डायबिटीज से लेकर घाव तक में काम आता है अनार का फूल! आयुर्वेद में छिपे हैं इसके चौंकाने वाले फायदे

Last Updated:March 16, 2026, 19:32 IST अनार का फल तो आपने कई बार खाया होगा, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका फूल भी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. आयुर्वेद में अनार के फूल का इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज में लंबे समय से किया जाता रहा है. डायबिटीज कंट्रोल से लेकर घाव भरने तक, इसके फायदे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे. (AI image) प्रकृति ने इंसानों को कई ऐसे अनमोल पौधे दिए हैं जिनमें से हर एक के भीतर किसी न किसी तरह का औषधीय गुण छिपा होता है. इन्हीं में से एक है अनार का फूल. आमतौर पर लोग अनार के फल को सेहत के लिए फायदेमंद मानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अनार का फूल भी कई तरह के स्वास्थ्य लाभों से भरपूर होता है. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में अनार के फूल का उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है. पुराने समय में वैद्य और हर्बल विशेषज्ञ कई बीमारियों के इलाज में इस फूल का इस्तेमाल करते थे, क्योंकि इसमें कई प्राकृतिक तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर के लिए लाभकारी माने जाते हैं. अनार के पेड़ पर लगने वाला लाल रंग का फूल देखने में बेहद सुंदर और आकर्षक होता है. इसकी चमकदार लाल पंखुड़ियां न सिर्फ पेड़ की सुंदरता बढ़ाती हैं बल्कि इसके भीतर कई औषधीय गुण भी छिपे होते हैं. वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो अनार के फूल में टैनिन, गैलिक एसिड और ट्राइटरपेनॉइड्स जैसे कई सक्रिय तत्व पाए जाते हैं. ये सभी तत्व शरीर के लिए उपयोगी माने जाते हैं और कई तरह की शारीरिक समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं. यही वजह है कि आयुर्वेद में इस फूल को एक महत्वपूर्ण हर्बल तत्व माना गया है. अनार के फूल का सबसे ज्यादा जिक्र मधुमेह यानी डायबिटीज को नियंत्रित करने के संदर्भ में किया जाता है. कई शोधों में यह संकेत मिला है कि अनार के फूल में मौजूद कुछ प्राकृतिक गुण शरीर में ब्लड शुगर लेवल को संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं. आयुर्वेद में भी अनार के फूल को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करने और सीमित मात्रा में उपयोग करने की सलाह दी जाती है. माना जाता है कि यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में मदद कर सकता है और शुगर के स्तर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है. इसके अलावा अनार का फूल घाव भरने में भी काफी उपयोगी माना जाता है. इसमें मौजूद टैनिन और एंटीऑक्सीडेंट गुण त्वचा को जल्दी ठीक होने में मदद कर सकते हैं. पुराने समय में लोग अनार के सूखे फूल को पीसकर उसका लेप बनाते थे और उसे घाव या चोट वाली जगह पर लगाते थे. ऐसा करने से सूजन कम होने में मदद मिलती थी और घाव जल्दी भरने की संभावना बढ़ जाती थी. इस कारण इसे एक प्राकृतिक हीलिंग एजेंट भी माना जाता है. अनार के फूल में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी पाए जाते हैं, जो शरीर में होने वाली सूजन को कम करने में सहायक माने जाते हैं. शरीर में होने वाली छोटी-मोटी सूजन कई बार दर्द और असहजता का कारण बनती है. ऐसे में अनार के फूल से बने कुछ पारंपरिक हर्बल उपचार राहत देने में मदद कर सकते हैं. यही कारण है कि कई आयुर्वेदिक और हर्बल उत्पादों में भी इस फूल का उपयोग किया जाता है. इसके साथ ही अनार का फूल एंटीऑक्सीडेंट से भी भरपूर होता है. एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. फ्री रेडिकल्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकते हैं. ऐसे में एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर चीजों का सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. माना जाता है कि सही तरीके से उपयोग करने पर अनार का फूल इम्यून सिस्टम को भी बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है. हालांकि, प्राकृतिक चीजें भले ही फायदेमंद होती हैं, लेकिन उनका सही मात्रा में और सही तरीके से उपयोग करना बहुत जरूरी होता है. इसलिए अगर कोई व्यक्ति अनार के फूल का औषधीय उपयोग करना चाहता है, तो बेहतर है कि पहले किसी आयुर्वेदिक विशेषज्ञ या डॉक्टर से सलाह जरूर ले. इससे इसका सुरक्षित और सही लाभ मिल सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 16, 2026, 19:30 IST
