Monday, 12 Oct 2026 | 11:37 PM

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बुरहानपुर में अध्यापक संगठनों ने बनाया संयुक्त शिक्षा मोर्चा:प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना, TET रद्द करने की मांग पर आंदोलन

बुरहानपुर में अध्यापक संगठनों ने बनाया संयुक्त शिक्षा मोर्चा:प्रथम नियुक्ति से सेवा गणना, TET रद्द करने की मांग पर आंदोलन

मध्य प्रदेश के अध्यापक संगठनों ने 29 मार्च को भोपाल के गांधी भवन में एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में सभी प्रदेश अध्यक्षों की सहमति से एक प्रदेश स्तरीय चरणबद्ध आंदोलन पर निर्णय लिया गया। आंदोलन का मुख्य उद्देश्य प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना और टीईटी (TET) परीक्षा को निरस्त करवाना है। साथ ही, सरकार से सुप्रीम कोर्ट में शिक्षकों का पक्ष रखने की मांग भी की गई है। मोर्चा के सदस्य ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने बताया कि आंदोलन के तहत 8 अप्रैल को जिला स्तर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 11 अप्रैल को ब्लॉक स्तर पर धरना आयोजित कर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। अंत में, 18 अप्रैल को भोपाल में एक सामूहिक धरना प्रदर्शन करने पर सहमति बनी है। इस संयुक्त मोर्चे में कई प्रमुख अध्यापक संगठन और उनके पदाधिकारी शामिल हैं। इनमें शिल्पी सिवान (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक संघ), मनोहर दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, प्रांतीय शिक्षक संघ), जगदीश यादव (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक संघ), राकेश दुबे (प्रदेश अध्यक्ष, शासकीय शिक्षक संगठन), भरत पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, आजाद अध्यापक शिक्षक संघ), राकेश नायक (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य शिक्षक कांग्रेस), शालिगराम चौधरी (प्रदेश अध्यक्ष, राज्य अध्यापक संघ), परमानंद डेहरिया (प्रदेश अध्यक्ष, NMOPS), डीके सिंगोर (प्रदेश अध्यक्ष, ट्रायबल वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश पटेल (प्रदेश अध्यक्ष, गुरुजी शिक्षक संघ), रमाशंकर पांडे (प्रदेश अध्यक्ष, नवीन शिक्षक गुरुजी संघ), विनोद राठौर (महासचिव, PMUMS), पवन खरे (कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष, PMUMS), राजिक कुरैशी (प्रदेश अध्यक्ष, मध्यप्रदेश शिक्षक अध्यापक संघ), वीरेंद्र पटेल, भरत भार्गव (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक अधिकार संघ), महेश भादे (प्रदेश अध्यक्ष, अध्यापक संघर्ष समिति) और राजा भैय्या गुर्जर (प्रदेश अध्यक्ष, क्रांतिकारी जनशिक्षक मोर्चा) प्रमुख हैं। मंडी कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर संतोष सिंह दीक्षित ने भी संयुक्त शिक्षा मोर्चा को अपना सहयोग और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि वे कर्मचारी हित में शिक्षकों के साथ खड़े हैं।

बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।

बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली एक्टर राहुल बनर्जी की समुद्र में डूबने से मौत:शूटिंग के दौरान हुआ हादसा, पुलिस का दावा- बिना इजाजत हुई शूटिंग; ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजलि

