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पेट रहेगा सफा, फटाफट ऊर्जा, कब्ज-एसिडिटी तो भूल ही जाइए! गर्मी में अमृत से कम नहीं इस फल का शरबत

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Last Updated:March 14, 2026, 13:33 IST Summer Healthy Drinks: गर्मियों में इस फल का शरबत सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है. गर्मी से राहत मिलती है. शरीर हाइड्रेटेड रहता है और लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. यही वजह है कि गर्मी के मौसम में इसे देसी और हेल्दी ड्रिंक के तौर पर खूब पसंद किया जाता है… Summer Healthy Drinks: गर्मी में बेल का शरबत सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. बेल की तासीर काफी ठंडी होती है. यही वजह है कि शरीर का तापमान मेंटेन रखने के लिए गर्मी के मौसम में बेल का शरबत पिया जाता है. स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह सेहत के लिए भी कई तरह से लाभकारी होता है. खास बात ये कि इसे उपवास के दौरान भी आसानी से पिया जा सकता है, जिससे शरीर को ऊर्जा मिलती है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने बताया कि गर्मियों में बेल का शरबत पीना अमृत के समान माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करता है. बेल का शरबत पेट की गर्मी को शांत करता है और गैस, कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में सहायक होता है. साथ ही यह लू से बचाव में भी कारगर माना जाता है. नहीं होगी पानी की कमीडॉ. सिंह के अनुसार, बेल का शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और पाचन प्रक्रिया बेहतर होती है. गर्मियों में अक्सर शरीर में पानी की कमी की समस्या हो जाती है, लेकिन बेल का शरबत शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखने में मदद करता है. यह शरीर को तरावट देता है और थकान को भी दूर करता है. कई महत्वपूर्ण पोषक बेल के जूस में कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे विटामिन-सी, बीटा कैरोटीन, थायमिन, राइबोफ्लेविन और कई जरूरी मिनरल्स. ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं. इसके अलावा इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को कई तरह के संक्रमण और बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं. वजन घटाने में भी मददगारडॉ. विपिन सिंह ने यह भी बताया कि बेल का शरबत वजन घटाने में भी मददगार हो सकता है. बेल में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो भूख को नियंत्रित करने में सहायक होता है. इससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है और ज्यादा खाने की आदत पर नियंत्रण रहता है. साथ ही बेल शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी बेहतर बनाता है, जिससे वजन घटाने की प्रक्रिया में मदद मिलती है. वजन घटाने में भी मददगारइसके अलावा बेल का जूस लिवर को डिटॉक्स करने में भी सहायक माना जाता है. यह शरीर की आंतरिक गर्मी को संतुलित रखता है और लू लगने की संभावना को कम करता है. गर्मियों के मौसम में रोजाना बेल का शरबत पीने से शरीर को ठंडक मिलती है, पाचन बेहतर रहता है और शरीर में ताजगी बनी रहती है. डॉ. विपिन सिंह का मानना है कि गर्मी के मौसम में प्राकृतिक पेय पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है. ऐसे में बेल का शरबत एक सस्ता, स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक विकल्प साबित हो सकता है, जो गर्मी से राहत देने के साथ शरीर को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : March 14, 2026, 13:33 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

पन्ना टाइगर रिजर्व में हिरण के शिकार का VIDEO:बाघ के जबड़े में दबा छटपटाता रहा, मोर ने भागकर बचाई जान

पन्ना टाइगर रिजर्व में हिरण के शिकार का VIDEO:बाघ के जबड़े में दबा छटपटाता रहा, मोर ने भागकर बचाई जान

मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में एक बाघ ने हिरण के शावक का शिकार किया। यह घटना 13 मार्च, शुक्रवार शाम 5 बजे हुई, जिसे सफारी पर गए पर्यटकों ने अपने कैमरों में कैद कर लिया। इस घटना का वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि एक ढलान वाली जगह के पीछे बाघ घात लगाए बैठा है। इतने में वहां एक मोर हिरण का शावक आ जाते हैं। बाघ छलांग लगाते हुए दोनों के पीछे भागता है। मोर तो चिल्लाते हुए भाग जाता है, लेकिन हिरण के शावक को बाघ दबोच लेता है। इसके बाद बाध शावक को जबड़े में दबाकर इधर-उधर देखता है। शावक छटपटाता रहता है। तस्वीरें देखिए… टूरिस्ट ने बनाया वीडियो सफारी में मौजूद पर्यटक इस अचानक हुए हमले को देखकर हैरान रह गए। उन्होंने इस दुर्लभ दृश्य को रिकॉर्ड किया। पन्ना टाइगर रिजर्व में इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है और बाघों की बढ़ती संख्या के कारण अक्सर बाघों के दीदार होते रहते हैं। हालांकि, लाइव शिकार देखना एक दुर्लभ अनुभव माना जाता है।

गैस सिलेंडर की कमी, होटलों में भट्टियां सुलगीं:कोयला-लकड़ी के दाम बढ़े, इलेक्ट्रिक इंडक्शन की मांग में उछाल

गैस सिलेंडर की कमी, होटलों में भट्टियां सुलगीं:कोयला-लकड़ी के दाम बढ़े, इलेक्ट्रिक इंडक्शन की मांग में उछाल

बड़वानी में गैस सिलेंडर की कमी और बढ़ती कीमतों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। एलपीजी की अनुपलब्धता के कारण अब कोयला और लकड़ी के दाम भी तेजी से बढ़ गए हैं, जिससे महंगाई का दोहरा असर पड़ रहा है। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दिख रहा है। इसके चलते व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की बिक्री पूरी तरह बंद हो गई है, जबकि घरेलू सिलेंडरों की आपूर्ति में भी काफी बाधाएं आ रही हैं। चाय दुकान संचालक महेश धनगर ने बताया कि सिलेंडर की कमी के कारण चाय की दुकानें, फास्ट फूड स्टॉल और होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर हैं। कई दुकानदारों ने मजबूरी में खाना बनाने के लिए चूल्हे और भट्टियों का इस्तेमाल फिर से शुरू कर दिया है। कोयला लकड़ी के दाम भी बढ़े सिलेंडर की कमी के साथ ही कोयला और लकड़ी के दामों में भी भारी उछाल आया है। पहले जो कोयला 30 रुपए प्रति डिब्बा मिलता था, वह अब 60 रुपए में बिक रहा है। इसी तरह, 25 रुपए प्रति किलो बिकने वाला कोयला अब 50 से 60 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। बड़वानी में लोगों ने लकड़ी की भट्टियां खरीदना शुरू कर दिया है। इस मौके का फायदा उठाकर, 500 से 800 रुपए में मिलने वाली भट्टियां अब 2000 से 3000 रुपए में बेची जा रही हैं। घरेलू सिलेंडरों की समय पर डिलीवरी न होने के कारण इलेक्ट्रॉनिक कुकिंग इंडक्शन की मांग में भारी वृद्धि हुई है। सरस्वती इलेक्ट्रिक दुकान के संचालक मनीष मालवीय के अनुसार, इंडक्शन की बिक्री में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। ग्राहक ऐसे इंडक्शन की तलाश में हैं जिन पर रोटी सेंकी जा सके और जाली लगाकर किसी भी बर्तन में खाना बनाया जा सके। ब्रांडेड कंपनियों के ये इंडक्शन बाजार में 2500 से 4500 रुपए तक की कीमत में उपलब्ध हैं। होटल संचालक कैलाश यादव ने बताया कि केवल कोयला ही नहीं लकड़ी भी महंगी हो गई है। 5 रुपए किलो की लकड़ी 12 रुपए किलो में बेची जा रही है।

मोहाली में पंजाबी सिंगर करन औजला का कंसर्ट आज:प्रशासन ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, 32 जगह लगाए गए नाके

मोहाली में पंजाबी सिंगर करन औजला का कंसर्ट आज:प्रशासन ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, 32 जगह लगाए गए नाके

