Thursday, 15 Oct 2026 | 05:13 AM

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नहीं दिखा चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद:नमाज के समय तय, फित्रा की दरें घोषित; सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग इंतजाम

नहीं दिखा चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद:नमाज के समय तय, फित्रा की दरें घोषित; सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग इंतजाम

रमजान के 29वें रोजे के बाद गुरुवार शाम शहर में ईद का चांद नजर नहीं आया। मोती मस्जिद सहित विभिन्न स्थानों पर रूयते हिलाल कमेटी ने तस्दीक की, लेकिन कहीं से भी चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने 30 रोजे पूरे होने के चलते शनिवार को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान किया है। गुरुवार रात तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई, जबकि शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज होगी, जो इस रमजान का पांचवां जुमा भी है। नमाज के समय और फित्रा की दरें तय मसाजिद कमेटी की बैठक में ईद की नमाज के समय निर्धारित किए गए हैं। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे, जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताजुल मसाजिद में 8:00 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज अदा की जाएगी। अन्य मस्जिदों में यह समय 8:30 बजे रहेगा। फित्रा गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति लगभग 70 रुपए तय किया गया है। वहीं जौ और खजूर के अनुसार यह राशि अलग हो सकती है। चांदी के वर्तमान भाव के आधार पर अधिकतम फित्रा करीब 1650 रुपए निर्धारित किया गया है। ईद की नमाज के समय सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमात में अदा होगी ईद की नमाज अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद कमेटी ने ऐलान किया है कि चांद नजर नहीं आने के चलते 21 मार्च को ईद-उल-फितर अकीदत के साथ मनाई जाएगी। कमेटी के सदर सूफी नूरुद्दीन सकलैनी ने बताया कि मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की जाएगी। पहली नमाज सुबह 7:45 बजे और दूसरी सुबह 8:30 बजे होगी। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद अहले सुन्नत वल जमात का प्रमुख मरकज है, जहां दूर-दराज से लोग नमाज के लिए आते हैं। जगह सीमित होने के कारण दो बार नमाज कराई जाती है। सकलैनी ने लोगों से अपील की कि ईद के मौके पर जरूरतमंदों और गरीबों का खास ध्यान रखें। शिया समुदाय की मस्जिदों में ईद की नमाज के अलग-अलग समय तय ईद-उल-फितर के मौके पर शिया समुदाय की मस्जिदों और इमामबाड़ों में नमाज के समय तय कर दिए गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक नमाज अदा की जाएगी। अलकापुरी भेल और कमला नगर स्थित अज़ाखानों में सुबह 7 बजे नमाज होगी। करोंद और फतेहगढ़ इमामबाड़ा में 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी। इमामी गेट पर 8:45 बजे और रेलवे स्टेशन स्थित इरानी इमामबाड़ा में सुबह 9 बजे नमाज रखी गई है।

इंदौर अक्षय हत्याकांड के आरोपी जबलपुर में छिपे थे:पुलिस ने दबिश देकर तीन को पकड़ा; 100km दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था

इंदौर अक्षय हत्याकांड के आरोपी जबलपुर में छिपे थे:पुलिस ने दबिश देकर तीन को पकड़ा; 100km दूर ले जाकर वारदात को अंजाम दिया था

