खबर हटके- महिला ने पति को किराए पर दिया:गैस कम इस्तेमाल करने को कहा, तो बहू थाने पहुंची; राजस्थान में बर्फबारी जैसा माहौल

एक महिला ने अपना पति दूसरी महिला को किराए पर दे दिया। वहीं एक सास ने गैस कम इस्तेमाल करने को कहा, तो बहू थाने पहुंच गई। उधर राजस्थान के किशनगढ़ में बर्फबारी जैसा माहौल बन गया, जिसे मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

आपातकालीन सेवाओं ने एसोसिएटेड प्रेस(AP) को बताया कि सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में कम से कम तीन जगहों पर आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए। अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे आत्मघाती बम धमाकों की आशंका जताई है। बोर्नो राज्य की राजधानी मैदुगुरी में तीन अलग-अलग जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मैदुगुरी वह जगह है जहां नाइजीरिया के ही जिहादी संगठन बोको हराम के चरमपंथी एक दशक से भी ज्यादा समय से विद्रोह कर रहे हैं। मैदुगुरी में नाइजीरिया की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (NEMA) के ऑपरेशंस हेड सिराजू अब्दुल्लाही के अनुसार, ये बम धमाके एक स्थानीय बाजार और मैदुगुरी विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के प्रवेश द्वार पर हुए।
वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

आपातकालीन सेवाओं ने एसोसिएटेड प्रेस(AP) को बताया कि सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में कम से कम तीन जगहों पर आत्मघाती हमलावरों ने हमला किया, जिसमें दर्जनों लोग मारे गए और घायल हो गए। अधिकारियों ने इन हमलों के पीछे आत्मघाती बम धमाकों की आशंका जताई है। बोर्नो राज्य की राजधानी मैदुगुरी में तीन अलग-अलग जगहों पर धमाकों की आवाजें सुनी गईं। मैदुगुरी वह जगह है जहां नाइजीरिया के ही जिहादी संगठन बोको हराम के चरमपंथी एक दशक से भी ज्यादा समय से विद्रोह कर रहे हैं। मैदुगुरी में नाइजीरिया की राष्ट्रीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (NEMA) के ऑपरेशंस हेड सिराजू अब्दुल्लाही के अनुसार, ये बम धमाके एक स्थानीय बाजार और मैदुगुरी विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल के प्रवेश द्वार पर हुए।
बार-बार याचिका लगाने पर पटवारी पर 10 हजार का जुर्माना:हाईकोर्ट ने कहा- आपराधिक मामले में बरी होने से नौकरी बहाल नहीं होती

हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक पटवारी की याचिका खारिज कर दिया है। बार-बार याचिका लगाकर न्यायालय का समय बर्बाद करने पर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने राजस्व रिकॉर्ड में गलत एन्ट्री कर दस्तावेज से छेड़छाड़ के मामले में बर्खास्त किए गए पटवारी को राहत देने से साफ इनकार कर दिया है। याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि आपधारिक मामले में बरी होने का मतलब यह नहीं है कि विभागीय कार्रवाई स्वत: समाप्त हो जाती है और कर्मचारी को सेवा में बहाल करने का अधिकार स्वत: नहीं मिलता है। कोर्ट ने बार-बार याचिका लगाने पर भी नाराजगी जाहिर की है। साल 2016 में बर्खास्त हुआ था पटवारी जस्टिस आनंद पाठक एवं जस्टिस अनिल वर्मा की खंडपीठ ने पटवारी विश्राम सिंह कुशवाह द्वारा दायर रिट अपील को खारिज करते हुए एकलपीठ के आदेश को सही ठहराया। याचिकाकर्ता पटवारी विश्राम सिंह को वर्ष 2016 में राजस्व अभिलेख में गलत नाम दर्ज करने का आरोप था। पटवारी जिला शिवपुरी में पदस्थ था और वहीं के एसडीओ, शिवपुरी ने विभागीय जांच के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। इसी मामले में दर्ज आपराधिक प्रकरण में वर्ष 2022 में ट्रायल कोर्ट से पटवारी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था, जिसके आधार पर उसने पुनः सेवा में बहाली की मांग की थी। कोर्ट ने कहा- विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा की प्रकृति अलग-अलग कोर्ट ने कहा कि विभागीय कार्रवाई और आपराधिक मुकदमा दोनों अलग-अलग प्रकृति की कार्रवाई हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला देते हुए कहा गया कि आपराधिक मामले में बरी होने से विभागीय दंड अपने आप समाप्त नहीं होता, विशेषकर तब, जब बरी होना संदेह का लाभ मिलने के कारण हुआ हो। बार-बार याचिका पर कोर्ट ने जताई नाराजगी कोर्ट ने यह भी कहा है कि याचिकाकर्ता बार-बार अलग-अलग याचिकाएं दायर कर एक ही राहत मांगता रहा, जबकि पहले की याचिका खारिज हो चुकी थी। इसे न्यायालय ने रचनात्मक पूर्व न्याय के सिद्धांत के विपरीत बताते हुए याचिका को अव्यवहार्य माना। साथ ही यह भी कहा गया कि बर्खास्तगी आदेश को कई वर्ष बाद चुनौती देना अनुचित देरी है।
मोबाइल विवाद में दोस्त की पीट-पीटकर हत्या की थी:जंगल में छिपा आरोपी गिरफ्तार; काम की तलाश में मुरैना से ग्वालियर आए थे

