Thursday, 17 Sep 2026 | 01:56 AM

Trending :

EXCLUSIVE

प्याज-टमाटर के दाम बढ़े, जून में वेज थाली 5% महंगी:नॉनवेज-थाली की कीमतों में भी इजाफा, मौसम की मार से दालों के दाम बढ़ेंगे

प्याज-टमाटर के दाम बढ़े, जून में वेज थाली 5% महंगी:नॉनवेज-थाली की कीमतों में भी इजाफा, मौसम की मार से दालों के दाम बढ़ेंगे

घर पर तैयार होने वाली वेज थाली की देशभर में एवरेज कीमत 5% बढ़ गई है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी राइस रोटी रेट (RRR) में बताया कि, जून 2026 में टमाटर, प्याज, खाने का तेल और रसोई गैस सिलेंडर महंगा होने से थाली की कीमत बढ़ी है। इससे आलू की कीमतों में आई गिरावट के असर भी खत्म हो गया। एंजेंसी के मुताबिक, चिकन की सप्लाई घटने से नॉन-वेज थाली की कीमत भी जून में 6% महंगी हुई है। वहीं, मौसम की मार के कारण आने वाले दिनों में दालों की कीमत भी बढ़ सकती हैं। कर्नाटक, MP और महाराष्ट्र में फसलों को नुकसान से दालें महंगी रहेंगी क्रिसिल इंटेलिजेंस के डायरेक्टर पुशन शर्मा ने बताया कि उड़द और मूंग का पुराना स्टॉक (ओपनिंग स्टॉक) पहले से ही कम है। इसके साथ ही कर्नाटक, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में मौसम की मार के कारण दालों की पैदावार को नुकसान हुआ है, जिससे आगे भी दालों की कीमतों में तेजी रहने की आशंका है। इसी तरह, प्रमुख उत्पादक राज्यों में लगातार बारिश की कमी के कारण बुआई में देरी और नमी के तनाव से खरीफ की प्याज और टमाटर की पैदावार घट सकती है।

उत्तराखंड के जागेश्वर और डोल आश्रम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव:पारंपरिक भगवा वस्त्र में आए नजर, धाम के धार्मिक महत्व की सराहना की

उत्तराखंड के जागेश्वर और डोल आश्रम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव:पारंपरिक भगवा वस्त्र में आए नजर, धाम के धार्मिक महत्व की सराहना की

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और हेमंत पांडे ने अल्मोड़ा जिले के दो प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों जागेश्वर धाम और डोल आश्रम का दौरा किया। उन्होंने इन स्थानों पर दर्शन-पूजन किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। जागेश्वर धाम में दोनों कलाकारों ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। यह पूजा आचार्य निर्मल भट्ट के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मंदिर परिसर में बिताया समय जागेश्वर धाम पहुंचने पर मंदिर के पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार और स्वस्तिवाचन के साथ दोनों कलाकारों का पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का भ्रमण कर प्राचीन मंदिरों के दर्शन किए और धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी प्राप्त की। मंदिर परिसर में उन्होंने कुछ समय बिताया और जागेश्वर धाम की आध्यात्मिक ऊर्जा, प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक महत्व की सराहना की। अभिनेताओं ने इसे आत्मिक शांति का केंद्र बताया। श्रद्धालुओं से जागेश्वर धाम आने का किया आग्रह इस अवसर पर हेमंत पांडे और राजपाल यादव ने कहा कि जागेश्वर धाम आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत केंद्र है। उन्होंने कहा कि यहां का प्राकृतिक वातावरण, देवदार के घने वन और प्राचीन मंदिरों की दिव्यता मन को गहरी शांति प्रदान करती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से भी जीवन में एक बार जागेश्वर धाम अवश्य आने का आग्रह किया। लोगों ने साथ तस्वीरें खिंचवाईं जागेश्वर धाम पहुंचे अभिनेता राजपाल यादव को देखने और उनसे मिलने के लिए स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिला। कई लोगों ने उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं और उनका अभिवादन किया। राजपाल यादव ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और धार्मिक आस्था उन्हें बार-बार यहां आने के लिए प्रेरित करती है। डोल आश्रम में संतों का लिया आशीर्वाद इसके बाद दोनों अभिनेताओं ने डोल आश्रम में संतों का आशीर्वाद लिया। उन्होंने आश्रम के शांत और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव किया और परिसर का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। आश्रम के आधिकारिक सोशल मीडिया समूहों में साझा की गई तस्वीरों में राजपाल यादव और हेमंत पांडे पारंपरिक भगवा वस्त्र और अंगवस्त्र धारण किए संतों के साथ दिखाई दिए। फिल्म जंगल से बनाई पहचान अपनी बेहतरीन कॉमिक टाइमिंग और सहज अभिनय शैली के लिए पहचाने जाने वाले राजपाल यादव ने फिल्म जंगल से अपनी अलग पहचान बनाई। इसके बाद हंगामा, मुझसे शादी करोगी, गरम मसाला, फिर हेरा फेरी, चुप चुप के, भागम भाग, ढोल, भूल भुलैया, पार्टनर और दे दना दन जैसी फिल्मों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

