो रहा कॉमन, इन लक्षणों को नजरअंदाज करना जानलेवा

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Last Updated:April 10, 2026, 16:18 IST High Cholesterol Symptoms: हाई कोलेस्ट्रॉल जानलेवा साबित हो सकता है. इसका खतरा अब कम उम्र के लोगों में भी तेज से बढ़ता जा रहा है. ऐसे में 20 की उम्र पार करते ही अपना लिपिड प्रोफाइल चेक करवाना जरूरी है. यहां आप हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लक्षणों के बारे में जान सकते हैं जो धमनियों में फैट के जमाव के कारण नजर आते हैं. कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष अग्रवाल ने इन्हें नजरअंदाज करने से बचने की सलाह दी है. ख़बरें फटाफट High LDL Cholesterol in Young Adults: आजकल हाई कोलेस्ट्रॉल सिर्फ उम्रदराज लोगों की समस्या नहीं रही. 20s और 30s के युवाओं में भी यह तेजी से बढ़ रहा है. इसका मुख्य कारण बदलती जीवनशैली, जंक फूड, तनाव, कम शारीरिक गतिविधि और अनियमित दिनचर्या है. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि हाई कोलेस्ट्रॉल अक्सर बिना किसी साफ लक्षण के बढ़ता है, इसलिए लोग इसे समय रहते पहचान नहीं पाते. इसलिए इसे “साइलेंट किलर” भी कहा जाता है. डॉ. आशीष अग्रवाल, निदेशक एवं यूनिट हेड, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी, मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, द्वारका बताते हैं कि कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह दिल की बीमारियों का जोखिम बढ़ा देता है. यह धीरे-धीरे रक्त वाहिकाओं में जमा होने लगता है और ब्लॉकेज का कारण बन सकता है. जब कोलेस्ट्रॉल बढ़कर नसों में जमने लगता है, तो इससे ब्लॉकेज हो सकती है, जिसके कारण ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं. युवाओं में कोलेस्ट्रॉल का नॉर्मल रेंज 20- 30 की उम्र के वयस्कों के लिए, कुल कोलेस्ट्रॉल का स्वस्थ स्तर आमतौर पर 200mg/dL से कम होता है. इसमें LDL (खराब) कोलेस्ट्रॉल 100mg/dL से कम और HDL (अच्छा) कोलेस्ट्रॉल 40-50mg/dL से अधिक होना शामिल है. धमनी में जमाव फैट जमा होने के लक्षण (High Cholesterol Symptoms In Hindi)– जल्दी थकान महसूस होना- अगर आप कम काम में ही थक जाते हैं या ऊर्जा की कमी महसूस होती है, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर सही तरह से काम नहीं कर रहा.– सांस फूलना- सीढ़ियां चढ़ते समय या हल्की एक्सरसाइज में भी सांस फूलना धमनियों में फैट के जमाव के कारण ब्लड फ्लो में रुकावट का कारण हो सकता है.– छाती में हल्की असहजता: यदि कोलेस्ट्रॉल का लेवल लंबे समय से बढ़ा हुआ है, तो इससे छाती में भारीपन या चुभन महसूस हो सकती है. हालांकि कई बार लोग इसे गैस या सामान्य दर्द समझकर टाल देते हैं.– वजन बढ़ना- खासकर पेट के आसपास फैट का जमा होना खराब लिपिड प्रोफाइल का संकेत हो सकता है.– त्वचा पर पीले धब्बे- कुछ लोगों में आंखों के आसपास या त्वचा पर छोटे पीले दाग दिखाई दे सकते हैं, जो फैट जमा होने का संकेत हैं. पेट की चर्बी कम करने के लिए प्लैंक का अभ्यास रोज करें. किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा उम्र से इतर उन लोगों में होता है, जो खराब लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हैं. इसमें ज्यादा देर तक बैठे रहना, ज्यादा तला-भुना या प्रोसेस्ड फूड खाना, स्मोकिंग या शराब का सेवन करना शामिल है. इसके अलावा यदि आपके परिवार में दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल की हिस्ट्री है या आपको डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर की शिकायत है तो भी आप हाई कोलेस्ट्रॉल के खतरे के दायरे में आते हैं. क्यों जरूरी है समय पर जांच?क्योंकि यह बीमारी चुपचाप बढ़ती है, इसलिए 25 साल के बाद हर व्यक्ति को समय-समय पर लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाना चाहिए. इससे शुरुआत में ही समस्या पकड़ में आ सकती है और गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. क्या करें बचाव के लिए? ताजा फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और हेल्दी फैट (जैसे नट्स, बीज) जैसे फूड को डाइट में शामिल करें. जंक फूड कम करें, रोज कम से कम 30 मिनट की फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है. पेट की चर्बी कम करें, योग, ध्यान या पसंदीदा गतिविधियों में समय बिताएं और स्मोकिंग शराब का सेवन कम करें. इसके साथ ही अगर परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, या ऊपर बताए गए लक्षण बार-बार महसूस होते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. बिना लक्षण के भी नियमित जांच करवाना बेहतर होता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 10, 2026, 16:18 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

