घर में अकेली 8वीं की छात्रा से रेप, गिरफ्तार:एक ही स्कूल में पढ़ते हैं दोनों, आरोपी मिलने आया और कर दी गंदी हरकत

ग्वालियर में एक आठवीं की छात्रा के साथ उसके ही साथ में पढ़ने वाले छात्र ने रेप किया है। घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी। आरोपी सहपाठी घर में दाखिल हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना 27 मार्च की सुबह 9.30 बजे कोतवाली थानाक्षेत्र की है। घटना का पता उस समय चला जब आरोपी घर से भाग रहा था तो छात्रा की मां वहां पहुंच गई। मां के पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बता दी। पहले परिवार बदनामी के डर से खामोश रहा, लेकिन शनिवार को परिवार ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भी नाबालिग है और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है। शहर के कोतवाली थानाक्षेत्र स्थित एक मोहल्ले में रहने वाली 14 वर्षीय नाबालिग पास ही एक कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा है। शुक्रवार सुबह छात्रा घर में अकेली थी। छात्रा के पिता व मां काम पर गए थे। बड़ी बहन कोचिंग गई थी। सुबह 9.30 बजे छात्रा घर में अकेली थी। इसका फायदा छात्रा के स्कूल में ही पढ़ने वाले छात्र ने उठाया और घर में घुस गया। स्कूल में साथ पढ़ने वाली दोस्त के साथ दुष्कर्म किया और जब नाबालिग ने शोर मचाया तो धमकी दी कि जान से मार देगा। इसी दौरान पीड़िता की मां वहां पहुंच गई। आरोपी ने पीड़िता की मां को धक्का दिया और मौके से भाग गया। पहले छात्रा और उसकी मां बदनामी के डर से चुप रहे, लेकिन बाद में लगा कि मामले की शिकायत करनी चाहिए। पीड़ित छात्रा की मां छात्रा को लेकर थाने पहुंची और आरोपी के खिलाफ शिकायत की। वहीं पुलिस ने छात्रा की शिकायत पर आरोपी छात्र के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने आरोपी को तलाश कर कुछ घंटों में हिरासत में ले लिया। आरोपी नाबालिग होने के कारण था उसे बाल सुधार गृह भेज दिया है। लगातार फॉलो कर रहा था आरोपी ऐसा पता लगा है कि पीड़ित छात्रा को उसके साथ पढ़ने वाला आरोपी सहपाठी लगातार फॉलो कर रहा था। जहां भी वह जाती थी वहां आरोपी पहुंच जाता था। जब घर में नाबालिग छात्रा अकेली थी तभी वह उसके घर पर आ धमका था। छात्रा के विरोध के बाद भी उसके साथ गंदी हरकत की है। आरोपी को पकड़ लिया गया है कोतवाली थाना प्रभारी मोहिनी वर्मा ने बताया कि एक स्कूल में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा से उसी के सहपाठी ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया है। घटना की शिकायत आने के साथ ही आरोपी को हिरासत में ले लिया है। वह भी नाबालिग बताया गया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
बिना दवा कोलेस्ट्रॉल कैसे कम करें? ये 5 फूड्स करेंगे नसों में जमा गंदे फैट को हटाने में मदद

Last Updated:March 28, 2026, 23:50 IST Tips To Reduce Cholesterol: यदि आपका एलडीएल कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, तो इसे कंट्रोल करने के लिए डाइट में सुधार जरूरी है. रोजाना मेथी,लहसुन, अलसी जैसे फूड्स का सेवन करें. साथ ही साइकिल चलाना, और स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करने से आप कोलेस्ट्रॉल की दवा खाने से बच सकते हैं. ख़बरें फटाफट आज की तेज-तर्रार जिंदगी में ज्यादातर लोग दिनभर एक ही जगह बैठकर काम करते हैं. इसके कारण शरीर की गतिविधि कम हो गई है और धीरे-धीरे कई स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ने लगी हैं. इनमें सबसे बड़ी चिंता बढ़ता कोलेस्ट्रॉल है. विशेषकर 30 साल की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॉल और लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से देखने को मिल रही हैं. डॉक्टर आमतौर पर दवाओं के जरिए इसे कंट्रोल करते हैं, जो खून को पतला