दृश्यम 3 का नया नैरेटिव तैयार:‘शैतान 2’ पर लगा ब्रेक; जुलाई 2026 से लंदन में नई हॉरर फिल्म शुरू करेंगे अजय देवगन

दृश्यम 3 का नया नैरेटिव तैयार:‘शैतान 2’ पर लगा ब्रेक; जुलाई 2026 से लंदन में नई हॉरर फिल्म शुरू करेंगे अजय देवगन

अजय देवगन की आगामी फिल्मों को लेकर इंडस्ट्री में लगातार चर्चा बनी हुई है। सूत्रों के अनुसार…‘फिलहाल उनका फोकस कई अलग-अलग प्रोजेक्ट्स पर है। इनमें ‘धमाल 4’, ‘दृश्यम 3’, ‘गोलमाल’ फ्रेंचाइज की अगली फिल्म और हाल ही में टीजर के बाद चर्चा में आई ‘चौहान’ शामिल हैं। वहीं, हॉरर-थ्रिलर ‘शैतान’ के सीक्वल को लेकर फिलहाल किसी सक्रिय प्रगति की जानकारी सामने नहीं आई है। सूत्रों का यह भी कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में अजय देवगन ने खुद को सिर्फ एक्शन फिल्मों तक सीमित नहीं रखा है। उनकी मौजूदा फिल्म लाइनअप में कॉमेडी, इन्वेस्टिगेशन थ्रिलर, हॉरर और ड्रामा जैसी अलग-अलग शैलियों की फिल्में शामिल हैं, जो एक अभिनेता के रूप में उनके विविध प्रयोगों को दर्शाती हैं। ‘शैतान 2’ पर नहीं बढ़ रहा काम ‘शैतान 2’ फिलहाल सक्रिय डेवलपमेंट में नहीं है। फिल्म की शूटिंग या प्री-प्रोडक्शन को लेकर अभी तक कोई नई गतिविधि सामने नहीं आई है। इसी बीच खबर है कि अजय देवगन निर्देशक रोहित जुगराज की एक बड़े बजट की अनटाइटल्ड हॉरर फिल्म से इस जॉनर में वापसी की तैयारी कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक…‘फिल्म फिलहाल प्री-प्रोडक्शन चरण में है और इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि यह फिल्म पारंपरिक भूतिया कहानियों से अलग गॉथिक हॉरर की शैली में होगी और इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर आधारित रहेगी। सूत्रों का दावा है कि अजय देवगन इसमें एक रहस्यमयी और अलौकिक शक्तियों वाले किरदार में नजर आएंगे, जिसके लिए उनके लुक पर भी विशेष काम किया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि रोहित जुगराज ने अपने करियर की शुरुआत राम गोपाल वर्मा के साथ की थी और 2003 की फिल्म ‘भूत’ में सहायक निर्देशक रहे थे। पोस्ट-प्रोडक्शन में ‘दृश्यम 3’ , नए नैरेटिव के साथ लौटेगी फिल्म ‘दृश्यम 3’ की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिल्म फिलहाल पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में है। बताया जा रहा है कि एडिटिंग, बैकग्राउंड स्कोर और अन्य तकनीकी कार्य तेजी से चल रहे हैं। हालांकि निर्माताओं ने अभी तक इस संबंध में कोई घोषणा नहीं की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक…‘इस बार हिंदी संस्करण की कहानी मलयालम ‘दृश्यम 3’ से अलग विकसित की गई है। यानी हिंदी दर्शकों के लिए एक नया नैरेटिव तैयार किया गया है, ताकि कहानी में ताजगी बनी रहे। कास्टिंग को लेकर भी कई चर्चाएं हैं। सूत्रों का दावा है कि तबु तीसरे पार्ट में भी अपनी भूमिका निभा सकती हैं। वहीं प्रकाश राज के वकील की भूमिका में और जयदीप अहलावत नए जांच अधिकारी के किरदार में नजर आने की चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि पिछली फिल्म में अक्षय खन्ना के जांच वाले ट्रैक को इस बार नए अधिकारी के जरिए आगे बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, पूरी स्टारकास्ट और किरदारों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। फिल्म ‘धमाल 4’ के प्रमोशन में जुटी टीम, रिलीज से पहले होगा बड़ा प्रमोशनल अजय देवगन की ‘धमाल 4’ रिलीज से पहले प्रमोशनल चरण में पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार…‘फिल्म की टीम लगातार प्रचार गतिविधियों में हिस्सा ले रही है। अजय देवगन के साथ रितेश देशमुख, अरशद वारसी, रवि किशन समेत अन्य कलाकार भी विभिन्न प्रमोशनल इवेंट्स में नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि फिल्म को फैमिली ऑडियंस तक पहुंचाने के लिए ऑन-ग्राउंड इवेंट्स के साथ-साथ डिजिटल प्रमोशन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है।’ सूत्रों के मुताबिक…‘फिल्म की रिलीज डेट पहले तय कार्यक्रम में बदलाव के बाद 10 जुलाई कर दी गई। इंडस्ट्री में इसे बॉक्स ऑफिस रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, हालांकि मेकर्स ने रिलीज डेट में बदलाव की वजह पर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।’ यह एक बड़े बजट की फिल्म है। इसकी शूटिंग जुलाई 2026 से शुरू होने की संभावना है। निर्माण कुमार मंगत पाठक कर रहे हैं। इसकी कहानी लंदन की पृष्ठभूमि पर बेस्ड होगी

माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा – ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा - ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

क्या आप भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटर के सामने बैठकर डेस्क जॉब करते हैं? अगर हां, तो परप्लेक्सिटी एआई के सीईओ अरविंद श्रीनिवास का दावा आपको चौंका सकता है। श्रीनिवास का कहना है कि यह 9 से 5 की डेस्क जॉब इंसानी काम का कोई स्वाभाविक विकास नहीं है, बल्कि माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स द्वारा तैयार की गई एक बेहद सफल बिजनेस स्ट्रैटजी थी। हाल ही में मशहूर पॉडकास्ट ‘द जो रोगन एक्सपीरियंस’ में बातचीत के दौरान श्रीनिवास ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने अपने सॉफ्टवेयर बेचने के लिए जानबूझकर ‘आधुनिक ऑफिस वर्कर’ का कॉन्सेप्ट तैयार किया था। श्रीनिवास ने कहा, ‘माइक्रोसॉफ्ट ने ऑफिस वर्कर की इस पूरी अवधारणा को सिर्फ इसलिए खड़ा किया क्योंकि वे अपना ऑफिस सॉफ्टवेयर बेचना चाहते थे। बिल गेट्स का मिशन ही यही था कि हर डेस्क पर एक पीसी (कंप्यूटर) हो और लोग उससे चिपके रहें।’ उन्होंने आगे बताया कि दिनभर डेस्क पर बैठकर स्क्रीन को घूरते रहने वाले इस वर्क कल्चर को सुनियोजित तरीके से नीचे से ऊपर तक तैयार किया गया था। सीईओ श्रीनिवास का यह दावा सुनकर पॉडकास्ट के होस्ट जो रोगन भी हैरान रह गए। रोगन ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘वाह! इस तरह की लाइफस्टाइल बहुत ही हालिया चीज है जिसे हम सबने अब सामान्य मान लिया है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस मामले में सटीक निशाना लगाया।’ परप्लेक्सिटी प्रमुख श्रीनिवास ने समझाया कि इस रणनीति के तहत कॉरपोरेट जगत में आने से पहले ही पीढ़ियों को माइक्रोसॉफ्ट के उत्पादों का आदी बनाया गया। उन्होंने कहा, ‘यही वजह है कि हम सभी को बचपन से माइक्रोसॉफ्ट वर्ड और एक्सेल का इस्तेमाल करना सिखाया गया। एक बार जब आप यह सीख गए, तो आप किसी ऐसी कंपनी में काम करने के लिए तैयार हो गए जिसके डेस्क पर पीसी हो और जो माइक्रोसॉफ्ट को सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने के पैसे दे रही हो।’ स्कूलों और शुरुआती कॉरपोरेट कल्चर में वर्ड और एक्सेल को अनिवार्य बनाकर माइक्रोसॉफ्ट ने मुनाफे का एक कभी न खत्म होने वाला चक्र तैयार कर लिया। गेट्स का मकसद जॉब्स की तरह कंप्यूटिंग को सुंदर बनाना नहीं था – सीईओ अरविंद श्रीनिवास ने बिल गेट्स के आक्रामक कॉरपोरेट विजन की तुलना एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स से की। उन्होंने कहा कि जहां स्टीव जॉब्स का ध्यान सुंदर, आकर्षक और आसान मशीनें बनाने पर था, वहीं माइक्रोसॉफ्ट का लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना था। श्रीनिवास ने कहा, ‘जैसा स्टीव जॉब्स सोचते थे। उन्हें सिर्फ कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर बेचने की परवाह थी, क्योंकि ज्यादा सॉफ्टवेयर बेचने से ही आप अमीर बनते हैं।’

UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

UK की व्हिस्की-कारें भारत में 7 दिन बाद सस्ती मिलेंगी:भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा; जानें किन चीजों के दाम बदलेंगे

भारत में UK की कारें, व्हिस्की, कपड़े और फुटवियर 7 दिन बाद सस्ते मिलेंगे। क्योंकि, भारत-UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यानी इस दिन से भारत के 99% सामानों को UK में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा। वहीं UK के 99% सामान 3% एवरेज टैरिफ पर आयात होंगे। इससे 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 120 बिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। करीब 3 साल में 14 राउंड की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनके UK समकक्ष कीर स्टार्मर की उपस्थिति में इस समझौते पर साइन किए थे। ब्रिटिश हाई कमिश्नर ने कहा ‘ऐतिहासिक पल’ इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले दोनों देशों के बिजनेस और कंपनियों के पास तैयारी करने के लिए अब सिर्फ एक महीने से भी कम बचा है। भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “उल्टी गिनती शुरू हो गई है! UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू हो जाएगा। यह आधुनिक यूके-भारत पार्टनरशिप के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जो हमारी दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए ग्रोथ के एक नए युग की शुरुआत करेगा।” सवाल जवाब में समझिएं इस एग्रीमेंट से क्या-क्या फायदा होगा… सवाल 1: भारत में कौन सी चीजें सस्ती होंगी? जवाब: UK से आयात होने वाले सामानों पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% होगा। 85% सामान 10 साल में पूरी तरह टैरिफ-मुक्त होंगे। इससे कई चीजें सस्ती होंगी: सवाल 2: भारत के किन-किन सेक्टर्स को फायदा होगा? जवाब: टेक्सटाइल से लेकर इंजीनियरिंग, मेडिकल और केमिकल जैसे सेक्टर्स को फायदा होगा। 1. टेक्सटाइल सेक्टर यूके में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल्स जैसे चादर, परदे पर 8-12% टैक्स लगता था, वो अब पूरी तरह खत्म हो जाएगा। इससे हमारे कपड़े बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के मुकाबले सस्ते और ज्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे। तिरुप्पुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन साल में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है। 2. गहने और चमड़े का सामान भारत से यूके जाने वाली ज्वेलरी और चमड़े के सामान जैसे बैग, जूतों पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे छोटे बिजनेस (MSME) और लग्जरी ब्रांड्स को बड़ा फायदा होगा। साथ ही यूके के रास्ते यूरोप में भारत का दबदबा और बढ़ेगा। 3. इंजीनियरिंग सामान और ऑटो पार्ट्स यूके ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटो पार्ट्स जैसे कार के पुर्जे पर लगने वाला इम्पोर्ट टैक्स खत्म कर दिया है। इससे भारत, यूके और यूरोप की इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन और मजबूत होगी। पुणे, चेन्नई और गुड़गांव जैसे मैन्युफैक्चरिंग हब को फायदा होगा। 4. दवाइयां और मेडिकल डिवाइस भारतीय फार्मा कंपनियों को यूके में जेनेरिक दवाइयों के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस मिलेगी। इससे भारत की दवाइयां यूके की हेल्थ सर्विस (NHS) में आसानी से पहुंचेंगी और दवाओं का अप्रूवल भी जल्दी मिलेगा। 