नेशनल हाईवे पर हादसा:बिजासन घाट में डिवाइडर पर चढ़ा ट्रेलर, चार किमी जाम

बिजासन घाट नेशनल हाईवे-52 पर बिजासन घाट क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे सेंधवा की ओर आने वाली लेन में यातायात बाधित हो गया और वाहन धीमी गति से निकलने लगे। कुछ ही देर में वाहनों की कतार करीब चार किमी तक पहुंच गई। ट्रेलर (सीजी 10बी 4914) महाराष्ट्र से सीमेंट खाली कर लौट रहा था। सूचना मिलते ही बिजासन चौकी प्रभारी रोहित पाटीदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से करीब एक घंटे में ट्रेलर हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो गया। क्रेन बुलाकर हटवाया ट्रेलर जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। क्रेन की मदद से ट्रेलर को डिवाइडर से हटाया गया। इस दौरान प्रधान आरक्षक मकसूद खान, मुकेश यादव, आरक्षक नारायण पाटीदार, राकेश सिलोजे और हाईवे पेट्रोलिंग के दिनेश चौहान व दिलीप साहू मौजूद रहे।
विरासत वन में महादेव सहित 25 मंदिरों की झलक दिखाई देगी

भास्कर संवाददाता | छतरपुर विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो के पास गुजरात के पैटर्न पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है। यह विरासत वन राजनगर-गंज मार्ग पर गोरा तिराहे से खजुराहो मार्ग पर 100 मीटर की दूरी पर दाहिने और वन कक्ष- 675 के अंदर 17 एकड़ जमीन में निर्मित किया जा रहा है। जिसके लिए राज्य शासन से 12 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। खजुराहो रेंजर नीलेश प्रजापति ने बताया कि विरासत वन के पहले चरण में क्षेत्र का सीमांकन, सफाई, विद्युत लाइन और पानी के लिए बोर कराया गया। इसके बाद परिसर की फेंसिंग और गेट निर्माण के साथ राशि वन, नक्षत्र वन, ग्रह वाटिका, चांदनी वन व तरह-तरह की छोटी छोटी वाटिकाओं के रूप में विलुप्त हो रही वृक्ष प्रजातियों को लगाया गया। जो प्रजातियां हमें अपने पूर्वजों से विरासत में प्राप्त हुई थीं। वर्तमान में गेस्ट रूम, कार्ड रूम, टॉयलेट और पार्किंग सहित अन्य पक्के निर्माण किया जा रहे हैं। जो आगामी 6 माह में पूरे होने की उम्मीद है। विरासत वन में जिले की संस्कृति देखने को मिलेगी, इसी मंशा से इसे विकसित किया जा रहा है। 17 एकड़ में प्रस्तावित संस्कृति वन में खजुराहो मंदिर के साथ कंदरिया महादेव और देवी जगदंबिका सहित 25 मंदिरों की झलक दिखाई देगी। खजुराहो में औषधि से संबंधित पौधों के रोपण के साथ ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के वन से पौधे लाकर विकसित किए गए हैं। विरासत वन में स्थानीय क्षेत्र की संस्कृति के अनुसार प्रतिमाएं, वृक्ष नक्षत्र वन, नवग्रह पंचवटी वन, तीर्थंकर वन, सप्त ऋषि वन, श्रीपर्णी वन, चरक आरोग्य राशि वन आदि शामिल है। इसके अलावा इस वन के अंदर ओपन चिल्ड्रन एक्टिविटी, कुंड पार्क, गजिबो ओपन एयर थिएटर आदि भी बनाए जाएंगे।
ऑस्कर अवॉर्ड-2026 सेरेमनी कल:सिनर्स ने 16 नॉमिनेशन पाकर से टाइटैनिक का रिकॉर्ड तोड़ा, कभी लियोनार्डो के घर में मिली चोरी हुई ट्रॉफी, जानिए इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

Hindi News Entertainment Bollywood Oscar 2026 Ceremony; Which Film Is Nominated For The Oscar 2026? Follow Academy Awards, Oscar History, Controversy And Interesting Facts And Updates On Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर) 37 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी कॉपी लिंक 98वीं ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी कल यानी 16 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगी। भारतीय समयानुसार इसे सुबह साढ़े 4 बजे से टेलीकास्ट किया जाएगा। इस साल भारत की कोई फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशनल हासिल नहीं कर सकी है, हालांकि भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की 2 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला है। प्रियंका चोपड़ा 2016 के बाद फिर एक बार ऑस्कर अवॉर्ड प्रेजेंट करने वाली हैं। 