मोहाली में पंजाबी सिंगर करन औजला का कंसर्ट आज (शनिवार) शाम को पीसीए के पुराने स्टेडियम में होगा। इसके लिए प्रशासन की तरफ से ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इस दौरान शहर के कई रास्ते बंद रहेंगे। पूरे प्रोग्राम के दौरान फेज-10, सेक्टर 65 और मोहाली रेलवे स्टेशन के तरफ की रोड को बंद रखा जाएगा। इस पर सिर्फ इमरजेंसी और ऑथराइज्ड वाहनों को ही जाने की अनुमति रहेगी। ऐसे में प्रशासन ने इन रास्तों पर न आने की सलाह दी है। 32 जगह लगेंगे पुलिस नाके पुलिस की तरफ से 32 जगह पर पुलिस नाके लगाए जाएंगे। जिसमें सबसे पहला पुलिस नाका स्टेडियम के गेट के सामने, जबकि अन्य नाके स्टेडियम की तरफ आने-जाने वाले दूसरे रास्तों पर होंगे। इन पर तैनात पुलिसकर्मी स्थानीय निवासी और कंसर्ट में आने वाले लोगों के लिए ट्रैफिक में सहायता करेंगे। वीआईपी के लिए अलग रास्ता प्रशासन की ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार वीआईपी के जाने के लिए अलग से रूट तैयार किया गया है। करण औजला के इस कंसर्ट में कई राजनीतिक के साथ-साथ बड़े प्रशासनिक अधिकारी और उनके परिवार भी दर्शक के रूप में शामिल होंगे। इसको देखते हुए सीपी-67 मॉल से स्टेडियम की तरफ जाने वाले रास्ते को वीआईपी रोड बनाया गया है। इस पर आम पब्लिक की एंट्री नहीं होगी। 10 जगह पर होगी पार्किंग कंसर्ट में आने वाली भीड़ को देखते हुए प्रशासन की तरफ से 10 जगह पर पार्किंग बनाई गई है। इसके अलावा अगर कहीं दूसरी जगह पर व्हीकल पार्क किया जाता है, तो उसे पुलिस की तरफ से उठा लिया जाएगा।

मैच से पहले फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं विराट कोहली:प्रियदर्शन बोले- थिएटर में फ्लॉप रही फिल्म को ओटीटी और टीवी से मिली नई पहचान

मैच से पहले फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं विराट कोहली:प्रियदर्शन बोले- थिएटर में फ्लॉप रही फिल्म को ओटीटी और टीवी से मिली नई पहचान

फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने हाल ही में बताया कि क्रिकेटर विराट कोहली महत्वपूर्ण मैचों से पहले रिलैक्स होने के लिए उनकी कॉमेडी फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म इतनी खास नहीं चली, लेकिन बाद में इसे ओटीटी और टीवी पर नई पहचान मिली। दरअसल, हाल ही में पिंकविला से बातचीत में प्रियदर्शन ने कहा, “सच कहूं तो अब मुझे सीरियस फिल्में बनाना अच्छा लगता है। कॉमेडी बनाना अब पसंद नहीं है, लेकिन मजबूरी में करना पड़ रहा है। मुझे लगता है कि मेरे पास नए आइडिया खत्म हो गए हैं। इसलिए मैं वही चीज दोहराना नहीं चाहता जो पहले कर चुका हूं। शायद मैं एक और कॉमेडी फिल्म बनाऊं, उसके बाद नहीं।” इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, “मैंने ‘खट्टा मीठा’ और ‘ढोल’ जैसी फिल्में बहुत प्यार से बनाई थीं। मुझे ये दोनों फिल्में पसंद हैं, लेकिन उस समय ये थिएटर में नहीं चलीं। बाद में ओटीटी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स की वजह से लोग इन्हें देखने लगे और आज दर्शक इन फिल्मों को काफी एंजॉय कर रहे हैं। फिल्म देखकर खुद को रिलैक्स करते हैं कोहली: प्रियदर्शन प्रियदर्शन ने कहा, “जब मैंने ‘ढोल’ बनाई थी तो मुझे लगा था कि यह फिल्म अच्छा प्रदर्शन करेगी। अब मुझे खुशी होती है जब विराट कोहली जैसे लोग कहते हैं कि वे मैच से पहले रिलैक्स होने के लिए ‘ढोल’ देखते हैं और उसके डायलॉग्स भी एक-दूसरे को सुनाते हैं। अच्छी बात यह है कि ह्यूमर हमेशा रहता है, वह कभी खत्म नहीं होता।” बता दें कि चार दशक से अधिक लंबे करियर में प्रियदर्शन ने कई लोकप्रिय कॉमेडी फिल्में निर्देशित की हैं। उनकी फिल्मों में ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘हुलचुल’ और ‘भागम भाग’ शामिल हैं, जिन्हें आज भी दर्शक पसंद करते हैं।

