इंदौर में छेड़छाड़ का आरोपी 5 माह बाद गिरफ्तार:एमबीए का छात्र है आरोपी, डी-मार्ट से घर जा रही युवती को छेड़ा था; पुलिस कर रही पूछताछ

इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में युवती से छेड़छाड़ करने वाले आरोपी को पुलिस ने करीब पांच माह बाद मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने सुनसान इलाका देखकर डी-मार्ट से घर लौट रही युवती को छेड़ा था। पीड़िता ने पहले राजेंद्र नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, लेकिन सीमा क्षेत्र के विवाद के चलते मामले की जांच बाद में राऊ पुलिस को सौंप दी गई। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि एक नवंबर 2025 को युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि खंडवा रोड (केट रोड) के सुनसान क्षेत्र में एक अज्ञात स्कूटी चालक ने उसके साथ छेड़छाड़ की और अभद्र टिप्पणी करते हुए मौके से फरार हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पीड़िता ट्रेजर फेटेसी के पास रहती है और घटना के समय डी मार्ट से घर लौट रही थी। सीसीटीवी फुटेज से हुई पहचान पुलिस ने डी-मार्ट से केट रोड तक करीब तीन किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले और संदिग्ध की पहचान के लिए मुखबिरों को भी जानकारी दी। 10 मार्च 2026 को पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध एक्टिवा चालक केट रोड क्षेत्र में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी कन्हैया पाटिल निवासी राऊ को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च में एमबीए की पढ़ाई कर रहा है। पुलिस के अनुसार वह पहले भी कई महिलाओं के साथ इस तरह की हरकत कर चुका है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की जा रही है। आगजनी की जानकारी पूछने के बहाने किया था परेशान पुलिस के मुताबिक घटना वाली रात राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में भीषण आगजनी हुई थी। उसी दौरान आरोपी अपनी एक्टिवा से युवती के पास पहुंचा और आग लगने की जानकारी पूछने लगा। बातचीत के दौरान उसने अंधेरे का फायदा उठाकर युवती के साथ छेड़छाड़ की और मौके से फरार हो गया।
धुरंधर 2 से क्लैश का इंडस्ट्री में डर:टॉक्सिक के बाद अदिवी शेष की डकैत की भी रिलीज टली, 19 मार्च की जगह 10 अप्रैल को आएगी

रणवीर सिंह स्टारर मोस्ट अवेटेड फिल्म धुरंधरः द रिवेंज 19 मार्च को रिलीज होने के लिए शेड्यूल है। पहले केजीएफ स्टार यश की फिल्म टॉक्सिक भी 19 मार्च को ही रिलीज होनी थी, लेकिन रिलीज से 2 हफ्ते पहले ही मेकर्स ने इसे पोस्टपोन कर दिया है। इसके बाद अब अदिवी शेष की फिल्म डकैल भी पोस्टपोन हो चुकी है। एक्टर अदिवी शेष ने रिलीज डेट बदले जाने की घोषणा सोशल मीडिया के जरिए की है। उन्होंने फिल्म का नया पोस्टर जारी किया है, जिसमें रिलीज डेट 19 मार्च नहीं 10 अप्रैल लिखी है। इसके साथ एक्टर ने कैप्शन में लिखा, गोल्डफिश 10 अप्रैल को, वर्ल्डवाइड सिनेमाघरों में। डकैत। अब भूत बंगला से होगा डकैत का क्लैश रिलीज डेट टाले जाने के बावजूद फिल्म को क्लैश से राहत नहीं मिली है। अब इस फिल्म का क्लैश धुरंधर 2 से नहीं बल्कि अक्षय कुमार स्टारर हॉरर कॉमेडी फिल्म भूत बंगला से होगा। श्रुति हासन को किया था मृणाल ठाकुर ने रिप्लेस फिल्म डकैत में पहले श्रुति हासन लीड रोल निभाने वाली थीं, हालांकि क्रिएटिव डिफरेंस के चलते उन्होंने फिल्म छोड़ दी। उनके प्रोजेक्ट से हटने के बाद मृणाल ठाकुर ने उन्हें रिप्लेस किया था। यश की टॉक्सिक की भी रिलीज टली केजीएफ स्टार यश और कियारा आडवाणी की मोस्ट अवेडेट फिल्म टॉक्सिक पहले 19 मार्च को रिलीज की जाने वाली थी, हालांकि रिलीज से ठीक पहले मेकर्स ने इसे पोस्टपोन कर दिया है। हालांकि इसका कारण क्लैश नहीं बताया गया। मेकर्स की मानें तो इजरायल, अमेरिका और ईरान में चल रही जंग के चलते इसकी रिलीज टाली जा रही है। मेकर्स चाहते हैं कि फिल्म को वर्ल्डवाइड बड़े स्कैल में रिलीज किया जाए, लेकिन अगर इसे 19 मार्च को रिलीज किया जाता तो कई देशों में फिल्म रिलीज नहीं हो पाती। अब ये फिल्म 4 जून को वर्ल्डवाइड रिलीज होगी।
नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

दतिया जिला अस्पताल में छह दिनों से भर्ती 15 दिन की एक नवजात बच्ची आखिरकार मंगलवार को अपनी मां की गोद में पहुंच गई। बच्ची को 4 मार्च को कम वजन और सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ समय बाद परिजन घर चले गए और कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने ही बच्ची की देखभाल की। डॉक्टरों की निगरानी में रखा जानकारी के अनुसार संध्या पत्नी आशीष की नवजात बेटी को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची का वजन सामान्य से कम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से डॉक्टरों ने उसे विशेष निगरानी में रखा। कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे परिजन भर्ती के बाद कुछ समय तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन बाद में वे घर चले गए और कई दिनों तक वापस नहीं आए। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार बच्ची की जांच करते रहे और उसे जरूरी इलाज देते रहे। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने की भी कोशिश की, ताकि वे बच्ची के पास आ सकें। पिता के आने के बाद मां को बुलाया गया सोमवार शाम बच्ची के पिता आशीष अस्पताल पहुंचे थे। उस समय अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि नवजात को मां की देखभाल की जरूरत है। इसके बाद उन्हें मां को भी अस्पताल लाने के लिए कहा गया। मंगलवार शाम बच्ची की मां संध्या जिला अस्पताल पहुंची। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को उसकी मां को सौंप दिया। डॉक्टरों ने मां को बच्ची की देखभाल और नियमित रूप से दूध पिलाने की सलाह दी। डॉक्टरों का कहना है कि जन्म के बाद कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे बच्चों के लिए मां की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि मां के दूध और देखभाल से बच्चे की सेहत में जल्दी सुधार होता है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
पिता की सलाह पर क्रिकेटर अभिषेक शर्मा की धमाकेदार पारी:बोले- दुविधा में था बेटा, हमने कहा- दबाव में मत आओ; टी-20 वर्ल्डकप में अर्धशतक बनाया

भारतीय क्रिकेट टीम की टी20 वर्ल्ड कप जीत में अमृतसर के युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की धमाकेदार पारी ने अहम भूमिका निभाई। फाइनल में उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 गेंदों में 52 रन बनाए। मैच के बाद उनके पिता और बचपन के कोच राजकुमार शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ मैचों में खराब प्रदर्शन के कारण अभिषेक दुविधा में थे। ऐसे में वह मैच से पहले बिना बताए उनसे मिलने पहुंचे और बेटे को अपना नेचुरल गेम खेलने की सलाह दी, जिसके बाद फाइनल में अभिषेक की शानदार पारी देखने को मिली। अभिषेक के पिता ने ये बड़ी बातें बताईं…
वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की फिफ्टी:बासित अली बोले- काश ऐसे 2-3 खिलाड़ी पाकिस्तान में होते; आमिर ने उन्हें 'स्लॉगर' कहा था

