MP के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़:गाड़ियों की टंकियां फुल कराने पहुंचे लोग, झाबुआ में पुलिस तैनात, आगर में धक्का-मुक्की

मध्यप्रदेश के नीमच, झाबुआ, आगर मालवा और शाजापुर समेत कई शहरों में मंगलवार शाम पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पेट्रोल खत्म होने और कीमतें बढ़ने की अफवाह फैलते ही लोग टंकियां फुल कराने के लिए पंपों पर पहुंचने लगे। हालात ऐसे बने कि कई जगह लंबी कतारें लग गईं। आगर मालवा में धक्का-मुक्की की स्थिति बनी, वहीं बड़ी संख्या में लोग बोतल और कुप्पियों में पेट्रोल स्टॉक करने भी पहुंचे। अफवाह से बढ़ा दबाव, कई जगह स्टॉक खत्म पंप संचालकों के मुताबिक, सप्लाई सामान्य होने के बावजूद अचानक बढ़ी मांग के कारण कई जगह शाम तक पेट्रोल खत्म होने जैसी स्थिति बन गई। हालात संभालने के लिए कुछ पंपों ने राशनिंग शुरू कर दी, जहां एक वाहन को सीमित मात्रा में पेट्रोल दिया जा रहा है। झाबुआ के पुलिस वेलफेयर पंप सहित कई स्थानों पर भीड़ नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात करनी पड़ी। शाजापुर में भी रात होते-होते पंपों पर लंबी लाइनें लग गईं और लोगों को इंतजार करना आगर मालवा में एक पंप पर तकनीकी फॉल्ट के कारण सप्लाई प्रभावित हुई, जिससे भीड़ और बढ़ गई। प्रशासन ने सभी जिलों में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता होने की बात कही है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। देखिए तस्वीरें खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए।
नवरात्रि आहार युक्तियाँ: क्या नवरात्रि व्रत में बहुत कुछ होता है फलाहारी? इस अर्थ में छोटे बच्चों का बढ़ना वजन

नवरात्रि आहार युक्तियाँ: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है और इस दौरान भक्त पूरे श्रद्धा भाव से व्रत रखते हैं। हालांकि, कई लोग इस दौरान वजन कम करने की उम्मीद से भी व्रत रखते हैं, लेकिन गलत अनुपात के कारण आधारहीन वजन बढ़ जाता है। फलाहार के समय क्या खाना है, क्या खाना है और कब खाना है, इस पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। व्रत के दौरान आलू सबसे ज्यादा खाने वाला खाद्य पदार्थ बनता है। आलू की सब्जी, चिप्स या फराली की मात्रा पूरे दिन खाने से शरीर में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है और रक्त शर्करा भी प्रभावित हो सकता है। साबूदाना वड़ा, कुट्टू के पकौड़े और सिंघाड़े के चीले जैसे प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित व्रत में खाना बहुत आम होता है, लेकिन इनमें तीखापन और पौष्टिकता की मात्रा काफी होती है। क्वेश्चन का अर्थ यह है कि खाने से वजन बढ़ने के साथ-साथ पाचन तंत्र भी प्रभावित हो सकता है। व्रत के दौरान कई लोग पानी कमाते हैं, जिससे शरीर में डाईहाइड्रेट हो जाता है। पानी की कमी से सिरदर्द, चक्कर आना और कब्ज की समस्या हो सकती है। साथ ही बॉडी फैट बर्न करने में भी पीछे रह जाता है और भूख ज्यादा लगती है। साबूदाना को पूरी तरह से तरह-तरह से मान लेना साबूदाना को ताकत और ताकत माना जाता है, लेकिन इसमें कैलोरी काफी ज्यादा होती है। अगर इसका सेवन अधिक मात्रा में किया जाए तो यह वजन बढ़ाने का कारण बन सकता है। इसलिए इसे सीमित मात्रा में खाना ही बेहतर होता है। फल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होते हैं, लेकिन जरूरत से ज्यादा खाने से नुकसान भी होता है। अधिकांश फल खाने से शरीर में कैलोरी और शुगर की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। पैमाने में ही फलों को शामिल करना सही स्थान पर होता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)नवरात्रि उपवास आहार युक्तियाँ(टी)फलाहार गलतियाँ वजन बढ़ना(टी)स्वस्थ उपवास युक्तियाँ नवरात्रि(टी)उपवास के दौरान वजन कम होना(टी)साबुदाना कैलोरी तथ्य(टी)व्रत आहार गलतियाँ(टी)नवरात्रि वजन घटाने गाइड
