अनूपपुर में कांग्रेस का महंगाई, ईंधन कमी पर प्रदर्शन:हाथ ठेले पर बाइक-सिलेंडर रखकर जताया विरोध, कहा- गलत नीतियों से जनता परेशान

अनूपपुर जिला मुख्यालय में सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने पेट्रोल-डीजल की कमी और बढ़ती महंगाई के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान की अगुवाई में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंदिरा तिराहे से स्टेशन चौक तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान अनोखा नजारा देखने को मिला, जब कार्यकर्ताओं ने हाथ ठेले पर मोटरसाइकिल और गैस सिलेंडर रखकर केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के प्रति अपना गुस्सा जाहिर किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से जनता बेहाल है। महंगाई और किल्लत से जनता परेशान जिला अध्यक्ष गुड्डू चौहान ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस के दाम लगातार बढ़ रहे हैं और इनकी कमी ने लोगों की मुसीबतें और बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई सातवें आसमान पर है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लिए घर चलाना मुश्किल हो गया है। बिजली के बढ़ते बिलों पर भी घेरा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केवल पेट्रोल-डीजल ही नहीं, बल्कि बिजली की बढ़ती कीमतों का भी विरोध किया। उनका कहना था कि एक तरफ तो लोग तेल और गैस के दामों से परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ सरकार बिजली महंगी करके जनता पर दोहरी मार मार रही है। तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन रैली के आखिर में स्टेशन चौक पर कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई ठीक की जाए और बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाकर जनता को राहत दी जाए। इस मौके पर पूर्व विधायक मनोज अग्रवाल समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हरदा में सड़क हादसा, 19 साल की आरती की मौत:चाचा के आने का कर रही थी इंतजार, सिर में चोट लगने से गई जान

सोमवार दोपहर को छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम नीमसराय के पास एक सड़क हादसे में 19 वर्षीय युवती की मौत हो गई। मृतका की पहचान आरती पिता शिवशेल मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरती अपने चाचा व्योमकेश मिश्रा के साथ हरदा आने के लिए नीमसराय गांव से निकली थी। उनके चाचा अपना मोबाइल घर पर भूल गए थे, जिसे लेने वे वापस घर गए। सड़क किनारे कर रही थी इंतजार, बाइक ने टक्कर मारी आरती सड़क किनारे एक पेड़ के पास बैठकर चाचा का इंतजार कर रही थी। तभी एक अज्ञात बाइक सवार ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में आरती के सिर में गंभीर चोटें आईं। उसे तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, सिर में गंभीर चोट लगने के कारण ही उसकी जान गई। शाम को जिला अस्पताल में मृतका के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरती अपने तीन भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थी।
सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे हैरान करने वाले बदलाव! – News18 हिंदी

X सुबह खाली पेट खाएं सिर्फ 1 लहसुन की कली, शरीर में दिखेंगे गजब के बदलाव Raw Garlic Health Benefits: ऋषिकेश के आयुष डॉक्टर राजकुमार बताते हैं कि भारतीय रसोई की शान लहसुन सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. अगर आप अपने दिन की शुरुआत खाली पेट कच्चे लहसुन की एक कली से करते हैं, तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जो बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और वायरल इन्फेक्शन से बचाने में मदद करती है. इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं, जिससे गैस और अपच जैसी समस्याओं में आराम मिलता है. दिल की सेहत के लिए भी लहसुन रामबाण माना जाता है; इसमें पाया जाने वाला एलिसिन तत्व ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक है. इसके अलावा, यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालकर मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है, जिससे वजन घटाने में भी मदद मिलती है. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करें.