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर मोहम्मद आमिर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आमिर को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। आमिर ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान खराब फॉर्म के बाद अभिषेक को स्लॉगर कहा था। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अभिषेक ने शानदार वापसी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक के लिए अच्छी नहीं रही थी। बाएं हाथ के इस ओपनर ने शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होकर निराश किया था। इसी दौरान आमिर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें स्लॉगर कहा था। बासित अली बोले-फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी होती है पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक टीवी शो के दौरान कहा, कि अगर किसी खिलाड़ी ने तीन बार शून्य भी बनाया हो तो इससे उसकी क्लास खत्म नहीं हो जाती। फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास हमेशा रहती है। उन्होंने कहा कि अभिषेक जैसे खिलाड़ी को इस तरह के नाम देना ठीक नहीं है और काश पाकिस्तान की टीम में भी ऐसे दो तीन खिलाड़ी होते। अभिषेक बोले- तीन डक्स के बाद खुद पर शक होने लगा था खिताबी जीत के बाद अभिषेक शर्मा भावुक नजर आए थे। उन्होंने कहा था,’ईमानदारी से कहूं तो एक समय मुझे खुद पर शक होने लगा था क्योंकि यह मेरे लिए आसान टूर्नामेंट नहीं था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरा पहला वर्ल्ड कप था। टीम मैनेजमेंट के सपोर्ट ने बदला खेल अभिषेक ने बताया कि मुश्किल समय में टीम के माहौल ने उन्हें टूटने नहीं दिया। फाइनल के बाद अभिषेक शर्मा ने भी टूर्नामेंट के मुश्किल दौर के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन के दौरान टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने बताया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। टीम का भरोसा ही उन्हें कठिन दौर से निकलने में मदद कर गया। टीम के सभी साथी मुझसे यही कहते थे कि तुम एक बड़ा मैच जिताओगे। मैंने बस अपनी प्रोसेस पर ध्यान दिया। भारत तीन टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बना भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले टीम इंडिया ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जसप्रीत बुमराह टी-20 कम, वनडे ज्यादा खेलेंगे:2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा फोकस, वर्कलोड मैनेज करेगा बोर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी-20 सीरीज कम खेलेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। पूरी खबर
वर्ल्ड कप फाइनल में अभिषेक शर्मा की फिफ्टी:बासित अली बोले- काश ऐसे 2-3 खिलाड़ी पाकिस्तान में होते; आमिर ने उन्हें 'स्लॉगर' कहा था

पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने भारतीय युवा ओपनर अभिषेक शर्मा पर की गई टिप्पणी को लेकर मोहम्मद आमिर की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आमिर को ऐसे बयान देने से बचना चाहिए। आमिर ने टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान खराब फॉर्म के बाद अभिषेक को स्लॉगर कहा था। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में अभिषेक ने शानदार वापसी की। न्यूजीलैंड के खिलाफ अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में उन्होंने तेज अर्धशतक लगाकर भारत को तेज शुरुआत दिलाई। इसके बाद भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। हालांकि टूर्नामेंट की शुरुआत अभिषेक के लिए अच्छी नहीं रही थी। बाएं हाथ के इस ओपनर ने शुरुआती तीन मैचों में लगातार तीन बार शून्य पर आउट होकर निराश किया था। इसी दौरान आमिर ने उनकी आलोचना करते हुए उन्हें स्लॉगर कहा था। बासित अली बोले-फॉर्म अस्थायी है, लेकिन क्लास स्थायी होती है पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक टीवी शो के दौरान कहा, कि अगर किसी खिलाड़ी ने तीन बार शून्य भी बनाया हो तो इससे उसकी क्लास खत्म नहीं हो जाती। फॉर्म अस्थायी होती है, लेकिन क्लास हमेशा रहती है। उन्होंने कहा कि अभिषेक जैसे खिलाड़ी को इस तरह के नाम देना ठीक नहीं है और काश पाकिस्तान की टीम में भी ऐसे दो तीन खिलाड़ी होते। अभिषेक बोले- तीन डक्स के बाद खुद पर शक होने लगा था खिताबी जीत के बाद अभिषेक शर्मा भावुक नजर आए थे। उन्होंने कहा था,’ईमानदारी से कहूं तो एक समय मुझे खुद पर शक होने लगा था क्योंकि यह मेरे लिए आसान टूर्नामेंट नहीं था। मैंने पहले कभी ऐसा अनुभव नहीं किया था, यह मेरा पहला वर्ल्ड कप था। टीम मैनेजमेंट के सपोर्ट ने बदला खेल अभिषेक ने बताया कि मुश्किल समय में टीम के माहौल ने उन्हें टूटने नहीं दिया। फाइनल के बाद अभिषेक शर्मा ने भी टूर्नामेंट के मुश्किल दौर के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि खराब प्रदर्शन के दौरान टीम मैनेजमेंट ने उन पर भरोसा बनाए रखा। अभिषेक ने बताया कि कप्तान सूर्यकुमार यादव और हेड कोच गौतम गंभीर ने लगातार उनका हौसला बढ़ाया। टीम का भरोसा ही उन्हें कठिन दौर से निकलने में मदद कर गया। टीम के सभी साथी मुझसे यही कहते थे कि तुम एक बड़ा मैच जिताओगे। मैंने बस अपनी प्रोसेस पर ध्यान दिया। भारत तीन टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश बना भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया। इससे पहले टीम इंडिया ने 2007 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पहला और 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में दूसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीता था। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… जसप्रीत बुमराह टी-20 कम, वनडे ज्यादा खेलेंगे:2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा फोकस, वर्कलोड मैनेज करेगा बोर्ड भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह अब टी-20 सीरीज कम खेलेंगे। वे 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। पूरी खबर
वार्डन के साथ मारपीट कर चाबी छीनी, तीन लड़कियां भागी:मुरैना के बड़ोखर बालिका सुधार गृह में 2 नाबालिग 1 दिन पहले ही आईं थी

बड़ोखर स्थित बालिका सुधार गृह से मंगलवार रात में सो रही महिला वार्डन के साथ मारपीट कर उससे चाबी छीनकर तीन लड़कियां भाग गईं। इनमें एक बालिग है और दो नाबालिग हैं। इस घटना से बालिका सुधार गृह की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसी सुधार गृह से पहले भी कई बार बालिकाएं भाग चुकी हैं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर भागी लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। तीन लड़कियां भागीं स्टेशन रोड थाना क्षेत्र के बड़ोखर में स्थित महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “शक्ति सदन बड़ोखर” वार्ड क्रमांक 2 महाकाल वार्ड में मंगलवार रात सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी अपने कक्ष में सो रही थीं। तभी तीनों लड़कियों ने एक साथ सो रही वार्डन पर हमला कर दिया, उसके साथ मारपीट की और चाबी छीनकर ताला खोलकर भाग गईं। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने घटना के बाद मौके पर पहुंचकर जांच की और मामला दर्ज कर लड़कियों की तलाश शुरू कर दी है। पहले मारपीट की फिर छीन ली चाबी सुधार गृह की महिला वार्डन रामस्नेही सोलंकी के अनुसार रात में सुधार गृह के मुख्य गेट पर ताला लगाकर वह करीब 11 बजे अपने कमरे में सो रही थीं। अचानक सोते समय उन पर हमला हुआ और उनके साथ मारपीट होने लगी। उन्होंने देखा कि तीनों लड़कियां उन पर टूट पड़ीं और चाबी छीन ली। इसके बाद एक लड़की ने भागकर ताला खोला और तीनों वहां से भाग गईं। इसके बाद मैंने पुलिस को सूचना दी और अधिकारियों से संपर्क किया। ये तीन लड़कियां भागी पहली लड़की 23 फरवरी को लाई गई थी वह कैलारस के समई पंचायत के सिरोधा गांव की रहने वाली है और बालिग है। बाकी दो नाबालिग लड़कियां 9 मार्च को दो दिन पहले ही यहां लाई गई थीं। जिसमें से एक पोरसा की रहने वाली है और दूसरी सबलगढ़ की रहने वाली हैं। स्टेशन रोड थाना प्रभारी एसआई संजय वरैया के अनुसार महिला वार्डन के साथ मारपीट कर सुधार गृह से तीन लड़कियां भागी हैं, जिनमें एक बालिग और दो नाबालिग हैं। तीनों ने मिलकर वार्डन के साथ मारपीट की और चाबी लेकर भाग गईं। मामला दर्ज कर पुलिस टीम उनकी तलाश में लगी हुई है।
50 हजार शादियों में खाने पर संकट:कमर्शियल गैस सिलेंडर नहीं, भट्टी जलाने पर 10 हजार रुपए जुर्माना; हजारों होटल-रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग की वजह से हॉर्मुज जलमार्ग के रास्ते गैस सप्लाई ठप हो गई है। इसका असर अब मध्यप्रदेश के सभी शहरों पर पड़ने लगा है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर सहित सभी शहरों में कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर व्यवसाय वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। होटल और रेस्टोरेंट चलाने वालों के साथ ठेले पर खाने-पीने की चीजें बनाने वाले छोटे रोजगार से जुड़े लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता शादी के सीजन के कारण उन लोगों की है जिन्होंने शादी समारोह के कार्ड बांट दिए हैं। सीजन में करीब 50 हजार शादियों का अनुमान है। इन आयोजनों में मेहमाननवाजी के लिए दावतें फीकी हो सकती हैं, क्योंकि कॉमर्शियल सिलेंडर मिलना बंद हो गए है और खुले में भट्टी जलाई तो 10 हजार रुपए तक जुर्माना लग सकता है। आइए बताते हैं कमर्शियल सिलेंडर की किल्लत से क्या हालात हैं? कैटरिंग के काम पर असर, इवेंट कैंसिल होने का खतरा 12-15 सालों से कैटरिंग का काम करने वाले भोपाल के जितेंद्र ने बताया अभी तो रोज इवेंट है। कल भी दो-तीन हैं। परसों भी हैं। 14 तारीख तक खरमास चल रहा है। उससे पहले भी इवेंट है। टेंट, कैटरिंग, घर के सामान आदि का काम लेते हैं। कमर्शियल सिलेंडर बंद होने से धंधे पर बहुत असर पड़ेगा। अभी एक दो दिन तो निकाल लेंगे। घर के सिलेंडर से कुछ काम निकाल लिया। यहां- वहां से लेकर कुछ काम चला लिया, लेकिन आगे बड़ी परेशानी आनी है। जिन लोगों के इवेंट हैं उनके फोन आने शुरू हो गए हैं। इवेंट कैंसिल हुए तो भारी नुकसान होगा। जो सिलेंडर इधर-उधर से मिल रहा है वो भी 2200 रुपए तक मिल रहा है। वो भी एक-दो दिन में नहीं मिलेगा। कोई ऑप्शन भी नहीं है। डीजल चूल्हा या इलेक्ट्रिक चूल्हा हमारे काम के लिए सही नहीं है। ऐसे में अब क्या करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा। भट्टी जलाने पर कम से कम 5 हजार रुपए और अधिकतम ढाई लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान है, लेकिन सामान्यत: ऐसे मामलों में अफसर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना करते हैं। गैस संकट से रेस्टोरेंट पर असर, ऑर्डर कैंसिल होने की नौबत भोपाल राजहंस रेस्टोरेंट के संचालक दीपक सिंह चौहान कहते हैं, हमारे यहां तो पांच से छह सिलेंडर प्रतिदिन लगते हैं। लगभग 800 से 