Monday, 12 Oct 2026 | 04:31 PM

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इजराइल की हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल अटैक:पेट्रोल टैंक में आग लगी; फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज मौजूद

इजराइल की हाइफा ऑयल रिफाइनरी पर मिसाइल अटैक:पेट्रोल टैंक में आग लगी; फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज मौजूद

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 32वां दिन हैं। लेबनान के ईरान समर्थन उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार इजराइल के उत्तरी शहर हाइफा में ऑयल रिफाइनरी पर ईरानी मिसाइल से हमला किया। हमले के बाद रिफाइनरी परिसर में एक पेट्रोल टैंक में आग लग गई, जिससे इलाके में घना धुआं फैल गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह इम्पैक्ट हाइफा के इंडस्ट्रियल जोन में हुआ। अभी तक यह साफ नहीं है कि हमला सीधे मिसाइल से हुआ या इंटरसेप्ट किए गए मलबे के कारण। एहतियात के तौर पर स्थानीय प्रशासन ने लोगों को घरों की खिड़कियां बंद रखने और बाहर न निकलने की सलाह दी थी। ईरान जंग के बीच फारस की खाड़ी में भारत के 18 जहाज और 485 भारतीय क्रू मौजूद हैं। जलमार्ग मंत्रालय ने बताया कि ये सभी सुरक्षित हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। अमेरिकी हमले में ईरान का विमान डैमेज ईरान में सोमवार को महान एयरलाइंस का एक प्लेन अमेरिकी हमले में क्षतिग्रस्त हो गया। यह विमान मशहद एयरपोर्ट पर खड़ा था और नई दिल्ली आने वाला था। इसका मकसद भारत से दवाइयों और दूसरी जरूरी राहत सामग्री लेकर जाना था। हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिका की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान-इजराइल जंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

2026 में बंगाल इतना महत्व क्यों रखता है? राष्ट्रीय प्रभाव की व्याख्या | चुनाव समाचार

Rajasthan Royals' Vaibhav Sooryavanshi plays a shot during the Indian Premier League cricket match between Chennai Super Kings and Rajasthan Royals in Guwahati, India, Monday, March 30, 2026. (AP Photo/Anupam Nath)