दतिया मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर टांके लगाना भूली:दोबारा ऑपरेशन कर 5 यूनिट खून चढ़ाया, प्रसूता आईसीयू में भर्ती

दतिया जिला अस्पताल से जुड़े मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। मंगलवार को प्रसव के लिए भर्ती हुई 26 वर्षीय महिला की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। आरोप है कि, ऑपरेशन के दौरान अंदर टांके नहीं लगाए गए, जिससे ब्लीडिंग शुरू हो गई और ज्यादा खून बहने से महिला की जान पर बन आई। जानकारी के अनुसार ग्राम भागौर निवासी शिवम यादव की पत्नी रूबी यादव को सोमवार रात प्रसव पीड़ा होने पर भर्ती कराया गया था। मंगलवार सुबह उसका ऑपरेशन किया गया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। महिला को असामान्य रूप से अधिक रक्तस्राव होने लगा। दोबारा ऑपरेशन कर टांके लगाए स्थिति गंभीर होते देख प्रभारी डॉक्टर श्वेता यादव को तत्काल बुलाया गया। उन्होंने पहुंचते ही महिला का दोबारा ऑपरेशन किया। जिसके बाद किसी तरह उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल प्रसूता की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे ICU में भर्ती रखा गया है। जबकि नवजात शिशु को SNCU में निगरानी में रखा गया है। जूनियर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद जूनियर डॉक्टर प्रियंका ने ऑपरेशन के दौरान अंदर टांके नहीं लगाए, जिससे महिला को भारी ब्लीडिंग हुई। यही लापरवाही उसकी जान पर भारी पड़ गई। अत्यधिक रक्तस्राव के चलते महिला को पांच यूनिट ब्लड चढ़ाना पड़ा। सूत्रों के अनुसार ब्लड बैंक में पर्याप्त खून उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण तत्काल व्यवस्था करने में भी मशक्कत करनी पड़ी। पहले भी हो चुका है ऑपरेशन बताया जा रहा है कि रूबी यादव की यह दूसरी डिलीवरी है। चार साल पहले भी उसका ऑपरेशन से प्रसव हुआ था और उसकी एक चार साल की बेटी है। CMO बोले—जांच के बाद होगी कार्रवाई मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.के. वर्मा ने बताया कि महिला की हालत में सुधार हो रहा है। पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हरदा जनपद में विधायक प्रतिनिधि और सचिव के बीच मारपीट:रुपयों की मांग और गाली-गलौज के आरोप, दोनों पक्ष थाने पहुंचे

हरदा में मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे जनपद परिसर में विधायक प्रतिनिधि और ग्राम पंचायत सचिव के बीच मारपीट का मामला सामने आया है। घटना के बाद ग्राम कोलीपुरा के सचिव अशोक जाट (45) अपने साथियों के साथ सिटी कोतवाली थाना पहुंचे और मारपीट व गाली-गलौज की शिकायत दर्ज कराई। सिटी कोतवाली थाना टीआई रोशनलाल भारती ने बताया कि उन्हें इस मामले में एक शिकायत मिली है। पुलिस जांच के बाद इसमें वैधानिक कार्रवाई करेगी। सचिव अशोक जाट का आरोप है कि वह ग्राम सरपंच शिवनारायण के साथ कचरा गाड़ी के एग्रीमेंट को लेकर जनपद कार्यालय गए थे। आरोप- विधायक प्रतिनिधि ने रुपयों की मांग की सचिव जाट के अनुसार, वहां विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने उनसे रुपयों की मांग की, गाली-गलौज की और मारपीट की। जनपद सीईओ और अन्य लोगों ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराया। सचिव जाट ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले दो सालों से जनपद अध्यक्ष रेवा पटेल जनपद कार्यालय नहीं आ रही हैं, और उनके