बुरहानपुर नगर निगम ने बकाया कर पर दी छूट:आयुक्त बोले- 31 मार्च तक भुगतान पर अधिभार में मिलेगी राहत

बुरहानपुर नगर निगम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लंबित संपत्ति कर और अन्य निगम करों के शीघ्र भुगतान को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष राहत योजना लागू की है। इस योजना के तहत, करदाताओं को अधिभार (सरचार्ज) और पेनल्टी में विशेष छूट प्रदान की जाएगी, बशर्ते वे 31 मार्च 2026 तक अपना बकाया कर जमा कर दें। यह निर्णय नागरिकों को समय पर कर भुगतान के लिए प्रेरित करने और नगर निगम की राजस्व व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लिया गया है। नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने शहरवासियों और करदाताओं से अपील की है कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए निर्धारित तिथि के भीतर अपने करों का पूर्ण भुगतान सुनिश्चित करें। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि समय सीमा के पश्चात नियमानुसार अधिभार और दंडात्मक प्रावधान लागू होंगे, जिसके लिए संबंधित करदाता स्वयं उत्तरदायी होंगे। करदाताओं की सुविधा के लिए, नगर निगम के सभी जोनल कार्यालयों, काउंटरों और ऑनलाइन पोर्टल पर कर भुगतान की व्यवस्था उपलब्ध है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए संबंधित नगर निगम कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
‘इस बार जीत बहुत बड़ी होगी’,नामांकन के बाद स्टालिन का दमदार दावा, तमिल चुनाव में सहायक उपकरण

तमिलनाडु चुनाव 2026: तमिल विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, प्रोटोटाइप पारा तेज होता जा रहा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सोमवार को कोलाथुर सीट से नामांकन के लिए नामांकन कर बिगुल बजा दिया। नामांकन के तुरंत बाद उन्होंने रोड शो किया, जहां गंगा की भीड़ ने संकेत दिया कि इस बार मुकाबला और सबसे ज्यादा तीखा होने वाला है। स्टालियन ने सबसे पहले अंदाज में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “हमारी जीत इस बार बहुत शानदार होगी। पिछली तीन बार की तुलना में इस बार का फ़ोर्सुअल सपोर्ट मिल रहा है। तमिल दिल्ली के ख़िलाफ़ लड़ रही है। इस बार की जीत बहुत शानदार होने वाली है।” #देखो | चेन्नई: तमिलनाडु के सीएम और कोलाथुर से डीएमके उम्मीदवार एमके स्टालिन का कहना है, “हमारी जीत बहुत शानदार होगी. पिछली तीन बार की तुलना में इस बार मैं भारी समर्थन देख रहा हूं…तमिलनाडु दिल्ली के खिलाफ लड़ रहा है. इस बार जीत बहुत बड़ी होने वाली है.” https://t.co/UwmGgIYdIG pic.twitter.com/41gqftzAJx – एएनआई (@ANI) 30 मार्च 2026 उनके इस कथन में सिर्फ नामांकन की पुष्टि नहीं है, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है, जहां डीएमके खुद “दिल्ली बनाम तमिलनाडु” के नैरावेटिव में स्थापित करने की कोशिश कर रही है। इस चुनाव में डीएमके 234 में से 164 में खुद चुनाव लड़ रही है, जबकि 70 आरओएचआई सहयोगी व्यवस्थाएं खत्म हो गई हैं। कांग्रेस को 28 सीटें, सीपीआई और सीपीआई (एम) को 5-5 सीटें, वीसीके को 8 और एमडीएमके को 4 सीटें मिली हैं। इसके अलावा डीएमडीके, आईयूएमएल और अन्य क्षेत्रीय दल भी गठबंधन का हिस्सा हैं। यह गठबंधन सूत्र स्पष्ट करता है कि डीएमके इस बार भी मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार के साथ मैदान में उतर रही है। DMK फिर सत्ता में आएगी-कनिमोझी का भरोसा डीएमके के सांसद मिनिमोझी ने भी पार्टी की वापसी को लेकर भरोसेमंद समर्थन दिया है। उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि डीएमके फिर से सत्य में सबसे अच्छी सरकार है।” उन्होंने आगे कहा, ‘पिछले 5 साल में मुख्यमंत्री ने जो वादे किए, उन्हें पूरा किया और उनसे भी ज्यादा किया।’ #घड़ी | तमिलनाडु चुनाव 2026 | चेन्नई: द्रमुक सांसद कनिमोझी का कहना है, “बहुत विश्वास है कि द्रमुक शासन में वापस आएगी…वे (लोग) बहुत आश्वस्त हैं कि वे किसे वोट देंगे, बहुत आश्वस्त हैं कि द्रमुक सुशासन देने के लिए वापस आएगी।” डीएमके घोषणापत्र पर… pic.twitter.com/7naqEjNL7w – एएनआई (@ANI) 30 मार्च 2026 https://x.com/ANI/status/2038499331897245828?s=20 डीएमके का यह बयान नैरावेटिव को मजबूत बनाने का काम करता है, जिसमें वह अपने शासन को “डिलीवरी मॉडल” के रूप में पेश कर रही है। मत का पलटवार, ‘झूठे वादों’ का आरोप दूसरी तरफ एआईएडीएमके ने डीएमके के “सुपरस्टार मैनिफेस्टो” पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेता सिटी चेलापांडियन ने आरोप लगाया, “तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अब तक 2000 के वादे किए हैं। 2021 के चुनाव में 25 साल से भी कम समय में 525 वार्डों की बात नहीं हुई। राजनीतिक ताकतों की आदत खत्म हो गई है।” उन्होंने सरकार पर संगठनात्मक विफलता और कानूनी-व्यवस्था के भी आरोप लगाए। उनका कहना है, चुनाव से ठीक पहले दी जा रही है सिर्फ वोट दिलाने की कोशिश है। मैनीफेस्टो बनाओ निर्विरोध केंद्र स्टालिन के “सुपरस्टार मैनिफेस्टो” ने इस चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता, युवाओं के लिए नौकरी और कोचिंग प्रशिक्षण, किसानों के लिए बेहतर कीमत और मुफ़्त दवाएँ, इन वादों ने राजनीतिक बहस को तेज़ कर दिया है। लेकिन इसे “कॉपी-पेस्ट” और “स्टिकर पॉलिटिक्स” कहना जारी है। अर्थशास्त्र गणित क्या है? तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। 234 नामांकन पर होने वाला यह चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं है, बल्कि नैराविता की जंग भी है – विकास बनाम वादा, और क्षेत्रीय पहचान बनाम राष्ट्रीय राजनीति। स्टालिन का “बहुत बड़ा” वाला दावा लेकिन कितनी बड़ी उपलब्धि होती है, यह तो स्टालिन के दिन साक्षा होगा, तय है कि इस बार तमिल की राजनीति में दांव बड़ा और मुकाबला भी है।
उमरिया में भगवान महावीर जन्मोत्सव का उत्साह:भगवान को पालकी में लेकर निकले श्रद्धालु, जगह-जगह पुष्पवर्षा से हुआ स्वागत

उमरिया में जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की 2526वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में जैन श्रद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत दिगम्बर जैन मंदिर में भगवान महावीर के अभिषेक और पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद शोभायात्रा मंदिर से निकलकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल झांकियां विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों में भगवान महावीर के जीवन से जुड़े प्रसंगों को दर्शाया गया था। उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र जैन भी इस आयोजन में शामिल हुए। उन्होंने पारंपरिक वेशभूषा में मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा के पुनः मंदिर परिसर पहुंचने के बाद भगवान महावीर का विशेष अभिषेक और पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान धर्म गुरुओं ने अहिंसा, सत्य और करुणा के संदेशों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
उत्कल एक्सप्रेस के टॉयलेट में मिली नवजात:बच्ची कटनी जिला अस्पताल के ICU में भर्ती; टीआई बोले-हर एंगल से जांच जारी

