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कुबेरेश्वरधाम में नववर्ष पर पांच क्विंटल घी खिचड़ी का भोग:हजारों श्रद्धालुओं ने शिव-शक्ति आराधना कर प्रसादी ग्रहण की; रुद्राक्ष वितरण भी हुआ

कुबेरेश्वरधाम में नववर्ष पर पांच क्विंटल घी खिचड़ी का भोग:हजारों श्रद्धालुओं ने शिव-शक्ति आराधना कर प्रसादी ग्रहण की; रुद्राक्ष वितरण भी हुआ

गुड़ी पड़वा और हिंदू नववर्ष के अवसर पर सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने शिव और शक्ति की आराधना की। पांच क्विंटल से अधिक शुद्ध घी की खिचड़ी का भोग लगाकर प्रसादी का वितरण किया गया। यह आयोजन हर साल की तरह इस वर्ष भी किया गया। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में यहां आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई। इस अवसर पर पांच क्विंटल से अधिक शुद्ध घी की खिचड़ी का भोग लगाया गया। हजारों श्रद्धालु धाम पर पहुंच रहे धाम पर निशुल्क रुद्राक्ष का वितरण भी लगातार जारी है। विठलेश सेवा समिति की ओर से पंडित विनय मिश्रा और पंडित समीर शुक्ला ने श्रद्धालुओं के लिए भोजन प्रसादी की वितरण व्यवस्था संभाली। विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित ने बताया कि प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु धाम पर आते हैं। समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क भोजन, पेयजल और रुद्राक्ष वितरण की व्यवस्था की गई है। गुरुवार को गुड़ी पड़वा हिंदू नववर्ष के अवसर पर सुबह शिव और शक्ति की विशेष आराधना की गई। इस दिन पांच क्विंटल शुद्ध घी की खिचड़ी, तीन क्विंटल मीठा भात के अलावा रोटी और सब्जी भी श्रद्धालुओं को वितरित की गई।

विदिशा में महिला ने खाया जहर:मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत, चार बच्चों की मां थी

विदिशा में महिला ने खाया जहर:मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत, चार बच्चों की मां थी

विदिशा के त्योंदा थाना क्षेत्र के ग्राम घटेरा में 30 वर्षीय महिला शकुन रैकवार ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया। गंभीर हालत में उसे विदिशा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला अपने पीछे चार छोटे बच्चे छोड़ गई है। जानकारी के अनुसार, शकुन रैकवार ने बुधवार शाम को जहरीला पदार्थ खाया था। घटना के समय उसका पति राजकुमार काम पर गया हुआ था। घर लौटने पर बच्चों ने बताया कि मां ने कुछ खा लिया है, जिसके बाद वह तुरंत पत्नी को अस्पताल लेकर गया। अस्पताल से मेडिकल कॉलेज रेफर पहले शकुन को त्योंदा अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे विदिशा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। चार बच्चों की मां थी मृतका शकुन रैकवार अपने पीछे चार छोटे बच्चे छोड़ गई हैं, जिनमें एक दो महीने की बच्ची भी शामिल है। परिजनों का कहना है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। त्योंदा पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

Health Tips: गर्मी में नहीं पड़ेंगे बीमार, इन आयुर्वेदिक तरीकों से करें शरीर तैयार, दिन में सोने भी खतरा

