Sunday, 18 Oct 2026 | 02:02 AM

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झाबुआ में तीन माह से स्ट्रीट लाइट बंद:सीएमओ का पद रिक्त होने से अटकीं वित्तीय स्वीकृतियां; अंधेरे में डूबा बाजार

झाबुआ में तीन माह से स्ट्रीट लाइट बंद:सीएमओ का पद रिक्त होने से अटकीं वित्तीय स्वीकृतियां; अंधेरे में डूबा बाजार

झाबुआ नगर के मुख्य मार्ग पर पिछले तीन महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। मार्ग के पांच प्रमुख खंभों की लाइटें बंद होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि त्योहारों के समय भी पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। जनप्रतिनिधियों से गुहार बेअसर, रहवासियों में आक्रोश स्थानीय निवासी एलसी काग और दुकानदार ऋतिक राठौड़ ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए पार्षद से लेकर अध्यक्ष प्रतिनिधि तक को कई बार अवगत कराया गया है। निवासियों का आरोप है कि परिषद के जिम्मेदार अधिकारी फंड और सामग्री की कमी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। अंधेरे के कारण क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी भय व्याप्त है। पूर्णकालिक सीएमओ न होने से बिगड़े हालात परिषद की इस लाचारी का मुख्य कारण तत्कालीन सीएमओ आशा भंडारी के स्थानांतरण के बाद पद का रिक्त होना है। वर्तमान में अपर कलेक्टर आशीष सिंह के पास इसका प्रभार है, लेकिन पूर्णकालिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण तकनीकी और वित्तीय स्वीकृतियां अटकी हुई हैं। इसके चलते नई सामग्री की खरीदी और मरम्मत कार्य ठप पड़े हैं। स्टॉक खत्म, नई खरीदी के नहीं मिल रहे ऑर्डर नगर परिषद के बिजली प्रभारी राजू चंदेल ने बताया कि कार्यालय में खराब लैंपों का ढेर लगा है, लेकिन नई सामग्री की कमी के कारण सुधार कार्य संभव नहीं है। बिना रिपेयरिंग किट और नए सामान के तकनीकी अमला लाचार है। परिषद में सामग्री की भारी कमी बनी हुई है। जल्द सुधार का आश्वासन दिया अध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश गामड़ ने स्वीकार किया कि सीएमओ के तबादले के बाद तकनीकी अड़चनें आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर मुख्य मार्ग की लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।

रॉकस्टार में हीर की मौत पहले तय नहीं थी:इम्तियाज अली बोले- पहली स्क्रिप्ट खो गई, दोबारा हीर रांझा से प्रेरित होकर बदला फिल्म का अंत

रॉकस्टार में हीर की मौत पहले तय नहीं थी:इम्तियाज अली बोले- पहली स्क्रिप्ट खो गई, दोबारा हीर रांझा से प्रेरित होकर बदला फिल्म का अंत

फिल्म ‘रॉकस्टार’ में रणबीर कपूर और नरगिस फाखरी की लव स्टोरी का दुखद अंत दर्शकों को आज भी याद है। लेकिन फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली ने हाल ही में खुलासा किया है कि फिल्म की शुरुआती स्क्रिप्ट में हीर के मरने का सीन था ही नहीं। मूल स्क्रिप्ट में नहीं थी हीर की मौत हिंदुस्तान टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक इम्तियाज अली ने एक फैन मीट के दौरान बताया कि जब उन्होंने पहली बार फिल्म की कहानी लिखी थी, तब उन्होंने हीर के किरदार को जिंदा रखा था। उनके मुताबिक, उन्होंने “रॉकस्टार” की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली थी, लेकिन वह ड्राफ्ट कहीं खो गया। बाद में जब फिल्म बनाने का मौका मिला तो उन्हें स्क्रिप्ट दोबारा लिखनी पड़ी। दोबारा लिखी कहानी में बदल गया अंत इम्तियाज अली ने बताया कि दूसरी बार स्क्रिप्ट लिखते समय कहानी का टोन बदल गया। उन्होंने प्रसिद्ध प्रेम कहानी ‘हीर-रांझा’ से प्रेरणा ली, जिसमें हीर की मौत पहले हो जाती है। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने फिल्म में भी हीर का अंत दुखद रखा। फिल्म में नरगिस फाखरी का किरदार हीर कौल अंत में बीमारी के कारण मर जाता है। उसके बाद रणबीर कपूर का किरदार जॉर्डन एक टूटे हुए कलाकार के रूप में दिखता है, जिसकी पीड़ा उसके संगीत में झलकती है। रणबीर कपूर के करियर की अहम फिल्म 2011 में रिलीज हुई “रॉकस्टार” में रणबीर कपूर ने जॉर्डन नाम के संघर्षरत गायक की भूमिका निभाई थी। फिल्म का संगीत ए.आर. रहमान ने तैयार किया था और इसके गाने आज भी लोकप्रिय हैं। भले ही रिलीज के समय फिल्म को मिश्रित प्रतिक्रिया मिली थी, लेकिन समय के साथ यह एक कल्ट फिल्म बन गई। रणबीर कपूर के अभिनय और फिल्म की भावनात्मक कहानी को दर्शकों और समीक्षकों ने खूब सराहा। इम्तियाज अली के इस खुलासे के बाद फैंस के बीच यह चर्चा फिर से शुरू हो गई है कि अगर मूल स्क्रिप्ट बरकरार रहती, तो शायद “रॉकस्टार” का अंत बिल्कुल अलग होता।

