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थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की ओटीटी डील कैंसिल:अमेजन प्राइम वीडियो ने 120 करोड़ की डील की थी, सेंसर विवाद में फंसी है मूवी

थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ की ओटीटी डील कैंसिल:अमेजन प्राइम वीडियो ने 120 करोड़ की डील की थी, सेंसर विवाद में फंसी है मूवी

थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेंसर बोर्ड के साथ चल रहे विवाद और रिलीज में हो रही देरी के कारण ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो ने फिल्म के साथ अपनी डील कैंसिल कर दी है। अमेजन प्राइम वीडियो ने ‘जन नायकन’ के डिजिटल राइट्स के लिए करीब 120 करोड़ रुपए की डील की थी। फैंस पिछले दो महीने से इस फिल्म के थिएटर्स में आने का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक इसकी रिलीज डेट फाइनल नहीं हो सकी है। 120 करोड़ की डील से स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म पीछे हटा अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट कब मिलेगा और यह सिनेमाघरों में कब लगेगी। रिपोर्ट्स के अनुसार इसीलिए ही अमेजन प्राइम वीडियो ने यह डील कैंसिल की है। आमतौर पर ओटीटी प्लेटफॉर्म्स थिएटर रिलीज की तारीख के आधार पर ही एग्रीमेंट करते हैं। 9 जनवरी को होनी थी रिलीज, कोर्ट तक पहुंचा मामला ‘जन नायकन’ को शुरुआत में 9 जनवरी को रिलीज करने का प्लान था। मगर सेंसर बोर्ड (CBFC) ने फिल्म के कुछ सीन्स पर आपत्ति जताते हुए उन्हें हटाने का निर्देश दिया। बोर्ड का मानना था कि कुछ सीन्स काफी संवेदनशील हैं। इसके बाद मेकर्स और सेंसर बोर्ड के बीच विवाद बढ़ा और मामला कोर्ट तक पहुंच गया। दो महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी फिल्म अधर में लटकी हुई है। 9 मार्च की स्क्रीनिंग भी हुई कैंसिल विवाद सुलझाने के लिए मेकर्स ने कोर्ट से केस वापस लिया और रिवाइजिंग कमेटी के पास पहुंचे। 9 मार्च को फिल्म की स्क्रीनिंग रखी गई थी, लेकिन ऐन मौके पर कमेटी के एक सदस्य के बीमार होने के कारण इसे रद्द करना पड़ा। स्क्रीनिंग कैंसिल होने से रिव्यू प्रोसेस में और देरी हो गई है। थलापति विजय की यह आखिरी फिल्म विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही है। विजय तमिलगा वेट्री कजगम (TVK) पार्टी के प्रमुख हैं। उनकी पार्टी ने मार्च-अप्रैल में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। हाल ही में विजय ने अपने एक्टिंग करियर से संन्यास लेने का ऐलान किया था। उन्होंने 33 साल के लंबे फिल्मी करियर के बाद फिल्मों को अलविदा कहने का फैसला किया। उन्होंने यह घोषणा मलेशिया में फिल्म के ऑडियो लॉन्च के दौरान की थी। अब वे राजनीति में पूरी तरह सक्रिय होंगे।

ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने का फायदा चीनी महिलाओं को:चीन को 62% मेडल महिला एथलीट दिलाती हैं, इसलिए महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा समर्थन; उन्हें पुरुषों से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं-विदेशी दौरों के मौके भी

ओलिंपिक में क्रिकेट शामिल होने का फायदा चीनी महिलाओं को:चीन को 62% मेडल महिला एथलीट दिलाती हैं, इसलिए महिला क्रिकेट टीम को ज्यादा समर्थन; उन्हें पुरुषों से बेहतर ट्रेनिंग सुविधाएं-विदेशी दौरों के मौके भी