पन्ना में भैंस खेत में घुसने को लेकर विवाद:पड़ोसी ने सिर पर डंडा मारा, बुजुर्ग की मौके पर मौत; आरोपी फरार, तलाश रही पुलिस

पन्ना जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत में सोमवार को खेत में भैंस घुसने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। हरदुआ में मामूली कहासुनी के बाद हुए हमले में 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। भैंस चराने के दौरान हुआ विवाद मृतक की पहचान हरदुआ पटेल निवासी नोनेलाल पटेल (60) के रूप में हुई है। सोमवार को नोनेलाल अपने साथी सिब्बू पटेल के साथ भैंस चरा रहे थे। इसी दौरान उनकी भैंसें पास ही स्थित मगना अहिरवार और देवेंद्र अहिरवार के खेत की मेड़ की ओर चली गईं। खेत में मवेशी घुसने की बात पर दोनों पक्षों के बीच विवाद शुरू हो गया। सिर पर डंडे से किया हमला प्रत्यक्षदर्शी सिब्बू पटेल ने बताया कि बहस के दौरान मगना के पुत्र देवेंद्र अहिरवार ने लकड़ी के डंडे से नोनेलाल के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि नोनेलाल जमीन पर गिर पड़े और कुछ ही मिनटों में उन्होंने दम तोड़ दिया। हमला करने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। आरोपी की तलाश कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही हरदुआ चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी देवेंद्र अहिरवार के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। गांव में पुलिस बल तैनात हत्या की इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल पुलिस गवाहों के बयान दर्ज कर रही है और वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद करने की कोशिश कर रही है।
ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ में धर्मेंद्र को नहीं मिली जगह:हेमा मालिनी बोलीं- धरमजी को इन अवॉर्ड्स की परवाह नहीं थी, दर्शकों का प्यार पुरस्कार था

हॉलीवुड के प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह अकादमी पुरस्कार के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट को लेकर इस साल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस सेगमेंट में उन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिनका हाल ही में निधन हुआ हो। हालांकि इस बार दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके फैंस नाराज हो गए। ऑस्कर समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा के इतने बड़े स्टार को इस सेगमेंट में क्यों नहीं याद किया गया। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा में छह दशक से ज्यादा समय तक काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। ऐसे में फैंस का कहना था कि उन्हें इस सम्मान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था। अब इस पूरे मामले पर धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र को अपने करियर में अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार की परवाह थी। हेमा ने कहा, “धरम जी को अपने लंबे करियर में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। फिर भी उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की। वे हमेशा कहते थे कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें ऑस्कर या किसी दूसरे अवॉर्ड की ज्यादा चिंता होती।