मध्य प्रदेश के कटनी जिले में मुड़वारा रेलवे स्टेशन पर सोमवार सुबह शौचालय में एक नवजात बच्ची लावारिस हालत में मिली। पुरी से योग नगरी ऋषिकेश जा रही कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18478) के कोच नंबर S-4 में यात्रियों ने शौचालय से बच्ची के रोने की आवाज सुनी, जिसके बाद उन्होंने रेलवे प्रशासन को इसकी सूचना दी। अंदर देखने पर एक नवजात बच्ची मिली। यात्रियों ने तुरंत रेलवे हेल्पलाइन नंबर पर इसकी सूचना दी। सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल मौके पर पहुंचा सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची। आरपीएफ के जवानों ने नवजात बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर तत्काल कटनी के जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने बच्ची को ICU में रखा अस्पताल में शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को गंभीर स्थिति और संक्रमण के खतरे को देखते हुए नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU/ICU) में भर्ती किया है। डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची को विशेष मेडिकल केयर में रखा गया है और उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। टीआई बोले-हर एंगल से जांच जारी इस घटना के बाद आरपीएफ और जीआरपी मामले की जांच में जुट गई हैं। आरपीएफ थाना प्रभारी ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम ने त्वरित कार्रवाई की और बच्ची को तुरंत जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में दाखिल कराया गया। बच्ची किसकी है, उसे ट्रेन के टॉयलेट में किसने और किस स्टेशन के बीच छोड़ा, इसकी गहन जांच की जा रही है।
आंध्र प्रदेश में नेवी कर्मचारी ने प्रेमिका की हत्या की:पत्नी के मायके जाने के बाद घर बुलाया; झगड़े के बाद कई टुकड़े किए, सिर फेंका

आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक नेवी कर्मचारी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर शव के टुकड़े कर दिए। आरोपी ने सिर को अलग जगह ठिकाने लगाया, जबकि बाकी टुकड़े अपने घर के फ्रिज में छिपा दिया। घटना के समय उसकी पत्नी घर पर नहीं थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी चिंताडा रविंद्र (35) नेवी कर्मचारी हैं। वह INS डेगा में तैनात है। रविंद्र ने रविवार दोपहर अपनी 29 साल गर्लफ्रेंड मौनिका को घर बुलाया था। शाम के समय दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद उसने मौनिका की हत्या कर दी। पुलिस के जांच में सामने आया कि रविंद्र ने मौनिका की चाकू मारकर हत्या की। फिर शव के कई टुकड़े कर दिए। कुछ हिस्सों को बैग में भरकर सुनसान जगह पर फेंक आया, जबकि बाकी हिस्सों को घर के फ्रिज में छिपा दिया। दोनों 5 साल डेट कर रहे थे रविंद्र और मौनिका की मुलाकात 2021 में एक डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच संबंध बन गए। वे विशाखापत्तनम में अलग-अलग जगहों पर मिलते थे। रविंद्र की पत्नी कुछ दिन पहले विजयनगरम स्थित अपने मायके गई हुई थी। इसी दौरान उसने मौनिका को घर बुलाया था। पुलिस के मुताबिक, रविंद्र का दावा है कि मौनिका ने उससे 3.5 लाख रुपए लिए थे। वे अक्सर दोनों के रिश्ते के बारे में सभी को सब कुछ बता देने की धमकी देती थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। हत्या के बाद खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा घटना के बाद आरोपी खुद पुलिस स्टेशन पहुंचा और अपराध कबूल कर लिया। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर और फ्रिज से शव के टुकड़े बरामद हुए, हालांकि सिर नहीं मिला है। आशंका है कि उसे कहीं और ठिकाने लगाया गया है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है और शव के बाकी हिस्सों की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई गई है। आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। यह मामला 2022 के चर्चित श्रद्धा वाकर हत्याकांड की याद दिलाता है, जिसमें आरोपी ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर फ्रिज में रखा था और बाद में अलग-अलग जगहों पर फेंका था। ————- ये खबर भी पढ़ें… कर्नाटक में पति ने बीच सड़क पत्नी का गला काटा: फिर कार से कुचला, मौके पर मौत कर्नाटक में एक व्यक्ति ने बीच सड़क पत्नी की हत्या कर दी। उसने पहले पत्नी का गला काटा, फिर SUV से कुचल दिया। घटना के 2 वीडियो सामने आए है। घटना कलबुर्गी जिले के बल्लूरगी गांव के पास की है। वीडियो में आरोपी पत्नी के बाल पकड़कर उसे पीटता दिख रहा है, जबकि महिला मदद के लिए चीखती नजर आती है। पूरी खबर पढ़ें…
