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‘कैरी ऑन जट्टा-4’ में दिवंगत जसविंदर भल्ला का AI अवतार:टीजर रिलीज, वीनू ढिल्लो व गिप्पी ग्रेवाल को बोले; फिल्म में तुमसे ज्यादा दिखूंगा

‘कैरी ऑन जट्टा-4’ में दिवंगत जसविंदर भल्ला का AI अवतार:टीजर रिलीज, वीनू ढिल्लो व गिप्पी ग्रेवाल को बोले; फिल्म में तुमसे ज्यादा दिखूंगा

पंजाबी कॉमेडियन दिवंगत जसविंदर सिंह भल्ला एक बार फिर से सिनेमा घरों में सबको हंसाते हुए दिखेंगे। इस बार जसविंदर भल्ला खुद तो नहीं होंगे, लेकिन उनका AI अवतार सिनेमाघरों में लोगों का खूब मनोरंजन करने वाला है। पंजाबी सिनेमा की सुपरहिट कॉमेडी फ्रेंचाइज़ी Carry On Jatta-4 जल्दी ही रिलीज होने जा रही है। फिल्म टीजर रिलीज हुआ तो पता चला कि दिवंगत जसविंदर भल्ला इस फिल्म में फिर से दिखेंगे। टीजर रिलीज करने के साथ ही फिल्म की रिलीज डेट का भी ऐलान कर दिया गया है। यह फिल्म 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। टीजर ने जसविंदर भल्ला के फैंस की एक्साइटमेंट को कई गुना बढ़ा दिया है। फिल्म के टीजर ने बढ़ाया जसविंदर भल्ला को लेकर सस्पैंस वीनू ढिल्लों व गिप्पी ग्रेवाल के साथ जसविंदर भल्ला का करेक्टर AI से तैयार किया गया है। एआई के जरिए जसविंदर भल्ला की आवाज में डायलॉग भी सुनाई देंगे। फिल्म के टीजर में जसविंदर भल्ला का एआई अवतार वीनू ढिल्लों व गिप्पी ग्रेवाल को कहते हुए सुनाई दे रहा है कि अभी तो ये सिर्फ टीजर है, फिल्म में तुमसे भी ज्यादा नजर आउंगा। 22 अगस्त 2025 में हो चुका है भल्ला का निधन जसविंदर भल्ला का निधन 22 अगस्त 2025 में ब्रेन स्ट्रोक के कारण हो गया था, लेकिन इस फिल्म में उनकी एआई के जरिए तैयार की गई इमेज उनके स्टाइल में ही लोगों को हंसाते हुए नजर आएगी। स्टारकास्ट में कॉमेडी का पावरहाउस फिल्म में पंजाबी इंडस्ट्री के कई बड़े नाम नजर आएंगे, जिनमें बिन्नू ढिल्लों, गिप्पी ग्रेवाल, गुरप्रीत घुग्गी, कर्मजीत अनमोल, बीएन शर्मा, पुखरा भल्ला और शिंदा ग्रेवाल है। टीजर में छाया कॉमिक पंच टीजर में पुरानी स्टाइल की फैमिली कॉमेडी, कन्फ्यूजन और मजेदार डायलॉग्स की झलक देखने को मिल रही है। खास तौर पर भल्ला का गिप्पी ग्रेवाल और बिन्नू ढिल्लों के थप्पड़ मारकर अपने होने का इशारा देते हैं। ढिल्लों थप्पड़ मारकर अपने मशहूर अंदाज और डायलॉग-“ढिल्लों ने काला कोट ऐवें नहीं पाया”, ‘चंडीगढ़ ढेह जाओ पिंडा जोगा तां रह जाऊ’, भावें फोटो टंगी है कंद ते फेर वी ओलाद रखूंगा चंड के’-दर्शकों को बोलते नजर आ रहे हैं जिसके उनके चाहने वाले खूब पसंद कर रहे है। फैंस को बड़ी उम्मीदें ‘कैरी ऑन जट्टा 3’सीरीज पहले ही बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हो चुकी है। ऐसे में चौथे पार्ट से भी दर्शकों को जबरदस्त कॉमेडी और एंटरटेनमेंट की उम्मीद है। फिलहाल, टीजर ने फिल्म को लेकर जबरदस्त माहौल बना दिया है और अब सभी की नजरें 26 जून पर टिकी हैं, जब यह फिल्म बड़े पर्दे पर धमाल मचाने उतरेगी। कैरी ऑन जट्‌टा के अब तक रिलीज हुई तीनों फिल्मों का सफर.. 2012 में रिलीज हुई कैरी ऑन जट्‌टा: 2012 में रिलीज हुई सबसे पहली कैरी ऑन जट्टा फिल्म ने दुनिया भर में कुल लगभग 18 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। इस फिल्म ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगभग 10 करोड़ की कमाई की थी, जो उस समय के हिसाब से पंजाबी सिनेमा के लिए एक बड़ी सफलता थी। 2018 में आई कैरी ऑन जट्‌टा-2: कैरी ऑन जट्टा-2 2018 में रिलीज हुई। इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग 57 से 60 करोड़ का कुल बिजनेस किया था। इस फिल्म को लोगों ने खूब पसंद किया। 2023 में कैरी ऑन जट्टा-3 रिलीज हुई: कैरी ऑन जट्‌टा-3 रिलीज हुई 2023 में और बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रचते हुए पहले दिन (ओपनिंग डे) भारत में लगभग 4.50 से 4.55 करोड़ रुपये (नेट) की शानदार कमाई की थी। इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन पहले दिन ही 10 करोड़ रुपये से अधिक रहा था। फिल्म ने दुनिया भर में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा का कुल कलेक्शन किया। तीनों फिल्मों में मुख्य कलाकार और भूमिकाएं: गिप्पी ग्रेवाल (जस्स) मुख्य कलाकार के रूप में तीनों फिल्मों में रहे। इसके अलावा जसविंदर भल्ला (एडवोकेट ढिल्लों), बिन्नू ढिल्लों (गोल्डी) और गुरप्रीत घुग्गी कॉमेडियन की भूमिका में रहे। माही गिल कैरी ऑन जट्टा-1 में मुख्य अभिनेत्री रही। कैरी ऑन जट्‌टा-2 और 3 में सोनम बाजवा मुख्य अभिनेत्री की भूमिका में रही। वहीं कैरी ऑन जट्‌टा-4 में सरगुन मेहता, बिन्नू ढिल्लों, गुरप्रीत गुग्गी और करमजीत अनमोल जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।

