सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये, किसानों को पॉकेट मनी…बंगाल में ममता बनर्जी ने जारी किया घोषणा पत्र

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने टीएमसी कांग्रेस (टीएमसी) का मेनिफेस्टो जारी किया। रियल एस्टेट ने ‘लक्ष्मी भंडार’ स्कीम के तहत जनरल क्लास की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और एससी/एसटी को हर महीने 1,700 रुपये देने की घोषणा की है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा, जो युवा कहते हैं वे हर महीने 1,500 रुपये पैसे के लिए आम तौर पर पैसे देते हैं। बंगाल इंडस्ट्रीज़ के लिए एक गंतव्य है। हम एमएसएमई में नंबर वन हैं. एमएसएमई के तहत 1.5 करोड़ कर्मचारी काम करते हैं। ‘बंगाल में आर्किटेक्ट इंडस्ट्री सबसे बड़ी है।’ बंगाल में नई बिल्डिंगें बनवाएंगी ममता कंपनी की प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा, ‘हम ‘दुआरे चिकित्सा’ (घर-घर स्वास्थ्य सेवा) शुरू करेंगे। हम इसे हर बूथ पर शुरू करेंगे, हम ‘दुआरे चिकित्सा’ कैंप लगाएंगे। हज़ारों की संख्या में ई-लर्निंग सुविधाओं के साथ इलेक्ट्रानिक्स द्वारा निर्मित। आने वाले दिनों में हम 7-8 नए जिले, ब्लॉक, यहां तक कि नए नगर पालिकाएं भी ठंडा करेंगे।’ कोलकाता | पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ”मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि बंगाल को बचाने के लिए एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ लड़ें। pic.twitter.com/JgwRXgBUDl – ANI_हिन्दीन्यूज़ (@Aहिन्दीन्यूज़) 20 मार्च 2026 कृषि बजट बढ़ो सरकार अंदेशा ने फिर से सरकार में आने के बाद कृषि क्षेत्र में बजट में वृद्धि की घोषणा की है। ममता बनर्जी ने कहा, ‘खेती पर आश्रित परिवारों की सहायता करने के लिए, भूमिहीन किसानों को समर्थन देने और कृषि क्षेत्र को बेहतर बनाने के लिए 30,000 करोड़ रुपये का कृषि बजट भी तैयार किया गया है। इसके अलावा हर ब्लॉक और शहर में घर-घर मेडिकल कर्मियों के लिए मेडिकल कैंप का आयोजन किया जाएगा।’ मैं विनम्रतापूर्वक बंगाल के लिए अपनी 10 प्रतिज्ञाएं प्रस्तुत करता हूं, ताकि मेरी सरकार के चौथे कार्यकाल में विकास का पहिया आगे बढ़ता रहे। लक्ष्मीर भंडार के तहत, ₹500 की वृद्धि के साथ, महिलाओं को सामान्य वर्ग के लिए ₹1,500 की मासिक वित्तीय सहायता मिलती रहेगी… pic.twitter.com/qt3TUInByi – ममता बनर्जी (@MamataOfficial) 20 मार्च 2026 बीजेपी पर भड़कीं ममता बनर्जी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, ‘मैं बंगाल के लोगों से अपील करती हूं कि बंगाल को बचाने के लिए बीजेपी के खिलाफ एकजुट हों. अगर सेंट्रल कॉलेज आपको डराने की कोशिश कर रही हैं, तो डरें नहीं. अगर वे आपको पैसे देने की कोशिश कर रहे हैं, तो न लें। वे समुद्र तट से पैसा और हथियार, माफिया की तलाश कर रहे हैं, यहां अशांति और तबाही की कोशिशें कर रहे हैं। मैं बिजली वाली राजनीति नहीं कर रहा हूं। हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई सब एक जैसे हैं।’ बीजेपी पर कोई बढ़त नहीं और सीएम ममता बनर्जी ने कहा, ‘टीएमसी के अलावा पार्टी बंगाल को बचाया नहीं जा सकता। मोदी के भाषण पर ध्यान मत दीजिए. उन्होंने सबका विकास की जगह सबका विनाश किया है। वे (बीजेपी) बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर बेटी, महिला, किसान हटाओ और बीजेपी गुंडा बचाओ कर रहे हैं।’ ये भी पढ़ें: विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: आरजी कर रिकॉर्ड की मां हो सकती हैं चुनाव, पिता को उम्मीद बीजेपी मैदान में उतर सकती है (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी घोषणापत्र(टी)(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)टीएमसी घोषणा पत्र(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026
श्योपुर में आंधी-बारिश से बदला मौसम:पकी फसलों को होगा नुकसान, किसानों की चिंता बढ़ी