बंगाली सिनेमा के एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की कल हादसे में मौत हो गई। वह ओडिशा के तलसरी समुद्र तट पर टीवी शो ‘भोले बाबा पार करेगा’ की शूटिंग कर रहे थे, तभी डूब गए। इस हादसे में उनकी को-एक्ट्रेस श्वेता मिश्रा की जान बच गई। जांच में सामने आया कि प्रोडक्शन टीम ने न तो इजाजत ली थी और न ही प्रशासन को जानकारी दी थी। एक्टर की मौत पर बालासोर (ओडिशा) के एसपी ने बताया, ‘कल तलसरी पुलिस को दीघा पुलिस से सूचना मिली कि एक बंगाली अभिनेता की मौत हो गई और शव दीघा अस्पताल में है। जांच में पता चला कि शाम करीब 5:30 बजे राहुल बनर्जी और श्वेता मिश्रा शूटिंग के दौरान घुटने तक पानी में डांस कर रहे थे, तभी गड्ढे में गिर गए। टीम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।’ एसपी ने आगे कहा, ‘टीम ने शूटिंग के लिए न जानकारी दी थी और न अनुमति ली थी। आगे की कार्रवाई के लिए तलसरी और दीघा पुलिस मिलकर काम कर रही है।’ को-स्टार का दावा- पैकअप के बाद हुआ हादसा पुलिस के अनुसार शूटिंग के दौरान एक्टर की मौत हुई, लेकिन को-स्टार दिंगता बागची ने पीटीआई से कहा कि पैकअप के बाद वह अकेले समुद्र में गए थे, जहां उनका पैर फंस गया। लहरों में फंसने के बाद सेट पर अफरा-तफरी मच गई। टीम उन्हें निकालकर दीघा अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पत्नी ने की प्राइवेसी की मांग एक्टर राहुल बनर्जी की पत्नी प्रियंका सरकार ने इस मुश्किल समय में प्राइवेसी की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, यह हमारे लिए बहुत दुख का समय है। इस मुश्किल घड़ी में हम आपसे थोड़ा समय और प्राइवेसी देने की अपील करते हैं। हमारे परिवार में एक बच्चा, एक मां और बाकी सभी लोग मिलकर इस दुख को सहने की कोशिश कर रहे हैं। हम मीडिया से निवेदन करते हैं कि हमारी भावनाओं और सीमाओं का सम्मान करें, ज्यादा दखल न दें और हमें शांति से दुख मनाने दें। इस समय आपका साथ और समझ हमारे लिए बहुत मायने रखती है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने श्रद्धांजलि दी एक्टर राहुल बनर्जी के निधन की खबर के बाद रविवार रात पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘युवा और लोकप्रिय अभिनेता राहुल अब हमारे बीच नहीं रहे। यह खबर सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ है और मैं हैरान हूं। मुझे समझ नहीं आ रहा कि ऐसा कैसे हुआ। वह मेरे पसंदीदा कलाकारों में से एक थे और बहुत अच्छे इंसान थे। मैं उनके परिवार, करीबियों और चाहने वालों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। राहुल का अचानक जाना बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।’ राहुल अरुणोदय बनर्जी को 2008 की फिल्म ‘चिरोदिनी तुमी जे अमार’ से पहचान मिली। इसके बाद उन्होंने ‘तुमी असबे बोले’ (2014), ‘जुल्फीकार’ (2016), ‘ब्योमकेश गोत्रो’ (2018), ‘बिदय ब्योमकेश’ (2018) और ‘द एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स’ (2025) में काम किया। उन्होंने टीवी सीरियल्स ‘होरोगौरी पिसे होटल’ और ‘मोहोना’ में भी काम किया।

फेस मास्क: गर्मियों में धूप, बालों से लेकर त्वचा और पिंपल्स तक की चिंता, तो आज ही अपनाएं ये फेस मास्क, 15 मिनट में इनसेंट ग्लोम

फेस मास्क: गर्मियों में धूप, बालों से लेकर त्वचा और पिंपल्स तक की चिंता, तो आज ही अपनाएं ये फेस मास्क, 15 मिनट में इनसेंट ग्लोम

