Saturday, 17 Oct 2026 | 06:09 PM

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भीड़ कम होने पर शंकराचार्य बोले-यह शराब की दुकान नहीं:मुझे सपा समर्थक कहते हैं, मेरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा भाजपाई हैं

भीड़ कम होने पर शंकराचार्य बोले-यह शराब की दुकान नहीं:मुझे सपा समर्थक कहते हैं, मेरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा भाजपाई हैं

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने लखनऊ में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया। इसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित करना शुरू किया। शंकराचार्य ने कहा- यह शराब की दुकान नहीं, ये सभा शुद्ध गाय की दुकान है। यहां ज्यादा भीड़ हो जाती तो इसका मतलब होता यह शराब की दुकान है। यहां कम भीड़ है, इसी से पता चल रहा है कि यह शुद्ध गाय के दूध की दुकान है। उन्होंने कहा- भाजपा अब भागपा हो गई है। अगर आप लोग पक्के गो-भक्त नहीं होते, तो इतनी रुकावट के बावजूद यहां आकर बैठे न होते। आप जितने भी लोग आए हैं, कार्यक्रम खत्म होने के बाद नाम नोट करके जाइएगा। क्योंकि, आप लोग इस कार्यक्रम के फाउंडर मेंबर होंगे। इसी बीच उनसे मिलने पहुंची एक महिला को पुलिस ने रोका, तो वह भड़क गई। उसने महिला पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की। शंकराचार्य ने दैनिक भास्कर से कहा- 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली है। इसमें कहा गया है कि किसी का नाम नहीं लेना है। इससे लोगों के मन में संदेह पैदा हो रहा है। आखिर किसका नाम पुलिस छिपाना चाहती है? उसने ऐसा क्या किया है? दरअसल, लखनऊ प्रशासन ने 26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति दी है। इसके मुताबिक, सभा में धर्म, जाति, समुदाय या भाषा के खिलाफ भड़काने वाली कोई बात नहीं होगी। शंकराचार्य ने 30 जनवरी को योगी सरकार को 40 दिन का अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने तब कहा था- गाय को राष्ट्रमाता घोषित करें, वरना आंदोलन करेंगे। शंकराचार्य ने 7 मार्च को वाराणसी से यात्रा शुरू की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में लखनऊ पहुंचे। वह आज रात लखनऊ में ही रुकेंगे। गुरुवार सुबह की फ्लाइट से अहमदाबाद रवाना होंगे। 4 तस्वीरें देखिए… शंकराचार्य के धर्मयुद्ध सभा से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

बारिश कम हुई, हवा में नमी नहीं, इस कारण तेजी से बढ़ रही गर्मी

बारिश कम हुई, हवा में नमी नहीं, इस कारण तेजी से बढ़ रही गर्मी

जिले में मानसून की बारिश कम हुई, साथ ही पहाड़ों पर बर्फबारी नहीं हुई, इस कारण मार्च के दूसरे सप्ताह में ही हवा गर्म लगने लगी है। तापमान सामान्य से 7 डिग्री ऊपर चला गया है। ऐसी स्थिति मार्च के तीसरे सप्ताह के बाद होती थी। औसत सामान्य तापमान 32 डिग्री है लेकिन 5 दिनों से यह सामान्य से अधिक है। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा है। इसी कारण सुबह 11 बजे से ही हवा गर्म लगने लगी है। दोपहर बाद लू जैसी स्थिति बनने लगी है। विशेषकर शहर के अंदर गर्म हवा के थपेड़े लगने लगे हैं। दिन के अधिकतम तापमान के साथ ही रात का तापमान सामान्य से ज्यादा है। मंगलवार को रात का तापमान 20.4 डिग्री दर्ज किया गया। यह सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा है। 1230 मिमी की जगह 996 मिमी हुई बारिश मौसम वैज्ञानिक विवेक छलोत्रे के मुताबिक तेज धूप व गर्मी के अलग-अलग कारण हैं। एक कारण औसत से कम बारिश होना भी है। जिले की औसत बारिश 1230 मिमी है। इस साल 996 मिमी ही बारिश हुई। इस कारण इस साल मार्च के दूसरे सप्ताह में ही हवा शुष्क हो गई है। पहाड़ों पर भी बर्फबारी नहीं हुई, इस कारण उत्तर से आने वाली हवा भी ठंडी नहीं है। भरपूर बर्फबारी होने पर गर्मी जल्दी नहीं आती, इस साल ऐसा नहीं हुआ है। साथ ही शहर व आसपास पत्थर व पहाड़ियां हैं। ये गर्म होने के बाद हवा भी गर्म हो जाती है। इस कारण दिन में हवा गर्म लग रही है। अपेक्षाकृत रात में स्थिति ठीक है लेकिन तापमान फिर भी सामान्य से अधिक है। अगले 4-5 दिन यही स्थिति रहेगी। इसके बाद बादल आ सकते हैं।

