छतरपुर में 12 एकड़ फ्रूट फॉरेस्ट का निरीक्षण:कलेक्टर ने फलदार पौधों के बीच इंटरक्रॉपिंग और डेयरी गतिविधियां बढ़ाने के दिए निर्देश

छतरपुर के प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नमः शिवाय अरजरिया ने देरी रोड स्थित 12 एकड़ में विकसित फ्रूट फॉरेस्ट का शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने इसके संचालन और रख-रखाव की समीक्षा की, साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। यह फ्रूट फॉरेस्ट शासकीय बंजर भूमि के सदुपयोग के उद्देश्य से विकसित किए जा रहे हैं। देरी रोड पर स्थित यह विशेष फ्रूट फॉरेस्ट खनिज विभाग द्वारा तैयार किया गया है। लगभग 12 एकड़ क्षेत्र में फैले इस वन में 12 हजार फलदार पौधे लगाए गए हैं, जिनमें आम, अमरूद, जामुन, आंवला, चीकू, अनार और करोंदा जैसी प्रजातियां शामिल हैं। इनमें से कई पौधे अब फल देने की स्थिति में आ गए हैं। निरीक्षण के दौरान, प्रभारी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फ्रूट फॉरेस्ट को स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जाए। इसका उद्देश्य सब्जियों और अन्य इंटरक्रॉपिंग फसलों का उत्पादन बढ़ाना है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर सृजित करने के लिए डेयरी गतिविधियां शुरू करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला खनिज अधिकारी अमित मिश्रा और जिला परियोजना प्रबंधक आजीविका मिशन श्याम गौतम सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
धुरंधर एक्टर रणवीर को विक्की कौशल ने किया रिप्लेस:साउथ सुपरस्टार धनुष के ड्रीम प्रोजेक्ट में नई एंट्री, एस शंकर करेंगे फिल्म का निर्देशन

साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मेगा बजट फिल्म में अब रणवीर सिंह की जगह विक्की कौशल नजर आ सकते हैं। फिल्म में साउथ सुपरस्टार धनुष पहले से ही अहम भूमिका में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वेलपरी’ में दूसरे लीड रोल के लिए पहले रणवीर सिंह का नाम चर्चा में था। हालांकि अब वलाई पेचु की एक रिपोर्ट के अनुसार मेकर्स इस किरदार के लिए विक्की कौशल से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्रसिद्ध तमिल उपन्यास ‘वीर युग नायकन वेल परी’ पर आधारित है, जिसे लेखक सु. वेंकटेशन ने लिखा है। यह कहानी प्राचीन तमिलनाडु के प्रसिद्ध और उदार शासक वेलपरी के जीवन पर आधारित मानी जाती है। फिल्म को बड़े स्तर पर ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक शंकर इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बनाना चाहते थे और इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हैं। खबर यह भी है कि फिल्म के लिए धनुष से लंबी डेट्स मांगी गई हैं क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर शूट करने की योजना है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार होता है, तो दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर धनुष और विक्की कौशल की नई जोड़ी देखने को मिल सकती है। वहीं रणवीर सिंह का नाम फिलहाल इस प्रोजेक्ट से बाहर बताया जा रहा है। वर्कफ्रंट की बात करें तो धनुष आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वहीं विक्की कौशल भी कई फिल्मों में व्यस्त हैं और उनकी परफॉर्मेंस को लेकर इंडस्ट्री में काफी चर्चा रहती है। फिलहाल ‘वेलपरी’ को लेकर मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। अगर विक्की कौशल इस फिल्म में शामिल होते हैं तो यह बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच एक और बड़ी कोलैबोरेशन मानी जाएगी।
धुरंधर एक्टर रणवीर को विक्की कौशल ने किया रिप्लेस:साउथ सुपरस्टार धनुष के ड्रीम प्रोजेक्ट में नई एंट्री, एस शंकर करेंगे फिल्म का निर्देशन

