बिजासन माता मंदिर के मैदान में विवाद:बीच-बचाव करना पड़ा भारी, कार में हाथ फंसाकर युवक को घसीटा

इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में माता बिजासन मंदिर के सामने एयरपोर्ट मैदान में चल रहे कार्यक्रम के दौरान विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। झगड़ा शांत कराने पहुंचे युवक को ही आरोपियों ने निशाना बना लिया और कार से घसीट दिया। पुलिस के मुताबिक सिद्धार्थ नगर निवासी बलराम देवड़ा (नगर निगम में ठेके पर कार्यरत) की शिकायत पर रवि (निवासी भवानी नगर) और जीवन मुरार (निवासी हातोद) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मंगलवार शाम करीब 5:30 बजे कार्यक्रम के दौरान दोनों आरोपी आपस में विवाद कर रहे थे। कार का कांच चढ़ाकर हाथ फंसाया, फिर बढ़ा दी गाड़ी बलराम बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान जीवन मुरार ने अपनी कार (MP09-BD-2222) का कांच बंद कर दिया, जिससे बलराम के दोनों हाथ कांच में फंस गए। इसके बाद कार आगे बढ़ा दी, जिससे वह कई फीट तक घसीटते चले गए। सिर और हाथों में चोट, आरोपी फरार इस घटना में बलराम को सिर और दोनों हाथों में चोट आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है, लेकिन अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
किसान के गेहूं के खेत में आग:मैहर में दो एकड़ से अधिक फसल जलकर खाक; फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया

मैहर जिले के बेलदरा गांव में एक किसान के गेहूं के खेत में आग लग गई। घटना में किसान लोकनाथ सिंह की दो एकड़ से अधिक फसल पूरी तरह जलकर खाक हो गई, जिससे उन्हें नुकसान हुआ है। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने तत्काल फायर ब्रिगेड को जानकारी दी। मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया बताया जा रहा है कि आग अचानक खेत में भड़क उठी और तेज हवा के कारण तेजी से फैल गई, जिससे देखते ही देखते पूरी फसल इसकी चपेट में आ गई। हालांकि, समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे आसपास के अन्य खेतों को आग की चपेट में आने से बचाया जा सका। फिलहाल, आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
सरकार ने मार्च में ₹2 लाख करोड़ GST वसूला:यह 10 महीने में सबसे ज्यादा; वित्त वर्ष-26 में कुल कलेक्शन ₹22 लाख करोड़ रहा

मार्च में ग्रॉस GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.8% बढ़कर 2 लाख करोड़ रुपए के पार निकल गया। यह 10 महीने का हाई है। वहीं मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.83 लाख करोड़ रहा था। वहीं सरकार का मार्च में नेट GST कलेक्शन सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपए रहा। 1 अप्रैल को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹1.64 लाख करोड़ रहा था। टोटल रिफंड 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए रहा वहीं टोटल रिफंड सालाना आधार पर 13.8% बढ़कर 0.22 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया। मार्च 2025 में यह आंकड़ा ₹0.19 लाख करोड़ था। ग्रॉस डोमेस्टिक रेवेन्यू 1.46 लाख करोड़ रुपए रहा, जिसमें सालाना आधार पर 5.9% की बढ़ोतरी हुई। जबकि ग्रॉस इम्पोर्ट रेवेन्यू 0.54 लाख करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 17.8% रहा। वित्त वर्ष-26 में कुल GST कलेक्शन 22.27 लाख करोड़ पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ग्रॉस GST कलेक्शन साल-दर-साल 8.3% बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया, जबकि नेट GST कलेक्शन 7.1% बढ़कर 19.34 लाख करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2025 में ग्रॉस GST कलेक्शन 20.25 लाख करोड़ रुपए और नेट GST कलेक्शन 18.07 लाख करोड़ रुपए रहा था। सबसे ज्यादा टैक्स कलेक्शन अप्रैल 2025 में हुआ था सरकार ने अप्रैल 2025 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) से 2.37 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर इसमें 12.6% की बढ़ोतरी हुई थी। यह GST कलेक्शन का रिकॉर्ड है। इससे पहले हाईएस्ट जीएसटी कलेक्शन का रिकॉर्ड अप्रैल 2024 में बना था। तब सरकार ने 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। इकोनॉमी की सेहत दिखाता है GST कलेक्शन जीएसटी कलेक्शन यह बताता है कि देश की अर्थव्यवस्था कितनी तंदुरुस्त है। अगर कलेक्शन ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ रहा है और लोग ईमानदारी से टैक्स भर रहे हैं। 2017 में लागू हुआ था GST सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। ये खबर भी पढ़ें… रिसर्च-AI डेटा सेंटर्स से बढ़ रहा धरती का तापमान: सेंटर्स के आसपास 2 डिग्री तक गर्मी बढ़ी, भारत में 8 सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के डेटा सेंटर्स से तापमान बढ़ रहा है। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की रिसर्च में कहा गया कि जहां ये डेटा सेंटर्स काम कर रहे हैं, वहां औसतन 2 डिग्री सेल्सियस तक तापमान बढ़ गया है। वैज्ञानिकों ने इसे ‘डेटा हीट आइलैंड इफेक्ट’ नाम दिया है। पूरी खबर पढ़ें…
साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
साउथ डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी हुई:एक्ट्रेस ने लगाए थे शूटिंग के बीच वैनिटी में यौन उत्पीड़न के आरोप, 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