एप्पल चिप्स: वेट लॉस में कितना मीठा मीठा? अब केवल 2 नए से आसानी से निश्चित करें कुरकुरे दोस्त, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

एप्पल चिप्स: वेट लॉस में कितना मीठा मीठा? अब केवल 2 नए से आसानी से निश्चित करें कुरकुरे दोस्त, मेहमान भी पूछेंगे रेसिपी

9 मार्च 2026 को 19:30 IST पर अपडेट किया गया एप्पल चिप्स: अगर आपका भी कुछ चटपटा और कुरकुरे खाने का मन है तो आप आराम से घर बैठे ही होममेड चिप्स का अचार बना सकते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)एप्पल चिप्स(टी)एप्पल चिप्स रेसिपी(टी)एप्पल चिप्स कैसे बनाएं(टी)घर पर एप्पल चिप्स कैसे बनाएं(टी)घर पर बने एप्पल चिप्स(टी)स्वास्थ्य समाचार(टी)वजन घटाने वाले एप्पल चिप्स(टी)लाइफस्टाइल समाचार हिंदी में(टी)एप्पल चिप्स(टी)घर में आख़री बातें

निवाड़ी में प्रजापति समाज का होली मिलन समारोह:सेंगुवा में बुंदेली गीतों पर झूमे लोग; नए पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

निवाड़ी में प्रजापति समाज का होली मिलन समारोह:सेंगुवा में बुंदेली गीतों पर झूमे लोग; नए पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

निवाड़ी जिले के ग्राम सेंगुवा में सोमवार को राष्ट्रीय प्रजापति महासंघ के तत्वावधान में होली मिलन समारोह आयोजित किया गया। महाराजा दक्ष प्रजापति के चित्र पर दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गांवों से आए सामाजिक बंधुओं ने सहभागिता की। अबीर-गुलाल और बुंदेली संस्कृति का संगम समारोह के दौरान समाज के लोगों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर पर्व की बधाई दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बुंदेली कलाकारों द्वारा दी गई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां रहीं। पारंपरिक होली गीतों और भक्ति भजनों की धुनों पर समाज के लोग झूम उठे, जिससे पूरा वातावरण उल्लास से भर गया। सामाजिक एकजुटता पर दिया जोर मंच से संबोधित करते हुए वक्ताओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करने और शिक्षा व आर्थिक विकास के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि होली मिलन जैसे आयोजन आपसी दूरियां मिटाकर भाईचारे को प्रगाढ़ करने का सशक्त माध्यम हैं। नई कार्यकारिणी का गठन संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से इस अवसर पर प्रजापति समाज की नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। नवनियुक्त पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र भेंट कर उन्हें सामाजिक उत्तरदायित्व सौंपे गए। यह रहे उपस्थित आयोजन में समाजसेवी बृजकिशोर वर्मा (पृथ्वीपुर), दुर्गा प्रसाद प्रजापति, जिला अध्यक्ष नेपाल प्रजापति, मुख्य आयोजक रामकुमार प्रजापति, भानु प्रताप, राजेश, ब्रगभान और कपूरचंद सहित समाज के प्रबुद्ध जन और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का मैटरनिटी फोटोशूट:बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखीं लिन, तस्वीरों में दिखा कपल का रोमांटिक अंदाज, फैंस दे रहे बधाइयां

रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का मैटरनिटी फोटोशूट:बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखीं लिन, तस्वीरों में दिखा कपल का रोमांटिक अंदाज, फैंस दे रहे बधाइयां

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी व अभिनेत्री लिन लैशराम जल्द ही अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। इस खास दौर को यादगार बनाने के लिए कपल ने हाल ही में एक खूबसूरत मैटरनिटी फोटोशूट कराया, जिसकी झलक उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की है। तस्वीरें सामने आते ही फैंस उन्हें खूब पसंद कर रहे हैं और लगातार बधाइयां दे रहे हैं। फोटोशूट की तस्वीरों में दोनों के बीच गहरा प्यार और उत्साह साफ नजर आता है। एक तस्वीर में रणदीप हुड्डा, लिन लैशराम के बेबी बंप पर हाथ रखते हुए मुस्कुराते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीरों में कपल बेहद सहज और रोमांटिक अंदाज में पोज देता दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों में दोनों के चेहरे पर आने वाले नए जीवन को लेकर खुशी साफ झलक रही है। लिन लैशराम ने भी इस फोटोशूट से जुड़ा एक भावुक नोट लिखा है। उन्होंने बताया कि कैमरे के सामने काम करते हुए सालों तक उन्हें अपने शरीर को लेकर कई तरह की असुरक्षाएं महसूस होती थीं। कभी बहुत पतली, कभी बहुत मोटी या कभी किसी और वजह से। लेकिन अब प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें अपने शरीर का यह बदलाव सबसे खूबसूरत लग रहा है। उन्होंने लिखा कि आज वह अपने शरीर की आलोचना नहीं करतीं, बल्कि इस बदलाव के लिए आभारी हैं। रणदीप और लिन ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। उस समय उनकी शादी की दूसरी सालगिरह भी थी। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि दो साल के प्यार और रोमांच के बाद अब उनकी जिंदगी में एक नन्हा मेहमान आने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कपल इसी महीने अपने पहले बच्चे का स्वागत कर सकता है। ऐसे में यह मैटरनिटी फोटोशूट उनके जीवन के इस खास पड़ाव की याद बन गया है। तस्वीरों में दोनों की सादगी और आपसी केमिस्ट्री ने फैंस का दिल जीत लिया है। गौरतलब है कि रणदीप हूडा और लिन लैशराम ने 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इंफाल में पारंपरिक मैतेई रीति-रिवाज से शादी की थी। यह शादी अपनी सादगी और सांस्कृतिक अंदाज के कारण काफी चर्चा में रही थी। अब शादी के करीब दो साल बाद यह कपल पैरेंटहुड की नई यात्रा शुरू करने जा रहा है।

रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का मैटरनिटी फोटोशूट:बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखीं लिन, तस्वीरों में दिखा कपल का रोमांटिक अंदाज, फैंस दे रहे बधाइयां

रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम का मैटरनिटी फोटोशूट:बेबी बंप फ्लॉन्ट करती दिखीं लिन, तस्वीरों में दिखा कपल का रोमांटिक अंदाज, फैंस दे रहे बधाइयां

बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी व अभिनेत्री लिन लैशराम जल्द ही अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाले हैं। इस खास दौर को यादगार बनाने के लिए कपल ने हाल ही में एक खूबसूरत मैटरनिटी फोटोशूट कराया, जिसकी झलक उन्होंने सोशल मीडिया पर शेयर की है। तस्वीरें सामने आते ही फैंस उन्हें खूब पसंद कर रहे हैं और लगातार बधाइयां दे रहे हैं। फोटोशूट की तस्वीरों में दोनों के बीच गहरा प्यार और उत्साह साफ नजर आता है। एक तस्वीर में रणदीप हुड्डा, लिन लैशराम के बेबी बंप पर हाथ रखते हुए मुस्कुराते दिख रहे हैं। वहीं दूसरी तस्वीरों में कपल बेहद सहज और रोमांटिक अंदाज में पोज देता दिखाई दे रहा है। इन तस्वीरों में दोनों के चेहरे पर आने वाले नए जीवन को लेकर खुशी साफ झलक रही है। लिन लैशराम ने भी इस फोटोशूट से जुड़ा एक भावुक नोट लिखा है। उन्होंने बताया कि कैमरे के सामने काम करते हुए सालों तक उन्हें अपने शरीर को लेकर कई तरह की असुरक्षाएं महसूस होती थीं। कभी बहुत पतली, कभी बहुत मोटी या कभी किसी और वजह से। लेकिन अब प्रेग्नेंसी के दौरान उन्हें अपने शरीर का यह बदलाव सबसे खूबसूरत लग रहा है। उन्होंने लिखा कि आज वह अपने शरीर की आलोचना नहीं करतीं, बल्कि इस बदलाव के लिए आभारी हैं। रणदीप और लिन ने नवंबर 2025 में सोशल मीडिया के जरिए अपनी प्रेग्नेंसी की घोषणा की थी। उस समय उनकी शादी की दूसरी सालगिरह भी थी। पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि दो साल के प्यार और रोमांच के बाद अब उनकी जिंदगी में एक नन्हा मेहमान आने वाला है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कपल इसी महीने अपने पहले बच्चे का स्वागत कर सकता है। ऐसे में यह मैटरनिटी फोटोशूट उनके जीवन के इस खास पड़ाव की याद बन गया है। तस्वीरों में दोनों की सादगी और आपसी केमिस्ट्री ने फैंस का दिल जीत लिया है। गौरतलब है कि रणदीप हूडा और लिन लैशराम ने 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इंफाल में पारंपरिक मैतेई रीति-रिवाज से शादी की थी। यह शादी अपनी सादगी और सांस्कृतिक अंदाज के कारण काफी चर्चा में रही थी। अब शादी के करीब दो साल बाद यह कपल पैरेंटहुड की नई यात्रा शुरू करने जा रहा है।

चुनाव समीक्षा बैठक में टीएमसी नेताओं और चुनाव आयोग के बीच विवाद से तनाव बढ़ गया | चुनाव समाचार

A black plume of smoke rises from a warehouse in the industrial area of Sharjah City following reports of Iranian strikes in Dubai. (Photo: AP/File)