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग धर्मेंद्र को आज भी बहुत प्यार करते हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हेमा मालिनी के मुताबिक, किसी कलाकार के लिए दर्शकों का सम्मान और स्नेह किसी भी अवॉर्ड से बड़ा होता है। इस बीच कई फैंस ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म पुरस्कार में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट के दौरान धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसे लेकर हेमा मालिनी ने खुशी भी जताई थी। धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में रोमांस, एक्शन और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। फिलहाल ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में उनका नाम शामिल न होने को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन हेमा मालिनी का मानना है कि धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ में धर्मेंद्र को नहीं मिली जगह:हेमा मालिनी बोलीं- धरमजी को इन अवॉर्ड्स की परवाह नहीं थी, दर्शकों का प्यार पुरस्कार था

हॉलीवुड के प्रतिष्ठित अवॉर्ड समारोह अकादमी पुरस्कार के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट को लेकर इस साल सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। इस सेगमेंट में उन कलाकारों को श्रद्धांजलि दी जाती है, जिनका हाल ही में निधन हुआ हो। हालांकि इस बार दिग्गज बॉलीवुड अभिनेता धर्मेंद्र का नाम इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे उनके फैंस नाराज हो गए। ऑस्कर समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि भारतीय सिनेमा के इतने बड़े स्टार को इस सेगमेंट में क्यों नहीं याद किया गया। धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा में छह दशक से ज्यादा समय तक काम किया और कई यादगार फिल्में दीं। ऐसे में फैंस का कहना था कि उन्हें इस सम्मान में जरूर शामिल किया जाना चाहिए था। अब इस पूरे मामले पर धर्मेंद्र की पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में हेमा मालिनी ने कहा कि धर्मेंद्र को अपने करियर में अवॉर्ड्स से ज्यादा दर्शकों के प्यार की परवाह थी। हेमा ने कहा, “धरम जी को अपने लंबे करियर में बहुत ज्यादा अवॉर्ड्स नहीं मिले। फिर भी उन्होंने कभी इसकी शिकायत नहीं की। वे हमेशा कहते थे कि दर्शकों का प्यार ही उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि उन्हें ऑस्कर या किसी दूसरे अवॉर्ड की ज्यादा चिंता होती।” उन्होंने यह भी कहा कि लोग धर्मेंद्र को आज भी बहुत प्यार करते हैं और यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है। हेमा मालिनी के मुताबिक, किसी कलाकार के लिए दर्शकों का सम्मान और स्नेह किसी भी अवॉर्ड से बड़ा होता है। इस बीच कई फैंस ने सोशल मीडिया पर यह भी बताया कि ब्रिटेन के प्रतिष्ठित ब्रिटिश एकेडमी फिल्म पुरस्कार में ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट के दौरान धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी गई थी। इसे लेकर हेमा मालिनी ने खुशी भी जताई थी। धर्मेंद्र हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय अभिनेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने करियर में रोमांस, एक्शन और कॉमेडी जैसी कई शैलियों में काम किया और दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। फिलहाल ऑस्कर के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में उनका नाम शामिल न होने को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन हेमा मालिनी का मानना है कि धर्मेंद्र के लिए दर्शकों का प्यार ही सबसे बड़ा पुरस्कार था।
असम के सीएम ने किए पीतांबरा पीठ में दर्शन:मां बगलामुखी से देश में सुख-समृद्धि की कामना, वनखंडेश्वर महादेव का किया जलाभिषेक

