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उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होटल में भीषण आग:यात्रियों को सुरक्षित निकाला, दो दमकल ने दो घंटे में पाया आग पर काबू

उज्जैन में बुधवार देर रात महाकाल लोक के सामने स्थित एक होटल में अचानक भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि समय रहते होटल में ठहरे सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि आग से होटल में भारी नुकसान हुआ है। तीसरी मंजिल पर भड़की आग घटना जयसिंहपुरा क्षेत्र स्थित संतोष पैलेस होटल की है। बुधवार रात करीब 11:30 बजे होटल की तीसरी मंजिल पर आग लग गई। आग की लपटें और धुआं उठता देख क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही चार दमकल वाहन मौके पर पहुंचे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियों, महाकाल थाना पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंगुइशर का भी उपयोग किया गया। पुलिस कर रही जांच महाकाल थाना टीआई गगन बादल ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची थी। करीब दो घंटे में आग पर काबू पा लिया गया। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच की जाएगी। फायर अधिकारी एलपी साहू ने बताया कि चार दमकल वाहन भेजे गए थे, लेकिन दो गाड़ियों से ही आग पर नियंत्रण पा लिया गया। युवाओं ने दिखाई बहादुरी आग लगने की घटना सबसे पहले कुछ स्थानीय मुस्लिम युवाओं ने देखी। उन्होंने तुरंत होटल प्रबंधन और क्षेत्रवासियों को सूचना दी। मोहम्मद अजान, मोहम्मद सलमान और मोईन खान ने सबसे पहले मौके पर पहुंचकर पानी और आग बुझाने के यंत्रों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास किया। उनकी सतर्कता और साहस से बड़ा हादसा टल गया।

टीएमसी के 1,500 रुपये बनाम बीजेपी के 25,000 रुपये: चुनाव से पहले बंगाल में हाई-स्टेक फ्रीबी शोडाउन | राजनीति समाचार

VIROSH Wedding Live Updates: Rashmika Mandanna, Vijay Deverakonda are getting married in Udaipur. (Photo: X)

आखरी अपडेट:26 फरवरी, 2026, 10:06 IST अप्रैल में लॉन्च होने वाले बेरोजगार युवाओं के लिए टीएमसी के नए बांग्लार युबा साथी 1,500 रुपये मासिक भत्ते को मिल रही कड़ी प्रतिक्रिया से बीजेपी परेशान है। पश्चिम बंगाल चुनाव: बीजेपी प्रति वर्ष 20 लाख नौकरियों, उत्तर बंगाल के लिए नए आईआईटी का वादा कर सकती है। (छवि: पीटीआई) सूत्रों की मानें तो जैसे-जैसे 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य में अपनी राजनीतिक रणनीति पर पुनर्विचार कर रही है और प्रतिस्पर्धी खैरात की राजनीति के लिए तैयार हो रही है। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी के संकल्प पत्र या घोषणापत्र समिति में इस बात पर गंभीरता से विचार किया गया है कि राज्य के 18 से 35 वर्ष की आयु के प्रत्येक बेरोजगार निवासी को हर महीने 25,000 रुपये देने का वादा किया जाए या नहीं। अगर इसे घोषणापत्र में शामिल किया गया तो यह हाल के समय में किसी भी राजनीतिक दल द्वारा वादा की गई सबसे बड़ी रियायतों में से एक होगी। लेकिन अगर इसे मुद्रित घोषणापत्र में शामिल किया जाता है, तो भाजपा सूत्रों का कहना है कि यह इसके साथ जुड़ी शर्तों के साथ आएगा। बंगाल भाजपा के एक सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, “हम इसे बेरोजगारी भत्ते के रूप में पेश नहीं करना चाहते हैं। हम युवाओं को सक्षम बनाना चाहते हैं। उन्हें पेशेवर प्रशिक्षण के एक सेट से सीखना चाहिए जो नई भाजपा सरकार मुफ्त प्रदान करेगी। यह एक जीत-जीत होगी। वे अंततः अपने दम पर कमाई शुरू कर देंगे।” राजनीतिक रूप से, यह भाजपा द्वारा सोचा गया है जो सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार की नवीनतम मुफ्त योजना, बेरोजगार युवाओं के लिए प्रति माह 1,500 रुपये के बांग्लार युबा साथी भत्ते की प्रतिक्रिया से परेशान है, जिसके बारे में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि इसे अप्रैल से लागू किया जाएगा। पहले ही दिन पूरे बंगाल में 294 शिविरों में करीब 2 लाख बेरोजगार युवा पंजीकरण के लिए पहुंचे। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जो कि अनुदान सूची में नवीनतम है। ऐसा कहा जाता है कि इस योजना को मिली व्यापक प्रतिक्रिया ने भाजपा को इस प्रतिस्पर्धी खैरात की राजनीति के बारे में सोचने के लिए मजबूर कर दिया है, जहां वे ममता बनर्जी सरकार की पेशकश से सोलह गुना अधिक देने का वादा कर रहे हैं, जो भारत की मुफ्त राजनीति में एक क्रांतिकारी विचार है। हाल ही में सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने राज्यों को ‘मुफ्त संस्कृति’ के प्रति आगाह किया। पीठ ने कहा, “देश के अधिकांश राज्य राजस्व घाटे वाले राज्य हैं और फिर भी वे इस तरह की मुफ्त पेशकश कर रहे हैं।” बीजेपी के सूत्र बताते हैं कि अगर बीजेपी सत्ता में आती है तो पार्टी हर साल 20 लाख नई नौकरियों का वादा कर सकती है। उन लोगों के लिए जिन्होंने अभी तक नौकरी बाजार में प्रवेश नहीं किया है, भाजपा उत्तर बंगाल में एक अलग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) का वादा कर सकती है – जहां भाजपा ने 2021 के विधानसभा चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था। हालाँकि, राज्य में खड़गपुर में एक आईआईटी है। संकल्प पत्र की चर्चाएँ उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले से पहले बंगाल के अद्वितीय सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य के लिए अपने राजनीतिक संदेश को तैयार करने के भाजपा के व्यापक प्रयास को दर्शाती हैं। हाल के सप्ताहों में, पार्टी ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिकों से प्रतिक्रिया इकट्ठा करने के लिए जमीनी स्तर पर “संकल्प पत्र सुझाव अभियान” भी चलाया है, घोषणापत्र को ऊपर से नीचे के दस्तावेज़ के बजाय “लोगों के चार्टर” के रूप में पेश किया है। जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 26 फरवरी, 2026, 10:06 IST समाचार राजनीति टीएमसी के 1,500 रुपये बनाम बीजेपी के 25,000 रुपये: चुनाव से पहले बंगाल में हाई-स्टेक फ्रीबी शोडाउन अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल मुफ्तखोरी(टी)चुनावी मुफ्तखोरी(टी)डोले राजनीति(टी)टीएमसी(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल राज्य विधानसभा चुनाव(टी)विधानसभा चुनाव(टी)बंगाल(टी)बंगाल समाचार(टी)युवा साथी(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी घोषणापत्र(टी)टीएमसी घोषणापत्र