फिल्म इंडस्ट्री को लेकर तनुश्री दत्ता का गंभीर दावा:कहा-शोबिज में कई कलाकारों का इस्तेमाल हो जाता है; कुछ तो प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं

फिल्म इंडस्ट्री को लेकर तनुश्री दत्ता का गंभीर दावा:कहा-शोबिज में कई कलाकारों का इस्तेमाल हो जाता है; कुछ तो प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं

एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री (शोबिज) में नए कलाकारों के शोषण को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में कई नए लोगों के साथ शोषण होता है और कुछ को तो देह व्यापार तक धकेल दिया जाता है। यूट्यूब चैनल मेरी सहेली के साथ बातचीत में तनुश्री ने कहा कि इंडस्ट्री में आने वाले कई नए लोगों को पहले तारीफों और बड़े वादों से आकर्षित किया जाता है। उन्होंने कहा, “किसी को कहा जाता है कि आप हीरोइन बनेंगे या बड़े स्टार बनेंगे, लेकिन कई बार यही बातें आगे चलकर एक जाल की शुरुआत बन जाती हैं।” तनुश्री के अनुसार, कई लोग पहले नए कलाकारों की तारीफ करते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कलाकारों को बहुत संयम और सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। ‘यहां लालच का तरीका अलग होता है’- तनुश्री तनुश्री ने कहा कि बचपन में माता-पिता जो सावधान रहने की सीख देते हैं, वह बड़े होने के बाद भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि जैसे बच्चों को अनजान लोगों के साथ न जाने की सलाह दी जाती है, वैसे ही इंडस्ट्री में भी सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यहां लालच अलग तरीके से दिया जाता है। उनके मुताबिक कई लोग कलाकारों की महत्वाकांक्षा, उम्मीदों और सपनों का इस्तेमाल करते हैं। तनुश्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर इसलिए बोलती हैं ताकि इंडस्ट्री में आने वाले नए लोगों को चेतावनी मिल सके। एक्ट्रेस ने यह भी कहा, “बहुत सारे लड़के-लड़कियां यहां आते हैं। उनका इस्तेमाल किया जाता है और उनका शोषण होता है, फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है। कुछ लोग बाद में प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं, क्योंकि उनके साथ इतना ज्यादा शोषण हो चुका होता है कि लोग उन्हें उस धंधे में धकेल देते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग इतने ज्यादा मानसिक रूप से टूट जाते हैं कि अपने शहर वापस चले जाते हैं। और ये कहानियां कभी बाहर नहीं आतीं। बाहर सिर्फ सक्सेस की स्टोरीज ही दिखाई जाती हैं।” तनुश्री ने यह भी बताया कि उन्होंने एक एक्ट्रेस से दोस्ती खत्म कर दी थी, क्योंकि उस बातचीत में इंडस्ट्री में समझौते को सही ठहराने जैसी बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी से निजी रिश्ते में रहना उनकी इच्छा है तो वह अलग बात है, लेकिन वह अपनी जिंदगी का सौदा नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, “मैं उस धंधे में नहीं हूं। मैं एक कलाकार हूं।”

शाजापुर में कल रविवार को 4 घंटे बिजली कटौती:मेंटनेंस के कारण सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

शाजापुर में कल रविवार को 4 घंटे बिजली कटौती:मेंटनेंस के कारण सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