कजाकिस्तान में युवक को बंधक बनाया,VIDEO:करनाल से घूमने गया था, हाथ-पैर टेप से बांधे, पीठ पर ब्लेड मारकर ₹10 लाख वसूले

कजाकिस्तान में युवक को बंधक बनाया,VIDEO:करनाल से घूमने गया था, हाथ-पैर टेप से बांधे, पीठ पर ब्लेड मारकर ₹10 लाख वसूले

हरियाणा में करनाल के रहने वाले एक युवक को कजाकिस्तान के अल्माटी शहर में बंधक बना लिया गया। परिवार का आरोप है कि उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखकर जालंधर के एक एजेंट से संपर्क किया था। 22 लाख में बेटे को कनाडा भेजने की बात तय हुई थी। 28 फरवरी को उनका बेटा और एक अन्य युवक कनाडा के लिए रवाना हुए। आरोप है कि एजेंट कनाडा ले जाने के बजाए दोनों युवकों को कजाकिस्तान ले गए और वहां एक होटल में बंधक बना लिया। उन्होंने उनके हाथ और मुंह टेप से बांध दिए और मारपीट की। उन्होंने युवक की कमर पर ब्लेड से भी वार किए। मारपीट के वीडियो बनाकर 20 लाख रुपए की डिमांड की। परिवार ने डर से 10 लाख रुपए भी भेज दिए। घरौंडा थाना पुलिस ने युवक के पिता की शिकायत पर 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सिलसिलेवार जानिए, पुलिस को क्या शिकायत दी… इंस्टाग्राम पर एड देखा, 22 लाख में डील सदरपुर गांव के रहने वाले बलकार ने घरौंडा पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मेरा बेटा निखिल कनाडा घूमने के लिए जाना चाहता था। उसने इंस्टाग्राम पर विदेश भेजने का एक विज्ञापन देखा था। इस विज्ञापन में राय इमिग्रेशन, गांव मियानी, जालंधर का पता और मोबाइल नंबर दिए गए थे। उन्होंने इमिग्रेशन के नंबर पर संपर्क किया, जहां उनकी बात मनप्रीत नाम के व्यक्ति से हुई। बाद में मनप्रीत ने उन्हें जश्न नामक व्यक्ति से मिलवाया। जश्न ने निखिल को कनाडा भेजने के लिए 22 लाख रुपए में सौदा तय किया। 28 फरवरी को निखिल- हेमराज गए बलकार ने आगे बताया कि एजेंटों ने बेटे के सभी दस्तावेज ऑनलाइन मंगवा लिए। 28 फरवरी की रात करीब 8 बजे बेटे को दिल्ली हवाई अड्डे पर बुलाया गया और साथ में 500 डॉलर लाने को कहा। परिजनों ने 500 डॉलर निखिल को दे दिए और वह हवाई जहाज से विदेश रवाना हो गया। निखिल के साथ हेमराज नाम का एक और युवक भी गया था। बाद में पता चला कि एजेंटों ने निखिल की उड़ान मुंबई से कजाकिस्तान के लिए बुक करवाई थी। हाथ और मुंह टेप से बांधे, ब्लेड से काटा उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर सोनू नाम का व्यक्ति निखिल को लेने आया और कहा कि तीन घंटे के लिए होटल में रुकना होगा। इसके बाद निखिल और दूसरे युवक हेमराज को बंधक बना लिया। आरोपियों ने उसे ब्लेड से काटने, मुंह पर टेप लगाने और उल्टा लटकाकर मारपीट करने की बात कही। वीडियो भेजकर 20 लाख रुपए की मांग की। बेटे की जान बचाने के लिए कर्ज लेकर 10 लाख भेज दिए। इसके बावजूद निखिल को नहीं छोड़ा। पैसे लेने आए दो लोगों को पुलिस को सौंपा बलकार सिंह ने बताया कि 2 मार्च को चार लोग सदरपुर गांव में पैसे लेने पहुंचे थे। हमने उनमें से दो लोगों को पकड़ लिया और घरौंडा थाना पुलिस को सौंप दिया, जबकि दो आरोपी मौके से फरार हो गए। निखिल उनका इकलौता बेटा है और उसे कनाडा भेजने के लिए उन्होंने कर्ज लेकर पैसे जुटाए थे। अब फिरौती के रूप में भी 10 लाख रुपए कर्ज लेकर ही दिए गए हैं। विदेश भेजने वाले एजेंटों का इसमें हाथ है। 4 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज घरौंडा पुलिस ने बलकार की शिकायत पर 9 मार्च को मनप्रीत, जश्न, परमिंदर कौर और सोनू के खिलाफ मामला दर्ज किया। मामले की जांच सब इंस्पेक्टर उमेश को सौंपी गई है। कार्यकारी थाना प्रभारी राजकुमार ने बताया कि विदेश युवक के परिवार से सभी रिकॉर्ड क्लेक्ट किए जा रहे हैं। उसके आधार पर आगामी जांच शुरू कर दी गई है। युवक को सुरक्षित वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पंजाबी सिंगर जस्सी बोले- मैं कब्रों पर जाकर नहीं गाता:₹35 लाख का ऑफर ठुकराया; डेरे चिट्‌टे से भी खतरनाक, माइंडवॉश करते हैं