साउथ सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. शंकर के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘वेलपरी’ को लेकर नया अपडेट सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मेगा बजट फिल्म में अब रणवीर सिंह की जगह विक्की कौशल नजर आ सकते हैं। फिल्म में साउथ सुपरस्टार धनुष पहले से ही अहम भूमिका में बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ‘वेलपरी’ में दूसरे लीड रोल के लिए पहले रणवीर सिंह का नाम चर्चा में था। हालांकि अब वलाई पेचु की एक रिपोर्ट के अनुसार मेकर्स इस किरदार के लिए विक्की कौशल से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें कास्ट करने की योजना बना रहे हैं। हालांकि फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी प्रसिद्ध तमिल उपन्यास ‘वीर युग नायकन वेल परी’ पर आधारित है, जिसे लेखक सु. वेंकटेशन ने लिखा है। यह कहानी प्राचीन तमिलनाडु के प्रसिद्ध और उदार शासक वेलपरी के जीवन पर आधारित मानी जाती है। फिल्म को बड़े स्तर पर ऐतिहासिक ड्रामा के रूप में बनाने की तैयारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्देशक शंकर इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बनाना चाहते थे और इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट मानते हैं। खबर यह भी है कि फिल्म के लिए धनुष से लंबी डेट्स मांगी गई हैं क्योंकि इसे बड़े पैमाने पर शूट करने की योजना है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार होता है, तो दर्शकों को पहली बार बड़े पर्दे पर धनुष और विक्की कौशल की नई जोड़ी देखने को मिल सकती है। वहीं रणवीर सिंह का नाम फिलहाल इस प्रोजेक्ट से बाहर बताया जा रहा है। वर्कफ्रंट की बात करें तो धनुष आने वाले समय में कई बड़े प्रोजेक्ट्स में नजर आने वाले हैं। वहीं विक्की कौशल भी कई फिल्मों में व्यस्त हैं और उनकी परफॉर्मेंस को लेकर इंडस्ट्री में काफी चर्चा रहती है। फिलहाल ‘वेलपरी’ को लेकर मेकर्स की ओर से आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। अगर विक्की कौशल इस फिल्म में शामिल होते हैं तो यह बॉलीवुड और साउथ सिनेमा के बीच एक और बड़ी कोलैबोरेशन मानी जाएगी।
होंडा की अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार लॉन्च योजना रद्द:ट्रम्प ईवी से सब्सिडी घटा पेट्रोल कारों को बढ़ावा दे रहे; फोर्ड, जीएम, स्टेलांटिस भी ईवी योजनाएं टाल रहीं, होंडा को घाटे का अंदेशा

होंडा ने अमेरिका में इलेक्ट्रिक कार (ईवी) लॉन्च करने की योजना रद्द कर दी है। कंपनी ने कहा है कि अमेरिका में ईवी की मांग धीमी पड़ने और नीतिगत बदलावों के कारण उसने यह फैसला किया है। कंपनी को 1957 में शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद पहली बार 2025-26 में 36,550 करोड़ रुपए से ज्यादा घाटा होने का अंदेशा है। ईवी से जुड़ी रणनीति बदलने से भी कंपनी को 1.45 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हो सकता है। होंडा के मुताबिक, अमेरिका में ईवी मार्केट का विस्तार कई कारणों से धीमा पड़ा है। सरकार ने ईवी प्रोत्साहन कम कर दिए हैं और पेट्रोल-डीजल से जुड़े नियमों में ढील दी है। अमेरिकी प्रशासन ऑटो कंपनियों को बड़े पिकअप और एसयूवी बेचने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। कंपनी को नई टैरिफ नीति के कारण पेट्रोल और हाइब्रिड कारों से मुनाफा घट रहा है। इससे कमाई पर दबाव बढ़ा है। इसी वजह से कंपनी ने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अपनी ईवी प्लान टालने का फैसला किया है। होंडा के साथ फोर्ड, जनरल मोटर्स और स्टेलांटिस जैसी कंपनियां भी ईवी योजनाएं टाल रही हैं। इन्हें इनमें किए गए निवेश पर भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि कुछ कंपनियों ने अब भी ईवी रणनीति जारी रखी है। टोयोटा, सुबारू, बीएमडब्ल्यू, फॉक्सवैगन और ह्युंडई नई इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च कर रही हैं। यूरोप और एशिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री भी बढ़ रही है। कार खरीद से जुड़े