भारत सहित कई देशों में पारंपरिक रूप से पुरुष क्रिकेट का प्रभाव अधिक रहा है। इसके उलट चीन में एक नई व्यवस्था देखने को मिलती है। चीन में क्रिकेट को मुख्य रूप से महिलाओं का खेल माना जाता है और सारा ध्यान महिला टीम के विकास पर केंद्रित है। हाल ही में कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘क्रिकेट रिसर्च नेटवर्क’ के सम्मेलन में चीन की इसी अनूठी खेल नीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सम्मेलन में चीन की शीआन जियाओतोंग यूनिवर्सिटी के रिसर्चर मैक्स हे ने एक शोध प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि चीन में खेलों का पूरा ढांचा ओलिंपिक मेडल की संख्या बढ़ाने पर आधारित है। 1988 के सोल ओलिंपिक में चीन को केवल पांच गोल्ड मिले थे। इसके बाद, चीनी खेल प्रशासन ने रणनीति में बड़ा बदलाव किया। उन्होंने तय किया कि खेल महाशक्ति बनने और मेडल टेबल में शीर्ष पर रहने के लिए ‘महिला खेलों’ में निवेश करना सबसे प्रभावी तरीका है। इसके परिणाम भी सामने आए हैं। पिछले चार ओलिंपिक (लंदन, रियो, टोक्यो, पेरिस) में चीन ने कुल 143 गोल्ड जीते हैं। इनमें से 62.2% मेडल महिला एथलीटों ने ही दिलाए हैं। यही ‘ओलिंपिक रणनीति’ चीन में क्रिकेट पर भी लागू होती है। वहां के मीडिया में आधिकारिक तौर पर महिला क्रिकेट टीम को ही मुख्य टीम का दर्जा प्राप्त है। उनके पास टर्फ विकेट पर अभ्यास करने की सुविधा, अनुभवी कोच और विदेशी दौरों के अधिक मौके हैं। चीन पुरुष टीम के कोच मोहम्मद रमजान (पाक के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर) के अनुभव भी इसी बात की पुष्टि करते हैं। उनके अनुसार, पुरुष टीम को लंबे समय से इंटरनेशनल टी20 खेलने का मौका नहीं मिला है, जबकि महिला टीम नियमित रूप से टूर्नामेंट में हिस्सा ले रही है। उन्हें अधिक मैच खेलने मिलते हैं। चीन की पुरुष टीम 2024 से कोई टी20 नहीं खेली है, जबकि महिला टीम 2025 में जापान दौरा कर चुकी है। एलए ओलिंपिक 2028 में क्रिकेट की वापसी हो रही है। हालांकि चीन की टीम फिलहाल वहां क्वालिफाई करने की स्थिति में नहीं है, लेकिन भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए चीन अपनी महिला क्रिकेट टीम को लगातार बढ़ावा दे रहा है। महिला टीम आईसीसी रैंकिंग में 45वें पर, पुरुष 91 पर चीन की पुरुष टीम के पास संसाधनों और अंतरराष्ट्रीय अवसरों का अभाव है। सुविधाओं के इस अंतर का सीधा असर रैंकिंग पर भी दिखता है। वर्तमान आईसीसी टी20 रैंकिंग में चीन की महिला टीम 45वें स्थान पर है, जबकि पुरुष टीम 91वें स्थान पर संघर्ष कर रही है।

हरियाणा में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश:महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं- पंचकूला-पानीपत SP पासपोर्ट जब्त करें; टटीरी सॉन्ग विवाद में पेश नहीं हुए सिंगर

हरियाणा में बादशाह की गिरफ्तारी के आदेश:महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं- पंचकूला-पानीपत SP पासपोर्ट जब्त करें; टटीरी सॉन्ग विवाद में पेश नहीं हुए सिंगर