दतिया में असम के मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा सोमवार दोपहर दतिया पहुंचे और विश्व प्रसिद्ध पीतांबरा पीठ में मां बगलामुखी के दर्शन कर विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने पीठ परिसर में स्थित वनखंडेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर देश में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री विशेष विमान से दतिया एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से पीतांबरा पीठ पहुंचे। जिला प्रशासन के अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। बोले- असम में फिर भाजपा सरकार बनेगी दर्शन-पूजन के बाद मीडिया से बातचीत में हिमन्त विश्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने मां बगलामुखी से देश में सुख, शांति और समृद्धि की प्रार्थना की है। वहीं असम में आगामी चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य में एक बार फिर भाजपा की सरकार बनेगी। गौरतलब है कि दतिया स्थित पीतांबरा पीठ में विराजमान मां बगलामुखी को शक्ति की विशेष स्वरूप माना जाता है। राजनीतिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई नेता चुनाव या महत्वपूर्ण निर्णयों से पहले यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में असम में चुनावी माहौल के बीच मुख्यमंत्री हिमन्त विश्व शर्मा का यहां आना भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यूनाइटेड एयरलाइंस की महिला पायलट क्रैस्टन की दिलचस्प कहानी:9 की उम्र में पायलट बनने की ठानी, 22 में बिना डिग्री संभाला कॉकपिट; अब 18 हजार लोगों में सबसे सीनियर महिला अफसर हैं क्रैस्टन

अमेरिका की 64 वर्षीय कैप्टन क्रैस्टन विल्सन दुनिया की दिग्गज यूनाइटेड एयरलाइंस के 18 हजार पायलटों में सबसे ‘सीनियर’ महिला पायलट बनने जा रही हैं। यह उपलब्धि बेहद खास है क्योंकि इस एयरलाइन के 100 साल के सफर में अब तक कोई महिला इस पद पर नहीं पहुंची। पुरुषों के वर्चस्व वाले क्षेत्र में, जहां आज भी महिला पायलटों की हिस्सेदारी महज 6% है, क्रैस्टन का यह सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। उनका मुकाम यह साबित करता है कि अगर इरादे बुलंद हों, तो बिना किसी कॉलेज डिग्री के भी कड़ी मेहनत के दम पर सालाना ₹3.70 करोड़ रुपए (4 लाख डॉलर) का पैकेज हासिल किया जा सकता है। पढ़िए इनके जीवन की कहानी… लिंगभेद की दीवार तोड़ी क्रैस्टन के सफर की शुरुआत 9 साल की उम्र में हुई, जब उन्होंने पहली बार हवाई जहाज की खिड़की से दुनिया को देखा था। वे बताती हैं, ‘तब मेरे पिता मुझे फोटोग्राफी के लिए एक छोटी हवाई यात्रा पर ले गए थे। मैं उस दिन बहुत खुश होकर मुस्कुरा रही थी।’ पिता ने खुशी का कारण पूछा, तो क्रैस्टन का जवाब सीधा और स्पष्ट था, ‘बड़ी होकर मैं यही काम करूंगी।’ हालांकि तब उन्हें किसी ने ये नहीं बताया था कि लड़कियां अक्सर पायलट नहीं बनती, इसलिए क्रैस्टन ने कभी असंभव नहीं माना। पहली बार आवेदन देते हुए असफल होने का डर था क्रैस्टन ने कॉलेज में पढ़ाई के साथ उड़ान का प्रशिक्षण लेना शुरू किया। उन्होंने स्टूडेंट पायलट सर्टिफिकेट, प्राइवेट पायलट लाइसेंस और अन्य उड़ान प्रमाणपत्र हासिल किए। रोचक बात यह है कि इसके लिए उन्हें तब किसी पारंपरिक डिग्री की जरूरत नहीं पड़ी। उनका ‘फ्लाइंग आवर्स’ ही असली डिग्री बना। क्रैस्टन के मुताबिक पहली बार नौकरी के लिए जब उनके एक छात्र ने उन्हें एयरलाइंस का आवेदन पत्र दिया, तो उन्हें अपनी सफलता पर शक था। विल्सन कहती हैं, ‘मुझे लगा था कि मेरा चुना जाना नामुमकिन है’। लेकिन 22 साल की उम्र में उनकी काबिलियत ने उन्हें कॉकपिट तक पहुंचा दिया। फिर को-पायलट, पायलट का सफर तय करते हुए 31 साल से कैप्टन हैं। त्योहारों में घर से दूर रहीं, बच्चों के जन्मदिन में शामिल नहीं हो सकी क्रैस्टन का शीर्ष पर पहुंचने का रास्ता आसान नहीं था। वे बताती हैं कि शुरुआती दिनों में उन्हें परिवार से दूर रहना पड़ता था। वे कहती हैं, ‘पायलट होने का मतलब है कि आप बच्चों के जन्मदिन और उनके मैच मिस करेंगे। अगर आप हर त्योहार पर घर रहना चाहते हैं, तो शायद यह क्षेत्र आपके लिए नहीं है।’ आज वे बोइंग 787 उड़ाती हैं और महीने में 12 दिन हवाई यात्रा में गुजरते हैं। उनका अपने क्रू से बस एक ही मंत्र होता है, ‘हमें इतनी सुरक्षित लैंडिंग करनी है कि अगले दिन खबरों में नहीं, बल्कि मुसाफिरों के दिलों में जगह मिल सके।’
पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने जारी की जारी की पहली लिस्ट, भवानीपुर में ममता बनर्जी को चुनौती देंगे शुभेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए बीजेपी ने 144 जनवरी की पहली लिस्ट जारी कर दी है. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जिले में नेताओं की सूची में शुभेंदु अधिकारी और दिलीप को घोषना के टिकट दिए हैं। बीजेपी ने शुभेंदु अधिकारी को नंदीग्राम और भवानीपुर दो डिवीजनों से मैदान में उतारा है। भवानीपुर से सीएम ममता बनर्जी ने पिछली बार चुनाव जीता था। नंदीग्राम से शुभेंदु ने ममता को हराया था चुनाव 2021 विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट से शुभेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी को करीब 2000 की बढ़त से हराया था। 17 राउंड की गिनती के बाद शुभेंदु अधिकारी की जीत ख़त्म कर दी गई। तब ममता बनर्जी ने बीजेपी पर चुनाव के दौरान धांधली करने का आरोप लगाया था. उस हार के बाद ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से झील में उतरें और प्रवेश करें। अब बीजेपी ने ममता बनर्जी को घेरने के लिए एक बार फिर से शुभेंदु अधिकारी को अपनी सीट से हटा दिया है। भाजपा ने आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए 144 उम्मीदवारों की पहली सूची की घोषणा की pic.twitter.com/QHLfHAUNFF – एएनआई (@ANI) 16 मार्च 2026 दिलीप घोष और अग्निमित्र पॉल को मिले टिकट बीजेपी ने दिलीप कुमार घोष को बोलपुर विधानसभा से, आसनसोल दक्षिण से अग्निमित्र पॉल, खड़गपुर सदर से दिलीप घोष, पूर्व साम्यवादी मुस्लिम स्वप्न दास को राशबिहारी सीट से टिकट दिया है। पार्टी ने डायमंड हार्बर से दीपक कुमार हलदर, आसनसोल उत्तर से कृष्णेंदु मुखर्जी, कालीगंज उत्तर से बापन घोष, कुशबिहार उत्तर से सुकुमार रॉय, सिलीगुड़ी से शंकर घोष और हसन से निखिल निरंजन मैदान में उतारे गए हैं। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित इंट्रेस्ट ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘बीजेपी ने पश्चिम बंगाल के लिए अपनी राजधानी की पहली सूची जारी की है। हमारी पार्टी के नेता सुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगे, जहां से उन्होंने 2021 में ममता बनर्जी को हराया था और भवानीपुर से भी, जहां से ममता बनर्जी वर्तमान विधायक हैं। यह एक कड़ा मुकाबला होगा.’ बंगाल में दो चरणों में होगा चुनाव चुनाव आयोग ने रविवार (15 मार्च 2025) को घोषणा की है कि पश्चिम बंगाल में 294 सीटों पर दो चरण के चुनाव 23 अप्रैल और 29 अप्रैल 2026 को होंगे। सीटीओ की गिनती 4 मई 2026 को होगी। पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के नेतृत्व में 215 वीकेंड पर जीत दर्ज की गई थी तो वहीं बीजेपी 77 के साथ मुख्य सुपरस्टार दल बनी थी। ये भी पढ़ें: केरल चुनाव के लिए बीजेपी ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी उम्मीदवार 2026 सूची(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सूची(टी)दिलीप घोष(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)बीजेपी(टी)भवानीपुर(टी)ममता गांधी(टी)शुभेंदु अधिकारी(टी)बंगाल चुनाव(टी)दिलीप घोष(टी)बीजेपी बंगाल लिस्ट
बेंगलुरु के कैफे ने बिल में 5% गैस-संकट चार्ज जोड़ा:₹358 का नींबू पानी मंगाने पर ₹17 एक्स्ट्रा पैसे वसूले; सोशल मीडिया पर वायरल हुई रसीद

देशभर में जारी LPG संकट का असर अब लोगों की जेब पर सीधे तौर पर दिख रहा है। बेंगलुरु के एक कैफे ने अपने ग्राहक को नींबू पानी के बिल पर 5% ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ (गैस संकट शुल्क) लगा दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कैफे की रसीद की फोटो वायरल होने के बाद लोग इस पर तरह-तरह की रिएक्शन दे रहे हैं। ₹358 के ऑर्डर पर ₹17 का एक्स्ट्रा चार्ज बेंगलुरु के ‘थियो कैफे’ की इस वायरल रसीद के मुताबिक, एक ग्राहक ने दो मिंट लेमोनेड (नींबू पानी) ऑर्डर किए थे। एक लेमोनेड की कीमत ₹179 थी, यानी दो के लिए ₹358 हुए। कैफे ने पहले ₹17.90 का 5% डिस्काउंट दिया, लेकिन फिर स्टैंडर्ड GST (CGST और SGST) के साथ ‘गैस क्राइसिस चार्ज’ के नाम पर 5% यानी ₹17.01 अलग से जोड़ दिए। इस तरह ग्राहक का कुल बिल ₹374 हो गया। सोशल मीडिया पोस्ट वायरल, लोग बोले- ‘बिना गैस का क्या चार्ज?’ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बिल की फोटो शेयर होते ही यूजर्स ने कैफे की आलोचना की। लोगों ने सवाल पूछा कि नींबू पानी बनाने में आखिर कौन सी गैस इस्तेमाल होती है, जो इसके लिए ‘क्राइसिस शुल्क’ वसूला जा रहा है? कुछ यूजर्स ने इसे ग्राहकों को लूटने का नया बहाना बताया, तो कुछ ने इसे ‘महंगाई का डिजिटल अवतार’ बताया। दिल्ली-NCR से लेकर बिहार तक एजेंसियों पर लंबी कतारें गैस की कमी सिर्फ बेंगलुरु तक सीमित नहीं है। दिल्ली-NCR, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों में भी एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर्स के बाहर सुबह से ही लंबी लाइनें लग रही हैं। घरेलू सिलेंडरों की बुकिंग में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई जगहों पर होर्डिंग (जमाखोरी) की खबरें आने के बाद प्रशासन ने छापेमारी भी तेज कर दी है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। होर्मुज से निकले 2 जहाज, 92 हजार टन गैस लेकर आ रहे भारत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। दो भारतीय LPG कैरियर (माल वाहक जहाज), ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, होर्मुज रूट को पार कर चुके हैं। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं। इनके 16 और 17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। सिलेंडर के लिए राजस्थान-बिहार में कई जगह जाम लगा अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देश में LPG संकट बढ़ गया है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पंजाब-चंडीगढ़, हरियाणा और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में सिलेंडर के लिए सुबह से ही गैस एजेंसियों और गोदामों पर लाइनें लग गई हैं। LPG संकट के कारण गैस सिलेंडर की कालाबाजारी भी बढ़ गई है। 950 रुपए में आने वाला घरेलू गैस सिलेंडर 3500 रुपए और 2 हजार रुपए के कॉमर्शियल सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपए में बेचा जा रहा है। PNG कनेक्शन वालों को नहीं मिलेगा LPG सिलेंडर अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। देश में गहराते गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले सप्लाई को लेकर 9 दिन में 3 बार नए नियम जारी कर चुकी है। रसोई गैस की सप्लाई के 4 नए नियम LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया। कनेक्शन सरेंडर न करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार चाहती है कि जिनके पास पीएनजी का विकल्प है, वे सिलेंडर छोड़ दें ताकि सिलेंडर उन लोगों तक पहुंच सके जिनके पास और कोई ऑप्शन नहीं है। शनिवार को नोटिफिकेशन जारी में कहा गया कि जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, वे तुरंत नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनी के पोर्टल पर जाकर कनेक्शन सरेंडर करें। सरेंडर करने पर जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
गावस्कर बोले- पाकिस्तानी खिलाड़ी खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़:भारतीय मालिकों को इससे बचना चाहिए, द हंड्रेड में सनराइजर्स ने अबरार को खरीदा था

इंग्लैंड की टी-20 लीग द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स द्वारा पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने पर विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय मालिकाना हक वाली इस फ्रेंचाइजी के फैसले पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। गावस्कर ने कहा कि भारतीय मालिकों द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ियों को खरीदना भारतीयों की जान से खिलवाड़ जैसा है और ऐसे फैसलों से बचना चाहिए। 13 मार्च को लंदन में हुए ऑक्शन में अबरार को ₹2.34 करोड़ में खरीदा गया था। सनराइजर्स के मालिकों के पास IPL की टीम सनराइजर्स हैदराबाद और साउथ अफ्रीका लीग (SA20) की टीम सनराइजर्स ईस्टर्न केप भी है। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन हैं। सनराइजर्स लीड्स की पोस्ट देखिए… IPL में पाकिस्तान खिलाड़ियों पर प्रतिबंध पाकिस्तान के खिलाड़ी IPL में नहीं खेलते। उन्होंने केवल 2008 के पहले सीजन में हिस्सा लिया था। इसके बाद नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले के बाद IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर रोक लगा दी गई। आम तौर पर भारतीय फ्रेंचाइजी, जिनकी विदेशी लीगों में भी टीमें हैं, पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नहीं खरीदतीं। लेकिन सनराइजर्स ने इस परंपरा को नहीं अपनाया। पैसों से हथियार खरीदे जाते हैं- गावस्कर सुनील गावस्कर ने मिड-डे में लिखे अपने कॉलम में कहा, भारतीय मालिकों को पाकिस्तानी खिलाड़ियों को अपनी टीम में शामिल करने से बचना चाहिए। द हंड्रेड में किसी भारतीय मालिक वाली टीम द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने पर जो विवाद हुआ है, वह बिल्कुल भी हैरान करने वाला नहीं है। नवंबर 2008 के मुंबई हमलों के बाद से भारतीय फ्रेंचाइजी मालिकों ने IPL में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया है। अब जाकर यह समझ आया है कि जब वे किसी पाकिस्तानी खिलाड़ी को फीस देते हैं और वह अपने देश में टैक्स देता है, तो वह पैसा सरकार के पास जाता है, जिससे हथियार खरीदे जा सकते हैं। इस तरह यह पैसा अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय सैनिकों और नागरिकों की मौत में योगदान दे सकता है। इसी कारण भारतीय संस्थाएं पाकिस्तानी कलाकारों और खिलाड़ियों को शामिल करने से बचती रही हैं। विट्टोरी इसे शायद न समझें गावस्कर ने आगे कहा, सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विट्टोरी, जो न्यूजीलैंड से हैं, शायद इस स्थिति को न समझते हों और उन्होंने टीम में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने की इच्छा जताई हो। लेकिन मालिक को इस स्थिति की समझ होनी चाहिए थी और इस खरीद को रोकना चाहिए था। क्या उस फॉर्मेट का टूर्नामेंट जीतना, जिसे दुनिया का कोई और देश नहीं खेलता, भारतीयों की जान से ज्यादा महत्वपूर्ण है? बहिष्कार की चेतावनी गावस्कर ने यह भी कहा कि इस फैसले के कारण भारतीय फैंस टीम का बहिष्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा—कोई हैरानी की बात नहीं होगी कि जब भी यह टीम मैच खेलेगी, चाहे घर में या बाहर, भारतीय फैंस बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करें। यहां तक कि टीम में अच्छे बल्लेबाज होने के बावजूद दर्शक मैच देखने नहीं आएं और इस फैसले के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराएं। उन्होंने अंत में कहा कि अभी भी इस गलती को सुधारा जा सकता है और उम्मीद है कि समझदारी से फैसला लिया जाएगा। BCCI बोला- हम दखल नहीं दे सकते इस मामले पर BCCI के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि बोर्ड इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता, क्योंकि यह एक विदेशी लीग से जुड़ा मामला है। अंतिम फैसला फ्रेंचाइजी को ही लेना होगा। उस्मान तारिक 1.72 करोड़ रुपए में बिके इस नीलामी में बिकने वाले दूसरे पाकिस्तानी खिलाड़ी मिस्ट्री स्पिनर उस्मान तारिक रहे, जिन्हें बर्मिंघम फीनिक्स ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में खरीदा। हालांकि, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ और ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सैम अयूब अनसोल्ड रहे। बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान पर विवाद हुआ था IPL की फ्रेंचाइजी कोलकाता नाइट राइडर्स (IPL) ने 16 दिसंबर 2025 को अबू धाबी में IPL 2026 के मिनी ऑक्शन में बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसके बाद बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्याओं के कारण भारत में इसका विरोध होने लगा। इस पर BCCI के कहने पर KKR ने रहमान को रिलीज कर दिया है। इससे नाराज बांग्लादेशी सरकार ने अपने देश में IPL के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बांग्लादेश