शाजापुर शहर के लालघाटी उपकेंद्र से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कल रविवार को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने 11 केवी जेल फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते यह निर्णय लिया है। कंपनी के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। यह शटडाउन 11 केवी न्यू इमरजेंसी फीडर के निर्माण और तकनीकी कार्यों के कारण किया जा रहा है। लालघाटी उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी जेल फीडर को इस अवधि के लिए बंद रखा जाएगा। इससे कई महत्वपूर्ण संस्थान और आवासीय क्षेत्र प्रभावित होंगे। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जिला जेल समेत कई इलाके प्रभावित प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला पंचायत कार्यालय, जिला जेल, डाइट संस्थान, ज्योति नगर, विजय नगर, कॉलेज क्षेत्र, लॉ कॉलेज, सीएम राइज स्कूल और केवी स्कूल शामिल हैं। इनके आसपास के इलाकों में भी बिजली गुल रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवधि में होने वाली असुविधा को देखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने आश्वस्त किया है कि कार्य निर्धारित समय पर पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।

केरल में मुसलमानों और ईसाइयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, आरएसएस सामाजिक पिच के माध्यम से पदचिह्न का विस्तार करना चाहता है राजनीति समाचार

The US-Israeli war on Iran has affected international flights. (Reuters)

आखरी अपडेट:14 मार्च, 2026, 09:26 IST यह आउटरीच आरएसएस के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य न केवल विस्तार करना है, बल्कि संघ जिसे ‘सज्जन शक्ति’ के रूप में वर्णित करता है उसका निर्माण करना भी है। समालखा, पानीपत, हरियाणा में ‘आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा’ ​​के दौरान बाएं ओर आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबले। (पीटीआई) अपने शताब्दी वर्ष के बीच, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने एक सावधानीपूर्वक संकलित संदेश पेश किया है जो मुसलमानों और ईसाइयों सहित सभी जातियों और समुदायों तक पहुंच के साथ-साथ संगठन के विस्तार के बारे में बताता है। और संघ पदाधिकारियों के अनुसार, सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण केरल से आया है। हरियाणा के समालखा में वार्षिक अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा (एबीपीएस) में पत्रकारों को संबोधित करते हुए, आरएसएस के संयुक्त महासचिव सीआर मुकुंद ने इस बात पर प्रकाश डाला कि शताब्दी गृह संपर्क अभियान (डोर-टू-डोर अभियान) चलाने वाले संघ के स्वयंसेवक केरल में 55,000 से अधिक मुस्लिम परिवारों और 54,000 से अधिक ईसाई परिवारों तक पहुंचे, जहां उनका ‘गर्मजोशी से स्वागत’ किया गया। यह आउटरीच आरएसएस के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में एक राष्ट्रव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य न केवल संगठनात्मक विस्तार करना है, बल्कि संघ जिसे ‘सज्जन शक्ति’ के रूप में वर्णित करता है – समाज के भीतर रचनात्मक ताकतों का निर्माण करना भी है। तीन दिवसीय प्रतिनिधि सभा, जिसका