ग्वालियर के मोहना में हाईवे पर एक दोस्त ने दूसरे दोस्त की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने आरोपी को सोमवार को जंगल में मंदिर के पास से पकड़ लिया है। हत्या करने के बाद आरोपी जंगल के रास्ते कूदकर भाग गया था। पकड़े जाने के बाद आरोपी ने बताया कि मोबाइल को लेकर उसका झगड़ा हुआ था। पास ही पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर उसने ऋषिकेश पर वार कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई तो वह पकड़े जाने के डर से वहां से भाग आया था। पुलिस आरोपी से डिटेल में पूछताछ कर रही है। सोमवार को मृतक का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। बबूल की लकड़ी से सिर पर किए ताबड़तोड़ वार, मौत मुरैना के आमपुरा स्थित एसएएफ लाइन के पास रहने वाला 35 वर्षीय ऋषिकेश सिंह पुत्र दिनेश सिंह सिकरवार काफी समय से काम की तलाश कर रहा था। शनिवार को उसका दोस्त दीपक शाक्य उसे काम की तलाश में ग्वालियर के मोहना लेकर आया था। रविवार को दोनों ने दिनभर काम की तलाश की। शाम को वे बायपास स्थित अजीत नायक भोजनालय पहुंच गए, जहां दोनों ने शराब पी। नशा होने के बाद दीपक और ऋषिकेश के बीच मोबाइल को लेकर विवाद हो गया। दीपक ने ऋषिकेश का मोबाइल छीन लिया था, जिसका उसने विरोध किया। इसी बात पर दोनों के बीच बहस बढ़ गई। ढाबा मालिक ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की, लेकिन नशे में धुत दीपक ने पास पड़ी बबूल की लकड़ी उठाकर ऋषिकेश के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में ऋषिकेश के सिर में गंभीर चोट लगी। वह सड़क पर ही गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपा मिला आरोपी हत्या के बाद दीपक मोहना बायपास से होते हुए जंगल में दाखिल हो गया। उसका इरादा डकैतों के मूवमेंट वाले इलाके से गुजरकर किसी तरह मुरैना पहुंचने और कुछ दिन जंगल में छिपे रहने का था। इधर वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने जंगल में उसकी तलाश शुरू कर दी थी। आरोपी जंगल में गुम होता, उससे पहले ही वैष्णो देवी मंदिर के पास छिपे हत्या आरोपी दीपक शाक्य को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि नशे की हालत में मोबाइल को लेकर उसका अपने दोस्त से विवाद हो गया था, जिसके बाद गुस्से में आकर उसने हत्या कर दी। फिलहाल पुलिस उससे पूरे मामले में पूछताछ कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपा सोमवार को ग्वालियर के जेएएच स्थित पोस्टमार्टम हाउस में ऋषिकेश सिंह के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सिर में गंभीर चोट बताया गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंप दिया गया, जिसके बाद मुरैना में मृतक का अंतिम संस्कार किया गया। परिजन का आरोप है कि दीपक हत्या के इरादे से ही ऋषिकेश को ग्वालियर लेकर आया था। पुलिस इन आरोपों के आधार पर भी आरोपी से पूछताछ कर रही है।
शरीर में विटामिन-डी की कमी बढ़ा सकती है थायरॉइड कैंसर का खतरा? एक्सपर्ट ने बताया सच