धुरंधर जैसी स्पाई थ्रिलर ट्रेंड में ‘डफर’ का टीजर-पोस्टर जारी:मुख्य किरदार का चेहरा छिपा, सस्पेंस और लीड रोल ने अटकलें बढ़ाईं

धुरंधर जैसी ग्रेट लेयर्ड स्पाई थ्रिलर फिल्मों के ट्रेंड के बाद, अब बॉलीवुड में एक नई थ्रिलर की लहर देखने को मिल रही है। इसी कड़ी में एलीफेंटा फिल्म्स ने अपनी पहली फिल्म ‘डफर’ का टीजर पोस्टर रिलीज किया है, जिसने रिलीज होते ही दर्शकों में उत्सुकता और सस्पेंस दोनों बढ़ा दिए हैं। पोस्टर में मुख्य किरदार का चेहरा पूरी तरह से छिपा हुआ है, जिससे फिल्म के रहस्य और बढ़ गए हैं। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार, लीड रोल के लिए शाहिद कपूर और जॉन अब्राहम जैसे नाम चर्चा में हैं, हालांकि मेकर्स ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। डफर को पारंपरिक स्पाई थ्रिलर से अलग बताते हुए मेकर्स ने इसे लेयर्ड और सस्पेंस से भरपूर कहानी के रूप में पेश किया है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि किरदार की पहचान और उसकी परतें धीरे-धीरे सामने आएंगी, ठीक उसी तरह जैसे धुरंधर ने दर्शकों को हर मोड़ पर चौंकाया था। प्रोड्यूसर कोमल वर्मा का कहना है, “हमने इस स्तर पर सीमित जानकारी साझा करने का फैसला किया है। हमारा मकसद है कि दर्शक फिल्म के रहस्य के साथ खुद को जोड़ें। कई बार जो नहीं दिखाया जाता, वही ज्यादा प्रभाव छोड़ता है।” फिल्म का निर्देशन अवॉर्ड-विनिंग फिल्ममेकर नकुल देव कर रहे हैं, जो अपनी डिटेल्ड और लेयर्ड स्टोरीटेलिंग के लिए जाने जाते हैं। लेखन और क्रिएटिव डायरेक्शन सुमन दिव्या संभाल रही हैं। डफर का पोस्टर जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में लॉन्च किया गया, और मेकर्स ने बताया कि आने वाले समय में कास्ट और किरदारों से जुड़ी जानकारी चरणबद्ध तरीके से सामने आएगी। धुरंधर की तरह, ‘डफर’ का सबसे बड़ा हथियार इसका सस्पेंस है। मुख्य किरदार का चेहरा अब तक सामने नहीं आया है, और यही रहस्य फिल्म की चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दर्शकों की निगाहें अब लीड एक्टर के आधिकारिक खुलासे पर टिकी हैं, जो इस प्रोजेक्ट की दिशा तय करेगा। एलीफेंटा फिल्म्स ने यह भी घोषणा की है कि ‘डफर’ के अलावा कंपनी पांच और प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, जिसमें विभिन्न फॉर्मेट और विषयों की स्पाई और थ्रिलर शैली की फिल्मों को आगे बढ़ाया जाएगा।
खरगोन में आंधी-अलर्ट के बीच 15 मिनट ओलावृष्टि:चना के बराबर ओले गिरे, फसलों को नुकसान की आशंका; 2 अप्रैल तक खराब मौसम का अलर्ट

खरगोन जिले में आंधी और अलर्ट के बीच झिरनिया क्षेत्र में सोमवार को 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। इस दौरान चने और बेर के आकार के ओले गिरे। झिरन्या, गोराडिया, खोई, अपरवेदा और नेमित जैसे कई क्षेत्रों में दोपहर बाद मौसम में अचानक बदलाव देखा गया। शाम 4:15 बजे के आसपास इन इलाकों में अचानक तेज बारिश शुरू हुई, जो लगभग 15 मिनट तक जारी रही। ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका है। भीकनगांव के किसान अरविंद जायसवाल ने बताया कि देर से बोए गए गेहूं की कटाई का अंतिम दौर चल रहा है, और इस बारिश से गेहूं की चमक फीकी पड़ सकती है। 2 अप्रैल तक खराब मौसम का अलर्ट मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी, वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण ओलावृष्टि और बारिश की स्थिति बनी है। जिले में 2 अप्रैल तक ऐसा ही मौसम बने रहने का अनुमान है। मौसम में आए इस बदलाव के कारण पिछले 24 घंटों में तापमान में 1 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। सोमवार को जिले का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
