इंदौर की बेटी ने जीता पैराताइक्वांडो में चौथा नेशनल गोल्ड:सपना शर्मा ने दिव्यांगता को बनाया ताकत; चार बार की नेशनल चैंपियन बनीं

मध्य प्रदेश की पैरा ताइक्वांडो खिलाड़ी सपना शर्मा (35) ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। पैरा ताइक्वांडो नेशनल चैंपियनशिप 2025-26 में उन्होंने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनका लगातार चौथा नेशनल गोल्ड है। वह देश की पहली ऐसी दिव्यांग खिलाड़ी बन गई हैं जिन्होंने यह उपलब्धि हासिल की है। इस जीत ने इंदौर सहित पूरे प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। 28-29 मार्च को बेंगलुरू के कोरामंगला स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में 70 खिलाड़ियों ने भाग लिया था। फाइनल मुकाबले में सपना ने बेहतरीन तकनीक और आत्मविश्वास के साथ अपने प्रतिद्वंद्वियों को पराजित किया। तेलंगाना की ममता को रजत पदक और कृष्णवेणी को कांस्य पदक प्राप्त हुआ। सपना का प्रदर्शन पूरे टूर्नामेंट में शानदार रहा और उन्होंने हर मुकाबले में अपना दबदबा बनाए रखा। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद नहीं मानी हार सपना शर्मा की सफलता के पीछे संघर्ष और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक कहानी है। दोनों पैरों में पोलियो होने के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। टेबल टेनिस में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने के बाद उन्होंने आर्म रेसलिंग में भी पदक जीता। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वे अपनी पहचान बना चुकी हैं और कई सम्मान हासिल कर चुकी हैं। आर्थिक कठिनाइयों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने निरंतर अभ्यास जारी रखा। सपना का कहना है कि मजबूत हौसलों के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती, और उनका लक्ष्य देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक पदक जीतना है। हर मुश्किल को बनाया ताकत सपना का कहना है कि मेरे जीवन में सबसे बड़ी चुनौती मेरी शारीरिक स्थिति रही है। आर्थिक समस्याएं, नौकरी और परिवार की जिम्मेदारियां भी थीं। कई बार ऐसा हुआ कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होने के बावजूद आर्थिक कारणों से नहीं जा पाई लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। हर मुश्किल को अपनी ताकत बनाया और लगातार आगे बढ़ती रही। खुद की जिंदगी और संघर्ष से सब सीखा सपना का कहना है कि मेहनत, आत्मविश्वास और कभी हार न मानने का जज़्बा ही मेरी सफलता का सबसे बड़ा राज है। मैं हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाने की कोशिश करती हूं। मेरा सबसे बड़ा रोल मॉडल मेरी खुद की जिंदगी और मेरा संघर्ष है। मैंने जो भी सीखा है, अपनी परिस्थितियों से सीखा है। परिवार में पति संज वर्मा और बेटी हनाया है। ये भी मेरे संघर्ष के हिस्सेदार हैं। हर मुश्किल ने मुझे मजबूत बनाया है और आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। हौसले मजबूत हैं कमजोरी आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती बकौल सपना अगर किसी एक व्यक्ति की बात करूं, तो मैं उन सभी खिलाड़ियों को अपना रोल मॉडल मानती हूं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद देश के लिए मेडल जीतते हैं। मेरे लिए असली प्रेरणा वही लोग हैं, जो हालात से हार नहीं मानते, बल्कि अपने संघर्षों को अपनी ताकत बनाकर सफलता हासिल करते हैं। अगर आपके हौसले मजबूत हैं, तो कोई भी कमजोरी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। अपनी कमजोरी को ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बनाइए और अपने सपनों को कभी छोटा मत समझिए।