श्योपुर जिले में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दोपहर बाद करीब साढ़े तीन बजे तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। इससे एक ओर जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर किसानों की चिंता बढ़ गई है। सुबह से ही आसमान में बादलों की आवाजाही बनी हुई थी, जो मौसम बदलने का संकेत दे रही थी। दोपहर होते-होते बादल और घने हो गए, जिसके बाद अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और फिर बारिश शुरू हो गई। आंधी इतनी तेज थी कि कई स्थानों पर धूल का गुबार भी उड़ता देखा गया। आमजन ने मौसम में आई ठंडक से राहत महसूस की, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश चिंता का विषय बन गई है। इस समय खेतों में गेहूं और चने की फसलें पूरी तरह पककर तैयार खड़ी हैं। तेज हवा और बारिश के कारण फसलों के गिरने और खराब होने का खतरा बढ़ गया है। कई स्थानों पर गेहूं की फसलें खेतों में बिछी हुई नजर आईं। जिले के आसपास के गांव सोईंकला में भी तेज बारिश होने की सूचना मिली है, जिससे किसानों की चिंता और गहरी हो गई है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह खराब रहा तो उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है। फसल कटाई का समय नजदीक है और इस तरह की बारिश उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। बारिश जारी रहने से होगा नुकसान जिले में रबी की फसलें इस समय अंतिम चरण में हैं। ऐसे में मौसम का यह बदलाव किसानों के लिए नुकसान दायक माना जा रहा है। यदि बारिश जारी रहती है या आंधी का असर बढ़ता है, तो फसलों को और अधिक नुकसान होने की आशंका है। फिलहाल किसान मौसम साफ होने की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द फसल की कटाई कर संभावित नुकसान से बच सकें। प्रशासन और मौसम विभाग भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
हरे या फिर काले अंगूर: मिठास में कौन आगे और सेहत में कौन निकला नंबर वन? जानकर रह जाएंगे हैरान!

Last Updated:March 20, 2026, 16:26 IST डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अगर बात मिठास की करें, तो हरे और काले अंगूर दोनों में ही प्राकृतिक शुगर पाई जाती है. लेकिन आमतौर पर काले अंगूर थोड़े ज्यादा मीठे महसूस होते हैं क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है. वहीं हरे अंगूर हल्के खट्टे-मीठे होते हैं, जो उन्हें रिफ्रेशिंग बनाते हैं. अंगूर एक ऐसा फल है जिसे लगभग हर कोई पसंद करता है. चाहे वो हरे अंगूर हों या काले, दोनों ही स्वाद और पोषण से भरपूर होते हैं. लेकिन अक्सर लोगों के मन में सवाल रहता है कि आखिर इनमें से कौन ज्यादा मीठा होता है और सेहत के लिए कौन बेहतर है. डॉ राजकुमार (आयुष) ने बताया कि अगर बात मिठास की करें, तो हरे और काले अंगूर दोनों में ही प्राकृतिक शुगर पाई जाती है. लेकिन आमतौर पर काले अंगूर थोड़े ज्यादा मीठे महसूस होते हैं क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा थोड़ी ज्यादा होती है. वहीं हरे अंगूर हल्के खट्टे-मीठे होते हैं, जो उन्हें रिफ्रेशिंग बनाते हैं. इसलिए मिठास के मामले में काले अंगूर थोड़े आगे माने जाते हैं. सेहत की नजर से देखें तो काले अंगूर एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं. इनमें रेस्वेराट्रॉल नाम का तत्व पाया जाता है जो दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है. यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने और शरीर में सूजन को कम करने में भी सहायक होता है. इसलिए काले अंगूर दिल की सेहत के लिए खास तौर पर फायदेमंद माने जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं हरे अंगूर भी किसी से कम नहीं हैं. इनमें विटामिन C और K अच्छी मात्रा में होता है, जो इम्युनिटी बढ़ाने और हड्डियों को मजबूत करने में मदद करता है. इसके अलावा हरे अंगूर शरीर को हाइड्रेट रखने में भी सहायक होते हैं, खासकर गर्मियों में. इनका हल्का स्वाद और रसदार टेक्सचर