गर्मी में इन 8 चीजों का करें सेवन, शरीर में नहीं होगी पानी की कमी, चिलचिलाती धूप में भी रहेंगे कूल-कूल

Last Updated:March 30, 2026, 18:28 IST Best Foods for Summer: गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. तेज धूप और गर्म हवाओं से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. ऐसे में तरबूज, खीरा, नारियल पानी और सत्तू जैसे फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करके आप न केवल पानी की कमी को पूरा कर सकते हैं, बल्कि लू और पाचन संबंधी समस्याओं से भी बच सकते हैं. ये चीजें शरीर के तापमान को प्राकृतिक रूप से कम रखने में सहायक हैं. तरबूज : यह गर्मियों का सबसे पसंदीदा फल है. रसीला और मीठा तरबूज देखकर ही मुंह में पानी आने लगता है. तरबूज में लगभग 92% पानी होता है. यह न केवल शरीर में पानी की कमी को पूरा करता है, बल्कि इसमें मौजूद लाइकोपीन सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा की रक्षा भी करता है. दोपहर के समय तरबूज का सेवन आपको तुरंत ताजगी और एनर्जी देता है. खीरा : गर्मियों में शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए रोज खीरा खाएं. इसमें फाइबर की मात्रा अधिक और कैलोरी बहुत कम होती है. सलाद के रूप में कच्चा खीरा खाने से शरीर का तापमान कंट्रोल रहता है और पाचन तंत्र भी सुचारू रूप से काम करता है. यह शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में भी मदद करता है. छाछ : आयुर्वेद में छाछ को गर्मियों का अमृत माना गया है. इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट को ठंडा रखते हैं और भोजन के पाचन में सहायता करते हैं. भुना हुआ जीरा और काला नमक डालकर छाछ पीने से न केवल शरीर को ठंडक मिलती है, बल्कि यह डिहाइड्रेशन को रोकने में भी बहुत असरदार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google नारियल पानी : कोकोनट वॉटर प्राकृतिक इलेक्ट्रोलाइट्स का खजाना है. गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर से जो जरूरी मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं, उनकी भरपाई नारियल पानी बखूबी करता है. यह शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और थकान मिटाकर आपको दिनभर सक्रिय बनाए रखता है. पुदीना : पुदीना अपनी प्राकृतिक शीतलता के लिए जाना जाता है. इसे चटनी, रायता या शरबत में मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है. पुदीना न केवल सांसों को ताजगी देता है, बल्कि यह पेट की जलन को शांत करने और लू के प्रभाव को कम करने में भी जादुई असर दिखाता है. लौकी : अक्सर लोग लौकी को नापसंद करते हैं, लेकिन गर्मियों में यह स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें पानी की मात्रा बहुत अधिक होती है और यह आसानी से पच जाती है. लौकी का जूस या सब्जी का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है और यह एसिडिटी की समस्या को दूर रखने में सहायक है. सत्तू : सत्तू को गरीबों का प्रोटीन कहा जाता है, लेकिन इसकी ठंडी तासीर इसे गर्मियों का सुपरफूड बनाती है. भुने हुए चने से बना सत्तू शरीर को लू से बचाता है और पेट को लंबे समय