देवर, जो विधायक प्रतिनिधि हैं, सरपंचों व सचिवों पर दबाव बनाकर काम करवाते हैं और रुपयों की मांग करते हैं। विधायक प्रतिनिधि बोले- सचिव ने अपशब्द कहे दूसरी ओर, विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने इन आरोपों का खंडन किया है। पटेल का कहना है कि सचिव अशोक जाट मंगलवार दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर जनपद कार्यालय आए और अपशब्दों का प्रयोग करने लगे। पटेल ने बताया कि तीन महीने पहले जनपद सीईओ ने कोलीपुरा पंचायत में होने वाले विकास कार्यों को लेकर सचिव को नोटिस दिया था, जिसका सचिव ने कोई जवाब नहीं दिया था। कहा- नोटिस पर कार्रवाई की मांग की थी राहुल पटेल के मुताबिक, उन्होंने मंगलवार सुबह सीईओ से सचिव को दिए गए नोटिस पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इसके बाद दोपहर में सचिव जनपद कार्यालय में आकर जोर-जोर से चिल्लाने लगे और कहने लगे कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता, मेरे ऊपर बड़े लोगों का आशीर्वाद है। रुपयों की डिमांड के आरोप पर उन्होंने कहा कि यदि ऐसा है तो कोई इसका प्रमाण दे। पटेल ने यह भी कहा कि जब सचिवों को बिना भ्रष्टाचार किए कार्य करने को कहा गया, तो वे एकत्रित होकर उनके खिलाफ हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सचिव ने कहा कि वह देवास (संभवतः कोलीपुरा या संबंधित क्षेत्र) में कोई विकास कार्य नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि एससी वर्ग के जनपद सदस्य पति के साथ भी सचिव ने गाली गलौज कर जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया है। जिसको लेकर हम सिटी कोतवाली में एवं जनपद सदस्य के पति की तरफ से अजाक्स थाने में शिकायत की जा रही है।
लड़कों संग खेली अनुष्का का टीम इंडिया में चयन:ग्वालियर की बेटी अब भारत की जर्सी पहनेगी; साउथ अफ्रीका में टी-20 सीरीज खेलेगी

मध्य प्रदेश के ग्वालियर की बेटी अनुष्का शर्मा की एंट्री अब भारतीय महिला टी-20 क्रिकेट टीम में हो गई है। वह भारत-दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज के लिए भारतीय टीम में चुनी गई हैं। अनुष्का पहली बार सीनियर राष्ट्रीय टीम में शामिल हुई हैं और पहली बार टीम के साथ विदेश दौरा भी करेंगी। अनुष्का फिलहाल इंडिया ए के लिए खेल रही हैं और महिला प्रीमियर लीग (WPL) में भी वह गुजरात जायंट्स के लिए चुनी जा चुकी हैं। ग्वालियर में मंगलवार को एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका सम्मान किया। इसके बाद वह भिंड में अपनी बुआ के यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गईं। सीनियर टीम में चयन के बाद ग्वालियर में उनके परिवार और शहर में खुशी का माहौल है। दक्षिण अफ्रीका में होने वाली पांच मैचों की टी-20 सीरीज के लिए ग्वालियर के पत्रकार बृजमोहन शर्मा की बेटी अनुष्का शर्मा का चयन हुआ है। अनुष्का एक बेहतरीन ऑलराउंडर हैं और इंडिया ए व WPL में अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल का प्रदर्शन कर चुकी हैं। उनके चयन से पूरे शहर में उत्साह का माहौल है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने दी बधाई मंगलवार को दतिया में कार्यक्रम के लिए सीएम ग्वालियर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने एयरपोर्ट पर ही ग्वालियर की होनहार खिलाड़ी अनुष्का शर्मा से मुलाकात कर उनको बधाई देते हुए स्वागत किया। इस दौरान वहां अनुष्का के पिता बृजमोहन शर्मा अन्य परिजन मौजूद रहे। कलेक्टर ग्वालियर रूचिका चौहान ने भी अनुष्का से बातचीत कर उनकी तारीफ की है। वुमेन प्रीमियर लीग में गुजरात के लिए मचा चुकी धमाल WPL यानि वूमेन प्रीमियर लीग