पंजाबी सिंगर जस्सी बोले- मैं कब्रों पर जाकर नहीं गाता:₹35 लाख का ऑफर ठुकराया; डेरे चिट्‌टे से भी खतरनाक, माइंडवॉश करते हैं

‘दिल ले गई कुड़ी गुजरात दी’ फेम पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी ने कहा कि वह कब्रों पर जाकर नहीं गाते, चाहे कोई उन्हें करोड़ों रुपए क्यों न दे। जस्सी यहीं नहीं रूके उन्होंने डेरों को चिट्‌टा, ड्रग बेचने से भी खतरनाक बता दिया। एक इंटरव्यू में जस्सी ने कहा कि डेरों को प्रमोट करना चिट्‌टा बेचने से भी खतरनाक है क्योंकि यहां लोगों का माइंडवॉश किया जाता है। जसबीर जस्सी ने कहा कि लुधियाना के एक बाबा ने उन्हें अपने डेरे में होने वाले मेले में गाने के लिए ऑफर किया और 32 से 35 लाख रुपए देने की बात की लेकिन उन्होंने साफ मना कर दिया। मेरे से पहले भी वहां पर कई सिंगर गा चुके थे और मेरे बाद भी कई सिंगरों ने गाया है। बाबा ने मेले के बाद फोन करके कहा कि तुम नहीं आए तो मैं तुमसे भी बेहतर सिंगर लेकर आया और वह गाकर चला गया। जस्सी ने कहा कि मेरा उसूल है कब्र वाली जगह पर नहीं गाता हूं। इसलिए बाबा को मना कर दिया। जस्सी का ये बयान सीधे तौर पर उन सिंगरों को चुभने वाला है, जो डेरों और मजारों पर हर साल लगने वाले मेलों में परफॉर्म करते हैं। पंजाबी सिंगर जस्सी की 5 अहम बातें… जसबीर जस्सी के करियर से जुड़े 3 बड़े विवाद… कीर्तन-धार्मिक मर्यादा को लेकर विवाद हुआ पंजाबी सिंगर जसबीर सिंह जस्सी ने हाल ही में एक धार्मिक कार्यक्रम में शबद कीर्तन गाया। जिसको लेकर कुछ सिख धार्मिक संस्थाओं ने आपत्ति दर्ज की और मामला श्री अकाल तख्त तक पहुंचा। श्री अकाल तख्त के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने यहां तक कहा कि कीर्तन करने के लिए गुरमत मर्यादा का पालन जरूरी है। जसबीर जस्सी ने तुरंत सफाई दी और कहा कि सिख धर्म व श्री गुरुग्रंथ साहिब में उनका अटूट विश्वास है। अगर उनकी बात से किसी को ठेस पहुंची हो तो वो माफी चाहते हैं। श्री अकाल तख्त के आदेशों का पूरा सम्मान करूंगा। उसके बाद मामला शांत हुआ। यो यो हनी सिंह की अमर्यादित भाषा पर उठाए थे सवाल हाल ही में दिल्ली में यो यो हनी सिंह ने एक लाइव परफॉर्मेंस के दौरान अश्लील टिप्पणी की थी। म्युजिक इंडस्ट्री में सबसे पहले जसबीर जस्सी ने सवाल उठाए थे और उनके माता पिता व बहन से अपील की थी कि इसे अभी रोक लो। इसको लेकर काफी विवाद रहा। पाकिस्तानी कलाकारों के समर्थन का विवाद जसबीर जस्सी ने दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदार जी-3 में पाकिस्तानी अभिनेत्री को कास्ट करने का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर पाकिस्तानी कलाकारों पर प्रतिबंध लगाना है तो फिर उनके गाने और कंटेंट भी पूरी तरह हटाए जाने चाहिए। इस बयान के बाद दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई और सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हुई।