उद्घाटन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबले ने किया, समालखा के माधव सृष्टि परिसर में आयोजित की जा रही है, जिसमें देश भर से 1,400 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। अन्य बातों के अलावा, एबीपीएस ने कई प्रतिष्ठित हस्तियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिनका हाल ही में निधन हो गया, जिनमें पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा अध्यक्ष शिवराज पाटिल और अनुभवी कम्युनिस्ट नेता आर नल्लाकन्नू शामिल हैं। संघ ने एबीपीएस के उद्घाटन सत्र के दौरान उनकी सार्वजनिक सेवा और राष्ट्रीय जीवन में योगदान को याद किया। विस्तार और सामाजिक कथा संघ की वार्षिक रिपोर्ट में प्रस्तुत आंकड़े लगातार संगठनात्मक विस्तार को दर्शाते हैं। पिछले वर्ष में, आरएसएस ने अपनी उपस्थिति 51,740 स्थानों पर संचालित 83,129 शाखाओं से बढ़ाकर 55,683 स्थानों पर 88,949 शाखाओं तक कर ली है, एक वर्ष में लगभग 3,943 नए स्थान और 5,820 शाखाएं जोड़ दी हैं। इस विस्तार के समानांतर, संघ ने बड़ी सभाओं के माध्यम से अपनी सामाजिक लामबंदी को आगे बढ़ाया है। मुकुंद के अनुसार, शहरी, ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 3.5 करोड़ लोगों की भागीदारी के साथ देश भर में 37,000 से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए हैं। आरएसएस का कहना है कि ये कार्यक्रम ‘पंच परिवर्तन’ की उसकी अवधारणा को बढ़ावा देने के लिए हैं, जो सामाजिक सद्भाव, पर्यावरणीय चेतना, पारिवारिक मूल्यों (कुटुंब प्रबोधन), सभ्यतागत पहचान पर गर्व और नागरिक जिम्मेदारी पर केंद्रित पांच सूत्री सामाजिक परिवर्तन एजेंडा है। सुरक्षा और सीमाओं पर संदेश संघ नेतृत्व ने संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में विकास को संबोधित करने के लिए भी मंच का उपयोग किया। मुकुंद ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति बहाल करने के सरकारी प्रयासों का स्वागत करते हुए कहा कि सुरक्षा स्थिति में सुधार से लंबे समय से उग्रवाद में फंसे क्षेत्रों तक विकास पहुंच रहा है। उन्होंने मणिपुर में स्थिरता के उत्साहजनक संकेतों की ओर भी इशारा किया, यह देखते हुए कि आरएसएस के स्वयंसेवक जमीन पर राहत और सुलह प्रयासों में शामिल थे। साथ ही संघ ने पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई कि वहां समुदाय की स्थिति में सुधार होगा. कुल मिलाकर, प्रतिनिधि सभा का संदेश अपने शताब्दी वर्ष में संघ की दोहरी रणनीति को दर्शाता है, जिसमें केरल में अल्पसंख्यक आउटरीच से लेकर भारत की सीमाओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं तक व्यापक सामाजिक जुड़ाव की कहानी पेश करते हुए अपनी संगठनात्मक पहुंच का विस्तार किया गया है। जगह : समालखा, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 मार्च, 2026, 09:26 IST समाचार राजनीति केरल में मुसलमानों और ईसाइयों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, आरएसएस सामाजिक पिच के माध्यम से पदचिह्न का विस्तार करना चाहता है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(टी)आरएसएस शताब्दी(टी)आरएसएस आउटरीच(टी)आरएसएस विस्तार(टी)आरएसएस केरल अभियान(टी)आरएसएस मुस्लिम आउटरीच(टी)आरएसएस ईसाई आउटरीच(टी)आरएसएस सामाजिक लामबंदी