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में बुजुर्ग ने गलत योनो एप डाउनलोड किया:6 बार में खाते से गायब हुए 4.47 लाख रुपए; पुलिस बोली- एपीके फाइल से बचे

नर्मदापुरम में 67 साल के बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। उनसे यह धोखाधड़ी प्ले स्टोर से गलत योनो (एपीके फाइल) डाउनलोड करने की वजह से हुई। ठग ने उनके खाते से 4 लाख 47 हजार 268 रुपए निकाल लिए। 18 से 20 फरवरी के बीच आरोपित ने 6 बार में खाते से यह रकम निकाली। खास बात यह कि 18-19 फरवरी को एक-एक भुगतान हुआ। जिसका उन्हें एक मैसेज तक नहीं आया। जबकि 20 फरवरी को चार बार खाते से भुगतान हुआ। जिनके मैसेज उन्हें आएं। जिससे वो घबरा गए। उन्होंने बैंक से संपर्क किया तो साइबर ठगी की जानकारी मिली।। जिसकी शिकायत उन्होंने साइबर सेल और कोतवाली थाने में की। पुलिस ने मामले में पांच दिन बाद साइबर ठगी की एफआईआर की। योनो एप की जगह एपीके फाइल डाउनलोड हुई पीड़ित बुजुर्ग के मोबाइल में योनो एप नहीं था। कुछ दिन पहले बैंक कर्मचारियों ने पीड़ित को योनो एप डाउनलोड करने की सलाह दी। पीड़ित ने प्लेस्टोर से एप डाउनलोड किया। एप डाउनलोड करने के बाद जब एप को इंस्टाल किया तो प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। बाद में किसी व्यक्ति का बैंक कर्मी बनकर फोन आया और उसने कहा कि हम एक लिंक भेज रहे हैं उससे प्रक्रिया पूरी होगी और एप शुरू हो जाएगा। पीड़ित ने उसके कहे अनुसार वैसा किया। एपीके फाइल डाउनलोड करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी। सही प्लेटफॉर्म से ही डाउनलोड करें, एपीके फाइल से बचे साइबर सेल प्रभारी संदीप यदुवंशी ने बताया साइबर ठग आरटीओ चालान, बिजली बिल की लिंक भेजकर, कॉल, व्हाट्सएप कॉल या गलत एप्स समेत अनेक माध्यमों से लोगों से साइबर ठगी करने का प्रयास करते है। साइबर ठग की ओर से भेजी लिंक, फाइल एपीके होती है। पहले को किसी भी एपीके फाइल को डाउनलोड न करें। यदि गलती से ऐसा हो भी जाता है तो सबसे पहले अपने मोबाइल को एरोप्लेन मोड पर डाल दें। नेटवर्क के अभाव में आपका मोबाइल हैक होने से बच सकता है। इसके बाद मैनेज एप सेटिंग में जाकर तुरंत उस एप को डिलीट कर दें। अगर हैक होने की जानकारी लग जाएं तो बैंक पहुंचकर अपने खाते को सीज करवाएं जिससे कोई लेनदेन खाते से न हो पाए।

भोंगर्या हाट में दी जानकारी

भोंगर्या हाट में दी जानकारी

बड़वानी | डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन अपराधों के मद्देनजर जिले में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार, साइबर सतर्कता व सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति संवेदनशील बनाना है। आदिवासी बहुल क्षेत्र के पारंपरिक भोंगर्या हाट में पुलिस विशेष जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित कर रही है। दूरदराज से आए युवाओं, छात्राओं, महिलाओं और ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उन्हें साइबर अपराधों के नए तरीकों, उनके दुष्परिणाम और बचाव के उपायों की जानकारी दी। बैनर, पोस्टर और पैम्फ्लैट के माध्यम से डिजिटल सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और त्वरित शिकायत प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम में नागरिकों को ऑनलाइन बैंकिंग व यूपीआई फ्रॉड, फर्जी लोन एप, निवेश प्रलोभन, सोशल मीडिया हैकिंग, वीडियो कॉल ब्लैकमेलिंग और नकली जॉब ऑफर जैसी बढ़ती ऑनलाइन ठगी के प्रति विशेष रूप से सचेत किया गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि थोड़ी-सी लापरवाही बड़ी आर्थिक व मानसिक हानि का कारण बन सकती है।