भोपाल के 3 डॉक्टरों के खिलाफ जिला कोर्ट में परिवाद:लिंग जांच से जुड़े नियमों की अनदेखी, स्वास्थ्य विभाग पहुंचा कोर्ट; एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक भी शामिल

भोपाल के 3 डॉक्टरों के खिलाफ जिला कोर्ट में परिवाद:लिंग जांच से जुड़े नियमों की अनदेखी, स्वास्थ्य विभाग पहुंचा कोर्ट; एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक भी शामिल

भोपाल में गर्भ में बच्चे का लिंग पता लगाने पर रोक से जुड़े पीसीपीएनडीटी एक्ट के उल्लंघन के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) भोपाल और पीसीपीएनडीटी एक्ट के समुचित प्राधिकारी ने तीन डॉक्टरों और एक डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक के खिलाफ जिला एवं सत्र न्यायालय में परिवाद दायर किया है। आरोप है कि इन लोगों ने सोनोग्राफी से जुड़े जरूरी दस्तावेजों का सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं रखा और एक्ट के नियमों का पालन नहीं किया। जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद पहले संबंधित केंद्रों की मान्यता निरस्त की गई और मशीनें सील की गईं। अब मामले को अदालत में ले जाकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। कोर्ट के आदेश के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस चलेगा। पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत दायर परिवाद में एयरपोर्ट रोड गांधीनगर स्थित न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर के संचालक मोहम्मद दानिश अली और रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव को आरोपी बनाया है। इसके अलावा एक अन्य मामले में मार्वल अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल श्रीवास्तव और डॉ. कृति श्रीवास्तव को भी आरोपी बनाया है। इन सभी के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और पीसीपीएनडीटी एक्ट 1994 की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कराया है। हालांकि, कोर्ट ने तीनों चिकित्सकों एवं डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक को जमानत दे दी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा परिवाद में दिए गए विवरण एवं तथ्यों के आधार पर जांच जारी रहेगी। पहले ही रद्द की जा चुकी थी मान्यता स्वास्थ्य विभाग के अनुसार इन संस्थानों की गतिविधियां पहले से ही संदिग्ध पाई गई थीं। जांच में एक्ट के नियमों का उल्लंघन मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय ने संबंधित संस्थाओं की मान्यता पहले ही निरस्त कर दी थी। मंगलवार को सीएमएचओ भोपाल डॉ. मनीष शर्मा खुद जिला एवं सत्र न्यायालय में पहुंचे और आरोपियों के खिलाफ परिवाद पत्र प्रस्तुत किया। अदालत के आदेश के बाद अब सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। निरीक्षण में मिली थीं कई गड़बड़ियां इस साल 22 जनवरी को सीएमएचओ कार्यालय की निरीक्षण टीम ने मार्वल अस्पताल में संचालित सोनोग्राफी सेंटर की जांच की थी। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। सबसे बड़ी गड़बड़ी यह मिली कि यहां फॉर्म-एफ का सही तरीके से संधारण नहीं किया जा रहा था। इसके अलावा एएनसी रजिस्टर में भी प्रविष्टियां ठीक ढंग से दर्ज नहीं की गई थीं। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए टीम ने जरूरी दस्तावेज जब्त कर लिए और सोनोग्राफी मशीन को सील कर दिया था। न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर में भी नियमों की अनदेखी न्यू लाइफ डायग्नोस्टिक सेंटर की जांच में भी कई खामियां मिली थीं। यहां खाली एफ-फॉर्म पर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. ईशांत जाटव के सील और साइन पाए गए। इसके अलावा एएनसीफॉर्म और एफ-फॉर्म भी अधूरे भरे हुए मिले। यह स्थिति पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन मानी गई। इसके बाद सीएमएचओ ने डॉ. ईशांत जाटव को नोटिस जारी कर उनके द्वारा सोनोग्राफी करने पर रोक लगा दी थी। साथ ही सेंटर की पीसीपीएनडीटी मान्यता भी निरस्त कर दी गई थी। लिंग चयन पर रोक के लिए सख्त कानून स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पीसीपीएनडीटी एक्ट का उद्देश्य भ्रूण के लिंग की जांच और उसके आधार पर होने वाले भ्रूण हत्या जैसे अपराधों को रोकना है। इस कानून के तहत सोनोग्राफी से जुड़े हर परीक्षण का पूरा रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होता है। नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित डॉक्टर और संस्थान के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है।