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Last Updated:March 19, 2026, 19:18 IST Summer Health tips: गर्मी के मौसम में फीट रहने के लिए अभी से तैयारी शुरू करना जरूरी है. मार्च-अप्रैल के महीने में जब मौसम में बदलाव हो रहे होते हैं, तो ऐसे में लोग ज्यादा बीमार होते हैं. लेकिन यही वो टाइम पीरियड होता है, जब आप अपने शरीर को भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी आयुर्वेदिक उपायों को यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट How To Prepare Body For Summer: मार्च और अप्रैल को वसंत ऋतु कहा जाता है. सर्दियों में शरीर में कफ जमा हो जाता है, लेकिन वसंत में यह कफ पिघलने लगता है. इसके कारण इन महीनों में सर्दी-खांसी, आलस, पाचन की कमजोरी और भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इस समय खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करना जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु में सुबह जल्दी उठना और व्यायाम करना बहुत फायदेमंद होता है. सही दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाने से शरीर स्वस्थ रहता है और मौसम से होने वाली बीमारियों से बचाव होता है. इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए जो कफ को कम करें. कड़वे और कसैले स्वाद वाली चीजें खास तौर पर लाभदायक मानी जाती हैं. कहा जाता है कि वसंत में इस तरह का भोजन करने से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहता है. इन चीजों का करें सेवनअपने आहार में नीम के पत्ते, पुराना गेहूं, मूंग दाल और जौ शामिल कर सकते हैं. पानी उबालकर पीना भी बेहतर होता है, क्योंकि इस मौसम में मच्छर और बीमारियां बढ़ सकती हैं. कुछ चीजों से परहेज भी जरूरी है. मीठा, खट्टा और नमकीन भोजन कम खाएं. घी और तेल से बनी मीठी चीजों से बचें. वसंत ऋतु में दही न खाने की सलाह दी जाती है, उसकी जगह छाछ पी सकते हैं. छाछ में काला नमक और जीरा मिलाकर पीना ज्यादा फायदेमंद होता है और इससे कफ नहीं बढ़ता. दिन में सोने से करें परहेजइसके अलावा, दिन में सोने से बचना चाहिए. दिन में सोने से शरीर में कफ बढ़ता है, जिससे आलस और भारीपन महसूस होता है. कोशिश करें दिनभर आप कुछ न कुछ एक्टिविटी करते रहें, इससे नींद नहीं आएगी. अगर आप इन बातों का ध्यान रखें, तो वसंत ऋतु में स्वस्थ रह सकते हैं. इस बातों का भी रखें ध्यानसेहतमंद रहने के लिए फीजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी होती है. ऐसे में अपने लिए थोड़ा समय निकालने और कुछ समय हरे घास पर नंगे पाव चहलकदमी करें, या फिर योगा करें. इससे आपको बॉडी के साथ माइंड को भी डिटॉक्स करने में मदद मिलेगी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 19, 2026, 19:18 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

हरदा में एक तिथि एक त्योहार कैलेंडर जारी:भ्रम दूर करने स्थानीय गणना से तिथियां तय, ज्योतिष परिषद ने सर्वसम्मति से किया विमोचन

हरदा में एक तिथि एक त्योहार कैलेंडर जारी:भ्रम दूर करने स्थानीय गणना से तिथियां तय, ज्योतिष परिषद ने सर्वसम्मति से किया विमोचन

हरदा में गुड़ी पड़वा के अवसर पर ‘एक तिथि एक त्योहार’ कैलेंडर का विमोचन किया गया। यह कैलेंडर त्योहारों की तिथियों को लेकर होने वाले असमंजस को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के आह्वान पर जिला ज्योतिष परिषद ने ज्योतिष विद्वानों और पंडितों की बैठक आयोजित कर स्थानीय गणना के आधार पर सर्वसम्मति से इसे अंतिम रूप दिया था। चैत्र प्रतिपदा और हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को परशुराम चौक पर पूजन के बाद इसका विमोचन हुआ। इस अवसर पर पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि प्रत्येक शहर अपने अक्षांश और देशांश पर स्थित होता है, जिससे पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में सूर्योदय के समय में अंतर आता है। इसके कारण पंचांगों में गणना के अनुसार तिथियों में भिन्नता पाई जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न पंचांगों का निर्माण अलग-अलग सिद्धांतों पर होता है। धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथि मानना उचित पंडित व्यास ने जोर देकर कहा कि तिथियों का निर्धारण स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा ही किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, नासा और गूगल द्वारा बताई गई तिथियों के बजाय धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथियों को मानना अधिक उचित है। कैलेंडर विमोचन कार्यक्रम में सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य पंडित ओमप्रकाश पुरोहित, चंद्रकांत शुक्ला, वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीनारायण बादर (मुन्ना बादर), उपाध्यक्ष रोहित तिवारी, नगर अध्यक्ष दीपक शुक्ला, युवा इकाई अध्यक्ष विवेक बादर, सुदीप मंडलोई, सचिव नवीन शर्मा, प्रतीक शर्मा, दीपक चौबे और शशिभूषण जोशी सहित कई समाजजन उपस्थित थे। सर्व सहमति से तिथियां तय की गईं पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि वर्ष में आने वाली दो-दो तिथियों की स्थिति में सर्वसम्मति से कुछ प्रमुख त्योहारों की तिथियां तय की गई हैं। इसके अनुसार, 27 मार्च को रामनवमी, 28 अगस्त को रक्षाबंधन, 20 अक्टूबर को दशहरा, 8 नवंबर को दीपावली और 21 मार्च को होलिका दहन मनाना उचित होगा।