करने में मदद करती हैं. लेकिन आयुर्वेद में भी कुछ सरल और प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं, जिनसे बिना ज्यादा दवा के कोलेस्ट्रॉल संतुलित किया जा सकता है. कोलेस्ट्रॉल के लक्षणबढ़ता हुआ कोलेस्ट्रॉल शरीर पर गंभीर असर डालता है. यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है. शुरुआती स्टेज में इसके लक्षण कम दिखाई देते हैं, लेकिन कुछ संकेत मिल सकते हैं, जैसे- पलकों या शरीर पर धब्बे- सीने में दर्द या भारीपन सांस लेने में तकलीफ जल्दी थकान पैरों में ऐंठन कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने का नेचुरल तरीका सुबह की शुरुआत मेथी और लहसुन से करेंरात को मेथी के दानों को पानी में भिगो दें और उसमें एक कली लहसुन डाल दें. सुबह इस पानी को छानकर पीने से शरीर में जमा कोलेस्ट्रॉल कम होने लगता है. साथ ही, कोलेस्ट्रॉल बनने की प्रक्रिया भी धीमी हो जाती है. अगर चाहें तो लहसुन को हल्का भूनकर भी खा सकते हैं. नाश्ते में ओट्स और अलसी का सेवनओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन और अलसी का ओमेगा-3 हार्ट के लिए बहुत फायदेमंद होता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को बाहर निकालने में मदद करता है और दिल पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है. दालों और राजमा को डाइट में शामिल करेंराजमा और दालों में फाइबर और प्लांट प्रोटीन होता है, जो कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण को रोकते हैं. इसके अलावा, यह दिल को मजबूत बनाते हैं और शरीर की कार्य क्षमता बढ़ाते हैं. रिफाइंड तेल से बचेंजितना हो सके खाने में रिफाइंड तेल का इस्तेमाल कम करें. यह कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है. इसके बजाय सरसों, तिल या जैतून का तेल इस्तेमाल करना फायदेमंद रहेगा. नियमित व्यायाम जरूरीसिर्फ आहार ही नहीं, रोजाना हल्का-फुल्का व्यायाम या योग भी कोलेस्ट्रॉल कम करने में मदद करता है. चलना, साइकिल चलाना, और स्ट्रेचिंग जैसी एक्टिविटी को दिनचर्या में शामिल करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 23:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
धुरंधर-2 में कौन-सा ‘स्लो पॉइजन’ यूज किया गया? स्किन से बॉडी में पहुंचने वाला ये जहर असली या महज कल्पना

Last Updated:March 28, 2026, 23:23 IST Slow Poison Used In Dhurandhar 2: बॉलीवुड की ब्लॉकबस्टर मूवी धुरंधर की पीक डिटेलिंग की खूब चर्चा हो रही है. यहां तक की इसमें इस्तेमाल किया गया स्लो पॉइजन भी असली है. इस जहर का नाम डाइमिथाइल मरक्यूरी है जिसकी एक बूंद भी स्किन पर डायरेक्ट लग जाए तो जिंदगी खतरे में आ जाती है. ख़बरें फटाफट धुरंधर द रिवेंज में एक ऐसा सीन दिखाया गया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार हमजा अली मजारी, बड़े साहब को खत्म करने के लिए डाइमिथाइल मरक्यूरी का इस्तेमाल करने की कोशिश करता है.लेकिन वह सफल नहीं हो पाता. कहानी में बाद में पता चलता है कि जमील जमाली का किरदार निभा राकेश बेदी ने पहले ही यह काम कर दिया था. इसका ही नतीजा था कि बड़े साहब कई सालों से बीमार चल रहे थे और अपने बिस्तर तक से उठ तक नहीं सकते थे. अब हम आपको यहां पूरी कहानी बताकर स्पॉइलर नहीं देंगे, लेकिन यदि आप सोशल मीडिया पर इसमें इस्तेमाल किए गए स्लो पॉइजन डाइमिथाइल मरक्यूरी के असली होने के सवालों से जुड़े पोस्ट बार-बार देख रहे हैं, तो ये लेख आपके लिए है. डाइमिथाइल मरक्यूरी नाम का कोई जहर है? फिल्मों में काल्पनिक चीजों को दिखाया जाना नॉर्मल है. लेकिन जब बात धुरंधर जैसी मूवी की ही जिसकी पीक डिटेलिंग रोज जमाने को चौंका रही है, तो सवाल उठाने से पहले रिसर्च कर लेना जरूरी है. डाइमिथाइल मरक्यूरी नाम का जहर वास्तव में है. ये महज डायरेक्टर आदित्य धर की कल्पना नहीं है. इस जहर का इस्तेमाल मुख्य रूप से रिसर्च में कामों किया जाता है. डाइमिथाइल मरक्यूरी क्या है? अमेरिकन केमिकल सोसायटी के मुताबिक, डाइमिथाइल मरक्यूरी इंसान का खोजा गया सबसे खतरनाक रसायन है. डाइमिथाइलमर्करी एक तरह न्यूरोटॉक्सिन है जो निगलने, सांस के साथ अंदर लेने या त्वचा द्वारा अवशोषित होने पर जानलेवा हो सकता है.