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:40 IST बंगाल का चुनाव सिर्फ स्थानीय नहीं है – शीर्ष नेताओं का कहना है कि यह तय करता है कि भारत अपनी बांग्लादेश सीमा और अवैध आप्रवासन का प्रबंधन कैसे करता है। ममता अब मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड चौथी बार कार्यकाल की मांग कर रही हैं, जबकि भाजपा मुख्य चुनौती है। पश्चिम बंगाल 23 और 29 अप्रैल, 2026 को अपनी राज्य सरकार के लिए मतदान कर रहा है – और परिणाम (4 मई को) राज्य की सीमाओं से परे तक गूंजेंगे। यही कारण है कि पूरा देश देख रहा है। यह एक विशाल राज्य है: 7 करोड़ से अधिक मतदाता वोट देने के पात्र हैं – जो कई देशों की पूरी आबादी से भी अधिक है। 294 विधानसभा सीटों के साथ, बंगाल भारत के सबसे राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। बड़ी लड़ाई – टीएमसी बनाम बीजेपी: सत्तारूढ़ पार्टी ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) है, जिसने 15 वर्षों तक बंगाल पर शासन किया है। ममता अब मुख्यमंत्री के रूप में रिकॉर्ड चौथे कार्यकाल की मांग कर रही हैं। भाजपा मुख्य चुनौती है। बंगाल उन कुछ राज्यों में से एक है जहां भाजपा का शासन नहीं है, हालांकि पार्टी ने 2014 के बाद से वहां उल्लेखनीय राजनीतिक लाभ कमाया है। भाजपा के लिए, बंगाल जीतना एक बड़ी प्रतीकात्मक और रणनीतिक जीत होगी। यह 2029 की लोकसभा की रिहर्सल है: 2026 के राज्य चुनावों को व्यापक रूप से 2029 के आम चुनावों से पहले राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जाता है। यहां पार्टियां कैसा प्रदर्शन करती हैं, यह उनकी राष्ट्रीय गति और आत्मविश्वास को आकार देता है। राष्ट्रीय सुरक्षा मेज पर है: बंगाल बांग्लादेश के साथ एक लंबी, छिद्रपूर्ण सीमा साझा करता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार बंगाल चुनाव को भारत की आंतरिक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया है, यह तर्क देते हुए कि टीएमसी के शासन ने अवैध आप्रवासन को अनियंत्रित होने दिया है। भाजपा का दावा है कि यह जनसांख्यिकीय बदलाव मतदाता सूची को प्रभावित करता है, संसाधनों पर दबाव डालता है और कानून-व्यवस्था के लिए जोखिम पैदा करता है। केंद्र के लिए, बंगाल की सरकार को नियंत्रित करने का मतलब यह नियंत्रित करना है कि जमीन पर सीमा का प्रबंधन कैसे किया जाता है। संवेदनशील सामाजिक मुद्दे: तीन दोष रेखाएँ हावी हैं: • आरजी कर मामला: 2024 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। पूरे भारत में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। यह मामला संस्थागत विफलता और सबूतों को छिपाने के राज्य सरकार के कथित प्रयासों का प्रतीक बन गया – जिससे शहरी, शिक्षित मतदाताओं के बीच ममता की छवि बुरी तरह खराब हो गई। • धार्मिक ध्रुवीकरण: बंगाल में मुसलमानों की अच्छी-खासी आबादी (लगभग 30%) है। टीएमसी और बीजेपी दोनों पर सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप है – टीएमसी “तुष्टिकरण” के लिए, बीजेपी “उकसाने” के लिए। हर दंगे या मंदिर-मस्जिद विवाद को राष्ट्रीय कवरेज मिलती है। • राजनीतिक हिंसा: बंगाल में बूथ कैप्चरिंग और पार्टी-कार्यकर्ताओं की हत्याओं का एक गंभीर इतिहास रहा है। चुनाव आयोग ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान दिया है और मतदान के दौरान कोई भी हिंसा तुरंत राष्ट्रीय सुर्खियां बन जाती है। पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 06:40 IST समाचार चुनाव 2026 में बंगाल इतना महत्व क्यों रखता है? राष्ट्रीय प्रभाव की व्याख्या अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया | चुनाव समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 06:20 IST टीवीके प्रमुख विजय ने जनता और उनके काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। टीवीके प्रमुख विजय आगामी तमिलनाडु चुनावों से पहले चल रहे अभियान के बीच, तमिलागा वेट्री कड़गम (टीवीके) प्रमुख विजय के प्रचार अभियान में सोमवार को हाई-वोल्टेज ड्रामा देखा गया, क्योंकि उन्होंने चेन्नई में अपने निर्धारित आउटरीच का हिस्सा अचानक रद्द कर दिया। अभिनेता से नेता बने अभिनेता ने जनता और अपने काफिले दोनों के लिए सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों का हवाला दिया। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब विजय ने दोपहर करीब 12:15 बजे पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया और शीघ्र ही अपना अभियान शुरू कर दिया। दोपहर 2 बजे के निर्धारित समय से काफी पहले लगभग 1:05 बजे। हालाँकि, देरी के कारण चुनाव प्रचार बाधित हो गया और टीवीके प्रमुख को पेरम्बूर से कोलाथुर तक लगभग 5 किमी की दूरी तय करने में लगभग दो घंटे लग गए। देरी के बावजूद, उन्हें देखने के लिए कोलाथुर में भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद, टीवीके ने आरोप लगाया कि अपर्याप्त पुलिस तैनाती के कारण यातायात बाधित हुआ। पार्टी ने आगे कहा कि खराब भीड़ प्रबंधन के कारण काफिला काफी देर तक फंसा रहा। पार्टी ने अधिकारियों पर सत्तारूढ़ द्रमुक के निर्देश पर चुनाव प्रचार के दौरान जानबूझकर बाधाएं पैदा करने का आरोप लगाया है। इस बीच, टीवीके के संयुक्त सचिव निर्मल कुमार ने भारत के चुनाव आयोग को पत्र लिखा और कथित सुरक्षा चूक पर चेन्नई पुलिस आयुक्त और अन्य अधिकारियों के खिलाफ तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई का आग्रह किया। हाल ही में करूर में हुई भगदड़ की घटना के मद्देनजर कार्यक्रम को रद्द किया गया। सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए, टीवीके नेतृत्व ने विल्लीवक्कम में विजय के अभियान के अंतिम चरण को रद्द करने का फैसला किया। बाद में पार्टी के स्थानीय प्रतिनिधि ने बड़ी संख्या में वहां एकत्र हुए समर्थकों से माफी मांगी। इस बीच, द्रमुक ने सभी आरोपों का दृढ़ता से खंडन किया है और कहा है कि चुनाव अवधि के दौरान चुनाव आयोग के पास पूर्ण अधिकार होता है। टीवीके द्वारा लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, जिसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन जानबूझकर विजय के आंदोलन में देरी करके करूर त्रासदी जैसी स्थिति पैदा कर रहे हैं, डीएमके प्रवक्ता टीकेएस एलंगोवन ने कहा कि आरोप निराधार हैं। जगह : तमिलनाडु, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 31, 2026, 06:20 IST समाचार चुनाव विजय ने तमिलनाडु चुनाव से पहले अचानक रद्द किया आउटरीच कार्यक्रम, चेन्नई में सुरक्षा चूक का हवाला दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

इंदौर चिड़ियाघर में किंग कोबरा का कुनबा बढ़ाने की तैयारी:एक्सपर्ट की निगरानी में होगा मेटिंग; जाली के जरिए कराया जा रहा परिचय

इंदौर चिड़ियाघर में किंग कोबरा का कुनबा बढ़ाने की तैयारी:एक्सपर्ट की निगरानी में होगा मेटिंग; जाली के जरिए कराया जा रहा परिचय