6. खाने-पीने का सामान, चाय, मसाले और समुद्री प्रोडक्ट्स बासमती चावल, झींगा जैसे समुद्री प्रोडक्ट, प्रीमियम चाय और मसालों पर यूके का इम्पोर्ट टैक्स खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों की एक्सपोर्ट इंडस्ट्री को बड़ा बूस्ट मिलेगा। 7. केमिकल्स और स्पेशलिटी मटेरियल्स एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर टैक्स कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख हब से निर्यात को बढ़ावा मिलेगा। इस डील के तहत भारत का लक्ष्य है कि 2030 तक यूके में अपने केमिकल निर्यात को दोगुना कर दे। 8. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक ये समझौता रिन्यूएबल एनर्जी में जॉइंट वेंचर्स का रास्ता खोलेगा, जिसमें सोलर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं। यूके भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में और निवेश करेगा, जिससे नई टेक्नोलॉजीज का को-डेवलपमेंट होगा। सवाल 3: इस डील से भारत की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होगा? जवाब: FTA भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई तरह से फायदेमंद है: सवाल 4: यह एग्रीमेंट कब से लागू होगा? जवाब: यह समझौता 24 जुलाई 2025 को साइन हुआ है, लेकिन इसे लागू होने में करीब एक साल लग सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भारत की केंद्रीय कैबिनेट और UK की संसद से मंजूरी जरूरी है। भारत की केंद्रीय कैबिनेट से इसे मंजूरी मिल चुकी है। सवाल 5: भारत-UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत कब शुरू हुई थी? जवाब: भारत और UK के बीच एग्रीमेंट को लेकर बातचीत 13 जनवरी 2022 को शुरू हुई थी, जो करीब 3.5 साल बाद पूरी हुई। 2014 से भारत ने मॉरीशस, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA (यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन) के साथ 3 ऐसे फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत यूरोपियन यूनियन (EU) के साथ इसी तरह के समझौतों पर एक्टिवली बातचीत कर रहा है। सवाल 6: ट्रेड एग्रीमेंट्स कितने टाइप के होते हैं? जवाब: फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स को उसके नेचर के हिसाब से अलग-अलग नाम दिए जाते हैं। इनमें PTA (प्रेफरेंशियल), RTA (रीजनल) और BTA (बाइलेटरल) शामिल हैं। WTO इस तरह के सभी इकोनॉमिक इंगेजमेंट्स को RTA नाम देता है। सवाल 7: भारत ने किन देशों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं? जवाब: भारत ने श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलेशिया, कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, यूएई, मॉरीशस, ASEAN और EFTA ब्लॉक्स के साथ ट्रेड एग्रीमेंट्स किए हैं। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ डील हासिल करने के बाद भारत ने अपना FTA फोकस ईस्ट (ASEAN, जापान, कोरिया) से वेस्टर्न पार्टनर्स की ओर शिफ्ट कर दिया है। भारत अब एक्सपोर्ट्स का विस्तार करने और वेस्ट की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से व्यापार संबंधों को मजबूत करने के लिए EU और US के साथ FTA को प्राथमिकता दे रहा है।

एक साल में डार्क स्टोर्स डेढ़ गुना बढ़े:पेय पदार्थ, आइसक्रीम और फेस केयर की बिक्री सबसे ज्यादा; 1लाख करोड़ का बाजार

एक साल में डार्क स्टोर्स डेढ़ गुना बढ़े:पेय पदार्थ, आइसक्रीम और फेस केयर की बिक्री सबसे ज्यादा; 1लाख करोड़ का बाजार