गर्मी में बदला इंदौर जू का मिजाज:शेर-भालू के लिए कुलर, पक्षियों के लिए स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव; डाइट में दे रहे रसीले फल

गर्मी में बदला इंदौर जू का मिजाज:शेर-भालू के लिए कुलर, पक्षियों के लिए स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव; डाइट में दे रहे रसीले फल

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में गर्मी के साथ ही वन्य प्राणियों की देखभाल भी बढ़ गई है। वन्य प्राणियों को तेज गर्मी से बचाने के लिए उनके पिंजरों के पास कूलर लगाए गए है साथ ही पक्षियों के लिए स्प्रिंकलर से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। गर्मी को देखते हुए उनके खाने में भी बदलाव किया गया है। उन्हें स्ट्रेस से बचाने के लिए पानी में भी एंटी स्ट्रेस पाउडर मिलाकर दिया जा रहा है। शहर में गर्मी का असर देखने को मिलने लगा है। एक तरफ जहां सूरज चढ़ते ही गर्मी का अहसास होने लगता है, वहीं दोपहर तक लोग भी गर्मी से बचाव में टोपी, गमछा डालकर रोड पर निकलने लगे है। तापमान बढ़ने के साथ ही इंदौर के चिड़ियाघर में वन्य प्राणियों को गर्मी से बचाने के लिए कूलर की व्यवस्था की गई है, ताकि उन्हें गर्मी में राहत मिल सके। चिडियाघर प्रभारी डॉ.उत्तम यादव ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी वन्य प्राणियों को गर्मी से बचाव के लिए व्यवस्था की गई है। टाइगर, लॉयन और लेपर्ड के इन्क्लोजरों में वॉटर बॉडी, शेड ट्री और इनक्लोजर के अंदर पानी की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है। जिससे यहां की ग्रीनरी मेनटेन रहती है। हरियाली रहने से जो ठंडा एरिया रहता है, वहां पर इन प्राणियों को आराम करना पसंद होता है, तो ये व्यवस्था भी हमने कर रखी है। रात में चालू कर देते है कूलर डॉ.यादव के मुताबिक रात में जब इन प्राणियों को पिंजरों में खाना खाने के लिए बंद किया जाता है, तो वहां भी कूलर लगा दिए है। लॉयन, लेपर्ड, टाइगर, भालू के पिंजरों में कूलर लगा दिए है, ताकि रात में भी उन्हें गर्मी का अहसास ना हो। ऐसे करीब 6 कूलर यहां पर लगा रखे है। बर्ड हाउस में स्प्रिंकलर की व्यवस्था, शेड भी डाला चिड़ियाघर में बने बर्ड हाउस में भी स्प्रिंकलर लगा रखे है। दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव किया जाता है, ताकि बर्ड हाउस में तापमान मेनटेन रहता है। गर्मी में हिट स्ट्रोक से भी उन्हें राहत मिल जाती है। बर्ड भी गर्मी में नहाना पसंद करते हैं, तो स्प्रिंकलर के माध्यम से पानी भी उन्हें मिल जाता है। न्यू वल्ड मंकी के इनक्लोजरों के दोनों तरफ भी कूलर लगा दिए है, ताकि भी उन्हें गर्मी ना लगे, क्योंकि ये थोड़े सेनसेटिव एनिमल है। इसके अलावा जैसे सांभर को किचड़ में नहाना अच्छा लगता है गर्मी में। इसलिए उनके इनक्लोचर में जो वॉटर बॉडी बना रखी है जिसमें पानी भरते रहते है। जब भी उन्हें बॉडी का तापमान मेनटेन करना रहता है तो वे उसमें चले जाते है। स्नेक हाउस में भी किंग कोबरा, कॉमन सेंडबोआ, कोबरा, रेट स्नेक के लिए तापमान मेनटेन करने के लिए दिन में दो से तीन बार पानी का छिड़काव किया जाता है। हर इनक्लोजर में वॉटर बॉडी बना रखी है, स्नेक भी अपने बॉडी का तापमान मेनटेन करने के लिए इनमें चले जाते है। किंग कोबरा को गर्मी से ज्यादा दिक्कत होती है इसलिए यहां भी कूलर लगा रखा है। खाने में दे रहे रसीले फल इसके अलावा चिड़ियाघर में जो ओपन बर्ड हाउस है उन्हें भी तीन तरफ से ढक दिया है, ताकि उन्हें हिट स्ट्रोक ना हो सके। गर्मी से उन्हें राहत मिले। वन्य प्राणियों और पक्षियों के खाने में भी बदलाव किया है, जो शाकाहारी प्राणी है उनके लिए रसीले फल, जिसमें पानी का कंटेंट ज्यादा हो वो दे रहे है। इसके अलावा पानी में एंटी स्ट्रेस पाउडर डालते है, जिससे वे तनाव में ना आए।