इन्हें एक बेहतरीन स्नैक बनाता है. अगर वजन कम करने की बात करें, तो हरे अंगूर थोड़ा बेहतर विकल्प हो सकते हैं क्योंकि इनमें कैलोरी थोड़ी कम होती है. यह पेट को भरते हैं और अनहेल्दी स्नैक की क्रेविंग को कम करते हैं. वहीं काले अंगूर भी हेल्दी हैं, लेकिन उनकी मिठास ज्यादा होने के कारण सीमित मात्रा में ही खाने चाहिए, खासकर अगर आप शुगर कंट्रोल कर रहे हैं. त्वचा और बालों के लिए भी दोनों तरह के अंगूर फायदेमंद हैं. काले अंगूर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को एजिंग से बचाते हैं और ग्लो बढ़ाते हैं. वहीं हरे अंगूर त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं और फ्रेशनेस देते हैं. बालों के लिए भी दोनों प्रकार के अंगूर फायदेमंद होते हैं, क्योंकि ये स्कैल्प को पोषण देते हैं. डाइजेशन के लिहाज से भी अंगूर काफी अच्छे होते हैं. इनमें फाइबर होता है जो पाचन को बेहतर बनाता है. हरे अंगूर हल्के होते हैं और जल्दी पच जाते हैं, जबकि काले अंगूर थोड़े भारी हो सकते हैं. इसलिए अगर आपका पेट संवेदनशील है, तो हरे अंगूर बेहतर विकल्प हो सकते हैं. दोनों को सही मात्रा में खाने से पाचन बेहतर रहता है. First Published : March 20, 2026, 16:26 IST
भाजपा सिर्फ श्रेय लेने की राजनीति कर रही है-नकुलनाथ:एयरपोर्ट मुद्दे पर भाजपा पर साधा निशाना, बोले—शुरुआत कमलनाथ सरकार में हुई थी

छिंदवाड़ा के पूर्व सांसद नकुलनाथ तीन दिवसीय दौरे पर शुक्रवार को छिंदवाड़ा पहुंचे। दोपहर में वे विशेष विमान से ईमलीखेड़ा हवाई पट्टी पर उतरे, जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मीडिया से चर्चा में नकुलनाथ ने छिंदवाड़ा एयरपोर्ट निर्माण को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की शुरुआत कमलनाथ सरकार के समय हो चुकी थी, लेकिन अब भाजपा नेता उसी फाइल को दोबारा घुमा रहे हैं। पहले दिन धार्मिक कार्यक्रम और बैठकें दौरे के पहले दिन वे नरसिंहपुर के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अमरवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के सालीवाड़ा शारदा पहुंचे। यहां उन्होंने नवरात्र के अवसर पर माता रानी के दर्शन कर प्रदेश और देश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक में भी शामिल हुए। शाम को वे शिकारपुर पहुंचे, जहां जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यक्रम में भाग लिया। दूसरे दिन शोक संवेदना और जनसंपर्क 21 मार्च को नकुलनाथ जुन्नारदेव विधानसभा के नीमकुही पहुंचे। यहां उन्होंने पूर्व मंत्री स्व. तेजीलाल सरेयाम के निवास पर पहुंचकर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद पांढुर्ना जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठकों में हिस्सा लिया। तीसरे दिन 22 मार्च को नकुलनाथ छिंदवाड़ा से सीहोर जिले के सलकनपुर के लिए रवाना होंगे, जहां वे एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होंगे।
सिवनी में तेज रफ्तार ट्रैक्टर पलटा:दबने से ड्राइवर की मौके पर मौत, मृतक कान्हीवाड़ा का रहने वाला

सिवनी जिले के बंडोल इलाके में शुक्रवार दोपहर बलारपुर गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक बेकाबू होकर पलट गया, जिसमें दबने से ड्राइवर की मौके पर ही जान चली गई। हादसा दोपहर करीब 1 बजे का है। जानकारी के मुताबिक, कान्हीवाड़ा के हिनोतिया गांव का रहने वाला बृजलाल मरकाम ट्रैक्टर लेकर किसी काम से निकला था। जैसे ही वह बलारपुर गांव के पास पहुंचा, ट्रैक्टर की रफ्तार तेज होने की वजह से वह उस पर काबू नहीं रख पाया और गाड़ी पलट गई। बृजलाल ट्रैक्टर के नीचे बुरी तरह दब गया और जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की खबर मिलते ही बंडोल थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने गांव वालों की मदद से शव को बाहर निकाला और पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। बंडोल थाना प्रभारी मनोज जंघेला ने बताया कि पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की छानबीन की जा रही है। सावधानी की अपील शुरुआती जांच में यही माना जा रहा है कि हादसा ट्रैक्टर की तेज गति के कारण हुआ है। पुलिस ने एक बार फिर वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क पर चलते समय सावधानी बरतें और यातायात नियमों का पालन करें ताकि ऐसे हादसों को रोका जा सके।