कर्नाटक परिषद में भूमि विवाद: भाजपा ने कांग्रेस कार्यालयों के लिए ‘250 करोड़ रुपये देने’ का आरोप लगाया, मंत्री ने पलटवार किया | राजनीति समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 10, 2026, 23:49 IST कांग्रेस ने आरोप लगाया कि बीजेपी को भी पहले रियायती दरों पर जमीन मिली थी मंत्री बिरथी सुरेश ने कहा कि आवंटन कैबिनेट के फैसलों के जरिए किए गए और इसमें कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। फ़ाइल छवि/फेसबुक भाजपा एमएलसी डीएस अरुण द्वारा कर्नाटक सरकार पर राज्य भर में पार्टी कार्यालयों के निर्माण के लिए कांग्रेस को करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन कौड़ियों के भाव आवंटित करने का आरोप लगाने के बाद विधान परिषद में तीखी नोकझोंक हुई। हालांकि, शहरी विकास मंत्री बिरथी सुरेश ने आरोपों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया कि सभी आवंटन कैबिनेट द्वारा अनुमोदित किए गए थे और उचित प्रक्रिया का पालन किया गया था। प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए, अरुण ने बागलकोट, धारवाड़, देवनहल्ली और कोप्पल सहित कई जिलों में कांग्रेस भवनों के लिए दी गई जमीन पर सरकार से सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक उपयोगिता स्थलों को आधिकारिक मार्गदर्शन मूल्य से बहुत कम दरों पर सत्तारूढ़ दल को सौंपा जा रहा है। अरुण ने परिषद में कहा, “तुमकुरु में एक एकड़ के लिए मार्गदर्शन मूल्य लगभग 1.70 करोड़ रुपये है। लेकिन कांग्रेस ने एक एकड़ जमीन सिर्फ 8 लाख रुपये में ले ली है। यह अविश्वसनीय है कि इतनी कीमती जमीन इस दर पर दे दी गई है।” तुमकुरु आवंटन को केवल एक उदाहरण बताते हुए अरुण ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार राज्य भर में लगभग 100 स्थानों पर पार्टी भवन बनाने की योजना बना रही है। उन्होंने आरोप लगाया, “शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने कथित तौर पर पंचायत स्तर पर कुछ प्रस्तावों को खारिज कर दिया था। इसके बावजूद, कैबिनेट ने उन्हें मंजूरी दे दी। लगभग 250 करोड़ रुपये की जमीन सिर्फ 50 लाख रुपये में लूट ली गई है।” अरुण ने आगे मांग की कि आवंटन सख्ती से एसआर मूल्य या मार्गदर्शन मूल्य के आधार पर किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर जमीन आधिकारिक मार्गदर्शन मूल्य पर आवंटित की जाती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। सरकार को भाजपा कार्यालयों को पहले दी गई किसी भी जमीन की भी जांच करनी चाहिए। लेकिन हमने कभी भी एसआर मूल्य का सिर्फ पांच प्रतिशत भुगतान करके जमीन नहीं ली है।” उन्होंने कहा कि भाजपा इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई लड़ेगी। आरोपों का जवाब देते हुए मंत्री बिरथी सुरेश ने कहा कि आवंटन कैबिनेट के फैसलों के जरिए किए गए और इसमें कानून का कोई उल्लंघन नहीं हुआ। उन्होंने कहा, “केवल तुमकुरु में कांग्रेस कार्यालय को बाजार मूल्य से कम कीमत पर सीए साइट आवंटित की गई है। संगठनों और यहां तक ​​कि राजनीतिक दलों को सीए साइटों का आवंटन वर्षों से होता आ रहा है।” सुरेश ने भी भाजपा पर जवाबी हमला करते हुए दावा किया कि पार्टी को भी अतीत में रियायती दरों पर जमीन मिली थी। उन्होंने कहा, “अरुण ने खुद कम कीमत पर दो साइटें ली हैं। यहां तक ​​कि बीजेपी कार्यालयों को भी समान दरों पर जमीन मिली है। एक मामले में, बीजेपी भवन बनाने के लिए 10,000 वर्ग फुट जमीन सिर्फ 500 रुपये में दी गई थी।” इस बीच, परिषद में विपक्ष के नेता चलवाडी नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार सार्वजनिक पारदर्शिता के बिना राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटित करके “घोर उल्लंघन” कर रही है। नारायणस्वामी ने कहा, “सरकार की योजना राज्य भर में लगभग 100 कांग्रेस कार्यालय बनाने की है। इसकी सार्वजनिक घोषणा की जानी चाहिए थी ताकि आपत्तियां दर्ज की जा सकें। यह दिनदहाड़े लूट के अलावा कुछ नहीं है।” उन्होंने आगे सवाल किया कि क्या कैबिनेट का निर्णय स्वचालित रूप से एक अवैध कार्य को वैध बना देता है। उन्होंने आरोप लगाया, “सिर्फ इसलिए कि कैबिनेट ने इसे मंजूरी दे दी, क्या यह कानूनी हो गया? सरकार अन्याय कर रही है और सार्वजनिक भूमि लूट रही है।” तीखी बहस के दौरान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरत्ती ने हस्तक्षेप किया और सुझाव दिया कि यदि सदस्य विस्तृत चर्चा चाहते हैं, तो इस मुद्दे को सदन में आधे घंटे की बहस के लिए अलग से लाया जा सकता है। पहले प्रकाशित: मार्च 10, 2026, 23:49 IST समाचार राजनीति कर्नाटक परिषद में भूमि विवाद: भाजपा ने कांग्रेस कार्यालयों के लिए ‘250 करोड़ रुपये देने’ का आरोप लगाया, मंत्री ने पलटवार किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)भूमि