तक भरा हुआ रखता है. इसका मीठा या नमकीन शरबत पीकर आप चिलचिलाती धूप का सामना आसानी से कर सकते हैं. संतरा : संतरा विटामिन C और पोटेशियम से भरपूर होता है, जो गर्मियों में मांसपेशियों की ऐंठन को रोकने में मदद करता है. इसमें मौजूद पानी और नेचुरल शुगर शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ एनर्जी लेवल को भी बढ़ाते हैं. इसका सेवन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है और त्वचा में चमक बनाए रखता है. First Published : March 30, 2026, 18:28 IST
शिवपुरी में गर्लफ्रेंड को भगाने पहुंचे प्रेमी की पीट-पीटकर हत्या:परिजनों ने घर में बंधक बनाकर रात भर मारा, आज होनी थी लड़की की सगाई

शिवपुरी के कोलारस कस्बे में अपनी गर्लफ्रेंड को घर से भगाकर ले जाने पहुंचे एक युवक की परिजनों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। सोमवार सुबह करीब 10 बजे उसका शव गांव के पास नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोनों के बीच चल रहा था अफेयर रन्नौद थाना क्षेत्र के नेगमा गांव का रहने वाला 26 वर्षीय अर्जुन पाल का कोलारस की 20 वर्षीय युवती के साथ अफेयर चल रहा था। दोनों के परिवारों को इस संबंध की जानकारी थी। लेकिन अलग-अलग समाज के होने के कारण लड़की के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे और शादी के लिए तैयार नहीं थे। आज ही होनी थी लड़की की सगाई बताया जा रहा है कि लड़की अपने प्रेमी अर्जुन से शादी करना चाहती थी और इस बात पर अड़ी हुई थी लेकिन परिवार ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी थी। सोमवार को उसकी सगाई होने वाली थी। इस बात की जानकारी लड़की ने फोन पर अर्जुन को दी थी। भागने की बनाई थी योजना जिसके बाद दोनों ने मिलकर घर से भाग जाने की योजना बनाई थी। इसी योजना के तहत अर्जुन रविवार देर शाम कोलारस पहुंचा। उसने अपने रिश्तेदार कल्ला पाल से मदद मांगी, जो कोलारस में एक फार्म हाउस पर रहकर खेती करता था। रविवार रात करीब 1 बजे अर्जुन और कल्ला, लड़की के घर के पास खेत और हाईवे किनारे पहुंच गए। लड़की को वहीं आना था, ताकि दोनों वहां से भाग सकें। लेकिन इस योजना की जानकारी लड़की के परिजनों को लग गई। लड़की के आने की जगह उसके परिजन मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को पकड़ लिया। परिजनों ने कल्ला पाल को थप्पड़ मारे और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कल्ला किसी तरह मौके से भाग निकला लेकिन अर्जुन को पकड़कर परिजन अपने घर ले गए। बंधक बनाकर बेरहमी से की मारपीट घर ले जाकर अर्जुन को बंधक बना लिया गया और उसके साथ जमकर मारपीट की गई। लगातार पिटाई के चलते अर्जुन की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद परिजनों ने सबूत छिपाने के लिए अर्जुन के शव को खेत से करीब 100 मीटर दूर नाले में फेंक दिया। सुबह ग्रामीणों ने देखा शव सोमवार सुबह ग्रामीणों ने नाले में एक शव पड़ा देखा, जिसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान की, जिसमें मृतक अर्जुन पाल निकला। बताया गया है कि सुबह लड़की का दादा खुद थाने पहुंचा और अर्जुन के साथ मारपीट की जानकारी दी। इस मामले में कल्ला पाल की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पांच लोगों पर एफआईआर कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर के अनुसार, लड़की के पिता, दादा और तीन अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