में ग्वालियर की अनुष्का शर्मा ने धमाल मचाया है। पहले वह मध्य प्रदेश सीनियर टीम के लिए खेल रही थीं, इसके बाद उनका चयन गुजरात जायंट्स (GG) ने 45 लाख रुपए में किया। अनुष्का गुजरात जायंट्स के लिए खेलते हुए बेहतरीन प्रदर्शन कर चुकी हैं। ग्वालियर की वह पहली खिलाड़ी हैं, जो WPL में खेल रही हैं। अब भारतीय राष्ट्रीय टीम में चयन के बाद उनके दोस्तों, परिवार और साथी खिलाड़ियों में खुशी की लहर है। खुद अनुष्का का कहना है कि उन्हें इस चयन की उम्मीद थी, क्योंकि वह लगातार मैदान पर मेहनत कर रही थीं। उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग पर काफी काम किया है। खुद को मानती हैं बेहतर ऑलराउंडर अनुष्का खुद को एक बेहतर ऑलराउंडर मानती हैं। उनका कहना है कि गुजरात जायंट्स की टीम में खेलने के बाद अब भारतीय राष्ट्रीय सीनियर महिला टीम में जगह बनाना किसी सपने के सच होने जैसा है। उनकी पसंदीदा बल्लेबाजी पोजिशन मध्य क्रम है और वह टीम को संतुलन देने में विश्वास रखती हैं। उनका लक्ष्य बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों में बेहतर प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाना है। शुरुआत में घर की छत पर क्रिकेट खेलती थीं अनुष्का अनुष्का की इस उपलब्धि पर उनके भाई आयुष और पिता बृजमोहन शर्मा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि सीनियर महिला टीम में चयन होने से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। अनुष्का की इस सफलता में उनकी मां नीलम शर्मा और बड़े भाई आयुष शर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पिता बृजमोहन शर्मा ने बताया कि सबसे पहले उनके बेटे आयुष ने ही अनुष्का की क्रिकेट प्रतिभा को पहचाना था। आयुष को 2010 में क्रिकेट खेलते देखकर अनुष्का की भी इसमें रुचि बढ़ी और दोनों भाई-बहन घर की छत पर ही क्रिकेट खेला करते थे। पहले मैच में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता अनुष्का कंपू के मेला हॉकी स्टेडियम में आयोजित एक कैंप में शामिल हुईं। उस कैंप में लड़कों की टीम थी, जिसमें अनुष्का एकमात्र लड़की थीं और उन्होंने वहां शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने क्रिकेट के कई गुर सीखे। इसके बाद अनुष्का का सफर नहीं रुका और उनकी सफलता का सिलसिला जारी रहा। वर्ष 2017 में अनुष्का मध्य प्रदेश की अंडर-16 टीम में शामिल हुईं और अपने पहले ही टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर का खिताब जीता। अनुष्का के बारे में अन्य जानकारी अनुष्का का जन्म 5 अप्रैल 2003 को ग्वालियर में हुआ था। अनुष्का ग्वालियर सिटी सेंटर एजी ऑफिस पुल के पास स्थित माधव नगर की रहने वाली हैं, अनुष्का का पहला स्कूल शिवपुरी लिंक रोड पर स्थित दिल्ली पब्लिक वर्ल्ड स्कूल था, इसके बाद अनुष्का ने अन्य स्कूलों में अपनी 10th और 102th की परीक्षा पास की थी। अनुष्का का पहला कॉलेज झांसी हाईवे रोड पर स्थित आईटीएम कॉलेज है। आईटीएम कॉलेज से अनुष्का बैचलर फिजिकल एजुकेशन से कोर्स कर रही है और उसका यह लास्ट ईयर है। पनीर-दही और साउथ इंडियन खाना पसंद अनुष्का के बड़े भाई आयुष ने बताया कि अनुष्का को खाने में ज्यादा पनीर, दही, दाल और चावल पसंद हैं, इसके अलावा अनुष्का को बेनों डोसा व इडली भी पसंद है। अनुष्का को ज्यादा पंजाबी गाने और भजन सुनना पसंद हैं। आयुष ने बताया कि जब भी अनुष्का ग्वालियर आती है तो वह आधे घंटे का समय निकालकर फुलवा गुरुद्वारे के पास स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर जरूर जाती और वहां पर हनुमान चालीसा का पाठ करती हैं। भाई की शादी में शामिल होकर तुरंत लौटीं ट्रेनिंग पर भाई आयुष ने बताया कि उसकी शादी 22 नवंबर को ग्वालियर से थी, जिसमें शामिल होने के लिए अनुष्का 21 नवंबर की सुबह ग्वालियर पहुंची थीं और 23 तारीख की सुबह ही वापस ट्रेनिंग करने के लिए चंडीगढ़ लौट गई थी।