पेट में अटक गई है गैस? न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह से जानें 2-मिनट का ‘मैजिकल शॉट’ रेसिपी, मिनटों में मिलेगा आराम

Last Updated:March 30, 2026, 13:01 IST Ayurvedic Remedy For Gas : ज्यादातर लोग इस असहजता से बचने के लिए तुरंत मेडिकल स्टोर से कोई गोली (Pill) लाकर खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहत आपकी रसोई (Kitchen) के मसालों में छिपी है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह (Shweta Shah) ने एक ऐसा आयुर्वेदिक और प्राकृतिक नुस्खा साझा किया है. ख़बरें फटाफट 2-मिनट मैजिकल शॉट ऐसे बनाएं Bloating Home Remedy : क्या आपको भी भारीपन, पेट फूलना (Bloating) और बेचैनी जैसी समस्या अक्सर परेशान करती है? हम सभी कभी न कभी उस स्थिति से गुजरते हैं जब ऐसा महसूस होता है कि ‘पेट में गैस अटक गई है’. यह न केवल शारीरिक रूप से कष्टदायक होता है, बल्कि आपके पूरे दिन के मूड और काम को भी प्रभावित कर सकता है. ज्यादातर लोग इस असहजता से बचने के लिए तुरंत मेडिकल स्टोर से कोई गोली (Pill) लाकर खा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि राहत आपकी रसोई (Kitchen) के मसालों में छिपी है? मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह (Nutritionist Shweta Shah) ने एक ऐसा आयुर्वेदिक और प्राकृतिक नुस्खा साझा किया है, जिसे वह ‘2-मिनट मैजिकल शॉट’ कहती हैं. आइए जानते हैं इस जादुई ड्रिंक को बनाने की विधि और यह आपके शरीर पर कैसे काम करती है. क्यों अटकती है पेट में गैस?गलत खान-पान, जल्दी-जल्दी खाना निगलना, ज्यादा कैफीन का सेवन या फिजिकल एक्टिविटी की कमी के कारण हमारे पाचन तंत्र में हवा फंस जाती है. यही फंसी हुई गैस पेट में मरोड़, भारीपन और ब्लोटिंग का कारण बनती है. 2-मिनट ऐसे बनाएं मैजिकल शॉट – आवश्यक सामग्री (Ingredients)नींबू का रस (Lemon Juice): आधा (1/2) नींबूहींग (Hing/Asafoetida): सिर्फ एक चुटकीकाली मिर्च (Black Pepper): एक चुटकी पाउडरगुनगुना पानी (Warm Water): आधा कप सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. बनाने और इस्तेमाल करने का सही तरीका- स्टेप 1: आधा कप पानी को हल्का गुनगुना कर लें (ज्यादा गर्म न करें).स्टेप 2: इसमें आधा नींबू निचोड़ें और एक चुटकी हींग व एक चुटकी काली मिर्च पाउडर डालें.स्टेप 3: इसे अच्छी तरह मिलाएं ताकि हींग पानी में घुल जाए.स्टेप 4: इस मिश्रण को एक बार में गटकने के बजाय धीरे-धीरे घूंट-घूंट (Sip by Sip) करके पिएं.स्टेप 5: इसे पीने के बाद 5-10 मिनट तक वज्रासन में बैठें या हल्की वॉक करें. इससे गैस रिलीज होने की प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी. View this post on Instagram
दतिया में महिला से दहेज के लिए मारपीट का आरोप:लोको पायलट पति, सास और ससुर पर केस दर्ज