न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका को 8 विकेट से हराया:5 टी-20 की सीरीज में 2-1 से बढ़त बनाई, टॉम लैथम ने फिफ्टी लगाई

न्यूजीलैंड ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी-20 सीरीज के तीसरे मैच को 8 विकेट से जीत लिया है। इसी के साथ टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त भी बना ली है। चौथा मैच चौथा मैच 22 मार्च को वेलिंग्टन में खेला जाएगा। ऑकलैंड के इडेन पार्क स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका की टीम ने 20 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन बनाए। 137 रन का टारगेट न्यूजीलैंड ने 16.2 ओवर में दो विकेट पर हासिल कर लिया। टॉम लैथम 63 रन बनाकर नाबाद लौटे। वहीं, लॉकी फर्ग्यूसन ने अपने कोटे के चार ओवर में 9 रन देकर एक विकेट लिया। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। साउथ अफ्रीका ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवाए टॉस हारकर बैटिंग कर रही साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब रही। टीम ने पावरप्ले के 6 ओवर में 41 रन बनाने में टॉप-3 बैटर्स के विकेट गंवा दिए थे। टॉनी डी जॉर्जी 15, वियान मुल्डर जीरो और कॉनर एस्टरहुइजन ने 15 रन बनाए। कोई बैटर फिफ्टी नहीं लगा सका शुरुआती 6 ओवर में खराब शुरुआत के बाद साउथ अफ्रीका की टीम नियमित अंतराल में विकेट गंवाती रही। टीम का कोई भी बल्लेबाज फिफ्टी नहीं लगा सका। यहां तक कि एक भी बैटर 30 रन का आंकड़ा हासिल नहीं कर सका। अफ्रीका की ओर से 10वें नंबर के बल्लेबाज नकोबानी मोकोएना ने सबसे ज्यादा 26 रन बनाए। काइल जैमिसन, मिचेल सैंटनर और बेन सीयर्स ने 2-2 विकेट झटके। लॉकी फर्ग्यूसन, कोल मैकॉन्ची और जिमी नीशाम को एक-एक विकेट मिला। कीवी ओपनर्स की फिफ्टी पार्टनरशिप 137 रन का टारगेट चेज कर रही न्यूजीलैंड के ओपनर्स ने टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। डेवोन कॉन्वे और टॉम लैथम की जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 66 बॉल पर 96 रनों ही अहम साझेदारी की। यहां कॉन्वे 39 रन बनाकर आउट हुए। उन्हें केशव महाराज ने कैच आउट कराया। टॉम लैथम की फिफ्टी, मैच जिताकर लौटे कॉन्वे के आउट होने के बाद टॉम लैथम ने टिम रॉबिन्सन (17 रन) के साथ पारी को आंगे बढ़ाया। लेकिन रॉबिन्सन को 17वें ओवर की पहली बॉल पर लुथो सिपामला ने LBW कर दिया। हालांकि, तब टीम ने स्कोर लेवल कर लिया था। सिपामला की दूसरी बॉल पर निक केली ने एक रन लिया और टीम को 8 विकेट की जीत दिला दी। टॉम लैथम 55 बॉल पर 63 रन बनाकर नाबाद लौटे। ——————————————– इंटरनेशनल क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL से चुनी जाएगी वन-डे वर्ल्ड कप 2027 की टीम; 20 इंडियन प्लेयर्स शॉर्टलिस्ट 28 मार्च से शुरू हो रहा IPL भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाला है। टी–20 फॉर्मेट में खेली जानी वाली इस लीग से टीम इंडिया की वनडे वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम तय होगी। पढ़ें पूरी खबर
मार्च-अप्रैल में बीमारियों से बचने के उपाय: डॉ. परिनीता कौर के सुझाव