आखरी अपडेट:मार्च 09, 2026, 16:14 IST यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब टीएमसी सरकार और चुनाव आयोग के बीच संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर हैं राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य (सबसे दाएं) ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान सीईसी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। (न्यूज़18) सोमवार को कोलकाता में 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के दौरान अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) आमने-सामने थे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के नेतृत्व में आयोग की पूर्ण पीठ ने चुनाव तैयारियों की समीक्षा करने और उनकी चिंताओं को सुनने के लिए राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कीं। हालांकि, टीएमसी नेताओं के साथ बातचीत के दौरान तनाव सामने आया. राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि बैठक के दौरान सीईसी ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया. भट्टाचार्य के अनुसार, सीईसी ने उनसे चिंता जताने पर चिल्लाने से मना किया। भट्टाचार्य ने कहा, “उन्होंने मुझसे चिल्लाने से मना किया। वह एक महिला से ऐसा कैसे कह सकते हैं? हम विश्वास करना चाहते हैं कि चुनाव आयोग तटस्थ है, लेकिन जिस तरह से वे व्यवहार कर रहे हैं, उससे हमारे लिए उस तटस्थता पर विश्वास करना मुश्किल हो जाता है।” उन्होंने कहा कि जब निर्णय का मुद्दा उठाया गया, तो आयोग ने यह कहकर जवाब दिया कि मामला पहले ही सुप्रीम कोर्ट में ले जाया जा चुका है। हालाँकि, चुनाव आयोग के सूत्रों ने बातचीत का एक अलग संस्करण दिया। ईसी सूत्रों के मुताबिक, भट्टाचार्य ने बैठक के दौरान अपनी आवाज ऊंची की थी, जिसके बाद सीईसी ज्ञानेश कुमार ने उन्हें शांत होने के लिए कहा और कहा, “मैडम, कृपया शांत हो जाएं और अपने सुझाव दें।” जब न्यायनिर्णयन का उल्लेख किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि मामला वर्तमान में विचाराधीन है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब टीएमसी सरकार और चुनाव आयोग के बीच संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर हैं। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी इस समय कोलकाता की सड़कों पर धरना दे रही हैं, जबकि आयोग की पूर्ण पीठ चुनाव तैयारियों की समीक्षा के लिए शहर में है। आयोग के सदस्य रविवार रात कोलकाता पहुंचे। एयरपोर्ट से होटल जाते वक्त उन्हें लेफ्ट कार्यकर्ताओं और टीएमसी समर्थकों ने दो बार काले झंडे दिखाए। सोमवार की सुबह, जब सीईसी ज्ञानेश कुमार पूजा करने के लिए कालीघाट काली मंदिर गए, तो प्रदर्शनकारियों ने फिर से काले झंडे दिखाए, दावा किया कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है। टकराव के बावजूद, राजनीतिक दलों के साथ बैठक अन्यथा सुचारू रूप से आगे बढ़ी, विभिन्न दलों ने आयोग के समक्ष अपनी चिंताओं को रखा। टीएमसी द्वारा उठाए गए मुद्दे टीएमसी नेताओं ने चुनावी प्रक्रिया में कई कथित अनियमितताओं को उजागर किया: कथित तौर पर चुनाव संबंधी प्रक्रियाओं के संबंध में व्हाट्सएप निर्देश प्रसारित किए जा रहे हैं। चुनावी आंकड़ों में तार्किक विसंगतियाँ। फॉर्म 6 और फॉर्म 7 डेटा में विसंगतियाँ। सिस्टम में अधिकारियों द्वारा अनधिकृत लॉगिन। निर्णय में शशि पांजा और गोलाम रब्बानी जैसे निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं। वास्तविक मतदाताओं को मतदाता सूची से हटाने का आरोप लगाया। आयोग के सामने बीजेपी की मांगें भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव आयोग के समक्ष कई मांगें भी रखीं: 2026 का चुनाव हिंसा मुक्त और बिना किसी डर के होना चाहिए, और पार्टी ने 16 मांगें प्रस्तुत कीं। केंद्रीय बलों की उचित तैनाती और सभी दलों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना। विवादित टिप्पणी पर कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई. आरोप है कि पुलिस कल्याण संगठन टीएमसी की अग्रणी संस्था के रूप में कार्य करता है। मतदान एक चरण या अधिकतम दो चरणों में कराया जाना चाहिए। चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया चुनाव आयोग के सूत्रों ने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने राज्य में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास की सराहना की और आयोग पर भरोसा जताया। पार्टियों ने आयोग से असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने, मतदाताओं को डराने-धमकाने से रोकने और चुनावी हिंसा को रोकने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को तैनात करने का भी आग्रह किया। चुनावों के दौरान कच्चे बमों, अवैध आग्नेयास्त्रों और धन बल के संभावित उपयोग के बारे में भी चिंताएँ व्यक्त की गईं। सीईसी ज्ञानेश कुमार ने राजनीतिक दलों को आश्वासन दिया कि भारत में चुनाव सख्ती से कानून के अनुसार आयोजित किए जाते हैं और आयोग पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष, पारदर्शी और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि आयोग हिंसा के प्रति शून्य-सहिष्णुता की नीति अपनाता है और कहा कि राजनीतिक दलों ने चुनाव के दौरान शांति बनाए रखने के लिए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से की गई है, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में शामिल करने, हटाने या सुधार के लिए फॉर्म 6, 7 और 8 अभी भी दाखिल किए जा सकते हैं। ज्ञानेश कुमार ने जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और प्रवर्तन एजेंसियों के साथ बैठक से पहले अपनी प्रारंभिक टिप्पणी के दौरान अधिकारियों को तीखी फटकार भी लगाई. “किसी अन्य राज्य में इस स्तर की हिंसा नहीं देखी जाती है। चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं केवल पश्चिम बंगाल में ही क्यों होती हैं? सभी राजनीतिक दलों ने हमसे शिकायत की है। इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चाहे आप जिला मजिस्ट्रेट हों या पुलिस आयुक्त, कोई लापरवाही पाए जाने पर कोई नरमी नहीं बरती जाएगी। चुनाव के बाद अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो आयोग कार्रवाई करेगा।” पहले प्रकाशित: मार्च 09, 2026, 16:10 IST समाचार चुनाव चुनाव समीक्षा बैठक में टीएमसी नेताओं और चुनाव आयोग के बीच तनाव बढ़ गया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)टीएमसी(टी)भारत का चुनाव आयोग(टी)चुनाव तैयारी(टी)ज्ञानेश कुमार(टी)चंद्रिमा भट्टाचार्य(टी)ममता बनर्जी(टी)चुनावी प्रक्रिया