उत्तराखंड के बैंड 'PANDVAS' को नहीं मिल रही फंडिंग:बोले- पहाड़ में चाहते हैं 'काफल फेस्टिवल', हमें कहा गया देहरादून में करो

उत्तराखंड के बैंड 'PANDVAS' को नहीं मिल रही फंडिंग:बोले- पहाड़ में चाहते हैं 'काफल फेस्टिवल', हमें कहा गया देहरादून में करो

उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकगीतों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाला पांडवाज बैंड अब अपने ही पहाड़ में आयोजन के लिए संघर्ष कर रहा है। रुद्रप्रयाग के सारी गांव में 20 से 22 मार्च 2026 तक होने वाले काफल फेस्टिवल के लिए टीम को अब तक कोई स्पॉन्सर नहीं मिला है, जबकि कई महीनों से सरकारी विभागों और निजी संस्थानों से संपर्क किया गया। पांडवाज ने इसे लेकर एक ओपन लेटर भी जारी किया है, जिसमें आर्थिक सहयोग न मिलने की बात कही गई है। टीम का कहना है कि कई जगहों से फेस्टिवल की तारीफ तो मिली, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। कुछ लोगों ने इसे देहरादून जैसे शहर में करने की सलाह दी, जिस पर टीम ने सवाल उठाया कि अगर आयोजन शहरों में ही होंगे तो पहाड़ और गांवों को इसका क्या फायदा मिलेगा। इसी मुद्दे पर दैनिक भास्कर ने पांडवाज टीम के सदस्य कुणाल डोभाल से खास बातचीत की। उन्होंने फेस्टिवल के उद्देश्य, फंडिंग की दिक्कत, जीरो प्लास्टिक मॉडल और पहाड़ में संस्कृति बचाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल- आपने लेटर जारी करके बताया कि स्पॉन्सर नहीं है? जवाब- यह काफल फेस्टिवल का हमारा दूसरा साल है। हमने लद्दाख और अरुणाचल जैसे इलाकों के फेस्टिवल देखे, जहां लोग अपनी संस्कृति, पर्यावरण और भाषा को लेकर बहुत सजग हैं। वहीं से हमें लगा कि उत्तराखंड में भी ऐसा होना चाहिए। 2025 में हमने पहला काफल फेस्टिवल किया, जो सफल रहा। उस समय स्पॉन्सर कम थे, लेकिन मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सहयोग किया था। उन्होंने इसलिए मदद की क्योंकि फेस्टिवल ज़ीरो प्लास्टिक सोच पर आधारित था। इस बार हमने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और कंपनियों से बात की। सबने कहा कि आइडिया अच्छा है, लेकिन किसी ने पैसा नहीं दिया। कुछ ने कहा कि इसे देहरादून में कर लो, लेकिन हम मानते हैं कि इससे गांव को कोई फायदा नहीं होगा। सवाल- आयोजन में कितना खर्च आता है और इस बार पैसा कहां से आ रहा है? जवाब- पिछले साल करीब 15 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस बार तीन दिन का फेस्टिवल है, तो लगभग 35 लाख रुपए का खर्च है। अभी हम ज्यादातर अपनी जेब से ही खर्च कर रहे हैं। कुछ दोस्त मदद करते हैं, लेकिन कोई बड़ा स्पॉन्सर नहीं है। हम रुकने वाले नहीं हैं, लेकिन हमें इसे आगे चलाने के लिए टिकाऊ मॉडल बनाना होगा। सवाल- जीरो प्लास्टिक को लेकर आपने क्या किया? जवाब- हमने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पूरी तरह बंद किया। पानी बोतलों में नहीं दिया, बल्कि मटकों में रखा। हर प्रतिभागी को एक ऐसा गिलास दिया जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। हमारा मानना है कि 20 रुपए की बोतल में हम पानी नहीं, प्लास्टिक खरीदते हैं। पहाड़ों में पानी तो मुफ्त है, तो उसे प्लास्टिक में क्यों बेचें। सवाल- इस फेस्टिवल के लिए सारी गांव को ही क्यों चुना? जवाब- सारी गांव रुद्रप्रयाग में है और यहीं से देवरिया ताल ट्रेक शुरू होता है। यह बहुत संवेदनशील इलाका है और आने वाले समय में यहां कचरे की समस्या बढ़ सकती है। हमने सोचा कि काम वहीं किया जाए, जहां जरूरत ज्यादा है। यह हमारा होम डिस्ट्रिक्ट भी है, इसलिए लोगों को समझाना आसान रहा। सवाल- पिछले साल आयोजन कैसा रहा और इस बार क्या नया है? जवाब- पिछले साल हमने बिना मंच के आयोजन किया। प्राकृतिक चट्टान को ही स्टेज बनाया। कोई टेंट या ढांचा नहीं लगाया। यह पूरी तरह प्रकृति के साथ किया गया आयोजन था। हमने फोटोग्राफी वर्कशॉप भी कराई, जिसमें निकॉन ने उपकरण दिए। स्थानीय युवाओं को पक्षियों और वन्यजीवों की फोटोग्राफी सिखाई गई। सवाल- स्थानीय कलाकारों के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब- अकेले काम मत कीजिए, टीम बनाइए। शुरुआत में पैसे नहीं मिलते, लेकिन अगर काम सच्चा है तो लोग जुड़ते हैं। हमारे फेस्टिवल में आज भी कई लोग बिना पैसे के काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह अच्छा काम है। ———————— ये खबर भी पढ़ें : उत्तराखंड के 8 डिजिटल ‘ब्रांड एंबेसडर्स’: पांडवास-हल्द्वानी की आंटी को पसंद कर रहे लोग, विदेशों में भी अपने कल्चर को प्रमोट कर हे पवन पहाड़ी उत्तराखंड के पहाड़ों में युवाओं के सामने रोजगार और अवसरों की कमी बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। कई युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए शहरों की ओर पलायन कर जाते हैं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस स्थिति में नई उम्मीद पैदा की है। व्लॉग्स और यूट्यूब चैनल्स के जरिए युवा न सिर्फ अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखा रहे हैं, बल्कि पहाड़ों में बने रहने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने का रास्ता भी तलाश रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