दिल्ली में भाजपा-AAP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प:पालम अग्निकांड की शोकसभा में पहुंचे केजरीवाल, बोले- BJP पीड़ितों से नहीं मिलने दे रही

दिल्ली में भाजपा-AAP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प:पालम अग्निकांड की शोकसभा में पहुंचे केजरीवाल, बोले- BJP पीड़ितों से नहीं मिलने दे रही

दिल्ली के पालम इलाके में हुए अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद गुरुवार को शोकसभा हुई। इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। शोकसभा में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, विधायक आतिशी और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे थे। झड़प के बाद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और वह पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP को पीड़ितों की चिंता नहीं है और कोई पीड़ितों से सहानुभूति जताने आता है तो भाजपा वाले किसी को उनके रिश्तेदारों से मिलने भी नहीं दे रहे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की सही जांच की मांग की। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… दरअसल, अग्निकांड के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता लगातार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले थे। उनके आने से पहले सौरभ भारद्वाज और बीजेपी विधायक कुलदीप सोलंकी भी शोकसभा में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो दिखाया, जिसमें बचाव कार्य के दौरान हाइड्रोलिक मशीन के फेल होने का दावा किया गया। इस पर उन्होंने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वीडियो को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गया, जिससे शोकसभा का माहौल प्रभावित हो गया।

त्रिफला गिलोय शहद: सुबह खाली पेट गिलोय-त्रिफला-शहद गुणगुने पानी में पूरे पीने से क्या होता है? जानें फायदे

त्रिफला गिलोय शहद

त्रिफला गिलोय शहद | छवि: मेटा एआई त्रिफला गिलोय शहद: अब गर्मागर्मी का भुगतान कर दिया गया है। खासकर मार्च महीने में, आप भी खुद को हर वक्त थका हुआ महसूस करते हैं? दिन भर नींद आना, मोटापा और शरीर में भारीपन महसूस होना इस मौसम में आम बात है। अक्सर हम इसे ‘बदलता मौसम’ कहते हैं, लेकिन आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा सकता है। बता दें, जब शरीर के अंदर टॉक्सिन जाता है तो उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे आप और भी ज्यादा कमजोर महसूस करने लगते हैं। आइये आपको इस लेख में एक ऐसे रामबाण इलाज के बारे में बताते हैं। जिससे आपको फायदे देखने को मिल सकते हैं। आयुर्वेद का शक्तिशाली ‘डिटॉक्स पानी’ शरीर की बेहतर सफाई के लिए आयुर्वेद में एक अत्यंत प्रभावशाली औषधि के बारे में बताया गया है। जिसमें त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद शामिल हैं। इन चारों को गुनगुने पानी के साथ खाली पेट लें। तो इससे आपके शरीर पर असर दिख सकता है। त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद को गुणगुने पानी में लेने के फायदे जब हमारा पाचन तंत्र, आंतें और लाइववेरिएंट्स पाए जाते हैं, तो शरीर की खोज के तरीके से डिटॉक्स होता है। बस आपको इन चारों के मिश्रण में पानी में घुला हुआ पानी मिलाना है। त्रिफला – इसे इज़ाद का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। यह पुरानी गंदगी को साफ़ कर मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है और दुकानदार का सफाया करता है।गिलोय – आयुर्वेद में इसे ‘अमृत’ कहा गया है। इससे वात, पित्त और कफ को राहत मिलती है और लिवर की सहायता से आपकी इम्युनिटी को बढ़ावा मिलता है।हल्दी – आपके एंटी-एसिडिटेशन और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण के कारण हल्दी रक्त साफ होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।हाँ – शहद का केवल एक ही स्वाद होता है, बल्कि यह अन्य स्वाद- शरीर के सेल तक गहराई से स्वाद के गुण को निर्धारित करने का काम करता है। ‘डिटॉक्स पानी’ किस तरह का पीएं? प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा हिस्सा त्रिफला केश, थोड़ी सी गिलोय और चुटकीभर हल्दी के टुकड़े। इन एक मैमोरियल शिकागो। यदि आपका पाचन बहुत खराब हो गया है, तो आप इस पानी में भूखा या सौंठ का भी उपयोग कर सकते हैं। नोट – गर्भवती महिलाओं और जिन लोगों के पेट में दर्द रहता है। वह डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ये भी पढ़ें – मां ब्रह्मचारिणी पूजा 2026: नवरात्रि के दूसरे दिन करें माता ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए मां ब्रह्माचारिणी से भोगिनी तक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)त्रिफला गिलोय शहद और हल्दी मिश्रित पानी(टी)त्रिफला गिलोय शहद(टी)हल्दी मिश्रित पानी के फायदे हिंदी(टी)अगर आप त्रिफला गिलोय शहद पीते हैं तो क्या होता है(टी)आयुर्वेद बताता है(टी)डिटॉक्स पानी(टी)स्वस्थ पानी के फायदे

