Wednesday, 14 Oct 2026 | 12:34 AM

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पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:CM बोले- अमित शाह का नाम लेकर आदमी मरा; हिडन कैमरे से न्यूड VIDEO बनाया; चलती कार में हार्टअटैक; 1 अप्रैल से शराब महंगी

पंजाब-चंडीगढ़ दिनभर,10 बड़ी खबरें:CM बोले- अमित शाह का नाम लेकर आदमी मरा; हिडन कैमरे से न्यूड VIDEO बनाया; चलती कार में हार्टअटैक; 1 अप्रैल से शराब महंगी

नमस्कार, पंजाब की आज की सबसे बड़ी खबर DM गगनदीप रंधावा के सुसाइड केस से जुड़ी रही। जिसमें एक तरफ रंधावा का पोस्टमॉर्टम हुआ। दूसरी तरफ पूर्व AAP मंत्री की कोर्ट में पेशी हुई। CM भगवंत मान ने CBI जांच कराने से इनकार कर दिया। इसके अलावा सरकार ने भुल्लर के ट्रांसपोर्ट और जेल विभाग का भी दूसरे मंत्रियों में बंटवारा कर दिया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. CM मान बोले- शाह का नाम लेकर आदमी मरा, तब किसने रिजाइन किया पंजाब के अमृतसर में वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड केस की जांच CBI को देने की बात पर CM भगवंत मान भड़क गए। चंडीगढ़ में आज प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि अमित शाह और राजा वड़िंग पर भी आरोप लगाकर लोग मर गए। तब किसने रिजाइन किया और कौन गिरफ्तार हुआ? CBI जांच से इनकार करते हुए CM ने कहा कि मिनिस्टर का रिजाइन हो गया। उसे अरेस्ट कर लिया। चीफ सेक्रेटरी को जांच के आदेश दिए हैं। नियमों के मुबाबिक कार्रवाई होगी। हमारे लिए मंत्री-संतरी एक समान हैं। अगर में बराबर के एग्जाम्पल दूं तो हरियाणा का एडीजीपी (वाई पूरन कुमार) चंडीगढ़ में मरा था, उसकी जांच कौन सी सीबीआई को दी गई थी? उसमें सिर्फ डीजीपी की बदली कर निपटा दिया था। पटियाला में एक आदमी प्रेस के सामने पुल के नीचे बस स्टैंड के पास आग लगाकर मर गया। उसने कैप्टन अमरिंदर और भरतइंदर सिंह चहल का नाम लिया था। उसकी किस सीबीआई से जांच कराई और किसने इस्तीफा दिया था?। राजा वड़िंग का नाम लेकर एक फैमिली ने छलांग लगा दी थी। मां मर गई, बाप-बेटी बच गए। उस पर कौन सी सीबीआई जांच हुई, कौन सा इस्तीफा हुआ? एक आदमी सुनील कुमार अमित शाह का नाम लेकर मर गया था। उसमें शाह ने कब इस्तीफा दिया और कब जांच हुई? (पढ़ें पूरी खबर) 2. भुल्लर का चौथे दिन पोस्टमॉर्टम-अंतिम संस्कार AAP सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर पर आरोप लगा सुसाइड करने वाले वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप रंधावा का मंगलवार को पोस्टमॉर्टम हुआ। एक्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट की निगरानी में डॉक्टरों की टीम ने साढ़े 4 घंटे तक पोस्टमॉर्टम किया। पोस्टमॉर्टम की पूरी वीडियोग्राफी हुई। हालांकि ये सामने नहीं आया कि उनके शरीर पर कोई चोट थी या नहीं, जैसे उनके परिवार ने आरोप लगाया था कि रंधावा के सिर पर पिस्टल के बट और कड़े से हमला किया गया था। इसके बाद रंधावा का चौथे दिन दुर्ग्याणा मंदिर के नजदीक स्थित श्मशानघाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान गमगीन माहौल में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। परिवार ने उन्हें लाल पगड़ी पहनाई। इस दौरान पत्नी एकटक निहारती रही। वहीं पूर्व मंत्री भुल्लर को अमृतसर पुलिस ने कोर्ट में पेश कर दिया है। इस दौरान भुल्लर के समर्थकों ने कोर्ट में हंगामा भी किया। (पढ़ें पूरी खबर) 3. भुल्लर के विभाग चीमा और रवजोत को मिले लालजीत भुल्लर के इस्तीफे के बाद AAP सरकार ने मंत्रियों के विभागों में फेरबदल कर दिया है। लालजीत भुल्लर के पास ट्रांसपोर्ट और जेल विभाग था। मंगलवार को हुए फेरबदल में भुल्लर का ट्रांसपोर्ट मंत्रालय वित्त मंत्री हरपाल चीमा को दे दिया गया है। भुल्लर के साथ चीमा ही इकलौते ऐसे मंत्री रहे, जिनके प्रमुख विभाग 4 साल में कभी नहीं बदले गए। अब ट्रांसपोर्ट विभाग के लिए भी चीमा पर ही भरोसा जताया गया है। इसके अलावा भुल्लर के पास जेल विभाग भी था। इसे अब मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को दे दिया गया है। रवजोत सिंह पहले से NRI मामलों के मंत्री हैं। इससे पहले उनके पास निकाय विभाग भी था लेकिन बाद में उसे नए बनाए मंत्री संजीव अरोड़ा को दे दिया गया था। पंजाब में भगवंत मान सरकार (AAP) 16 मार्च 2022 को बनी। मंत्रियों के पदभार (पोर्टफोलियो) में अब तक (मार्च 2026 तक) कुल 9 बार बदलाव हुए हैं। इसमें कैबिनेट विस्तार, मंत्रियों का ड्रॉप/इस्तीफा, नए मंत्रियों का शामिल होना और विभागों का दोबारा बंटवारा शामिल है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. दंपती ने ठेकेदार हनीट्रैप में फंसाया, बैग में हिडन कैमरा लगा न्यूड VIDEO बनाया फतेहगढ़ साहिब में ब्यूटीपार्लर चलाने वाली 28 साल की ब्यूटीशियन हनीट्रैप की मास्टरमाइंड निकली। उसने 6 महीने पहले लव मैरिज की। इसके बाद हरियाणा के एक ठेकेदार को हनीट्रैप में फंसा लिया। उसने ठेकेदार को मोरनी हिल्स के होटल में रात बिताने के लिए बुलाया। वह वहां हैंडबैग में हिडन कैमरा फिट करके पहुंची। उसने इससे बेड पर ठेकेदार की न्यूड वीडियो शूट कर ली। हालांकि ठेकेदार को शक हो गया। उसने पर्स चेक किया और कैमरा तोड़ दिया लेकिन तब तक उसका पति घर में बैठकर वीडियो रिकॉर्ड कर चुका था। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार से 50 लाख रुपए की डिमांड शुरू कर दी। पुलिस ने दंपती और उनके साथी को पकड़ा तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसमें पता चला कि ठेकेदार को डिमांड पूरी करने के लिए फोन कॉल्स और मैसेज आने लगे। इससे ठेकेदार परेशान हो गया। लगातार मिलती धमकियों के चलते वह कपल को 25 लाख रुपए देने को तैयार हो गया। मगर, आरोपी 35 लाख से कम में राजी नहीं हुए। जिसके बाद पुलिस ने ट्रैप लगाकर इन्हें पकड़ा। उनसे हिडन कैमरा, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एक कार भी बरामद की गई है। 5. 1 अप्रैल से पानी-शराब, कम्युनिटी सेंटर महंगे होंगे चंडीगढ़ में 1 अप्रैल से लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ पड़ने वाला है। पानी से लेकर कूड़ा उठाने तक के चार्ज बढ़ाए जा रहे हैं। वाटर टैरिफ में 5% बढोतरी होगी। सीवरेज का सेस भी बढेगा। इसके अलावा कम्युनिटी सेंटरों की बुकिंग भी महंगी होगी। इसमें कैटेगरी के हिसाब से कम्युनिटी सेंटर की बुकिंग रेट बढ़ने हैं। पांच से दस प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि बुकिंग में हो जाएगी। 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति भी लागू हो जाएगी। इसके बाद शराब के रेट भी नई नीति के हिसाब से ही लागू होने हैं। हालांकि शराब के रेट में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। केवल 2 प्रतिशत