परशुराम जयंती: 1100 महिलाएं कलश यात्रा का नेतृत्व करेंगी:ग्वालियर में 10 मई को भव्य चल समारोह, मथुरा-वृंदावन की झांकियां होंगी आकर्षण

परशुराम जयंती: 1100 महिलाएं कलश यात्रा का नेतृत्व करेंगी:ग्वालियर में 10 मई को भव्य चल समारोह, मथुरा-वृंदावन की झांकियां होंगी आकर्षण

शहर में भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर इस वर्ष 10 मई को भव्य चल समारोह निकाला जाएगा। आयोजन समिति ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इस बार का समारोह पिछले वर्षों की तुलना में अधिक भव्य और आकर्षक होगा। इसमें हजारों की संख्या में ब्राह्मण समाज के लोग शामिल होंगे। चल समारोह के मुख्य संयोजक महेंद्र पटसारिया ने बताया कि यह आयोजन सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का प्रतीक है। महिला संयोजक सीमा समाधिया ने जानकारी दी कि इस बार चल समारोह में 1100 महिलाएं सिर पर कलश रखकर यात्रा की अगुवाई करेंगी। कुल मिलाकर लगभग 5000 महिलाएं इस आयोजन में भाग लेंगी, जिससे यह यात्रा और भी भव्य बनेगी। मथुरा-वृंदावन की आकर्षक झांकियां शामिल होंगी आयोजकों के अनुसार, चल समारोह में मथुरा-वृंदावन की आकर्षक झांकियां विशेष रूप से शामिल की जाएंगी। इसके साथ ही सजे-धजे घोड़े, बग्गियां, बैंड-बाजे और महाकाल के ढोल इस आयोजन के मुख्य आकर्षण रहेंगे। यह यात्रा शहरवासियों के लिए एक विशेष अनुभव लेकर आएगी। यह चल समारोह अचलेश्वर महादेव मंदिर से प्रारंभ होगा। यह दौलतगंज, पाटनकर बाजार होते हुए महाराज बड़ा पहुंचेगा। मार्ग के विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा स्वागत और पूजा-अर्चना की जाएगी। आयोजकों ने शहरवासियों से अपील की है कि वे इस भव्य आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इसे सफल बनाएं।

सुबह में गर्म पानी पीने से क्या सच में पिघल जाती है पेट की चर्बी ? यकीन करने से पहले डॉ. पारस अग्रवाल से जान लें