मार्च-अप्रैल में लोग सबसे ज्यादा बीमार पड़ते हैं. हर दिन बदलता मौसम इसका एक बड़ा कारण है. ऐसे में अगर आप एयर-कंडीशन्ड ऑफिस से अचानक तेज गर्मी में निकलते हैं तो बीमार होने की संभावना और बढ़ जाती है. यह भले ही हमारी दिनचर्या का हिस्सा लग सकता है, लेकिन हमारा शरीर इसे अलग तरीके से महसूस करता है. तापमान में यह अचानक बदलाव शरीर पर एक तरह का “दोहरा थर्मल शॉक” डालता है, जिससे शरीर पर हल्का लेकिन असरदार दबाव पड़ता है. डॉ. परिनीता कौर, एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड – इंटरनल मेडिसिन, मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, द्वारका बताती हैं कि हमारा शरीर अपने अंदर का तापमान संतुलित रखने की कोशिश करता है, जिसे थर्मोरेगुलेशन कहा जाता है. जब हम लंबे समय तक एसी में रहते हैं, तो शरीर ठंडे माहौल के अनुसार खुद को ढाल लेता है, जिससे पसीना कम आता है और शरीर की कुछ प्रक्रियाएं धीमी हो जाती हैं. फिर जैसे ही हम बाहर तेज गर्मी में जाते हैं, शरीर को अचानक सक्रिय होना पड़ता है जिससे पसीना आना शुरू होता है, त्वचा में रक्त संचार बढ़ता है और शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश करता है. यह बदलाव हमेशा आसान नहीं होता. टेंपरेचर में बदलाव का असर इसका सबसे आम असर थकान के रूप में दिखता है. शरीर को खुद को ढालने में ज्यादा ऊर्जा लगती है, जिससे बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस होती है. सिरदर्द भी एक सामान्य समस्या है, जो अक्सर डिहाइड्रेशन या तापमान में अचानक बदलाव से होता है. समय के साथ यह स्थिति काम करने की क्षमता और पूरे सेहत पर भी असर डाल सकती है. रेस्टिरेटरी सिस्टम की गड़बड़ी रेस्पिरेटरी सिस्टम भी इससे प्रभावित होता है. एसी वाले कमरों में नमी कम होती है, जिससे नाक और गला सूख जाता है. इससे एलर्जी, जलन और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. इसके तुरंत बाद जब हम गर्म और नमी भरी हवा में जाते हैं, तो यह समस्या और बढ़ सकती है, जिससे खांसी, गले में परेशानी या साइनस की दिक्कत हो सकती है. स्किन प्रॉब्लमत्वचा पर भी इसका असर पड़ता है. एसी में ज्यादा समय बिताने से त्वचा की नमी कम हो जाती है, जिससे सूखापन और संवेदनशीलता बढ़ती है. बाहर की गर्मी, प्रदूषण और धूप के संपर्क में आने पर त्वचा में जलन, टैनिंग या पिंपल्स हो सकते हैं. बार-बार होने वाला यह बदलाव त्वचा की सुरक्षा परत को कमजोर कर देता है. इन लोगों के लिए ज्यादा खतराटेंपरेचर में यह असंतुलन हल्के डिहाइड्रेशन का कारण बन सकता है, जो लंबे समय में ऊर्जा, ध्यान और किडनी के काम पर असर डाल सकता है. इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से माइग्रेन, अस्थमा या दिल से जुड़ी समस्याएं हैं, उनके लिए यह तापमान बदलाव ट्रिगर बन सकता है. इससे रक्त वाहिकाओं में बदलाव आता है, सांस लेने में फर्क पड़ता है और लक्षण बढ़ सकते हैं. तो इससे बचाव कैसे किया जाए? सबसे जरूरी है धीरे-धीरे बदलाव को अपनाना और कुछ आदतों में सुधार करना. एसी का तापमान बहुत कम न रखें, बल्कि सामान्य स्तर पर रखें ताकि शरीर को ढलने में आसानी हो. दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें, भले ही प्यास न लगे. बाहर जाते समय हल्का दुपट्टा या जैकेट पहनना अचानक बदलाव को कम कर सकता है. इसके अलावा, त्वचा की देखभाल, मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल और इनडोर हवा की गुणवत्ता का ध्यान रखना भी जरूरी है. Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
अलविदा जुमा पर इबादत में डूबा शहर:मस्जिदों में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, रमजान के आखिरी शुक्रवार पर विशेष नमाज अदा

रमजान महीने के आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा पर राजधानी इबादत के रंग में रंगी नजर आई। सुबह से ही मस्जिदों के बाहर नमाजियों की भीड़ उमड़ने लगी और दोपहर तक शहर की प्रमुख मस्जिदों में जगह कम पड़ गई। शहर की ऐतिहासिक ताज-उल-मसाजिद और मोती मस्जिद समेत विभिन्न मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने अलविदा जुमा की नमाज अदा की। नमाज के दौरान मुल्क में अमन, भाईचारे और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं की गईं। अलविदा जुमा को रमजान की विदाई का प्रतीक माना जाता है, इसलिए इस दिन का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। धर्मगुरुओं ने तकरीर में कहा कि रमजान सिर्फ एक महीना नहीं, बल्कि जिंदगी को बेहतर बनाने का संदेश देता है। रोजा, सब्र, संयम और नेक कामों की आदत को पूरे साल जारी रखना ही इसकी असली सीख है। नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने जरूरतमंदों को जकात और सदका दिया। मस्जिदों के बाहर भी सामाजिक संगठनों द्वारा पानी, खजूर और अन्य व्यवस्थाएं की गईं। ईद की नमाज के समय