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में कांग्रेस की बैठक में हंगामा:भोजन को लेकर धक्का-मुक्की, प्रदेश प्रभारी चौधरी ने निष्क्रिय कार्यकर्ताओं को बताया BJP का एजेंट बताया

इंदौर में मंगलवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के दौरे के दौरान पार्टी की रणनीति को लेकर मंथन हुआ। कांग्रेस कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में मालवा-निमाड़ क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने की दिशा में चर्चा की गई। इस बैठक में शहर कार्यकारिणी, विभिन्न मोर्चा संगठनों के अध्यक्ष और पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद कार्यालय में भोजन को लेकर कार्यकर्ताओं के बीच धक्का मुक्की की स्थिति बन गई। मालवा-निमाड़ पर फोकस, इंदौर बनेगा केंद्र कांग्रेस अब मालवा-निमाड़ में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए इंदौर को केंद्र बनाकर रणनीति तैयार कर रही है। बैठक में शहर की 9 विधानसभा सीटों के साथ पूरे क्षेत्र में संगठन को सक्रिय करने पर जोर दिया गया। पार्टी बूथ स्तर से अभियान शुरू करने की तैयारी में है, ताकि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा सके। हरीश चौधरी की सख्त चेतावनी बैठक के दौरान प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने साफ कहा कि जो नेता और कार्यकर्ता जनता के बीच नहीं जा रहे, वे पार्टी के नहीं बल्कि बीजेपी के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सक्रिय होकर मैदान में उतरने की नसीहत दी। बैठक के बाद अव्यवस्था, धक्का-मुक्की बैठक खत्म होने के बाद कांग्रेस कार्यालय में अव्यवस्था भी देखने को मिली। भोजन वितरण के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई, जिससे संगठनात्मक अनुशासन पर सवाल उठने लगे।

गुजरात विधानसभा में UCC बिल पेश:सभी पर समान नियम लागू होंगे, गृह मंत्री संघवी बोले- राज्य के लिए स्वर्णिम दिन

गुजरात विधानसभा में UCC बिल पेश:सभी पर समान नियम लागू होंगे, गृह मंत्री संघवी बोले- राज्य के लिए स्वर्णिम दिन