4 नेशनल फिल्म अवॉर्ड और 6 केरल स्टेट फिल्म अवॉर्ड जीत चुके साउथ डायरेक्टर की मंगलवार को कोच्चि से गिरफ्तारी हुई है। उन पर एक्ट्रेस ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत की गिरफ्तारी मंगलवार देर रात थोडुपुझा पुलिस ने इडुक्की के एसपी के निर्देश पर की है। उन्हें गिरफ्तारी के बाद उदयमपेरुर पुलिस स्टेशन को सौंपा गया, जहां एक्ट्रेस ने शिकायत दर्ज करवाई है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर को एर्नाकुल मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें 14 दिनों (13 अप्रैल) तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर ने की तबीयत बिगड़ने की शिकायत नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार देर रात हुई गिरफ्तारी के बाद डायरेक्टर रंजीत ने बैचेनी की शिकायत की थी, जिसके बाद उन्हें जांच के लिए एर्नाकुलम जनरल हॉस्पिटल ले जाया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने जांच में पाया कि उन्हें स्वास्थ्य से जुड़ी कोई गंभीर समस्या नहीं है। फिलहाल डायरेक्टर एर्नाकुलम उप-जेल में हैं। क्या है पूरा विवाद? साउथ एक्ट्रेस ने हाल ही में फिल्म की ICC (इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी) को यौन उत्पीड़न की शिकायत दी थी। एक्ट्रेस की शिकायत के अनुसार, डायरेक्टर रंजीत बालाकृष्णन 30 जनवरी को एक फिल्म शूटिंग के दौरान उनकी वैनिटी वैन में आए और यौन उत्पीड़न की कोशिश की। कमेटी ने ये मामला केरल पुलिस को सौंपा। इस मामले की शुरुआती जांच को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। एक्ट्रेस का बयान भी गोपनीय तरीके से दर्ज करवाया गया था। डायरेक्टर के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें इस मामले से पहले भी रंजीत बालाकृष्णन के खिलाफ इस तरह की कई शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। 2024 में बंगाली एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा ने उन पर गलत तरीके से छूने के आरोप लगाए थे। एक्ट्रेस ने 23 अगस्त 2024 में हेमा कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया कि साल 2009 में फिल्म पलेरी माणिक्य्मः ओरू पाथिराकोलापाथकथिंते कथा के ऑडिशन के लिए डायरेक्टर ने उन्हें फ्लैट में बुलाया और गलत तरह छुआ। तब डायरेक्टर ने इन सभी आरोपों को बेबुनियाद कहा था। अक्टूबर 2025 में केरल हाईकोर्ट ने ये कहते हुए मामला रद्द कर दिया कि शिकायत काफी देरी से की गई है। इसके अलावा अक्टूबर 2024 में भी 31 साल के एक्टर ने डायरेक्टर रंजीत पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज करवाई थी। उनका आरोप था कि साल 2012 में शूटिंग के दौरान डायरेक्टर ने एक्टर को होटल में जबरदस्ती शराब पिलाई और यौन उत्पीड़न किया। जुलाई 2025 में ये मामला भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया था।
शिवपुरी में सड़क हादसा, हेल्पर की मौत:अमोला घाटी पर खड़े टैंकर में डंपर ने मारी टक्कर, चालक फरार

शिवपुरी जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में डंपर हेल्पर की मौत हो गई। अमोला घाटी स्थित एनएच-27 पर खड़े एक टैंकर में पीछे से आ रहे डंपर ने टक्कर मार दी थी। मृतक की पहचान मुरैना निवासी अजीत गुर्जर के रूप में हुई है। यह हादसा मंगलवार रात करीब 11 बजे हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डंपर में सवार हेल्पर केबिन में फंस गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और काफी प्रयासों के बाद हेल्पर को बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद डंपर चालक फरार हादसे के बाद डंपर चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। बताया गया है कि शिवपुरी की ओर आ रहा टैंकर रास्ते में खराब हो गया था, जिसके कारण उसे हाइवे किनारे खड़ा किया गया था। इसी दौरान तेज रफ्तार डंपर ने पीछे से उसमें टक्कर मार दी। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त टैंकर खाली था। सुरवाया पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कड़वाहट में छिपा है स्वास्थ्य का खजाना, रोजाना करें करेले का सेवन, मोटापा घटाने में मददगार – News18 हिंदी