1000 लोग रोजाना खाना खाते हैं। कमर्शियल सिलेंडर न मिलने से बिजनेस पर असर पड़ेगा। खाना बनाना जरूरी है। अगर नहीं बनाएंगे तो लोग घर पर ही बनाएंगे और जो घर पर बनाएंगे वहां भी गैस लगनी ही है। या फिर हमें फैसिलिटी दी जाए कि हम भी घरेलू गैस इस्तेमाल कर सकें। हमारे पास कुछ इंडक्शन वगैरह भी हैं। जैसे कि तंदूर वगैरह के लिए सरकार के आदेश हैं कि लकड़ी का कोयला न जलाएं। अब उसमें भी गैस ही लग रही है। उसमें भी समस्या आएगी। पार्टी के ऑर्डर लेते हैं। आगे ऐसे काफी ऑर्डर हैं। अब दिक्कत तो आएगी। यही हाल रहे तो कैंसिल ही करना पड़ेगा। रिसॉर्ट-होटलों के सामने खाना बनाने का संकट इंदौर के भंडारी रिसॉर्ट के जनरल मैनेजर मुकेश लाड ने बताया, कमर्शियल गैस सिलेंडर न मिलने से हमारे काम पर बहुत असर पड़ेगा। अभी खाना बनाने के लिए कोई ऑप्शन भी नहीं है। केरोसिन आसानी मिलता नहीं है। लकड़ियों पर भी खाना नहीं बना सकते, ना ही भट्टियों की उपलब्धता है। मान लीजिए आज मुझे 100 सिलेंडर लगते हैं और यदि उपलब्धता 20-25 की होगी तो मैं कैसे पूर्ति कर पाऊंगा? होटल इंडस्ट्री इमरजेंसी सर्विस, सीएम से मिलेंगे मध्य प्रदेश होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया कि फिलहाल होटलों में इस तरह की कोई समस्या सामने नहीं आई है, लेकिन आने वाले दिनों में परेशानी हो सकती है। इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर होटल संचालकों की बैठक रखी गई है, वहीं इंदौर में भी एक बैठक बुलाई गई है। होटल इंडस्ट्री भी इमरजेंसी सर्विस में आती है। कोरोना काल में भी इसे इमरजेंसी सर्विस में रखा गया था, ताकि बाहर से आने वाले मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा- अपनी मांगों को लेकर संगठन के पदाधिकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात भी करेंगे। हजारों स्टूडेंट के भोजन पर संकट, बंद हो सकते हैं टिफिन सेंटर भोपाल के उन्नति भोजनालय के संचालक रजनीश ने बताया कि उनकी कैंटीन में हर पांचवें दिन गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। आपूर्ति प्रभावित हुई तो काम पर बड़ा असर पड़ेगा। उनके यहां रोज करीब 60-70 छात्र खाना खाते हैं और टिफिन भी भेजे जाते हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 7-8 साल से यह काम कर रहे हैं। लकड़ी या अन्य विकल्पों पर खाना बनाना आसान नहीं है। इलाके में करीब 70-80 टिफिन सेंटर हैं और लगभग 20-25 हजार छात्र इन्हीं पर निर्भर हैं। सिलेंडर की कमी लंबी चली तो कई सेंटर बंद होने की नौबत आ सकती है। फूड डिलीवरी वालों को रोजगार की चिंता फूड डिलीवरी का काम करने वाले सुकेश बताते हैं, मैं रोज 15 से 20 ऑर्डर डिलीवर करता हूं। किसी दिन 800 तो किसी दिन 1200 रुपए तक कमा लेता हूं। आज पता चला कि कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद हो गई है। इसका असर रेस्टोरेंट्स पर तो पड़ेगा ही, साथ ही फूड डिलीवरी पर भी पड़ेगा। अगर रेस्टोरेंट खाना नहीं बना पाएंगे तो ऑर्डर कैसे मिलेंगे? ऐसे में हमारा काम भी ठप हो जाएगा। भोपाल में 7,000 से ज्यादा लोग नियमित रूप से फूड डिलीवरी का काम करते हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने पर इनकी रोजी-रोटी पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रदेश सरकार का दावा- सप्लाई सामान्य, घबराने की जरूरत नहीं कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोल-डीजल और गैस की उपलब्धता की निगरानी के निर्देश दिए। मंत्री चैतन्य काश्यप ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक है और घरेलू गैस की सप्लाई सामान्य है। सरकार ने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने और अधिकृत जानकारी पर ही भरोसा करने की अपील की है। कालाबाजारी राेकने सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू किया इधर, केंद्र सरकार ने गैस समेत जरूरी चीजों की जमाखोरी रोक ने लिए देशभर में ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955’ लागू