दुबई का डॉक्टर बोला-लड़का ही होगा, गारंटी हमारी:इंटरनेशनल रैकेट 35 लाख में बेच रहा बेटे की चाहत, एमपी तक जुड़े तार

दुबई का डॉक्टर बोला-लड़का ही होगा, गारंटी हमारी:इंटरनेशनल रैकेट 35 लाख में बेच रहा बेटे की चाहत, एमपी तक जुड़े तार

प्रेग्नेंसी पॉजिटिव हो जाएगी तो हंड्रेड परसेंट बॉय आएगा… गर्ल विल बी डिस्कार्ट (लड़की वाले भ्रूण को नष्ट कर दिया जाएगा)… ये कहते हुए डॉ. गौतम इलाहबादिया के चेहरे पर 100 फीसदी कॉन्फिडेंस नजर आता है। डॉ. इलाहबादिया दुबई में खुद के नाम से आईवीएफ सेंटर चलाते हैं। भास्कर रिपोर्टर ने उन्हें एक ग्राहक बनकर वीडियो कॉल किया था। डॉ. इलाहबादिया ने रिपोर्टर को लिंग चयन ( सेक्स डिटरमिनेशन) की पूरी प्रक्रिया समझाई। ये भरोसा भी दिया कि आईवीएफ की जिस एडवांस टेक्निक का वो इस्तेमाल करेंगे उससे लड़का होने की ही गारंटी है। इस प्रक्रिया के लिए उन्होंने 30-35 लाख रुपए का खर्च बताया। डॉ. इलाहबादिया को उस अंतरराष्ट्रीय रैकेट का हिस्सा कहा जा सकता है, जो भारत में बेटे की चाहत रखने वाले दंपतियों की मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों का कारोबार कर रहा है। दैनिक भास्कर की इन्वेस्टिगेशन टीम ने इस रैकेट का पर्दाफाश किया है, जिसके तार दुबई, थाईलैंड और तुर्की से लेकर भारत की राजधानी दिल्ली तक फैले हुए हैं। यह रैकेट न केवल उन लोगों को टारगेट कर रहा है जो विदेश जा सकते हैं बल्कि उन लोगों के लिए भी दिल्ली में अवैध व्यवस्था चला रहा है। जिनके पास पासपोर्ट नहीं है या जो विदेश जाने का जोखिम नहीं उठाना चाहते। कैसे चल रहा है ये पूरा नेटवर्क और कैसे गर्भ में लड़का इंप्लांट करने की गारंटी दी जा रही है? पढ़िए रिपोर्ट… कमीशन के लालच से शुरू हुई पड़ताल इस पूरे मामले की जांच तब शुरू हुई जब मध्य प्रदेश सहित देश के कई प्रतिष्ठित गायनेकोलॉजिस्ट के पास दुबई के IVF सेंटरों से ईमेल आने लगे। इन ईमेल में एक चौंकाने वाला ऑफर था – ‘आप हमें ऐसे मरीज भेजें जिन्हें केवल लड़का चाहिए, हम आपको इलाज के कुल खर्च का 10 प्रतिशत कमीशन देंगे।’ जहां कई डॉक्टरों ने इस अनैतिक और गैर-कानूनी पेशकश को तुरंत ठुकरा दिया, वहीं कुछ के इस लालच में फंसने की भी सूचना मिली। यह स्पष्ट था कि भारत के सख्त ‘गर्भधारण पूर्व और प्रसवपूर्व निदान तकनीक (PCPNDT) एक्ट, 1994’ की वजह से जो अवैध काम यहां नहीं हो सकता, उसे विदेशी धरती पर अंजाम दिया जा रहा है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन के 6 पॉइंट्स डॉक्टर बोला- दुबई नहीं तो टर्की भेज देंगे पड़ताल को आगे बढ़ाते हुए भास्कर रिपोर्टर ने एक ऐसे ही दंपती के तौर पर दुबई के प्रसिद्ध इलाहाबादिया IVF सेंटर से संपर्क साधा, जिसे बेटे की चाह थी। कुछ शुरुआती बातचीत और रिपोर्ट्स भेजने के बाद, सेंटर के प्रमुख डॉ. गौतम इलाहाबादिया के साथ एक जूम मीटिंग तय हुई। मीटिंग में डॉ. इलाहाबादिया ने रिपोर्टर की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा, ‘आपकी वाइफ का एएमएच (एंटी-मुलरियन हार्मोन) बहुत लो है। अगर हमें टेस्टिंग के लिए नौ भ्रूण (एंब्रियो) चाहिए, तो कम से कम छह बार IVF करना पड़ेगा, जिसके लिए आपको चार से पांच बार दुबई आना होगा।’ जब रिपोर्टर ने पूछा कि नौ भ्रूण क्यों चाहिए, तो जवाब और भी चौंकाने वाला था। ‘हां, नौ करेंगे तो उसमें एक या दो लड़के निकलते हैं।’ उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया का खर्च 30 से 35 लाख रुपए बताया। जब रिपोर्टर ने इतनी बार दुबई आने में असमर्थता जताई, तो डॉ. इलाहाबादिया ने तुरंत एक और रास्ता सुझाया। साइप्रस में हम लोग एक काम करते हैं, यहां के पेशेंट सब साइप्रस जाते हैं, टर्की का पार्ट है। वहां जाकर डोनर एग से लड़का हो सकता है। पासपोर्ट नहीं तो दिल्ली में है ‘अवैध’ जुगाड़ बातचीत का रुख तब पूरी तरह बदल गया जब रिपोर्टर ने पासपोर्ट बनवाने में आ रही समस्या का जिक्र किया। यह सुनते ही डॉ. इलाहाबादिया ने जो कहा, वह इस रैकेट के दिल्ली कनेक्शन को उजागर करने के लिए काफी था। डॉ इलाहबादिया बोले- यहां दिल्ली में लोग इल्लीगल भी यही करते हैं, मगर कुछ भी राइटिंग में नहीं देते हैं। मैं आपको उन लोगों से कनेक्ट करवा देता हूं, पर उसके बाद आपको आपके ही रिस्क पर डील करना है। उन्होंने तुरंत अपना वॉट्सएप नंबर (0097156xxxx000) दिया और कहा कि इस पर मैसेज करें तो मैं दिल्ली के मिस्टर गौरव वानखेड़े का नंबर देता हूं, इन्हें बोलना कि आपको लड़का चाहिए डोनर एग से। उन्होंने साफ किया कि यह सब ‘ग्रे जोन’ में होता है और वह इसमें सीधे तौर पर शामिल नहीं होंगे। आपका जब भी पासपोर्ट रेडी हो जाए आप कॉन्टैक्ट करिए। आपको हम सारा प्लान समझा देंगे। दलाल बोला- इस काम में मेरे अलावा गिने-चुने लोग डॉ. इलाहाबादिया से मिले नंबर पर जब दिल्ली में बैठे दलाल गौरव वानखेड़े से बात हुई, तो उसने इस अवैध कारोबार की पूरी रूपरेखा सामने रख दी। उसने खुद को इस इंडस्ट्री में 20 साल पुराना खिलाड़ी बताया और कहा कि उसका काम IVF, डोनर एग और सरोगेसी ऑर्गनाइज करना है। जब रिपोर्टर ने बेटे की चाहत और दुबई न जा पाने की मजबूरी बताई, तो वानखेड़े ने आश्वासन दिया कि आपका काम हो जाएगा। उसने बताया कि यह सब दिल्ली में ही होगा और अगर अच्छा रिजल्ट चाहिए तो दिल्ली ही एकमात्र जगह है। उसने दावा किया कि ये इंडिया में गिन चुन के दो या तीन लोग ही करते हैं। उनमें से मैं एक हूं। वानखेड़े ने बताया कि हमारा एक हॉस्पिटल है। आप मुझे रिपोर्ट्स भेजिए। मैं पूरी स्टडी करने के बाद एक पूरा प्लान बनाकर भेजूंगा। स्टेप बाय स्टेप बताऊंगा कैसे इलाज होगा । डोंट वरी हो जाएगा आपका काम जेंडर की पूरी गारंटी इस रैकेट की गहराई को और समझने के लिए हमारी टीम ने दुबई के एक और बड़े सेंटर, न्यू होप IVF सेंटर, से संपर्क किया। यहां हमारी बात डॉ. गोमथी और फिर डॉ. धनशंकर के आर से हुई। डॉ. धनशंकर ने जो खुलासे किए, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘आईवीएफ का हंड्रेड परसेंट गारंटी पॉसिबल नहीं है, बट जेंडर का गारंटी दे रहा हूं। प्रेग्नेंसी पॉजिटिव हो जाएगा तो हंड्रेड परसेंट बॉय आएगा। जब रिपोर्टर ने पूछा कि यह कैसे संभव है, तो उन्होंने पूरी वैज्ञानिक प्रक्रिया समझाई। हम स्पर्म और एग को मिलाकर भ्रूण बनाते हैं। भ्रूण को गर्भ में डालने से पहले हम जेनेटिक टेस्टिंग करते हैं। वापस जाकर कहना

NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

NCERT किताब में ‘ज्यूडीशियल करप्शन’ चैप्टर पर आज सुनवाई:सुप्रीम कोर्ट ने खुद संज्ञान लिया; CJI बोले- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं देंगे

सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को NCERT के क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े चैप्टर को लेकर विवाद पर सुनवाई करेगा। कोर्ट ने बुधवार को मामले पर खुद संज्ञान लिया था। CJI सूर्यकांत के साथ जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच सुनवाई करेगी। बुधवार को CJI ने इस मामले पर कड़ी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को बदनाम करने या उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। इससे पहले सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने अभिषेक सिंघवी के साथ मामले का जिक्र करते हुए तत्काल सुनवाई की मांग की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर स्वत: संज्ञान लिया। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद बुधवार शाम NCERT ने अपनी वेबसाइट से किताब को हटा लिया। सूत्रों के अनुसार, किताब से विवादित चैप्टर हटाया जा सकता है। सरकार ने भी किताब में ज्यूडीशियल करप्शन शामिल करने पर आपत्ति जताई है। सरकार ने कहा- शासन के तीनों अंगों को जोड़ना चाहिए था NCERT चेयरमैन दिनेश प्रसाद सकलानी का इस मुद्दे पर कोई जवाब नहीं आया है। काउंसिल के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है। इसलिए वे इस मुद्दे पर कुछ भी नहीं बोंलेंगे। इस बीच सरकारी सूत्रों ने कहा कि भले ही NCERT एक ऑटोनॉमस संस्था है, लेकिन चैप्टर जोड़ने से पहले अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि अगर भ्रष्टाचार का मुद्दा शामिल करना था, तो उसमें शासन के तीनों अंगों- कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका को भी जोड़ा जाना चाहिए था। सरकारी सूत्रों ने कहा कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से संबंधित आंकड़े संसदीय अभिलेखों और नेशनल ज्यूडिशियल डेटा ग्रिड में मौजूद हैं, लेकिन फैक्ट्स के क्रॉस वेरिफिकेशन के लिए केंद्र से परामर्श नहीं लिया गया। विवादित चैप्टर NCERT की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में था NCERT ने 23 फरवरी को क्लास 8 के स्टूडेंट्स के लिए सोशल साइंस की नई टेक्‍स्‍टबुक जारी की थी। किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसायटी: इंडिया एंड बियॉन्ड पार्ट 2’ है। इसमें ‘द रोल ऑफ द ज्यूडीशियरी इन अवर सोसायटी’ चैप्टर के अंदर ‘करप्‍शन इन द ज्‍यूडिशियरी’ का टॉपिक जोड़ा गया है। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार, बड़ी संख्या में पेंडिंग मामले और जजों की भारी कमी ज्‍यूडिशियल सिस्टम के सामने प्रमुख चुनौतियों में शामिल हैं। जज आचार संहिता से बंधे होते हैं, जो न केवल कोर्ट में उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है, बल्कि कोर्च के बाहर उनके आचरण को भी तय करती है। एक टॉपिक का टाइटल- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा किताब के एक सेक्शन का टाइटल ‘Justice delayed is justice denied’ है। इसका मतलब है- इंसाफ में देरी इंसाफ न मिलने जैसा है। यहां सुप्रीम कोर्ट में 81 हजार, हाईकोर्ट्स में 62 लाख 40 हजार, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। ये किताब एकेडमिक सेशन 2026-27 से स्‍कूलों में पढ़ाई जानी थी। इसका पहला पार्ट जुलाई 2025 में रिलीज किया गया था। NCERT ने नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क यानी NCF और NEP-2020 के तहत सभी क्‍लासेज की नई किताबें तैयार की हैं। कोरोना महामारी के बाद पुरानी किताबों के टॉपिक्‍स को बदलकर नए टॉपिक्‍स किताबों में जोड़े जा रहे हैं। पहली से 8वीं क्लास तक की नई किताबें 2025 में ही पब्लिश की जा चुकी हैं। किताब का वो हिस्सा जिसमें करप्शन और पेंडिंग केस का जिक्र… नई किताब में ज्यूडीशियरी से जुड़े अहम पॉइंट्स… किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।” —————————— ये खबर भी पढ़ें… NCERT ने 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब में जोड़ा न्यायपालिक से जुड़ा सेक्शन नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने पहली बार 8वीं के बच्चों के लिए ज्यूडीशियरी में करप्शन के बारे में पढ़ाने का फैसला लिया गया। यह पिछले एडिशन के मुकाबले बड़ा बदलाव था। पिछले चैप्टर में ज्यादातर कोर्ट के स्ट्रक्चर और रोल पर फोकस किया गया था। बदले हुए चैप्टर का नाम ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ रखा गया। पढ़ें पूरी खबर…

कनाडा में ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर पंजाबी लड़कियां:लालच-डर दिखाकर साथ सोने को करते मजबूर; युवकों के साथ रेस्टोरेंट मैनेजर-लैंडलॉर्ड भी शामिल

कनाडा में ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर पंजाबी लड़कियां:लालच-डर दिखाकर साथ सोने को करते मजबूर; युवकों के साथ रेस्टोरेंट मैनेजर-लैंडलॉर्ड भी शामिल