गुजरात विधानसभा में मंगलवार को यूसीसी विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक में वसीयत न होने की स्थिति में माता-पिता, बच्चों और पति/पत्नी को संपत्ति में बराबर हिस्सा देने का प्रावधान है। आज का दिन स्वर्णिम रहेगा: हर्ष संघवी गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि आज का दिन गुजरात के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया, जो राज्य के लिए स्वर्णिम दिन है। देश को आजादी मिलने के बाद भी समाज और धर्म के आधार पर व्यक्तिगत कानून अलग-अलग रहे, जिसके कारण बहनों और बेटियों को सबसे ज्यादा कष्ट सहना पड़ा। सभी पर समान नियम लागू होंगे: हर्ष संघवी अब विवाह, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में सभी पर समान नियम लागू होंगे। उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रही थीं और आज वे मुख्यमंत्री को बधाई दे रही हैं। यूसीसी एक ऐसा कानून है, जो किसी एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए समान न्याय प्रदान करता है। विवाह पंजीकरण न कराने वालों पर 10-25 हजार रुपए का जुर्माना यूसीसी के मसौदे में व्यक्तिगत कानूनों को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई प्रणाली के तहत, राज्य में प्रत्येक विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा। हालांकि, पंजीकरण न कराने पर भी विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा, लेकिन पंजीकरण न कराने वालों को 10-25 हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यूसीसी के लागू होने से पहले हुए विवाहों के लिए एक विशिष्ट पंजीकरण प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। सामान्य कानून के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु वसीयत न करने के कारण हो जाती है, तो संपत्ति माता-पिता (एक हिस्सा), पति/पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी। यदि उत्तराधिकार में कोई वसीयत नहीं है, तो माता-पिता, बच्चे और पति/पत्नी सभी को संपत्ति में बराबर हिस्सा मिलेगा। उत्तराखंड और गुजरात की समान नागरिक संहिता में कई समानताएं हैं… समान संपत्ति अधिकार उत्तराखंड: संपत्ति में पुत्र और पुत्री दोनों को समान अधिकार प्राप्त होंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस वर्ग से संबंधित हैं। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर, समान नागरिक संहिता के तहत उसकी संपत्ति को पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, मृतक के माता-पिता को भी संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त होंगे। पूर्व कानून में यह अधिकार केवल मृतक की माता को ही प्राप्त था। गुजरात: वसीयत न करने की स्थिति में, संपत्ति माता-पिता (एक हिस्सा), पति/पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी। लिव-इन रिलेशनशिप उत्तराखंड: पंजीकरण अनिवार्य है। उत्तराखंड में रहने वाले लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दंपत्तियों को पंजीकरण कराना होगा। हालांकि यह स्व-घोषणा के समान होगा, अनुसूचित जनजातियों के लोगों को इस नियम से छूट दी जाएगी। बच्चे की जिम्मेदारी: यदि बच्चा लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी लिव-इन कपल की होगी। दोनों को बच्चे को अपना नाम देना होगा। इससे राज्य में प्रत्येक बच्चे को पहचान मिलेगी। गुजरात: लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। यदि आयु 21 वर्ष से कम है, तो अभिभावक को सूचित करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन घोषणा के 30 दिनों के भीतर करवाना होगा और रजिस्ट्रार द्वारा रजिस्ट्रेशन करके प्रमाण पत्र जारी करना होगा, अन्यथा रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के 1 महीने से अधिक समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे 3 महीने की कैद या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बच्चे की जिम्मेदारी: लिव-इन रिलेशनशिप में जन्मे बच्चे वैध माने जाएंगे। यदि महिला को छोड़ दिया जाता है, तो वह भरण-पोषण की हकदार है। तलाक उत्तराखंड: तलाक केवल आपसी सहमति के आधार पर ही दिया जाएगा। पति-पत्नी को तलाक तभी दिया जाएगा जब दोनों के पास एक समान कारण और तर्क हों। यदि केवल एक पक्ष कारण बताता है, तो तलाक नहीं दिया जाएगा। गुजरात: प्रथागत या व्यक्तिगत कानून के तहत तलाक मान्य नहीं होगा। क्रूरता, धर्म परिवर्तन, असाध्य मानसिक बीमारी या सात साल तक लापता रहने जैसे आधारों पर तलाक मांगा जा सकता है। यदि पति-पत्नी एक वर्ष या उससे अधिक समय से अलग रह रहे हैं, तो वे आपसी सहमति से भी तलाक ले सकते हैं। अदालत द्वारा तलाक का आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के पास तलाक के आदेश को पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा। समान नागरिक संहिता का मुद्दा सर्वप्रथम कब उठा? सन् 1835 में, ब्रिटिश सरकार ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आपराधिक साक्ष्य और अनुबंधों के संबंध में देश भर में एक समान कानून बनाने का आह्वान किया गया था। इसे सन् 1840 में लागू भी किया गया, लेकिन धर्म के आधार पर हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को अलग रखा गया। यहीं से समान नागरिक संहिता की मांग शुरू हुई। 1941 में बीएन राव समिति का गठन किया गया था, जिसने हिंदुओं के लिए एक समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही थी। आजादी के बाद, हिंदू संहिता विधेयक पहली बार 1948 में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा और बुर्का जैसी गलत प्रथाओं से मुक्त करना था। ———————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में गैस की किल्लत, प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे:लोग बोले- सिलेंडर ₹5 हजार में मिल रहा, फ्लैट में चूल्हा नहीं जला सकते देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं। रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

गुजरात विधानसभा में UCC बिल पेश:सभी पर समान नियम लागू होंगे, गृह मंत्री संघवी बोले- राज्य के लिए स्वर्णिम दिन

गुजरात विधानसभा में UCC बिल पेश:सभी पर समान नियम लागू होंगे, गृह मंत्री संघवी बोले- राज्य के लिए स्वर्णिम दिन