इंदौर के चिड़ियाघर में कई प्राणियों का कुनबा बढ़ चुका है। अब यहां किंग कोबरा का कुनबा बढ़ाने की प्लानिंग की जा रही है। यह प्रक्रिया विशेषज्ञों की निगरानी में होगी। बारिश से पहले मेटिंग पीरियड के दौरान दोनों किंग कोबरा को मिलाया जा सकता है। इंदौर का चिड़ियाघर प्रदेश का ऐसा स्थान है, जहां नर और मादा दोनों किंग कोबरा मौजूद हैं। इस कारण प्रजनन की संभावना है, लेकिन इसमें बेहद सावधानी बरतनी होगी। फिलहाल दोनों को अलग-अलग पिंजरों में रखा गया है और बीच में जाली लगाई गई है, ताकि वे एक-दूसरे की गंध पहचान सकें और धीरे-धीरे परिचित हो सकें। मिलाने में रहता है खतरा, विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी चिड़ियाघर प्रभारी डॉ. उत्तम यादव के अनुसार, किंग कोबरा स्वभाव से एकाकी जीव है और अकेले रहना पसंद करता है। इन्हें केवल मेटिंग पीरियड में ही मिलाया जाता है। अन्य समय पर मिलाने पर आपसी संघर्ष का खतरा रहता है, जिससे एक-दूसरे को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए पूरी योजना के तहत, नियंत्रित वातावरण में और विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही दोनों को मिलाया जाएगा। साथ ही, सुरक्षा के सभी इंतजाम किए जाएंगे, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत हस्तक्षेप किया जा सके। बीच में जाली लगाकर बनाया जा रहा सुरक्षित संपर्क डॉ.उत्तम यादव ने बताया कि फिलहाल दोनों किंग कोबरा को पास-पास एन्क्लोजर में रखा गया है, जिनके बीच जाली का गेट लगाया गया है। इससे दोनों एक-दूसरे के करीब आकर गंध पहचान सकें और आपसी परिचय बढ़ा सकें। इस तरह पहले से ही अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। मादा के मेटिंग पीरियड में आने पर उन्हें मिलाने की कोशिश की जाएगी, ताकि प्रजनन संभव हो सके। एक महीने में बन सकती है योजना, विशेषज्ञों की निगरानी जरूरी अधिकारियों के अनुसार, इस तरह के खतरनाक जीवों को मिलाना आसान नहीं है। इसे लेकर विस्तृत योजना बनाई जा रही है। पूरी प्रक्रिया विशेषज्ञों की मौजूदगी में ही की जाएगी। इसमें करीब एक महीने का समय लग सकता है। अलग-अलग जगहों से आए नर-मादा किंग कोबरा डॉ. यादव ने बताया कि इंदौर चिड़ियाघर में मौजूद नर और मादा किंग कोबरा अलग-अलग स्थानों से लाए गए हैं। मादा किंग कोबरा साल 2022 में रेस्क्यू के दौरान यहां लाई गई थी। उस समय उसकी हालत काफी खराब थी, लेकिन चिड़ियाघर में बेहतर देखरेख के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। यह इंदौर जू की पहली किंग कोबरा है और इसकी लंबाई करीब 13-14 फीट है। कर्नाटक से लाया गया नर किंग कोबरा नर किंग कोबरा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर कर्नाटक के पीलीकुला बायोलॉजिकल पार्क से इंदौर लाया गया है। इसकी लंबाई करीब 12 फीट है और उम्र लगभग साढ़े तीन साल बताई जा रही है। बेहतर माहौल में प्रजनन की तैयारी अधिकारियों के अनुसार, दोनों किंग कोबरा स्वस्थ हैं और उनके लिए आवश्यक अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। प्रयास है कि जल्द ही मेटिंग कराकर प्रजनन की प्रक्रिया शुरू की जाए।

राजीव चंद्रशेखर बोले- बेवकूफ नहीं, जो करोड़ों का बंगला छिपाऊं:केरल में अबकी BJP को जिताएंगे, कांग्रेस यहां जमात–ए–इस्लामी से मिली

राजीव चंद्रशेखर बोले- बेवकूफ नहीं, जो करोड़ों का बंगला छिपाऊं:केरल में अबकी BJP को जिताएंगे, कांग्रेस यहां जमात–ए–इस्लामी से मिली