दतिया में महोनाजाट गांव की रहने वाली 32 वर्षीय महिला ने पति, सास और ससुर पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और जेवर ले जाने के आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर इंदरगढ़ पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने बताया कि, उसकी शादी 16 फरवरी 2020 को भोपाल निवासी आशीष दीक्षित से हुई थी। आशीष लोको पायलट है। शादी में उसके पिता ने अपनी हैसियत के अनुसार नकद राशि, सोने-चांदी के जेवर और अन्य सामान दिया था। आरोप है कि शादी के कुछ दिन बाद से ही पति आशीष, ससुर घनश्याम दीक्षित और सास अशोक दीक्षित कम दहेज का ताना देकर उसे परेशान करने लगे। महिला के अनुसार, आरोपियों ने कई बार मारपीट की और अतिरिक्त 10 लाख रुपए की मांग करते रहे। वर्ष 2021 में बेटी होने के बाद भी प्रताड़ना कम नहीं हुई। परेशान होकर उसने यह बात अपने मायके वालों को बताई। जिन्होंने ससुराल पक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। खुशबू का कहना है कि 16 अप्रैल 2024 को उसका पति महोनाजाट आया और उसके साथ मारपीट कर जेवर लेकर चला गया। इसके बाद से ही उसे मायके में छोड़ रखा है और 10 लाख रुपए लाने की शर्त रखी जा रही है। हाल ही में रिश्तेदारों द्वारा फोन पर समझाने की कोशिश भी बेनतीजा रही। पीड़िता ने अपने पिता और भाई के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इजराइल ने CNN पत्रकारों से बदसलूकी पर बटालियन सस्पेंड की:सैनिकों ने हिरासत में लिया था; ऑपरेशन से हटाकर ट्रेनिंग में भेजा

इजराइली सेना ने वेस्ट बैंक में CNN के पत्रकारों से बदसलूकी और हिरासत में लेने के मामले में एक पूरी बटालियन को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही रिजर्व बटालियन की सभी ऑपरेशनल गतिविधियां सस्पेंड कर दी हैं। सेना के मुताबिक इस बटालियन को तुरंत प्रभाव से वेस्ट बैंक से हटाकर ट्रेनिंग के लिए भेज दिया गया है। जांच पूरी होने तक यह यूनिट किसी भी ऑपरेशन में शामिल नहीं होगी। यह घटना पिछले हफ्ते फिलिस्तीनी गांव तायासिर में हुई थी, जहां CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। आरोप है कि सैनिकों ने टीम को हिरासत में लिया और एक फोटो जर्नलिस्ट के साथ मारपीट भी की, जिससे उसका कैमरा टूट गया। इजराइली सेना ने कहा है कि बटालियन को प्रोफेशनल और एथिकल ट्रेनिंग दी जाएगी और मामले में शामिल सैनिकों के खिलाफ अलग से कार्रवाई भी की जाएगी। पत्रकारों से बदसलूकी का वीडियो… इजराइली सैनिकों ने पत्रकार का गला पकड़ा 26 मार्च को वेस्ट बैंक के फिलिस्तीनी गांव तयासिर में CNN की टीम रिपोर्टिंग कर रही थी। कुछ समय पहले ही वहां इजराइली सेटलर्स ने हमला किया था। उसी के बाद की स्थिति दिखाने के लिए CNN के पत्रकार जेरेमी डायमंड अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे थे। आसपास टूटे हुए ढांचे, बिखरा सामान और डरे हुए स्थानीय लोग उस हमले की कहानी बयान कर रहे थे। टीम कैमरे पर हालात रिकॉर्ड कर रही थी और चश्मदीदों से बात कर रही थी। तभी अचानक वहां इजरायली सैनिकों की टीम पहुंची। शुरुआत में सैनिकों ने टीम से सवाल-जवाब किए, लेकिन माहौल जल्दी ही तनावपूर्ण हो गया। कुछ ही देर में सैनिकों ने CNN टीम को आगे बढ़ने से रोक दिया और उन्हें वहीं रोककर हिरासत में ले लिया। इसी दौरान हालात और बिगड़ गए। आरोप है कि एक सैनिक ने फोटो जर्नलिस्ट सिरिल थियोफिलॉस को पकड़कर उनका गला जकड़ लिया। अचानक हुए इस हमले से वह संतुलन खो बैठे और जमीन पर गिर गए। इस धक्का-मुक्की में उनका कैमरा भी टूट गया। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन ने हमले की निंदा की वेस्ट बैंक में CNN की टीम के साथ हुई बदसलूकी को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठन फॉरेन प्रेस एसोसिएशन (FPA) ने निंदा की। संगठन ने इस घटना को हिंसक हमला बताते हुए प्रेस की आजादी पर सीधा हमला करार दिया। संगठन ने आरोप लगाया कि सैनिकों ने पत्रकारों और वहां मौजूद लोगों पर बंदूक तान दी, जबकि पत्रकार अपनी पहचान बता चुके थे। इतना ही नहीं, टीम को शूटिंग बंद करने के लिए मजबूर किया गया और कैमरा छीनने की धमकी भी दी गई। संगठन ने इस मामले की जांच की मांग करते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि मीडिया के प्रति दुश्मनी बढ़ रही है, जो बेहद चिंताजनक है। हरेदी समुदाय के लिए बनाई गई नेत्जाह यूनिट इजराइल में हर किसी के लिए जरूरी रूप से सेना में शामिल होने का नियम है। पुरुषों को लगभग तीन साल और महिलाओं को दो साल सेना में सेवा देनी होती है। यह यूनिट इजराइली सेना की कफिर ब्रिगेड का हिस्सा है। 