गुजरात विधानसभा में मंगलवार को यूसीसी विधेयक पेश किया गया। इस विधेयक में वसीयत न होने की स्थिति में माता-पिता, बच्चों और पति/पत्नी को संपत्ति में बराबर हिस्सा देने का प्रावधान है। आज का दिन स्वर्णिम रहेगा: हर्ष संघवी गुजरात के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि आज का दिन गुजरात के लिए ऐतिहासिक है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल विधानसभा में समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया, जो राज्य के लिए स्वर्णिम दिन है। देश को आजादी मिलने के बाद भी समाज और धर्म के आधार पर व्यक्तिगत कानून अलग-अलग रहे, जिसके कारण बहनों और बेटियों को सबसे ज्यादा कष्ट सहना पड़ा। सभी पर समान नियम लागू होंगे: हर्ष संघवी अब विवाह, उत्तराधिकार और अन्य नागरिक मामलों में सभी पर समान नियम लागू होंगे। उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रही थीं और आज वे मुख्यमंत्री को बधाई दे रही हैं। यूसीसी एक ऐसा कानून है, जो किसी एक धर्म के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए समान न्याय प्रदान करता है। विवाह पंजीकरण न कराने वालों पर 10-25 हजार रुपए का जुर्माना यूसीसी के मसौदे में व्यक्तिगत कानूनों को अधिक पारदर्शी और एकरूप बनाने के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं। नई प्रणाली के तहत, राज्य में प्रत्येक विवाह का पंजीकरण अनिवार्य होगा। हालांकि, पंजीकरण न कराने पर भी विवाह को अमान्य नहीं माना जाएगा, लेकिन पंजीकरण न कराने वालों को 10-25 हजार रुपए का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यूसीसी के लागू होने से पहले हुए विवाहों के लिए एक विशिष्ट पंजीकरण प्रक्रिया भी निर्धारित की गई है। सामान्य कानून के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु वसीयत न करने के कारण हो जाती है, तो संपत्ति माता-पिता (एक हिस्सा), पति/पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी। यदि उत्तराधिकार में कोई वसीयत नहीं है, तो माता-पिता, बच्चे और पति/पत्नी सभी को संपत्ति में बराबर हिस्सा मिलेगा। उत्तराखंड और गुजरात की समान नागरिक संहिता में कई समानताएं हैं… समान संपत्ति अधिकार उत्तराखंड: संपत्ति में पुत्र और पुत्री दोनों को समान अधिकार प्राप्त होंगे। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे किस वर्ग से संबंधित हैं। किसी व्यक्ति की मृत्यु होने पर, समान नागरिक संहिता के तहत उसकी संपत्ति को पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित करने का अधिकार दिया गया है। इसके अलावा, मृतक के माता-पिता को भी संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त होंगे। पूर्व कानून में यह अधिकार केवल मृतक की माता को ही प्राप्त था। गुजरात: वसीयत न करने की स्थिति में, संपत्ति माता-पिता (एक हिस्सा), पति/पत्नी और बच्चों के बीच समान रूप से विभाजित की जाएगी। लिव-इन रिलेशनशिप उत्तराखंड: पंजीकरण अनिवार्य है। उत्तराखंड में रहने वाले लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले दंपत्तियों को पंजीकरण कराना होगा। हालांकि यह स्व-घोषणा के समान होगा, अनुसूचित जनजातियों के लोगों को इस नियम से छूट दी जाएगी। बच्चे की जिम्मेदारी: यदि बच्चा लिव-इन रिलेशनशिप से पैदा हुआ है, तो उसकी जिम्मेदारी लिव-इन कपल की होगी। दोनों को बच्चे को अपना नाम देना होगा। इससे राज्य में प्रत्येक बच्चे को पहचान मिलेगी। गुजरात: लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन करवाना आवश्यक है। यदि आयु 21 वर्ष से कम है, तो अभिभावक को सूचित करना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन घोषणा के 30 दिनों के भीतर करवाना होगा और रजिस्ट्रार द्वारा रजिस्ट्रेशन करके प्रमाण पत्र जारी करना होगा, अन्यथा रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति बिना रजिस्ट्रेशन के 1 महीने से अधिक समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो उसे 3 महीने की कैद या 10 हजार रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। बच्चे की जिम्मेदारी: लिव-इन रिलेशनशिप में जन्मे बच्चे वैध माने जाएंगे। यदि महिला को छोड़ दिया जाता है, तो वह भरण-पोषण की हकदार है। तलाक उत्तराखंड: तलाक केवल आपसी सहमति के आधार पर ही दिया जाएगा। पति-पत्नी को तलाक तभी दिया जाएगा जब दोनों के पास एक समान कारण और तर्क हों। यदि केवल एक पक्ष कारण बताता है, तो तलाक नहीं दिया जाएगा। गुजरात: प्रथागत या व्यक्तिगत कानून के तहत तलाक मान्य नहीं होगा। क्रूरता, धर्म परिवर्तन, असाध्य मानसिक बीमारी या सात साल तक लापता रहने जैसे आधारों पर तलाक मांगा जा सकता है। यदि पति-पत्नी एक वर्ष या उससे अधिक समय से अलग रह रहे हैं, तो वे आपसी सहमति से भी तलाक ले सकते हैं। अदालत द्वारा तलाक का आदेश जारी होने के 60 दिनों के भीतर रजिस्ट्रार के पास तलाक के आदेश को पंजीकृत कराना अनिवार्य होगा। समान नागरिक संहिता का मुद्दा सर्वप्रथम कब उठा? सन् 1835 में, ब्रिटिश सरकार ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें आपराधिक साक्ष्य और अनुबंधों के संबंध में देश भर में एक समान कानून बनाने का आह्वान किया गया था। इसे सन् 1840 में लागू भी किया गया, लेकिन धर्म के आधार पर हिंदुओं और मुसलमानों के व्यक्तिगत कानूनों को अलग रखा गया। यहीं से समान नागरिक संहिता की मांग शुरू हुई। 1941 में बीएन राव समिति का गठन किया गया था, जिसने हिंदुओं के लिए एक समान नागरिक संहिता बनाने की बात कही थी। आजादी के बाद, हिंदू संहिता विधेयक पहली बार 1948 में संविधान सभा में प्रस्तुत किया गया था। इसका उद्देश्य हिंदू महिलाओं को बाल विवाह, सती प्रथा और बुर्का जैसी गलत प्रथाओं से मुक्त करना था। ———————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में गैस की किल्लत, प्रवासी मजदूर गांव लौट रहे:लोग बोले- सिलेंडर ₹5 हजार में मिल रहा, फ्लैट में चूल्हा नहीं जला सकते देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं। रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। पूरी खबर पढ़ें…

अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर में अवैध रेत उत्खनन करते ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त:तीन आरोपी गिरफ्तार, मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा

अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को ग्राम पंगना में की गई इस कार्रवाई में रेत से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई। एसपी के निर्देश पर कार्रवाई थाना प्रभारी अरविंद जैन ने बताया कि पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान के निर्देश पर अवैध रेत कारोबार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने छापा मारकर कार्रवाई की। रंगे हाथों पकड़े गए आरोपी पुलिस टीम ने अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रही ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ा। पूछताछ के बाद ट्रैक्टर चालक मोहन सिंह (25), मालिक कुमान सिंह और ट्रैक्टर उपलब्ध कराने वाले सुलोचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। कई धाराओं में मामला दर्ज तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस, खान-खनिज अधिनियम और मोटर व्हीकल एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। जब्त रेत और ट्रैक्टर-ट्रॉली की कुल कीमत करीब 7.03 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी रेत कारोबारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। लगातार हो रही कार्रवाई से रेत माफियाओं में भय का माहौल है और पुलिस आगे भी सख्ती जारी रखेगी।

ओरछा में रामनवमी पर 5 दिवसीय महोत्सव 27 से:बुंदेली गीतकार गाएंगे बधाई, शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

ओरछा में रामनवमी पर 5 दिवसीय महोत्सव 27 से:बुंदेली गीतकार गाएंगे बधाई, शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम

निवाड़ी जिले की ओरछा तहसील इस बार रामनवमी पर भव्य और ऐतिहासिक आयोजन की साक्षी बनने जा रही है। रामराजा मंदिर में 27 मार्च से पांच दिवसीय रामजन्म महोत्सव की शुरुआत होगी, जहां धार्मिक अनुष्ठान, शोभायात्रा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार श्रृंखला देखने को मिलेगी। महोत्सव को लेकर पूरे मंदिर परिसर की आकर्षक साज-सज्जा की जा रही है और तैयारियां अंतिम चरण में हैं। महोत्सव की शुरुआत 27 मार्च को प्राकट्य पर्व के रूप में होगी। पहले दिन सुबह 8:30 बजे कुश नगर से रामराजा परिषद एवं मित्र मंडल द्वारा एक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे। प्रकटोत्सव के गाई जाएंगी बधाई दोपहर 12:30 बजे रामराजा मंदिर प्रांगण में रामराजा परिषद बुंदेली लोकगीतों के साथ बधाई गीत प्रस्तुत करेगा। इसमें ख्याति प्राप्त कलाकार उर्मिला पांडे, राष्ट्रीय भजन गायक पवन तिवारी और बबलू तिवारी बधाई गीत की प्रस्तुति देंगे। भगवान के ओरछा आगमन की वर्षगांठ भी रामनवमी पर ही होती है, जिसे रामराजा परिषद पिछले कई वर्षों से शोभायात्रा और बधाई कार्यक्रम के साथ मनाता आ रहा है। यह यहां की सालों पुरानी परंपरा है। मंदिर के अंदर दोपहर 12 बजे पूजन-आरती के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। रात 8 बजे रामराजा सरकार दालान में विराजमान होकर भक्तों को दर्शन देंगे, जो इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। शाम को होंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 7 बजे मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन निवाड़ी के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसमें छतरपुर की लोक कलाकार मुस्कान प्रजापति अपने साथियों के साथ बुंदेली लोक गायन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद “मर्यादा पुरुषोत्तम” विषय पर भव्य नृत्य नाटिका का मंचन होगा, जिसकी प्रस्तुति भोपाल की कलाकार माण्डवी अजय अरोणकर और उनकी टीम द्वारा दी जाएगी। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए विदिशा की सौम्या और उनके साथी भक्ति गायन की प्रस्तुति देंगे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाएगा। प्रशासन ने की चाक चौबंद व्यवस्था 28 मार्च को सुबह 5 बजे मंगला आरती के साथ दिन की शुरुआत होगी और इसके बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। 29 और 30 मार्च को विशेष रूप से पालना और झांकी दर्शन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भगवान श्रीराम के बाल स्वरूप के दर्शन कर भक्त भावविभोर होंगे। रामजन्म महोत्सव को लेकर मंदिर प्रबंधन और जिला प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली है। लाखों की संख्या में भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने दर्शन के लिये उचित व्यवस्था कर रखी है। गर्मी को देखते हुए भक्तों के लिये व्यवस्थाएं की हुई है और पार्किंग के लिय स्थान तय कर दिये गये है। लोगों को परेशानी ना हो इसके लिये भी यातायात पुलिस और मंदिर प्रबंधन ने पूरा समन्वय बैठा रखा है। भारी वाहनों को नगर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और तय किये स्थानों पर ही वाहनों की पार्किंग की जा सकेगी। कुल मिलाकर यह पूरा आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि बुंदेली संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

छिपकली हटाने के टिप्स: सिर्फ 5 रुपए में घर से गायब हो जाए छिपकली, बस एक बार देखें यह घरेलू छिपकली

छिपकली हटाने के टिप्स: सिर्फ 5 रुपए में घर से गायब हो जाए छिपकली, बस एक बार देखें यह घरेलू छिपकली

