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केरल में 100 रेज़्यूमे के लक्ष्य के साथ राहुल गांधी 2 डिविज़न अभियान चलाएंगे

केरल में 100 रेज़्यूमे के लक्ष्य के साथ राहुल गांधी 2 डिविज़न अभियान चलाएंगे

केरल विधानसभा चुनाव 2026: नेता कांग्रेस राहुल गांधी आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए दो दिव्य भारी परिवर्तन अभियान की शुरुआत करेंगे। इस दौरान वह प्रमुख जन कल्याण गारंटी और 140 रोलर असेंबली में 100 पार्टी पर जीत दर्ज करने के दावे के साथ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक मोर्चा (यू एफसी) की नीतियों को गति प्रदान करने का प्रयास करेंगे। गांधी दिवस पर यहां केरल कांग्रेस नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक शुरू होगी, जिसके बाद वह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मध्य केरल क्षेत्र के लिए प्रस्थान करेंगे। समाजवादी पार्टी के नेता पुथुपल्ली से पहले अदूर और पतन मटिट्टा में सार्वजनिक रैली को संबोधित करेंगे, जहां उन्होंने एक रैली और रोड शो का आयोजन किया। वह कांजीजिकु में एकक्कड़ सभा (कॉर्नर रिसेप्शन) में भी शामिल होंगे और अतिरामपुझा में रैली के साथ भर्ती के कार्यक्रम का समापन करेंगे। रिज़ॉर्ट के कार्यक्रम के तहत कांग्रेस नेता मध्य केरल की पांच महत्वपूर्ण विधानसभाओं का दौरा करेंगे। अपनी यात्रा के दूसरे दिन (मंगलवार को) पूर्व वायनाड न्यूनतम अपना ध्यान उत्तर केरल पर जायेंगे, जहां वह छह विधानसभा क्षेत्रों का दौरा करेंगे। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल और अन्य वरिष्ठ राज्य नेता भी मौजूद रहे। उन्हें इस क्षेत्र में दो प्रमुख रोड शो करने की योजना है। इस अभियान के दौरान, गांधी और यूएन समर्थकों ने विशेष रूप से महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा और वृद्ध नागरिकों को 3,000 वर्ष की मासिक सहायता की सुविधा पर भारी जोर दिया। पार्टी नेताओं ने बताया कि गांधी कुल 30 क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जिसमें उनके साथ कई रोड शो भी शामिल होंगे. यह बिजनेस एलायंस की साझेदारी पर तैयारी को अंतिम रूप देता है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले यू.एस. एफ.आई.एफ., जो चुनाव में साम्यवादी विचारधारा के रूप में मैदान में उतरा है, सत्ता में वापसी को लेकर काफी जोर-शोर से सामने आ रहा है। राज्य के वरिष्ठ नेताओं ने दावा किया है कि नामांकन अभियान के दौरान जनता की प्रतिक्रिया से गठबंधन राज्य में 100 नामांकन के आंकड़ों को पार करते हुए भारी जीत दर्ज करने की ओर अग्रसर है।

AC या कूलर, गर्मियों में सेहत के लिए क्या है ज्यादा बेहतर? 90% लोगों को नहीं पता होगा सही जवाब, जानें दोनों के बीच का फर्क