1948 में जब इस देश का गठन हुआ था। तब हरेदी समुदाय से आने वाले 400 अल्ट्रा-ऑर्थोडॉक्स पुरुषों को सेना में सेवा से छूट दी थी। इसका मकसद था कि ये लोग धार्मिक शिक्षा और यहूदी परंपराओं को बचाने का काम जारी रख सकें। धीरे-धीरे हरेदी समुदाय के लोगों का आंकड़ा बढ़ता गया जो सेना में शामिल होने से बचते रहे। इससे बाकी समुदाय नाराज रहने लगे। इसके बाद सरकार ने 1999 में नेत्जाह येहूदा यूनिट बनाई जहां वे अपनी धार्मिक पहचान बनाए रखते हुए सेना में सेवा दे सकें। यह यूनिट बाकी सैन्य यूनिट्स से थोड़ी अलग है। इसमें महिलाएं शामिल नहीं होतीं। माहौल पूरी तरह से धार्मिक वाला रखा जाता है और कोषेर (धार्मिक नियमों वाला) खाना दिया जाता है। ज्यादातर वेस्ट बैंक (पश्चिमी तट) इलाके में तैनाती रहती है। सुरक्षा और गश्त जैसे काम करती है। हालांकि इस यूनिट में हरेदी के अलावा भी दूसरे समुदाय के लोग शामिल होते हैं। हालांकि आबादी सबसे ज्यादा हरेदी समुदाय के लोगों की होती है। विवादों में रही है यह यूनिट
अमेरिका से आए युवक की थार से कुचलकर हत्या:कुरुक्षेत्र में जीजा के दोस्त की शादी में आया, डीजे पर डांस करते हुए कहासुनी हुई

हरियाणा के कुरुक्ष्रेत्र में एक युवक की थार से कुचलकर हत्या कर दी गई। युवक इस्माइलाबाद में अपने जीजा के दोस्त की शादी में आया था। यहां डीजे पर डांस करते समय उसकी दूसरे युवक से कहासुनी हो गई। पहले तो लोगों ने इनका झगड़ा शांत करा दिया। शादी के बाद आरोपी ने घटना को अंजाम दिया। मृतक की पहचान पिहोवा के खेड़ी शीशगरां के साहिल (30) के तौर पर हुई है। साहिल पिछले 7 साल से अमेरिका में रह रहा था। वह एक महीने पहले ही भारत आया था। घर में साहिल की शादी की बात चल रही थी। इस्माइलाबाद पुलिस ने परिवार की शिकायत पर युवक के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… डीजे पर गाने को लेकर कहासुनी हुई इस्माइलाबाद में गुरु गोबिंद सिंह कॉलोनी निवासी शैमिन पंजरथ ने बताया कि मेरा साला साहिल कुमार रविवार रात शादी के प्रोग्राम में शामिल होने आया था। इस प्रोग्राम में उसकी कॉलोनी का दीपांशु भी आया हुआ था। दीपांशु और साहिल DJ पर डांस कर रहे थे। यहां गाने को लेकर दीपांशु और साहिल के बीच थोड़ी बहस हुई। तब उनको समझाकर शांत कर दिया था। जीजा-साले को थार से टक्कर मारी शैमिन ने बताया कि प्रोग्राम के बाद रात करीब 12:40 बजे मैं अपने साले साहिल कुमार, दोस्त सिमरदीप सिंह, रमन नागपाल और विपुल बजाज के साथ हाईवे पर चम्मू चौक पर खड़ा था। तभी सामने से काली थार (HR 31 W 2645) आई, जिसने साहिल के साथ-साथ मुझे जोरदार टक्कर मार दी। इसमें उनको भी चोटें लगीं। बैक कर थार साहिल पर चढ़ाई शैमिन ने आगे बताया कि टक्कर मारने के बाद दीपांशु ने उनके पास गाड़ी रोकी और शीशा नीचे किया। तब मैंने दीपांशु से पूछा कि मारना चाहते हो क्या? तभी दीपांशु ने जवाब दिया, अच्छा बच गया और फिर गाड़ी पीछे करके दोबारा साहिल के ऊपर चढ़ा दी। उसके बाद दीपांशु मौके से भाग गया। घायल साहिल को गाड़ी से अंबाला के प्राइवेट अस्पताल में पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इंडियाना स्टोर पर काम करता था साहिल साहिल के छोटे भाई लविश कुमार ने बताया कि बड़ा भाई साहिल अमेरिका के इंडियाना में स्टोर पर काम करता था। इससे पहले अमेरिका में ड्राइवरी करता था। वहां से आने के बाद साहिल पहली बार अपनी बहन से मिलने इस्माइलाबाद गया था। SHO बोले- आरोपी की तलाश कर रहे इस्माइलाबाद थाने के SHO जगदीश कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी दीपांशु के खिलाफ BNS की धारा 103(1) और 109(1) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