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Last Updated:April 10, 2026, 15:56 IST Hot Water Melt Fat: सुबह-सुबह गर्म पानी यानी गुनगुने पानी पीना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. आयुर्वेद हो या मेडिकल साइंस सबमें कहा जाता है कि सुबह में दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी से करना चाहिए. लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी खबरों की बाढ आ गई है जिसमें दावा किया जाता है कि अगर सुबह में गुनगुने पानी पिएंगे तो इससे पेट की चर्बी कुछ ही महीनों में गलने लगेगी. इस बात में आखिर कितनी सच्चाई है. मारेंगे एशिया अस्पताल में मेटाबोलिक डिसॉर्डडर के डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल से जब हमने बात की तो उन्होंने इस पूरे मामले को विस्तार से बताया. गर्म पानी और वजन कम करने का कनेक्शन. Hot Water Melt Fat: राष्ट्रीय हेल्थ सर्वे के मुताबिक भारत में 24 प्रतिशत महिला और 23 प्रतिशत पुरुष मोटापे के शिकार हैं. इनमें से अधिकांश के पेट पर बुरी तरह चर्बी जमी होती है. पेट की चर्बी हर तरह के मोटापे से ज्यादा खतरनाक है क्योंकि यह चर्बी लिवर, किडनी, हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों को घेर लेती है और उन अंगों पर अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डालती है. ऐसे में सोशल मीडिया पर हमेशा दावा किया जाता है कि सुबह में खाली पेट गर्म पानी पीने से पेट की चर्बी कुछ ही महीने में गल जाती है. आखिर इस बात में कितनी सच्चाई है. इसी बात को जानने के लिए हमने मारेंगे एशिया अस्पताल में मेटाबोलिक डिसॉर्डडर के डायरेक्टर डॉ. पारस अग्रवाल से बात की. मेडिकल साइंस की हकीकतडॉ. पारस अग्रवाल ने बताया कि जिस तरह शरीर का वजन बढ़ने के लिए कई चीजें जिम्मेदार होती है उसी तरह इस अतिरिक्त चर्बी को बाहर निकालने के लिए एक साथ कई मोर्चे पर काम करना पड़ता है. जहां तक गर्म पानी की बात है तो पानी पीने से फायदा ही होता है अगर आप इसे संतुलित मात्रा में पिए तो. लेकिन अगर पानी आपने कम पिया या जरूरत से ज्यादा पिया तो इसका नुकसान उठाना पड़ेगा. पर मेडिकल साइंस में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि सुबह खाली पेट गर्म या गुनगुना पानी पिएंगे तो इससे शरीर की चर्बी गलने लगेगी. हां, कुछ हद तक इससे मेटाबोलिज्म बूस्ट हो सकता है. गर्म पानी शरीर के तापमान को थोड़ा बढ़ा सकता है और हो सकता है कि इससे कैलोरी थोड़ी ज्यादा बर्न हो जाए. पर इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि सुबह खाली पेट गर्म पानी आपके पेट की चर्बी को गला दे या कम कर दें. आयुर्वेद चाहे जो भी कहता हो लेकिन मेडिकल साइंस में आज तक यह प्रमाणित नहीं हुआ है कि गर्म पानी से वजन कम होता है या पेट की चर्बी गल जाती है. वजन बढ़ता क्यों हैइस सवाल पर डॉ. पारस अग्रवाल कहते हैं कि मोटे तौर पर वजन बढ़ने के लिए 3 कारण जिम्मेदार होते हैं. पहला-आपने जरूरत से ज्यादा खाया. दूसरा-आपने शारीरिक मेहनत नहीं की या शरीर को हिलाया-डुलाया नहीं और तीसरा-गलत चीजें खाई. जब आप जरूरत से ज्यादा खाएंगे तो जाहिर इस भोजन से एनर्जी भी ज्यादा बनेगी और जब एनर्जी खर्च नहीं होगी तो वह चर्बी के रूप में शरीर में जमा होने लगेगा. वहीं जितनी आपके शरीर में एनर्जी बन रही है अगर वह नहीं खाएंगे तो यह भी चर्बी में बदल जाएगी. अंत में यदि आप गलत चीजें खाएंगे तो इसमें थोड़े से ज्यादा एनर्जी बनेगी और वह सीधे चर्बी में बदल जाएगी. जैसे पिज्जा-बर्गर, ज्यादा चीनी, मिठाई, ज्यादा तेल, तली-भुनी चीजें, पैकेटबंद चीजें, मीठा पेय आदि में खराब कार्बोहाइड्रैट होता है इसलिए फिर वजन घटाने के लिए क्या करें डॉ. पारस अग्रवाल सीधे कहते हैं जिस तरह आपने वजन बढ़ाया है उसी तरह इसे घटा लीजिए. जैसे आपको सबसे पहले कैलोरी पर नियंत्रण करना है. यानी आप पहले जितना खाते थे. उसमें धीरे-धीरे कटौती करें. मसलन यदि आप पहले 3 रोटी खाते थे तो अब 2 रोटी खाइए. इसी तरह भोजन की पूरी मात्रा को कम कीजिए. इसके बाद आप पहले जो गंदी चीजें खाते थे, उसे छोड़ दीजिए. जैसे हर तरह के पैकेटबंद फूड, बिस्किट, चॉकलेट, ब्रेड, पिज्जा-बर्गर, बाहर की तली-भुनी चीजें, ज्यादा तेल वाली चीजें, चिप्स, कुरकुरे, कोल्ड ड्रिंक, चीनी वाली चीजें आदि छोड़ दीजिए. बेहतर होगा कि चीनी को पूरी तरह छोड़ दें. इसी जगह आप रोज घर का बना खाना खाएं. चावल, दाल, रोज हरी सब्जियां, फल, सीड्स, ड्राई फ्रूट्स आदि का सेवन करें. अब इन सबके बाद रोज कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करें. एक्सरसाइज इस तरह से करें कि शरीर के सभी अंगों में हरकतें हो. इसके लिए जिम जाना जरूरी नहीं. किसी भी तरह से आप शरीर के हिलाए-डुलाएं. ऑफिस में तेज वॉक करें, लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. चेयर से हर आधे-एक घंटे पर उठकर स्ट्रैच करें, थोड़ा घूम लें. इसके अलावा पर्याप्त नींद लें और तनाव भी कम करें. तनाव कम करने के लिए योगा, ध्यान आदि का सहारा लें. और सबसे जरूरी बात कि पहले यह देखें कि वजन किसी बीमारी की वजह से तो नहीं बढ़ी है. अगर बीमारी की वजह से है तो इसका इलाज पहले कराएं. निश्चित रूप से वजन घटेगा. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 10, 2026, 15:56 IST