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Last Updated:March 30, 2026, 11:27 IST Air Conditioner vs Cooler: गर्मी में लोग ठंडक पाने के लिए घरों और दफ्तरों में AC और कूलर का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है. हालांकि, कई बार ये उपकरण आराम देने के साथ-साथ सेहत पर भी असर डाल सकते हैं. लंबे समय तक गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों को सर्दी-खांसी, एलर्जी या त्वचा से जुड़ी समस्याएं होने लगती हैं, इसलिए यह जानना जरूरी है कि AC और कूलर में से कौन सा उपकरण स्वास्थ्य के लिए ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. (रिपोर्ट: दीपक/खरगोन) जैसे-जैसे गर्मियां बढ़ने लगती है, हम एसी और कूलर का इस्तेमाल करना शुरू कर देते हैं. निमाड़ क्षेत्र और खरगोन जिले में अभी से तेज धूप और गर्म हवाएं महसूस होने लगी हैं. ऐसे में लोग राहत पाने के लिए कूलिंग उपकरणों का सहारा ले रहे हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि इन दोनों में से कौन सा बेहतर विकल्प है. Local18 से बातचीत में खरगोन के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य (MD) ने बताया कि गर्मी में AC और कूलर दोनों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन जगह के अनुसार, दोनों के अपने-अपने फायदे और नुकसान होते हैं. वे बताते हैं कि समुद्र किनारे वाले इलाकों में जहां नमी ज्यादा होती है, वहां AC ज्यादा असरदार माना जाता है. लेकिन, निमाड़ अंचल जैसे ड्राई यानी शुष्क इलाकों में कूलर ज्यादा बेहतर काम करता है. वहीं, स्वास्थ्य के नजरिए से देखें तो AC की तुलना में कूलर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें बाहर की ताजी हवा कमरे में आती रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google विशेषज्ञ बताते हैं कि कूलर बाहर की ताजी हवा को खींचकर पानी की मदद से उसे ठंडा करता है. फिर कमरे में भेजता है. इस वजह से कमरे में हवा का फ्लो बना रहता है और ऑक्सीजन की मात्रा भी ठीक रहती है. इसी कारण कूलर की हवा आमतौर पर शरीर के लिए ज्यादा आरामदायक मानी जाती है. खासकर ड्राई इलाकों में कूलर अच्छी ठंडक देता है और हवा भी ताजी रहती है. AC कमरे की हवा को ही बार-बार ठंडा करके घुमाता है. कमरे को पूरी तरह बंद रखने की वजह से ताजी हवा अंदर नहीं आ पाती. इससे कई बार कमरे की नमी कम हो जाती है. लंबे समय तक AC में बैठने से त्वचा ड्राई होने लगती है. कई लोगों को गले में खराश, खांसी, सांस लेने में दिक्कत या एलर्जी जैसी परेशानी भी हो सकती है. कुछ मामलों में सिर दर्द और थकान भी महसूस होती है. डॉ. मौर्य बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति लंबे समय तक AC की तेज हवा में बैठता है तो शरीर की प्राकृतिक नमी कम होने लगती है. इससे त्वचा रूखी हो सकती है और कुछ लोगों को खुजली या स्किन एलर्जी की समस्या भी हो सकती है. इसके अलावा अचानक बहुत ठंडे माहौल से बाहर की गर्मी में जाने पर सर्दी-जुकाम और गले की समस्या भी बढ़ सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि चाहे AC हो या कूलर, दोनों का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है. कूलर का पानी नियमित बदलना चाहिए और उसे साफ रखना चाहिए ताकि उसमें बैक्टीरिया या मच्छर न पनपें. वहीं AC का तापमान बहुत कम नहीं रखना चाहिए और बीच-बीच में कमरे की खिड़की खोलकर ताजी हवा आने देना चाहिए. इससे स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है. First Published : March 30, 2026, 11:27 IST

सेवनियां में किसानों का प्रदर्शन, बोले-धोखे से जमीन हड़प रहे:पुलिस-पटवारी पर बटाईदारों से मारपीट करने का आरोप लगाया

सेवनियां में किसानों का प्रदर्शन, बोले-धोखे से जमीन हड़प रहे:पुलिस-पटवारी पर बटाईदारों से मारपीट करने का आरोप लगाया