Last Updated:March 16, 2026, 23:26 IST आजकल Vitamin D की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है. कई रिसर्च में यह सवाल उठाया गया है कि क्या कम Vitamin D का स्तर Thyroid Cancer के खतरे को बढ़ा सकता है. इस विषय पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि Vitamin D और Thyroid हेल्थ के बीच गहरा संबंध हो सकता है. Vitamin D की कमी Thyroid से जुड़ी. आज की तेज रफ्तार जिंदगी में विटामिन-डी की कमी एक बड़ी हेल्थ समस्या बनती जा रही है. ज्यादातर लोग दिनभर घर या ऑफिस के अंदर रहते हैं, जिससे शरीर को पर्याप्त धूप नहीं मिल पाती. विटामिन-डी को अक्सर “सनशाइन विटामिन” कहा जाता है क्योंकि यह मुख्य रूप से सूरज की रोशनी से शरीर में बनता है. लेकिन जब शरीर में इसका स्तर कम हो जाता है, तो यह कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ सकता है. हाल के वर्षों में यह सवाल भी उठने लगा है कि क्या विटामिन-डी की कमी थायरॉइड से जुड़ी गंभीर बीमारियों, यहां तक कि थायरॉइड कैंसर के खतरे को भी बढ़ा सकती है. बोरीवली के एचसीजी कैंसर सेंटर के सीनियर डॉक्टर डॉ. यश माथुर का कहना है कि, थायरॉइड शरीर की एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो हार्मोन बनाकर मेटाबॉलिज्म, एनर्जी और शरीर के कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करती है. जब थायरॉइड ठीक से काम नहीं करता तो शरीर में कई तरह की परेशानियां शुरू हो सकती हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि विटामिन-डी का शरीर के इम्यून सिस्टम और हार्मोन संतुलन से गहरा संबंध होता है. यही कारण है कि इसकी कमी कई हार्मोनल समस्याओं से जुड़ सकती है. कुछ रिसर्च में यह पाया गया है कि जिन लोगों को थायरॉइड कैंसर होता है, उनमें अक्सर विटामिन-डी का स्तर कम पाया जाता है. वैज्ञानिकों का मानना है कि विटामिन-डी शरीर की कोशिकाओं के विकास और इम्यून सिस्टम को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है. जब इसकी मात्रा कम होती है तो शरीर में सूजन और इम्यून असंतुलन बढ़ सकता है, जो कई बीमारियों के जोखिम को बढ़ाने में योगदान दे सकता है. हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि विटामिन-डी की कमी सीधे तौर पर थायरॉइड कैंसर का कारण नहीं मानी जाती. लेकिन यह कुछ ऐसी परिस्थितियां पैदा कर सकती है जो Thyroid से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दें. इसलिए डॉक्टर अक्सर थायरॉइड से जुड़ी परेशानी वाले मरीजों में Vitamin D के स्तर की जांच कराने की सलाह देते हैं. विटामिन-डी की कमी के कुछ सामान्य लक्षण भी होते हैं जिन्हें अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. जैसे लगातार थकान रहना, हड्डियों में दर्द, कमजोरी महसूस होना, मूड में बदलाव और बाल झड़ना. दिलचस्प बात यह है कि इनमें से कई लक्षण थायरॉइड से जुड़ी समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं. यही वजह है कि कई बार दोनों स्थितियों की जांच साथ-साथ करने की जरूरत पड़ती है. एक्सपर्ट्स के अनुसार विटामिन-डी के स्तर को बनाए रखने के लिए रोजाना थोड़ी देर धूप में समय बिताना जरूरी है. इसके अलावा डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए जिनमें विटामिन-डी अच्छी मात्रा में मिलता हो. जैसे फैटी फिश, अंडे, फोर्टिफाइड दूध और कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स. अगर शरीर में विटामिन-डी का स्तर बहुत कम हो तो डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 16, 2026, 23:24 IST
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की:तालिबान का आरोप- काबुल में अस्पताल पर बम गिराए, इलाज करा रहे कई लोग मारे गए