सपना का लक्ष्य है कि लक्ष्य है कि मैं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए और ज्यादा गोल्ड मेडल जीतूं और देश का नाम रोशन करूं। सपना ने टेबल टेनिस और आर्म रेसलिंग में भी मप्र और भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनका कहना है कि हार मानने वालों में से नहीं हूं, मैं हर बार गिरकर और मजबूत बनकर उठती हूं।
इंदौर में 3 मस्टर वसूली सहायक की सेवा समाप्त:राजस्व वसूली के काम में लापरवाही पड़ी भारी; एक कर्मचारी को किया निलंबित

राजस्व वसूली के काम में लगातार लापरवाही करने के साथ ही वर्क प्लेस से बिना अनुमति के अपसेंट रहने वाले तीन मस्टर वसूली सहायक की सेवा समाप्त कर दी है। साथ ही 1 वसूली सहायक को निलंबित किया गया है। दरअसल, जोन क्रमांक 9 वार्ड क्रमांक 26 के अंतर्गत राजस्व वसूली काम में लगे मस्टर वसूली सहायक दिनेश पिता बदामी लाल चौहान पिछले 20 दिनों से बिना पूर्व सूचना के वर्क प्लेस से अनुपस्थित रहने तथा मस्टर वसूली सहायक तरुण पिता बने सिंह तोमर राजस्व वसूली काम में लापरवाही करने पर दोनों मस्टर वसूली सहायक को काम और हाजिरी से मुक्त किया गया। इसी तरह जोन क्रमांक 1 के वार्ड 10 के अंतर्गत राजस्व वसूली काम में लगे मस्टर वसूली सहायक अभिषेक महिपाल सरवन पिछले 9 फरवरी से लगातार अपने वर्क प्लेस पर अपसेंट रहने पर मस्टर वसूली सहायक को काम एवं हाजिरी से मुक्त किया गया। वहीं, जलकर विभाग में काम करने वाले स्थाई बेलदार निलेश पिता राजाराम पाल जो कि जलकर वसूली काम में लगे थे, लेकिन वह जनवरी 2024 से लगातार वर्क प्लेस से अपसेंट रहा, विभाग द्वारा लगातार लेटर देने के बाद भी आखिरी सूचना पत्र का स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल के निर्देश पर स्थाई बेलदार निलेश पाल को निलंबित किया गया।
बच्ची से रेप-हत्या करने वाले को फांसी की सजा:प्रयागराज में जज बोले- ये झकझोरने वाला अपराध, दोषी सजा-ए-मौत के काबिल

प्रयागराज में 8 साल की बच्ची से रेप के बाद हत्या करने वाले को सोमवार को फांसी की सजा सुनाई गई। कोर्ट ने उस पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला पॉक्सो कोर्ट के जज विनोद कुमार चौरसिया ने सुनाया। जज ने कहा- मासूम के साथ हुई बर्बरता समाज के लिए खतरा है। मामला अत्यंत क्रूर, अमानवीय और समाज को झकझोरने वाला है। आरोपी के सुधार की संभावना शून्य है। लिहाजा दोषी सजा-ए-मौत के काबिल है। कोर्ट ने वारदात के 18 महीने के भीतर फैसला सुनाया है। पांच दिन पहले आरोपी को दोषी करार दिया गया था। मामला सोरांव थाना क्षेत्र का है। 