चेहरे के लिए मास्क: गर्मी का मौसम अपने साथ तेज धूप, धूल-मिट्टी लेकर आता है, जिसका सीधा असर हमारी त्वचा पर पड़ता है। इस वजह से सिल्क ऑयली, बेजान और मुंहासों से भरी नजर आती है। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि त्वचा को ठंडक, गहराई से सफाई और ग्लोब ग्लॉप के लिए सही देखभाल रूटीन को जोड़ा जाए। इस समय सोशल मीडिया पर एक आसान और प्रभावशाली समर फेस मास्क वायरल हो रहा है, जिसे घर पर बेहद आसानी से तैयार किया जा सकता है। जानें कि इसका उपयोग कैसे किया जा सकता है। इस समर फेस मास्क को बनाने के लिए आपको सबसे ज्यादा जरूरत नहीं है। इसके लिए सिर्फ मुल्तानी मिट्टी, गुलाब जल और थोड़ा सा पानी काफी है, जो हर घर में आसानी से मिल जाता है। फेस मास्क बनाने और बनाने का तरीका इस फेस मास्क को बनाने के लिए एक कटोरी में एक उत्पाद मुल्तानी मिट्टी लें और इसमें गुलाब जल मिला लें। इसे अच्छे से मिक्स कर लें ताकि लॉजिस्टिक पेस्ट तैयार हो जाए। अब इस पेस्ट को फेस पर लगाएं और करीब 15 मिनट तक का समय बर्बाद करें। इसके बाद चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। कुछ ही मिनटों में आपकी त्वचा ताजा और साफ नजर आने वाली है। मुल्तानी मिट्टी के फेस मास्क के फायदे जेंटल क्लींजिंगमुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल का ये फेस मास्क त्वचा को गहराई से साफ करता है, जिससे चेहरे पर जमी हुई गंदगी और अतिरिक्त तेल हट जाता है और त्वचा ताजा लगती है। ग्लोइंग स्किनयह फेस मास्क स्किन टोन को निखारने में मदद करता है और दाग-धब्बों को दिखाकर चेहरे पर कीन ग्लो लाता है। तेल नियंत्रणगर्मियों में तैलीय त्वचा एक बड़ी समस्या है। मुल्तानी मिट्टी के तेल को सोखकर त्वचा को मैट और साफ बनाने में मदद करता है। मुहानसन से राहतइस फेस मास्क में मौजूद एंटी-साइंटेंट और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पिंपल्स को कम करने और नए मुंहासों को आने से रोकने में मदद करते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट) गर्मियों में फेस मास्क (टी) मुल्तानी मिट्टी फेस पैक (टी) गुलाब जल त्वचा के फायदे (टी) चमकती त्वचा के लिए घरेलू उपचार (टी) तैलीय त्वचा का उपचार गर्मियों में (टी) घर पर प्राकृतिक फेस मास्क (टी) मुँहासे नियंत्रण फेस पैक (टी) DIY फेस मास्क भारत (टी) त्वचा देखभाल युक्तियाँ गर्मियों में (टी) चमकती त्वचा के लिए घरेलू उपचार

उज्जैन में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म:75 वर्षीय बुजुर्ग ने घर में दी जगह, घर के बाहर देता रहा पहरा; युवक ने वीडियो बनाया

उज्जैन में नाबालिग छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म:75 वर्षीय बुजुर्ग ने घर में दी जगह, घर के बाहर देता रहा पहरा; युवक ने वीडियो बनाया

​उज्जैन से 75 किमी दूर झारड़ा थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ दो नाबालिग लड़कों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में गांव के ही 75 वर्ष के बुजुर्ग और 57 वर्ष के अधेड़ ने आरोपियों का साथ दिया, जबकि एक युवक ने इस घिनौनी वारदात का वीडियो भी बना लिया। पुलिस के अनुसार 28 मार्च को गांव के ही दो नाबालिग आरोपी (उम्र 14 और 15 वर्ष) बालिका को बहला-फुसलाकर 75 वर्षीय भंवर के मकान में ले गए। यहां बारी-बारी से दोनों लड़कों ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया और भंवर एवं 57 वर्षीय अधेड़ नाथू स्वरूप पहरा देते रहे। इसी दौरान गांव का एक 22 वर्षीय युवक राहुल मौके पर पहुंचा और उसने घटना का वीडियो बना लिया, लेकिन किसी ने भी पीड़िता की मदद करने का प्रयास नहीं किया। बालिका ने परिजनों को बताई आपबीती घटना का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता ने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए बुजुर्ग, अधेड़ सहित पांचों आरोपियों के खिलाफ बलात्कार, पॉक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया। वयस्क आरोपियों को जेल भेजा एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वयस्क आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।

गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक, तेज धूप में भी रहेंगे कूल-कूल – News18 हिंदी

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X गर्मियों में रोज पिएं इस फल का जूस, देगा इतनी ठंडक कि भूल जाएं कोल्ड ड्रिंक   Drinks For Summer: गर्मियों में बेल का शरबत पीना अमृत के समान माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. बेल का शरबत पेट की गर्मी को शांत करता है और गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है. साथ ही यह लू से बचाव में भी कारगर माना जाता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि बेल का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है. गर्मियों में अक्सर शरीर में पानी की कमी की समस्या हो जाती है, लेकिन बेल का शरबत शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है. यह शरीर को तरावट देता है और थकान को भी दूर करता है.

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा- ‘मैं कई बार मौत के मुंह से लौटती हूं, मुझे…’

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा- 'मैं कई बार मौत के मुंह से लौटती हूं, मुझे...'