क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अमृतसर में टेका मत्था:टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आए, मां के साथ धार्मिक स्थलों के किए दर्शन

क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अमृतसर में टेका मत्था:टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आए, मां के साथ धार्मिक स्थलों के किए दर्शन

भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद वीरवार को अपने गृह जिले अमृतसर पहुंचे। उन्होंने अपनी मां के साथ विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। अभिषेक शर्मा ने सबसे पहले श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) और शहीद साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका। उन्होंने देश और समाज की खुशहाली के लिए अरदास की और अपनी सफलता के लिए वाहेगुरु का धन्यवाद किया। श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी लिया आशीर्वाद इसके बाद, उन्होंने श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनकी मां भी उनके साथ थीं। जानकारी के अनुसार, अभिषेक शर्मा बीती देर शाम अमृतसर पहुंचे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हो गए और बिना किसी औपचारिकता के सादगी से अपना कार्यक्रम पूरा किया। आईपीएल की शुरुआत से पहले आए गुरुनगरी, प्रशंसकों में दिखा काफी उत्साह यह उल्लेखनीय है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत कुछ ही दिनों में होने वाली है। अभिषेक शर्मा ने आगामी मुकाबलों से पहले ईश्वर का आशीर्वाद लेकर अपने नए सफर की शुरुआत की है। दर्शन करने के बाद अभिषेक शर्मा उसी रात अमृतसर से रवाना हो गए। उनके इस संक्षिप्त दौरे को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह देखा गया। श्री माता वैष्णो देवी के भी कर चुके हैं दर्शन गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित श्री माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर के दर्शन कर पूजा पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए थे। वह दिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने के लिए भवन पहुंचे थे। युवा बल्लेबाज ने मंदिर पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया और देश की खुशहाली एवं टीम की आगे की सफलता के लिए प्रार्थना की।

सामाजिक न्याय की मांग पर राष्ट्रपति-मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा:मऊगंज में हजारों लोग हुए रैली में शामिल; उग्र आंदोलन की चेतावनी

सामाजिक न्याय की मांग पर राष्ट्रपति-मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा:मऊगंज में हजारों लोग हुए रैली में शामिल; उग्र आंदोलन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में गुरुवार को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन हुआ। ओबीसी, एससी और एसटी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों लोग सड़कों पर उतरे और विशाल रैली निकाली। दोपहर लगभग 2 बजे चाक मोड़ से शुरू हुई रैली शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। रैली में शामिल लोगों ने उच्च शिक्षा में समान अवसर, आरक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी कानून 2026 शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के साथ वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभा सकता है। कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद इस आंदोलन में कुंवर सिंह, रामायण साकेत, राजेश यादव, अमरनाथ पटेल समेत कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में जुटे जनसमुदाय ने सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी मुस्तैद रही। कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इसे मऊगंज तहसीलदार बीके पटेल ने प्राप्त किया। ज्ञापन में ओबीसी जनगणना, बैकलॉग पदों की शीघ्र पूर्ति, निजी संस्थानों में आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण बहाली, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त करने, क्रीमीलेयर व्यवस्था खत्म करने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। मांगें नहीं मानने पर करेंगे उग्र आंदोलन आंदोलनकारियों ने कहा कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। शाम लगभग 5 बजे ज्ञापन सौंपने के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ, लेकिन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल में किसकी जीतेगी बीजेपी? शशि थरूर का जवाब सुन, रह जायेंगे हैरान