इंदौर में अक्षय शर्मा की हत्या को अंजाम देकर फरार हुए तीन आरोपियों को जबलपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर इंदौर पुलिस को सौंप दिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों पर 2-2 हजार रुपए का इनाम घोषित था। ये आरोपी इंदौर से फरार होने के बाद जबलपुर के राइट टाउन में रहने वाली भाजपा नेत्री शिखा शर्मा के घर सहित अन्य स्थानों पर छिपकर रह रहे थे। कोतवाली सीएसपी रितेश कुमार शिव के नेतृत्व में लार्डगंज थाना प्रभारी नवल आर्य की टीम ने शशिकांत शर्मा को आदि एन्क्लेव से, जबकि रवि और गौरव को पास के एक घर से गिरफ्तार किया। इसके बाद तीनों को इंदौर पुलिस के हवाले कर दिया गया। 17 जनवरी 2026 को आठ आरोपियों ने मिलकर पहले अक्षय का अपहरण किया, उसके साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर उसे थाने के बाहर छोड़कर फरार हो गए थे। घर से बुलाकर उठाकर ले गए मृतक अक्षय शर्मा का अपने चाचा गोविंद और उनके परिवार से प्रॉपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। यह पूर्वजों का प्लॉट था, जिस पर अक्षय कब्जा करना चाहता था, जबकि गोविंद और अन्य रिश्तेदार भी उस पर अपना दावा कर रहे थे। इसी बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। मृतक और आरोपी एक ही कैंपस में रहते थे और कई बार अक्षय को घर से बाहर निकालने की कोशिश भी की गई थी। 17 जनवरी की शाम शशिकांत शर्मा ने अक्षय को कॉल कर प्लॉट के पास बुलाया। जैसे ही वह वहां पहुंचा, आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठा लिया और इंदौर से करीब 100 किलोमीटर दूर शाजापुर ले गए। इस दौरान उसे जबरन शराब भी पिलाई गई। शाजापुर में आरोपी उसे अपने एक दोस्त के फार्महाउस पर ले गए, जहां उसे निर्वस्त्र कर बेरहमी से मारपीट की गई। आरोपियों ने गर्म लोहे की रॉड से उसके शरीर पर कई जगह निशान बनाए और उसके प्राइवेट पार्ट को भी आग से जला दिया। गंभीर रूप से घायल करने के बाद 18 जनवरी को आरोपी उसे वापस इंदौर के बाणगंगा थाने के पास छोड़ गए। रेप की एफआईआर दर्ज कराई मृतक और आरोपी एक ही परिवार के हैं। आरोप है कि अक्षय ने रिश्ते में लगने वाली 22 वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म किया था, जिसकी एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पुलिस ने अक्षय को इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया, जहां 22 जनवरी को उसकी मौत हो गई। पुलिस ने अक्षय शर्मा की हत्या के मामले में शशिकांत शर्मा, गोविंद शर्मा, रवि शर्मा, गौरव शर्मा, विनोद शर्मा, राहुल शर्मा, सत्यम शर्मा, रवि शर्मा और रिंकू शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की। इंदौर पुलिस ने विनोद, रिंकू और राहुल को तुरंत गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार होकर जबलपुर में छिपे हुए थे। सत्यम और रवि अब भी फरार हैं। भाजपा नेत्री के घर से शशिकांत गिरफ्तार, साथियों का मिला सुराग इंदौर पुलिस को सूचना मिली कि अक्षय शर्मा हत्याकांड के तीन आरोपी शशिकांत, रवि और गौरव जबलपुर में अपने एक रिश्तेदार के यहां छिपे हुए हैं। पुलिस ने शहर के बस स्टैंड, होटल और ढाबों पर उनकी तलाश शुरू की। इस बीच गुरुवार को जानकारी मिली कि शशिकांत शर्मा अपनी सास शिखा शर्मा, जो खुद को भाजपा नेत्री बताती हैं, के घर में छिपा हुआ है, जबकि उसके दो अन्य साथी आसपास के इलाके में ठहरे हुए हैं। गुरुवार शाम पुलिस ने शिखा शर्मा के घर दबिश दी और शशिकांत को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने गौरव और रवि के ठिकाने की जानकारी दी। सीएसपी रितेश कुमार शिव ने बताया कि इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र निवासी अक्षय का अपहरण कर आरोपियों ने उसे गंभीर रूप से घायल किया और थाने के बाहर छोड़कर फरार हो गए थे। तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि ये तीनों जबलपुर में फरारी काट रहे थे, जिन्हें इंदौर पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया। आरोपियों को बाणगंगा थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जो उन्हें लेकर इंदौर रवाना हो गई है।

मांडू में गणगौर पर्व शुरू, मंदिरों में बोए ज्वारे:नगर में गूंज रहे पारंपरिक लोकगीत; 16 दिनों तक चलेगा उत्सव

मांडू में गणगौर पर्व शुरू, मंदिरों में बोए ज्वारे:नगर में गूंज रहे पारंपरिक लोकगीत; 16 दिनों तक चलेगा उत्सव