‘डर नहीं, वीरता की कहानी सुनाना चाहती हूं’:होर्मुज में फंसे रुड़की के कैप्टन की पत्नी बोलीं- बच्चों की तरह क्रू संभाल रहे, हमें उन पर गर्व

‘डर नहीं, वीरता की कहानी सुनाना चाहती हूं’:होर्मुज में फंसे रुड़की के कैप्टन की पत्नी बोलीं- बच्चों की तरह क्रू संभाल रहे, हमें उन पर गर्व

‘मैं अपने बच्चों को उनके पिता की वीरता की कहानी सुनाना चाहती हूं… डर की नहीं।’ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में मिसाइलों के खतरे के बीच फंसे कैप्टन आशीष शर्मा की पत्नी सरुणिका शर्मा की यह बात हालात की गंभीरता और गर्व दोनों को एक साथ बयां करती है। उनका कहना है कि आशीष न सिर्फ जहाज की कमान संभाले हुए हैं, बल्कि 24 भारतीय क्रू मेंबर्स को अपने बच्चों की तरह संभाल रहे हैं और इस पर पूरे परिवार को गर्व है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रुड़की के कैप्टन आशीष शर्मा इस समय दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री इलाके स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर की कमान संभाले हुए हैं। जहाज पर 24 भारतीय क्रू मेंबर मौजूद हैं और हर दिन मिसाइलों के खतरे के बीच गुजर रहा है। इन हालात के बीच भी वे परिवार को सिर्फ एक मैसेज भेज पा रहे हैं- “All OK, All is Well”। हर रात मिसाइलें गुजरती हैं, मलबा गिरता है… कैप्टन की पत्नी सरुणिका शर्मा बताती हैं कि पिछले 20-22 दिनों से जहाज होर्मुज के पास ही फंसा हुआ है। वे कहती हैं, मिसाइलें जहाजों के ऊपर से गुजरती हैं। जो इंटरसेप्ट होती हैं, उनका मलबा नीचे गिरता है। और जहाज क्रूड ऑयल से भरे हैं… जरा सी चूक बड़ी तबाही बन सकती है। खतरनाक स्थिति में भी हौसला बिल्कुल नहीं टूटा कैप्टन आशीष के साथ 24 भारतीय क्रू मेंबर हैं, जिनकी जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर है। सरुणिका कहती हैं, वो एक जांबाज की तरह अपने पूरे क्रू को संभाल रहे हैं… जैसे बच्चे हों। इतनी खतरनाक स्थिति में भी उनका हौसला बिल्कुल नहीं टूटा है। उनके मुताबिक अब मर्चेंट नेवी के जहाज भी निशाने पर हैं, टैंकरों को टारगेट किया जा रहा है, ये बहुत गलत है। ये सिर्फ जहाज नहीं, पूरी दुनिया की सप्लाई लाइन हैं। सरकार से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की अपील की सरुणिका ने भारत सरकार से अपील करते हुए कहा, भारत की स्थिति अभी मजबूत है। सरकार अच्छा काम कर रही है, लेकिन इस बड़े संकट में भी बातचीत होनी चाहिए। तेल, एलपीजी जैसी जरूरी चीजें इन्हीं जहाजों से जाती हैं… ये रुक गईं तो पूरी दुनिया प्रभावित होगी। ‘हम सिर्फ पेशा नहीं, समंदर जैसा दिल चुनते हैं’ भावुक होते हुए सरुणिका कहती हैं, जब हम नेवी या ऐसी जॉब चुनते हैं, तो हम सिर्फ पेशा नहीं चुनते… हम समंदर जैसा दिल भी चुनते हैं। हर दिन खतरा, हर दिन हौसला स्ट्रेट ऑफ होर्मुज इस समय युद्ध जैसे हालात में है। सैकड़ों जहाज इस इलाके में फंसे हैं और हर पल अनहोनी का खतरा बना हुआ है। इन सबके बीच रुड़की के कैप्टन आशीष शर्मा 24 जिंदगियों की जिम्मेदारी निभाते हुए हर दिन अपने परिवार को एक ही भरोसा दे रहे हैं, सब ठीक है। ———————– ये खबर भी पढ़ें : ईरान-इजराइल जंग- उत्तराखंड के लोग मिडिल ईस्ट में फंसे: देहरादून का युवक बोला- अब्बा, हमला हो गया; मौलाना और छात्र कमरे में कैद मिडिल ईस्ट (ईरान-इजराइल) में गहराते युद्ध के बाद उत्तराखंड के कई लोग मिडिल ईस्ट में फंस गए है। देहरादून, विकासनगर और हरिद्वार के कई युवा और मौलाना इस वक्त ईरान के कुम और तेहरान जैसे शहरों में फंसे हुए हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी:लाहौल-स्पीति दुनिया से कटा, मनाली में लैंडस्लाइड, शिमला में मूसलाधार बारिश, आज भी ओले-तूफान का अलर्ट