सीहोर जिले के सेवनियां गांव में जमीन विवाद को लेकर किसानों ने सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने पुलिस पर बटाईदारों के साथ मारपीट करने और पटवारी पर बिना आदेश खेत में जबरन तारबंदी कराने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि यह पूरी कार्रवाई गैरकानूनी तरीके से की गई है। किसानों के अनुसार, गांव के ही एक किसान हनुमंत सिंह ने अपनी कृषि भूमि करीब 14 साल पहले 11 लाख 75 हजार रुपये में पप्पू कौशल को बेची थी। अनुबंध के अनुसार पूरी रकम मिलने के बाद रजिस्ट्री होना थी, लेकिन आरोप है कि हनुमंत सिंह लगातार टालमटोल करते रहे और अब उसी जमीन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया। किसी और को कब्जा दिलाने की कोशिश की पप्पू कौशल का कहना है कि उन्होंने वर्ष 2012 में यह जमीन खरीदी थी और तब से बटाईदारों के जरिए खेती कर रहे हैं। इसके बावजूद हाल ही में पटवारी और पुलिस बिना किसी आदेश के खेत पर पहुंची और जबरन सीमेंट के खंभे गाड़कर तारबंदी कर दी। विरोध करने पर बटाईदार दिलीप और हरिओम को धमकाते हुए पुलिस मंडी थाने ले गई। किसानों का आरोप है कि बिना किसी वैध दस्तावेज के उनके खेत का कब्जा किसी अन्य को दिलाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर गांव के कई किसानों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को शिकायत भेजी है और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान-पाकिस्तान में फिर संघर्ष, 1 की मौत, 12 घायल

वर्ल्ड अपडेट्स:अफगानिस्तान-पाकिस्तान में फिर संघर्ष, 1 की मौत, 12 घायल

अफगानिस्तान की सरकार ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान की सेना ने रविवार को देश के कुनार प्रांत के असदाबाद शहर के बाहरी इलाकों पर गोलाबारी की, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 12 से ज्यादा लोग घायल हो गए। दोनों देशों के बीच फरवरी से टकराव बढ़ा हुआ है। इसे पिछले कई दशकों में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सबसे गंभीर टकराव माना जा रहा है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान अपनी जमीन पर आतंकवादियों को पनाह दे रहा है, जो पाकिस्तान के अंदर हमले करते हैं। खास तौर पर पाकिस्तान तालिबान (TTP) का जिक्र किया जाता है। यह समूह अफगान तालिबान से अलग है, लेकिन दोनों के बीच करीबी संबंध माने जाते हैं। अफगान तालिबान ने 2021 में अमेरिका के नेतृत्व वाली सेना की वापसी के दौरान सत्ता संभाली थी। हालांकि काबुल इन आरोपों को लगातार खारिज करता रहा है। इस महीने की शुरुआत में अफगानिस्तान ने दावा किया था कि पाकिस्तान के एक हवाई हमले में काबुल के एक नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि उसने किसी आम नागरिक को निशाना नहीं बनाया, बल्कि एक हथियारों के गोदाम पर हमला किया था। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… क्यूबा को रूस से तेल मिलने पर ट्रम्प बोले- मुझे कोई दिक्कत नहीं, लोगों का जिंदा रहना जरूरी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार रात कहा कि उन्हें रूस से क्यूबा को तेल टैंकर मिलने पर कोई आपत्ति नहीं है। क्यूबा इस समय अमेरिकी तेल नाकेबंदी की वजह से गंभीर संकट से जूझ रहा है। ट्रम्प ने वाशिंगटन लौटते समय पत्रकारों से कहा कि अगर क्यूबा को जरूरत है, तो उसे तेल मिलने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां एक टैंकर मौजूद है और लोगों की बुनियादी जरूरतें पूरी होना जरूरी है, क्योंकि उनके लिए जिंदा रहना अहम है। जब उनसे न्यूयॉर्क टाइम्स की उस रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया, जिसमें कहा गया था कि टैंकर को क्यूबा पहुंचने की अनुमति दी जाएगी, तो ट्रम्प ने साफ कहा कि अगर कोई भी देश इस समय क्यूबा को तेल भेजना चाहता है, तो उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं है, चाहे वह रूस ही क्यों न हो। ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, यह तेल टैंकर करीब 7 लाख 30 हजार बैरल तेल लेकर क्यूबा के पूर्वी तट के पास पहुंच चुका था और मंगलवार तक मातांजास शहर पहुंचने की संभावना है। इस जहाज का नाम ‘अनातोली कोलोडकिन’ है, जिस पर यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका, यूरोपीय संघ और ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए हुए हैं। ट्रम्प प्रशासन ने हाल के वर्षों में क्यूबा के खिलाफ काफी सख्त रुख अपनाया है और तेल सप्लाई रोककर वहां की सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। इस नाकेबंदी का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ा है, जिनकी मदद की। क्यूबा में हालात इतने खराब हैं कि पूरे देश में बार-बार बिजली कटौती हो रही है। पेट्रोल और जरूरी सामान की कमी से अस्पतालों का काम प्रभावित हो रहा है और सार्वजनिक परिवहन भी ठप पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस टैंकर से मिलने वाला तेल करीब 1 लाख 80 हजार बैरल डीजल तैयार कर सकता है, जो क्यूबा की करीब 9 से 10 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए काफी होगा।