3 अक्टूबर 2024 को 26 साल के आरोपी मुकेश पटेल ने दुर्गा पूजा देखकर लौट रही बच्ची का अपहरण किया था। बाद में उसकी हत्या कर दी थी। घटना के 12 दिन बाद पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया था। जानिए पूरा मामला लोक अभियोजक (सरकारी वकील) विनय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि 3 अक्टूबर 2024 को बच्ची शिवगढ़ चौराहे के पास दुर्गा पूजा पंडाल में गई थी। शाम 6:30 बजे वह घर लौट रही थी, तभी लापता हो गई। अगले दिन 4 अक्टूबर को उसका शव गांव के किनारे धान के खेत में मिला। शव पर गंभीर चोटों के निशान थे। हाथ-पैर और दांत टूटे हुए थे। मुंह से खून और झाग निकल रहा था और निजी अंग बुरी तरह जख्मी थे। बच्ची की मां की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पोस्टमार्टम में रेप के बाद हत्या की पुष्टि हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाली शाम आरोपी मुकेश बच्ची को साइकिल पर बैठाकर ले जाता दिखाई दिया था। 12 दिन बाद एनकाउंटर में लगी थी गोली सरकारी वकील ने बताया कि उस वक्त पुलिस का दावा था कि आरोपी ने पहले मासूम से दुष्कर्म किया और फिर पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। उसके दांत तोड़ दिए, चेहरे पर चोट पहुंचाई और दोनों हाथ भी तोड़ दिए। 16 अक्टूबर को पुलिस ने मुठभेड़ में आरोपी को गिरफ्तार किया था। गंगानगर क्षेत्र में पुलिस ने उसे घेरा तो वह फायरिंग कर भागने लगा। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी थी। दिसंबर 2024 में दाखिल हुई चार्जशीट सरकारी वकील ने बताया कि जांच के बाद पुलिस ने 10 दिसंबर 2024 को चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल की थी। 21 दिसंबर 2024 को कोर्ट ने आरोप तय किए। 26 मार्च 2026 को आरोपी को दोषी करार दिया गया था। प्रयागराज के जिला एवं सत्र न्यायालय में 49 वर्षों में यह फांसी की 10वीं सजा है। —————————– अब भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में हिस्सा लीजिए… यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए…
Health Tips : ऐसा पेड़ जिसके कांटों में सुकून, त्वचा से लेकर अस्थमा तक हर रोग का इलाज

Last Updated:March 30, 2026, 23:57 IST Semal tree benefits : अक्सर लोग इस पेड़ को बेकार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके अंदर सेहत के कई खजाने छिपे हैं. आम बोलचाल में इसे सेमल कहते हैं. ये दिखने में कांटेदार, लेकिन गुणों में दमदार है. इसके फूल, छाल, जड़ और गोंद तक का इस्तेमाल कई रोगों के इलाज में होता है. लोकल 18 से बलिया की आयुर्वेदाचार्य मेघा गोयल बताती हैं कि त्वचा की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए शाल्मली वरदान की तरह काम करता है. इसकी छाल और पत्तों का लेप घावों को जल्दी भरता है. बलिया. ये पेड़ दिखने में साधारण और अनुपयोगी लगता है. अक्सर लोग इसे बेकार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इसके अंदर सेहत के अनगिनत खजाने छिपे हैं. इस पेड़ को शाल्मली के नाम से जाना जाता है, जिसे आम बोलचाल में सेमल कहते हैं. दिखने में कांटेदार, लेकिन गुणों में दमदार है. यह पेड़ आयुर्वेद के हिसाब से किसी नेचुरल टॉनिक से कम नहीं है. इसके फूल, छाल, जड़ और गोंद तक का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. दूध के साथ रामबाण आयुर्वेदाचार्य असिस्टेंट प्रोफेसर वैद्य मेघा गोयल कहती हैं कि वह बलिया के बांसडीह मझौली स्थित शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में सालों से कार्यरत हैं. मेघा कहती हैं कि त्वचा की समस्याओं से परेशान लोगों के लिए शाल्मली वरदान की तरह काम करता है. इसके कांटों को दूध के साथ पीसकर लगाने से पिंपल्स, झाइयां और दाग-धब्बे कम होते हैं, जिससे