इसके बारे में सबसे पहले 1858 में पता चला था. पर्यावरण में इसकी मौजूदगी का पता 1969 में चला, जब स्वीडन के वैज्ञानिकों ने बताया कि ये केमकल और इसका एक दूसरा रूप मिथाइलमरकरी गंदे पानी, खासकर मरकरी से प्रदूषित झीलों और सड़ी हुई मछलियों में बनता है. क्या एक बूंद से हो सकती है मौत? इस रिपोर्ट के अनुसार, डाइमिथाइलमर्करी, ऑर्गेनिक मर्करी यौगिकों के एक वर्ग से संबंधित है जिसे ‘एल्काइल मर्करी’ के नाम से जाना जाता है. इसका उपयोग मुख्य रूप से रिसर्च कार्यों में किया जाता है. इसका को रंग नहीं होता है, गंध में हल्का मीठा होता है. सबसे खासबात है कि ये डाइमिथाइलमर्करी त्वचा द्वारा आसानी से अवशोषित हो जाता है.इसकी 0.1 mL से भी कम मात्रा का अवशोषण ही शरीर में जानलेवा जहर बनाने के लिए काफी होता है. हालांकि ये काम करना तुरंत शुरू कर देता है, लेकिन इसके लक्षण बहुत मामूली तौर पर शुरू होते हैं. शुरुआत में ऐसा लगता है जैसे व्यक्ति को फूड प्वॉइजनिंग ही हुआ है, लेकिन ये मौत की शुरुआत होती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 23:23 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
चिनार ड्रीम सिटी में लिफ्ट गिरने का मामला:उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने की FIR दर्ज

भोपाल के मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित चिनार ड्रीम सिटी में 28 फरवरी को लिफ्ट गिरने से एक रहवासी गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद उप समिति अध्यक्ष सहित दो सदस्यों पर लापरवाही बरतने का मामला दर्ज किया है। अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी पुलिस के मुताबिक आई-605, चिनार ड्रीम सिटी मिसरोद निवासी अनुज पथरौल (24) प्राइवेट लिमिटेड कंपनी मंडीदीप में मार्केटिंग का काम करते हैं। बीते माह 28 फरवरी को वह अपने फ्लैट से अपने साथी प्रदीप यादव के साथ मंडीदीप फैक्ट्री में जाने के लिए निकले थे। सुबह 9.40 बजे पर अनुज पथरौल ने आई ब्लॉक की लिफ्ट का बटन दबाया। दरवाजा खुल गया और वह दोस्त प्रदीप के साथ लिफ्ट में चले गए। तभी अचानक लिफ्ट छठे फ्लोर से सीधे नीचे जाने लगी। अनुज ने इमरजेंसी बटन भी दबाया। लेकिन इसके बावजूद लिफ्ट नहीं रुकी और सीधे नीचे आकर गिर गई। इस हादसे में उनके दाहिने पैर की एंकल बोन फ्रेक्चर हो गया, जबकि साथी को मामूली चोट आई है। तीन लोगों की लापरवाही आई सामने प्राथमिक इलाज निजी अस्पताल में कराने के बाद वह अपने घर विदिशा चले गए। लिफ्ट गिरने के मामले में उप समिति अध्यक्ष जयपाल शर्मा और लिफ्ट रिपेयर नीरज पवार सहित मेंटेनेंस प्रभारी प्रकाश विश्वकर्मा की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मिसरोद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ लापरवाही बरतने की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
टीएमसी के खिलाफ बीजेपी की ‘चार्जशीट’ में घुसपैठ का आरोप बंगाल चुनाव से पहले ‘पहलगाम के बारे में क्या’ काउंटर खींचता है | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 28, 2026, 22:17 IST अमित शाह ने घुसपैठियों को लेकर ममता बनर्जी और टीएमसी पर हमला बोला, पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को मतदान के दौरान टीएमसी नेता ब्रत्य बसु और महुआ मोइत्रा ने पलटवार किया। बंगाल चुनाव से पहले कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने टीएमसी पर हमला बोला पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में एक महीने