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया है। ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला BJP नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। रावत अब विजयपुर विधानसभा सीट से नए MLA होंगे। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने 4 क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 2 केस छिपाए थे। याचिका में रावत ने मल्होत्रा ​​के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द किया जाता है। साथ ही रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया जाता है। मल्होत्रा ​​के वकील बोले- हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे मुकेश मल्होत्रा ​​के वकील प्रतीप बिसोरिया ने बताया कि BJP उम्मीदवार राम निवास रावत की फाइल की गई पिटीशन में दो मामलों में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। एक जिसमें निपटारा हो चुका था। दूसरा जिसमें आरोपों के बारे में जानकारी छिपाने की बात थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जानकारी छिपाने वाले दो मामलों में चुनाव रद्द कर दिया गया है। हमने एक एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें कहा है कि हम अपील करने के हकदार हैं। जब तक हम अपील करते हैं, इस ऑर्डर पर 15 दिन के लिए रोक लगनी चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। रावत बोले- नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी रामनिवास रावत ने कहा- मैं हाई कोर्ट के ऑर्डर को इस तरह देखता हूं कि कोर्ट के बनाए गए इलेक्शन रिफॉर्म्स के हिसाब से नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने एफिडेविट में क्रिमिनल जानकारी छिपाई थी। इसलिए, उनके खिलाफ एक पिटीशन फाइल की गई थी, जिसे आज फैसला आया है। उन्होंने बताया कि मुकेश मल्होत्रा ने दो क्राइम केस की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने यह भी छिपाया था कि उन पर एक क्राइम में चार्ज लगा था। वह सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। यह उनका ज्यूडिशियल राइट है। उन्हें 15 दिन का टाइम दिया गया है। रामनिवास रावत के समर्थकों ने फोड़े पटाखे कोर्ट के फैसले के बाद विजयपुर में रामनिवास रावत के समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। वहीं मुकेश मल्होत्रा के घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत करती है। ये 3 तस्वीरें देखिए… जीतू पटवारी बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे हमें न्याय मिलेगा चुनाव कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पटवारी ने कहा- हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी मुकेश ने मई 2024 में कांग्रेस जॉइन की थी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था। रावत ने विधायक रहते कांग्रेस छोड़ी, भाजपा ने मंत्री बनाया, फिर हारे थे कांग्रेस के सीनियर लीडर रामनिवास रावत श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से 6 बार विधायक रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास रावत कांग्रेस के टिकट पर विजयपुर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। रामनिवास मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके थे। लोकसभा चुनाव के दौरान 30 अप्रैल 2024 को वे भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद रामनिवास को मंत्री बनाया गया। उनके इस्तीफा देने के कारण ही विजयपुर सीट खाली हुई थी। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के सीनियर लीडर्स पर लोगों को बरगलाने के आरोप भी लगाए थे। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, पूर्व वन मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें श्योपुर के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​के झूठा हलफनामा दाखिल करने को चुनौती दी गई थी। पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के सामने एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​पर उपचुनाव के लिए अपने हलफनामे में अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। ग्वालियर हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को जारी किया था नोटिस पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव लड़ रहे 11 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें विजयपुर से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​भी शामिल थे। सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया था। इस केस में अब आगे क्या होगा ? 1. सदस्यता तत्काल समाप्त कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि जैसे ही हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी होता है, विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाती है। कोर्ट के आदेश की प्रति मिलते ही विधानसभा सचिवालय अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर सदस्यता रद्द कर देता है। 2. दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विधायक घोषित अगर कोर्ट दूसरे नंबर के कैंडिडेट