त्वचा में निखार आता है. शाल्मली के छाल और पत्तों का लेप घावों को जल्दी भरने और सूजन को कम करने में भी मददगार है. पुरुषों की ताकत का सीक्रेट पुरुषों के स्वास्थ्य के लिहाज से भी यह बेहद लाभकारी है. इसकी जड़ और छाल का चूर्ण गुणों से भरपूर है, जो शरीर की ताकत बढ़ाने और शुक्राणुओं की गुणवत्ता सुधारने में सहायता करता है. शाल्मली का गोंद, जिसे मोचरस भी कहा जाता है, यह दस्त, पेचिश और रक्तस्राव जैसी समस्याओं में काफी असरदार है. महिलाओं में अत्यधिक रक्तस्राव की स्थिति में भी इसका उपयोग काफी लाभकारी और गुणकारी होता है. न करें ये गलती इसमें कुछ खास गुण होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं और खांसी-अस्थमा जैसी श्वसन समस्याओं में भी राहत देते हैं. सेमल के फूल लिवर और पीलिया के उपचार में भी मददगार हैं. हालांकि, इसके अनेक फायदे जरूर हैं, बावजूद इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए. किसी भी तरह के औषधीय प्रयोग से पहले आयुर्वेदिक विशेषज्ञ की सलाह लेना ही बेहतर होता है, ताकि इसके लाभ सुरक्षित और सही तरीके से मिल सकें. बगैर आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह लिए इसका सेवन हानिकारक हो सकता है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : March 30, 2026, 23:57 IST
घर पर पेडीक्योर: पेडीक्योर के रूप में अब घर पर, फटी एड़ियों और वाॅलॅजी वाॅर्क्स से बाहर, बस कुछ आसान स्टेप्स में

घर पर पेडीक्योर: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपने चेहरे का तो पूरा मकसद रखते हैं, लेकिन आदिवासियों की अनदेखी कर देते हैं। धूल-मिट्टी और धूल-मिट्टी के कारण धूल-मिट्टी और धूल-मिट्टी के छिलके दिखाई देते हैं। अक्सर लोग रिटेल रिटेलर महँगाई पेडीक्योर पर हजारों रुपये खर्च करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही निखार आप घर पर भी पा सकते हैं? आइए हम आपको बताते हैं डार्कनेस के बारे में कुछ आसान टिप्स। आप घर बैठे अपने विरोधियों को भव्य और चमकदार बना सकते हैं। पुराने नेल पेंट के वास्तुशिल्प और स्मारकों के वास्तुशिल्प सबसे पहले अपने स्मारक पर लगे पुराने नेल पेंट को रूमर की मदद से साफ़ करें। इसके बाद नेल अख्तर से नक्षत्र को अपनी पसंद के अनुसार और फाइलर से उन्हें सही आकार दें। याद रखें, रसायन शास्त्र को काटने से वे टूट सकते हैं, इसलिए यह काम पानी में पैर खरीदने से पहले ही करें। फ़ुट बाथ कोलेबम के रस से साफ़ करें एक टैब में प्रभाव गुनगुना पानी लें। इसमें लिटिल सा माइल्ड कील, एक ओरिएंटल सेंधा नमक और आधे का रस मिला हुआ होता है। यदि आपके पास कोई एसेंशियल तेल है, तो उसकी 2-3 बूंदें भी डाली जा सकती हैं। अब अपने यात्रियों को 15-20 मिनट के लिए इस पानी में डबकर रखें। यह थका हुआ त्वचा को दूर रखेगा और मृत त्वचा को पोषण देगा। इन्वेस्टमेंट करके सिक्न को डिज़ाइन सॉफ्ट जब त्वचा नैयर हो जाए, तो एक फुट के ब्रश या पुराने टूथब्रश की मदद से ट्रस्ट के आसपास की गंदगी साफ करें। अब पुमिस स्टोन का उपयोग करके अभिनेताओं की सख्ती और फटी त्वचा को धीरे-धीरे-धीरे-धीरे खींचते हैं। दांतों की ऊपरी त्वचा के लिए आप घर पर लिपस्टिक का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह डेड स्कीनल सेल्स को आपके स्टिलिट्स को कोमल बनाता है। फ़ुट मास्क से टैनिंग हटाएँ सांख्यिकी के बाद