पाकिस्तान ने सोमवार रात एक बार फिर अफगानिस्तान पर एयरस्ट्राइक की है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक पाकिस्तानी एयरफोर्स के लड़ाकू विमानों ने राजधानी काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास कई जगहों पर धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गईं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए। उनके मुताबिक हमले के वक्त वहां इलाज करा रहे कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है। हालांकि पाकिस्तान की ओर से इस हमले को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। PAK ने कल रात भी अफगानिस्तान में हमले किए पाकिस्तान ने रविवार रातभर कंधार प्रांत में एयर स्ट्राइक कर आतंकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। पाकिस्तान ने यह कार्रवाई ऑपरेशन गजब-लिल-हक के तहत की। इसके जवाब में अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के सैन्य कैंप पर हमला किया। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार के मुताबिक, हमले में उन ठिकानों को निशाना बनाया गया जिनका इस्तेमाल तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) जैसे संगठन सीमा पार हमलों की तैयारी के लिए करते थे। पाकिस्तान ने यह भी आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात अफगानिस्तान की ओर से ड्रोन हमला किया गया था, जिसका मलबा गिरने से क्वेटा में दो बच्चों समेत कुछ नागरिक घायल हो गए। पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच जंग जैसे हालात पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत 22 फरवरी को हुई थी। पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। इसके जवाब में अफगानिस्तान ने 27 फरवरी को पाकिस्तान पर हमला किया। अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। 1 लाख लोग घर छोड़ने को मजबूर हुए पिछले कुछ हफ्तों में अफगान और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच सीमा पर कई बार झड़पें हो चुकी हैं। संयुक्त राष्ट्र के अफगानिस्तान मिशन (UNAMA) के अनुसार 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाइयों में 56 नागरिक मारे गए हैं। इनमें 24 बच्चे भी शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी के मुताबिक इन हमलों के कारण करीब 1.15 लाख लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हुए हैं। पाकिस्तान और TTP में लड़ाई क्यों? 2001 में अमेरिका के अफगानिस्तान पर हमले के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का साथ दिया। इससे TTP नाराज हो गया, वह इसे इस्लाम के खिलाफ मानता था। TTP का मानना है कि पाकिस्तान सरकार सच्चा इस्लाम नहीं मानती है, इसलिए वो उसके खिलाफ हमला करता है। TTP का अफगान तालिबान के साथ गहरा जुड़ाव है। दोनों समूह एक-दूसरे को समर्थन देते हैं। 2021 में अफगान तालिबान के सत्ता में आने के बाद पाकिस्तान ने TTP को निशाना बनाकर अफगानिस्तान में हमले किए। —————————– PAK-अफगान संघर्ष से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में 2 विस्फोटक ड्रोन मार गिराए:अफगानिस्तान ने सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया; पहले PAK ने काबुल पर एयरस्ट्राइक की पाकिस्तान में पिछले हफ्ते शुक्रवार को राजधानी इस्लामाबाद पर विस्फोटकों से भरे दो ड्रोन से हमला हुआ था, जिन्हें सुरक्षा एजेंसियों ने मार गिराया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ड्रोन फैजाबाद इलाके के पास गिरा, जबकि दूसरा I-9 सेक्टर में गिराया गया। पूरी खबर यहां पढ़ें…
थांदला-तलावली मार्ग पर कार-बाइक भिड़ंत, दो युवक गंभीर:जिला अस्पताल रेफर; पुलिस ने कार सवारों को हिरासत में लिया

थांदला-तलावली मार्ग पर सोमवार देर शाम एक कार-बाइक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर घायल हो गए हैं। घटना थांदला से करीब 2 किमी दूर हुई, जिसके बाद राहगीरों की सूचना पर डायल 112 की टीम ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। तेज रफ्तार कार ने बाइक को मारी टक्कर जानकारी के अनुसार, थांदला रोड निवासी आयुष पिता मनोहर राठौड़ और राहुल पिता मांगू मावी अपनी बाइक से तलावली मार्ग की ओर जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही कार (KL03AC7585) ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और दोनों युवक सड़क पर गिरकर लहूलुहान हो गए। दोनों गंभीर, जिला अस्पताल रेफर घायलों को तत्काल थांदला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों युवकों की स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। फिलहाल दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने कार सवारों को हिरासत में लिया हादसे के बाद आरोपी कार चालक और उसमें सवार अन्य व्यक्तियों को थांदला थाने ले जाया गया है। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है और मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटनास्थल के आसपास के साक्ष्य भी जुटा रही है।
खरगोन में बड़वानी की छात्रा का शव मिला:पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाया, कल ही घर से लौटी थी

खरगोन शहर के कुंदा नगर स्थित निर्भया हॉस्टल में सोमवार रात छात्रा का शव कमरे में फंदे पर लटका हुआ मिला। छात्रा की पहचान 21 वर्षीय रोशनी सोलंकी के रूप में हुई है, छात्रा बड़वानी जिले की वरला तहसील के निरगुडिया गांव की रहने वाली थी। वह खरगोन में रहकर बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। रूम पार्टनर ने फंदे पर लटका देखा घटना का पता तब चला जब रात करीब 8 बजे उसकी रूम पार्टनर पूजा ठाकुर कॉलेज से वापस हॉस्टल लौटी। उसने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद पाया। दरवाजा खोलने पर रोशनी का शव पंखे से दुपट्टे के फंदे पर लटका हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही हॉस्टल में हड़कंप मच गया। इसके बाद तुरंत परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही परिजन और खरगोन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। रूम पार्टनर पूजा ठाकुर ने बताया कि रोशनी एक दिन पहले ही अपने घर से लौटी थी। वह काफी थकी हुई थी और आज कॉलेज भी नहीं गई थी। वहीं मृतक छात्रा के भाई विजय वास्कले ने बताया कि उन्हें अभी तक घटना के कारणों की जानकारी नहीं है। उन्हें शाम को सूचना मिली, जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे। खरगोन कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई ने बताया कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। वह कल ही घर से लौटी थी। आरंभिक जांच में छात्रा ने सुसाइड किया है। मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।
हर महीने ज्यादा ब्लीडिंग बन सकती है बड़ी मुसीबत, शरीर में होने लगती है ये कमी