2 बार प्रेजेंटर बनने वालीं वो इकलौती भारतीय हैं। इस साल हॉलीवुड फिल्म सिनर ने 16 ऑस्कर नॉमिनेशन हासिल कर रिकॉर्ड बनाया है। अगर ये फिल्म 11 से ज्यादा ऑस्कर जीतने में सफल रहती है, तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा ऑस्कर जीतने वाली फिल्म बन जाएगी। फिलहाल ये रिकॉर्ड 1997 की टाइटैनिक, 2003 की लॉर्ड्स ऑफ द रिंग और 1995 की बेन हर के पास है। ऑस्कर 2026 सेरेमनी से पहले जानिए इस साल की नॉमिनेशन लिस्ट और पढ़िए ऑस्कर के इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स की रोचक कहानी- ऑस्कर 2026 की नॉमिनेशनल लिस्ट देखिए- 98वें एकेडमी अवॉर्ड में सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन अमेरिकन फिल्म सिनर्स को मिले हैं। इसी के साथ ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्म बन चुकी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑल अबाउट ईव (1950), टाइटैनिक (1997) और ला ला लैंड (2016) के पास था, जिन्हें कुल 14 नॉमिनेशन मिले थे। बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकती है फिल्म सिनर्स रिकॉर्ड 16 नॉमिनेशनल हासिल करने वाली फिल्म सिनर्स अगर 11 या उससे ज्याद ऑस्कर जीतती है, तो ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा अवॉर्ड हासिल करने वाली फिल्म बन जाएगी। अब तक 11-11 ऑस्कर जीतने पर ये रिकॉर्ड बेन-हर (1995), टाइटैनिक (1997) और लॉर्ड ऑफ द रिंगः रिटर्न ऑफ द किंग (2003) के पास है। देखिए ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन की पूरी लिस्ट लियोनार्डो को मिला करियर का छठवां बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन लियोनार्डो डीकैप्रियो को फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन मिला है। वो अब तक कुल 6 ऑस्कर बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन हासिल कर चुके हैं। साल 2015 की फिल्म रेनेनेंट के लिए उन्हें करियर का पहला बेस्ट एक्टर का ऑस्कर मिला था। लियोनार्डो की फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर को इस साल अलग-अलग कैटेगरी में 13 नॉमिनेशन मिले हैं। भारतीय मूल की गीता गंदभीर को मिले 2 ऑस्कर नॉमिनेशन गीता गंभदीर को ऑस्कर में दो नॉमिनेशन मिले हैं। पहला नॉमिनेशन उन्हें फिल्म द परफेक्ट नेबर के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म के लिए और दूसरा द डेविल इज बिजी के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म केटेगरी में मिला है। इससे पहले गीता 2 एमी अवॉर्ड्स भी जीत चुकी हैं। गीता के पिता शरद गंदभीर भारतीय थे, जो 1960 में यूएस जाकर बस गए थे। गीता का जन्म बॉस्टन में हुआ। उनकी फिल्म ए परफेक्ट नेबर फ्लोरिडा की अजीके की जिंदगी पर बनी है, जिनकी 2023 में पड़ोस में रहने वाली 58 साल की महिला ने हत्या कर दी थी। ऑस्कर के इतिहास में पहली बार मिलेगा बेस्ट कास्टिंग का अवॉर्ड 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में नई कैटेगरी जोड़ी गई है। इस साल से बेस्ट कास्टिंग के लिए भी ऑस्कर दिया जाएगा, जबकि अब तक ये कैटेगरी ऑस्कर में शामिल नहीं थी। इस साल सिनर्स, मार्टी सुप्रीम, हेमनेट, वन बैटल आफ्टर अनदर और द सीक्रेट एजेंट फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स को नॉमिनेशन मिला है। 98 साल में भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत साल 1929 में हुई। साल 1957 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेट कैटेगरी के जरिए दुनियाभर की फिल्में ऑस्कर में भेजी जाने लगीं। इस कैटेगरी के आने के बाद 1957 में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया को ऑस्कर भेजा गया। ये ऑस्कर जाने वाली पहली फिल्म बनी। इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन इनमें से कोई फिल्म अवॉर्ड हासिल नहीं कर सकी। बेस्ट फिल्म कैटेगरी में तो भारत ऑस्कर जीतने से चूक गया, लेकिन अब तक 9 भारतीय ऑस्कर जीत चुके हैं। भानू अथैया ऑस्कर जीतने वालीं पहली भारतीय हैं। जबकि ए.आर.रहमान इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें 2 ऑस्कर मिल चुके हैं। उन्हें 2008 की फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के गाने जय हो के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड मिला था। एक नजर ऑस्कर के इतिहास और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स पर- हॉलीवुड स्टूडियो MGM के प्रमुख लुइस बी मेयर ने 1927 में फिल्मों की सराहना के लिए कमेटी बनाकर ऑस्कर अवॉर्ड की नींव रखी। 