ग्रीष्मकालीन रायता रेसिपी: गर्मियों में शरीर को ठंडा और फिट कैसे रखें? खाने के साथ बनाएं ये 5 टेस्टी और मिसाइल रायता

ग्रीष्मकालीन रायता रेसिपी: गर्मियों में शरीर को ठंडा और फिट कैसे रखें? खाने के साथ बनाएं ये 5 टेस्टी और मिसाइल रायता

ग्रीष्मकालीन रायता रेसिपी: गर्मी के मौसम में खाने के साथ अगर पसंदीदा और आलीशान चीज मिल जाए तो पूरा खाना और भी ताज़ा हो जाता है। इसलिए खाने की मीलों के साथ रायता एक ऐसी ही रैंकिंग होती है, जो स्वाद के साथ मिलती है, वह भी कायम है। दही से बनने वाला रायता न केवल गर्मी से राहत देता है बल्कि स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भी मदद करता है। आमतौर पर लोग ड्रमी का रायता पसंद करते हैं, लेकिन गर्मियों में कई ऐसी चीजें भी बनाई जाती हैं, जिनका टेस्टी और ड्रमी रायता तैयार किया जा सकता है। आइए जानते हैं गर्मियों में शरीर को बनाए रखने वाले कपड़ों और कूल्ड स्टोर वाले 5 तरह के रयटो के बारे में… गर्मी के मौसम में खेडा को सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला खाना माना जाता है क्योंकि इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है। यही कारण है कि खेडा का रायता शरीर को ठंडक देने में मदद करता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले प्लास्टिक के बीज वाले हिस्सों को घटिया कद्दू कर लें। इसके बाद एक बाउल में दही को अच्छी तरह फेंट लें और इसमें कद्दूकस किया हुआ खेडा मिला। स्वाद के लिए काला नमक और काली मिर्च दाल रेसिपी। ऐसा ही कुछ मिनटों में ठंडा और ताज़ा खेड़े का रायता तैयार हो जाता है. ककड़ी की तरह की ककड़ी भी गर्मियों के लिए बेहद जादुई होती है। इसमें मौजूद पानी शरीर को प्रयोगशाला में रखने में मदद मिलती है और कई आवश्यक पोषक तत्व भी मिलते हैं। ये रायता बनाने के लिए सबसे पहले इसे अच्छे तरीके से ढोकर कद्दूकस कर लें। फिर दही को फेंटकर में शामिल है काकड़ी स्टॉक। इसके बाद काला नमक, इसके अलावा जीरा या रेडीमेड रायता मसाला स्टाक स्केल भी उपलब्ध है। अगर आप खाने के साथ कुछ ज्यादा रिफ्रेशिंग टिकट बनाना चाहते हैं तो पुदीना का रायता भी महान होता है। इसे बनाने के लिए पुदीना की पत्तियां, हल्की धनिया पत्ती और हरी मिर्च का पेस्ट तैयार कर लें. इस पेस्ट को फेंटे हुए दही में मिला दिया। ऊपर से जीरा पाउडर, काला नमक और स्वाद के अनुसार हल्की लाल मिर्च दाल भी दी जा सकती है। ड्रम तो ड्रमी में भी मिलाया जा सकता है जिससे इसका स्वाद और बढ़ जाता है। लौकी को गर्मियों के लिए लकड़ी और प्लांट की सब्जी माना जाता है। यह डॉक्स को बेहतर तरीके से रखने में मदद करता है और शरीर को ठंडा भी करता है। लौकी का रायता बनाने के लिए पहले लोकी को कद्दूकस करके प्रभाव स्टीम या स्टिम लें। इसके बाद फैंटे हुए दही में लौकी मिला लें और काला नमक और इसके विपरीत जीरा डाल दें। नारियल तो औषधीय तेल में जीरा का तड़का लगाकर भी इसे और स्वादिष्ट बनाया जा सकता है। गर्मियों में कुछ मीठे और ठंडे खाने का मन हो तो मिक्स लाइक का रायता भी अच्छा होता है। इसे बस्तर के खास तौर पर भी खाया जा सकता है। इसे बनाने के लिए दही में थोड़ी सी चीनी अच्छी तरह से फेंट लें। इसके बाद सेब, अंगूर और अनार के दाने जैसे कि जैतून का फल दल। स्वाद के लिए काला नमक और इसके अलावा जीरा पाउडर भी। ऊपर से पुदीना की सजावट करके इसे ठंडा-ठंडा परोसा जा सकता है। (टैग्सटूट्रांसलेट) ग्रीष्मकालीन रायता रेसिपी (टी) स्वस्थ रायता रेसिपी (टी) गर्मियों के लिए ठंडे खाद्य पदार्थ (टी) ककड़ी रायता रेसिपी (टी) पुदीना रायता रेसिपी (टी) लौकी रायता (टी) फल रायता रेसिपी (टी) भारतीय ग्रीष्मकालीन खाद्य पदार्थ (टी) स्वस्थ दही रेसिपी (टी) गर्मियों के लिए हाइड्रेशन फूड