आतंकवादियों को समुद्री पानी से धो लें। अब आप मुल्तानी मिट्टी या बेसन और हल्दी का पैक पा सकते हैं। इसे 10 मिनट तक अनइंस्टॉल करें और फिर धो लें। यह स्टैप एज़ट की टैनिंग हटाने में बहुत इज़ाजत है। नौकरी और नौकरी जरूरी है पेडीक्योर का सबसे अहम हिस्सा है भूखन। आदिवासियों को तौलिए से सुखाकर अच्छी क्वालिटी की फुट क्रीम या नारियल तेल से 5-10 मिनट तक मालिश करें। मसाज से रक्त संचार बढ़ जाता है और एक दृष्टि प्रतिबिंब की समस्या जड़ से ख़त्म हो जाती है। नेल पेंट और फिनिशिंग से पूरी तरह से पेडिक्योर अंतिम रूप से आप अपने पसंदीदा रंग का नेल पेंट विवरण देखें। सबसे पहले बेस कोट आउटफिट, फिर नेल कलर और फाइनल में टॉप कोट। इससे पहले बर्बादी में चमक बनी रही और लंबे समय तक टिकेगा तक पेंट किया गया। ये भी पढ़ें –हनुमान जयंती 2026 चालीसा: हनुमान जयंती के दिन जरूर करें इस चालीसा का पाठ, जीवन में आ रही बाधाएं दूर (टैग्सटूट्रांसलेट)सौंदर्य उपचार(टी)घरेलू उपचार(टी)जीवनशैली(टी)त्वचा की देखभाल(टी)घर पर पेडीक्योर(टी)घरेलू उपचार(टी)पेडीक्योर घर पर चरण दर चरण पेडीक्योर(टी)फटी एड़ियां पेडीक्योर(टी)गंदे नाखून हटाने के टिप्स
गंजबासौदा में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी:गेहूं कटाई के बीच बदला मौमस, किसान बोले- 70 प्रतिशत फसल अभी खेतों में खड़ी

गंजबासौदा में सोमवार रात करीब 8 बजे मौसम बदला। तेज हवा के साथ शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी और आसमान में कड़कती बिजली ने किसानों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हालांकि बारिश कुछ देर बाद रुक गई, लेकिन छाए हुए काले बादलों ने फसल बर्बादी का डर पैदा कर दिया है। किसान अमन शर्मा ने बताया कि इस समय गेहूं की कटाई का काम जोर-शोर से चल रहा है, लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत काम ही पूरा हो पाया है। करीब 70 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में खड़ी है या कटने के इंतजार में है। ऐसे में तेज हवा से फसल गिरने और बारिश से दाने गीले होने का खतरा मंडरा रहा है। किसानों की दोहरी मुसीबत किसान हेमराज कुशवाहा के मुताबिक, सुबह तक मौसम बिल्कुल साफ था और किसी को अंदेशा नहीं था कि शाम को पानी गिरेगा। अब अचानक बदले मिजाज से किसान जल्द से जल्द कटाई निपटाने की जुगत में लग गए हैं। किसानों को डर है कि अगर गेहूं गीला हुआ तो उसका रंग खराब हो जाएगा और मंडी में सही दाम नहीं मिलेंगे। खेत गीले होने पर मशीन (हार्वेस्टर) चलाना मुश्किल हो जाएगा, जिससे काम हफ्तों पिछड़ सकता है। फिलहाल, तेज हवा और बादलों की लुकाछिपी से गंजबासौदा के किसान चिंतित है। सभी की नजरें अब आसमान पर टिकी हैं कि कहीं झमाझम बारिश उनकी साल भर की मेहनत पर पानी न फेर दे।
गर्मी में पेट की हर समस्या का जड़ से इलाज! दही में भूनकर मिला दें ये चीज, चेहरे पर आ जाएगा ग्लो