टटीरी सॉन्ग विवाद को लेकर हरियाणा महिला आयोग ने बॉलीवुड सिंगर-रैपर बादशाह को गिरफ्तार करने का आदेश दिए। बादशाह शुक्रवार को समन पर पानीपत में पेश नहीं हुए। उनके वकीलों ने दलील दी कि किसी प्रोफेशनल कमिटमेंट में व्यस्त होने की वजह से बादशाह नहीं आ सके। आयोग से आगे का टाइम मांगा गया। इस पर महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया नाराज हो गईं। अध्यक्ष ने पंचकूला और पानीपत SP को बादशाह की गिरफ्तारी और पासपोर्ट जब्ती के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बादशाह देश छोड़कर न जाए। महिलाओं और बेटियों को बचाने के लिए अब आयोग लठ मारने आगे आया है। इसके बाद हरियाणा महिला आयोग की तरफ से पानीपत के SP को लिखित शिकायत दी गई। जिसमें कहा गया कि बादशाह के खिलाफ महिला आयोग के आदेश की अवहेलना करने पर मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया जाए। टटीरी सॉन्ग के आपत्तिजनक लिरिक्स और लड़कियों के शॉट्स को लेकर महिला आयोग ने उन्हें 6 मार्च को नोटिस भेजकर पानीपत SP ऑफिस में पेश होने के लिए कहा था। हालांकि बादशाह के वकील ने सिक्योरिटी रीजन का हवाला देते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पक्ष रखने की परमिशन मांगी थी। पूरे मामले की टाइम लाइन इसी दौरान बादशाह ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि, ‘मेरे गाने ‘टटीरी’ के कुछ बोल और सीन से हरियाणा के कुछ लोगों को ठेस पहुंची है। मैं खुद हरियाणा से हूं। हरियाणा का बेटा समझकर माफ कर दीजिए। अब जानिए सॉन्ग को लेकर विवाद क्यों… अब पढ़िए…आयोग के सामने क्या हुआ प्रोफेशनल व्यस्तता के चलते नहीं आए शुक्रवार को बादशाह की तरफ से 3 वकीलों का पैनल राज्य महिला आयोग के सामने पक्ष रखने पहुंचा। एडवोकेट अक्षय दहिया ने कहा- हमें और आप सबको पता है कि जो बादशाह से गलती हुई है या नहीं हुई, जिस पर विवाद छिड़ा हुआ है, हम इस मामले में आज यहां पेश हुए हैं। अपनी प्रोफेशनल कमिटमेंट की वजह से बादशाह यहां नहीं आ पाए। हमने आज चेयरपर्सन से टाइम लेने की कोशिश की है, लेकिन हमें दोपहर 3 बजे तक का समय दिया गया। वकील बोले-बादशाह क्रिमिनल नहीं सिंगर की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि बादशाह से जो भी प्रकरण हुआ, उसके लिए वह ऑलरेडी एक वीडियो अपलोड कर चुके हैं। वे हरियाणा का नाम ऊपर कर रहे हैं, लेकिन गलतियां हम सब से हो जाती हैं। लेकिन बादशाह क्रिमिनल तो नहीं है। 3 बजे से पहले वकील दोबारा पेश हुआ महिला आयोग ने बादशाह को पेश होने के लिए दोपहर 3 बजे तक का समय दिया था। बादशाह नहीं आए। ढाई बजे के बाद बादशाह की ओर से वकील दोबारा आयोग के सामने पहुंचे और समय देने की मांग की। आयोग अध्यक्ष ने हर दलील को खारिज कर दिया। हरियाणा में कोई कार्यक्रम नहीं होगा, यूपी-उत्तराखंड भी साथ आए चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा कि हमारे साथ उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश महिला आयोग भी साथ आ गया है। हमने राष्ट्रीय महिला आयोग को भी अपील की है कि पूरे देश में बादशाह का कहीं भी कार्यक्रम न होने दिया जाए। अब हरियाणा में कही भी बादशाह का कार्यक्रम नहीं होने दिया जाएगा। DSP बोले- शिकायत मिली, अभी मुकदमे पर विचार कर रहे DSP हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया कि महिला आयोग की शिकायत मिली है। अभी विचार किया जा रहा है कि एक ही तरह के आरोपों में क्या और भी मुकदमा दर्ज किया जा सकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग ने आदेशों की अवहेलना से संबंधित शिकायत दी है। उस पर भी विचार किया जा रहा है। देरी से शिकायत मिलने के कारण आज नहीं देख पाए। शनिवार को चेक कर के आगामी कार्रवाई की जाएगी। सिमरन ने तीन साल पहले गाया था सॉन्ग टटीरी सॉन्ग में फीमेल वोकल देने वाली 20 वर्षीय सिमरन जागलान कैथल जिले के पट्‌टी अफगान गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता कर्मबीर फौजी भी हरियाणवी सिंगर हैं। सिमरन ने करीब तीन साल पहले टटीरी सॉन्ग गाया था। बादशाह को उनकी ट्रेडिशनल स्टाइल में गाई हुई आवाज पसंद आई तो दोबारा रिकॉर्डिंग कर मंगाया। इसी के बाद बादशाह ने टटारी को नए ढंग से पेश किया, जिसमें फीमेल वोकल रिमरन ने दी। जींद में हुई थी गाने की शूटिंग इस गाने की शूटिंग जींद के सच्चा खेड़ा, नरवाना और दुबई में हुई थी। 26 फरवरी को बादशाह इस गाने के प्रमोशन के लिए हरियाणा के कैथल और सोनीपत पहुंचे थे। वहीं, प्रोडक्शन टीम ने 14 मार्च को सिमरन और बादशाह का मुंबई में एक शो भी शेड्यूल किया था। सॉन्ग के यूट्यूब से हटाए जाने के बाद मुंबई शो भी कैंसिल कर दिया गया। 6 मार्च को समन जारी किया था विभिन्न सामाजिक संगठनों ने सॉन्ग का विरोध किया तो हरियाणा महिला आयोग ने 6 मार्च को बादशाह को समन जारी किया। जिसमें उन्हें आज (13 मार्च) को पानीपत में पेश होने के लिए कहा गया था। इसके अलावा, पंचकूला और जींद में सिंगर के खिलाफ अलग-अलग 3 केस भी दर्ज हुए थे। खाप पंचायतों और सामाजिक संस्थाओं ने भी इस गाने को हरियाणवी संस्कृति के खिलाफ बताते हुए इसे प्रतिबंधित करने की मांग की थी। —————— टटीरी सॉन्ग विवाद से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… हरियाणवी सिंगर ने गाया- ऐसी ना थी,जैसी तनै बनाई ‘टटीरी’: बादशाह का नाम लेकर ‘तेरे घर में बहन-बेटी ना’ लिरिक्स गाए; सिमरन का न्यू सॉन्ग रिलीज रैपर बादशाह पर FIR, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित:हरियाणा पुलिस बोली- लुक आउट सर्कुलर जारी होगा; सिंगर बोले- बेटा समझकर माफ कर दो बादशाह के टटीरी सॉन्ग पर पंचकूला-जींद में FIR:लड़कियों को स्कूल बैग फेंकते दिखाया, गंदे शब्द का इस्तेमाल; महिला आयोग ने रैपर को तलब किया बादशाह संग ‘टटीरी’ सॉन्ग गाने वाली सिमरन की कहानी: पिता हरियाणवी सॉन्ग ‘पानी आली पानी प्यादे’ गाकर फेमस हुए, बेटी बॉक्सिंग में स्टेट चैंपियन रही हरियाणवी सॉन्ग ‘टटीरी’ का रैप वर्जन लाए सिंगर बादशाह: सोनीपत में सरपंचों के वेलकम पर बोले- मासूम शर्मा वाली वीडियो देखी है; साग-मक्के की रोटी खाई

बेतवा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन का छापा:नायब तहसीलदार व खनिज विभाग ने उपकरण नष्ट किए

बेतवा नदी में अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन का छापा:नायब तहसीलदार व खनिज विभाग ने उपकरण नष्ट किए