हिमाचल में CAG रिपोर्ट ने खोली वित्तीय गड़बड़ियों की पोल:HPU में अयोग्य टीचर भर्ती, रिसर्च-वर्क घटा; सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सोमवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की ताजा रिपोर्ट ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। रिपोर्ट में फंड के उपयोग में गड़बड़ियां, परियोजनाओं में देरी, राजस्व वसूली में कमी, अव्यवस्थित वित्तीय नियंत्रण और कई विभागों में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। खनन, सिंचाई, आपदा राहत, विश्वविद्यालय और वन विभाग तक फैली इन खामियों ने शासन-प्रशासन की पारदर्शिता और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। खास बात यह है कि 2024-25 में खर्च की गई बड़ी धनराशि का पूरा हिसाब स्पष्ट नहीं है। कई विभागों ने यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट समय पर जमा नहीं किए। इसे पारदर्शिता और जवाबदेही के लिहाज से गंभीर चूक माना गया। CAG ने पाया कि कई विभागों ने आवंटित बजट का पूरा उपयोग नहीं किया और कुछ मामलों में बिना स्वीकृति के खर्च किया गया। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया का पालन न होने के मामले भी सामने आए हैं। इससे सरकारी खर्च की निष्पक्षता पर सवाल उठे हैं। CAG ने 2024-25 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) की वित्तीय स्थिति पर भी चिंता जताई है। राजस्व विभाग में गड़बड़ी जयराम सरकार में 2019-20 में आपदा फंड में भी गड़बड़ी SDRF और NDRF फंड के उपयोग में भी बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। 2019-20 में केंद्र सरकार ने ₹61.07 करोड़ रोक लिए थे, क्योंकि राज्य ने SDRF फंड का दुरुपयोग किया था। इसके बावजूद 2019-23 के दौरान भी यह स्थिति जारी रही। रिपोर्ट के अनुसार, ₹254.73 करोड़ की NDRF सहायता जारी ही नहीं हो सकी। क्योंकि राज्य के पास पहले से ही SDRF का बड़ा बैलेंस पड़ा था। इससे राहत कार्यों में 1 से 2 साल तक की देरी हुई। इसके अलावा ₹122.27 करोड़ राशि नियमों के अनुसार निवेश करने के बजाय सेविंग अकाउंट में पड़ी रही, जिससे ब्याज का नुकसान हुआ। कई जगह नियमों के खिलाफ ₹11.76 करोड़ के कार्य कर दिए गए, जैसे सामान्य मरम्मत और नए निर्माण, जो आपदा राहत के दायरे में नहीं आते। आपदा प्रबंधन सिस्टम कमजोर आपदा प्रबंधन सिस्टम भी कमजोर पाया गया। राज्य आपदा योजना अपडेट नहीं हुई, जिला योजनाओं को मंजूरी नहीं मिली और कई जगह आपदा प्रबंधन टीमें बनी ही नहीं। SDRF में स्टाफ की कमी भी सामने आई, जहां 326 पदों में से केवल 193 ही भरे गए। इसके अलावा 9,449 कार्यों (₹172.47 करोड़) का डेटा पोर्टल पर अपडेट नहीं किया गया और बड़ी संख्या में उपयोग प्रमाण पत्र लंबित पाए गए। वन विभाग में अनियमितताएं CAMPA फंड में ₹1.33 करोड़ की संभावित कमी वन विभाग की कार्यप्रणाली पर CAG की रिपोर्ट में सवाल उठे हैं। फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट (FCA) के तहत शिमला स्थित नोडल अधिकारी के रिकॉर्ड की जांच में कई अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके अलावा एक अन्य मामले में वन भूमि पर मौजूद पौधों को वन घनत्व की गणना में शामिल नहीं किया गया। इस वजह से CAMPA (कंपनसेटरी एफॉरस्टेशन फंड मैनेजमेंट एंड प्लानिंग ऑथोरिटी) फंड के आकलन में कमी की आशंका जताई गई है। इन गड़बड़ियों के कारण करीब ₹1.33 करोड़ की राशि की कम वसूली होने की संभावना है। CAG ने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता मानते हुए वन विभाग की प्रक्रियाओं और आकलन प्रणाली को मजबूत करने की जरूरत बताई है। खनन सेक्टर में बड़ी गड़बड़ियां CAG रिपोर्ट में उद्योग विभाग के तहत खनन सेक्टर की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई है। 