कांतारा विवाद में रणवीर सिंह मांगेंगे बिना शर्त माफी:स्टेज पर दैवा सीन की मिमिक्री की थी, 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में देंगे हलफनामा

फिल्म ‘कांतारा’ के दैवा सीन की मिमिक्री करने के मामले में रणवीर 10 अप्रैल को कर्नाटक हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी का हलफनामा दाखिल करेंगे। एक्टर की ओर से यह कदम कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में दर्ज FIR के बाद उठाया गया है। अदालत में सुनवाई के दौरान रणवीर सिंह के वकील ने स्वेच्छा से एक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि एक्टर खुद मैसूर के चामुंडी मंदिर जाकर व्यक्तिगत रूप से माफी मांगने के लिए तैयार हैं। इससे पहले फरवरी में हाईकोर्ट ने रणवीर को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई न करने का निर्देश दिया था। विवाद पिछले साल नवंबर में गोवा में हुए फिल्म फेस्टिवल (IFFI) के दौरान शुरू हुआ था। जहां रणवीर ने ऋषभ शेट्टी के आइकॉनिक दैवा सीन की नकल की थी। यह इसके बाद कन्नड़ समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। इंस्टाग्राम वाली माफी सिर्फ दिखावा हालांकि, शिकायतकर्ता और एडवोकेट प्रशांत मेथल ने रणवीर की माफी को ‘दिखावा’ बताया है। उन्होंने दलील दी कि एक्टर ने अब तक केवल इंस्टाग्राम पर पोस्ट लिखकर माफी मांगी थी, जो दिल से निकली हुई नहीं लगती। मेथल का कहना है कि इंस्टाग्राम पर माफी मांगना और कोर्ट में आकर या व्यक्तिगत रूप से बोलना अलग बात है। मिमिक्री के बाद शुरू हुआ था रणवीर सिंह 28 नवंबर 2025 को गोवा में इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया का हिस्सा बने थे। इस दौरान मंच पर उन्होंने फिल्म कांतारा में दिखाई गईं चावुंडी (चामुंडा) देवी का मजाक बनाया था। रणवीर सिंह ने फिल्म के डायरेक्टर और एक्टर ऋषभ शेट्टी से कहा, ‘ऋषभ मैंने इसे (कांतारा) थिएटर में देखा था। वो एक आउटस्टैंडिंग परफॉर्मेंस थी, खासकर जब फीमेल घोस्ट (भूत) आपके शरीर में आती है। वो परफॉर्मेंस, वो एक शॉट आउटस्टैंडिंग था।’ आगे रणवीर सिंह ने कहा, ‘क्या आपने कांतारा देखी है। जब वो शॉट आता है’। आगे रणवीर सिंह ने खुद उस कैरेक्टर की मिमिक्री करते हुए मजाक उड़ाया। आगे रणवीर ने कहा, ‘क्या यहां कोई है, जो मुझे कांतारा 3 में देखना चाहता है, वो इस आदमी से कहे।’ फिल्म फेस्टिवल से रणवीर सिंह का एक और वीडियो सामने आया था, जिसमें वो मंच से उतरने के बाद भी ऋषभ शेट्टी के सामने चावुंडी देवी की मिमिक्री करते दिखाई दिए, हालांकि ऋषभ शेट्टी लगातार इशारा कर उन्हें रोकते नजर आए थे। वहीं, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना भी हुई थी। रणवीर ने मामले को लेकर माफी मांगी थी रणवीर सिंह ने मामले को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी थी। रणवीर ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर लिखा था- मेरा इरादा फिल्म (कांतारा) में ऋषभ की शानदार परफॉर्मेंस को उजागर करने का था। एक अभिनेता होने के नाते, मैं जानता हूं कि उस खास सीन को जिस तरह से उन्होंने निभाया, उसके लिए कितनी मेहनत लगती है और इसके लिए मैं उनका अत्यधिक सम्मान करता हू। मैंने हमेशा हमारे देश की हर संस्कृति, परंपरा और आस्था का गहरा सम्मान किया है। अगर मेरी किसी बात से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मैं दिल से माफी चाहता हूं।