X रोजाना करें करेले का सेवन, मोटापा घटाने में मददगार Benefits of Bitter Gourd: करेला एक ऐसी सब्जी है जो स्वाद में भले कड़वी हो. लेकिन सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी बताया गया है. इसमें मौजूद औषधीय गुण अपच, कब्ज, मोटापा, लिवर समस्या, यूरिन इन्फेक्शन, स्किन एलर्जी और किडनी संबंधी दिक्कतों में लाभ पहुंचाते है. बाराबंकी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा के अनुसार करेले का जूस पाचन तंत्र को मजबूत करता है और गैस की समस्या से राहत देता है. वजन बढ़ने या कैलोरी असंतुलन की स्थिति में भी करेले का सेवन लाभकारी है. इसके रस का सेवन त्वचा संबंधी समस्याओं और यूरिन इन्फेक्शन में मददगार माना जाता है. हालांकि विशेषज्ञों की सलाह है कि करेले का नियमित सेवन करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर करें, क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरत अलग होती है.
बंगाल SIR- 60 लाख में 47 लाख आपत्तियां निपटीं:SC बोला- 7 अप्रैल तक सबका निपटारा होगा; ट्रिब्यूनल गलत तरीके से जोड़े-हटाए नामों को सुधारेंगे

पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने के खिलाफ लोगों की अपील सुन रहे अपीलीय ट्रिब्यूनल नए दस्तावेजों को स्वीकार कर सकते हैं। हालांकि बिना वेरिफिकेशन दस्तावेज स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पहले कोर्ट ने कहा था कि अपीलीय ट्रिब्यूनल ऐसे नए दस्तावेज स्वीकार नहीं करेंगे, जो पहले जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं किए गए थे। हालांकि अब कोर्ट ने अपने आदेश में बदलाव किया। कोर्ट ने यह भी कहा कि मतदाता सूची में गलत तरीके से जोड़े गए या हटाए गए नामों को ट्रिब्यूनल सुधार सकता है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं ने चिंता जताई कि नए वोटर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए एक साथ बड़ी संख्या में फॉर्म-6 जमा किए जा रहे हैं। इसपर कोर्ट ने कहा- जब तक कोई चीज रिकॉर्ड में न हो, हम जुबानी दलीलों के आधार पर कोई फैसला नहीं कर सकते। यह खबर लगातार अपडेट हो रही है…
उमरिया में प्रवेशोत्सव शुरू, 89 हजार बच्चों ने लिया प्रवेश:स्कूलों में तिलक-माला से स्वागत; समन्वयक ने 'शिक्षा रथ' को दिखाई हरी झंडी

उमरिया जिले में नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। बुधवार को जिला मुख्यालय सहित जिले के लगभग 1097 स्कूलों में ‘प्रवेशोत्सव’ मनाया गया। इस दौरान बच्चों का तिलक लगाकर और माला पहनाकर स्वागत करते हुए उन्हें स्कूलों में प्रवेश दिया गया। कई स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों की मौजूदगी में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। पहले दिन 89 हजार बच्चों का प्रवेश हुआ शिक्षा विभाग ने जिले में 1 लाख 21 हजार बच्चों को प्रवेश दिलाने का लक्ष्य रखा है। प्रवेशोत्सव के पहले दिन लगभग 89 हजार बच्चों को प्रवेश दिया गया और उनका कक्षा उन्नयन किया गया। यह शिक्षा सत्र 1 अप्रैल से शुरू हुआ है और अगले 30 दिनों तक एक विशेष अभियान के रूप में जारी रहेगा। इस अभियान के तहत शिक्षक मोहल्लों और गांवों में जाकर अभिभावकों से संपर्क करेंगे। उनका उद्देश्य बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करना है। ‘शिक्षा रथ’ गांव-गांव जाकर जागरूकता फैलाएगा जिला परियोजना समन्वयक के.के. डेहरिया ने बताया कि प्रवेशोत्सव के साथ ‘शिक्षा रथ’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया है। यह रथ गांव-गांव जाकर शिक्षा के महत्व, विभिन्न सरकारी योजनाओं और बच्चों को स्कूल भेजने के लाभों के बारे में लोगों को जागरूक करेगा। कालरी स्कूल सहित कई विद्यालयों में बच्चों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, जिससे नए शिक्षा सत्र की शुरुआत एक सकारात्मक और उत्साहपूर्ण माहौल में हुई।
Summer Health Tips | dehydration and heat stroke prevention tips | गर्मी में डिहाइड्रेशन और लू से बचाव के उपाय | लू से बचने के आसान तरीके |