Last Updated:March 16, 2026, 22:40 IST पीरियड्स महिलाओं के शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कई बार इस दौरान ब्लीडिंग जरूरत से ज्यादा हो जाती है. ऐसी स्थिति में शरीर में आयरन की कमी तेजी से बढ़ सकती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही खान-पान और समय पर इलाज से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है. पीरियड्स 3 से 7 दिनों तक चलते हैं. महिलाओं के जीवन में पीरियड्स यानी मासिक धर्म एक प्राकृतिक और नियमित प्रक्रिया है. हर महीने शरीर गर्भधारण की संभावना के लिए खुद को तैयार करता है. अगर गर्भधारण नहीं होता तो गर्भाशय की अंदरूनी परत टूटकर शरीर से बाहर निकलती है, जिसे पीरियड्स कहा जाता है. यह प्रक्रिया आमतौर पर कुछ दिनों तक चलती है और इस दौरान ब्लीडिंग होना सामान्य माना जाता है. हालांकि कई महिलाओं को इस दौरान सामान्य से ज्यादा रक्तस्राव का सामना करना पड़ता है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का कारण बन सकता है. आमतौर पर पीरियड्स 3 से 7 दिनों तक चलते हैं. इस दौरान शरीर से एक निश्चित मात्रा में रक्त बाहर निकलता है. लेकिन जब ब्लीडिंग जरूरत से ज्यादा होने लगे तो इसे हैवी मेंस्ट्रुअल ब्लीडिंग कहा जाता है. इस स्थिति में शरीर से ज्यादा मात्रा में खून निकलने की वजह से आयरन की कमी होने लगती है. क्योंकि खून में आयरन की मात्रा काफी होती है, इसलिए लगातार ज्यादा ब्लीडिंग होने से शरीर में आयरन का स्तर तेजी से गिर सकता है. आयरन शरीर के लिए एक बेहद जरूरी पोषक तत्व है. यह शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है, जो खून के जरिए ऑक्सीजन को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाता है. जब शरीर में आयरन की कमी हो जाती है तो हीमोग्लोबिन का स्तर भी कम होने लगता है. इस स्थिति को एनीमिया कहा जाता है. एनीमिया होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई देने लगते हैं, जैसे लगातार थकान महसूस होना, कमजोरी, चक्कर आना, सांस फूलना, बालों का झड़ना और चेहरे का रंग फीका पड़ना. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पीरियड्स के दौरान अगर बहुत ज्यादा थकान, चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. यह शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में खान-पान पर खास ध्यान देना जरूरी हो जाता है. आयरन से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल करना इस समस्या को कम करने में मदद कर सकता है. आयरन की कमी को पूरा करने के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां काफी फायदेमंद मानी जाती हैं. पालक, चुकंदर, दालें, राजमा और चना जैसे खाद्य पदार्थ शरीर को आयरन देने में मदद करते हैं. इसके अलावा गुड़, अनार और सूखे मेवे जैसे किशमिश, खजूर और बादाम भी आयरन का अच्छा स्रोत माने जाते हैं. इन चीजों को नियमित रूप से खाने से शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद मिल सकती है. साथ ही यह भी जरूरी है कि आयरन के साथ विटामिन सी का सेवन भी किया जाए. विटामिन सी शरीर में आयरन के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करता है. इसलिए भोजन के साथ नींबू, आंवला, संतरा, टमाटर, अमरूद या स्ट्रॉबेरी जैसे फल और खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. इससे शरीर को आयरन का पूरा लाभ मिल पाता है. अगर किसी महिला को पीरियड्स के दौरान लगातार ज्यादा ब्लीडिंग हो रही हो या अत्यधिक कमजोरी महसूस हो रही हो तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है. कई बार डॉक्टर आयरन-फोलिक एसिड की टैबलेट लेने की सलाह देते हैं, जिससे शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाने में मदद मिलती है. सही समय पर इलाज और संतुलित आहार से एनीमिया जैसी समस्या से बचा जा सकता है और शरीर को स्वस्थ रखा जा सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 16, 2026, 22:40 IST