केरलम में BJP प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 18 मार्च को नेमम सीट से नोमिनेशन फाइल किया। इसमें उन्होंने 93 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी का ब्योरा दिया। 107 करोड़ से ज्यादा की देनदारियां भी गिनाईं। चुनावी हफलनामे में विटेंज मोटर साइकिल तक का जिक्र है, लेकिन कांग्रेस आरोप लगा रही है कि राजीव ने बेंगलुरू में 200 करोड़ के बंगले की बात छिपाई है। केरलम में 9 अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने हैं। कांग्रेस बंगला छिपाने की बात को मुद्दा बना रही है। वहीं राजीव कहते हैं, ‘मैं बेवकूफ नहीं, जो हलफनामे में बंगले की बात छिपाऊंगा। कांग्रेस को जो कहना है, कोर्ट में कहे।’ राजीव ने चुनावी कैंपेन के बीच वक्त निकालकर केरलम के चुनावी मूड, मुद्दों और BJP की तैयारियों पर दैनिक भास्कर से बातचीत की। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: केरलम में LDF-UDF की लड़ाई में आपका असली विरोधी कौन है? जवाब: दोनों साथ हैं। हमने 7 मार्च से कैंपेन शुरू किया है। लोग बता रहे हैं कि CPM और कांग्रेस दोनों अलग नहीं, बल्कि एक हैं। 27 राज्यों और 8 केंद्रशासित प्रदेशों में दोनों साथ राजनीति करते हैं। INDIA ब्लॉक के पार्टनर हैं, लेकिन यहां लोगों को भड़काने और बेवकूफ बनाने का नाटक करते हैं। ये बातें हम जनता के सामने रख रहे हैं, इसलिए यहां BJP ही विकल्प है। सवाल: चुनावी तैयारी कैसी है, जीत की क्या संभावना है? जवाब: मेहनत कर रहे हैं। मोदी जी ने देश में जो डेवलपमेंट किया है, वो हम केरलम में लाने की बात कर रहे हैं। ‘सबका साथ–सबका विकास’ प्रधानमंत्री की आइडियोलॉजी और विजन है। उसके बारे में सबको बता रहे हैं। सवाल: केरलम में मोदी मैजिक क्यों नहीं चल रहा है? जवाब: मोदी जी की ही तो पॉपुलैरिटी है, तभी तो यहां जीत रहे हैं। उनके काम के दम पर ही लोगों से वोट मांग रहे हैं। सवाल: कैंपेन में कैसा रिस्पॉन्स मिल रहा है? जवाब: रिस्पॉन्स अच्छा है। कई साल से लोगों के सामने CPM और कांग्रेस ही ऑप्शन रहे हैं। दोनों बारी-बारी राज कर रहे हैं। पांच साल कांग्रेस करप्शन करती है, तो 5 साल CPM। इनसे लोग ऊब चुके हैं, तंग आ चुके हैं। पिछले 10 साल में CPM ने जो पाप किए हैं, उसे जनता भूल नहीं सकती है। सबरीमाला मंदिर से साढ़े चार किलो सोना गायब हो गया, लेकिन मुख्यमंत्री कुछ नहीं करना चाहते हैं। सिर्फ क्राइम दबाने में लगे हैं। 10 साल में ऐसे कई मुद्दे हैं, जो लोगों के हित के खिलाफ हैं। हम जनता के बीच इन्हें उठा रहे हैं और राज्य के विकास के लिए एक मौका मांग रहे हैं। देश में सबसे ज्यादा बेरोजगारी और महंगाई केरलम में ही है। सवाल: BJP कितनी सीटें जीतेगी? जवाब: सभी 140 सीटों पर चुनाव लड़ने और जीतने का टारगेट है। बाकी जनता तय करेगी कि हमें कितनी सीट मिलनी चाहिए। मैं न ये तय करने वाला व्यक्ति हूं, न ही कोई एस्ट्रोलॉजर। हम पूरा जोर लगाकर कैंपेन कर रहे हैं। लोगों के मन में क्या है, ये वही बताएंगे। 4 मई को जनता का जवाब मिल जाएगा। सवाल: केरलम में 26% वोटर मुसलमान और 18% ईसाई हैं। हर दूसरा वोटर गैर-हिंदू है, फिर BJP की जीत का फॉर्मूला क्या है? जवाब: यहां हिंदुओं के वोट से जीतना हमारी स्ट्रैटजी नहीं है। हम विकसित केरलम के विजन के साथ वोट मांग रहे हैं। हर उस मलयाली से मिल रहे हैं, जो डेवलपमेंट, बेहतर फ्यूचर, एजुकेशन, हेल्थ और जॉब चाहता है। हम उनके सामने अपना विजन रख रहे हैं। वो मुस्लिम, ईसाई या हिंदू कोई भी हो सकता है। सवाल: आपका 200 करोड़ का बंगला कहां है, जिसे हलफनामे में छिपाने का आरोप लगा है? जवाब: देखिए, कांग्रेस और CPM पिछले 18 साल से मेरे पीछे पड़ी हैं कि कैसे इसे डराकर भगाएं। मैं भागने वालों में से नहीं हूं। अगर उनके पास कोई सबूत है, तो दिखाएं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी यही मुद्दा उठाया था। यहां उन्हें मेरे खिलाफ कोई निजी मुद्दा नहीं मिल रहा, इसलिए ऐसा कर रहे हैं। वे कोर्ट जाएं, वहीं बात होगी। सवाल: केरलम में बीफ और यूपी में शाकाहार की बातें, इस डबल स्टैंडर्ड से कैसे जीतेंगे? जवाब: कोई क्या खाता है, BJP को इसकी फिक्र नहीं। जिसका जो मन है खाए, बस कानून माने। अगर यूपी में इसके लिए कानून है तो वहां उसे मानना चाहिए। यहां खाने-पीने का कोई मुद्दा ही नहीं है। यहां मुद्दा डेवलपमेंट, जॉब, एजुकेशन, महिला सुरक्षा, इन्वेस्टमेंट, गरीबी और भुखमरी है। सवाल: केरलम में RSS ने काफी हिंसा झेली, BJP को इसका नुकसान हुआ या फायदा? जवाब: पहले यहां BJP कमजोर थी, इसीलिए RSS को CPM के वायलेंस का सामना करना पड़ा। काफी लोग शहीद भी हुए। यहां से राज्यसभा में हमारे सांसद सदानंदन मास्टर हैं, उनकी लाइफ बहुत इंस्पायरिंग है। उन्होंने वामपंथियों की हिंसा में काफी कुछ खोया, लेकिन फिर भी बहुत पॉजिटिव इंसान हैं। जब भी मिलता हूं, बहुत प्रेरणा मिलती है। सवाल: शशि थरूर ने यहां कोई कैंपेन नहीं किया, CPM कह रही है कि वो BJP के लिए काम कर रहे हैं? जवाब: मुझे नहीं पता उनका क्या प्लान है। सवाल: जंग के हालात के बीच मिडिल ईस्ट में केरलम के काफी लोग रहते हैं, यहां क्या असर दिख रहा है? जवाब: करीब 1 करोड़ भारतवासी मिडिल ईस्ट में हैं। हमारे कई मलयाली भाई भी हैं। अगर उन्हें वापस लाने की जरूरत पड़ी, तो उनके परिवारों को मोदी जी पर पूरा भरोसा है। वे उन्हें जरूर प्रोटेक्ट करेंगे। सवाल: जनगणना के बाद परिसीमन में यूपी-बिहार जैसे राज्यों के मुकाबले केरलम, तमिलनाडु की सीटें घटेंगी, इसे कैसे देखते हैं? जवाब: रिप्रेजेंटेटिव डेमोक्रेसी में सबके वोट हों, सबको वोट देने का अधिकार हो, सब अपना नेता चुन सकें, यही डेमोक्रेसी है। कितनी सीट है, कितनी कम होगी, यूपी और बिहार की तुलना में हमारे यहां कितनी सीट होगी, ये सब बनी-बनाई बातें हैं। ये नेरेटिव DMK जैसी पार्टियां चलाती हैं। इससे जनता की जिंदगी में कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। सवाल: 2024 में आप मोदी कैबिनेट से क्यों हटाए गए? जवाब: तिरुवनंतपुरम से लोकसभा चुनाव हार गया था, इसलिए बाहर हो गया। राज्यसभा का टर्म भी खत्म हो गया था। पिछले एक-डेढ़ साल से

बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार- नई सरकार में मंत्री बनने के लिए तांत्रिक पूजा:कैमरे पर दावा- 27 विधायकों ने कराया अनुष्ठान, CM-डिप्टी CM और मंत्री बनना चाहते हैं

बिहार में नई सरकार बनने जा रही है। मंत्री बनने के लिए विधायक तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर मंत्री की रेस में शामिल 27 विधायक तांत्रिकों के संपर्क में हैं। किसी के घर ग्रह दोष निवारण की पूजा चल रही है तो कोई तांत्रिकों से नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी के लिए अनुष्ठान करा रहा है। इसमें मौजूदा सरकार में बड़ी जिम्मेदारी निभा रहे नेता भी शामिल हैं। डिप्टी CM से लेकर 12 से ज्यादा मंत्रियों के घर तो नवरात्रि में 9 दिनों तक तंत्र साधना का इनपुट है। ऐसे इनपुट के बाद भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम उन तांत्रिकों और ज्योतिषियों तक पहुंची जिनसे बिहार के नेता पूजा पाठ करवा रहे हैं। पढ़िए, बिहार में नीतीश के इस्तीफे के बीच नई सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पाने के लिए तांत्रिकों की शरण में जाने वाले नेताओं की कहानी… पहले तंत्र-मंत्र का पॉलिटिकल कनेक्शन जानिए बिहार की राजनीति में तंत्र-मंत्र का बड़ा कनेक्शन रहा है। बिहार के तंत्र साधक और ज्योतिषियों का दिल्ली के नेताओं से भी कनेक्शन रहा है। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी से लेकर दिल्ली के कई बड़े लीडर बिहार के तांत्रिक और ज्योतिषियों के संपर्क में रहे हैं। मधुबनी के ज्योतिषाचार्य एन के झा तो इंदिरा गांधी के पुरोहित रह चुके हैं। अमित शाह और राजनाथ सिंह का भी बिहार और झारखंड में पूजा का कनेक्शन है। नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, अशोक चौधरी, नितिन नवीन, चिराग पासवान, राजू तिवारी, संजीव चौरसिया, रामकृपाल यादव से लेकर कई ऐसे नेता हैं, जो पूजा-अनुष्ठान कराते रहते हैं। बिहार में अधिकांश नेताओं के लिए पूजा पाठ, अनुष्ठान और धार्मिक आस्था उनकी निजी और सार्वजनिक जीवन का हिस्सा होती है। बिहार के प्रमुख ज्योतिषी डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी के शिष्यों में पॉलिटिशियन ज्यादा हैं। CM और डिप्टी CM से लेकर बिहार का हर बड़ा और प्रभावशाली नेता पंडित श्रीपति त्रिपाठी के संपर्क में रहता है। बिहार और झारखंड में ज्योतिष साधना को लेकर चर्चा में रहने वाले श्रीपति त्रिपाठी की तरफ से नेताओं के अनुष्ठान का इनपुट मिला। भास्कर रिपोर्टर ने श्रीपति त्रिपाठी से संपर्क किया तो उन्होंने पॉलिटिकल शिष्यों के लिए अनुष्ठान की बात को स्वीकर किया। पंडित डॉक्टर श्रीपति त्रिपाठी ने बताया, बिहार और झारखंड में कई पॉलिटिकल लोग मेरे शिष्य हैं। वो लोग कोई भी पॉलिटिकल डिसीजन लेने से पहले मुझसे परामर्श करते हैं। बिहार में एक बार फिर नई सरकार को लेकर समीकरण बन रहे हैं, ऐसे में कई शिष्य हमारे पास आए हैं। नई सरकार में शिष्य बेहतर पोजिशन के लिए उपाय करवा रहे हैं। सरकार में बड़ी जिम्मेदारी पर काम करें, इसके लिए उनकी जन्मपत्री पर विचार कर ग्रहों की चाल को अनुकूल करने के उपाय पर मैंने काम किया है। पॉलिटिक्स में बड़ी सफलता बड़ा मुकाम मिले, इसके लिए कुछ पूजा अनुष्ठान भी चल रहे हैं। नवरात्रि में मां को प्रसन्न करने के लिए भी संकल्प लेकर पूजा पाठ की गई है। नेपाल सीमा के रक्सौल में स्थित काली न्यास मंदिर में 16 से अधिक पॉलिटिशियन के पूजा अनुष्ठान का इनपुट मिला है। यहां के तांत्रिक जगतगुरु वामाचार्य सेवक संजय नाथ हैं, जो तंत्र को लेकर भारत से लेकर विदेशों में भी चर्चा में रहते हैं। नेपाल की राजनीति में भी कई प्रभावी नेताओं के लिए वह पूजा अनुष्ठान करते रहते हैं। वह काली मंदिर के न्यास और दस महाविद्या की साधना के लिए प्रसिद्ध हैं। बिहार के नताओं के अनुष्ठान के इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने सेवक संजय नाथ से संपर्क किया। तांत्रिक संजय नाथ ने बताया, बिहार में सत्ता से लेकर विपक्ष के अधिकतर पॉलिटिशियन उनके शिष्य हैं, हर छोटे-बड़े काम के पहले वह संपर्क करते हैं। कोई बड़ा मिशन हो या बड़े प्लान हो, शुरुआत करने से पहले जरूर संपर्क करते हैं। बिहार में नई सरकार को लेकर कई पॉलिटिशियन ने अपनी जन्मपत्री हमें दी है। कई पॉलिटिशियन ने अपना नया प्लान साझा किया है। उनकी कामना पूरी हो इसके लिए नवरात्रि में दस महाविद्या (देवी का एक रूप) काे मनाया गया है। नेताओं की इच्छा पूरी हो, वह अपने नए प्लान में पूरी तरह से सफल हों, इसके लिए दस महाविद्या की देवी की विधिवत उपासना की गई है। संयोग अच्छा रहा कि राजनीतिक उथल-पुथल के दौरान नवरात्रि पड़ी। इस विशेष संयोग में नेताओं के लिए तंत्र अनुष्ठान किया गया। 