मांडू और आसपास के ग्रामीण अंचलों में गणगौर पर्व का उल्लास पर है। होली के दो दिन बाद से शुरू हुआ यह 16 दिवसीय अनुष्ठान माता पार्वती (गौरी) और भगवान शिव (ईसर) की भक्ति को समर्पित है। नगर के प्राचीन चतुर्भुज राम मंदिर सहित विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने मिट्टी के पात्रों में ज्वारे (जवारा) बोए हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में ‘बाड़ी’ या ‘खोर’ कहा जाता है। रात 9 बजे जवारा पूजन और मंगल गीत गूंजे प्रतिदिन रात 9 बजे महिलाएं और युवतियां पूर्ण श्रृंगार कर मंदिरों में एकत्रित हो रही हैं। ढोल-थाली की थाप पर ‘गौर-गौर गोमती ईसर पूजे पार्वती’ और ‘जवारे बोवण चाली रे’ जैसे पारंपरिक लोकगीतों के साथ ज्वारों की पूजा की जा रही है। इन गीतों के माध्यम से ईसर-गौरी के विवाह प्रसंगों का वर्णन और अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। अटूट दांपत्य और हरियाली के प्रतीक ज्वारे मान्यता है कि ये ज्वारे माता पार्वती का प्रतीक हैं। महिलाएं प्रतिदिन नियम से इन ज्वारों को सींचती हैं और कई श्रद्धालु इस दौरान कठिन उपवास भी रखते हैं। यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि निमाड़ और मालवा की समृद्ध लोक संस्कृति, नृत्य और संगीत का एक अनूठा संगम भी पेश करता है। 16 श्रृंगार और मेहंदी से सजा उत्सव गणगौर के अवसर पर युवतियां और महिलाएं विशेष रूप से मेहंदी लगाकर और रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सज-धज कर बाड़ी पूजन के लिए पहुंच रही हैं। 16 दिनों तक चलने वाला यह उत्सव परिवार की सुख-समृद्धि और पति की लंबी आयु की प्रार्थना के साथ मनाया जा रहा है। पर्व के अंतिम दिनों में इन ज्वारों का भव्य चल समारोह निकालकर विसर्जन किया जाएगा।

नदी में मिला चार दिन से लापता बुजुर्ग का शव:मैहर के गुढ़वा में घर से बिना बताए निकले; मानसिक रूप से अस्वस्थ थे

नदी में मिला चार दिन से लापता बुजुर्ग का शव:मैहर के गुढ़वा में घर से बिना बताए निकले; मानसिक रूप से अस्वस्थ थे

मैहर जिले के गुढ़वा गांव में गुरुवार सुबह एक बुजुर्ग का शव नदी में मिला। मृतक की पहचान 75 वर्षीय रामस्वरूप पटेल के रूप में हुई है, जो पिछले चार दिनों से लापता थे। परिजनों ने 18 मार्च को रामनगर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मानसिक अस्वस्थता के चलते घर से निकले थे परिजनों ने बताया कि रामस्वरूप पिछले एक वर्ष से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे थे। वे अक्सर बाणसागर डूब क्षेत्र में स्थित अपने पुराने पुश्तैनी मकान पर जाने की जिद करते थे। 16 मार्च की शाम को वे बिना बताए घर से कहीं चले गए थे, जिसके बाद काफी तलाश करने पर भी उनका कोई सुराग नहीं लगा था। मगरमच्छ के हमले की थी आशंका परिजनों ने पुलिस को दी सूचना में आशंका जताई थी कि बुजुर्ग नदी की ओर गए होंगे और वहां मगरमच्छों का शिकार हो गए होंगे। हालांकि, गुरुवार सुबह 7 बजे जब शव नदी में मिला, तो प्रारंभिक जांच में शरीर पर किसी जलीय जीव के हमले के निशान नहीं पाए गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा तैयार किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार, जांच में जुटी पुलिस रामनगर थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट में शासकीय भूमि से हटाई दुर्गा प्रतिमा:गर्रा में 12 घंटे बाद प्रशासन ने चलाया बुलडोजर; सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान

बालाघाट जिले के गर्रा औद्योगिक क्षेत्र में चैत्र नवरात्र के अवसर पर शासकीय भूमि पर स्थापित की गई मां दुर्गा सहित अन्य देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को प्रशासन ने गुरुवार देर शाम हटा दिया। एसडीएम और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 12 घंटे बाद यह कार्रवाई की गई। प्रशासन ने न केवल प्रतिमाओं को अज्ञात स्थान पर स्थानांतरित किया, बल्कि रात में ही जेसीबी चलाकर निर्माणाधीन मंदिर के ढांचे को भी ढहा दिया। प्रतिमाओं को वाहन में रखकर भेजा प्रशासनिक अमले ने शाम को विवादित स्थल की घेराबंदी कर बंद पर्दों के बीच मूर्तियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की। मां दुर्गा, भगवान शंकर, नंदी, सूर्य और विष्णु की प्रतिमाओं को सरकारी वाहन में रखवाकर सम्मानपूर्वक विसर्जित या अन्यत्र स्थापित करने के लिए भेजा गया। हालांकि, प्रशासन ने अधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन प्रतिमाओं को वर्तमान में कहां रखा गया है। अतिक्रमण और बेदखली आदेश के उल्लंघन पर कार्रवाई एसडीएम कार्तिकेय जायसवाल ने बताया कि उक्त भूमि पूरी तरह शासकीय है और वहां प्रतिमा स्थापना नियम विरुद्ध थी। प्रशासन ने पूर्व में भी यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोकने और अतिक्रमणकारियों को बेदखली के आदेश दिए थे। निर्देशों के उल्लंघन और सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जे को देखते हुए हिंदू शास्त्रों के विधि-विधान और सम्मान के साथ प्रतिमाओं को वहां से हटाने का निर्णय लिया गया। सरपंच बोले- यह हिंदुत्व का अपमान ग्राम पंचायत सरपंच वैभवसिंह बिसेन ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे हिंदुत्व का अपमान बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से ग्रामीण यहां नवरात्र मनाते आ रहे हैं और जनसहयोग से मंदिर खड़ा किया गया था। सरपंच ने बताया कि इस बेशकीमती जमीन को शराब भट्टी के लिए आवंटित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने देवी-देवताओं की प्रतिमाओं और मंदिर के ढांचे को हटाया है। देर रात चलाया बुलडोजर प्रतिमा स्थापना की सूचना के बाद गुरुवार सुबह से ही गर्रा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रशासन ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा कर समाधान निकालने का प्रयास किया, लेकिन सहमति न बनने पर बलपूर्वक कार्रवाई की गई। रात के अंधेरे में निर्माण कार्य गिराए जाने के बाद पूरे औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

धार में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी:सोनगढ़ गांव में 5 बच्चे घायल, 2 साल से जर्जर स्थिति में है ब्लिडिंग

धार में जर्जर स्कूल भवन की छत गिरी:सोनगढ़ गांव में 5 बच्चे घायल, 2 साल से जर्जर स्थिति में है ब्लिडिंग

धार जिले के राजगढ़ क्षेत्र के ग्राम सोनगढ़ स्थित शासकीय स्कूल प्रांगण में गुरुवार को अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों के क्रिकेट खेलते समय स्कूल भवन की जर्जर छत अचानक गिर गई। हादसे में करीब 5 बच्चे मलबे की चपेट में आए और उन्हें हल्की चोटें आईं। छत गिरने की आवाज सुनते ही ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंची। उन्होंने फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला और तुरंत निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों की स्थिति सामान्य बताई जा रही है। 15 वर्षीय कालू को कमर में और 9 वर्षीय बालू को पैर में चोट लगी, जबकि अन्य तीन बच्चों को मामूली चोटें आईं। स्कूल भवन की हालत जर्जर थी सूत्रों के अनुसार, सोनगढ़ का यह शासकीय स्कूल भवन पिछले 2 साल से जर्जर स्थिति में था। बावजूद इसके परिसर में बच्चों का आना-जाना बना हुआ था, जिससे ऐसे हादसे का खतरा लगातार बना था। हालांकि स्कूल में कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा था, लेकिन बच्चों के खेलने के दौरान यह हादसा हुआ। ग्रामीणों और स्थानीय प्रशासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा और मरम्मत के लिए जल्द कार्रवाई करने की बात कही है।