से भी कम समय रह गया है और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आमने-सामने होने के कारण पूरे राज्य में प्रचार अभियान तेज हो गया है। नवीनतम हाई-वोल्टेज राजनीतिक आदान-प्रदान में, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को एक “चार्जशीट” जारी करके टीएमसी पर निशाना साधा, जिसमें कथित तौर पर देश में घुसपैठियों को अनुमति देने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की गई। शाह ने कोलकाता में कहा, “ममता दीदी ने हमेशा विक्टिम कार्ड की राजनीति की है। कभी वह अपनी चोट की बात करती हैं, कभी चुनाव आयोग को गाली देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की विक्टिम कार्ड पॉलिटिक्स को अच्छी तरह से समझ गए हैं।” उन्होंने बनर्जी के राजनीतिक दृष्टिकोण की भी आलोचना करते हुए कहा, “ममता दीदी ने हमेशा पीड़ित कार्ड की राजनीति की है। कभी वह अपनी चोट के बारे में बात करती हैं, कभी चुनाव आयोग को गाली देती हैं। लेकिन बंगाल के लोग अब ममता दीदी की पीड़ित कार्ड की राजनीति को अच्छी तरह से समझते हैं।” गृह मंत्री ने आगे दावा किया कि राज्य सरकार ने सीमा पर बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में सहयोग नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया, “राज्य सरकार को समझाने के कई प्रयासों के बावजूद, टीएमसी सरकार ने सीमावर्ती क्षेत्रों में बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि टीएमसी घुसपैठियों का वोट बैंक बनाना चाहती है।” मतदाता पात्रता का मुद्दा उठाते हुए शाह ने कहा, “मैं बंगाल के लोगों से पूछना चाहता हूं- जिन घुसपैठियों को यहां रहने दिया गया है, क्या उन्हें वोट देने का अधिकार दिया जाना चाहिए? मैं भाजपा की ओर से स्पष्ट करना चाहता हूं कि हम न केवल घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाएंगे, बल्कि हम देश से प्रत्येक अवैध अप्रवासी को बाहर निकालेंगे।” उनकी टिप्पणी के तुरंत बाद, वरिष्ठ टीएमसी नेताओं ने पलटवार करते हुए भाजपा पर चुनाव से पहले मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। ब्रत्य बसु, कीर्ति आज़ाद और महुआ मोइत्रा सहित नेताओं ने आरोपों को खारिज करते हुए एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। मोइत्रा ने आंतरिक सुरक्षा पर केंद्र के रिकॉर्ड पर सवाल उठाते हुए कहा, “शाह को पहले मणिपुर में हिंसा के बारे में जवाब देना चाहिए, जहां पिछले तीन वर्षों से लगातार खून बह रहा है।” बसु ने केंद्र और कई सीमावर्ती राज्यों में भाजपा की भूमिका की ओर इशारा करते हुए घुसपैठ पर शाह के दावों को भी चुनौती दी। “भाजपा केंद्र में शासन करती है। वह 15 राज्यों और अधिकांश सीमावर्ती राज्यों पर शासन करती है, जहां से घुसपैठ हो रही है। अमित शाह खुद केंद्रीय गृह मंत्री हैं। तो वह वास्तव में किसका इंतजार कर रहे हैं?” उसने कहा। उन्होंने आगे चुनाव आयोग की आलोचना करते हुए पूछा कि “भाजपा नियंत्रित” निकाय ने कथित तौर पर मतदाता सूचियों में मौजूद विदेशी नागरिकों का विवरण जारी क्यों नहीं किया। टीएमसी नेताओं ने बीजेपी पर विभाजन पैदा करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. बसु ने दावा किया कि पार्टी बंगालियों और बांग्लादेशियों के बीच “रेखा को धुंधला” करने की कोशिश कर रही है, जबकि मोइत्रा ने भाजपा शासन के तहत कानून और व्यवस्था के बारे में सवाल उठाए। “मणिपुर ने तीन साल तक खून बहाया है। बीजेपी की निगरानी में संसद पर हमला किया गया। पहलगाम में 26 लोग मारे गए। क्या एक भी व्यक्ति पकड़ा गया?” मोइत्रा ने कहा. पिछली घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने लाल किला विस्फोट और अन्य हमलों का जिक्र करते हुए कहा, “गृह मंत्री दिल्ली को नियंत्रित करते हैं। ये उनके रिकॉर्ड हैं।” पश्चिम बंगाल में दो चरणों