सुप्रीम कोर्ट में प्याज-लहसुन को तामसिक मानने की याचिका:CJI ने पूछा-आधी रात को पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या; फालतू बताकर 5 याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट में प्याज-लहसुन को तामसिक मानने की याचिका:CJI ने पूछा-आधी रात को पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या; फालतू बताकर 5 याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट में एक वकील ने 5 पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन(PIL)/जनहित याचिका फाइल की थीं। इनमें से एक कहा गया था कि प्याज और लहसुन में तामसिक या नेगेटिव एनर्जी होती है या नहीं इसके लिए रिसर्च की मांग की गई थी। इस पर सोमवार को सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत ने एडवोकेट सचिन गुप्ता को फटकार लगाई। CJI ने पूछा- आधी रात को ये सब पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या? CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने वकील की पांचों PIL अस्पष्ट, फालतू और बेबुनियाद बताकर खारिज कर दीं। पिटीशनर ने जवाब दिया कि यह एक आम मुद्दा है और दावा किया कि गुजरात में खाने में प्याज के इस्तेमाल को लेकर कथित तौर पर एक तलाक हुआ था। CJI बोले- आप जैन समुदाय की भावना को ठेस पहुंचाना चाहते हैं प्याज और लहसुन से संबंधित पिटीशन में जैन समुदाय के खाने-पीने के तरीकों का जिक्र था, जो पारंपरिक रूप से प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियों को तामसिक खाना मानते हुए उनसे परहेज करते हैं। CJI ने गुप्ता से पूछा, “आप जैन समुदाय की भावनाओं को ठेस क्यों पहुँचाना चाहते हैं? बेंच ने कहा- आप वकील नहीं होते फाइन लगाते बेंच ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर पिटीशनर वकील नहीं होता तो हम बहुत ज्यादा फाइन लगाकर इसे खारिज करते। बेंच ने आगे कहा कि याचिका कैजुअल ड्राफ्टिंग और सुप्रीम कोर्ट पर बोझ डालने का एक उदाहरण है। गुप्ता को चेतावनी दी गई कि अगली बार जब आप ऐसी पिटीशन फाइल करेंगे, तो बहुत ज्यादा फाइन लगाएंगे। एडवोकेट सचिन गुप्ता की ये याचिकाएं भी खारिज ————– ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-AI जेनरेटेड सबूतों पर फैसला लेना बिल्कुल गलत:इसका सीधा असर न्याय प्रक्रिया पर पड़ता है सुप्रीम कोर्ट ने 2 मार्च को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार सबूतों के आधार पर फैसला लिखना गलत है। जस्टिस पी एस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि यह साधारण गलती नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि इसका सीधा असर न्याय देने की प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर पड़ता है। पूरी खबर पढ़ें…

20 लाख श्रद्धालुओं ने करीला धाम में किए दर्शन:2 दिन आस्था का सैलाब उमड़ा, रातभर चलता रहा राई नृत्य

20 लाख श्रद्धालुओं ने करीला धाम में किए दर्शन:2 दिन आस्था का सैलाब उमड़ा, रातभर चलता रहा राई नृत्य

अशोकनगर जिले के मां जानकी धाम करीला में रंग पंचमी के अवसर पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया। मेले के पहले और दूसरे दिन लगभग 20 लाख श्रद्धालुओं ने माता जानकी के दर्शन किए। आज मेले का तीसरा और आखिरी दिन है, हालांकि अब ज्यादातर श्रद्धालु वापस लौट रहे हैं। जानें वालों की संख्या काफी कम रहती है। रंग पंचमी की सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने लगी थी। दोपहर तक मेला परिसर पूरी तरह से भर गया। मंदिर की कतारों में भी भक्तों की लंबी लाइनों में माता के दर्शन करते हुए आगे बढ़ते रहे। पहाड़ी के ऊपर का पूरा स्थान 24 घंटे जनसैलाब से भरा रहा, जहां भक्तों का लगातार आना-जाना लगा रहा। सुबह से रात तक चलता है राई नृत्य करीला की पहाड़ी पर रंग पंचमी को सुबह से लेकर अगली सुबह तक राई नृत्य का आयोजन चलता रहा। रात के समय रोशनी से सजी पहाड़ी और मेले की जगमगाती लाइटें इसकी सुंदरता बढ़ा रही थीं। रात में सबसे अधिक राई नृत्य हुए, जिसमें पहाड़ी के अलावा नीचे किनारे के खेतों में भी विभिन्न स्थानों पर स्टेज लगाकर उन लोगों ने बधाई राई नृत्य करवाए जिनकी मन्नतें पूरी हुई थीं। 1700 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात मेले की व्यवस्थाओं को देखते हुए लगभग 1700 पुलिस जवान तैनात किए गए थे, जिन्होंने लगातार मोर्चा संभाले रखा। प्रशासनिक अधिकारी भी पूरी तरह मुस्तैद रहे। कलेक्टर साकेत मालवीय, पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा, एसडीओपी इसरार खान, मुंगावली थाना प्रभारी अरविंद सिंह कछवाह और बहादुरपुर थाना प्रभारी नीलम यादव लगातार व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे। सभी अधिकारी लगातार मेला परिसर मंदिर परिसर सहित सभी सेक्टरों का पैदल भ्रमण का जायजा लेते रहे। अधिकारियों की मुस्तैदी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था के चलते लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बावजूद मेला दो दिनों तक शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।