प्लेटफॉर्म एडमंड्स के अनुसार हाल के युद्ध और पेट्रोल कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बाद कुछ खरीदार इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी विचार कर रहे हैं। इतिहास बताता है कि पेट्रोल पम्प पर कीमतें बढ़ने से लोग अगली कार के रूप में ईवी विकल्प पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं। स्टार्टअप्स सस्ते, तेज चार्ज होने वाले मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रहे अमेरिकी स्टार्टअप्स रिवियन और ल्यूसिड कम कीमत वाले नए मॉडल ला रही हैं। ये कंपनियां 50 लाख रुपए से कम कीमत वाले ईवी बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। मौजूदा मॉडल 65 लाख रुपए से ज्यादा कीमत के हैं। इसके कारण बड़ी संख्या में ग्राहक इन्हें खरीद नहीं पाते हैं। ल्यूसिड ने ‘कॉसमॉस’ नाम की कार पेश करने की योजना बनाई है। यह 14 मिनट में चार्ज होकर 322 किमी चलने में सक्षम होगी। कंपनी इस साल सऊदी अरब में उत्पादन शुरू करेगी और 2027 में बिक्री शुरू करेगी।
‘कांग्रेस देश के भीतर दहशत पैदा कर रही है’: पश्चिम एशिया युद्ध के बीच पीएम मोदी ने असम में पार्टी की आलोचना की | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 14, 2026, 15:00 IST पीएम मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भारत के पूर्वोत्तर की उपेक्षा की, स्वतंत्रता और विभाजन के दौरान सीमाओं का निर्धारण करते समय बराक घाटी को समुद्र तक पहुंच की अनुमति दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के सिलचर में विभिन्न विकास कार्यों के शिलान्यास और अनावरण समारोह के दौरान एक सभा को संबोधित किया। (पीटीआई) प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि “युद्ध जैसी स्थिति” उभरी है, उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी सरकार इसे प्रभावी ढंग से संभाल रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में दहशत पैदा करने की कोशिश करके “गैरजिम्मेदाराना” तरीके से काम कर रही है। पीएम मोदी ने असम के सिलकाहर में एक रैली में कहा, ”युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है और हमारी सरकार इसे संभाल रही है, लेकिन कांग्रेस देश में दहशत पैदा करने की हर कोशिश कर रही है।” प्रधान मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भारत के पूर्वोत्तर की उपेक्षा की, स्वतंत्रता और विभाजन के दौरान सीमाओं का निर्धारण करते समय बराक घाटी को समुद्र तक पहुंच की अनुमति दी। उन्होंने दावा किया, ”उनके पास असम या देश के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि वे केवल मोदी को गाली देना, अफवाहें फैलाना और लोगों को गुमराह करने के लिए झूठ बोलना जानते हैं।” क्षेत्रीय विकास पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि असम और बराक घाटी दोनों लगातार प्रगति कर रहे हैं। उन्होंने बराक घाटी को भाषा, साहित्य और संस्कृति से समृद्ध क्षेत्र बताया और कहा कि यह विकास के एक नए केंद्र के रूप में उभरने के लिए तैयार है। उन्होंने आरोप लगाया, “जिस तरह कांग्रेस ने उत्तर-पूर्व को अपने हाल पर छोड़ दिया, उसी तरह उसने बराक घाटी को कमजोर करने में प्रमुख भूमिका निभाई। जब भारत स्वतंत्र हुआ, तो कांग्रेस ने एक सीमा खींचने की अनुमति दी जिससे बराक घाटी की समुद्र तक पहुंच कट गई।” उन्होंने कहा, “बराक घाटी, जिसे कभी औद्योगिक केंद्र के रूप में जाना जाता था, उसकी ताकत छीन ली गई। आजादी के बाद दशकों तक कांग्रेस सरकारें सत्ता में रहीं, फिर भी इस क्षेत्र में बहुत कम विकास हुआ। आज, भाजपा सरकार इसे बदलने के लिए काम कर रही है।” पीएम मोदी ने कांग्रेस पर असम के युवाओं को हिंसा और आतंकवाद के लिए गुमराह करने का आरोप लगाया और दावा किया कि भाजपा ने राज्य को उनके लिए “अवसरों के सागर” में बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा, ”जहां कांग्रेस सोचना बंद कर