Last Updated:April 01, 2026, 14:18 IST Summer Health Tips: तपती गर्मी के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली बात बताई है. डॉक्टर के अनुसार बढ़ता तापमान अब केवल पसीना और बेचैनी का कारण नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की 3 छोटी गलतियां इसे साइलेंट किलर बना रही हैं. डॉ. राजकुमार (आयुष) के अनुसार, अनजाने में की गई ये लापरवाही शरीर को अंदर ही अंदर खोखला कर रही है, जिससे हीट स्ट्रोक और ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर स्थितियां पैदा हो सकती हैं. आखिर कौन सी हैं वे आदतें जिन्हें हम नजरअंदाज कर रहे हैं आइए जानते हैं. ऋषिकेश: गर्मी का मौसम आते ही लोग अक्सर सिर्फ पसीना और चिपचिपाहट को ही परेशानी मानते हैं, लेकिन असल खतरा इससे कहीं ज्यादा गहरा होता है. तेज होती धूप अब धीरे-धीरे शरीर पर ऐसा असर डाल रही है, जो तुरंत नजर नहीं आता, लेकिन अंदर ही अंदर नुकसान करता रहता है. यही वजह है कि डॉक्टर इसे ‘साइलेंट किलर’ कहने लगे हैं. तापमान बढ़ने के साथ शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है और हमारी रोजमर्रा की कुछ छोटी-छोटी आदतें इस खतरे को और बढ़ा देती हैं. लोग समझ ही नहीं पाते कि उनकी ही दिनचर्या उन्हें बीमार बना रही है. लोकल 18 के साथ बातचीत के दौरान डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि सबसे आम और खतरनाक आदत है दिनभर पर्याप्त पानी न पीना. कई लोग तब ही पानी पीते हैं जब उन्हें प्यास लगती है, लेकिन गर्मियों में शरीर को लगातार हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी होता है. पानी की कमी से शरीर में डिहाइड्रेशन होने लगता है, जिससे सिरदर्द, थकान, चक्कर और कमजोरी जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं. लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर किडनी पर भी असर पड़ सकता है. खासकर बाहर काम करने वाले लोग या ज्यादा पसीना बहाने वाले लोग अगर इस बात को नजरअंदाज करते हैं, तो उनका शरीर जल्दी थकने लगता है और बीमारियों की चपेट में आ जाता है. तेज धूप में सुरक्षा बेहद जरूरी दूसरी आदत है तेज धूप में बिना किसी सुरक्षा के बाहर निकलना. कई लोग जल्दी में सिर ढकना या सनस्क्रीन लगाना जरूरी नहीं समझते, लेकिन यही लापरवाही भारी पड़ सकती है. सीधे सूरज की किरणें शरीर के तापमान को तेजी से बढ़ा देती हैं, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. हीट स्ट्रोक एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का तापमान अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और व्यक्ति बेहोश तक हो सकता है. इसके अलावा त्वचा पर जलन, टैनिंग और सनबर्न जैसी समस्याएं भी इसी वजह से होती हैं. इसलिए धूप में निकलते समय सिर ढकना, हल्के कपड़े पहनना और सन प्रोटेक्शन का इस्तेमाल करना जरूरी हो जाता है. यह भी पढ़ें: गर्मियों में मिलने वाला ये छोटा सा फल है बड़ा ताकतवर! खून बढ़ाने से लेकर दिल तक रखे फिट, जानिए इसके कमाल के फायदे खान-पान में लापरवाही पड़ेगी भारी तीसरी और अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली आदत है बाहर का बासी या जंक फूड खाना. गर्मियों में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, लेकिन फिर भी लोग स्वाद के चक्कर में सड़क किनारे मिलने वाला खाना या लंबे समय से रखा हुआ फूड खा लेते हैं. इससे पेट में संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं. शरीर पहले ही गर्मी से जूझ रहा होता है और ऐसे में खराब खाना उसकी हालत और बिगाड़ देता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है. इन तीनों आदतों की खास बात यह है कि ये दिखने में बहुत छोटी लगती हैं, लेकिन इनका असर धीरे-धीरे शरीर को कमजोर कर देता है. लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज करते रहते हैं और जब तक समस्या गंभीर होती है, तब तक काफी देर हो चुकी होती है. गर्मी के मौसम में सिर्फ ठंडा पानी पी लेना या पंखे के नीचे बैठना ही काफी नहीं है, बल्कि अपनी दिनचर्या में थोड़े बदलाव करना बेहद जरूरी है. सही मात्रा में पानी पीना, धूप से बचाव करना और साफ-सुथरा, ताजा खाना खाना ही इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है. About the Author Seema Nath सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : April 01, 2026, 14:18 IST