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी:लाहौल-स्पीति दुनिया से कटा, मनाली में लैंडस्लाइड, शिमला में मूसलाधार बारिश, आज भी ओले-तूफान का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मध्यम व निचले इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ और साउथ पोर्टल पर ढाई फीट से ज्यादा फ्रेश स्नोफॉल हो चुका है। लाहौल स्पीति जिला का इससे शेष दुनिया से संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रा और शिंकुला दर्रा में तीन फीट, किन्नौर के कल्पा, आसरंग, रोपा वैली, सांगला, छितकुल में 3 से 5 इंच ताजा बर्फ गिर गई है। शिमला, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी समेत अन्य भागों में पूरी रात बारिश हुई। मनाली में सबसे ज्यादा 57 मिलीमीटर, पालमपुर 49.2, शिमला 29.3, मंडी 26.8, सियोबाग 39 और कसौली में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला में सुबह सात बजे कुछ देर के लिए बारिश जरूर रुकी, लेकिन 8.30 बजे से फिर से निरंतर बारिश हो रही है और देर शाम तक जारी रहने के आसार है। मौसम में बदलाव के बाद पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड राज्य में इससे कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड फिर से लौट आई है और 7 शहरों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क चुका है। अधिकतम तापमान भी कई जगह सामान्य से 12 डिग्री तक नीचे गिर गया है। मनाली में लैंडस्लाइड बारिश-बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं भी शुरू हो गई है। बीती शाम को कुल्लू के इनर अखाड़ा में पहाड़ दरक गया और आज सुबह मनाली के अलेऊ में बड़ी चट्टान सड़क पर गिर गई। इससे कुछ देर तक ट्रैफिक भी बाधित रहा। आज भारी बारिश-बर्फबारी और ओलवृष्टि का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि देर रात तक बादल बरसेंगे। मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कल से कमजोर पड़ेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस संदीप शर्मा ने बताया कि कल वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा, लेकिन 23 मार्च को अधिक ऊंचे पहाड़ों पर फिर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार है। 24-25 को मौसम साफ रहेगा और 26 मार्च को फिर से बारिश-बर्फबारी होगी। तापमान में भारी गिरावट बीते दो दिनों से हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में अधिकतम तापमान सामान्य से 12.2 डिग्री नीचे गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडी का पारा सामान्य से 9.7 डिग्री नीचे लुढ़का भुंतर में तापमान 8.4 डिग्री की गिरावट के साथ 15.4 डिग्री, सुंदरनगर में 8.2 डिग्री की गिरावट के बाद 18.4 डिग्री और मंडी में 9.7 डिग्री की गिरावट के बाद 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सोलन में भी तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री नीचे गिरकर 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