Last Updated:March 30, 2026, 22:55 IST गर्मियों का मौसम आते ही पेट से जुड़ी परेशानियां तेजी से बढ़ जाती हैं. भूख कम लगना, गैस, अपच, पेट फूलना और लगातार थकान जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. ऐसे में लोग दवाइयों या ठंडे पेय पर निर्भर हो जाते हैं, लेकिन एक आसान और देसी नुस्खा इन सभी परेशानियों में राहत दे सकता है. दही और भुने जीरे का यह साधारण सा कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र को मजबूत करने के साथ शरीर को ठंडक और एनर्जी देने में मदद करता है. आयुर्वेद में भी इसे पेट के लिए बेहद फायदेमंद माना गया है. ख़बरें फटाफट वजन और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंद. गर्मी के मौसम में शरीर पर कई तरह के असर देखने को मिलते हैं. इस दौरान अक्सर लोगों को भूख कम लगने लगती है, पेट में भारीपन महसूस होता है, गैस और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं और शरीर में कमजोरी भी आने लगती है. ऐसे में पाचन को दुरुस्त रखने और शरीर को ठंडक देने वाले घरेलू उपाय काफी मददगार साबित होते हैं. इन्हीं में से एक आसान और असरदार उपाय है दही के साथ भुना हुआ जीरा खाना. यह साधारण सा मिश्रण आयुर्वेद में पाचन सुधारने और पेट की समस्याओं से राहत देने के लिए बहुत उपयोगी माना गया है. दही एक प्राकृतिक प्रोबायोटिक है जो आंतों के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह शरीर को ठंडक देता है और अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है. वहीं भुना हुआ जीरा पाचन शक्ति को मजबूत करता है और गैस, एसिडिटी तथा पेट फूलने जैसी समस्याओं को कम करने में सहायता करता है. जब इन दोनों को साथ में लिया जाता है, तो यह कॉम्बिनेशन पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और गर्मी से होने वाली पेट की परेशानियों को काफी हद तक कम कर देता है. गर्मी में क्यों फायदेमंद है यह उपायगर्मी में बाहर के प्रोसेस्ड और शुगर वाले पेय पदार्थों की बजाय दही और जीरे का यह घरेलू नुस्खा ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है. यह पेट को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर को दिनभर एनर्जी और ताजगी भी देता है. आयुष मंत्रालय के अनुसार भी दही और भुना जीरा पाचन और इम्युनिटी के लिए बेहद लाभकारी होते हैं. अपच और गैस में असरदारइस मिश्रण का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह अपच और गैस की समस्या को काफी हद तक कम करता है. भुना जीरा पेट में बनने वाली गैस को नियंत्रित करता है और दही के साथ मिलकर भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है. जिन लोगों को खाना खाने के बाद भारीपन या ब्लोटिंग की समस्या होती है, उनके लिए यह घरेलू उपाय बहुत उपयोगी हो सकता है. भूख बढ़ाने और मेटाबॉलिज्म सुधारने में मददगारगर्मियों में कई लोगों को भूख नहीं लगती. ऐसे में जीरा मेटाबॉलिज्म को तेज करता है जिससे पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है और भूख बढ़ती है. दही के साथ इसका सेवन शरीर को हल्का महसूस कराता है और खाने की इच्छा को संतुलित करता है. वजन और इम्युनिटी के लिए भी फायदेमंददही और जीरा का यह मिश्रण वजन नियंत्रण में भी मदद करता है. जीरा मेटाबॉलिज्म बढ़ाकर कैलोरी बर्न करने की प्रक्रिया को तेज करता है. साथ ही इसमें मौजूद पोषक तत्व इम्युनिटी को मजबूत बनाते हैं. यह कॉम्बिनेशन शरीर को संक्रमण से बचाता है और गर्मियों में होने वाली कमजोरी व थकान को कम करता है. दही शरीर को ठंडक देता है जबकि जीरा पसीने के जरिए निकलने वाले जरूरी मिनरल्स की भरपाई करता है. इससे डिहाइड्रेशन की समस्या कम होती है और शरीर लंबे समय तक एनर्जेटिक बना रहता है. कैसे करें सेवनइसे बनाने के लिए एक चम्मच भुना हुआ जीरा लेकर उसे अच्छे से पीस लें. फिर एक कटोरी ताजे दही में इसे मिलाएं और स्वाद के लिए थोड़ा काला नमक डाल सकते हैं. इसे सुबह नाश्ते के साथ या दोपहर के भोजन के बाद लिया जा सकता है. नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर हल्का और फिट महसूस करता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 30, 2026, 22:55 IST