सेंट्रल यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों ने की भूख हड़ताल:सागर में महर्षि पतंजलि भवन से योग शिक्षा विभाग को शिफ्ट किए जाने का कर रहे विरोध

सागर के डॉ हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्होंने बताया कि योग शिक्षा विभाग को महर्षि पतंजलि भवन में संचालित किया जा रहा था। लेकिन कुलपति द्वारा योग विभाग को कंप्यूटर साइंस विभाग में विस्थापित करने का आदेश जारी किया है। जिसका विद्यार्थी विरोध कर रहे हैं। इसी विरोध के चलते विद्यार्थी भूख हड़ताल पर बैठे हैं। हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार की शाम 5 बजे तक विद्यार्थी हड़ताल पर बैठे हैं। विद्यार्थियों ने बताया कि विश्वविद्यालय में योग शिक्षा विभाग शुरू से ही महर्षि पतंजलि भवन में संचालित होता आ रहा है। लेकिन कुलपति द्वारा विभाग को कंप्यूटर साइंस भवन में शिफ्ट किया जा रहा है। छात्रों ने विभाग को शिफ्ट करने का किया विरोध इस भवन में किसी भी प्रकार की सुविधा नहीं है। क्षतिग्रस्त अवस्था में है। इससे योग विभाग के छात्र-छात्राओं को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। योग शिक्षा विभाग के छात्र-छात्राओं की मांग है कि भवन को यथावत रखा जाए, वरना जब तक विश्वविद्यालय के कुलपति आश्वासन नहीं देंगे, भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे।
सांसद राघव चड्डा संसद में किया दावा, आपके जूस में है बीमारी फैलाने वाले रसायन, डॉक्टर से जानें पूरा सच

Last Updated:March 24, 2026, 18:41 IST Raghav Chadha on Fruit Juice: सांसद राघव चड्डा ने संसद में दावा किया है कि बाजार में जो पैकेटबंद जूस मिलते हैं उसमें बीमारियों को फैलाने वाली चीजें मिली रहती है. कंपनियां डिब्बे पर सही जानकारी नहीं देती जिसके कारण युवाओं को कई तरह की बीमारियों का शिकार होना पड़ता है. ऐसे में सवाल उठता है कि फ्रूट जूस में ऐसा क्या होता है जो बीमारियों का घर बन जाता है. इसलिए हमने यही सवाल डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से किया. उन्होंने इसकी पूरी सच्चाई बताई. संसद में सवाल पूछते हुए राघव चड्डा. Photo-Ragahv Chadha X Raghav Chadha on Fruit Juice: आप जो जूस पीते हैं क्या वह शुद्ध जूस होता है? अगर आप खुद जूस के डिब्बे को देखेंगे तो शायद ही लगेगा कि यह जूस इतना खराब हो सकता है लेकिन आम आदमी पार्ट के राज्यसभा सांसद राघव चड्डा ने इसके लिए तीखा सवाल किया है. उन्होंने संसद में कहा है कि बाजार में जो पैकेटबंद जूस हम पीते है उसकी पैकेजिंग से हमें लगता है कि यह बहुत ही ताजा और शुद्ध होगा लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है. वास्तव में इस जूस में चीनी का घोल मिला रहता है जो युवाओं को डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल की कई बीमारियों को जन्म दे रहा होता है. डॉ. राघव चड्डा ने जो सवाल उठाए हैं वे कई मायने में सही है. आकाश हेल्थकेयर, नई दिल्ली में इंटरनल मेडिसीन के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा से हमने इससे होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बातचीत की है. आइए जानते हैं. राघव चड्डा ने क्या कहा पहले ये जानते हैं कि राघव चड्डा ने संसद में क्या है. राघव चड्डा ने सरकार से सवाल का जवाब मांगते हुआ कहा कि भारत का कंज्यूमर ब्रांड एक बड़ी बीमारी का शिकार है जिसे मिसलीडिंग ब्रांड और फॉल्स एडवरटाइजमेंट के नाम से जाना जाता है. जब हम फ्रूट जूस खरीदते हैं तो डिब्बे पर एकदम बढ़िया फ्रेश फ्रूट जूस की तस्वीर लगी रहती है. यह बहुत ही लुभावनी लगती है. इससे लगता है कि जूस बहुत ताजा है लेकिन डिब्बे के पीछे बहुत