कई बीमारियों के लिए रामबाण है ये छोटू सा पौधा, बालों से लेकर लिवर तक में फायदेमंद, जानें कैसे करें सेवन – News18 हिंदी

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X कई बीमारियों के लिए रामबाण है ये पौधा, बालों से लेकर लिवर तक में फायदेमंद   Health Tips: आयुर्वेद में भृंगराज को बेहद उपयोगी औषधि माना जाता है, जिसका उपयोग कई प्रकार की बीमारियों के उपचार में किया जाता है. खास बात यह है कि इसका उपयोग शरीर के अंदर और बाहर दोनों तरह से किया जा सकता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि भृंगराज एक ऐसी औषधीय वनस्पति है, जिसके नियमित और सही उपयोग से शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं. यह औषधि सस्ती होने के साथ-साथ आसानी से उपलब्ध भी हो जाती है, खासतौर पर बालों से जुड़ी समस्याओं में भृंगराज को बेहद प्रभावी माना जाता है. इसके उपयोग से बालों का झड़ना कम होता है, बाल मजबूत बनते हैं और समय से पहले सफेद होने की समस्या भी कम हो सकती है. यही कारण है कि आयुर्वेद में भृंगराज को बालों के लिए केशराज यानी बालों का राजा भी कहा जाता है.

महाकाल लोक में सुरक्षाकर्मियों को फायर सेफ्टी ट्रेनिंग:आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया, उपकरणों के रखरखाव का दिया प्रशिक्षण

महाकाल लोक में सुरक्षाकर्मियों को फायर सेफ्टी ट्रेनिंग:आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार किया, उपकरणों के रखरखाव का दिया प्रशिक्षण

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को समय-समय पर सुदृढ़ किया जाता है। रविवार को महाकाल लोक में सुरक्षाकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर के संचालन और आपातकालीन प्रतिक्रिया का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। एसडीईआरएफ टीम ने उन्हें आग से बचाव और सुरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए। यह प्रशिक्षण महाकालेश्वर मंदिर परिसर स्थित महाकाल लोक में सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने मंदिर में तैनात सुरक्षा कर्मियों को अग्निशमन उपकरणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। शॉट सर्किट जैसी घटनाओं पर नजर कुछ दिन पहले ही महाकाल लोक के पास बेगमबाग कॉलोनी में एक घर में आग लग गई थी, हालांकि वो मंदिर के बाहर था लेकिन महाकाल लोक की दीवार के पास था उसमें कोई हताहत नहीं हुआ था। इस घटना के बाद से मंदिर की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर में बड़ी मात्रा में लाइटिंग व्यवस्था है कहीं कोई शॉर्ट सर्किट न हो उस पर भी ध्यान दिया जाता है। फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच, रखरखाव के तरीके बताए प्रशिक्षण के दौरान मंदिर परिसर में लगे फायर एक्सटिंग्विशर की नियमित जांच, रखरखाव और आपात स्थिति में उनके सही उपयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। सुरक्षाकर्मियों को विभिन्न प्रकार की आग लगने की स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के व्यावहारिक तरीके भी सिखाए गए। इस कार्यक्रम का संचालन एसडीईआरएफ (SDERF) के प्रभारी पुष्पेंद्र त्यागी और उनकी टीम द्वारा किया गया। इस अवसर पर मंदिर सुरक्षा अधिकारी दिलीप बामनिया, सुरक्षा प्रभारी अनुराग चौबे, वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान के प्रभारी निदेशक पीयूष त्रिपाठी सहित कोर कंपनी के सुपरवाइजर और सुरक्षाकर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसर में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सुरक्षा कर्मियों को तैयार करना था, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हनी सिंह की कॉन्सर्ट में धांसू एंट्री:मुंबई के MMRDA ग्राउंड में नीली रॉल्स रॉयस से पहुंचे; सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 'बिलियनेर औरा'