मल्हारगंज में होटल के गोदाम में लगी आग:, फायर ब्रिगेड मौके पर रहवासी इलाके की, बिजली सप्लाई बंद

शहर के मल्हारगंज थाना क्षेत्र की गली नंबर 3 में स्थित होटल वर्ल्ड किचन के गोदाम में सोमवार रात अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग की खबर मिलते ही बिजली विभाग ने तत्काल इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी, ताकि किसी तरह का बड़ा हादसा न हो। वहीं सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और आसपास के लोगों को सुरक्षित स्थान पर हटाया गया। होटल वर्ल्ड पर होटल से संबधित सामान बेचा जाता है। मल्हारगंज इलाके में उनका तीन मंजिला गोदाम बना हुआ है। रहवासी क्षेत्र होने से बढ़ी चिंता जिस स्थान पर आग लगी है, उसके आसपास घनी आबादी है। ऐसे में आग फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर हैफायर ब्रिगेड की टीम लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। स्थिति पर काबू पाने के बाद ही नुकसान का आंकलन किया जा सकेगा।
भाई के बेटे में दिखा ‘राजा’,घर में जश्न का माहौल:‘राजा इज बैक’ लिखकर नवजात का भव्य स्वागत; हाथों में राजा की तस्वीर थामे आई भाभी

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के बाद गम में डूबे परिवार में अब खुशी का माहौल है। उनके बड़े भाई सचिन के घर बेटे का जन्म हुआ है, जिसे परिवार ‘राजा’ मान रहा है। रविवार रात को परिवार ने ढोल बजाकर जश्न मनाया। राजा रघुवंशी की हत्या के बाद परिवार लंबे समय से दुख में था। अब सचिन के घर बेटे के जन्म से घर में खुशी लौट आई है। परिजन बच्चे को राजा कहकर पुकार रहे हैं। ग्यारस के दिन हुआ जन्म परिवार के मुताबिक, जिस दिन राजा की हत्या हुई थी, उस दिन भी ग्यारस थी। अब बेटे का जन्म भी ग्यारस के दिन और लगभग उसी समय हुआ है। इसे परिवार एक संयोग मानते हुए भावनात्मक रूप से जोड़ रहा है। रविवार रात परिवार ने घर पर ढोल बजाकर खुशी मनाई। परिजन जमकर नाचे और नए मेहमान का स्वागत किया। अस्पताल के बाहर भी ढोल बजाए गए। ‘राजा इज बैक’ लिखकर किया भव्य स्वागत सोमवार शाम को बेटे को घर लाया गया। इस मौके पर परिवार ने इस पल को पूरे उत्साह के साथ मनाया। परिवार ने पूरे घर को सजाया। मेन गेट पर लिखा “राजा इज बैक”। शाम को सजी हुई कार में बच्चे और मां को लेकर परिवार के लोग लेकर आए। इस दौरान जमकर आतिशबाजी की गई। परिवार के लोग ढोलक की थाप पर जमकर थिरकते नजर आए। राजा के भाई विपिन और सचिन के साथ ही परिवार के अन्य लोग ढोलक की थाप पर जमकर नाचे। पूरे उत्साह के साथ नए मेहमान का वेलकम किया गया। राजा की शादी जैसा ही जश्न जब सचिन की पत्नी किरण अपने बेटे के साथ घर लौटी तो उनके हाथ में राजा की तस्वीर था। दोनों हाथों से वह राजा की तस्वीर लेकर चल रही थी। वह उमा रघुवंशी के हाथों में नन्हा मेहमान घर में आया। विपिन ने बताया कि जिस तरह राजा की शादी में खर्चा किया गया था, उसी तरह नए मेहमान के आने की खुशी में खर्चा किया गया है। बड़े दिन बाद परिवार में खुशी का माहौल लौटा है। हत्या के बाद नहीं मनाया कोई त्योहार राजा की हत्या के बाद परिवार ने कोई त्योहार नहीं मनाया था। बेटे के जन्म के बाद पहली बार घर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला है।