5 दिवसीय तांत्रिक अनुष्ठान के लिए बिहार के 6 विधायकों ने पटना के रहने वाले पंडित राकेश झा को कामाख्या भेजा था। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि इसमें 2 विधायक ऐसे हैं, जो मौजूदा सरकार में बड़े पदों पर हैं। अब और बड़ी जिम्मेदारी संभालने के लिए मां कामाख्या के दरबार में अनुष्ठान करवाया है। पंडित का पता लगाने के बाद भास्कर रिपोर्टर ने उनसे संपर्क किया तो उन्होंने नाम भी बताए, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं करने का आग्रह किया। इसके पीछे पंडित राकेश झा का तर्क है कि पूजा अनुष्ठान व्यक्तिगत चीज है। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया है कि 6 विधायक जो मौजूदा समय में बड़े पदों पर हैं, उनके लिए उन्होंने कामाख्या में अनुष्ठान किया है। पंडित राकेश झा ने बताया कि कामाख्या तंत्र पीठ है, यहां की गई पूजा साधना कभी खाली नहीं जाती। उनके संपर्क में कई ऐसे राजनीतिक लोग हैं, जो बिहार सरकार में काफी प्रभावी हैं। अक्सर पूजा अनुष्ठान उनके घरों में भी चलता है। इस बार कुछ विशेष कामना के लिए कुछ विधायकों की इच्छा थी कि उनके लिए कामाख्या में उपासना हो। विधायकों ने कामाख्या में पंडित के लिए पूरी व्यवस्था कराई थी। 5 दिन के तांत्रिक अनुष्ठान के बाद वह उन नेताओं के घर भी पहुंचे और घर पर एक अनुष्ठान कराया गया। कामाख्या में साधना करने वाले बिहार के ज्योतिषाचार्य कृष्णकांत मिश्रा के भी बिहार झारखंड में कई पॉलिटिकल शिष्य हैं। इनपुट के बाद भास्कर रिपोर्टर ने आचार्य कृष्णकांत मिश्रा से संपर्क किया तो पता चला कि बिहार में नई सरकार में बड़ी कामना के साथ कई नेताओं ने उन्हें अनुष्ठान के लिए कहा था। तांत्रिक अनुष्ठान के लिए नेताओं से संकल्प लेकर उन्होंने नैना देवी स्थान पर 7 दिनों का अनुष्ठान किया है। उन्होंने बताया कि बिहार और यूपी में कई पॉलिटिकल हैं, जो उन पर विश्वास

कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की

कोलकाता में EC ऑफिस के बाहर भाजपा-TMC कार्यकर्ताओं में झड़प:ममता का आरोप- भाजपा ने बंगाल में अवैध वोटरों के नाम जोड़ने की कोशिश की

कोलकाता में चुनाव आयोग ऑफिस (ECO) के बाहर मंगलवार को भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। पुलिस के अनुसार, TMC समर्थित बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) का एक ग्रुप वोटर लिस्ट में हेरफेर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा था। इस दौरान उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव किया। इससे वहां खड़े वाहनों को भी नुकसान पहुंचा। बाद में भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां झंडा लेकर पहुंच गए। इसके बाद TMC प्रदर्शनकारियों की पुलिस और भाजपा कार्यकर्ताओं से झड़प हो गई। पुलिस ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया गया। इधर बंगाल की CM ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि BJP बिहार, उत्तर प्रदेश के अवैध वोटरों को बंगाल के वोटर लिस्ट में शामिल करने की कोशिश कर रही है। ममता ने X पर एक पोस्ट में कहा- भाजपा के एजेंटों को बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के ऑफिस में हजारों फर्जी फॉर्म 6 आवेदन जमा करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। यह वोटर हाइजैकिंग की कोशिश है। चुनाव से जुड़े अपडेट्स 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव से जुड़ीं पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