विदिशा जिले के कुरवाई में बेतवा नदी में चल रहे अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ प्रशासन ने देर रात कार्रवाई की। राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने नावकुंड और दुनातर घाट क्षेत्र में अवैध उत्खनन की सूचना पर छापा मारा। नायब तहसीलदार और खनिज विभाग की टीम ग्राम दुनातर क्षेत्र में नदी के भीतर चल रहे अवैध उत्खनन को रोकने के लिए मौके पर पहुंची। टीम ने नदी किनारे रेत निकालने में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर ट्यूब नष्ट किए और मौके पर मिले तीन रेत छानने के उपकरण भी तोड़ दिए। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में लगे लोगों में हड़कंप मच गया और कई लोग मौके से भाग निकले। बताया जा रहा है कि बेतवा नदी के नावकुंड और पीरोंठा दुनातर घाट क्षेत्र में काफी समय से पनडुब्बी, नावों और ट्यूबों के सहारे बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही थी। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा इसकी शिकायत लगातार प्रशासन से की जा रही थी। प्रशासनिक टीम ने रात करीब 9 बजे मौके पर पहुंचकर अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की और भविष्य में ऐसी गतिविधि पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नदी क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ऐसी कार्रवाई लगातार करता रहे तो अवैध खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

सूरज बड़जात्या की बेटी ईशा के रिसेप्शन में पहुंचे सलमान:आमिर खान भी नजर आए, तब्बू और रानी मुखर्जी भी इवेंट में शामिल हुईं

सूरज बड़जात्या की बेटी ईशा के रिसेप्शन में पहुंचे सलमान:आमिर खान भी नजर आए, तब्बू और रानी मुखर्जी भी इवेंट में शामिल हुईं

फिल्ममेकर सूरज बड़जात्या ने गुरुवार शाम को मुंबई में अपनी बेटी ईशा और उनके पति अभिषेक की शादी का रिसेप्शन होस्ट किया। यह इवेंट जुहू के JW मैरियट मुंबई में हुआ और इसमें सलमान खान, आमिर खान समेत कई बॉलीवुड स्टार्स शामिल हुए। रिसेप्शन में विक्की कौशल, अनिल कपूर, अनुपम खेर, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, नीना गुप्ता और बोमन ईरानी जैसे कलाकार पहुंचे। इसके अलावा रानी मुखर्जी, सोनू सूद, जैकी श्रॉफ जैसे सेलेब्स भी नजर आए। देखें रिसेप्शन की तस्वीरें कौन हैं सूरज बड़जात्या? बता दें कि सूरज बड़जात्या मशहूर डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और स्क्रीनराइटर हैं। वे राजश्री प्रोडक्शंस के चेयरमैन हैं, जिसे उनके दादा ताराचंद बड़जात्या ने शुरू किया था। सूरज ने 1989 में 24 साल की उम्र में फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ से डायरेक्शन में डेब्यू किया था, जो बहुत बड़ी हिट साबित हुई थी। उन्होंने ‘हम आपके हैं कौन…!’, ‘हम साथ साथ हैं’, ‘विवाह’, ‘प्रेम रतन धन पायो’ और ‘ऊंचाई’ जैसी फिल्में बनाईं। उनकी फिल्मों में पारिवारिक रिश्ते, भारतीय परंपराएं और मूल्य खास तौर पर दिखाए जाते हैं। उन्हें फिल्म ‘ऊंचाई’ के लिए 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में बेस्ट डायरेक्टर का अवॉर्ड मिला था।

Health Tips: पेट दर्द से पाना है तुरंत राहत, आजमाएं ये आसान घरेलू उपाय, 5 मिनट में मिलेगा आराम