ग्वालियर में महिला बैंक कर्मचारी से चेन लूटी:पैदल-पैदल जा रही थीं महिला, सामने से आया बाइक सवार झपट्‌टा मारकर चेन खींच ले गया

ग्वालियर में महिला बैंक कर्मचारी से चेन लूटी:पैदल-पैदल जा रही थीं महिला, सामने से आया बाइक सवार झपट्‌टा मारकर चेन खींच ले गया

ग्वालियर में टहलने जा रही महिला बैंक कर्मचारी से बाइक सवार बदमाश झपट्टा मारकर सोने की चेन लूट ले गया। घटना विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एमपी संस व होटल सुगरपॉम के पास शुक्रवार रात की है। घटना का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद बाइक सवार की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने सर्चिंग की, लेकिन लुटेरे का सुराग नहीं मिला है। पुलिस को कुछ स्थानों पर बदमाश के फुटेज मिले हैं। जिनके आधार पर लुटेरे की तलाश की जा रही है। पुलिस ने चेन स्नेचिंग का मामला दर्ज कर लिया है। शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र के बलवंत नगर गौरा अपार्टमेंट जी-2 निवासी 39 वर्षीय कृपा देवी पत्नी स्व. मोहन सिंह एसबीआई बैंक में होम लोन डिपार्टमेंट में पदस्थ हैं। रोजाना की तरह शुक्रवार को भी वह टहलने के लिए निकली थीं। अभी वह एमडी संस डिपार्टमेंटर स्टोर और सुगर पॉम होटल के पास पहुंची ही थीं कि सामने से आ रहे बाइक सवार ने उनके पास आकर बाइक स्लो की और झपट्टा मारकर गले से सोने की चेन छीन ले गया। शिकार महिला ने शोर मचाया। महिला की आवाज सुनकर लोग एकत्रित हुए, लेकिन तब तक आरोपी वहां से बाइक की स्पीड बढ़ाकर फरार हो गया। मामले का पता चलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है। CCTV कैमरे में मिले फुटेज पुलिस ने मौके पर पहुंच कर आसपास लगे CCTV कैमरे खंगाले तो कुछ स्पॉट पर लुटेरे के फुटेज मिले हैं। पुलिस ने लुटेरे के फुटेज को निगरानी में लेकर उसकी तलाश शुरू कर दी है। यह था हुलिया लूट की शिकार बैंक कर्मचारी कृपादेवी ने दैनिक भास्कर को बताया कि बाइक सवार लुटेरे की उम्र 25 से 26 साल के लगभग होगी। पतले दुबले शरीर का व्यक्ति था। वह बाइक पर अकेला था और चेहरे पर मास्क और सफेद धारियों वाली शर्ट पहने हुए था। पुलिस इसी हुलिया के आधार पर बदमाश की तलाश कर रही है। पिछले सप्ताह पुलिस बनकर गहने लूटे थे सिटी सेंटर में पिछले सप्ताह टहलने निकली एक बुजुर्ग महिला को बाइक सवार दो युवक खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए आगे मर्डर और लूट की बात से डराकर जेवर लूट ले गए थे। जैसे ही महिला ने जेवर उतारकर रुमाल में रखे बाइक सवार दोनों युवक धक्का देकर गहने छीन ले गए थे। पुलिस का कहना है एएसपी विदिता डागर ने बताया कि एक महिला से बाइक सवार एक बदमाश सोने की चेन झपट ले गया है। मामला दर्ज कर झपट्‌टा मार की तलाश की जा रही है। कुछ स्थानों पर बदमाश का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है। जल्द ही उसे पकड़ लिया जाएगा।

दावा- कनाडा में सिखों ने ₹25 करोड़ में गुरुद्वारा बेचा:खरीदने वाले भी सिख; पाठी बोला- यहां बिजनेस होगा, संगत की आस्था से खिलवाड़

दावा- कनाडा में सिखों ने ₹25 करोड़ में गुरुद्वारा बेचा:खरीदने वाले भी सिख; पाठी बोला- यहां बिजनेस होगा, संगत की आस्था से खिलवाड़

कनाडा में सिखों ने एक गुरुद्वारा बेच दिया। इसे बनाने, खरीदने और बेचने वाली तीनों पार्टियां सिख हैं। गुरुद्वारा बेचने का ये दावा पाठी ने 3-4 मार्च को श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला समागम में किया। इस वीडियो के एक्स पर अपलोड होने से अब ये तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि गुरुद्वारा 3 मिलियन डॉलर यानी 25 करोड़ रुपए में बेचा गया है। पाठी ने कहा कि सिख धर्म में आज क्या हो रहा है किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने सिख संगत से पूछा कि क्या कभी आपने सुना है कि कभी गुरुघर भी बिका है। ये पहला मामला है जब कनाडा में गुरुद्वारा बेचा गया है। पाठी के दावे के अनुसार गुरुद्वारा बनाने वाले भी सिख हैं और खरीदने वाले भी। वीडियो में कहा गुरुघर इसलिए खरीदा गया कि बिजनेस अच्छा होगा। क्योंकि इस गुरुघर में संगत बड़ी संख्या में माथा टेकने के लिए पहुंचती है। पाठी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सिख समाज के प्रति गलत मैसेज जाता है। अगर गुरुघर नहीं संभाला जा रहा था तो प्रबंधन इसे संगत के हवाले कर देते। गुरु की संगत में इतनी हिम्मत है कि वह गुरुद्वारे का प्रबंधन संभाल सकती थी। हालांकि, दैनिक भास्कर किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में पाठी ने कही अहम बातें…