में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को मतदान होगा, जिसकी गिनती 4 मई को होगी। पहले प्रकाशित: मार्च 28, 2026, 22:17 IST समाचार राजनीति टीएमसी के खिलाफ बीजेपी की ‘चार्जशीट’ घुसपैठ का आरोप बंगाल चुनाव से पहले ‘पहलगाम के बारे में क्या’ काउंटर खींचता है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)अमित शाह टीएमसी आरोप पत्र(टी)ममता बनर्जी पीड़ित कार्ड राजनीति(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी पश्चिम बंगाल(टी)अवैध अप्रवासी और मतदाता सूची(टी)पश्चिम बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण(टी)सीमा घुसपैठ मुद्दा भारत
‘अगर बंगाल में बीजेपी की सरकार आई तो बुलडोजर…’, रैली में बोलीं ममता बनर्जी, बीजेपी को भी दी चेतावनी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक समर्थकों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का आरोप लगातार जारी है। इसी क्रम में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी एक रैली को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर जोरदार पकड़ बनाई है. उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा सत्ता में है तो उन्हें बुलडोजर के पदाधिकारियों को बाहर निकाल दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (28 मार्च, 2026) को राज्य के पश्चिम बर्धमान जिले के रानीगंज में एक मौलाना रैली को पेश किया। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल को स्थिर करने की कोशिश में भाजपा पूरे देश में अपनी सत्ता खो देगी। बनर्जी ने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में वह लगातार चौथी बार चुनाव लड़ेंगी और दिल्ली विजय के बाद सभी राजनीतिक दलों को एकजुट करेंगी। ममता बनर्जी ने भाजपा पर सीमा लांघने का आवंटन आरोप लगाया न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, लेकिन ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एस दारोमदार के दौरान वोटरों के नाम हटाने के लिए चुनाव आयोग पर बीजेपी के गठन पर काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक लक्ष्मण रेखा जरूर होनी चाहिए, बीजेपी सभी की एकजुटता जारी है। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा, ‘सर आपकी मौत की घंटी साबित होगी. जबकि मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में रामनवमी के दौरान हुए पत्रकारों का ज़िक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की. मैं मुख्यमंत्री हूं, लेकिन वे सारी शक्तियां छीन ली हैं। भाजपा लूटती है और झूठ बोलती हैः ममता बनर्जी पीटीआई के मुताबिक, बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने अवैध कोयला खदानों से पैसे निकाले हैं और फिर वैष्णव कांग्रेस पर चोर होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि भाजपा लूटती है और झूठ बोलती है। उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी के शासनकाल में राज्य में कई विकास कंपनियों की शुरुआत हुई है, जिनमें स्टील और बिजली संयंत्रों के आधुनिकीकरण की पहल और ग्रीनफील्ड कंपनियों की स्थापना शामिल है। उन्होंने दावा किया कि हमारी सरकार ने राज्य में बेरोजगारी को 40 प्रतिशत तक कम कर दिया है और पूरे राज्य में रोजगार के दो करोड़ नए अवसर पैदा हुए हैं। यह भी पढ़ेंः ईरान अमेरिकी युद्ध: ‘अमेरिका का एक और F-16 लड़ाकू जेट मार गिराने वाला’, ईरान के बीच जंग का बड़ा दावा यह भी पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बुलडोजर एक्शन(टी)टीएमसी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह(टी)पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बुलडोजर एक्शन(टी)तृणमूली कांग्रेस(टी)टीएमसी
बिना तेल वाली रेसिपी: गर्मियों में फिट रहने का ये है सुपर-सीक्रेट, बिना तेल वाली ये 5 रेसिपीज जरूर आजमाएं