पूर्व शीर्ष पुलिसकर्मी भाजपा से बंगाल के चुनावी मैदान में उतरे, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग के प्रयास का समर्थन किया | विशेष | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 22:28 IST डॉ. राजेश कुमार ने News18 को बताया कि चुनाव आयोग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर काम कर रहा है और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है. हाल के महीनों में, डॉ. कुमार संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के खिलाफ अपनी सैद्धांतिक कानूनी चुनौती के कारण लोगों की नजरों में बने हुए हैं। फ़ाइल छवि भारतीय जनता पार्टी की उम्मीदवार सूची में गुरुवार को एक आश्चर्य की बात सामने आई जब पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. राजेश कुमार को शामिल किया गया, जो 31 जनवरी को पश्चिम बंगाल पुलिस से महानिदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए थे। भाजपा में शामिल होने के बाद, डॉ. कुमार ने News18 से विशेष रूप से बात की, जिसमें कहा गया कि राज्य में कानून और व्यवस्था एक प्रमुख चिंता का विषय बनी हुई है और उन्होंने अधिकारियों से चुनाव के दौरान कानून का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया। साक्षात्कार के अंश: राजनीति में आने के बाद आपकी प्रारंभिक प्रतिक्रिया क्या है? मैंने हमेशा लोगों की सेवा की है और ऐसा करना जारी रखने का यह एक और अवसर है। मैं माननीय प्रधान मंत्री, माननीय गृह मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व को उनके विश्वास के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं 31 जनवरी को सेवानिवृत्त हुआ और अपने पूरे करियर के दौरान सार्वजनिक सेवा में लगा रहा। चाहे वर्दी में हों या राजनीति में, उद्देश्य एक ही रहता है- लोगों की सेवा करना। जगद्दल जैसे क्षेत्रों में अपराध से संबंधित मुद्दे हैं और मैं उन्हें संबोधित करने के लिए काम करूंगा। सरकारी सेवा में आपकी पृष्ठभूमि को देखते हुए, आप भाजपा में क्यों शामिल हुए, टीएमसी में नहीं? यह तुलना के बारे में नहीं है. हर कोई अपने विकल्प बनाता है। मैं सार्थक काम करने का अवसर चाहता था और वह मंच मुझे यहां मिल गया है।’ पार्टी ने मेरी क्षमताओं पर भरोसा दिखाया है और मैं उस भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।’ लोगों को आपको वोट क्यों देना चाहिए? लोगों को बुनियादी सुविधाओं, रोजगार और औद्योगिक विकास से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बंगाल में कानून व्यवस्था भी एक मुद्दा है. यदि निर्वाचित हुआ तो मैं इन मुद्दों को सुलझाने के लिए लगन से काम करूंगा। आपका राजीव कुमार के साथ जुड़ाव है-क्या यह राजनीतिक बदलाव उस रिश्ते को प्रभावित करेगा? यह एक राजनीतिक मुकाबला है, व्यक्तिगत नहीं. मैं राजीव कुमार को अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे विश्वास है कि वह अच्छा करेगा, और मुझे विश्वास है कि वह भी मेरी भलाई की कामना करता है। हालिया नौकरशाही फेरबदल पर आपका क्या विचार है? चुनाव आयोग उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय ले रहा है. अधिकारियों को कानून का पालन करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों। आयोग अपना काम कर रहा है, अधिकारियों को सहयोग करना चाहिए. टीएमसी ने इन तबादलों को राजनीति से प्रेरित बताया है. आपका जवाब? स्थानांतरण एक प्रशासनिक मामला है और अधिकारी अपनी पोस्टिंग का चयन नहीं करते हैं। चुनाव आयोग अपने पास उपलब्ध जानकारी के आधार पर कार्य कर रहा है और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहा है। अधिकारियों को इस प्रक्रिया का समर्थन करना चाहिए. आपको कथित तौर पर अनिवार्य प्रतीक्षा पर रखा गया था। क्या इससे राजनीति में शामिल होने के आपके फैसले पर असर पड़ा? पोस्टिंग, चाहे अच्छी हो या अन्यथा, सेवा जीवन का हिस्सा है। मुझे किसी से कोई शिकायत नहीं है. पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 22:28 IST समाचार राजनीति पूर्व शीर्ष पुलिसकर्मी भाजपा से बंगाल के चुनावी मैदान में उतरे, स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए चुनाव आयोग के प्रयास का समर्थन किया | अनन्य अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पुलिस(टी)बंगाल(टी)टीएमसी(टी)चुनाव आयोग

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तेज आंधी और आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई। इस बेमौसम वर्षा से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी रबी फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। आंधी के कारण क्षेत्र के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी पूरी तरह बाधित रही। खेतों में कटी रखी फसलें भीगी वर्तमान में क्षेत्र में गेहूं, चना और मसूर की कटाई का कार्य चरम पर है। किसान कमल नारायण यादव और राजकुमार लोधी के अनुसार, कई किसानों ने फसल काटकर खेतों में ही रखी है, जो इस बारिश में भीग गई है। किसानों का कहना है कि यदि बादल छाए रहते हैं और दोबारा बारिश होती है, तो अनाज की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। तेजगढ़ और तेंदूखेड़ा में आधे घंटे बरसात गुरुवार शाम पहले तेजगढ़ में धूलभरी आंधी चली, जिसके बाद तेंदूखेड़ा मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में तेज बारिश शुरू हुई। सड़कों पर पानी भरने से आवागमन में असुविधा हुई, हालांकि उमस भरी गर्मी से लोगों को फौरी राहत मिली है। किसानों ने इस स्थिति को ‘आफत की बारिश’ करार दिया है क्योंकि कटाई का सीजन अंतिम दौर में है। आंधी से चरमराई बिजली व्यवस्था, जनजीवन प्रभावित बारिश से पहले चली तेज आंधी के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट आने से तेंदूखेड़ा ब्लॉक की बिजली व्यवस्था ठप हो गई। रात के समय अचानक हुई इस बारिश ने खलिहानों में रखे अनाज को सुरक्षित करने की जद्दोजहद बढ़ा दी है। कृषि विशेषज्ञों ने बताया कि इस समय की बारिश से कटी हुई फसलों में चमक कम होने और दाने काले पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