दो वयस्क महिला-पुरुष यदि अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं। आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर यदि महिला रेप की शिकायत दर्ज कराती है तो यह उचित नहीं है। यह कहते हुए एमपी हाईकोर्ट ने रेप केस में फंसे कटनी के कपड़ा व्यापारी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला 17 मार्च को सुनाया। मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है। इनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और तलवार के बल पर रेप किया। पत्नी से हुआ विवाद, फिर युवती आई जिंदगी में कटनी के माधव नगर निवासी मुकेश ठाकुरानी (35) कपड़ा व्यवसायी हैं। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ। उनके दो बच्चे हैं। 5 मई 2019 को किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ दहेज व भरण-पोषण का केस दर्ज कर दिया। इसी बीच 10 मई 2019 को कोर्ट के काम के दौरान मुकेश की मुलाकात कटनी में रहने वाली 24 वर्षीय युवती से हुई। वह भी अपने पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट आती थी। कोर्ट में दोनों की अकसर बातचीत होने लगी। युवती ने बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है, जिसके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के वैवाहिक विवाद की जानकारी मिलने पर वह उसके और करीब आ गई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। युवती का कहना था कि अब सरकार भी लिव-इन रिलेशन को मान्यता देती है, इसलिए वे साथ रह सकते हैं। आगे चलकर दोनों अपने-अपने जीवन साथियों से तलाक लेकर शादी कर सकते हैं। इसके बाद दोनों गोवा, भेड़ाघाट और मैहर घूमने भी गए। लिव-इन की शुरुआत ठीक, फिर बढ़ा विवाद और बिगड़े रिश्ते मुकेश युवती के साथ लिव-इन में रहने को तैयार हो गया। 1 सितंबर 2019 को युवती अपनी मां और दो साल की बेटी के साथ मुकेश के घर आकर रहने लगी। शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन समय बीतने के साथ दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर से लगातार नकदी और जेवरात गायब होने लगे। इस बारे में पूछने पर मुकेश और युवती के बीच विवाद बढ़ने लगा। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर से करीब 15 लाख रुपए कैश और सोना गायब हो गया। जब इस संबंध में युवती से पूछताछ की गई तो उसने विवाद करना शुरू कर दिया। युवती ने मार्च 2020 में यह कहते हुए मुकेश का घर छोड़ दिया कि अब वह उसे जेल भिजवाएगी। एफआईआर के बाद अगले ही दिन गिरफ्तारी, जेल भेजा गया मुकेश का घर छोड़कर युवती अपने पति के घर लौट गई। 25 जुलाई 2020 को उसने कटनी के महिला थाने में मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(n), 377, 294 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। युवती ने आरोप लगाया कि मुकेश ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी कहा कि शादी का झांसा देकर मुकेश ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही नाबालिग बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ जबरन यौन और अप्राकृतिक कृत्य किए। पुलिस ने अगले दिन 26 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से मुकेश को जेल भेज दिया गया। 20 अगस्त 2020 को 25 दिन तक कटनी जेल में रहने के बाद मुकेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लिव-इन के बाद दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट में दी चुनौती मर्जी से लिव-इन रिलेशन में रहने के बावजूद युवती ने कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे चुनौती देते हुए व्यापारी ने हाईकोर्ट में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस जांच में भी सामने आया कि मुकेश के मोबाइल में ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला, जिसके आधार पर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा हो। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान भी कोई तलवार बरामद नहीं हुई। सीनियर वकील बोले- संबंध सहमति से, आरोप निराधार याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से भली-भांति अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह दूसरा विवाह नहीं कर सकती, जैसा कि उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान से स्पष्ट है। आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में साइबर सेल को कोई भी सबूत नहीं मिला, जो पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र से भी स्पष्ट है। इसलिए युवती का यह आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे आश्वासन पर उसे रिश्ते में फंसाया गया, असत्य है। डेढ़ साल तक रहे शारीरिक संबंध, दोनों थे विवाहित याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि युवती और उसके पति ने समाज में अपनी छवि बचाने के लिए दोबारा साथ आकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। विशेष रूप से यह तथ्य सामने आया कि पहले से विवाहित दो व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे, जिनमें समय के साथ दरार आ गई और वे स्वतः समाप्त हो गए। यह स्थिति याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकती। विवाह का आश्वासन अवास्तविक, आरोप निराधार कोर्ट को बताया गया कि विवाह के आश्वासन का आरोप भी निराधार है, क्योंकि युवती पहले से विवाहित थी और उसका एक बच्चा भी था, इसलिए ऐसा वादा स्वाभाविक रूप से अवास्तविक था। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत जबरदस्ती या चोट पहुंचाने की धमकी के संबंध में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पाया- आरोप सही नहीं, एफआईआर रद्द सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने बताया कि जस्टिस बी.पी. शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि

बिश्नोई सभा के पोस्टर से कुलदीप का नाम-फोटो गायब:पंचकूला में भजनलाल की मूर्ती अनावरण कार्यक्रम में नहीं आएंगे; सैलजा को चीफ गेस्ट बुलाया

बिश्नोई सभा के पोस्टर से कुलदीप का नाम-फोटो गायब:पंचकूला में भजनलाल की मूर्ती अनावरण कार्यक्रम में नहीं आएंगे; सैलजा को चीफ गेस्ट बुलाया