कनाडा में पंजाबी लड़कियां ग्रूमिंग गैंग के टारगेट पर हैं। यह गैंग स्टडी वीजा पर आईं युवतियों के साथ कई तरह के लालच देकर उन्हें फंसाता है। फिर उन्हें साथ सोने के लिए मजबूर करता है। इसके लिए युवकों ने बाकायदा वॉट्सऐप ग्रुप तक बनाए हुए हैं। ऐसा ही एक युवक इस ग्रुप से बाहर निकला तो उसने इसकी पूरी कहानी बता दी। कनाडा में द कौर मूवमेंट की फाउंडर गुरप्रीत कौर ने कनाडा के एक रेडियो चैनल पर इसका खुलासा किया। गुरप्रीत ने कहा कि इसमें सिर्फ युवक ही नहीं बल्कि घर के मालिक यानी लैंडलॉर्ड, रेस्टोरेंट ऑनर या मैनेजर के अलावा कंपनी के लोग तक शामिल हैं। वह कभी फीस चुकाने-किराया माफ करने का लालच देते हैं तो कभी जॉब देने का, जिसके चक्कर में युवतियां फंस जाती हैं। यहां तक कि उनका बिल भरने का लालच भी दिया जाता है। कोई नहीं मानती तो उसे घर या देश से निकालने का भी डर दिखाया जाता है। लड़कियों को कैसे टारगेट करते ग्रूमिंग गैंग 150 लड़कों का ग्रूमिंग ग्रुप का कॉलेजों में जाल द कौर मूवमेंट की संस्थापक गुरप्रीत कौर बताती हैं कि सरे और टोरंटो जैसे शहरों में व्हाट्सएप पर ऐसे व्हाट्सएप ग्रुप चल रहे हैं जिनमें लगभग 150 लड़के शामिल हैं। इन ग्रुप्स का एजेंडा उन पंजाबी लड़कियों को निशाना बनाना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं या विदेश में अकेली रह रही हैं। ये लड़के अक्सर कॉलेजों में दोस्त बनकर लड़कियों के करीब आते हैं और उनकी पर्सनल जानकारी जुटाते हैं। इसके बाद वे उस जानकारी को अपने ग्रुप में शेयर करते हैं। उनके लिए लड़कियों का शोषण गेम बन गया है। गुरप्रीत कौर ने बताया कि लड़कों का मकसद उन लड़कियों को टारगेट करना है जो अकेली आई हैं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, वे बस आपके साथ सोना चाहते हैं। उनका मेन मकसद यही होता है कि वे आपके साथ सोएं या फिर यह एक गेम बनाया हुआ है कि लेट्स सी (चलो देखो) कि हम क्या कर सकते हैं। रूम रेंट भरने या कैश का दिया जा रहा लालच गुरप्रीत कौर कहती हैं कि पंजाबी के साथ दूसरे देशों की लड़कियों का फिजिकल शोषण ट्रैप लगाकर किया जाता है। लड़कियों की मजबूरी का फायदा उठाते हुए उन्हें यह लालच दिया जाता है कि यदि वे शारीरिक संबंध बनाएंगी तो उनका रूम रेंट भर दिया जाएगा या कैश पैसा दे देंगे। रेस्टोरेंट पर भी यह बहुत आम है। मैनेजर्स लड़कियों को घंटे देने या डबल पैसे देने का वादा करते हैं, बशर्ते लड़कियां उनके साथ सोएं। यहां तक कि शादीशुदा मकान मालिक भी कॉलेज स्टूडेंट्स का फायदा उठाते हैं। बदनामी के डर से आवाज नहीं उठा रहीं लड़कियां गुरप्रीत कौर बताती हैं कि इस पूरी समस्या की जड़ इंडियन लोगों की सोच और लोग क्या कहेंगे का डर है। गुरप्रीत बताती हैं कि 12 फीसदी यौन शोषण के मामले परिवार के अंदर से आ रहे हैं। कनाडा की फैमिली में भी बुरा हाल है। कनाडा की लड़कियां तो सामने आ जाती हैं लेकिन इंडियन लड़कियां बदनामी के डर से चुप रह जाती हैं। कई बार पंजाब में बैठे माता-पिता का कर्ज उताने का दबाव भी गलत रास्तों पर धकेल देता है। गुरप्रीत ने कहा कि कनाडा में रह रही लड़कियों के पास माता-पिता को आना चाहिए ताकि जहां पर वे रेंट पर रह रही हैं, वहां डर रहे। कॉलेजों में लड़कियों के साथ बनाते दोस्ती ग्रुप में शामिल लड़के या तो खुद कॉलेज में लड़की से मिले होते हैं या फिर दोस्तों जरिए कनेक्ट कर लेते हैं। लड़की को लेकर आने वाले को भी कुछ न कुछ लालच दिा जाता है। इसलिए सब कनेक्टेड रहते हैं। गुरप्रीत कौर ने बताया कि सरे वाले ग्रुप में एक लड़का था और जब वह उस ग्रुप में गया तो उसे पता नहीं था कि यहां ये सब चल रहा है। उसने किसी तरीके से ग्रुप छोड़ दिया और सारी इन्फॉर्मेशन दी। गुरप्रीत कौर ने बताया कि इस तरह से लड़कियों के फिजिकल शोषण के लिए कनाडा में सख्त कानून हैं, लेकिन दुख इस बात का है कि अकसर ऐसे मामले तभी सामने आते हैं जब रेप हो चुका होता है। पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग का चलन बढ़ रहा पंजाब में भी ग्रूमिंग गैंग के निशाने पर पंजाबी लड़कियां हैं। इसे लेकर निहंग अकाली गज्ज सिंह नामक अकाउंस से वीडियो शेयर कर चिंता जताई गई है। वीडियो में दावा किया गया है कि ये पंजाब का वीडियो है। इसमें एड्रेस को छिपाते हुए मुस्लिम लड़के के साथ रोजा खोलती सिख लड़की दिखाई गई है। निहंग सिंह ने दावा किया कि देख लो पंजाब में ग्रूमिंम कैसे होती है। हमारे पंजाब की बेटी रोजा खोल रही है जैसे इसकी बुआ की शादी हो। इसी तरह की हरकतों से पूरे सिख पंथ पर बात आ जाती है। दूसरे लोग तो जान-बूझकर ऐसी वीडियो डालते हैं ताकि लोग देखें कि कैसे हम तुम्हारी बेटियों को बदल रहे हैं। इसे तो गुरबाणी में से मूल मंत्र भी ढंग से नहीं आता होगा। इसे पूछना चाहिए कि तुम्हारी ये क्या करतूत है। निहंग सिंह ने कहा कि हम इसलिए बोल रहे हैं कि ये पंजाबी लड़की है, वरना ये कहीं भी चली जाए हमें फर्क नहीं पड़ता।

इंदौर में होली से पहले बड़ी कार्रवाई:मिठाई-डेयरी दुकानों से दूध, मावा और नमकीन के 38 सैंपल लिए

इंदौर में होली से पहले बड़ी कार्रवाई:मिठाई-डेयरी दुकानों से दूध, मावा और नमकीन के 38 सैंपल लिए