देश में क्विक कॉमर्स तेजी से पारंपरिक ई-कॉमर्स को पीछे छोड़ रहा है। इक्विरस कैपिटल की जून 2026 कंज्यूमर सेक्टर रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का डिजिटल कॉमर्स बाजार 2026 में 8 लाख करोड़ रुपए का अनुमानित है, जिसमें क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी 1.08 लाख करोड़ रुपए है। सबसे खास बात यह है कि क्विक कॉमर्स सालाना आधार पर 40% की दर से बढ़ रहा है, जो समूचे डिजिटल कॉमर्स की ग्रोथ रफ्तार से दोगुने से भी ज्यादा है। ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट और जेप्टो जैसी प्रमुख कंपनियों के डार्क स्टोर नेटवर्क में पिछले एक साल में भारी इजाफा हुआ है। मई 2025 में इन तीनों कंपनियों के मिलाकर 3,405 डार्क स्टोर थे, जो मई 2026 में बढ़कर 5,026 हो गए। यानी महज एक साल में डार्क स्टोर्स की संख्या करीब डेढ़ गुना बढ़ी है। यह आक्रामक विस्तार बताता है कि कंपनियां छोटे शहरों और नए इलाकों में तेजी से पैर पसार रही हैं, ताकि 10-15 मिनट में डिलीवरी का वादा पूरा किया जा सके। रिपोर्ट के अनुसार, इस सीजन में आइसक्रीम, पेय पदार्थ (बेवरेजेज) और फेस केयर उत्पाद क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर सबसे तेज ग्रोथ दिखाने वाली कैटेगरी रहीं। गर्मी के मौसम में इन उत्पादों की मांग स्वाभाविक रूप से बढ़ती है, लेकिन क्विक कॉमर्स ने इस मांग को तुरंत पूरा करने में अहम भूमिका निभाई, जिससे पारंपरिक रिटेल चैनलों पर दबाव बढ़ा है। कमजोर मानसून से ग्रामीण मांग सुस्त पड़ने का खतरा बढ़ा हालांकि कंज्यूमर सेंटीमेंट के लिए एक चिंता की खबर भी है। रिपोर्ट में बताया गया कि 4 जून से 22 जून के बीच देश में सामान्य 97.6 मिलीमीटर के मुकाबले महज 53.1 मिमी बारिश हुई। यानी 46% की भारी कमी। इससे जून 2026 पिछले 146 वर्षों में सबसे सूखे महीनों में शुमार हो गया है। एनालिस्ट्स का मानना है कि अल नीनो की स्थितियां और कमजोर मानसून ग्रामीण आय और मांग पर विपरीत असर डाल सकते हैं, जो एफएमसीजी खपत का एक अहम आधार है। क्विक कॉमर्स – एक नजर में ग्रोथ पैरामीटर मई 2025 मई 2026 वृद्धि डार्क स्टोर्स 3,405 5,026 48% साइज — ₹1.08* 40% साइज लाख करोड़ में, डार्क स्टोर (ब्लिंकिट + इंस्टामार्ट + जेप्टो)

'गलत काम करने वालों की आलोचना होनी चाहिए':अयोध्या में चढ़ावा चोरी पर अनुपम खेर बोले- इससे लोगों की आस्था पर फर्क नहीं पड़ता

'गलत काम करने वालों की आलोचना होनी चाहिए':अयोध्या में चढ़ावा चोरी पर अनुपम खेर बोले- इससे लोगों की आस्था पर फर्क नहीं पड़ता

फिल्म अभिनेता अनुपम खेर मंगलवार को अयोध्या पहुंचे। यहां उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी और राम जन्मभूमि में दर्शन-पूजन कर भगवान राम और बजरंगबली का आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने अपनी नई फिल्म ‘श्री राम भूमि’ की शूटिंग शुरू की। उन्होंने बताया कि फिल्म की शूटिंग अयोध्या में करीब 10 से 12 दिन तक चलेगी। अनुपम खेर ने कहा कि किसी भी नए काम की शुरुआत भगवान के आशीर्वाद से करना शुभ माना जाता है। उन्होंने सभी लोगों के सुख, शांति और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। राम मंदिर से जुड़े हालिया कथित चोरी के मामले पर उन्होंने कहा कि गलत काम करने वालों की आलोचना होनी चाहिए, लेकिन इससे मंदिर की गरिमा और लोगों की आस्था पर कोई असर नहीं पड़ता। उनके अनुसार, दान श्रद्धा और विश्वास से किया जाता है, इसलिए किसी की गलती को भगवान, मंदिर या सनातन धर्म से जोड़ना उचित नहीं है।

प्रभास को जोकर कहने पर फंसे थे अरशद वारसी:सफाई में कहा- सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, पता है हद क्या है, सेलेब्स ने की थी निंदा