तमिलनाडु की राजनीति में जाति समीकरण: प्रमुख मतदान कारक और क्यों 2026 एक निर्णायक मोड़ हो सकता है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 30, 2026, 12:28 IST तमिलनाडु चुनाव 2026: गौंडर्स, थेवर, वन्नियार और दलित जैसे प्रमुख जाति समूह अभी भी मायने रखते हैं, लेकिन उनका राजनीतिक संरेखण स्थिर होने के बजाय तेजी से अस्थिर हो रहा है तमिलनाडु में 23 अप्रैल, 2026 को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई, 2026 को होगी। (पीटीआई/फ़ाइल) तमिलनाडु की चुनावी राजनीति अब भी जाति के आधार पर आकार ले रही है, लेकिन उस कठोर, पूर्वानुमानित तरीके से नहीं जैसा कि पहले हुआ करता था। आज मतदान का व्यवहार जाति समूहों, क्षेत्रीय प्रभुत्व, कल्याणकारी राजनीति, नेतृत्व की विश्वसनीयता और युवा और महिला मतदाताओं जैसे उभरते सामाजिक कारकों के स्तरित मिश्रण से प्रभावित होता है। प्रमुख जाति समूह – पश्चिम में गाउंडर्स, दक्षिण में थेवर, उत्तर में वन्नियार, और आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों में दलित – अभी भी तमिलनाडु चुनावों में मायने रखते हैं, लेकिन उनका राजनीतिक संरेखण स्थिर होने के बजाय तेजी से अस्थिर हो रहा है। साथ ही, भूगोल, पार्टी गठबंधन, उम्मीदवार चयन, कल्याण वितरण और स्थानीय नेतृत्व नेटवर्क समान रूप से निर्णायक बन गए हैं। तमिलनाडु के चार प्रमुख राजनीतिक क्षेत्र – कोंगु नाडु, कावेरी डेल्टा, उत्तरी बेल्ट (टोंडिमंडलम) और दक्षिणी जिले – अलग-अलग जाति संरचनाओं को दर्शाते हैं जो चुनावी परिणामों को आकार देते हैं। ये गतिशीलता अक्सर उच्च जोखिम वाले युद्ध के मैदानों में सबसे तेजी से काम करती है, जिसमें प्रमुख स्विंग निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं जो शक्ति संतुलन को झुका सकते हैं। जैसे-जैसे राज्य 2026 के चुनावी मुकाबले के करीब पहुंच रहा है, गठबंधन-निर्माण और सीट-बंटवारे की बातचीत जटिलता की एक और परत जोड़ रही है, जो अक्सर जमीन पर पारंपरिक जाति संरेखण को नया आकार दे रही है। ये बदलाव अंततः एक कड़े संरचित चुनाव कैलेंडर के भीतर सामने आएंगे, जहां समय, चरण और अभियान की गति भी मतदाता व्यवहार को प्रभावित करती है। फिर भी, जैसा कि विश्लेषकों का कहना है, ‘जाति एल्गोरिदम’ अब परिणामों का गारंटीकृत भविष्यवक्ता नहीं है। क्षेत्रीय जाति समूह: तमिलनाडु में किसी भी चुनावी रणनीति की रीढ़ तमिलनाडु की राजनीति गहन रूप से क्षेत्रीय है और प्रत्येक क्षेत्र का अपना जातीय गणित और राजनीतिक झुकाव है। पश्चिमी तमिलनाडु में कोंगु नाडु गौंडर समुदाय का प्रभुत्व है। इसका झुकाव परंपरागत रूप से अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) और, विस्तार से, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर रहा है। 2021 के विधानसभा चुनावों में, गठबंधन ने यहां जोरदार प्रदर्शन किया, सेलम, इरोड और तिरुप्पुर जैसे जिलों में अधिकांश सीटें जीतीं। हालाँकि, हाल के रुझानों से पता चलता है कि इस प्रभुत्व की अब कोई गारंटी नहीं है, क्योंकि कल्याणकारी योजनाएं और स्थानीय डीएमके नेटवर्क घुसपैठ कर रहे हैं। मध्य तमिलनाडु में कावेरी डेल्टा इसे अक्सर ‘धान का कटोरा’ कहा जाता है। यह द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का गढ़ बना हुआ है। इस क्षेत्र में मुक्कुलाथोर उप-जातियों और एक महत्वपूर्ण दलित आबादी का मिश्रण है। 