ट्रॉली किराए के विवाद में गर्भवती महिला से मारपीट:मुरैना ASP के निर्देश, फिर भी FIR के लिए थाने में घंटों बैठाया

ट्रॉली किराए के विवाद में गर्भवती महिला से मारपीट:मुरैना ASP के निर्देश, फिर भी FIR के लिए थाने में घंटों बैठाया

मुरैना जिले के रामपुरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम जरौली में ट्रैक्टर ट्रॉली के किराए के विवाद को लेकर एक युवक और उसकी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंगलवार को शिकायत के बावजूद थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे, जहां एडिशनल एसपी के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित सोनू कुशवाह, निवासी ग्राम जरौली ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसने गांव के ही राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह को ट्रैक्टर की ट्रॉली किराए पर दी थी। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद जब उसने ट्रॉली और किराया वापस मांगा तो आरोपी ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 8 मार्च की शाम करीब 7 बजे राघवेंद्र कुशवाह अपने साथियों भूपेंद्र कुशवाह, संदीप कुशवाह, रघुराज कुशवाह और आकाश कुशवाह के साथ सोनू के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। इस दौरान सोनू की गर्भवती पत्नी आरती कुशवाह बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोप है कि भूपेंद्र कुशवाह ने उसके पेट में लात मार दी, जिससे उसे दर्द होने लगा। 112 पर कॉल के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस पीड़ित सोनू का कहना है कि घटना के दौरान उसने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ रामपुरकलां थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी जनसुनवाई में पहुंचा पीड़ित परिवार मुख्य आरोपी राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह का नाम पुलिस की गुंडा सूची में भी शामिल बताया जा रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे और एडिशनल एसपी से शिकायत की। एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने रामपुरकलां थाना प्रभारी एएसआई ए.के. वर्मा को फोन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी दंपती को थाने में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान गर्भवती महिला को पेट में दर्द होने लगा और वह थाने में ही लेट गई। करीब तीन घंटे से अधिक इंतजार के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी को किया राउंडअप सबलगढ़ एसडीओपी और प्रशिक्षु आईपीएस राजकृष्ण ने बताया कि गर्भवती महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को राउंडअप कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश में कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कार्रवाई में देरी होने से इनकार कर दिया।