हनी सिंह की कॉन्सर्ट में धांसू एंट्री:मुंबई के MMRDA ग्राउंड में नीली रॉल्स रॉयस से पहुंचे; सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुआ 'बिलियनेर औरा'

यो यो हनी सिंह और विवादों का पुराना नाता है, लेकिन इस बार उनका ड्रामा फैंस के लिए किसी सरप्राइज से कम नहीं था। मुंबई के MMRDA ग्राउंड में आयोजित कॉन्सर्ट में हनी सिंह ने ऐसी एंट्री ली कि सोशल मीडिया पर बिलियनेर औरा ट्रेंड करने लगा। 28 मार्च की रात जब हनी सिंह अपनी लग्जरी कार से उतरे तो नजारा देखने लायक था। जैसे ही स्टेज पर रोशनी जगमगा उठी, बैकग्राउंड में हनी सिंह का सुपरहिट गाना मिलियनेयर बजने लगा। इसी बीच एक गहरे नीले रंग की रॉल्स रॉयस घोस्ट सीरीज (जिसकी कीमत करीब 9 करोड़ रुपए बताई जा रही है) वेन्यू के अंदर दाखिल हुई। कार रुकते ही सफेद रंग के स्टाइलिश आउटफिट में हनी सिंह बाहर निकले। उनके बाहर आते ही पूरे स्टेज पर आतिशबाजी शुरू हो गई, जिसने माहौल को और भी जादुई बना दिया। हाथ में जाम और फिर शुरू हुआ सुरों का सैलाब एंट्री का सबसे चर्चा वाला पल तब आया जब हनी सिंह कार से उतरकर आगे बढ़े। वहां पहले से ही ट्रे में गिलास लेकर खड़ी एक महिला ने उन्हें ड्रिंक सर्व की। हनी सिंह ने फिल्मी अंदाज में वह गिलास उठाया और सीधे स्टेज की ओर बढ़ गए। हाथ में जाम थामे हनी सिंह ने जैसे ही माइक संभाला, पूरा क्राउड झूम उठा। हिट गानों पर झूमी मुंबई, वायरल हुए वीडियो स्टेज पर पहुंचते ही हनी सिंह ने ब्लू आइज और देसी कलाकार जैसे अपने एवरग्रीन गानों की झड़ी लगा दी। सोशल मीडिया पर उनकी एंट्री के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। फैंस कमेंट्स में लिख रहे हैं एंट्री हो तो ऐसी हो और यो यो इज बैक हालांकि कार के मॉडल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन जानकारों का मानना है कि यह वही 12 सिलेंडर इंजन वाली लग्जरी मशीन है जो अपनी मैजिक कारपेट राइड के लिए मशहूर है।

दांत दर्द में रामबाण है ये छोटा सा पीला फूल, मसूड़ों की सूजन में भी देता राहत; जानें कैसे करें उपयोग