तनाव, शुगर और पाचन में रामबाण है गुलदाउदी, ऐसे करें इस्तेमाल, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

Last Updated:March 20, 2026, 14:50 IST गुलदाउदी न केवल एक सुंदर फूल वाला पौधा हैं, बल्कि सेहत का खजाना भी है. इसकी पंखुड़ियों, पत्तों और जड़ों में ऐसे औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. सदियों से पारंपरिक चिकित्सा में इसका उपयोग होता आ रहा है. यह कई रोगों में रामबाण है. आगे विस्तार से जानिए… गुलदाउदी की चाय दिल की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है. यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करती है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाती है. कुछ मामलों में यह सीने के दर्द, खासकर एनजाइना जैसी समस्याओं में राहत देने में भी सहायक हो सकती है. अगर आप तनाव, सिरदर्द या मानसिक थकान से परेशान रहते हैं, तो गुलदाउदी की खुशबू और इसकी चाय दोनों आपके लिए फायदेमंद हो सकती हैं. इसके फूलों की प्राकृतिक सुगंध दिमाग को शांत करती है, जिससे तनाव कम होता है और सिर के भारीपन से भी राहत मिलती है. गुलदाउदी पाचन संबंधी समस्याओं के लिए भी काफी असरदार है. इसके फूल गैस, कब्ज और पेट दर्द में लाभकारी होते हैं. नियमित सेवन से पाचन तंत्र बेहतर होता है और पेट हल्का महसूस होता है, जिससे दिनभर शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. यह एक महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, नगर बलिया की चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, गुलदाउदी आंखों के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसके फूलों का पेस्ट आंखों के आसपास लगाने से जलन, खुजली और दर्द में आराम मिलता है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने वालों के लिए यह एक प्राकृतिक उपाय साबित हो सकता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं. यह सर्दी, खांसी और फ्लू जैसी समस्याओं से लड़ने में मदद करता है और श्वसन तंत्र को मजबूत बनाता है. इसी कारण यह सांस संबंधी रोगों में भी उपयोगी माना जाता है. गुलदाउदी का पौधा त्वचा के लिए भी किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके गुण त्वचा की सूजन और जलन को कम करने में मदद करते हैं. साथ ही, यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में सहायक हो सकता है, जिससे मधुमेह के मरीजों को लाभ मिल सकता है. हालांकि, किसी भी औषधि का सेवन करने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें. गुलदाउदी का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. इसके सूखे फूलों से चाय बनाई जा सकती है, पत्तों का पेस्ट सिर पर लगाया जा सकता है या काढ़े के रूप में इसका सेवन किया जाता है. काली मिर्च के साथ इसका काढ़ा और भी असरदार माना जाता है. रोजमर्रा की जिंदगी में इसे शामिल कर आप प्राकृतिक तरीके से अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं. हालांकि, इसका सेवन हमेशा एक्सपर्ट की देखरेख में ही करना चाहिए, वरना नुकसान भी हो सकता है. First Published : March 20, 2026, 14:50 IST
प्रीमियम पेट्रोल ₹2.35 प्रति लीटर तक महंगा:भोपाल में दाम 117 रुपए प्रति लीटर तक हुए, इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत 25% बढ़ी