सुबह से शाम तक सुस्ती रहती है? खानपान में जोड़ लें ये चीजें, थकान हो जाएगी गायब

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Last Updated:March 10, 2026, 22:43 IST अगर आपको भी बिना ज्यादा काम किए पूरे दिन थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होती है, तो इसे हल्के में लेना ठीक नहीं है. कई बार यह शरीर में आयरन की कमी का संकेत हो सकता है, जिससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिल पाती. अच्छी बात यह है कि सही खानपान अपनाकर और डाइट में कुछ आयरन से भरपूर चीजें शामिल करके इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है. आइए जानते हैं कैसे… आजकल कई लोग दिनभर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस होने की शिकायत करते हैं. कई बार पर्याप्त नींद लेने के बाद भी शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होती है और काम करने का मन नहीं करता. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इसका एक बड़ा कारण शरीर में आयरन की कमी यानी एनीमिया हो सकता है. जब शरीर में आयरन की मात्रा कम हो जाती है तो खून में हीमोग्लोबिन घटने लगता है, जिससे शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती. यही वजह है कि व्यक्ति को बार-बार थकान, चक्कर आना, कमजोरी और सुस्ती जैसी समस्याएं महसूस होने लगती हैं. खासकर महिलाएं, बच्चे और युवा इस समस्या से ज्यादा प्रभावित होते हैं. नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, सही आहार से आयरन की पूर्ति करके इस समस्या से आसानी से निजात पाया जा सकता है और दिनभर तरोताजा महसूस किया जा सकता है. स्वस्थ जीवन की शुरुआत सही पोषण से होती है. आयरन शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाता है. जब आयरन कम होता है तो खून में हीमोग्लोबिन की मात्रा घट जाती है, जिससे थकान, सुस्ती, चक्कर आना और कमजोरी जैसी शिकायतें बढ़ जाती हैं. अच्छी बात यह है कि रोजमर्रा के आहार में कुछ साधारण चीजें शामिल करके आप आयरन की कमी को पूरा कर सकते हैं. इसके लिए आहार में गुड़, तिल, हरी पत्तेदार सब्जियां, चना, काली दाल, मूंगफली आदि को शामिल करें. इन खाद्य पदार्थों को रोजाना आहार में शामिल करने से शरीर में आयरन का स्तर सुधरता है, खून साफ होता है और ऊर्जा बनी रहती है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि विटामिन सी युक्त फल जैसे नींबू, संतरा, आंवला के साथ आयरन वाले भोजन लें, क्योंकि विटामिन-सी आयरन के अवशोषण में मदद करता है. सही खान-पान से आप दिनभर फुर्तीले और स्वस्थ रह सकते हैं. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 10, 2026, 22:43 IST

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांगों को लेकर आंदोलन तय:डेढ़ लाख वकील भोपाल में करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की मांगों को लेकर आंदोलन तय:डेढ़ लाख वकील भोपाल में करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन

राज्य में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने, अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मुद्दों के समाधान की मांग को लेकर प्रदेशभर के अधिवक्ता आंदोलन की तैयारी में हैं। मप्र राज्य बार कौंसिल ने भोपाल में आंदोलन की रूपरेखा तय करते हुए सरकार से जल्द निर्णय लेने की चेतावनी दी है। भोपाल में स्टेट बार कौंसिल के चेयरमैन राधेलाल गुप्ता की अध्यक्षता में आंदोलन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिवक्ताओं की लंबित मांगों पर चर्चा करते हुए तय किया गया कि पहले चरण में प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के विधायकों, सांसदों, मंत्रियों और मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर समस्याओं के निराकरण की मांग करेगा। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि राज्य सरकार द्वारा अधिवक्ताओं की न्यायोचित मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो मध्यप्रदेश के करीब डेढ़ लाख अधिवक्ता स्टेट बार कौंसिल की आंदोलन समिति के बैनर तले भोपाल में अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे। आंदोलन के लिए सात सदस्यीय समिति गठित आंदोलन के संचालन के लिए भोपाल के अधिवक्ता प्रियनाथ पाठक की अध्यक्षता में सात सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। समिति आंदोलन की रणनीति तैयार कर सरकार से संवाद करेगी। बैठक में समिति के सदस्य एवं मीडिया प्रभारी खालिद हफीज, भोपाल जिला अभिभाषक संघ की सहसचिव सोनल नायक, होशंगाबाद जिला अभिभाषक संघ के सचिव मनोज जराठे, सहसचिव सुरेंद्र सिंह राजपूत, छतरपुर जिला अभिभाषक संघ के सचिव अनिल द्विवेदी और जबलपुर के प्रशांत दुबे सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। इसके अलावा भोपाल जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष दीपक खरे, सचिव मनोज श्रीवास्तव, कोषाध्यक्ष बृजबिहारी रघुवंशी, पुस्तकालय अध्यक्ष सुधीर दुबे, जयदीप सक्सेना, मप्र मंत्रालय बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय गुप्ता सहित कई अधिवक्ताओं ने बैठक में भाग लिया।