28 मार्च 2026 को 22:08 IST पर अपडेट किया गया बिना तेल के व्यंजन: गर्मियों में अगर गर्मी से बचना है, तो उनके लिए बिना तेल वाली चीजें खाना काफी चमत्कारी होता है। यहां हम 5 ऐसी ही बिना तेल वाली चीजें लेकर आए हैं, जिनमें आप शामिल हो सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)भारत के ग्रीष्मकालीन व्यंजन(टी)तेल मुक्त व्यंजन(टी)गर्मियों में स्वस्थ आहार(टी)भारत को ठंडा करने वाले खाद्य पदार्थ(टी)हाइड्रेटिंग खाद्य पदार्थ(टी)बिना तेल वाले व्यंजन(टी)आसान स्वस्थ व्यंजन(टी)भारतीय ग्रीष्मकालीन पेय(टी)फल सलाद रेसिपी(टी)अंकुरित सलाद स्वस्थ
पानी में उबालकर पिएं ये हरे बीज, कब्ज-गैस से मिलेगी राहत, शरीर की गर्मी रहेगी दूर

Last Updated:March 28, 2026, 21:08 IST Fennel Drink Health Benefits: सौंफ का पानी गर्मी के मौसम शरीर के लिए बहुत फायदेमंद साबित होता है. रोजाना सेवन से बॉडी में ठंडक बनी रहती है. साथ ही गर्मी के कारण होने वाली डाइजेशन प्रॉब्लम जैसे गैस, कब्ज, ब्लॉटिंग में भी मददगार साबित होता है. इन बीजों को आप सीधे खा भी सकते हैं और इसका पानी तैयार करके भी पी सकते हैं, ख़बरें फटाफट गर्मियों के आते ही पेट में गर्मी, गैस, सूजन और अपच जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. लेकिन इससे राहत के लिए हर बार दवा लेने की जरूरत नहीं होती, क्योंकि रसोई में मौजूद सौंफ एक आसान और असरदार घरेलू उपाय है. आयुर्वेद के अनुसार, सौंफ शरीर के पित्त दोष को संतुलित करने में मदद करती है. रोजाना एक चम्मच सौंफ खाने से पेट ठंडा रहता है और कई परेशानियों से राहत मिलती है. खाना खाने के बाद सौंफ चबाने या सौंफ का पानी पीने से गैस और सूजन कम होती है. यह पाचन को बेहतर बनाती है और अपच की समस्या दूर करती है. खासकर गर्मियों में जब भारी खाना खाने से पेट भारी लगता है, तब सौंफ बहुत फायदेमंद होती है. सौंफ का पानी के फायदे सौंफ की चाय भी काफी लाभदायक है. यह ऑफिस की थकान दूर करती है और पीरियड्स के दौरान पेट दर्द और सूजन में आराम देती है. इसका स्वाद हल्का मीठा होता है, जिससे इसे पीना आसान और अच्छा लगता है. सौंफ में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और दर्द कम करने वाले गुण होते हैं. यह पेट दर्द, कब्ज, गैस और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देती है. साथ ही पाचन तंत्र को मजबूत बनाकर आंतों को सही तरीके से काम करने में मदद करती है. लंबे समय से पेट की समस्या वाले लोगों के लिए भी यह उपयोगी है. कैसे तैयार करें सौंफ का पानी सौंफ की चाय बनाना बहुत आसान है. एक चम्मच सौंफ को एक कप पानी में 5 से 10 मिनट तक उबालें, फिर छानकर पी लें. स्वाद के लिए इसमें थोड़ा शहद भी मिला सकते हैं. इसे खाना खाने के बाद पीना ज्यादा फायदेमंद होता है. इसके अलावा सौंफ को मिश्री के साथ चबाना या सौंफ का शरबत पीना भी शरीर को ठंडक देता है. इस बात का ध्यान रखेंअगर आप रोज एक चम्मच सौंफ खाने की आदत डालते हैं, तो गर्मियों में पेट की गर्मी और पाचन की समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं. बस ध्यान रखें कि इसका सेवन ज्यादा मात्रा में न करें और गर्भवती महिलाएं डॉक्टर की सलाह से ही इसका उपयोग करें. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 28, 2026, 21:08 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
गोरखपुर में पवन सिंह ने 'टच बडी' गाना किया लॉन्च:कहा- खुद को पूरी तरह झोंक दिया, फैंस में जबरदस्त उत्साह; काजल राघवानी के साथ डांस किया