भागवत बोले- RSS को 86 संभागों में बांटेंगे:लेकिन काम का तरीका नहीं बदलेगा; कहा- बयान गलत तरीके से दिखाने वालों पर हंसी आती है

भागवत बोले- RSS को 86 संभागों में बांटेंगे:लेकिन काम का तरीका नहीं बदलेगा; कहा- बयान गलत तरीके से दिखाने वालों पर हंसी आती है

मोहन भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। नागपुर में एक मराठी अखबार के 100 साल पूरे होने पर उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले RSS में 46 प्रांत थे, अब इन्हें बढ़ाकर छोटी-छोटी इकाईयों यानी 86 संभागों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर काम आसानी और अच्छे तरीके से हो सके। भागवत कहा कि संघ के काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। दोस्ती बनाकर और अच्छे उदाहरण देकर समाज में बदलाव लाना ही संघ का मुख्य तरीका है, और यह आगे भी चलता रहेगा। अपने बयानों को गलत तरीके से दिखाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस पर हंसी आती है और वे ऐसे लोगों के लिए सहानुभूति रखते हैं। संघ प्रमुख की स्पीच की बड़ी बातें… मोहन भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 8 फरवरी: मुंबई में कहा- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: संघ प्रमुख बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है। RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा कि बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या की पहचान करना सरकार की जिम्मेदारी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हैदराबाद में कहा कि अवैध रूप से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करना और उन्हें देश से बाहर भेजना सरकार की जिम्मेदारी है। नागरिक इस तरह के मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भाजपा को RSS कंट्रोल नहीं करता, संघ को पार्टी के नजरिए से देखना गलत RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के नजरिए से आरएसएस को समझना गलत है। सभी स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और संघ किसी (भाजपा) को कंट्रोल नहीं करता। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। पूरी खबर पढ़ें…

बैतूल में ईद उल फितर शनिवार को मनाई जाएगी:शहर की 10 मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज का समय तय

बैतूल में ईद उल फितर शनिवार को मनाई जाएगी:शहर की 10 मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज का समय तय

बैतूल में ईद उल फितर का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद 30 रोजे पूरे होने के साथ यह फैसला लिया गया है। इससे पहले गुरुवार को चांद दिखने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सऊदी अरब में भी पहले दिन चांद नहीं दिखा था, जिसके चलते वहां शुक्रवार को ईद मनाए जाने की संभावना है। आमतौर पर सऊदी अरब में भारत से एक दिन पहले ईद मनाई जाती है। इस बीच, बैतूल में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने शहर की सभी मस्जिदों के इमामों और जिम्मेदारों के साथ बैठक की। इस बैठक में ईद की नमाज के समय निर्धारित किए गए हैं। जारी सूची के अनुसार, विभिन्न मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज का समय इस प्रकार है: ईदगाह सदर में सुबह 8:30 बजे, जामा मस्जिद कोठी बाजार में 9:00 बजे, हसनैन मस्जिद में 9:15 बजे, गोसिया रहमानिया मस्जिद में 9:00 बजे, सदर मस्जिद में 9:30 बजे, गंज मस्जिद में 9:00 बजे, गंज कोतवाली मस्जिद में 8:45 बजे, दरअसल फ्लाट मस्जिद में 9:15 बजे, अहल-ए-हदीस मस्जिद में 7:30 बजे, कादिरशाह मस्जिद चक्कर रोड में 9:00 बजे और मदीना मस्जिद मुर्गी चौक में 9:00 बजे नमाज अदा की जाएगी। कमेटी ने सभी लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर ही नमाज अदा करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। कमेटी कल शुक्रवार चांद दिखने के बाद पृथक से ईद का त्यौहार मनाए जाने की घोषणा करेगी।