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नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

नवजात को छह दिन बाद मिली मां की गोद:परिजन नहीं पहुंचे तो डॉक्टरों ने संभाली जिम्मेदारी, कम वजन के कारण हुई थी भर्ती

दतिया जिला अस्पताल में छह दिनों से भर्ती 15 दिन की एक नवजात बच्ची आखिरकार मंगलवार को अपनी मां की गोद में पहुंच गई। बच्ची को 4 मार्च को कम वजन और सांस लेने में परेशानी के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ समय बाद परिजन घर चले गए और कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे। इस दौरान डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने ही बच्ची की देखभाल की। डॉक्टरों की निगरानी में रखा जानकारी के अनुसार संध्या पत्नी आशीष की नवजात बेटी को जन्म के बाद स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के कारण जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बच्ची का वजन सामान्य से कम था और उसे सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी। इसी वजह से डॉक्टरों ने उसे विशेष निगरानी में रखा। कई दिनों तक अस्पताल नहीं पहुंचे परिजन भर्ती के बाद कुछ समय तक परिजन अस्पताल में मौजूद रहे, लेकिन बाद में वे घर चले गए और कई दिनों तक वापस नहीं आए। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ लगातार बच्ची की जांच करते रहे और उसे जरूरी इलाज देते रहे। अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से संपर्क करने की भी कोशिश की, ताकि वे बच्ची के पास आ सकें। पिता के आने के बाद मां को बुलाया गया सोमवार शाम बच्ची के पिता आशीष अस्पताल पहुंचे थे। उस समय अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि नवजात को मां की देखभाल की जरूरत है। इसके बाद उन्हें मां को भी अस्पताल लाने के लिए कहा गया। मंगलवार शाम बच्ची की मां संध्या जिला अस्पताल पहुंची। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने नवजात को उसकी मां को सौंप दिया। डॉक्टरों ने मां को बच्ची की देखभाल और नियमित रूप से दूध पिलाने की सलाह दी। डॉक्टरों का कहना है कि जन्म के बाद कम वजन वाले नवजातों को विशेष देखभाल की जरूरत होती है। ऐसे बच्चों के लिए मां की मौजूदगी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि मां के दूध और देखभाल से बच्चे की सेहत में जल्दी सुधार होता है। फिलहाल बच्ची की हालत स्थिर बताई जा रही है और डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।

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