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Last Updated:March 13, 2026, 09:42 IST Home Remedies for Stomach Ailments: आजकल अनियमित खानपान और बदलती जीवनशैली के कारण पेट दर्द, गैस और अपच की समस्या आम होती जा रही है. ऐसे में लोग तुरंत दवाइयों का सहारा लेते है, जबकि घर में मौजूद कुछ साधारण चीजें भी राहत दिला सकती है. सुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव प्राप्त जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस. बी. सिंह बताते है कि पेट दर्द में सबसे आसान और असरदार घरेलू नुस्खा हींग है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला दर्द जल्दी कम हो सकता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है, जो आंतों की सूजन को कम करने में मदद करते है. डॉक्टर के अनुसार अदरक भी पाचन के लिए फायदेमंद है. अदरक का सेवन करने से गैस, अपच और पेट दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है. आज के समय में लोगों के गलत खान-पान और दिनचर्या के कारण पेट दर्द और अन्य पेट संबंधी समस्याएं आम हो गई है. अक्सर लोग इन समस्याओं के लिए अंग्रेजी दवाओं का सहारा लेते है जो तुरंत राहत तो देती है. लेकिन इनके साइड इफेक्ट्स भी होते है. अगर आपको भी बार-बार पेट दर्द की समस्या होती है तो आज हम आपको कुछ घरेलू उपाय बताएंगे जिनका इस्तेमाल करने से पेट दर्द ठीक हो जाएगा और इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होगा. तो आइए जानते है पेट दर्द से छुटकारा पाने के लिए क्या कहते है चिकित्सक. हींग है सबसे बेहतर उपायसुल्तानपुर में 20 वर्षों से अधिक अनुभव वाले जनरल फिजिशियन डॉक्टर एस बी सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि पेट दर्द के लिए हींग सबसे आसान और असरदार नुस्खा है. हींग को गर्म पानी में घोलकर पीने से गैस और अपच से होने वाला पेट दर्द तुरंत कम होता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते है जो आंतों की सूजन को घटाते है. इसी तरह अदरक का इस्तेमाल भी फायदेमंद है. अदरक की चाय या शहद के साथ अदरक का रस लेने से पाचन क्रिया सुधरती है और पेट दर्द से राहत मिलती है. पुदीना है रामबाणपुदीना भी पेट दर्द के लिए रामबाण माना जाता है. पुदीने के पत्तों का रस या पुदीना चाय गैस और अपच को दूर करने में सहायक है. इसमें मौजूद मेंथॉल आंतों को ठंडक देता है और मरोड़ कम करता है. वहीं, जीरा पानी भी बेहद फायदेमंद है. एक चम्मच जीरे को उबालकर उसका पानी पीने से अपच और एसिडिटी की समस्या खत्म होती है. यदि पेट दर्द कब्ज की वजह से है तो इसबगोल की भूसी या गुनगुना दूध लेना लाभकारी होता है. इसके अलावा हल्का गर्म पानी लगातार पीते रहना भी पेट दर्द में आराम पहुंचाता है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र सक्रिय रहता है. यह है पारंपरिक तरीकापहले गांवों में पेट दर्द होने पर सौंफ और मिश्री का सेवन किया जाता था. यह पाचन को दुरुस्त करता है और गैस बनने से रोकता है. वहीं, हल्दी वाला दूध भी आंतों को संक्रमण से बचाकर पेट दर्द में राहत देता है. हालांकि, ध्यान रहे कि यदि पेट दर्द लगातार बना रहे या बहुत तेज हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. घरेलू नुस्खे केवल सामान्य दर्द, गैस, अपच और हल्के संक्रमण में ही कारगर होते है. About the Author Manish Rai काशी के बगल चंदौली से ताल्लुक रखते है. बिजेनस, सेहत, स्पोर्टस, राजनीति, लाइफस्टाइल और ट्रैवल से जुड़ी खबरें पढ़ना पसंद है. मीडिया में करियर की शुरुआत ईटीवी भारत हैदराबाद से हुई. अभी लोकल18 यूपी के कॉर्डिनेटर की…और पढ़ें Location : Sultanpur,Uttar Pradesh First Published : March 13, 2026, 09:42 IST

सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 75,100 पर आया:निफ्टी में 300 अंकों की गिरावट, मेटल और बैंकिंग शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली

सेंसेक्स 900 अंक गिरकर 75,100 पर आया:निफ्टी में 300 अंकों की गिरावट, मेटल और बैंकिंग शेयर्स में सबसे ज्यादा बिकवाली

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग के बीच शेयर बाजार में आज यानी 12 मार्च को लगातार तीसरे दिन भी गिरावट है। सेंसेक्स 900 अंक (1.20%) की गिरावट के साथ 75,100 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी 300 अंक (1.40%) की गिरावट है, ये 23,300 पर आ गया है। आज मेटल और बैंकिंग शेयर्स में सबसे ज्यादा गिरावट है। FMCG शेयर्स में तेजी दिख रही है। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें एशियाई बाजार अपडेट अमेरिकी बाजार में 12 मार्च को गिरावट रही कच्चा तेल 100 डॉलर के पार ट्रेड कर रहा ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आज तेजी है। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा है। इससे पहले 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर पर पहुंच गया था। कल सेंसेक्स 829 अंक गिरकर बंद हुआ था शेयर बाजार में में यानी 12 मार्च को लगातार दूसरे गिरावट रही थी। सेंसेक्स 829 अंक (1.08%) की गिरावट के साथ 76,034 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में भी 228 अंक की गिरावट रही।

ज्वेरेव पहली बार इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में:ATP मास्टर्स के सभी 9 इवेंट्स में आखिरी-4 खेलने वाले पांचवें खिलाड़ी बने

ज्वेरेव पहली बार इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में:ATP मास्टर्स के सभी 9 इवेंट्स में आखिरी-4 खेलने वाले पांचवें खिलाड़ी बने