छिपकली हटाने के उपाय: हॉटलाइन्स और अभिनेत्रियों में ही शामिल हैं घर में छिपकलियों का आतंक बढ़ता जा रहा है। कभी किचन की उभरी हुई पर, तो कभी ऑफिस की दीवारों पर रेंगती छिपकलियाँ न सिर्फ डर पैदा होती हैं, बल्कि हाईजीन के दावे तो काफी खतरनाक होते हैं। अगर आप भी सुपरमार्केट पेस्ट कंट्रोल और केमिकल शॉक से थक गए हैं, तो हम आपके लिए लाते हैं 5 रुपये वाली मैजिक इलेक्ट्रिक। इसका उपयोग करके आप इस सीज़न के लिए छिपकली से प्राप्त कर सकते हैं। घर की दीवारों पर चिपकी हुई छिपकलियों को तुरंत देखने के लिए सबसे बेहतरीन तरीका देखें तो झटका होता है। इसे बनाने के लिए एक रुपये वाला कोई भी प्राकृतिक प्राकृतिक लेकेर, प्याज सहित रस निकाला लें। इसमें आधा ग्लास पानी भी मिक्स कर लें। थ्री एनीले को अच्छे से मिक्स करके एक स्पाइडर बोतल में भर लें। यह अच्छी तरह से हिलाएं। अब जहां भी छिपकली के टुकड़े, वहां पर इस छिपकली का क्रीड़ा करें। पेज की ड्रैगन्स गंध और चट्टानों की स्टिकहैट छिपकलियों को वहां टिकने नहीं देवी। चिपकलिपीज़ को नष्ट कर दिया गया और अचानक से बदले गए टेंपरेचर को बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं किया गया। इसलिए ठंडे पानी में कुटी हुई काली मिर्च या फिर लाल मिर्च के पाउडर को मिला कर लें। जैसे ही आप यह पानी छिपकली पर स्पाइडर छोड़ेंगे, उसे सेंसेशन महसूस होगा और वह तुरंत घर ठीक हो जाएगा। अंडे के छिलके से बहुत डरती हैं। उन्हें लगता है कि यह कोई बड़ा शिकारी पक्षी है। इसी अंडों के खाली टुकड़ों को धोकर किचन के बचे हुए या फिर प्लास्टिक पर रख दें। हर 15 दिन में यहाँ रुकें। अगर आपके घर में भी किसी भी तरह की चिपचिपी रोटियां का नाम नहीं रखा जा रहा है, तो उनके लिए ये सबसे बेहतरीन तरीके हैं। पाउडर और मसाले को बराबर मात्रा में मिला लें। फिर थोड़ा-थोड़ा पानी मिक्स करके गोलियाँ बनाएं। उदाहरण माचिस की तिली या टूथपिक के ऊपर की अलमारी के पीछे या नेन में रख दें। इसके महज़ से छिपकलियों को दूर रखने में फ़ायदा होगा। नेफ्थलीन या फिर कपूर की गोलियाँ अगर आपको घर में ज्यादा मेहनत नहीं करनी है, तो नेफ्थलीन्स बॉल्स सबसे आसान उपाय हैं। सिंक के नीचे, स्टोर रूम और वार्डरोब के निवासियों में 1-2 गोलियाँ डाल दें। इसका तारामंडल गंधमंडल और अन्य कीड़ों को दूर रखा गया है। (टैग्सटूट्रांसलेट)छिपकली हटाने के टिप्स(टी)छिपकली भगाने के घरेलू उपाय(टी)चिपकली भगाने के घरेलु उपाय(टी)घर पर छिपकलियों से कैसे छुटकारा पाएं(टी)छिपकलियों के लिए शैम्पू स्प्रे(टी)छिपकली प्रतिरोधी स्प्रे(टी)घरेलू नुस्खे(टी)5 रुपये छिपकली उपाय(टी)रसोई सुरक्षा युक्तियाँ(टी)प्राकृतिक छिपकली प्रतिरोधी

कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

कॉन्स्टेबल की बेटी ने AI से सुलझाए सवाल:10वीं में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए; मजदूर मां के बेटे ने भी चौंकाया