2018-19 से 2022-23 के दौरान राज्य में 40 हजार से अधिक अवैध खनन के मामले सामने आए, जिनमें अकेले 2022-23 में ही 8,000 से ज्यादा केस दर्ज हुए। खनन विभाग ने 5 साल तक एक्शन प्लान नहीं बनाया ऑडिट में पाया गया कि खनन विभाग ने पांच साल तक वार्षिक कार्ययोजना ही तैयार नहीं की, जिससे निरीक्षण, रॉयल्टी वसूली और परियोजनाओं की निगरानी प्रभावित हुई। राजस्व वसूली में भी खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान 27 खदानों में ₹1.81 करोड़ की रॉयल्टी कम वसूली पाई गई। इसके अलावा, ₹74.81 लाख डेड रेंट और ₹7.27 लाख सरफेस रेंट भी समय पर वसूल नहीं किया गया। जमीनी स्तर पर निगरानी तंत्र बेहद कमजोर पाया गया। कई जिलों में GPS ट्रैकिंग सिस्टम, फ्लाइंग स्क्वॉड और टास्क फोर्स तक नहीं बनाई गई, जिससे अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो सका।
रिपोर्ट:अमेरिका की ईरान में घुसकर यूरेनियम जब्त करने की तैयारी:ट्रम्प 10 हजार एक्स्ट्रा सैनिक भेज रहे, अप्रैल तक जंग खत्म करना चाहते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ईरान के खिलाफ जमीनी कार्रवाई करने का आदेश दे सकते हैं। अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ईरान के पास मौजूद यूरेनियम को अपने कब्जे में लेना चाहते हैं। ईरान के पास करीब 400 किलो समृद्ध (एनरिच्ड) यूरेनियम है, जिसका इस्तेमाल परमाणु बम बनाने में किया जा सकता है। ट्रम्प ने अपने सहयोगियों से कहा है कि ईरान को यह यूरेनियम छोड़ना ही होगा। अगर बातचीत से बात नहीं बनी, तो इसे जबरदस्ती भी लिया जा सकता है। इस बीच, अमेरिका मिडिल ईस्ट में करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने की योजना बना रहा है। इनमें से 3,500 से ज्यादा सैनिक पहले ही वहां पहुंच चुके हैं। परमाणु हथियार बनाने के बहुत करीब ईरान यूरेनियम एक ऐसा पदार्थ है, जिससे परमाणु ऊर्जा भी बनाई जा सकती है और परमाणु बम भी। फर्क सिर्फ इस बात से पड़ता है कि उसे कितना एनरिच यानि कि शुद्ध किया गया है। प्राकृतिक यूरेनियम में काम का हिस्सा बहुत कम होता है, इसलिए उसे मशीनों (सेंट्रीफ्यूज) के जरिए धीरे-धीरे शुद्ध किया जाता है। इसी प्रक्रिया को ‘यूरेनियम एनरिचमेंट’ कहते हैं। हमलों के बाद भी यूरेनियम पूरी तरह नष्ट नहीं हुआ माना जा रहा है कि ईरान का बड़ा परमाणु भंडार उन पहाड़ी ठिकानों के मलबे के नीचे दबा है, जिन्हें अमेरिका ने बमबारी में निशाना बनाया था। IAEA प्रमुख राफेल ग्रोसी के मुताबिक, यह यूरेनियम इस्फहान की अंडरग्राउंड टनल और नतांज जैसे ठिकानों पर हो सकता है। ट्रम्प ने पहले दावा किया था कि हमलों में ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह तबाह हो गया, लेकिन अब माना जा रहा है कि काफी यूरेनियम नष्ट नहीं हुआ, बल्कि मलबे के नीचे दब गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि ज्यादातर यूरेनियम मलबे के नीचे दबा है और अभी उसे निकालने का कोई प्लान नहीं है। साथ ही, ईरान के पास अभी भी ऐसी मशीनें हैं, जिनसे वह यूरेनियम को और शुद्ध बना सकता है और नए गुप्त ठिकाने भी बना सकता