2021 में, DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यहां अधिकांश निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जिससे यह उजागर हुआ कि जाति संरेखण कृषि राजनीति और कल्याण वितरण के साथ कैसे मेल खाता है। उत्तरी तमिलनाडु, या टोंडिमंडलम, वन्नियार समुदाय का गढ़ है, जो एक प्रमुख सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) समूह है। पट्टाली मक्कल काची (पीएमके) ने ऐतिहासिक रूप से इस वोट बैंक को जुटाया है, जो अक्सर गठबंधन के नतीजों को प्रभावित करता है। हालाँकि, उसी क्षेत्र में दलित मतदाता, विशेष रूप से विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन करने वाले, एक असंतुलन पैदा करते हैं, जिससे प्रतियोगिता अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हो जाती है। दक्षिणी तमिलनाडु या पांड्य नाडु मुक्कुलाथोर (थेवर) समुदाय का वर्चस्व है, जो परंपरागत रूप से एआईएडीएमके का समर्थन करता रहा है। लेकिन आंतरिक विभाजन और प्रतिस्पर्धी नेताओं ने एक समय एकजुट रहने वाले इस वोट बैंक को खंडित कर दिया है, जिससे यह क्षेत्र और अधिक अप्रत्याशित हो गया है। द बिग फोर: टीएन में प्रमुख जाति समूह और उनका प्रभाव दशकों से, तमिलनाडु चुनावों का विश्लेषण चार प्रमुख जाति समूहों के माध्यम से किया जाता रहा है: गौंडर्स (पश्चिम): ऐतिहासिक रूप से एआईएडीएमके के साथ गठबंधन किया थेवर/मुक्कुलाथोर (दक्षिण): एआईएडीएमके का पारंपरिक आधार वन्नियार (उत्तर): पीएमके द्वारा लामबंद, अक्सर गठबंधन पर निर्भर दलित (राज्यव्यापी उपस्थिति): आरक्षित सीटों पर प्रभावशाली, अक्सर द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधनों का समर्थन करते हैं तमिलनाडु में 2021 विधानसभा चुनावों के सीएसडीएस-लोकनीति चुनाव बाद सर्वेक्षण ने इन पैटर्न को स्पष्ट रूप से उजागर किया: थेवर और गौंडर मतदाताओं ने बड़े पैमाने पर एआईएडीएमके गठबंधन का समर्थन किया, जबकि दलित, अल्पसंख्यक और उच्च जातियां डीएमके गठबंधन की ओर झुक गईं। लेकिन ये पैटर्न अब तनाव के संकेत दे रहे हैं। पारंपरिक वोट बैंकों का विखंडन तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़े बदलावों में से एक जाति-आधारित मतदान का विखंडन है। दक्षिणी जिलों में, एक बार समेकित मुक्कुलाथोर वोट अब कई नेताओं और गठबंधनों में विभाजित हो गया है। अलग-अलग खेमों में काम कर रहे एक ही समुदाय के राजनीतिक लोगों ने गुट के सामूहिक प्रभाव को कम कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि जब जाति नेतृत्व विखंडित होता है, तो वोट भी उसी के अनुरूप होते हैं। इसी तरह, कोंगु बेल्ट में, यह धारणा कमजोर हो रही है कि गौंडर मतदाता स्वचालित रूप से एआईएडीएमके का समर्थन करेंगे। कल्याण वितरण, आर्थिक चिंताएं और मजबूत स्थानीय डीएमके नेताओं ने मतदाता प्राथमिकताओं को नया आकार देना शुरू कर दिया है। संघीय राजनीतिक विश्लेषक आर इलंगोवन के हवाले से कहा गया है कि हालांकि जाति समूह अभी भी तमिलनाडु चुनावों में प्रमुख खिलाड़ी हैं, “मतदाता अब कठोर गुटों में नहीं जा रहे हैं”। उन्होंने कहा कि नेतृत्व की विश्वसनीयता, कल्याण वितरण और स्थानीय बिजली नेटवर्क मतदाता व्यवहार को प्रभावित कर रहे हैं। द्रविड़ विचारधारा बनाम जाति अंकगणित तमिलनाडु एक अनोखा विरोधाभास प्रस्तुत करता है। इसकी राजनीतिक नींव पेरियार के नेतृत्व वाले जाति-विरोधी द्रविड़ आंदोलन में निहित है, जिन्होंने सामाजिक न्याय और आरक्षण का समर्थन किया था। फिर भी, चुनावी प्रथा जाति गणना पर निर्भर रहती है। द्रमुक और अन्नाद्रमुक जैसी प्रमुख पार्टियाँ अक्सर प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में प्रमुख स्थानीय समुदायों से उम्मीदवारों को मैदान में उतारती हैं। लगभग 70% आबादी को ओबीसी के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बावजूद, उप-जाति की