राजस्थान बोर्ड के 10वीं के रिजल्ट में कई स्टूडेंट्स ने चौंका दिया। सीकर में किसान की बेटी के 99.83% नंबर आए। अलवर में मजदूरी करने वाली मां के बेटे ने 96.67 प्रतिशत अंक हासिल किए। वहीं कॉन्स्टेबल की बेटी ने आधुनिक तकनीक(AI) का सहारा लेते हुए पढ़ाई में नया मुकाम हासिल किया। मिस्त्री की बेटी ने घर का काम करके भी 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। आइए जानते हैं उनमें से कुछ कहानी। सीकर के शेखावाटी स्कूल लोसल की छात्रा प्रियांशी सुंडा ने 99.83% अंक हासिल किए। अब तक के रिजल्ट के मुताबिक प्रियांशी सुंडा स्टेट के टॉप स्टूडेंट्स में शामिल है। प्रियांशी ने रेगुलर पढ़ाई करके यह सफलता हासिल की। उन्होंने एग्जाम के दौरान भी टीवी और मोबाइल देखना नहीं छोड़ा, हालांकि इसका टाइमिंग कम कर दिया था। आज रिजल्ट आने के बाद दैनिक भास्कर ने प्रियांशी से बातचीत की। तब उन्होंने अपनी जर्नी के बारे में बताया। प्रियांशी सुंडा का कहना है कि उन्होंने एग्जाम के लिए रेगुलर स्कूल में पढ़ाई की। प्रियांशी बताती है कि उसके पिता सीताराम सुंडा किसान हैं। प्रियांशी अपने नाना के पास रहती थी, जो आर्मी रिटायर्ड पर्सन है। उनकी गाइडेंस में रहकर ही पढ़ाई की। इसके अलावा फैमिली का भी काफी ज्यादा सपोर्ट रहा। प्रियांशी बताती है कि स्कूल में रोजाना करीब 7 से 8 घंटे पढ़ाई करने के बाद जब वह घर पर आती तो एक से डेढ़ घंटे पढ़ लेती। ऐसे में रूटीन में जो पढ़ाई होती थी, उसका दोबारा से रिवीजन भी हो जाता था। एग्जाम नजदीक थे तो पढ़ाई का लोड नहीं था, क्योंकि सब कुछ पहले ही क्लियर था। उसकी बदौलत ही आज उनका यह परिणाम आया है। प्रियांशी बताती है कि वह अब फ्यूचर में इंजीनियर बनना चाहती है। इसके लिए JEE की तैयारी करेगी। प्रियांशी का दूसरे स्टूडेंट्स को मैसेज है कि स्कूलिंग की पढ़ाई ज्यादा हार्ड नहीं होती। यदि रेगुलर पढ़ाई करके उसका सेम डे रिवीजन कर लिया जाए। पिता ने ध्यान नहीं दिया तो मामा के घर पहुंचा नवीन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल मालाखेड़ा के छात्र आदेश कुमार ने 96.67 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए। छात्र के पिता ने कभी उसकी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दिया। जब घर में पढ़ाई का माहौल नहीं बना तो मामा के घर चला गया। उसके बाद वहीं रहकर पढ़ाई की। पिछले कई सालों से वह मालाखेड़ा में मामा के घर पर रहता है, यहां उसने पढ़ाई पर फोकस किया। कभी मोबाइल यूज नहीं किया। मामा रूपसिंह ने बताया कि उसका भांजा आदेश कुमार पढ़ाई में होशियार है। जब लगा कि वह खुद के गांव में घर पर नहीं पढ़ पा रहा है। वहां पढ़ाई का माहौल नहीं है। पिता भी सहयोग कम कर रहे थे। इसके बाद उसे खुद के घर ले आया। अब उसका रिजल्ट देखकर सबको खुशी हुई है। वह आगे भी नाम रोशन करेगा। वह खुद ही पढ़ाई करता है। हमेशा मां की याद रहती है। मां ने मेहनत मजदूरी कर बेटे को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। AI से सवाल सॉल्व कर लिए अच्छे अंक अलवर में कालिका पेट्रोलिंग यूनिट में कार्यरत कॉन्स्टेबल मंजू देवी की बेटी सलोनी ने 10वीं में 98 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। खास बात ये है कि सलोनी ने मोबाइल का उपयोग बहुत बेहतरीन किया। जब उसे किसी सवाल में उलझन होती तो वह AI से उसके सटीक जवाब समझती। फिर उसे जो सटीक समझ आता उसे याद करती। ऐसा उसने बहुत बार कई विषय में किया। सलोनी ने बताया कि पहले तो मम्मी ने टोका कि पढ़ाई के समय फोन नहीं मिलेगा, लेकिन जब उनको समझाया कि केवल सवाल को सॉल्व करने के लिए AI का यूज करती हूं। इसके बाद मां को समझ आने पर उन्होंने एआई का यूज करने दिया। जिसके कारण कई बार अटकने के बाद सवाल सॉल्व हो गए। कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। अच्छे अंक आने में AI की मदद मिली है। मां खेत पर जाती तो बेटी पूरा काम करती अलवर के थानागाजी के दुहार चौगान निवासी छात्रा कनक प्रजापत ने 10वीं में 96.83 प्रतिशत नंबर हासिल किए। छात्रा के पिता कृष्ण कुमार टाइल्स मिस्त्री है। वही मां मनभरी देवी गृहिणी हैं और खेती बाड़ी करती हैं। पिता कृष्ण कुमार ने बताया कि बेटी अपनी मां के काम में पूरा हाथ बंटाती थी। जब मां को खेत से आने में देर हो जाती तो बेटी पहले ही घर में खाना बनाकर रखती थी। ताकि मां आकर परेशान नहीं हो। घर का छोटा मोटा काम भी कर लेती थी। इसके बाद पढ़ाई पर भी फोकस रखती। सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करती थी। पिता भी मजदूर होने के कारण सुबह जल्दी घर से निकल जाते थे। पिता ने बताया कि पिछले साल उसके बेटे गोविंद प्रजापत के भी 10वीं में अच्छे मार्क्स आए थे। दोनों बहन-भाई एक दूसरे का पूरा सहयोग करते हैं। बेटे ने अपनी बहन को अच्छे अंक लाने में सहयोग किया है। बड़े भाई ने पिछले साल 10th में गांव में टॉप किया था। उसी को देखते हुए उसने भी टॉप कर लिया। ———– ये खबर भी पढ़िए… 10वीं में जुड़वा बहनों के 98 % नंबर आए:सब्जी बेचने वाले की बेटी के 98.67 प्रतिशत; कोटा में परिणाम देख डांस करने लगे स्टूडेंट राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की ओर से मंगलवार को 10वीं का रिजल्ट जारी कर दिया गया। इस बार परिणाम 94.23 प्रतिशत रहा है। यह पिछले साल से 1.17 प्रतिशत ज्यादा है। पिछले साल 93.06 प्रतिशत परिणाम रहा था। लड़कों का 93.63 और लड़कियों का 94.90% रिजल्ट रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)

रायसेन की अंजलि ने राज्य स्तरीय ओलंपियाड में दूसरा स्थानप्राप्तकिया:ग्वालियर में आयोजित प्रतियोगिता में जिले के चार बच्चों ने लिया था भाग

रायसेन की अंजलि ने राज्य स्तरीय ओलंपियाड में दूसरा स्थानप्राप्तकिया:ग्वालियर में आयोजित प्रतियोगिता में जिले के चार बच्चों ने लिया था भाग