गोरखपुर में भोजपुरी इंडस्ट्री के पावर स्टार पवन सिंह का ने अपना नया गाना “टच बडी” लॉन्च कर दिया गया। यह गाना फिल्म डकैत एक प्रेम कथा’ का हिस्सा है। हजारों की संख्या में फैंस मौजूद है। वहीं भोजपुरी अभिनेत्री काजल राघवानी और फिल्म अभिनेता अदिवि शेष भी मौजूद है। स्टेज पर पवन सिंह ने काजल राघवानी का हाथ पकड़ कर लोगों का अभिवादन किया। इस दौरान पवन ने काजल रघवानी के साथ डांस भी किया। अपना नया गाना भी गाया। इससे पहले पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने कहा- टचबडी गाना मेरे लिए एक सामान्य गाना नहीं है, बल्कि यह मेरे करियर का एक अलग अनुभव है। इस बार मैंने खुद को पूरी तरह इस गाने में झोंक दिया है। इसमें जो ऊर्जा, जो पावर और जो अंदाज है, वह दर्शकों को सीधे महसूस होगा। साउथ लुक में भोजपुरी बोलते दिखे पवन सिंह फिल्म ‘डकैत’ का ‘टच बडी’ गाना यूं तो अदिवी शेष और जोनिटा पर फिल्माया गया है। अदिवी ने अपने डांस मूव्स से चार चांद लगा दिए हैं। मगर, इस गाने में पवन सिंह की झलक भी है और यह उनके फैंस के लिए स्पेशल ट्रीट है। गाने में पवन सिंह साउथ की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए हैं। मगर, गाने में वे भोजपुरी बोलते दिखे हैं।
कांग्रेस बोली-गोवा सेक्स स्कैंडल में 100 से ज्यादा नाबालिग पीड़ित:प्रदेश अध्यक्ष ने कहा- भाजपा पार्षद का बेटा 3 साल से इस नेटवर्क में शामिल

गोवा में नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार भाजपा पार्षद के बेटे को लेकर कांग्रेस ने नए दावे किए हैं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अमित पाटकर ने आरोप लगाया कि इस सेक्स स्कैंडल में 100 से ज्यादा नाबालिग लड़िकयां पीड़ित हैं। साउथ गोवा के कर्चोरेम म्युनिसिपल काउंसिल के सदस्य सुशांत नाइक के 20 साल के बेटे सोहम पर नाबालिग लड़कियों से दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और उन्हें फैलाने का आरोप है। पुलिस ने अब तक सोहम के खिलाफ तीन शिकायतों की पुष्टि की है। सोहम के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, गोवा चिल्ड्रन एक्ट, भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत चार मामले दर्ज किए गए हैं। कांग्रेस का आरोप- पुलिस ने शुरू में केस दर्ज नहीं किए गोवा प्रदेश महिला कांग्रेस के प्रोटेस्ट मार्च के दौरान अमित पाटकर ने कहा कि यह मामला जितना सामने आया है, उससे कहीं बड़ा हो सकता है। उनका दावा है कि आरोपी पिछले तीन सालों से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था और पीड़ित कर्चोरेम, मडगांव, वास्को और पोंडा जैसे इलाकों से हैं। पाटकर ने पुलिस पर शुरुआती स्तर पर केस दर्ज करने में हिचकिचाहट के आरोप भी लगाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों को तत्काल काउंसलिंग की जरूरत है ताकि वे किसी मानसिक दबाव में गलत कदम न उठाएं। भाजपा बोली- सुशांत का पार्टी से कोई संबंध नहीं बीजेपी नेता सिद्धार्थ गौंस देसाई ने कहा कि आरोपी के पिता सुशांत नाइक का पार्टी से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नाइक एक स्वतंत्र राजनेता हैं और म्युनिसिपल चुनाव पार्टी चिन्ह पर नहीं लड़े जाते। देसाई ने यह भी कहा कि उन्होंने इस मामले में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया था, जिसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी हुई। पुलिस बोली- सिर्फ 3 शिकायतें मिलीं मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी के अनुसार, अब तक केवल तीन लड़कियां शिकायत लेकर सामने आई हैं। पुलिस का कहना है कि अन्य संभावित पीड़ितों को सामने आने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी। —————————————– ये खबर भी पढ़ें… रेप आरोपी बाबा के खिलाफ 100 शिकायतें मिलीं, ज्यादातर महिलाएं, अब तक 10 FIR दर्ज महाराष्ट्र के नासिक में गिरफ्तार स्वयंभू ‘बाबा’ अशोक खरात के खिलाफ दो और मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने शनिवार को बताया कि जांच कर रही SIT को पिछले पांच दिनों में फोन पर 100 से ज्यादा शिकायतें मिली हैं। SIT ने लोगों से जानकारी लेने के लिए दो फोन नंबर जारी किए हैं। पूरी खबर पढ़ें…