जर्मनी के टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने गुरुवार को इंडियन वेल्स मास्टर्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए पहली बार सेमीफाइनल में जगह बना ली। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में आर्थर फिल्स को 6-2, 6-3 से हराया। इस जीत के साथ ज्वेरेव ATP मास्टर्स-1000 के सभी नौ टूर्नामेंट में सेमीफाइनल खेलने वाले सिर्फ पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और एंडी मरे यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। बिग फोर के क्लब में शामिल इस उपलब्धि के साथ ज्वेरेव ‘बिग फोर’ यानी रोजर फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच और एंडी मरे के चुनिंदा खिलाड़ी क्लब में शामिल हो गए हैं। ज्वेरेव ने कहा,’इतिहास में ऐसा करने वाले सिर्फ पांच खिलाड़ियों में शामिल होना मेरे लिए बहुत खास है। यह ऐसी उपलब्धि है जिस पर मुझे गर्व है।’ मास्टर्स खिताब जीत चुके हैं ज्वेरेव अब तक नौ में से पांच मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट जीत चुके हैं। हालांकि, वह अभी तक कोई ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीत पाए हैं, जबकि तीन बार फाइनल तक पहुंच चुके हैं। सेमीफाइनल में सिनर से मुकाबला सेमीफाइनल में ज्वेरेव का मुकाबला इटली के वर्ल्ड नंबर-2 जेनिक सिनर से होगा। सिनर के खिलाफ ज्वेरेव का रिकॉर्ड थोड़ा कमजोर रहा है और वह लगातार पांच मैच हार चुके हैं। सिनर ने क्वार्टरफाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी लर्नर टिएन को सिर्फ 66 मिनट में 6-1, 6-2 से हराया। सिनर अभी तक इंडियन वेल्स का खिताब नहीं जीत पाए हैं और इस साल अपना पहला खिताब जीतने की कोशिश में हैं। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के सेमीफाइनल और कतर ओपन के क्वार्टरफाइनल में हारकर बाहर हो गए थे। क्या है एटीपी मास्टर्स 1000 का ‘सेट’? टेनिस में ग्रैंड स्लैम के बाद मास्टर्स 1000 टूर्नामेंट सबसे प्रतिष्ठित माने जाते हैं। एक साल में कुल 9 ऐसे टूर्नामेंट होते हैं-इंडियन वेल्स, मियामी, मोंटे कार्लो, मैड्रिड, रोम, कनाडा, सिनसिनाटी, शंघाई और पेरिस। इन सभी टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंचना किसी खिलाड़ी की निरंतरता और उच्च स्तर के प्रदर्शन को दर्शाता है। ज्वेरेव ने इंडियन वेल्स के सेमीफाइनल में पहुंचकर अपना यह ‘सेट’ पूरा कर लिया है। ———————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारतीय फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी क्रिकेटर को खरीदा:अबरार अहमद पर काव्या मारन ने ₹2.34 करोड़ की बोली लगाई; द हंड्रेड लीग में खेलेंगे भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी सनराइजर्स लीड्स ने गुरुवार को पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद पर बोली लगाई। सनराइजर्स की CEO काव्या मारन ने खुद उन्हें 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। इसी के साथ अबरार 21 जुलाई से शुरू हो रही द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए। पूरी खबर

गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर:जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन समय बढ़ाया; MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप

गांवों में 45 दिन बाद मिलेगा दूसरा घरेलू LPG सिलेंडर:जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने 20 दिन समय बढ़ाया; MP में ऑनलाइन बुकिंग ठप