ने भारत में टी-20 वर्ल्ड कप खेलने से इनकार कर दिया था। ऐसे में ICC ने बांग्लादेश को टी-20 वर्ल्ड कप से ही बाहर कर दिया गया था। बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टी-20 वर्ल्ड कप में शामिल किया गया था। पाकिस्तान ने भारत से मैच का बॉयकॉट किया था पाकिस्तानी सरकार ने टी-20 वर्ल्ड कप में भारत से मैच का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि, श्रीलंकाई राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तानी सरकार ने भारत से मैच के लिए मंजूरी दी थी। कोलंबो में 15 फरवरी को खेले गए इस मैच में भारतीय टीम ने 61 रनों के अंतर से जीता था। पाकिस्तान के खिलाफ ईशान किशन ने फिफ्टी लगाई थी।
वायरल बनाम बैक्टीरियल बुखार: वायरल और बैक्टीरियल बुखार में क्या अंतर है? जानिए लक्षण घरेलू और इलाज

वायरल बनाम बैक्टीरियल बुखार | छवि: फ्रीपिक वायरल बनाम बैक्टीरियल बुखार: जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण के कारण आजकल बुखार एक आम समस्या बन गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हर बुखार वैसा नहीं होता? सामान्य रूप से दिखने वाले बुखार मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं पहला वायरल बुखार और दूसरा बैक्टीरियल बुखार। इन दोनों के बीच का अंतर संतुलन जरूरी है क्योंकि इनका इलाज बिल्कुल अलग होता है। आइये जानते हैं वायरल बुखार के लक्षण क्या हैं और घरेलू उपचार क्या कर सकते हैं? वायरल और साइंटिस्ट बुक में मुख्य अंतर क्या है? वायरल बुखार वायरस के कारण होता है, जो हवा, कोल्ड वॉटर या डायट व्यक्ति के संपर्क में आता है। वहीं, गले का संक्रमण या यूरिनरी इंजेक्शन का संक्रमण भी बैक्टीरियल बुखार बुखार के संक्रमण से होता है। वायरल और संदिग्ध बुखार कितने दिन तक रहेगा? वायरल बुखार आमतौर पर 3 से 7 दिनों में आपको ठीक लगता है। जबकि बैक्टिरियल संक्रमण तब तक ठीक नहीं होता जब तक उसका इलाज नहीं हो जाता। एंटीबायोटिक्स का असर क्या होता है? एंटीबायोटिक्स केवल बैक्टीरिया पर काम करता है, वायरस पर नहीं। वायरल बुखार में एंटीबायोटिक्स लेना केवल जरूरी नहीं है, बल्कि बिकवाली भी हो सकती है। वायरल बुखार के लक्षण क्या हैं? तेज बुखार के साथ शरीर और जोड़ों में तेज दर्द। नाक बहना, गले में खराश और सूखी खांसी। आँखों में जलन त्वचा पर वाइज़ रैशेज़ होना। अत्यधिक कमज़ोरी और थकान महसूस होना। बैक्टीरियल बुखार के लक्षण क्या हैं? बुखार का अचानक आना और तेजी से आना। शरीर के किसी खास हिस्से में दर्द (जैसे टॉन्सिल में सूजन या कान में दर्द)। बुखार का लंबे समय तक बने रहना और दवाओं के बाद भी बार-बार आना। बलगम वाली खांसी या सांस लेने की जगह। ये भी पढ़ें – ईरान ने युद्ध में पहली बार दागी ‘सेजिल’ मिसाइल! जानें- कितनी घातक है ये ‘डांसिंग मिसाइल’? घरेलू उपचार क्या कर सकते हैं? तुलसी के अवशेषों में एंटी-वायरल गुण होते हैं और अदरक संक्रमण से लड़ने में मदद मिलती है। इनमें काढ़ा पीने से शरीर की रोग क्षमता बहुत अधिक होती है। बुखार में बॉडी डिलाईटेड हो जाता है। इसलिए पानी, नारियल का पानी, नारियल के पत्तों का रस और सूप का सेवन अधिक करें। हल्दी में मौजूद ‘करक्यूमिन’ एक शक्तिशाली एंटी-इंफ्लेमेटरी तत्व है। रात में गर्म हल्दी वाला दूध पीने से शरीर का दर्द कम होता है। लहसुन में ‘एलिसिन’ नामक तत्व पाया जाता है जो कि लहसुन से लड़ने में सहायक होता है। इसे कच्चा या खाने में शामिल करके उपयोग करें। शरीर को स्वस्थ बनाने से लड़ने के लिए ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो पर्याप्त नींद और आराम से संभव है। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)वायरल बनाम बैक्टीरियल संक्रमण के लक्षण(टी)वायरल बनाम बैक्टीरियल बुखार सीबीसी(टी)बैक्टीरियल बुखार के लक्षण(टी)बैक्टीरियल बुखार की अवधि(टी)बैक्टीरियल बुखार के कारण(टी)बैक्टीरियल बुखार के नाम(टी)बैक्टीरियल बुखार का इलाज(टी)बैक्टीरियल बुखार एंटीबायोटिक्स(टी)24 घंटे में बुखार से कैसे छुटकारा पाएं(टी)घर पर वायरल बुखार का इलाज