छोटे-छोटे अक्षरों लिखा रहता है कि यह पिक्चर सिर्फ मार्केटिंग उद्येश्य के लिए है. इसे पढ़कर हमारे देश के युवा यह सोचकर इसे पीते हैं कि उन्हें लगता है कि यह हेल्दी और स्वादिष्ट है लेकिन उन्हें पता नहीं कि वे चीनी का घोल पी रहे हैं जिनके चलते डायबिटीज, मोटापा और लाइफस्टाइल डिजीज होती है. मेरी सरकार से यह सवाल है कि क्या सरकार इस तरह के भ्रामक प्रचार पर पाबंदी लगाने के बारे में सोच रही है. You think you’re drinking Fruit Juice? THINK AGAIN.Big food brands are selling sugar water with shiny ‘fresh fruit’ pictures on the front. And hiding the truth in tiny fine print at the back of packet which reads ‘Pictures for marketing purposes only’. SERIOUSLY? Today in… pic.twitter.com/ROu2YGH3G2 — Raghav Chadha (@raghav_chadha) March 24, 2026
Summer Tips: गर्मी में हेल्थ को कैसे रखें ठीक, जानिए 7 आसान टिप्स, बॉडी रहेगी बिल्कुल फिट

Last Updated:March 24, 2026, 18:08 IST गर्मी का मौसम अपने साथ कई चुनौतियां लाता है. तेज़ धूप, उमस और बढ़ता तापमान शरीर को थका देता है और कई बार सेहत पर भी असर डाल सकता है. ऐसे में सही आदतें अपनाना बेहद जरूरी है ताकि आप न केवल गर्मियों की थकान से बच सकें, बल्कि खुद को फिट, हाइड्रेटेड और तंदरुस्त भी रख सकें. नीचे कुछ आसान और प्रभावी हेल्थ टिप्स दिए गए हैं, जिन्हें अपनाकर आप गर्मियों में अपने शरीर और मन को तरोताजा रख सकते हैं. गर्मियों में हेल्थ का ख्याल रखना बेहद जरूरी है. तेज़ धूप, उमस और बढ़ते तापमान से शरीर में पानी की कमी, थकान और कई बार पेट या त्वचा की समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान आदतों को अपनाकर आप गर्मियों में खुद को फिट और तंदरुस्त रख सकते हैं. गर्मियों में शरीर तेजी से पानी खोता है. इसलिए दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं. नारियल पानी, नींबू पानी या फलों का जूस भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. कोशिश करें कि रोज़ाना कम से कम 8-10 गिलास पानी लें. भारी और तैलीय भोजन गर्मियों में पचाना मुश्किल होता है. फ्रूट सलाद, दही, ओट्स और हरी सब्ज़ियां शरीर को ऊर्जा देती हैं और पेट को हल्का रखती हैं. दिन में कई बार हल्का भोजन करना बेहतर होता है. Add News18 as Preferred Source on Google हल्के रंग और कॉटन के कपड़े पहनें. ये न केवल शरीर को ठंडा रखते हैं बल्कि पसीने को सोखकर आराम भी पहुंचाते हैं. धूप में बाहर जाते समय कैप या छाता का इस्तेमाल करें. दोपहर के समय तेज़ धूप से बचें. UV किरणें त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक होती हैं. बाहर निकलते समय सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और कोशिश करें कि धूप में कम समय बिताएं. तरबूज, खीरा, संतरे और खट्टे फल गर्मियों में शरीर को ठंडक देते हैं. ये न केवल पानी की कमी को पूरा करते हैं बल्कि शरीर को आवश्यक विटामिन और मिनरल भी देते हैं. सुबह-सुबह हल्की वॉक या योग करें. गर्मी में भारी व्यायाम शरीर पर तनाव डाल सकता है, इसलिए सूरज कम होने के बाद हल्की गतिविधियां ही करें. पर्याप्त नींद और आराम भी जरूरी है. एलोवेरा जूस, खीरे का जूस, ठंडे पानी से स्नान करना या ठंडी पट्टियों का इस्तेमाल शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. ये उपाय न केवल राहत देते हैं, बल्कि शरीर को अंदर से ताज़गी भी देते हैं. गर्मी में इन आसान टिप्स को अपनाकर आप न केवल खुद को सेहतमंद रख सकते हैं, बल्कि गर्मी की थकान और परेशानियों से भी बच सकते हैं. हाइड्रेशन, हल्का भोजन, सही पहनावा और ठंडक देने वाले फलों का सेवन करना आपकी हेल्थ को गर्मियों में मजबूत बनाए रखेगा. First Published : March 24, 2026, 18:08 IST