अमित शाह के बयान पर ममता बनर्जी ने दिया जवाब: पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जैसे-जैसे ताजा आ रही है, वैसे-वैसे राज्य में हलचल तेज हो रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार यानी 29 मार्च को केंद्रीय अमित शाह के बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी चोट को लेकर टिप्पणी की थी। ममता ने कहा कि उन्होंने उनकी मेडिकल रिपोर्ट देखी है, जिसमें उनकी चोट की पुष्टि दर्ज है। अमित शाह और ममता बनर्जी के बीच जंज़ी जंग टीएमसी सरकार के खिलाफ विपक्ष जारी करते हुए अमित शाह ने ममता बनर्जी पर ‘हमें पीड़ित होने की राजनीति’ करने का आरोप लगाया था. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि वे कभी अपनी चोट की बात करते हैं, तो कभी चुनाव आयोग को कोसती हैं, लेकिन अब बंगाल की जनता उनकी ‘विक्टिम कार्ड’ वाली राजनीति को समझ गई है। अमित शाह ने पलटवार पर यही बयान देते हुए ममता बनर्जी ने एक रैली के दौरान कहा, ‘वे कहते हैं कि मैं चुनाव के समय धारधार घूमती हूं। मैं कई बार मौत के मुंह से वापस लौटता हूं। ‘वस्तु चिकित्सक की रिपोर्ट देखें।’ ममता ने आगे सवाल करते हुए कहा कि क्या आपने साल 2021 के चुनाव में मेरे पैर को छुआ था? मैंने एक बार फिर से प्रचार-प्रसार किया। क्या आप मुझे मारने की योजना बना रहे हैं?’ अपनी सरकार के ‘पुराने कर्मों’ के लिए एनामेल जारी करने की बात पर भी ममता बनर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें अपने ‘पुराने कर्मों’ के लिए अनावृत्त जारी करना चाहिए। हालांकि इस दौरान उन्होंने अमित शाह का नाम नहीं लिया. ममता बनर्जी ने अमित शाह पर सैद्धांतिक अध्ययन किया ममता बनर्जी ने पिछले साल अमेरिका में डोनाल्ड प्रतिबंधित प्रशासन द्वारा अवैध भारतीय दूतावास के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अमित शाह पर डिपोर्टेशन का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, ‘जब गुजरातियों को अमेरिका से कमर में भरकर भारत वापस भेजा जा रहा था, तब आप कहां थे? उस रैली में ममता बनर्जी ने खुद को ‘उम्मीदवार’ के रूप में जनता से उन पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘तुम्हें ये देखने की जरूरत नहीं है कि प्रतियोगी कौन है। मैं ही उम्मीदवार हूं. कृपया विश्वास करें और वोट करें।’ (टैग्सटूट्रांसलेट)राजनीतिक समाचार(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)ममता बनर्जी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख जिलेवार 2026(टी)2026 पश्चिम बंगाल चुनाव उम्मीदवार(टी)2026 पश्चिम बंगाल में वोट तारीख और समय(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार (टी) राजनीतिक समाचार (टी) टीएमसी (टी) बीजेपी (टी) ममता बनर्जी (टी) अमित शाह (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव की तारीख (ज़िलावर) 2026 (टी) 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के उम्मीदवार (टी) 2026 पश्चिम बंगाल में मतदान की तारीख और समय (टी) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 बीजेपी उम्मीदवार

पटना यूनिवर्सिटी में नीतीश के कार्यक्रम में हंगामा:पटना DM चोर, डिप्टी CM गो बैक के नारे लगे; छात्रसंघ अध्यक्ष ने पूछा- हमें क्यों नहीं बुलाया

पटना यूनिवर्सिटी में नीतीश के कार्यक्रम में हंगामा:पटना DM चोर, डिप्टी CM गो बैक के नारे लगे; छात्रसंघ अध्यक्ष ने पूछा- हमें क्यों नहीं बुलाया