गर्मी में बाहर निकलते ही जलने लगती है स्किन? रोज करें ये आसान काम, टैनिंग की छुट्टी-मिलेगा नैचुरल ग्लो

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खंडवा. गर्मी का मौसम शुरू होते ही त्वचा से जुड़ी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, पसीना और गर्म हवाएं स्किन को नुकसान पहुंचाती हैं. इस वजह से कई लोगों को जलन, लालपन, टैनिंग और रूखापन जैसी समस्याएं होने लगती हैं. खंडवा निवासी डॉक्टर अनिल पटेल के मुताबिक, अगर रोजाना कुछ आसान स्किन केयर रूटीन अपनाए जाएं, तो गर्मियों में भी त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग रखा जा सकता है. गर्मी में सनस्क्रीन का इस्तेमाल सबसे जरूरी है. बाहर जाने से करीब 20 मिनट पहले SPF 30 या उससे ज्यादा वाली सनस्क्रीन लगाएं. यह त्वचा को हानिकारक UV किरणों से बचाती है और टैनिंग कम करती है. उन्होंने कहा कि गर्मी में शरीर के साथ-साथ त्वचा को भी हाइड्रेशन की जरूरत होती है. दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए. इससे शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और स्किन फ्रेश और ग्लोइंग दिखती है. दिन में दो बार चेहरे की सफाई जरूरीपसीना और धूल-मिट्टी से चेहरे पर गंदगी जमा हो जाती है, इसलिए सुबह और रात को अच्छे फेसवॉश से चेहरा साफ करें. इससे पिंपल्स और स्किन इंफेक्शन का खतरा कम होता है. हल्का मॉइश्चराइजर ही करें इस्तेमालगर्मी में भारी और ऑयली क्रीम से बचना चाहिए. इसके बजाय हल्का या जेल-बेस्ड मॉइश्चराइजर लगाएं. यह त्वचा को नमी देता है और इससे चिपचिपाहट भी नहीं होती. घरेलू फेस पैक से दें ठंडकस्किन को ठंडक देने के लिए घरेलू चीजों का इस्तेमाल करें. एलोवेरा जेल, खीरा, दही और गुलाब जल से बने फेस पैक काफी फायदेमंद होते हैं. ये त्वचा की जलन कम करते हैं और नैचुरल ग्लो बढ़ाते हैं. धूप से बचाव भी है जरूरीतेज धूप में निकलते समय छाता, टोपी या स्कार्फ का इस्तेमाल करें. इससे स्किन सीधे धूप के संपर्क में आने से बचती है. टैनिंग और सनबर्न की समस्या भी कम होती है. हेल्दी डाइट से मिलेगा नेचुरल ग्लोडॉक्टर के अनुसार, स्किन के लिए सही खानपान भी बहुत जरूरी है. गर्मी में तरबूज, खीरा, नारियल पानी और मौसमी फल ज्यादा खाएं. ये शरीर को ठंडक देते हैं और त्वचा को अंदर से हेल्दी बनाते हैं. अगर आप गर्मियों में रोजाना ये आसान स्किन केयर टिप्स अपनाते हैं, तो त्वचा को धूप और गर्मी से होने वाले नुकसान से बचाया जा सकता है. साथ ही आपकी स्किन लंबे समय तक हेल्दी, फ्रेश और नेचुरली ग्लोइंग बनी रहती है.