कंपनी डिफॉल्ट हुई तो सबसे पहले मजदूरों को मिलेगा बकाया:बैंक करप्सी संशोधन बिल पास, 14 दिन में मंजूर होगी दिवालिया अर्जी

लोकसभा ने 30 मार्च को दिवालियापन कानून में बदलाव वाला बिल पास कर दिया। अब कोई कंपनी दिवालिया होने पर उसकी संपत्ति बेचकर जो पैसा मिलेगा, उसमें सबसे पहले मजदूरों और कर्मचारियों की रुकी हुई सैलरी और बकाया चुकाया जाएगा। इसके बाद ही बाकी लोगों को भुगतान होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह नया सिस्टम पुराने फास्ट-ट्रैक प्रोसेस की जगह लेगा, क्योंकि पुरानी व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही थी। इसके अलावा, अब एक ही ग्रुप की कई कंपनियों और विदेशों में फंसी उनकी संपत्तियों से जुड़े विवादों को सुलझाना भी आसान होगा। सीतारमण ने कहा- मजदूरों के हक से कोई समझौता नहीं संसद के बजट सत्र के दौरान चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भरोसा दिलाया कि दिवालिया प्रक्रिया के दौरान मजदूरों के हितों को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कानून में ऐसे प्रावधान किए गए हैं, जिससे कामगारों के बकाए को भुगतान की लिस्ट में ऊपर रखा जाए। डिफॉल्ट हुआ तो 14 दिन में मंजूर करनी होगी अर्जी संशोधन बिल का एक और बड़ा फायदा यह है कि अब दिवालिया मामलों को लटकाया नहीं जा सकेगा। जैसे ही किसी कंपनी का डिफॉल्ट (कर्ज न चुका पाना) साबित हो जाएगा, उसके खिलाफ इनसॉल्वेंसी की अर्जी को 14 दिन के भीतर स्वीकार करना अनिवार्य होगा। इससे पूरी प्रक्रिया तेज होगी और कर्मचारियों को अपना हक मिलने में सालों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। बैंकों ने अब तक 4.11 लाख करोड़ रुपए वसूले वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि IBC कानून के लागू होने से देश के बैंकिंग सेक्टर की सेहत सुधरी है। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक: गलत फायदा उठाने वालों पर लगेगा ₹5 करोड़ तक का जुर्माना वित्त मंत्री ने साफ कर दिया है कि दिवालिया कानून (IBC) अब वसूली का नहीं, बल्कि समाधान का जरिया है। अगर कोई भी व्यक्ति या कंपनी इस पूरी प्रक्रिया का गलत फायदा उठाती है या इसमें अड़ंगा डालती है, तो उस पर भारी पेनाल्टी लगेगी: छोटी कंपनियां कोर्ट के बाहर सेटलमेंट कर सकेंगी पुराने सिस्टम में कुछ कमियां थीं, जिन्हें दूर करने के लिए अब ‘क्रेडिटर-इन-कंट्रोल’ मॉडल लाया जा रहा है। इसमें लेनदार (जैसे बैंक या अन्य पैसे देने वाले) खुद समाधान प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे। साथ ही, छोटी कंपनियों के लिए कोर्ट के बाहर सेटलमेंट जैसे आसान तरीके अपनाए जाएंगे, ताकि लंबी कानूनी लड़ाई से बचा जा सके। 7 बार बदला जा चुका है यह कानून बता दें कि सरकार ने 12 अगस्त 2025 को इस संशोधन बिल को लोकसभा में पेश किया था। इसके बाद इसे सिलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। कमेटी ने दिसंबर 2025 में अपनी रिपोर्ट दी, जिसके आधार पर अब इसे पारित किया गया है। 2016 में पहली बार लागू होने के बाद से IBC में अब तक कुल 7 बार संशोधन किए जा चुके हैं।