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना यूनिवर्सिटी में एकेडमिक भवन और प्रशासनिक भवन का उद्घाटन करने पहुंचे। इस दौरान छात्र नेताओं ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों ने पटना DM चोर है और डिप्टी CM गो बैक के नारे भी लगाए। CM के पहुंचने से पहले भी छात्र नेता नारेबाजी कर रहे थे। पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर का कहना है कि इस कार्यक्रम के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं दी गई थी। यहां तक कि कुलपति को भी इसके लिए निमंत्रण नहीं दिया गया है। हंगामे के चलते CM ने 7 से 8 मिनट में अपना कार्यक्रम खत्म किया और वहां से निकल गए। इस दौरान मुख्यमंत्री कैंपस में जहां-जहां गए छात्रनेता उनके पीछे-पीछे जाते रहे। VC से छात्रों ने कहा, आप अपने लिए खड़े होइए सर, हमलोग आपके साथ हैं। यूनिवर्सिटी को हम बीजेपी का कार्यालय नहीं बनने देंगे। छात्रों का कहना है VC को CM से मिलने नहीं दिया गया। वो गए, लेकिन उनको बिना मिले भेज दिया गया। मौके से आई कुछ तस्वीरें देखिए… ताला लेकर पहुंचे थे छात्र संघ अध्यक्ष पटना स्टूडेंट छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु कॉलेज गेट पर ताला लगाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उन्हें ताला लगाने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि मैं विश्वविद्यालय का अध्यक्ष चुनकर आया हूं और मैं छात्रों के हित में अपनी बातें आज यहां पर रखूंगा। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिंह और शिक्षा मंत्री सुनील सिंह ने भी छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वो नहीं माने। डीएम त्यागराजन ने भी उन्हें समझाने की कोशिश की है। छात्रों ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और शिक्षा मंत्री को भी घेर लिय। नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी कुछ छात्र नीतीश कुमार के समर्थन में भी नारेबाजी करते दिखे। देखो-देखो कौन आया, शेर आया-शेर आया के नारे लगे। बिहार का मुख्यमंत्री कैसा हो नीतीश कुमार जैसा हो के भी नारे लगे। कुछ छात्र हाथ में पोस्टर लिए खड़े दिखे। इस पर लिखा था- हम छात्रों का अभिमान। इस पर नीतीश की फोटो लगी थी। 147.29 करोड़ की योजना का उद्घाटन बता दें कि पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और एकेडमिक भवन (कला संकाय) का CM ने आज उद्घाटन किया है। यह दोनों भवन 147.29 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुए हैं। प्रशासनिक भवन G+8 और एकेडमिक भवन G+9 है। इसके उद्घाटन के बाद नए प्रशासनिक ब्लॉक में पटना यूनिवर्सिटी का मुख्यालय शिफ्ट हो जाएगा। यही पीयू के मौजूदा कार्यालय की जगह लेगा। वहीं, एकेडमिक भवन में दरभंगा हाउस में चल रहे सभी पीजी विभाग शिफ्ट होंगे। इसके साथ ही वाणिज्य कॉलेज को दरभंगा हाउस में फिलहाल शिफ्ट किया जाएगा। बिजली कटने की स्थिति में सोलर प्लांट का करेंगे इस्तेमाल इन दोनों ब्लॉकों का निर्माण बिहार एजुकेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन द्वारा तीन एकड़ में किया गया है। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने बताया कि, हर फ्लोर पर सुरक्षा के दृष्टि से सीसीटीवी कैमरा, नियंत्रण कक्ष, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, मीटिंग हॉल, सेमिनार हॉल सहित अन्य सभी तरह सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। कुलपति प्रो. नमिता सिंह ने आगे बताया कि, सभी फ्लोर पर जाने के लिए लिफ्ट की व्यवस्था की गई है। परिसर में ही विद्युत सब स्टेशन का निर्माण किया गया है। बिजली कटने की स्थिति में सौर उर्जा प्लांट प्रयोग किया जाएगा। पार्किंग की व्यवस्था के अलावा सुंदर गार्डन का निर्माण किया जा रहा है।’

रतलाम में युवक ने लगाई फांसी, मौत:प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी, पुलिसभर्ती का दिया था एग्जाम, पत्नी एक माह से मायके में

रतलाम में युवक ने लगाई फांसी, मौत:प्रतियोगी परीक्षा की कर रहा था तैयारी, पुलिसभर्ती का दिया था एग्जाम, पत्नी एक माह से मायके में