सरकारी तेल कंपनियों ने आज यानी 20 मार्च को स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ा दी है। भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब 117 रुपए पहुंच गई है। सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं हुआ है। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से बेचता है। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL इसे पावर और इंडियन ऑइल यानी IOCL XP95 के नाम से इसे बेचता है। ये सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 10-12 रुपए महंगा होता है। इसके अलावा इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की है। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए हैं। औद्योगिक डीजल के खरीदारों में रेलवे, रोडवेज बसें, बड़ी फैक्ट्रियां, अस्पताल और बड़े मॉल शामिल हैं। तेल कंपनियां ये डीजल टैंकरों के जरिए सीधे इन संस्थानों के निजी स्टोरेज टैंकों में भेजती हैं। सामान्य और प्रीमियम पेट्रोल में ऑक्टेन वैल्यू का अंतर सामान्य और प्रीमियम पेट्रोल में मुख्य अंतर इनके ऑक्टेन नंबर का होता है। प्रीमियम पेट्रोल का ऑक्टेन लेवल ज्यादा होता है जो इंजन को ‘नॉकिंग’ (झटके) से बचाकर बेहतर परफॉर्मेंस और लंबी लाइफ देता है। प्रीमियम पेट्रोल के दाम इसलिए ज्यादा होते हैं क्योंकि इसकी रिफाइनिंग प्रोसेस महंगी है और इसे बनाने के लिए खास ‘एडिटिव्स’ का इस्तेमाल होता हैं। सामान्य पेट्रोल: इसका ऑक्टेन नंबर आमतौर पर 91 होता है। यह ज्यादातर कारों और बाइक्स के इंजन के लिए स्टैंडर्ड फ्यूल है। प्रीमियम पेट्रोल: इसका ऑक्टेन नंबर 95 से 100 के बीच होता है। जैसे इंडियन ऑयल का ‘XP95’ 95 ऑक्टेन का है। प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में इजाफे के पीछे मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ना माना जा रहा है। सामान्य पेट्रोल के मुकाबले यह पहले से ही 5 से 10 रुपए महंगा था। पेट्रोल की कीमतों में यह बढ़ोतरी कच्चा तेल महंगा होने और प्रीमियम फ्यूल में मिलाए जाने वाले एडिटिव्स की लागत बढ़ने को माना जा रहा है। ईरान जंग की वजह से क्रूड ऑयल के इंडियन बास्केट के दाम 70 डॉलर से बढ़कर 156 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि क्रूड की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रहती है तो सामान्य पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी बढ़ाई जा सकती हैं। प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री कुल पेट्रोल का केवल 3-4% प्रीमियम फ्यूल की बिक्री कुल पेट्रोल बिक्री का एक छोटा हिस्सा है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि प्रीमियम कैटेगरी के पेट्रोल में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह बेचे जाने वाले कुल पेट्रोल का केवल 3-4% ही है। क्या आपकी गाड़ी के लिए प्रीमियम पेट्रोल जरूरी है? इंडस्ट्रियल फ्यूल के दाम 25% बढ़े; ₹109.59 प्रति लीटर हुई कीमत इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी करीब ₹22 या 25% की बढ़ोतरी की है। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए हैं। इंडस्ट्रियल फ्यूल का उपयोग फैक्ट्रियों में बॉयलरों और पावर प्लांट्स में ऊर्जा पैदा करने के लिए किया जाता है। इसमें मुख्य रूप से फर्नेस ऑयल, लाइट डीजल ऑयल और हाई-स्पीड डीजल शामिल हैं। ये मशीनों को चलाने, धातुओं को पिघलाने और औद्योगिक हीटिंग के काम आते हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… जंग के चलते क्रूड दोगुना, 146 डॉलर पहुंचा: पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है; हमले से कतर का प्लांट बंद, यूरोप में गैस की कीमत 30% बढ़ी ईरान की ओर से खाड़ी देशों के एनर्जी ठिकानों पर नए हमलों के बाद आज 19 मार्च को ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल और नेचुरल गैस की कीमतों में 30% तक की तेजी है। जंग शरू होने के बाद से भारत में क्रूड की कीमतें लगभग दोगुनी होकर 146 डॉलर पर पहुंच गई है। इसके बढ़ने से भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम 10-15 रुपए बढ़ सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें…