केरल विधानसभा चुनाव 2026: केरल में किसकी जीतेगी बीजेपी? शशि थरूर का जवाब सुन, रह जायेंगे हैरान

केरल में बीजेपी के प्रदर्शन को लेकर शशि थरूर ने की बड़ी भविष्यवाणी. आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर थरूर ने कहा कि बीजेपी का राज्य में कोई प्रभाव नहीं है, साथ ही राज्य सरकार के गठन में बीजेपी की कोई महत्वपूर्ण भूमिका नहीं है. वह इस चुनाव में अपना खाता खोल ले, वही बहुत है. एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि राज्य में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के बीच मुकाबला होगा। यह त्रिकोणीय मुकाबला नहीं है. विधानसभा में बीजेपी की एक भी सीट नहीं है. अगर वे एक, दो या तीन सीट भी जीत ले, तो उन्हें बीजेपी पर बेहद गर्व और खुशी होगी। वे खुद को एक बड़ी जीत का श्रेय देंगे। बीजेपी की यही स्थिति है. बीजेपी का राज्य में असर नहीं: थरूर थरूर ने कहा कि उनके राज्य में इतना भी प्रभाव नहीं है कि सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी जा सके। यह मुकाबला एल फाइन और यू एफ़ एफ़एलएफ़ के बीच होने वाला है। इसमें कोई संदेह नहीं है. साथ ही थरूर ने कहा कि राज्य में टक्कर होने की संभावना है. इसका अर्थ है हर सीट और हर वोट महत्वपूर्ण है। इसलिए हम बीजेपी की अनदेखी नहीं कर रहे हैं। थरूर ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी को केरल में सरकार के लिए खतरा या कार्टून प्लास्टिक पार्टी के रूप में मान्यता नहीं मिली है. जैसा कि मैंने कहा है कि वे अधिक से अधिक ये कर सकते हैं, कि अपना खाता खोल लें। उनसे जब पूछा गया कि केरल की राजनीति पर भाजपा का अभी तक कोई प्रभाव नहीं पड़ा है तो उन्होंने कहा कि हां यह सही है। सीट निर्धारित करने के लिए एक निश्चित मत प्रतिशत की आवश्यकता होती है। बीजेपी में बीजेपी का वोट प्रतिशत 19% था: थरूर उन्होंने कहा कि उनकी राजनीति में आने वाले 17 साल से ज्यादा वोट वाली पार्टी के बीच बीजेपी 6 प्रतिशत वोट वाली पार्टी से लेकर बराक 12 से 13 प्रतिशत वोट वाली पार्टी बन गयी है. लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 19 फीसदी वोट मिले हैं. जब राज्य में चुनाव की बात आती है तो वे फिर से लगभग 12-13 प्रतिशत पर चले जाते हैं। बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है: थरुर थरूर ने साथ ही कहा कि बीजेपी अपनी स्थिति में सुधार कर सकती है। यह एक अखंड और अद्भुत प्रक्रिया है। यह संभव नहीं है कि वे आवश्यक डेटा के लिए पहुंच तक पहुंचें। केरल में 2021 विधान सभा चुनाव में 99 सीटों के साथ सशक्त एल एफ़लेट्स ने बाजी मारी। यह पिछले चुनाव की तुलना में आठ से अधिक पर्वतीय स्थान है। 1977 के बाद पहला मौका था जब किसी गठबंधन ने राज्य में लगातार दूसरी बार सत्ता हासिल की। विपक्ष में भाजपा केरल में एक सीट पर फाइनल रही। सुरेश गोपी त्रिशूर सीट से जीते। केरल में 140 विधानसभा सदस्यों के लिए 9 अप्रैल को चुनाव होना है। यह भी पढ़ें: यह भी पढ़ें: इस राज्य में बदलेगी सरकार? टैगरी एन्हांसमेंट को टैग किया गया, एसोसिएट्स वाला सर्वे, सीएम की फ़्लू नींद