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से देशभर में LPG की किल्लत हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है, जिसे रोकने के लिए सरकार ने बुकिंग के नियमों में फिर से बदलाव किया है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर लेने के बाद अगला सिलेंडर 45 दिन बाद बुक किया जा सकेगा। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने संसद में बताया कि यह फैसला सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज करने और बेवजह होने वाली ‘पैनिक बुकिंग’ को रोकने के लिए किया है। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम 6 दिन में तीन बार बदले 55 दिन की बजाय 15 दिन में बुक करा रहे लोग गांवों में औसतन एक परिवार सालभर में करीब 5 सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है। ऐसे में जल्दी दोबारा बुकिंग की जरूरत नहीं पड़ती थी। हाल ही में देखा गया कि लोग अफवाहों की वजह से जरूरत न होने पर भी जल्दी-जल्दी सिलेंडर बुक करके स्टॉक कर रहे थे। मंत्रालय की ओर से बताया गया कि जो लोग पहले औसतन 55 दिनों में सिलेंडर बुक कराते थे, उन्होंने अचानक 15-15 दिनों के अंतर पर बुकिंग शुरू कर दी थी। इस तरह की एडवांस और जल्दबाजी में की जा रही बुकिंग से सिस्टम पर दबाव बढ़ रहा था। अब अलग-अलग राज्यों की रिपोर्ट पढ़ें… मध्य प्रदेश: LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप…वेटिंग 7-8 दिन बढ़ी मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप जैसी है। सर्वर डाउन होने से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में लोग सिलेंडर की बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। वेटिंग 7 से 8 दिन तक पहुंच गई है। गैस एजेंसियों में सुबह से शाम तक लोगों की भीड़ लगी हुई है। इधर गैस की किल्लत के बीच इंडक्शन की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। भोपाल में इसकी बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है। वहीं 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट में गैस खत्म होने के कगार पर है। होटल, रेस्टॉरेंट को 4 दिन से कॉमर्शियल सिलेंडर नहीं मिले हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, भोपाल के करीब 2 हजार होटल-रेस्टोरेंट को 4 दिन में एक भी सिलेंडर नहीं मिला। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान: रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेजा जा रहा होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म होने से बिजनेस ठप होने लगे हैं। चित्तौड़गढ़ में रेस्टोरेंट बंद कर कर्मचारियों को घर भेज दिया है। सवाई माधोपुर में भी रेस्टोरेंट बंद होने लगे हैं। जैसलमेर के सम में 150 रिसॉर्ट को बंद करने की तैयारी है। जयपुर में चाय की थड़ी, मिठाई की दुकानों और ढाबों पर कॉमर्शियल की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग करने लगे हैं। कोटा में गैस सिलेंडर की कमी के चलते लकड़ी और कोयले की भट्ठी की मांग बढ़ गई है। मेस और हॉस्टलों के लिए 35 से 40 किलो वजन की भट्ठियां बनाई जा रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश: ब्लैक में 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा सिलेंडर लखनऊ में दिन-दिनभर लाइन में खड़े रहने पर भी लोगों को सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। लोगों का दावा है कि इन सबके बावजूद 950 रुपए वाला सिलेंडर 1600 रुपए देने पर तुरंत मिल रहा है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 3500 रुपए में आसानी से उपलब्ध है। पूरी खबर पढ़ें… फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हुए गिग एंड प्लेटफॉर्म सर्विस वर्कर्स यूनियन’ ने कहा कि LPG की किल्लत के कारण जोमैटो और स्विगी जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फूड डिलीवरी के ऑर्डर 50 से 60% तक कम हो गए हैं। इससे डिलीवरी पार्टनर्स और इस सेक्टर से जुड़े दूसरे वर्कर्स की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है। यूनियन ने केंद्रीय श्रम मंत्री को पत्र लिखकर तुरंत दखल देने की मांग की है। यूनियन की मांग है कि जोमैटो, स्विगी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स प्रभावित होने वाले हर वर्कर को तुरंत 10,000 रुपए की राहत राशि दें। वर्कर्स की ID बंद करने पर 3 महीने की रोक लगे। सरकार ने तैयारियों का लेखा-जोखा पेश किया सरकार रोजाना 50 लाख सिलेंडर बांट रही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, “हम अपनी जरूरत की लगभग 60% LPG बाहर से मंगवाते हैं और इसका करीब 90% हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता है। स्थिति थोड़ी मुश्किल है, लेकिन सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा, “हम हर दिन लगभग 50 लाख सिलेंडर डिलीवर करते हैं। डिस्ट्रीब्यूशन के स्तर पर फिलहाल कहीं भी किल्लत की कोई खबर नहीं है। लेकिन घबराहट की वजह से बुकिंग कई गुना बढ़ गई है। राज्य सरकारों से लाभार्थियों की लिस्ट तैयार करने को कहा है ताकि सिलेंडर की डिलीवरी प्राथमिकता के आधार पर की जा सके।” सरकार ने अब तक 5 जरूरी कदम उठाए 1. हाई-लेवल कमेटी बनाई: संकट को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने तीन तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशकों की एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है, जो सप्लाई की समीक्षा करेगी। 2. एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू: गैस की सप्लाई को कंट्रोल करने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में ‘एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955’ लागू कर दिया है। 3. 25 दिन बाद होगी LPG बुकिंग: घरेलू सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बदलाव किया है। उपभोक्ता एक सिलेंडर डिलीवर होने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक कर सकेंगे। 4. OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य: गैस की जमाखोरी रोकने के लिए डिलीवरी एजेंट OTP या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का सख्ती से इस्तेमाल कर रहे हैं। 5. LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश: सरकार ने सभी ऑयल रिफाइनरीज को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया था। अब उत्पादन 28% बढ़ गया है। सप्लाई संकट की 2 वजह 1. होर्मुज स्ट्रेट का लगभग बंद होना भारत के लिए सबसे बड़ी चुनौती स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना है। ये करीब 167 किमी लंबा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। ईरान जंग के कारण यह रूट अब सुरक्षित नहीं रहा है। खतरे को देखते हुए कोई भी तेल टैंकर वहां से नहीं गुजर रहा। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक और कुवैत जैसे देश भी

जरूरत की खबर- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

जरूरत की खबर- 'मच्छर अगरबत्तियों' में खतरनाक केमिकल्स:खरीदने से पहले चेक करें ये 7 चीजें, नेचुरल तरीकों से मच्छर भगाने के 11 टिप्स