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Last Updated:March 30, 2026, 09:53 IST Benefits of Akarkara: अकरकरा को दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बेहद लाभकारी औषधि माना जाता है. इसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है और इसका वैज्ञानिक नाम Anacyclus pyrethrum है. आयुर्वेद में लंबे समय से इसका उपयोग मौखिक समस्याओं के उपचार में किया जाता रहा है. दांत दर्द या मसूड़ों की सूजन होने पर अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल या लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाने की सलाह दी जाती है. इससे दर्द में राहत मिलती है और सूजन कम होती है. अकरकरा में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण संक्रमण को कम करने में मदद करते है. यह घाव को जल्दी भरने में सहायक होता है और मसूड़ों को मजबूत बनाता है. नियमित और सीमित उपयोग से मुंह की कई समस्याओं से प्राकृतिक रूप से राहत पाई जा सकती है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे औषधीय पौधे पाए जाते है. जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद होते है. लेकिन कई बार लोगों को उन पौधों के बारे में जानकारी न होने के कारण उन्हें बेकार समझकर फेंक देते है. इस समय गर्मियों के मौसम में घर के आसपास या खेतों में अकरकरा का पौधा आसानी से मिल जाएगा. इसमें पीला सा छोटा फूल पाया जाता है. अकरकरा, जिसे पाइरेथ्रम रूट भी कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम है Anacyclus pyrethrum. यह एक बारहमासी पौधा है. इसकी जड़ को सुखाकर चूर्ण बनाया जाता है जो कि कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. इसके जड़, पत्ते और बीजों में मौजूद तत्व दर्द कम करने, सूजन घटाने और घाव भरने में मदद करते है. अकरकरा को खासतौर पर दांत दर्द और मसूड़ों की सूजन में बहुत लाभकारी माना जाता है. इसके लिए अकरकरा के चूर्ण को सरसों के तेल यह लौंग के तेल में मिलाकर मसूड़ों पर लगाया जाता है. यह न केवल दर्द से राहत देता है बल्कि उसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल गुण घाव को जल्दी भरने में मदद करते है. Add News18 as Preferred Source on Google कुछ लोगों को लगातार हिचकी आती रहती है. अगर आप भी हिचकी जैसी समस्या से अक्सर परेशान रहते है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के बारे में बताने जा रहे है जो हिचकी की समस्या से राहत दिला सकता है. अगर बार-बार हिचकी आ रही हो, तो अकरकरा के चूर्ण में शहद मिलाकर सुबह-शाम सेवन कर सकते है. बदलते मौसम के कारण गले में खराश और खांसी का प्रकोप बढ़ जाता है. ऐसे में आप भी खांसी और खराश जैसी समस्या से परेशान है तो आज हम आपको एक ऐसे पौधे के पत्तियों के बारे में बताने जा रहे है. जिसका काढ़ा पीने से गले की खराश और सुखी खांसी से राहत मिल सकती है. अकरकारा की पत्तियों का काढ़ा बनाकर पीने से जल्द राहत मिल सकती है. आयुर्वेदिक आचार्य देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि डायबिटीज के मरीजों के लिए अकरकरा की जड़ों का चूर्ण बनाकर सेवन करना चाहिए. इससे डायबिटीज कंट्रोल रहता है. शरीर पर घाव हो जाने पर इसकी पत्तियों का लेप बनाकर लगाने से घाव जल्दी भरते है. कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. First Published : March 30, 2026, 09:53 IST

गैस वितरण में लापरवाही पर संचालक को नोटिस:कलेक्टर ने 7 दिन में मांगा जवाब; होम डिलीवरी नहीं मिलने पर प्रशासन सख्त

गैस वितरण में लापरवाही पर संचालक को नोटिस:कलेक्टर ने 7 दिन में मांगा जवाब; होम डिलीवरी नहीं मिलने पर प्रशासन सख्त