Beauty Tips: 20 साल के होते ही Gen Z लड़कों के झडने लगे हैं बाल, तो 40 में तो हो जाएंगे गंजे! एक्सपर्ट ने बताई वजह

आजकल बालों का झड़ना सिर्फ 40–50 की उम्र तक सीमित नहीं रहा, बल्कि 20–25 साल के लड़कों में भी तेजी से गंजापन देखने को मिल रहा है. हाल ही में एक्सपर्ट्स ने बताया कि Gen Z यानी आज की युवा पीढ़ी में हेयर फॉल एक आम समस्या बनती जा रही है. Traya Health के आंकड़ों के अनुसार यह समस्या तेजी से बढ़ रही है. उनके 5 लाख पुरुषों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि बाल झड़ने की समस्या से जूझ रहे 50% लोग 25 साल से कम उम्र के हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह केवल जेनेटिक समस्या नहीं है, बल्कि आज की खराब लाइफस्टाइल इसका सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है. यह सिर्फ लुक्स का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास और मानसिक स्वास्थ्य पर भी गहरा असर डाल रहा है. पहले जहां बाल झड़ना उम्र बढ़ने का संकेत माना जाता था, वहीं अब कॉलेज जाने वाले लड़के भी हेयरलाइन पीछे जाने की चिंता में हैं. Traya Health की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. दिव्या के अनुसार, इसका सबसे बड़ा कारण आज की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल है. लगातार बढ़ता स्ट्रेस, अनियमित नींद और डिजिटल लाइफस्टाइल बालों की जड़ों को कमजोर कर रही है. आज की Gen Z देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप पर रहती है, जिससे शरीर का हार्मोनल बैलेंस बिगड़ता है. इससे बालों की ग्रोथ साइकिल प्रभावित होती है और बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं. इसके अलावा पढ़ाई, करियर और सोशल प्रेशर के कारण लगातार तनाव बना रहता है, जिससे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ता है और हेयर फॉल तेज हो जाता है. खराब खानपान भी इस समस्या को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है. आज की युवा पीढ़ी घर के खाने से ज्यादा फास्ट फूड, प्रोसेस्ड फूड और जंक फूड पर निर्भर हो गई है. ऐसे खाने में जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन D और B12 की कमी होती है, जिससे बाल कमजोर और पतले होने लगते हैं. इसके साथ ही प्रदूषण और खराब पानी भी स्कैल्प को नुकसान पहुंचाती है, जिससे बाल जल्दी टूटने लगते हैं. शहरों में रहने वाले युवाओं में यह समस्या ज्यादा देखी जा रही है. इसके अलावा जेनेटिक कारण भी अहम भूमिका निभाते हैं. अगर परिवार में पहले से गंजेपन की समस्या रही है, तो अगली पीढ़ी में इसके जल्दी दिखने की संभावना बढ़ जाती है. एक्सपर्ट्स बताते हैं कि DHT नाम का हार्मोन बालों की जड़ों को छोटा कर देता है, जिससे धीरे-धीरे बाल पतले होकर गिरने लगते हैं. हालांकि, आज की लाइफस्टाइल इस प्रक्रिया को और तेज कर देती है, इसलिए पहले के मुकाबले अब कम उम्र में ही गंजापन दिखने लगा है. इस समस्या से बचने के लिए समय रहते कदम उठाना बहुत जरूरी है. सबसे पहले अपनी डाइट सुधारें और प्रोटीन, हरी सब्जियां, फल और नट्स को शामिल करें. अच्छी नींद लें और स्ट्रेस को कम करने के लिए योग या एक्सरसाइज करें. साथ ही बालों में ज्यादा केमिकल प्रोडक्ट्स और हीट स्टाइलिंग से बचें. एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर शुरुआती स्टेज में ध्यान दिया जाए, तो बालों के झड़ने की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है. वरना 20 की उम्र में शुरू हुआ हेयर फॉल 40 तक गंजेपन में बदल सकता है.