हरियाणा में बिश्नोई सभा के पोस्टर से पूर्व मंत्री कुलदीप बिश्नोई का नाम गायब होने से एक बार बिश्नोई परिवार को झटका लगा है। पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में स्थापना दिवस पर कुलदीप नहीं पहुंचेंगे। साथ ही प्रोग्राम के पोस्टर से उनका फोटो तक गायब है। प्रोग्राम में पूर्व CM चौधरी भजनलाल की मूर्ती का भी अनावरण किया जाएगा। पहले इसकी अध्यक्षता खुद कुलदीप करने वाले थे, लेकिन सीएम नायब सैनी के प्रोग्राम में न आने के कारण यह कार्यक्रम रद्द हो गया था। अब 22 मार्च को होने वाले इस प्रोग्राम में कुमारी सैलजा को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। हालांकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अब उनके बड़े भाई विधायक चंद्रमोहन करते नजर आएंगे। इस पोस्टर को खुद पंचकूला बिश्नोई मंदिर की ओर से जारी किया गया है। हालांकि बिश्नोई सभा पंचकूला के प्रधान लीलूराम गोदारा का कहना है कि विदेश में होने के कारण कुलदीप बिश्नोई मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं मगर वह जागरण में आएंगे। पहले 3 जून 2025 को होना था प्रोग्राम इससे पहले ये प्रोग्राम 3 जून 2025 को पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल की 14वीं पुण्यतिथि पर होना था, मगर अचानक सीएम सैनी का दौरा रद्द होने के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और बेटे पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई सहित पूरा परिवार तैयारी में लगा था। लोगों को निमंत्रण भी दिए जा चुके थे। कुलदीप ने खुद इसकी कमान संभाल रखी थी। अब पढ़िए…कुलदीप को कब-कब नजरअंदाज किया गया 5 जगह लग चुकी पूर्व CM की प्रतिमा बिश्नोई परिवार पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में भजनलाल की प्रतिमा स्थापित करके और मुख्यमंत्री से उद्घाटन करवाकर पूरे हरियाणा में मैसेज देने का प्रयास कर रहा था। मगर सीएम का दौरा रद्द होने के बाद कुलदीप को भी बिश्नोई सभा ने नजरअंदाज कर दिया। अब पंचकूला में पूर्व सीएम भजनलाल की छठीं प्रतिमा का अनावरण होगा। इससे पहले आदमपुर, राजस्थान के मुक्ति धाम मुकाम, जांभा, बिश्नोई मंदिर हिसार और गुरुग्राम स्मृति सदन में उनकी प्रतिमाएं लगाई जा चुकी हैं। सभा प्रधान बोले- कुलदीप को निमंत्रण भेजा है उधर, पंचकूला बिश्नोई सभा के प्रधान लीलूराम गोदारा का कहना है कि उन्होंने स्थापना दिवस पर होने वाले जागरण के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलदीप बिश्नोई को निमंत्रण भेजा है और वह कार्यक्रम में आएंगे। बाहर होने के कारण वह 22 मार्च को होने वाले मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं।

कनाडा में अश्लील हरकतें करने वाला फर्जी पंजाबी युवक अरेस्ट:झूठी बीमारी दिखा लेडी डॉक्टरों को प्राइवेट पार्ट दिखा फरार हो जाता; ट्रोलिंग से सुर्खियों में आया

कनाडा में अश्लील हरकतें करने वाला फर्जी पंजाबी युवक अरेस्ट:झूठी बीमारी दिखा लेडी डॉक्टरों को प्राइवेट पार्ट दिखा फरार हो जाता; ट्रोलिंग से सुर्खियों में आया

कनाडा में एक युवक के फर्जी पंजाबी नाम से लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस युवक को दिसंबर महीने में अरेस्ट किया था। मगर, वह सुर्खियों में तब आया, जब उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोल किया जाने लगा। कनाडा की पील रीजनल पुलिस के मुताबिक आरोपी प्राइवेट पार्ट में बीमारी के बहाने अस्पताल में जाता। वहां लेडी डॉक्टर से मिलता और क्लिनिक जाकर सारे कपड़े उतार देता। फिर लेडी डॉक्टर को प्राइवेट पार्ट छूने को कहता। जिससे पता चलता कि उसे कोई बीमारी नहीं है। पोल खुलते ही वह वहां से भाग जाता। ऐसा एक-दो नहीं लेकिन उसने कई लेडी डॉक्टरों के साथ किया। तब किसी लेडी डॉक्टर ने उसकी शिकायत कर दी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब वैभव से आकाशदीप सिंह बने आरोपी युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस लेडी डॉक्टरों से सामने आने की अपील कर रही है। कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने भी 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर डॉक्टरों से सामने आने की अपील की है। 5 पाइंट में जानें युवक के क्राइम की पूरी कहानी… गिरफ्तारी के बाद युवक पर क्या कार्रवाई हुई पील रीजनल पुलिस के मुताबिक युवक वैभव 36 साल का है। वह मूल रूप से इंडिया का रहने वाला है। मगर, उसे कनाडा की नागरिकता मिली हुई है। वह अभी ब्रैम्पटन का स्थायी नागरिक (PR) है। पुलिस जांच में पता चला कि उसने मिसिसॉगा की कई लेडी डॉक्टर्स के साथ अश्लील हरकतें की है। पुलिस का कहना है कि एक डॉक्टर ने उसकी हरकत पर शक होने के चलते पुलिस को शिकायत कर दी। युवक के खिलाफ 3 महीने से स्थानीय कोर्ट में ट्रायल भी चला। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में कनाडा पुलिस ने क्या कहा कनाडा की पील रीजनल पुलिस के पब्लिक रिलेशन अफसर (PRO) ने मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वैभव के खिलाफ जानबूझकर लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने की शिकायतें आईं। जांच में पता चला कि वैभव ने पंजाबी ओरिजन के युवक का फेक नाम लेकर मिलने का चार्ज लगाया है। युवक ने कई महीनों तक मिसिसॉगा के विभिन्न मेडिकल क्लिनिक्स में फर्जी बीमारियां बताकर महिला डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने उस पर 4 गंभीर आरोप लगाए हैं। केस अभी ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में चल रहा है। पुलिस ने कहा कि कोर्ट में केस होने के चलते आरोपी का इंडियन एड्रेस, डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल की प्रक्रिया लंबी चलती है। डॉक्टरों के कोर्ट में बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस की तरफ से युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। चूकी वह कनाडाई नागरिक बन चुका है, इसलिए प्रक्रिया में वक्त लग सकता है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