2 साल की तैयारियों के बाद 1929 में लॉस एंजिलिस में 270 लोगों की मौजूदगी में पहली ऑस्कर सेरेमनी हुई। पहली ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी 15 मिनट चली थी। 1939 में एकेडमी अवॉर्ड का नाम ऑस्कर कर दिया गया था। 1929 में पहला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड हॉलीवुड एक्टर एमिल जैनिंग्स को मिला, लेकिन उनसे पहले एकेडमी वर्ल्ड वॉर 2 में बचाए गए रिन टिन टिन नाम के ट्रेन्ड जर्मन शेफर्ड डॉग को ये अवॉर्ड देना चाहती थी। उसने 27 हॉलीवुड फिल्मों में काम किया। एकेडमी मेंबर्स ने इस सोच के साथ फैसला बदला कि पहला अवॉर्ड कुत्ते को दिए जाने से समाज में गलत मैसेज जाएगा। फिल्म ‘द गॉडफादर’ के लिए मार्लन ब्रांडो को बेस्ट एक्टर का ऑस्कर अवॉर्ड मिला था, हालांकि उन्होंने ये अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया। दरअसल, उनका मानना था कि हॉलीवुड फिल्मों में अमेरिकन्स की इमेज खराब की जा रही है। ऑस्कर ट्रॉफी 13 इंच लंबी और 3.85 किलो की होती है। 1972 में चार्ली चैपलिन को ऑस्कर सेरेमनी में 12 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। ये ऑस्कर के इतिहास का सबसे लंबा स्टैंडिंग ओवेशन है। चार्ली इकलौते एक्टर हैं जिन्हें 20 साल पहले रिलीज हुई फिल्म के लिए ऑस्कर मिला था। सबसे ज्यादा 20 ऑस्कर जीतने का रिकॉर्ड वॉल्ट डिज्नी के पास है। इसे अब तक 59 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। कैथरिन हैपबर्ग सबसे ज्यादा 4 बार बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीतने वाली इकलौती एक्ट्रेस हैं। बेस्ट इंटरनेशनल फीचर
29 मार्च से समर शेड्यूल:जैसलमेर से सभी फ्लाइट बंद होने की आशंका, जोधपुर-उदयपुर में भी कटौती

देशभर के एयरपोर्ट पर 29 मार्च से समर फ्लाइट शेड्यूल लागू होने जा रहा है, लेकिन इस बार राजस्थान के कई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या घटने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर जैसलमेर एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है, जहां समर शेड्यूल में फ्लाइट संचालन पूरी तरह बंद होने की आशंका है। दरअसल पिछले कुछ वर्षों से ऐसा लगातार होता रहा है कि अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर एयरपोर्ट से नियमित फ्लाइट संचालन बंद हो जाता है। इसी पैटर्न के चलते इस बार भी 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में यहां से एक भी फ्लाइट संचालित नहीं होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में जैसलमेर एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के लिए रोजाना 6 फ्लाइट संचालित हो रही हैं, लेकिन 28 मार्च के बाद ये सभी उड़ानें बंद हो सकती हैं। पर्यटन ऑफ सीजन का असर फ्लाइट्स में कमी का असर केवल जैसलमेर तक सीमित नहीं रहेगा। उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जयपुर एयरपोर्ट पर भी उड़ानों की संख्या घटने की संभावना है। गर्मियों में पर्यटन गतिविधियां कम होने के कारण एयरलाइंस उड़ानों की संख्या घटा देती हैं। जैसलमेर के व्यापारिक संगठनों ने गर्मियों में भी नियमित फ्लाइट संचालन की मांग को लेकर एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक समर शेड्यूल में यहां से फ्लाइट संचालन जारी रखने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि डीजीसीए की ओर से समर शेड्यूल अभी अंतिम रूप से जारी नहीं किया गया है। जैसलमेर से ये 6 फ्लाइट बंद होने की संभावना एआई-1864 – जैसलमेर से दिल्ली (10:30 बजे) 6E-6143 – जैसलमेर से मुंबई (11:00 बजे) 6E-7677 – जैसलमेर से जयपुर (11:25 बजे) 6E-6509 – जैसलमेर से दिल्ली (2:55 बजे) एआई-184 – जैसलमेर से दिल्ली (3:40 बजे) 6E-6838 – जैसलमेर से बेंगलुरु (4:35 बजे) समर शेड्यूल में फ्लाइट्स की संभावित स्थिति उदयपुर: अभी 23 फ्लाइट, घटकर 17 होने की संभावना जोधपुर: अभी 14 फ्लाइट, घटकर 11 होने की संभावना बीकानेर: समर शेड्यूल में सिर्फ 1 फ्लाइट किशनगढ़ (अजमेर): रोजाना करीब 3 फ्लाइट जयपुर: अभी 65 फ्लाइट, 4-5 कम होने की संभावना असर;