है। लंबी जंग से बचना चाहते हैं ट्रम्प ईरान के विदेश मंत्री ने भी कहा था कि लगभग सारा 60% समृद्ध यूरेनियम मलबे के नीचे दबा हुआ है और अभी उसे निकालने की कोई योजना नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान के पास अभी भी यूरेनियम को और समृद्ध करने के लिए सेंट्रीफ्यूज मशीनें हैं और वह नए अंडरग्राउंड ठिकाने भी बना सकता है। ट्रम्प और उनके कुछ सहयोगियों का मानना है कि एक सीमित और टारगेटेड ऑपरेशन के जरिए इस परमाणु सामग्री को कब्जे में लिया जा सकता है, जिससे युद्ध लंबा नहीं खिंचेगा और अप्रैल के मध्य तक इसे खत्म किया जा सकता है। ट्रम्प खुद भी लंबे युद्ध से बचना चाहते हैं, क्योंकि उनके कुछ सहयोगी चाहते हैं कि वे ध्यान घरेलू मुद्दों और आने वाले चुनावों पर दें, जहां रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान का खतरा बताया जा रहा है। एक्सपर्ट बोले- ईरान में सैनिक भेजना खतरनाक एक्सपर्ट ट्रम्प के यूरेनियम हासिल करने के लिए जमीनी ऑपरेशन शुरू करने की योजना को मुश्किल और खतरनाक मानते हैं। उनका कहना है कि इसके लिए बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों को ईरान के अंदर भेजना पड़ेगा। इससे खून-खराबा बढ़ेगा और कई अमेरिकी सैनिकों की जान जाएगी। सैनिकों को पहले इलाके को सुरक्षित करना होगा, जहां उन्हें ईरान की मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद इंजीनियर मलबे को हटाकर बारूदी सुरंगों और जालों को साफ करेंगे। यूरेनियम को खोजने के बाद स्पेशल फोर्स की टीम उसे बाहर निकालेगी। बताया गया है कि यह सामग्री 40 से 50 खास सिलेंडरों में रखी हो सकती है, जो देखने में ऑक्सीजन सिलेंडर जैसे होते हैं। इन सिलेंडरों को सुरक्षित कंटेनरों में डालकर ट्रकों में ले जाया जाएगा। इसके लिए काफी जगह लगेगी और कई ट्रकों की जरूरत पड़ सकती है। इसके बाद इसे बाहर निकालने के लिए एयरफील्ड की जरूरत होगी। अगर वहां एयरफील्ड नहीं हुआ, तो अस्थायी रनवे बनाना पड़ेगा। पूरा ऑपरेशन कई दिन या एक हफ्ते तक चल सकता है। अगर अमेरिका जबरन यूरेनियम कब्जे में लेने की कोशिश करता है, तो ईरान की तरफ से जोरदार जवाबी हमला हो सकता है और युद्ध कई हफ्तों से आगे बढ़कर लंबा खिंच सकता है।
आलीराजपुर में पत्नी की हत्या करने वाला गिरफ्तार:बेटे को बाइक खरीदने 50 हजार देने पर भड़का, गुजरात से मकान बनाने पैसे लाया था

आलीराजपुर में बखतगढ़ पुलिस ने ग्राम मथवाड़ में पत्नी की हत्या के आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुमानिया को सकरजा रोड के पास स्थित जंगल से पकड़ा गया। यह पूरी वारदात 28 मार्च 2026 की शाम को हुई थी। वारदात की मुख्य वजह पैसों का विवाद था। आरोपी खुमानिया ने गुजरात में मजदूरी कर मकान बनवाने के लिए 50,000 रुपए जमा किए थे। उसकी पत्नी रायलीबाई (45) ने ये पैसे बेटे को मोटरसाइकिल खरीदने के लिए दे दिए थे, जिससे खुमानिया नाराज था। नशे में किया जानलेवा हमला घटना के समय रायलीबाई अपनी बेटियों के साथ घर के बाहर बैठी थीं। तभी खुमानिया शराब के नशे में वहां पहुंचा और पत्नी द्वारा टोकने पर विवाद शुरू हो गया। गुस्से में आकर उसने खाट की लकड़ी उठाई और भागती हुई रायलीबाई के सिर और छाती पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस की कार्रवाई मृतका की बेटी रेमा की सूचना पर बखतगढ़ पुलिस ने हत्या का केस (BNS की धारा 103-1) दर्ज किया। पुलिस ने 29 मार्च को आरोपी को जंगल से पकड़ा।