देती है, हम काम करना शुरू कर देते हैं।” उन्होंने कहा कि भाजपा का ध्यान विकास में पीछे रह गए लोगों को प्राथमिकता देने पर है। प्रधानमंत्री ने विधानसभा चुनाव से पहले असम के अपने दो दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में सिलचर में 23,550 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 14, 2026, 15:00 IST समाचार राजनीति ‘कांग्रेस देश के भीतर दहशत पैदा कर रही है’: पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया युद्ध के बीच असम में पार्टी की आलोचना की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी(टी)प्रधानमंत्री(टी)कांग्रेस(टी)असम(टी)बराक घाटी(टी)क्षेत्रीय विकास(टी)बीजेपी सरकार(टी)विधानसभा चुनाव
गलतियों पर खुद को न कोसें, तनाव हंसी में उड़ाएं:मनोवैज्ञानिक का दावा- खुद की गलतियों पर हंसना लोगों को आपसे मानवीय रूप से जोड़ता है; इससे आत्मविश्वास मजबूत होगा

अक्सर सार्वजनिक जगहों पर छोटी गलतियों पर भी हम शर्मिंदा हो जाते हैं। चाहे कांच के दरवाजे से टकराना हो या योग क्लास में अचानक फिसलना, हमारा पहला रिएक्शन खुद को छिपाना होता है। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर ओवुल सेजर की रिसर्च ये सोच बदल रही हैै। शोध के मुताबिक ऐसे पलों में शर्मिंदा होने के बजाय खुद पर हंसें। यह आपको दूसरों की नजर में अधिक मिलनसार, सक्षम और सच्चा बनाता है। अपनी गलती पर मुस्कुराना माहौल को ‘जजमेंट’ से हटाकर ‘सहजता’ की ओर मोड़ देता है। यह आत्म-स्वीकृति का संकेत है और दुनिया अपनी कमियों को मुस्कुराकर अपनाने वालों को पसंद करती है। गलतियों को सहजता से स्वीकार करना ही असली आत्मविश्वास है रिसर्च के मुताबिक जो लोग अपनी गलतियों पर मुस्कुराते हैं, वे दुनिया की नजर में अधिक खुशमिजाज और काबिल दिखते हैं। वहीं, दूसरी ओर जरूरत से ज्यादा शर्मिंदगी आपकी असुरक्षा और ‘लोग क्या सोचेंगे’ वाले डर को उजागर करती है। रिसर्च ये भी कहती है कि खुद का मजाक उड़ाना दरअसल दूसरों के लिए आपसे जुड़ने का निमंत्रण है। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, यह हंसी न केवल माहौल का तनाव कम करती है, बल्कि आसपास के लोगों को भी आपको सहज महसूस कराने की औपचारिकता से मुक्त कर देती है। खुद को कसूरवार समझना छोड़ें, दुनिया को आपकी कोई परवाह नहीं अक्सर हम ‘स्पॉटलाइट इफेक्ट’ के भ्रम में जीते हैं, जहां हमें लगता है कि दुनिया की नजरें सिर्फ हमारी गलतियों पर टिकी हैं। इसकी हकीकत कुछ और है। दरअसल, लोग अपनी उलझनों में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें आपकी छोटी भूलों की उतनी परवाह नहीं होती, जितनी आप मान बैठते हैं। प्रोफेसर सेजर की सलाह है कि अगली बार किसी सामाजिक चूक पर खुद को कोसने के बजाय बस यह पूछें ‘क्या इससे किसी का नुकसान हुआ?’ यदि जवाब ‘नहीं’ है, तो ग्लानि छोड़िए और बस मुस्कुरा दीजिए। यह सहज बदलाव न केवल आपके आत्मविश्वास को मजबूत करेगा, बल्कि आपको दूसरों की नजर में और भी अधिक सरल और खास बना देगा। हंसी तभी अच्छी लगती है जब तक उससे किसी को ठेस न पहुंचे खुद पर हंसने की कला में अहम है ‘इमोशनल कैलिब्रेशन’ यानी सही भावना का चुनाव। शोधकर्ता आगाह करते हैं कि हंसी तभी तक गरिमापूर्ण है, जब तक वह किसी को ‘ठेस’ न पहुंचाए। यदि आपकी गलती से किसी को शारीरिक चोट पहुंची है या कोई नुकसान हुआ है, तो वहां हंसना आपको संवेदनहीन और अनैतिक साबित कर सकता है। ऐसे वक्त में हंसी नहीं, बल्कि खेद और शर्मिंदगी ही सही मानवीय आचरण है। याद रहे, आत्मविश्वास मुस्कुराने में है, लेकिन बड़प्पन यह पहचानने में है कि कब माफी मांगनी है।
भिंड में सालों से अलग रह रहे पति-पत्नी हुए एक:लोक अदालत में समझौते के बाद पहनाई माला, जज पौधा देकर बोले- रिश्ते भी ऐसे ही सींचना