हिमाचल के रोहतांग में ताजा बर्फबारी:5 जिलों में आज भारी आंधी-तूफान का अलर्ट, 3-4 अप्रैल को फिर बरसेंगे बादल

हिमाचल के रोहतांग में ताजा बर्फबारी:5 जिलों में आज भारी आंधी-तूफान का अलर्ट, 3-4 अप्रैल को फिर बरसेंगे बादल

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर बीती शाम में ताजा बर्फबारी और अन्य भागों में तेज बारिश हुई। अटल टनल, शिंकुला और रोहतांग दर्रा इत्यादि क्षेत्रों में बर्फबारी से ऊंचे पहाड़ों पर फिर से ठंड लौट आई है। वहीं सराहन में सबसे ज्यादा 38.7 मिमी बारिश, धर्मशाला 27.1, कांगड़ा 18.2, निचार 15.0, मनाली 11.0, गोहर 10.0, शिलारू 9.8, कोटखाई 9.4 और कुकुमसैरी में 8.2 मिमी बारिश हुई। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार- राज्य के कई भागों में आज भी मौसम खराब रहेगा। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिला में बारिश आज भी आंधी और तूफान का येलो अलर्ट जारी कर रखा है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं और गर्जना के साथ बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि प्रदेश के अन्य भागों में मौसम सामान्य रहने का पूर्वानुमान है। अगले दो दिन यानी कल और परसों पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) कमजोर पड़ेगा। इससे राज्य के मध्यम ऊंचे व मैदानी इलाकों में मौसम साफ रहेगा। हालांकि, यह राहत ज्यादा दिनों तक नहीं टिकेगी। 3-4 को फिर भारी बारिश-ओलावृष्टि IMD ने 3 और 4 अप्रैल को एक बार फिर से मौसम के बिगड़ने की चेतावनी दी है। इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने की संभावना है। मौसम के ये तेवर 5 अप्रैल तक बने रह सकते हैं। शिमला-कुमारसैन में ओलावृष्टि वहीं शिमला शहर और कुमारसैन में बीती शाम को भारी ओलावृष्टि हुई। इससे स्टोन फ्रूट्स, मटर और फूलगोभी की फसल को नुकसान पहुंचा है। बीते 24 घंटे में धर्मशाला में सबसे ज्यादा बारिश वहीं बीते 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के कई इलाकों में मौसम ने करवट बदली। शिमला, धर्मशाला, कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। धर्मशाला में सबसे ज्यादा 27 मिमी बादल बरसे। तापमान में भारी गिरावट मौसम में आए बदलाव के बाद तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। कई शहरों का तापमान सामान्य से 10 डिग्री तक नीचे गिरा है। चंबा का अधिकतम तापमान सामान्य से 10.8 डिग्री नीचे गिरकर 18.6 डिग्री सेल्सियस रह गया, जबकि शिमला का तापमान सामान्य से 3.1 डिग्री कम होकर 15.8 डिग्री और धर्मशाला का तापमान 3.7 डिग्री की गिरावट के बाद 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों में यात्रा करते समय सावधानी बरतने को कहा गया है।

गुजरात में मोदी बोले- कांग्रेस अफवाह फैला रही:डर का माहौल बनाकर व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही, देश में स्थिति कंट्रोल में

गुजरात में मोदी बोले- कांग्रेस अफवाह फैला रही:डर का माहौल बनाकर व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश कर रही, देश में स्थिति कंट्रोल में

पीएम मोदी मंगलवार को गुजरात के दौरे पर थे। उन्होंने वाव-थराड में 20 हजार करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जंग की वजह एनर्जी संकट बढ़ रहा है। ऐसे संकट में भी भारत ने हालात को नियंत्रण में बनाए रखा है। मोदी ने कहा कि मुश्किल समय में भी कांग्रेस सियासी लाभ के लिए जनता को भड़काने और अफवाह फैलाने में लगी है। ताकि देश में डर का माहौल बने और लोग पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी पर लाइन लगाकर खड़े हों। अव्यवस्था फैल जाए। और उसका कांग्रेस दुष्प्रचार करे, ये इनका मंशा है। इससे पहले उन्होंने साणंद में केयन्स सेमीकॉन के आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली टेस्ट (OSAT) का और गांधीनगर में सम्राट सम्प्रति म्यूजियम का उद्घाटन किया। यहां पीएम ने कहा, ‘हमने कोरोना के समय ही तय कर लिया था कि भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर का नया हब बनेगा।’ प्लांट्स में बनी चिप्स कैलिफोर्निया भेजी जाएंगी पीएम मोदी उद्घाटन के बाद प्लांट देखने पहुंचे। इंजीनियर्स से बातचीत की। आज से केयन्स सेमीकंडक्टर प्लांट में प्रोफेशनल प्रोडक्शन शुरू हो गया। पहला प्लांट भी फरवरी 2026 में साणंद में ही शुरू हुआ था। 4 फोटोज में केयन्स सेमीकंडक्टर प्लांट… म्यूजियम में 2 हजार से ज्यादा दुर्लभ चीजें पीएम मोदी ने गांधीनगर में सम्राट सम्प्रति म्यूजियम में राष्ट्रीय संत पूज्य आचार्य पद्मसागर सूरीश्वरजी का आशीर्वाद भी लिया। इस म्यूजियम में सात अलग-अलग विंग हैं, जहां दुर्लभ जैन चट्टानों, पत्थर और धातु की मूर्तियां, प्राचीन पांडुलिपियां, सिक्के, चांदी के रथ और मिनिएचर पेंटिंग प्रदर्शित की गई हैं। म्यूजियम में दो हजार से ज्यादा दुर्लभ चीजें रखी गई हैं, जो जैन धर्म के विकास और उसके सांस्कृतिक प्रभाव को दर्शाती हैं। सम्राट सम्प्रति म्यूजियम की चार फोटोज… वाव-थराड में 20 हजार करोड़ की परियोजनाएं पीएम मोदी ने शाम करीब 5 बजे वाव-थराड पहुंचे, वहां उन्होंने 20 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें बिजली, रेलवे, सड़क परिवहन, स्वास्थ्य, शहरी विकास, आदिवासी विकास और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। पीएम 5100 करोड़ रुपए की लागत वाले अहमदाबाद-धोलेरा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इसके अलावा इदार-बडोली बाइपास के फोर लेन निर्माण और NH-754K के धोलेवीरा-मौवाना-वाव-सांतलपुर सेक्शन का शिलान्यास भी किया। पीएम मोदी के गुजरात दौरे से जुड़ीं पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं…