होली पर्व के मद्देनज़र शहर में खाद्य पदार्थों की सघन जांच शुरू कर दी गई है। बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर कुल 38 खाद्य नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित डेयरी, नमकीन और मिठाई प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया और मौके से खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। सभी नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि होली तक यह विशेष अभियान लगातार जारी रखा जाए। अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जाएं, ताकि मिलावट पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। किस संस्थान पर क्या कार्रवाई की गई कलेक्टर ने बैठक लेकर दिए निर्देश कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुधवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की बैठक लेकर स्पष्ट किया कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। विभिन्न विभागों के संयुक्त दल गठित कर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जाएगी। आगामी त्योहारों को देखते हुए विशेष अभियान चलाया जाएगा। एफएसएसएआई के रिस्क बेस्ड इंस्पेक्शन सिस्टम (RBIS) के तहत हाई-रिस्क प्रतिष्ठानों का प्राथमिकता से निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक दर्ज मामलों के अलावा आगे भी दोषियों के खिलाफ तत्काल प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। बैठक में जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनीष स्वामी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। शिकायत के लिए टोल फ्री नंबर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता या मिलावट संबंधी शिकायतों के लिए उपभोक्ता 0731-181 तथा 0755-2840621 पर कॉल कर जानकारी दे सकते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनियमितता की सूचना तत्काल दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।

48 घंटे में खंगाले 300 CCTV, बाइक सवार बदमाश पकड़े:टोल पर फायरिंग करने वाले निकले स्टूडेंट, पुराना विवाद था, गुमराह करने जोड़ा हाईवे का मसला

48 घंटे में खंगाले 300 CCTV, बाइक सवार बदमाश पकड़े:टोल पर फायरिंग करने वाले निकले स्टूडेंट, पुराना विवाद था, गुमराह करने जोड़ा हाईवे का मसला

ग्वालियर पुलिस ने 48 घंटे में 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगालकर आखिरकार बरैठा टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों बदमाशों अश्वनी भदौरिया, निखिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। एक आरोपी भिंड एमपी और दूसरा गाजीपुर यूपी का है। असल में दोनों ही स्टूडेंट हैं और बड़ागांव पर रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। पकड़े गए आरोपियों से बुलेट बाइक, पिस्टल, कारतूस, गमछा बरामद हो गए हैं। इनको सात नंबर चौराहा मुरार के एक होटल से पकड़ा गया है। एक आरोपी का एक साल पहले अपने पिता के साथ बरैठा टोल से निकलने के दौरान टोल प्लाजा के ऑपरेटर से विवाद हो गया था। जिसको लेकर उसमें आक्रोश था। बदला लेने उसने यह वारदात की, लेकिन पुलिस उन तक नहीं पहुंचे और पुलिस को गुमराह करने यह ग्वालियर-भिंड हाइवे को सिक्स लेन करने की चिट्‌ठी फेंक गए थे। ऐसे समझिए पूरा मामला ग्वालियर-भिंड हाइवे के बॉर्डर पर बरैठा टोल प्लाजा है। सोमवार शाम को टोल प्लाजा के बूथ नंबर-07 पर टोल कलेक्टर नहीं था। जिस पर आगरा निवासी कर्मचारी रोहित कुमार वहां बैठा था। इसी समय एक बुलेट बाइक पर 02 अनजान युवक मुंह से गमछा बांधे हुए एवं हेलमेट पहने भिण्ड से ग्वालियर की ओर निकले जो कुछ दूरी पर जाकर बाइक रोककर खड़े हो गए और पीछे बैठा व्यक्ति पैदल चलकर रोहित कुमार पास बूथ पर आया जिसके हाथ में पिस्टल थी। उसने रोहित को एक हस्त लिखित पेज दिया और बोला कि अपने मैनेजर को बता देना कि हाईवे नहीं बनेगा तो टोल नहीं चलने दूंगा। मैं तुम्हे जान से खत्म कर दूँगा और उस व्यक्ति ने हाथ में लिए पिस्टल से कई राउण्ड फायर किए। जिससे रोहित कुमार कुर्सी से नीचे गिर गया गोलियां कम्प्यूटर में जाकर लगी। उसके बाद वह अपने साथी के साथ मौके पर गोलियां चलाता हुआ भाग गया। 300 से ज्यादा CCTV कैमरे देखे तो मिला सुराग घटना के बाद मौके पर मिली चिट्‌ठी में लिखा था कि ग्वालियर-भिंड हाइवे नहीं बनेगा तो ऐसे ही वारदात करेंगे। सरकार अंधी हो गई है। नेताओं के फ्लैट बेचने पड़ें, लेकिन अब हाइवे निर्माण का कार्य शुरू होना चाहिए। अब कोई आकाश नहीं मरेगा। इस चिट्‌ठी से यह फायरिंग की घटना और भी संवेदनशील हो गई थी। जिसके बाद पुलिस ने घटना स्थल के आसपास से लेकर ग्वालियर शहर की ओर जहां बदमाश भागे थे 300 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले। इसके बाद पुलिस को बदमाश भिंड रोड से डीडी नगर, पिंटो पार्क टंकी तिराहा से होते हुए सात नंबर चौराहा की तरफ आते हुए दिखे थे। पर पूरे रास्ते पर कहीं भी उन्होंने फेस से नकाब नहीं हटाया था। आखिर में पुलिस ने बुलेट बाइक की पहचान कर दो आरोपियों को पकड़ा है। एक साल पुराने झगड़े का बदला लिया टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले बदमाश छात्र निकले हैं। दोनों की पहचान 22 वर्षीय अश्वनी पुत्र योगेन्द्र सिंह भदौरिया निवासी वीरेन्द्र नगर सिटी कोतवाली भिण्ड हाल निवास बैंक कॉलोनी बड़ागॉंव मुरार, जबकि दूसरे बदमाश की पहचान 19 वर्षीय निखिल पुत्र देवेन्द्र सिंह निवासी ग्राम टिल्डा जिला गाजीपुर (उ.प्र.) के रूप में हुई है। एक साल पहले अश्वनी अपने पिता के साथ टोल प्लाजा से निकल रहा था। तब उसकी टोल प्लाजा पर बहस हो गई थी। उस घटना के बाद से वह आक्रोशित था। वह बदला लेने का बहाना तलाश रहा था। उसने हाइवे पर गोलियां चलाकर पुलिस को गुमराह करने के लिए हाइवे निर्माण का मुद्दा उससे जोड़ दिया। घटना में गोलियां भी अश्वनी भदौरिया ने चलाई थीं। इनकी रही खुलासे में भूमिका सिर्फ 48 घंटे में थाना प्रभारी महाराजपुरा यशवंत गोयल, बरेठा चौकी प्रभारी एसआई सौरभ श्रीवास्तव, रजनी रघुवंशी, मनोज परमार, विश्वीर जाट, देवेन्द्र लोधी, सउनि विनोद छारी, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र राजावत, अशोक माबई, रामबरन लोधी, नरवीर राणा, जितेन्द्र तोमर, आरक्षक रूस्तम सिंह, भानु सिकरवार, अनिल गुर्जर, राघवेन्द्र भदौरिया, दिनेश शर्मा, आनंद यादव, धर्मेन्द्र, शिवराज, प्रदीप, नागेश शर्मा, बृजेन्द्र चौहान, गौरव परमार, ध्रुव गुर्जर, योगेन्द्र गुर्जर, विकास माहौर, सोनू प्रजापति, शिवकुमार यादव, आकाश पांडेय, सुमित भदौरिया, अरूण कुमार, लोकेन्द्र दादौरिया, आरक्षक चालक हरे मुरारी, हरीओम सिकरवार की सराहनीय भूमिका रही। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने बताया कि टोल प्लाजा पर फायरिंग करने वाले दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। दोनों छात्र है। एक साल पहले टोल पर झगड़े का बदला लेने यह हमला किया गया है, जबकि पुलिस को गुमराह करने के लिए यह हाइवे का मुद्दा उसमें डाल दिया।