काटजू अस्पताल में हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर:3 करोड़ की लागत से हुआ तैयार; मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज एक छत के नीचे

भोपाल के शासकीय कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक बड़ी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” स्थापित किया जा रहा है, जो मध्यभारत का अपनी तरह का पहला और अनूठा सेंटर होगा। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाज इस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा। कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी। लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ जावेद के इस बयान पर भारतीय फैंस भड़क गए हैं और आकिब जावेद को क्रिकेट का जॉनी लीवर बताया। यूजर्स ने कहा कि दोनों के एक्सपीरियंस और अचीवमेंट में बड़ा अंतर है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास रही, क्योंकि इसमें पूरी चयन समिति मौजूद थी। जबकि किसी नई टीम का ऐलान नहीं होना था। इस बैठक का मकसद टीम और चयन समिति पर हो रही आलोचना का जवाब देना था। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चयन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर उन पर पूरा भरोसा जताया। बुमराह ने वर्ल्डकप जिताया, तारिक बेअसर रहे भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने खिताब जीता था। टीम की जीत में बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन निर्णायक रहे। दूसरी ओर पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का टूर्नामेंट ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। पाकिस्तान की टीम सुपर-8 चरण में ही बाहर हो गई और सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी। उनका नाम टॉप-5 विकेट टेकर्स में तक नहीं था। टी-20 इंटनरेशनल करियर देखिए… जावेद ने कहा- बलि का बकरा ढूंढना बंद करें टी-20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के बाहर होने पर आकिब जावेद ने कहा- फैंस और मीडिया को बली का बकर ढूंढना बंद कर देना चाहिए। जावेद ने टीम और सिलेक्शन कमेटी का बचाव करते हुए कहा- टीम टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच हारी और नेट रन रेट के कारण बाहर हो गई। इसलिए यह कहना कि पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह बर्बाद हो गया है, सही नहीं है। आकिब ने कहा कि पाकिस्तान में हर हार के बाद किसी को सजा देने की मांग शुरू हो जाती है। उनके मुताबिक दुनिया के किसी भी अन्य क्रिकेट देश में कोच और चयनकर्ताओं को इतनी जल्दी नहीं बदला जाता। उन्होंने कहा कि फैंस और मीडिया को ‘स्केपगोट’ बनाने की प्रवृत्ति से आगे बढ़ना होगा। भारत से हार पर कहा- रिकॉर्ड पहले से खराब भारत के खिलाफ हार के सवाल पर आकिब जावेद ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है और कई पीढ़ियों के खिलाड़ी व कप्तान इसके बावजूद भारत को नहीं हरा सके हैं। वर्ल्ड कप के बाद कमेटी बदली, अलीम दार का इस्तीफा टी20 वर्ल्ड कप के बाद चयन समिति में भी बदलाव हुए हैं। अलीम दार ने पैनल से इस्तीफा दे दिया, जबकि अजहर अली पहले ही अलग हो चुके थे। मिस्बाह-उल-हक और सरफराज अहमद को चयन समिति में शामिल किया गया है। अब चयन समिति की अगली चुनौती पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के बाद बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम चुनना होगी। फिलहाल पाकिस्तान की युवा टीम बांग्लादेश दौरे पर वनडे सीरीज खेल रही है, जो अभी 1-1 से बराबरी पर है। ————————————————– मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर
पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ जावेद के इस बयान पर भारतीय फैंस भड़क गए हैं और आकिब जावेद को क्रिकेट का जॉनी लीवर बताया। यूजर्स ने कहा कि दोनों के एक्सपीरियंस और अचीवमेंट में बड़ा अंतर है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास रही, क्योंकि इसमें पूरी चयन समिति मौजूद थी। जबकि किसी नई टीम का ऐलान नहीं होना था। इस बैठक का मकसद टीम और चयन समिति पर हो रही आलोचना का जवाब देना था। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चयन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर उन पर पूरा भरोसा जताया। बुमराह ने वर्ल्डकप जिताया, तारिक बेअसर रहे भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने खिताब जीता था। टीम की जीत में बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन निर्णायक रहे। दूसरी ओर पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का टूर्नामेंट ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। पाकिस्तान की टीम सुपर-8 चरण में ही बाहर हो गई और सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी। उनका नाम टॉप-5 विकेट टेकर्स में तक नहीं था। टी-20 इंटनरेशनल करियर देखिए… जावेद ने कहा- बलि का बकरा ढूंढना बंद करें टी-20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के बाहर होने पर आकिब जावेद ने कहा- फैंस और मीडिया को बली का बकर ढूंढना बंद कर देना चाहिए। जावेद ने टीम और सिलेक्शन कमेटी का बचाव करते हुए कहा- टीम टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच हारी और नेट रन रेट के कारण बाहर हो गई। इसलिए यह कहना कि पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह बर्बाद हो गया है, सही नहीं है। आकिब ने कहा कि पाकिस्तान में हर हार के बाद किसी को सजा देने की मांग शुरू हो जाती है। उनके मुताबिक दुनिया के किसी भी अन्य क्रिकेट देश में कोच और चयनकर्ताओं को इतनी जल्दी नहीं बदला जाता। उन्होंने कहा कि फैंस और मीडिया को ‘स्केपगोट’ बनाने की प्रवृत्ति से आगे बढ़ना होगा। भारत से हार पर कहा- रिकॉर्ड पहले से खराब भारत के खिलाफ हार के सवाल पर आकिब जावेद ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है और कई पीढ़ियों के खिलाड़ी व कप्तान इसके बावजूद भारत को नहीं हरा सके हैं। वर्ल्ड कप के बाद कमेटी बदली, अलीम दार का इस्तीफा टी20 वर्ल्ड कप के बाद चयन समिति में भी बदलाव हुए हैं। अलीम दार ने पैनल से इस्तीफा दे दिया, जबकि अजहर अली पहले ही अलग हो चुके थे। मिस्बाह-उल-हक और सरफराज अहमद को चयन समिति में शामिल किया गया है। अब चयन समिति की अगली चुनौती पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के बाद बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम चुनना होगी। फिलहाल पाकिस्तान की युवा टीम बांग्लादेश दौरे पर वनडे सीरीज खेल रही है, जो अभी 1-1 से बराबरी पर है। ————————————————– मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर
garlic health benefits| natural medicine for heart| lahsun sahad ke fayde: शहद में भिगोकर खाएं लहसुन, मिलेगा डबल फायदा, दिल के लिए दवा से कम नहीं

Last Updated:March 14, 2026, 22:44 IST Honey Soaked Garlic Benefits: लहसुन दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन जब आप इसे शहद के साथ खाते हैं तो इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं. ऐसे में इसके सेवन से सिर्फ हार्ट डिजीज ही नहीं बल्कि इंफेक्शन का भी खतरा कम होता है. ख़बरें फटाफट आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से सदियों से कई बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है. हमारी रसोई में भी ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. इन्हीं में से दो चीजें हैं लहसुन और शहद. ये दोनों लगभग हर घर में आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन जब इन्हें एक साथ लिया जाता है तो इनके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. लहसुन का इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी किया जाता है. आयुर्वेद में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को कच्चा लहसुन खाने की सलाह दी जाती है. लहसुन में एलिसिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है. खून को गाढ़ा होने से रोकता हैशहद वाला लहसुन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और खून को गाढ़ा होने से रोकने में मदद करता है. दरअसल ऐसा लहसुन में सल्फर जैसे तत्वों की मौजूदगी के कारण होता है, जो इसे जीवाणुरोधी और रोगों से लड़ने वाला बनाते हैं. वहीं शहद एक प्राकृतिक मीठा पदार्थ है, जो सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है. इसमें फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. लहसुन शहद के फायदेशहद में जीवाणुरोधी, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं, जो कई तरह के संक्रमण से बचाने में सहायक हैं. जब लहसुन और शहद को मिलाकर रखा जाता है, तो इनके गुण और भी बढ़ जाते हैं. कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस मिश्रण को शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. यह मिश्रण सर्दी-जुकाम और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है. साथ ही यह पाचन सुधारने, हृदय को स्वस्थ रखने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. कैसे करें तैयारलहसुन और शहद का मिश्रण बनाने के लिए एक साफ कांच की बोतल या बरनी लें. इसमें छिली हुई ताजा लहसुन की कलियां डालें और ऊपर से शुद्ध शहद भर दें. इसे 5 से 7 दिन तक बंद करके रखें. इसके बाद रोज सुबह खाली पेट इसकी थोड़ी मात्रा का सेवन किया जा सकता है. हालांकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 14, 2026, 22:44 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
पथरिया में पानी का टैंकर स्लिप होकर पलटा:तीन लोग घायल, जिला अस्पताल में भर्ती; शादी में पानी लेकर जा रहा था टैंकर

दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के नदरई गांव में शनिवार शाम एक पानी का टैंकर स्लिप होकर पलट गया। इस हादसे में टैंकर पर सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह टैंकर नदरई गांव में एक शादी समारोह के लिए पानी लेकर जा रहा था। खिरिया निवासी सोनू रैकवार ने बताया कि वे अपने मामा के घर शादी के कार्यक्रम के लिए पानी भरकर ला रहे थे, तभी रास्ते में एक मोड़ पर टैंकर स्लिप होकर पलट गया। हादसे में तीन लोग हुए घायल इस दुर्घटना में सौरभ रैकवार (29, निवासी रहली), संदीप रैकवार (24, निवासी खिरिया मडला) और लोकेश रैकवार (28, निवासी खिरिया मडला) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने तीनों को टैंकर के पास से निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल रेफर घायलों को पहले पथरिया स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, लेकिन वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में घायल युवकों का इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कनाडा में पंजाबी युवक की गोली मारकर हत्या:किडनैपर से बचकर भागी महिला उसकी टैक्सी में बैठी, बदमाशों ने घेर कर की फायरिंग

कनाडा में मोगा जिले के एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वह वहां टैक्सी चलाता था। उसकी टैक्सी में बैठी महिला का कुछ बदमाश पीछा कर रहे थे। उन्होंने टैक्सी पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिससे युवक की मौके पर मौत हो गई। मृतक गांव दौलतपुरा नीवां निवासी दविंदर सिंह चार साल पहले कमाने के लिए कनाडा गया था। उसकी मौत की सूचना से गांव में शोक का माहौल है। कनाडा पुलिस ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। अपहर्ताओं की चंगुल से बचकर निकली महिला बैठी थी टैक्सी में जानकारी के अनुसार, दविंदर सिंह अपनी टैक्सी में ड्यूटी पर था। इसी दौरान एक महिला उसकी गाड़ी में आकर बैठ गई। बताया जा रहा है कि इस महिला को कुछ लोगों ने पहले अगवा किया था और वह उनके चंगुल से भागकर टैक्सी में आई थी। वह उसको लेकर चला था। दविंदर की हत्या के बाद महिला को अपने साथ ले गए आरोपी कुछ ही देर बाद, महिला का पीछा कर रहे हथियारबंद व्यक्ति मौके पर पहुंच गए। उन्होंने टैक्सी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे टैक्सी चालक दविंदर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर महिला को अपने साथ लेकर फरार हो गए। दविंदर सिंह की मौत की खबर मिलते ही उसके पैतृक गांव दौलतपुरा नीवां में मातम छा गया है। ग्रामीणों के अनुसार, दविंदर सिंह काफी समय से विदेश में रहकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। परिवार के सदस्यों और गांव के लोगों ने सरकार से मामले की गहन जांच कर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और कड़ी सजा देने की मांग की है।