टूटी हड्डियों का देसी इलाज! इस पौधे से पाएं दर्द और सूजन में तुरंत राहत, पाचन और मेटाबॉलिज्म में भी मददगार

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Last Updated:March 19, 2026, 18:02 IST हड़जोड़ एक देसी बेलनुमा पौधा है जिसे आयुर्वेद में हड्डियों और जोड़ों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसके तना, पत्ते और जड़ सभी उपयोगी हैं. यह चोट, फ्रैक्चर, जोड़ों के दर्द और पाचन समस्याओं में असरदार है. चूर्ण, रस या लेप के रूप में इस्तेमाल होने वाला हड़जोड़ सही तरीके से लेने पर शरीर के लिए औषधीय लाभ प्रदान करता है. हड़जोड़ एक देसी बेलनुमा पौधा है जिसे आयुर्वेद में हड्डियों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसका तना चौकोर होता है और यही इसकी प्रमुख पहचान है. गांवों में लोग इसे हड्डी जोड़ने वाली दवा के रूप में जानते हैं. इसके तना, पत्ते और जड़ तीनों ही उपयोगी होते हैं और पुराने समय से लोग इसे घरेलू इलाज में इस्तेमाल करते आ रहे हैं, खासकर चोट और फ्रैक्चर में इसका अधिक प्रयोग किया जाता है. आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक, हड़जोड़ का सबसे बड़ा फायदा हड्डियों को जल्दी जोड़ने में होता है. इसमें ऐसे गुण मौजूद हैं जो हड्डी बनाने वाली कोशिकाओं को सक्रिय करते हैं, जिससे फ्रैक्चर जल्दी भरने में मदद मिलती है. कई लोग इसका चूर्ण दूध के साथ लेते हैं, साथ ही इसका लेप लगाने से सूजन और दर्द भी कम होता है, जिससे मरीज को जल्दी राहत मिलती है. अगर घुटनों या जोड़ों में दर्द रहता है, तो हड़जोड़ काफी फायदेमंद हो सकता है. इसमें सूजन कम करने वाले गुण होते हैं, जो जकड़न और दर्द को धीरे-धीरे कम करते हैं. बुजुर्ग लोग इसे खास तौर पर इस्तेमाल करते हैं. नियमित और सही मात्रा में लेने से जोड़ों की कमजोरी में सुधार देखा गया है और चलने-फिरने में आसानी होने लगती है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर खेलते समय बच्चे को चोट लग जाती है या मोच आ जाती है, तो हड़जोड़ का लेप बहुत काम आता है. इसके पत्तों को हल्का गर्म करके सेक करने से दर्द में आराम मिलता है, और तने को पीसकर लगाने से सूजन भी कम होती है. गांवों में लोग इसे तुरंत घरेलू इलाज के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, जिससे बिना दवा के ही काफी राहत मिल जाती है. हड़जोड़ सिर्फ हड्डियों के लिए ही नहीं बल्कि पेट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में इसका सेवन लाभकारी होता है. यह पाचन अग्नि को मजबूत करता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है. कुछ लोग इसका रस शहद के साथ लेते हैं, जिससे पेट से जुड़ी दिक्कतें धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. साधारण सा दिखने वाला हड़जोड़ मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाने में मदद करता है, जिससे वजन नियंत्रित रखने में सहारा मिल सकता है. साथ ही, यह ब्लड शुगर को संतुलित रखने में भी मददगार माना जाता है. कुछ लोग इसे नियमित रूप से लेते हैं, लेकिन डॉक्टर की सलाह जरूरी होती है ताकि इसका सही फायदा मिल सके और कोई नुकसान न हो. डॉक्टर इकबाल ने बताया कि हड़जोड़ का इस्तेमाल चूर्ण, रस या लेप के रूप में किया जाता है. हड्डी की समस्या में इसका चूर्ण दूध के साथ लिया जाता है, जबकि दर्द में लेप लगाया जाता है. लेकिन, ध्यान रखें कि ज्यादा मात्रा नुकसान कर सकती है. गर्भवती महिलाएं, दिल के मरीज या गंभीर बीमारी वाले लोग इसे बिना डॉक्टर की सलाह के बिल्कुल न लें. सही तरीके से इस्तेमाल ही इसका असली फायदा देता है. First Published : March 19, 2026, 18:01 IST