भिंड के कुटुंब न्यायालय में शनिवार को आयोजित लोक अदालत में वर्षों से अलग रह रहे कई पति-पत्नी आपसी समझौते के बाद फिर से एक हो गए हैं। न्यायालय की पहल और काउंसलिंग के बाद विवाद सुलझने पर दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर साथ जीवन बिताने का संकल्प लिया है। समझौते के बाद न्यायालय परिसर में कई दंपतियों की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। कुछ दंपतियों ने खुले तौर पर अपनी भावनाएं भी जाहिर कीं। एक पत्नी ने कहा, “अगर अब ठीक से व्यवहार करेंगे तो हम साथ रहने को तैयार हैं।” वहीं पति ने भी अपनी गलतियों को सुधारने और परिवार को फिर से जोड़ने का भरोसा दिलाया। दोनों ने पुराने विवादों को पीछे छोड़ने का संकल्प लिया। जज ने पौधा भेंट कर दी रिश्ते निभाने की सीख समझौते के बाद प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय भिंड दिलीप गुप्ता ने दंपतियों को एक-एक पौधा भेंट किया। उन्होंने कहा कि यह पौधा उनके नए जीवन की शुरुआत का प्रतीक है। न्यायाधीश ने समझाइश देते हुए कहा कि जैसे पौधे को नियमित पानी और देखभाल की जरूरत होती है, वैसे ही दांपत्य जीवन को भी प्यार, धैर्य और समझ की जरूरत होती है। आपसी बातचीत से विवाद सुलझाने की दी सलाह न्यायाधीश दिलीप गुप्ता ने कहा कि यदि किसी बात पर मतभेद हो तो उसे अदालत तक लाने के बजाय आपस में बैठकर सुलझाने का प्रयास करना चाहिए। लोक अदालत में ऐसे कई मामले आए जो लंबे समय से न्यायालय में लंबित थे। इन मामलों के कारण दोनों पक्ष मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानी झेल रहे थे। बिना हार-जीत के आपसी सहमति से सुलझे मामले लोक अदालत के माध्यम से बिना किसी हार-जीत के आपसी सहमति से विवादों का समाधान कराया गया। कार्यवाही पूरी होने के बाद दंपति मुस्कुराते हुए घर के लिए रवाना हुए। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी उनके साथ मौजूद थे। इस आयोजन में न्यायालय के अन्य न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और पैरालीगल वॉलंटियर्स ने काउंसलिंग कर समझौते की राह तैयार की।
अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्डकप जीत के बाद वैष्णों देवी पहुंचे:फोटोज शेयर कीं, फाइनल में खेली थी 52 रन का पारी

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा ओपनर अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद माता के दरबार में हाजिरी लगाने पहुंचे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में स्थित वैष्णो देवी मंदिर में जाकर माता रानी के दर्शन किए। अभिषेक शर्मा हाल ही में भारतीय टीम के साथ टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम का हिस्सा रहे। टी-20 इंटरनेशनल रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज अभिषेक ने अपनी यात्रा की तस्वीरें इंस्टाग्राम पर साझा कीं और कैप्शन लिखा जय माता दी। फोटोज में वे सफेद कुर्ता-पायजामा पहने, माथे पर तिलक लगाए और हाथ जोड़कर दर्शन करते नजर आए। फाइनल में 52 रन की पारी खेली अभिषेक ने टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल से पहले के मैचों में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था और लगातार 3 बार शून्यू पर आउट हुए। हालांकि खिताबी मुकाबले में उन्होंने शानदार वापसी की। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में उन्होंने महज 21 गेंदों में 52 रन की पारी खेली। कोच-कप्तान ने मुझ पर भरोसा किया भारत की जीत के बाद अभिषेक ने कहा, कोच और कप्तान ने मुझ पर भरोसा किया। मैं खुद भी खुद पर शक कर रहा था क्योंकि यह टूर्नामेंट मेरे लिए आसान नहीं था। मैंने इससे पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था। अपना पहला वर्ल्ड कप खेल रहा था। अभिषेक नंबर-1 टी-20 बैटर टॉप-10 टी-20 बैटर्स की लिस्ट में 4 भारतीय शामिल हैं। इनमें अभिषेक नंबर-1, ईशान नंबर-2, तिलक वर्मा नंबर-7 और सूर्यकुमार यादव नंबर-9 पर हैं। तिलक वर्मा को एक और सूर्या को दो स्थान का नुकसान हुआ। भारत तीसरी बार चैंपियन बना 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टी-20 वर्ल्ड कप का फाइनल मैच खेला गया था। इसमें भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन के अंतर से हराया और अपना टाइटल डिफेंड किया था। टीम इंडिया ने तीसरी बार यह टूर्नामेंट जीता था। ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दूसरा वनडे- पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 128 रन से हराया पाकिस्तान ने वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 128 रन से हराया दिया है। इस जीत से टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। तीसरा और निर्णायक मुकाबला 15 मार्च को मीरपुर में खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…
उज्जैन में सिंहस्थ के निर्माण काम में मजदूर की मौत:सड़क चौड़ीकरण के दौरान लगा करंट; परिजनों ने किया चक्काजाम, ठेकेदार पर FIR की मांग

उज्जैन में सिंहस्थ से जुड़े निर्माण काम के दौरान करंट लगने से एक श्रमिक की मौत के बाद शनिवार सुबह चरक अस्पताल के सामने हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों और समाज के लोगों ने आगर रोड पर चक्काजाम कर ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग की। मृतक की पहचान राकेश सूर्यवंशी (42) पिता रामचंद्र सूर्यवंशी, निवासी ग्राम खड़ोतिया के रूप में हुई है। शुक्रवार शाम कोयला फाटक से निजातपुरा मार्ग पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान वह इलेक्ट्रिक का काम कर रहे थे। पाइप रिपेयरिंग के दौरान ग्राइंडर मशीन चलाते समय वे करंट की चपेट में आ गए। साथी मजदूर उन्हें तुरंत चरक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल के पीएम रूम में रखवाया गया। परिजनों और संगठनों ने किया सड़क जाम शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद परिजन, शिवसेना और भीम आर्मी के पदाधिकारी और सूर्यवंशी समाज के लोग चरक अस्पताल के सामने इकट्ठा हुए। उन्होंने आगर रोड पर चक्काजाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक पीएम रूम परिसर के बाहर हंगामा चलता रहा। प्रदर्शनकारियों ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, परिवार को आर्थिक सहायता देने और मृतक के बेटे को नगर निगम में आउटसोर्स के माध्यम से नौकरी देने की मांग की। परिवार ने घटना की सूचना देर से मिलने का लगाया आरोप बेटे अभिषेक सूर्यवंशी ने बताया कि वह पेट्रोल पंप पर काम करता है। उसे एक मित्र के फोन से घटना की जानकारी मिली। जब वह अस्पताल पहुंचा तो पिता का शव पोस्टमार्टम रूम में रखा मिला। परिजनों का आरोप है कि उन्हें घटना की जानकारी समय पर नहीं दी गई। एसडीएम ने जांच और राहत का दिया आश्वासन मामले में एसडीएम ने कहा कि परिजनों की मांगों को सुना गया है और थाना प्रभारी को जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नियमानुसार मिलने वाली राहत राशि पीड़ित परिवार को दिलाई जाएगी।
हाथ-पैरों में झनझनाहट और सुन्नपन होना, क्या है कारण, किस बीमारी का है संकेत?

Why Do Hands and Feet Get Numb: काफी लोगों के हाथ और पैरों में अचानक झनझनाहट होने लगती है. हाथ-पैर सुन्न पड़ जाते हैं. ये सुन्नपन (Numbness) की समस्या से आप भी परेशान हैं तो इसकी कई वजहें हो सकती हैं. कई बार एक ही स्थिति में बैठे रहने से भी हाथ-पैर सुन्न हो जाते हैं, जो कुछ ही मिनट में खुद ब खुद ठीक हो जाती है. लेकिन आपको ये समस्या बार-बार हो, तो ये किसी बीमारी का संकेत भी हो सकता है. कई बार रात में या बैठे-बैठे ही नसों पर दबाव पड़ने से भी ये झनझनाहट, सुन्नपन महसूस होती है. कुछ विटामिंस की कमी खासकर विटामिन बी12 की कमी शरीर में होने से भी ये हो सकता है. आप यूट्यूब चैनल KADAK के इस वीडियो में मैक्स हॉस्पिटल (वैशाली) के न्यूरोसर्जन डॉ. गौरव बत्रा से जानें क्यों हाथ-पैर होते हैं सुन्न, इसके कारण क्या होते हैं, उपचार क्या है, शरीर में किस विटामिन की कमी के कारण ऐसा होता है?