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

MANIT में भारतीय ज्ञान परंपरा फेयर का आयोजन:मॉर्डन युग में पुरानी संस्कृति का संगम, छात्रों ने छावा फिल्म के दृश्य की नाट्य प्रस्तुति की

भोपाल स्थित मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्लोलॉजी में IKS यानि इंडियन नॉलेज सिस्टम फेयर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इंस्पायर क्लब द्वारा किया गया था। कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपरा को आधुनिक युग की शिक्षा के साथ जोड़ना था। मुख्य अतिथि चैतन्य चरण प्रभु और पंडित जसराज से के शिष्य पंडित गौतम काले थे, जिन्हें 2019 में उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इंस्पायर क्लब: अनुशासन और आध्यात्मिक जीवन की पहल इंस्पायर क्लब MANIT की एक टेक्नो स्पिरिचुअल सोसाइटी है। इसकी स्थापना प्रोफेसर डॉ. साविता दीक्षित ने रैगिंग जैसी समस्याओं को कम करने और छात्रों को सकारात्मक दिशा देने के उद्देश्य से की थी। क्लब में करीब 200 छात्र जुड़े हुए हैं। इन छात्रों के लिए अलग हॉस्टल की व्यवस्था है। सदस्य सादा जीवन अपनाते हैं, लहसुन प्याज तक का सेवन नहीं करते और प्रतिदिन सुबह ध्यान, योग, माला जाप और मंदिर में पूजन करते हैं। भारतीय परंपरा का व्यापक स्वरूप है IKS IKS यानी इंडीयन नॉलेज सिस्टम भारतीय ज्ञान परंपरा का व्यापक स्वरूप है। इसमें वेद, आयुर्वेद, गणित, खगोल विज्ञान, दर्शन और अर्थशास्त्र जैसे विषय शामिल हैं। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत सरकार भारतीय पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा की शिक्षा में शामिल करने पर जोर दे रही है। शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा संस्थाएं इसे पाठ्यक्रम और शोध से जोड़ने का काम कर रही हैं। उद्देश्य यह है कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक विज्ञान के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। फिल्म छावा की नाट्य प्रस्तुति IKS फेयर में छात्रों ने फिल्म छावा के एक चर्चित दृश्य पर नाट्य प्रस्तुति दी। मंचन में दिखाया गया कि शिवाजी महाराज के निधन के बाद औरंगजेब दक्कन पर आक्रमण करता है और कैसे वीर छावा धोके से उसके कब्जे में पहुंचते हैं। संवाद, वेशभूषा और भावनात्मक अभिनय ने दर्शकों को उस ऐतिहासिक दौर की गंभीरता से रूबरू कराया। प्रस्तुति के माध्यम से छात्रों ने वीरता, संघर्ष और इतिहास से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। ये खबर भी पढ़ें… उच्च शिक्षा विभाग की नई पहल:मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग से एमओयू आज प्रदेश के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के लिए उच्च शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। बुधवार को मुंबई के बोर्ड ऑफ अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग (पश्चिमी क्षेत्र) के साथ विभाग द्वारा समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। पूरी खबर पढ़ें…