बीते महीने महाराष्ट्र सरकार ने मच्छर भगाने वाली दो बड़ी अगरबत्ती कंपनियों को प्रतिबंधित कर दिया। हम अक्सर मच्छर अगरबत्ती या मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स जलाकर चैन की नींद सो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनका धुआं हमारी सेहत पर भारी पड़ सकता है? महाराष्ट्र सरकार ने ‘मच्छर अगरबत्तियों’ की जांच में पाया कि इनमें डाइमेफ्लुथ्रिन (Dimefluthrin) जैसे खतरनाक केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा है। ये सांस के जरिए शरीर में जाकर हमारे फेफड़ों और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) की मंजूरी के बिना बाजार में बिकने वाले ऐसे प्रोडक्ट्स बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए किसी ‘साइलेंट किलर’ से कम नहीं हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात मच्छर भगाने वाली अगरबत्तियों की। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. संदीप कटियार, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, कानपुर सवाल- ‘मच्छर अगरबत्तियों’ पर बैन क्यों लगाया गया? जवाब- इसके पीछे कई कारण हैं- सवाल- इन अवैध ‘मच्छर अगरबत्तियों’ में कौन से केमिकल्स मिले थे? ये केमिकल्स कितने खतरनाक हैं? जवाब- इसका जवाब पॉइंटर्स में समझिए- सवाल- इन केमिकल्स का धुआं लंग्स और ओवरऑल सेहत को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- मच्छर अगरबत्तियों के केमिकल्स का धुआं हमारी सेहत को इस तरह प्रभावित करता है- सवाल- इससे किन लोगों को ज्यादा जोखिम हो सकता है? जवाब- मच्छर अगरबत्ती के धुएं से कुछ लोगों को ज्यादा रिस्क होता है। इसे ग्राफिक में देखिए- इसे विस्तार से समझिए बच्चे- उनके लंग्स डेवलपिंग स्टेज में होते हैं, तो धुआं ज्यादा नुकसान करता है। बुजुर्ग- कमजोर इम्यूनिटी और पहले से मौजूद बीमारियों के कारण रिस्क ज्यादा होता है। अस्थमा या COPD मरीज- जिन्हें क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज और अस्थमा जैसी सांस संबंधी बीमारियां हैं, उनके लिए अगरबत्ती का धुआं ज्यादा नुकसानदायक है। एलर्जेटिक लोग- केमिकल्स से एलर्जिक रिएक्शन बढ़ सकता है। गर्भवती महिलाएं- धुआं प्रेग्नेंट महिला और गर्भस्थ शिशु, दोनों की सेहत को प्रभावित कर सकता है। हार्ट पेशेंट्स- प्रदूषित हवा हार्ट पर अतिरिक्त दबाव डालती है। इनडोर रहने वाले लोग- बंद कमरों में धुआं ज्यादा जमा होता है, जिससे एक्सपोजर बढ़ता है। सवाल- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय क्या-क्या चेक करना जरूरी है? जवाब- मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इन्हें ग्राफिक में देखिए- अब ये सभी पॉइंट्स विस्तार से समझिए- CIBRC रजिस्ट्रेशन नंबर: केवल वही प्रोडक्ट लें, जिन्हें सरकार से स्वीकृति मिली हुई है। एक्टिव केमिकल्स: लेबल पर लिखे केमिकल्स (जैसे एल्थ्रिन आदि) की जानकारी देखें। निर्माता की जानकारी: कंपनी का नाम, पता और लाइसेंस नंबर स्पष्ट होना चाहिए। एक्सपायरी डेट: प्रोडक्ट की एक्सपायरी डेट जरूर चेक करें। इस्तेमाल के इंस्ट्रक्शन: सही और सुरक्षित इस्तेमाल के निर्देश पढ़ें। सेफ्टी इंस्ट्रक्शन: बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सावधानियां देखें। सील और पैकेजिंग: नकली या खुले पैक न खरीदें। सवाल- इन प्रोडक्ट्स पर सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमेटी (CIBRC) का रजिस्ट्रेशन नंबर चेक करना क्यों जरूरी है? जवाब- CIBRC नंबर उपभोक्ता सुरक्षा की गारंटी है। इसलिए इसे चेक करना जरूरी है- सवाल- अवैध या संदिग्ध प्रोडक्ट की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- इसकी शिकायत इन जगहों पर लिखित या ऑनलाइन कर सकते हैं – सवाल- नेचुरल तरीके से मच्छर भगाने के कुछ घरेलू नुस्खे बताएं? जवाब- केमिकल कॉइल्स और मॉस्किटो वेपोराइजर सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। ऐसे में मच्छरों से बचाव के लिए कुछ सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके नीचे ग्राफिक में देखें- इन पॉइंट्स को विस्तार से समझिए- कपूर: कमरे की खिड़कियां बंद करके 20 मिनट के लिए कपूर जलाएं या खुले बर्तन में कपूर की टिकिया रखें। इसकी गंध मच्छरों को दूर भगाती है। नीम का तेल: नीम का तेल केमिकल वेपोराइजर से अधिक प्रभावी और सुरक्षित है। इसे नारियल तेल में मिलाकर शरीर पर लगाने से मच्छर नहीं काटते हैं। नींबू और लौंग: आधे कटे नींबू में लौंग गाड़कर कमरे के कोनों में रखें। इन दोनों की मिक्स स्मेल मच्छरों को नापसंद होती है। लहसुन का स्प्रे: लहसुन की कलियों को पानी में उबालकर स्प्रे बोतल में भर लें। इसे घर में छिड़कने से मच्छर नहीं आते हैं। पुदीना (मिंट) ऑयल: पुदीने के तेल का छिड़काव करें या इसके पौधे को कमरे में रखें। इसकी तेज गंध मच्छरों को भगाने में कारगर है। एसेंशियल ऑयल्स: लैवेंडर, टी-ट्री और सिट्रोनेला तेल को पानी में मिलाकर नेचुरल स्प्रे की तरह इस्तेमाल करें। नीलगिरी तेल: नीलगिरी के तेल में एंटी-मॉस्किटो गुण होते हैं। इसे डिफ्यूजर में या पानी में मिलाकर छिड़कें। तुलसी का पौधा: घर की बालकनी या आंगन में तुलसी लगाएं। इसके औषधीय गुण और सुगंध मच्छरों को रोकने में मदद करते हैं। लेमनग्रास: इसमें सिट्रोनेला (एसेंशियल ऑयल) होता है, जो मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स का मुख्य बेस है। इसे बालकनी या बगीचे में लगाने से मच्छर अंदर नहीं आते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- आंखों की रोशनी कैसे बढ़ाएं: रेगुलर करें ये 8 आई एक्सरसाइज, डाइट में शामिल करें ये हेल्दी चीजें, न करें 8 गलतियां मौजूदा वक्त में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ये चीजें जिंदगी में इस कदर हावी हो गई हैं कि हम अपनी नींद भी पूरी नहीं कर पाते हैं। इसका सीधा असर आंखों पर पड़ता है। नतीजतन आंखों की रोशनी कम हो रही है। आगे पढ़िए…