रतलाम शहर की पीएंडटी कॉलोनी में एक 22 साल के युवक ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। सोमवार सुबह उसका शव घर में फांसी के फंदे पर लटकता मिला। सूचना पर पुलिस पहुंची। शव को फंदे से उतारकर पीएम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा। युवक घर में अकेला था। मृतक की पहचान राम सिंघाड़ निवासी गजनीखेड़ी के रूप में हुई है। वह रतलाम के थाना औद्योगिक क्षेत्र में किराए के मकान में रहता था। सुबह जब युवक नहीं उठा तो मकान मालिक ने जाकर देखा। दरवाजा अंदर से खुला था। युवक फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। तब पुलिस व अन्य लोगों को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाया और परिजनों को सूचना दी। पुलिस भर्ती परीक्षा दी मृतक शादीशुदा था। उसकी पत्नी एक माह से मायके गई हुई थी। युवक प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा था। घर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की किताबें भी मिली हैं। यह भी जानकारी सामने आई है कि युवक ने पुलिस भर्ती परीक्षा भी दी थी, जिसका कुछ दिन पहले ही फिजिकल टेस्ट हुआ था। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। परिजनों के आने के बाद पूरी जानकारी स्पष्ट हो पाएगी।

क्या आप भी पीते हैं तांबे या स्टील की बोतल में पानी? जान लें सेहत के लिए कौन सी अधिक बेहतर

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Last Updated:March 30, 2026, 11:33 IST पानी पीने के लिए कुछ लोग प्लास्टिक की बोतल, तो कोई तांबे या स्टील की बोतल खरीदते हैं. घर से बाहर जाते समय वॉटर बॉटल अधिकतर लोग अपने बैग में लेकर चलते हैं, लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि किस तरह की बोतल में पानी पीना सेहत के लिए अधिक फायदेमंद होता है? यदि आप भी तांबे या स्टील की बोतल में पानी पीते हैं तो यहां जान लें दोनों में से किसमें पानी पीना होता है अधिक बेहतर. कौन सा बोतल है पानी पीने के लिए हेल्दी तांबे का या स्टील का? स्वस्थ रहने के लिए जितना जरूरी पर्याप्त पानी पीना है, उतना ही महत्वपूर्ण सही तरीके और सही बर्तन में पीना भी है. विशेषज्ञों का कहना है कि पानी की बोतल का चुनाव हमारी सेहत पर असर डाल सकता है. आजकल लोग प्लास्टिक की बोतलों को छोड़ तांबे और स्टील की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे है. दोनों ही विकल्प सुरक्षित माने जाते हैं, लेकिन उनके गुण और लाभ अलग-अलग हैं. तांबे की बोतलों को आयुर्वेद में बहुत अहम माना जाता है. तांबे में प्राकृतिक एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं. वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार, तांबे की बोतल में पानी को कुछ घंटे रखने पर पानी तांबे के सूक्ष्म तत्वों को सोख लेता है, जिससे पानी पीने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. इसके अलावा, तांबे के पानी से पाचन क्रिया भी तेज होती है और शरीर में थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में राहत मिल सकती है. तांबे के तत्व शरीर में जरूरी एंजाइमों के उत्पादन को बढ़ाते हैं, जो भोजन को जल्दी और सही तरीके से पचाने में मदद करते हैं. तांबे की बोतल का सही तरीके से रखरखाव भी जरूरी है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इसे नियमित रूप से साफ करना चाहिए और इसके लिए नींबू, नमक या सिरके वाले घोल का उपयोग किया जा सकता है. धोने के बाद बोतल को पूरी तरह सुखा लेना चाहिए. स्टेनलेस स्टील की बोतलें रोजमर्रा के लिए बेहद लोकप्रिय हैं. ये बोतलें टिकाऊ, सुरक्षित और साफ करने में आसान होती हैं. स्टील की बोतलों में कोई हानिकारक रसायन या गंध नहीं आती. ये बोतलें पानी को लंबे समय तक ठंडा या गर्म बनाए रख सकती हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. स्टील की बोतलों की सफाई भी आसान है. इन्हें साधारण साबुन और पानी से धोया जा सकता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. कांच की बोतलें भी एक सुरक्षित विकल्प हैं, खासकर उन लोगों के लिए जो रासायनिक पदार्थों से बचना चाहते हैं. कांच पूरी तरह से केमिकल फ्री होता है और मिनरल वॉटर पीने के लिए सुरक्षित माना जाता है. हालांकि यह रोजमर्रा के उपयोग में उतनी टिकाऊ नहीं होती और इसे संभालकर रखना पड़ता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें First Published : March 30, 2026, 11:33 IST