एमपी के ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता 2025-26 में रायसेन जिले की छात्रा अंजलि मेहरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया है। अंजलि सिलवानी विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सिंहपुर की कक्षा 4 की छात्रा हैं। इस प्रतियोगिता में रायसेन जिले से कुल चार विद्यार्थियों ने भाग लिया था। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए आयोजित सम्मान समारोह में अंजलि मेहरा को राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारियों और ग्वालियर जिले के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रावत द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अन्य प्रतिभागी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। इनमें कक्षा 2 की तेजीबा कुरैशी, कक्षा 3 की खुशबू कुशवाहा, कक्षा 4 की अंजलि मेहरा और कक्षा 5 की निर्मल लोधी शामिल रहीं। शिक्षकों को भी दिया गया सम्मान दूसरे स्थान प्राप्त करने पर अंजलि मेहरा को ट्रॉफी, साइकिल, सिल्वर मेडल, स्टडी टेबल, बैग, बोतल, कॉपी, कंपास और घड़ी सहित अन्य उपहार प्रदान किए गए। वहीं, मार्गदर्शक शिक्षकों का भी सम्मान किया गया। सरोज रघुवंशी को सिल्वर मेडल, प्रमाण पत्र और टिफिन बॉक्स देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा गैरतगंज विकासखंड के संदीपनी विद्यालय की शिक्षिका मीरा व्यास को भी प्रमाण पत्र और टिफिन बॉक्स प्रदान किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों के अभिभावक अनीता मेहरा, औसाफ कुरैशी और भगवान सिंह लोधी भी मौजूद रहे। जिले का प्रतिनिधित्व एपीसी विनीत दीक्षित ने किया, जिन्हें राज्य स्तर पर प्रमाण पत्र और उपहार देकर सम्मानित किया गया।

राजस्थान रॉयल्स 15,289 करोड़ में बिकी:काल सोमानी कंसोर्टियम ने खरीदी टीम, 2008 के मुकाबले 24 गुना बढ़ी वैल्यू

राजस्थान रॉयल्स 15,289 करोड़ में बिकी:काल सोमानी कंसोर्टियम ने खरीदी टीम, 2008 के मुकाबले 24 गुना बढ़ी वैल्यू

Hindi News Sports Cricket Rajasthan Royals, Kal Somani, IPL 2026, Rajasthan Royals Owner, IPL Team Sale, RR Ownership, IPL News Hindi, Cricket News, Rajasthan Royals Deal, IPL Franchise News स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL की पहली चैंपियन राजस्थान रॉयल्स को नए मालिक मिल गए हैं। पिछले कुछ महीनों से चली आ रही प्रक्रिया के बाद आखिरकार 1.63 बिलियन डॉलर यानि करीब 15,289 करोड़ रुपए की रिकॉर्ड बोली के साथ राजस्थान रॉयल्स की बिक्री फाइनल हो गई है। अमेरिका के बिजनेसमैन काल सोमानी और उनके कॉन्सोर्टियम ने फ्रेंचाइजी के लिए ये सबसे बड़ी बोली लगाई है, जिसे मंजूर कर लिया गया है। काल सोमानी टेक्नोलॉजी और निवेश जगत का बड़ा नाम हैं और उन्होंने एड-टेक, डेटा प्राइवेसी, AI गवर्नेंस और स्पोर्ट्स टेक जैसे क्षेत्रों में कई वैश्विक कंपनियां खड़ी की हैं। इस डील के साथ उनका खेल जगत में निवेश और मजबूत हो गया है। राजस्थान रॉयल्स IPL की शुरुआती टीमों में से एक है, जिसने 2008 में पहला खिताब जीता था। RR 24 गुना ज्यादा में बिकी 2008 में जब राजस्थान रॉयल्स को खरीदा गया था, तब इसकी कीमत सिर्फ 67 मिलियन डॉलर थी, जो उस समय लगभग ₹260-270 करोड़ के आसपास बैठती थी। अगर उसी 67 मिलियन डॉलर को आज की वैल्यू में देखा जाए, तो यह करीब ₹628 करोड़ बनता है। अब 2026 में यही फ्रेंचाइजी करीब 1.63 बिलियन डॉलर (लगभग ₹15,289 करोड़) में बिकी है। यानी, मौजूदा वैल्यू की तुलना 2008 की आज की कीमत (₹628 करोड़) से करें, तो राजस्थान रॉयल्स की कीमत में करीब 24 गुना का उछाल आया है। सोमानी 2021 से फ्रेंचाइजी में इन्वेस्टर हैं काल सोमानी पहले से ही राजस्थान रॉयल्स में इन्वेस्टर थे। 2021 में उन्होंने फ्रेंचाइजी में एंट्री ली थी। सोमानी ने तब कहा था- हमें इस निवेश में बहुत बड़ी संभावना दिख रही है और हम IPL के भविष्य को लेकर उत्साहित हैं। दो साल के लिए बैन हुई थी RR शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला सीजन 2008 में जीता था। लेकिन उसके बाद टीम का प्रदर्शन नीचे जाने लगा। उसके बाद से टीम सिर्फ एक बार 2022 में फाइनल में पहुंची है। तब गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उसे हार मिली। फ्रेंचाइजी को 2016 और 2017 में बैन भी होना पड़ा था। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बेंगलुरु भगदड़ के मृतकों को अनूठी श्रद्धांजलि:चिन्नास्वामी स्टेडियम में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी बेंगलुरु के एम चिन्नस्वामी स्टेडियम में खेले जाने वाले IPL और इंटरनेशनल मैचों में 11 सीटें हमेशा खाली रखी जाएंगी। वहीं, स्टेडियम के एंट्री गेट पर स्मारक पट्टिका (मेमोरियल प्लाक) और हर मैच से पहले एक मिनट का मौन भी रखा जाएगा, जिसमें दोनों टीमें हिस्सा लेंगी। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…