इंदौर में युवक की मौत,परिजन ने पुलिस पर लगाए आरोप:कलेक्टोरेट जनसुनवाई में जांच की मांग, मां की तबीयत बिगड़ी

इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ताप्ती परिसर निवासी 23 वर्षीय राज मकवाना की मल्टी से कूदकर मौत के मामले में परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मंगलवार को राज के परिजन कलेक्टोरेट में जनसुनवाई में पहुंचे और घटना की जांच की मांग की। जनसुनवाई के बाद लौटते समय राज की मां रेखा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें एम्बुलेंस से एमवाय अस्पताल ले जाया गया, जहां करीब दो घंटे ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया। मां ने पुलिसकर्मियों पर धमकी देने का आरोप लगाया मंगलवार को राज मकवाना के परिजन कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। परिजनों का कहना है कि घटना से पहले पुलिसकर्मियों ने राज को धमकाया था। राज की मां रेखा, पिता मनोज मकवाना और बहन निकिता ने आरोप लगाया कि दो पुलिसकर्मियों ने राज को मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी थी। परिवार का कहना है कि इसी डर से उसने मल्टी की पांचवीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। सांस की तकलीफ के कारण रात में टहलने निकला था राज परिजनों के अनुसार राज को काफी समय से सांस की समस्या थी। घटना वाली रात वह इसी कारण टहलने के लिए घर से बाहर निकला था। नीचे मौजूद गार्ड ने उससे देर रात बाहर घूमने की वजह पूछी। परिवार का आरोप है कि उसी दौरान पुलिस की गाड़ी वहां पहुंची और दो पुलिसकर्मियों ने राज को रोककर पूछताछ की। इस दौरान उसे चांटे भी मारे गए और किसी को फोन लगाकर उसे मर्डर केस में फंसाने की बात कही गई। पांचवीं मंजिल से कूदने पर मौके पर मौत परिजनों के अनुसार धमकी से घबराकर राज मल्टी की पांचवीं मंजिल पर पहुंच गया और नीचे कूद गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिवार का कहना है कि जहां घटना हुई वहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक उनकी जांच नहीं की। परिजनों ने आरोप लगाया कि जब वे थाने पहुंचे तो संबंधित पुलिसकर्मी वहां से तुरंत चले गए। शराब पीने के आरोप को परिजनों ने बताया गलत परिजनों ने पुलिस के उस दावे को भी खारिज किया है जिसमें कहा गया था कि राज ने शराब पी रखी थी। उनका कहना है कि वह दवाइयां ले रहा था और शराब पीने का सवाल ही नहीं उठता।
ईरान में अब तक 8000 घरों पर हमला, 1300 मौत:जंग में 140 अमेरिकी सैनिक घायल, इजराइल में कई जगह बमबारी

अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 12वां दिन है। ईरान का कहना है कि अब तक हुए हमलों में 1300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 8000 घरों को नुकसान पहुंचा है। UN में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी के मुताबिक देश में करीब 9600 सिविलियन इलाकों पर हमले हुए हैं। इनमें घरों के अलावा बाजार, अस्पताल, मेडिसिन सेंटर्स और स्कूल भी शामिल हैं। वहीं ईरान ने इजराइल में हाइफा, येरुशलम और तेल अवीव पर भी मिसाइल हमले करने का दावा किया है। युद्ध का असर अमेरिकी सेना पर भी पड़ा है। अमेरिका के रक्षा विभाग के मुताबिक अब तक करीब 140 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…