2 फरवरी… पचमढ़ी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 6-7 झुलसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं मिले। सबको पिपरिया रेफर कर दिया। 15 मार्च… लीवर सिरोसिस का मरीज तड़पता हुआ यहां लाया गया। इस बार भी रेफर करना पड़ा। यह तस्वीर प्रदेश के अकेले हिल स्टेशन पचमढ़ी की है। यहां अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर एक भी नहीं। जो एक डॉक्टर यहां आए भी थे, उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे अपस्ताल में अटैच कर दिया गया। प्रदेश के 43 सामुदायिक और 445 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां मरीज पहुंचते हैं… लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते। मप्र में डॉक्टरों के अटैचमेंट और गैर-चिकित्सीय कार्य लेने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं हैं। प्रदेश में 158 डॉक्टरों को जिलों और ब्लॉक अस्पतालों से हटाकर बड़े शहरों में अटैच कर दिया गया जबकि प्रोबेशन में अटैचमेंट का प्रावधान नहीं है। पचमढ़ी के अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं, सिर्फ एक नर्स 12 हजार की आबादी वाले पचमढ़ी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। सभी के अटैचमेंट हो चुके हैं। सिर्फ एक स्टॉफ नर्स अशोका वर्मा हैं। वे सिर्फ रेफर करती हैं। वे कहती हैं- डॉक्टर नहीं है, इसलिए न ओपीडी पर्ची बनेंगी और ना दवाएं दी जाएंगी। छतरपुर के बारीगढ़ में बस पैरामेडिकल स्टाफ छतरपुर के 30 पलंग वाले बारीगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं बचा। यहां पदस्थ डॉ. ललिता यादव को अटैच कर राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगा दिया है। अब मरीज आते हैं तो उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ देखता है और छतरपुर रेफर कर देता है। “अभी हमारे यहां चिकित्सकों की भर्ती होने वाली है, उसमें पूर्ति की जाएगी। अटैचमेंट को लेकर भी जानकारी मंगाई जा रही है। यदि ऐसी स्थिति है तो कार्रवाई की जाएगी।” – एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य

‘उचित नहीं होगा’: असम के नए बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 03:03 IST प्रतीक बोरदोलोई ने अपने पिता के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। असम पार्टी इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई के साथ कांग्रेस नेता प्रतीक बोरदोलोई (आर)। (फोटो: एक्स) असम के बाद म.प्र प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद, उनके बेटे प्रतीक ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, जो चुनावी राज्य में नवीनतम राजनीतिक मोड़ का प्रतीक है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में, प्रतीक बोरदोलोई ने लिखा, “पार्टी के प्रति अत्यंत सम्मान और जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ, मैं मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के अपने फैसले से अवगत कराना चाहता हूं। वर्तमान परिस्थितियों में, मेरे पिता के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने के फैसले के बाद, मुझे लगता है कि मेरे लिए उम्मीदवार के रूप में बने रहना उचित नहीं होगा।” हालाँकि, प्रतीक ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि की, और कहा कि उन्होंने स्पष्टता सुनिश्चित करने और मतदाताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए अलग हटने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मार्गेरिटा के लोगों और प्रतिबद्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक ऐसे उम्मीदवार की जरूरत है जिसकी स्थिति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण क्षण में स्पष्ट और स्थिर हो। उन्होंने कहा, “मेरा निर्णय पूरी तरह से संगठन के प्रति मेरे सम्मान और कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और अनुशासन को बनाए रखने की मेरी इच्छा से निर्देशित है। हालांकि, मैं दोहराना चाहता हूं कि कांग्रेस के आदर्शों में मेरा विश्वास अटूट है। नेतृत्व जो भी उचित समझेगा, मैं पार्टी के लिए और मार्गेरिटा के विकास के लिए काम करना जारी रखूंगा।” यह भी पढ़ें: ‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ ऐसा तब हुआ जब वरिष्ठ बोरदोलोई ने 17 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अगले दिन नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। असम बीजेपी ने दिसपुर विधानसभा सीट से प्रद्युत बोरदोलोई को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस ने उनके इस्तीफे को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। 9 अप्रैल को होने वाले आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को एक बड़ा झटका लगने की उम्मीद है। इससे पहले, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी महत्वपूर्ण चुनावों से पहले एक बड़ी उथल-पुथल में फंस गई। जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 03:03 IST समाचार राजनीति ‘उचित नहीं होगा’: नए असम बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम की राजनीति(टी)प्रद्युत बोरदोलोई(टी)प्रतीक बोरदोलोई(टी)कांग्रेस पार्टी(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)मार्गेरिटा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र(टी)दिसपुर विधानसभा सीट