सीधी जिले में उपभोक्ताओं को रसोई गैस वितरण में अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर विकास मिश्रा ने प्रताप गैस सर्विस के संचालक भारतलाल सिंह को रविवार रात 8 बजे कारण बताओ नोटिस जारी किया। यह नोटिस सोमवार सुबह 9 बजे संचालक को थमा दिया गया। यह कार्रवाई खाद्य विभाग की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें एजेंसी संचालन में गंभीर खामियां सामने आई हैं। गैस एजेंसी में भीड़, होम डिलीवरी नहीं मिली खाद्य विभाग की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान गैस एजेंसी परिसर में उपभोक्ताओं की अत्यधिक भीड़ पाई गई। इसके साथ ही सबसे बड़ी लापरवाही यह सामने आई कि उपभोक्ताओं को होम डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जा रही थी। शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि एलपीजी गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारु रूप से की जाए और प्राथमिकता के आधार पर उपभोक्ताओं तक घर-घर वितरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गैस एजेंसी को 7 दिन में जवाब देने का नोटिस निरीक्षण में पाई गई यह स्थिति शासन के निर्देशों के विपरीत मानी गई है। प्रशासन ने इसे द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश, 2000 का उल्लंघन माना है। साथ ही यह कृत्य आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत भी दंडनीय श्रेणी में आता है, जिसके तहत कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। कलेक्टर ने संबंधित गैस एजेंसी संचालक को निर्देशित किया है कि वे 7 दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। नोटिस में स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई से गैस एजेंसियों में हड़कंप, जांच के संकेत प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले के अन्य गैस एजेंसी संचालकों में भी हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गैस वितरण व्यवस्था को लेकर व्यापक जांच अभियान चलाया जा सकता है, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें और किसी भी प्रकार की लापरवाही पर सख्त नियंत्रण स्थापित किया जा सके।

सिवनी में ज्योति कलश व जवारों का विसर्जन:571 ज्योति कलशों की शोभायात्राएं आकर्षण का केंद्र; दलसागर घाट पर हुआ विसर्जन

सिवनी में ज्योति कलश व जवारों का विसर्जन:571 ज्योति कलशों की शोभायात्राएं आकर्षण का केंद्र; दलसागर घाट पर हुआ विसर्जन

चैत्र नवरात्रि के समापन के बाद जिलेभर के देवी मंदिरों और घरों में स्थापित ज्योति कलशों एवं जवारों का विसर्जन जारी है। रविवार रात नगर के विभिन्न क्षेत्रों में विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए गए। छिंदवाड़ा चौक, बारापत्थर और भैरोगंज सहित कई स्थानों से शोभायात्राएं निकालकर दलसागर तालाब के घाट पर विधि-विधान से विसर्जन किया गया। नगर के प्रमुख सिद्ध पीठों और मंदिरों में स्थापित ज्योति कलशों और जवारों को मां भगवती की आरती के बाद शोभायात्रा के रूप में निकाला गया। सिद्धपीठ माता दीवाला मंदिर, दुर्गा चौक स्थित मां राजराजेश्वरी दरबार, देसाई मढ़िया, काली चौक काली मंदिर, सिंहवाहिनी मंदिर और चित्रगुप्त हनुमान मंदिर सहित अन्य मंदिरों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इन यात्राओं में शामिल हुए। 571 ज्योति कलशों की शोभायात्रा बनी आकर्षण दुर्गा चौक मंदिर में स्थापित 571 ज्योति कलशों की विसर्जन शोभायात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रही। इस यात्रा के दौरान देवी गीतों पर श्रद्धालु शामिल हुए। नवरात्रि के नौ दिनों की साधना पूर्ण होने के बाद श्रद्धालु परंपरा अनुसार जवारों और ज्योति कलशों का विसर्जन कर रहे हैं। जिन स्थानों पर बाद में स्थापना की गई थी, वहां नौ दिन पूरे होने पर अब विसर्जन किया जा रहा है। आज सोमवार रात में भी नगर के कई स्थानों से विसर्जन यात्राएं निकाली जाएंगी। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पानी की व्यवस्था गर्मी को देखते हुए अधिकांश स्थानों पर दिन के बजाय रात्रि में विसर्जन किया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जगह-जगह शीतल पेयजल और फलों की व्यवस्था भी की गई है। जिले के धनोरा, घंसौर, केवलारी, लखनादौन, छपारा, बरघाट और कुरई विकासखंडों में भी जवारों के विसर्जन का क्रम जारी है।