मासूम शर्मा की नई फिल्म कॉन्ट्रोवर्सी में घिरी:दावा- बैन सॉन्ग 'खटोला' जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर

मासूम शर्मा की नई फिल्म कॉन्ट्रोवर्सी में घिरी:दावा- बैन सॉन्ग 'खटोला' जैसे लिरिक्स-ट्यून इस्तेमाल किए, टीजर में पिस्टल थामे नजर आए सिंगर

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा फिर एक नई कॉन्ट्रोवर्सी में घिर गए हैं। दावा किया जा रहा है कि उनकी न्यू रिलीज फिल्म ‘लाइसेंस’ में उनका बैन सॉन्ग खटोला फिल्माया गया है। फिल्म के टीजर में भी ‘खटोला’ से मिलते- जुलते लिरिक्स और ट्यून है। मासूम फिल्म में खुद लीड रोल में हैं, जबकि उनके अपोजिट बॉलीवुड अभिनेता यशपाल शर्मा है। फिल्म की स्क्रिप्ट ‘गन लाइसेंस’ के इर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। फिल्म में अन्य कई हरियाणवी कलाकारों ने भी रोल निभाया है। फिल्म को लेकर सिंगर मासूम शर्मा हरियाणा सहित कई जगह पर प्रमोशन कर चुके हैं। 18 मार्च को सिरसा में फिल्म प्रमोशन के दौरान मासूम ने बैन सॉन्ग खटोला गाया था। अब मासूम की एक अजय हुड्डा और सिंगर केडी के साथ एक वीडियो कॉल क्लिप भी वायरल हो रही है। जिसमें सिंगर केडी कहते हैं… फिल्म देखने सभी को जाना है। अगर पसंद न आए, थिएटर से बाहर आकर कह देना- 70 मासूम हांडै हैं। पहले पढ़िए फिल्म को लेकर विवाद क्यों… अब जानिए…बैन सॉन्ग को लेकर क्या बोली यूनिट केडी भाई से मिला ‘देसी कलाकार’ शब्द वीडियो कॉल क्लिप में मासूम शर्मा करते हैं कि कुछ लोग पूछते हैं, आप ये देसी कलाकार क्यों बोलते हो, आपको कहां से मिला ये। मासूम ने आगे कहा- मुझे ये केडी भाई से मिला है, वो बोलते थे। अब इसे मैंने पकड़ लिया, उन्होंने छोड़ दिया। अंग्रेजी में थोड़ा हाथ टाइट इसका जवाब देते हुए केडी ने कहा- अंग्रेजी में थोड़ा हाथ टाइट है, वर्ना हम अंग्रेजी कलाकार भी बोल देते। इसी बीच मासूम के साथ गाड़ी में पीछे बैठे उनके साथी कहते हैं कि अंग्रेजी बोलते हैं, 8 बजे के बाद में। इसी पर केडी हंसते हुए कह रहे हैं कि देसी कलाकार शाम 6 बजे तक हैं। फिल्म के बारे में केडी ने कहा- सबको इसे देखना है। सभी को फिल्म पसंद आएगी। अगर किसी को फिल्म पसंद नहीं आई तो थियेटर के बाहर ही कर देना- 70 मासूम हांडै हैं। (70 मासूम घूमते हैं) ——————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा नई कंट्रोवर्सी में फंसे: बैन सॉन्ग चंबल के डाकू-खटोला गाया, पंजाबियों पर कमेंट; सिरसा में ऑडियंस बेकाबू होकर स्टेज तक पहुंची हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर नई कंट्रोवर्सी में फंस गए हैं। जींद में पूर्व सरपंच के साथ हुए स्टेज विवाद के बाद वो पहली बार सिरसा में लाइव शो करने पहुंचे। यहां शो के दौरान सिंगर ने परफॉर्मेंस देते हुए हरियाणा सरकार की ओर से बैन किए गए अपने कई सॉन्ग गाए। (पूरी खबर पढ़ें)