प्रभास को जोकर कहने पर फंसे थे अरशद वारसी:सफाई में कहा- सिर्फ दोस्तों से मजाक करता हूं, पता है हद क्या है, सेलेब्स ने की थी निंदा

कुछ समय पहले ही अरशद वारसी ने फिल्म कल्कि 2898AD की आलोचना करते हुए कहा था कि फिल्म में प्रभास जोकर की तरह लग रहे थे। इस बयान पर उनकी जमकर आलोचना हुई और फिल्म के डायरेक्टर नाग अश्विन और एक्टर सुधीर बाबू ने उनके बयान की निंदा की। अब अरशद ने इस विवाद पर चुप्पी तोड़ी है और कहा कि वो सिर्फ उनके साथ मजाक करते हैं, जिन्हें वो जानते हैं। प्रभास पर दिए बयान पर अरशद वारसी ने न्यूज 18 को दिए इंटरव्यू में कहा है, ‘मैं सिर्फ अपने दोस्तों के साथ ही मजाक करता हूं। सच कहूं तो मैं किसी और के साथ मजाक नहीं करता। अगर मुझे कोई मजाक करना होता है, तो मैं सिर्फ उन्हीं लोगों के साथ करता हूं जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूं और जो मेरे दोस्त हैं।’ आगे एक्टर ने कहा, ‘मुझे पता होता है कि उनके सामने क्या कहना है और कितनी हद तक कहना है। लेकिन अगर मैं किसी को नहीं जानता, तो उसके सामने कुछ भी नहीं कहता, क्योंकि मुझे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं होती। बात बस इतनी-सी है।’ बातचीत में अरशद ने कहा है कि आज कल सोशल मीडिया पर हर बात को लेकर इतनी ज्यादा जांच-पड़ताल होती है कि लोगों को मजाक को मजाक की तरह लेना सीखना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम सभी को थोड़ा हल्के-फुल्के अंदाज में जीना चाहिए।” अरशद का मानना है कि असल जिंदगी के अलावा फिल्मों में दिखाए जाने वाले मजाक को भी लोगों को मजाक की तरह ही लेना चाहिए। उन्होंने फिल्म मुन्नाभाई एमबीबीएस के उस डायलॉग का उदाहरण दिया, जिसमें उन्होंने एक चीनी टूरिस्ट को हक्का नूडल्स कहा था। अरशद ने कहा, ‘उसमें कुछ भी आपत्तिजनक नहीं है। आज लोग उसका ज्यादा विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन वह गलत नहीं है। जैसे हम किसी लड़के को मजाक में ‘बाल की दुकान’ कह देते हैं, उसमें भी कुछ आपत्तिजनक नहीं होता।’ हालांकि, अरशद यह भी कहते हैं कि वह ‘सेल्फ सेंसरशिप’ यानी खुद पर संयम रखने में भरोसा करते हैं। उन्होंने कहा, “हर किसी को इसका पालन करना चाहिए। मैं व्यक्तिगत तौर पर पाकिस्तानी ह्यूमर का बड़ा प्रशंसक नहीं हूं, क्योंकि वह अक्सर दूसरे लोगों को नीचा दिखाने वाला होता है। उसमें लोगों का मजाक उड़ाना और नाम रखकर चिढ़ाना ज्यादा होता है। कई लोगों को वह पसंद आता है, लेकिन मुझे नहीं। इसी तरह मुझे डबल मीनिंग या सेक्सुअल कॉमेडी भी पसंद नहीं है। यह मेरी निजी पसंद है। लोगों की अपनी-अपनी पसंद हो सकती है, लेकिन मैं अपने लिए इसी तरह की सेल्फ सेंसरशिप अपनाता हूं।” क्या था अरशद का पुराना बयान और क्यों हुआ विवाद समदीश भाटिया के पॉडकास्ट में अरशद वारसी से पूछा था कि उनकी देखी हुई आखिरी बुरी फिल्म कौन सी थी। इस पर उन्होंने कल्कि का नाम लेकर कहा था, ‘मैंने ‘कल्कि’ देखी तो मुझे अच्छी नहीं लगी। मुझे बहुत तकलीफ होती है पर अमित जी, वो आदमी समझ में ही नहीं आता यार। कसम से अगर उनके जितनी पावर मिल जाए ताे लाइफ बन जाए। वो कमाल हैं, अविश्वसनीय हैं। प्रभास को देखकर मैं वास्तव में दुखी हुआ। वो क्यों थे उस फिल्म में, माफी चाहूंगा पर वो एक जोकर की तरह लग रहे थे। मैं ‘मैड मैक्स’ (हॉलीवुड फिल्म) देखना चाहता हूं। मैं वहां मेल गिब्सन (हॉलीवुड एक्टर) को देखना चाहता हूं। तुमने उसको क्या बना दिया यार। क्यों करते हो ऐसा.. मुझे नहीं समझ में आता।’ अरशद वारसी के बयान पर भड़के डायरेक्टर नाग अश्विन अरशद का बयान सामने आने के बाद कल्कि डायरेक्टर नाग अश्विन ने सोशल मीडिया पर निंदा कर लिखा, “आइए पीछे न जाएं। अब नॉर्थ वर्सेस साउथ या बॉलीवुड वर्सेस टॉलीवुड जैसी बहसें बंद होनी चाहिए। हमें बड़ी तस्वीर पर ध्यान देना चाहिए, एकजुट भारतीय फिल्म इंडस्ट्री। अरशद साहब को अपने शब्दों का चुनाव थोड़ा बेहतर करना चाहिए था, लेकिन कोई बात नहीं। मैं उनके बच्चों के लिए ‘बुज्जी’ के खिलौने भेज रहा हूं। और मैं इतनी मेहनत करूंगा कि जब ‘कल्कि 2’ (K2) रिलीज हो, तो पहले दिन का पहला शो देखने के बाद वही ट्वीट करें कि प्रभास अब तक के सबसे बेहतरीन कलाकार हैं। वहीं साउथ एक्टर सुधीर बाबू ने भड़ककर लिखा, “रचनात्मक आलोचना करना ठीक है, लेकिन किसी के बारे में अपमानजनक बातें करना कभी सही नहीं होता। मुझे अरशद वारसी से ऐसी गैर-पेशेवर टिप्पणी की उम्मीद नहीं थी। प्रभास का कद इतना बड़ा है कि छोटे सोच वाले लोगों की टिप्पणियों से उस पर कोई फर्क नहीं पड़ता।”

OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज':स्पेशल स्क्रीनिंग शुरू; फिल्म में पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार हत्याओं का दावा

OTT से हटी, गुरुद्वारों में फ्री दिखेगी दिलजीत की 'सतलुज':स्पेशल स्क्रीनिंग शुरू; फिल्म में पंजाब में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार हत्याओं का दावा

OTT प्लेटफॉर्म से हटाई गई दिलजीत दोसांझ स्टारर फिल्म ‘सतलुज’ अब फ्री में पंजाब में गुरुद्वारों दिखाई जाएगी। यह फिल्म पंजाब में आतंकवाद के दौर यानी 90 के दशक में फर्जी मुठभेड़ में 25 हजार युवाओं की हत्या का दावा करने वाले ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट जसवंत खालड़ा की जिंदगी पर आधारित है। गुरदासपुर से गुरुद्वारों में फिल्म दिखाने की शुरूआत हो चुकी है। यहां गांव मानचोपड़ा में गुरुद्वारा साहिब से अनाउंसमेंट कर गांव के लोगों को फिल्म दिखाई गई। मोगा के गुरुद्वारे में भी फिल्म दिखाई गई। अब बुधवार और गुरुवार को पठानकोट के 2 प्रमुख गुरुद्वारों गुरुद्वारा सिंह सभा, मॉडल टाउन और गुरुद्वारा सिंह सभा सेंट्रल (रानीपुर) में इसकी स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया गया है। भारतीय किसान यूनियन के पंजाब यूथ अध्यक्ष इंद्रपाल सिंह बैंस ने कहा कि फिल्म को पंजाब के अन्य जिलों और गांव-गांव तक ले जाया जाएगा, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे देख सकें। वहीं दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (DSGMC) ने स्कूल-कॉलेजों में भी फिल्म की स्क्रीनिंग का ऐलान कर दिया है। गुरुद्वारा प्रबंधकों का दावा- इतिहास दबाने की कोशिश हुई पठानकोट के गुरुद्वारा प्रबंधक मनप्रीत सिंह का कहना है कि फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता भाई जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और संघर्ष पर आधारित है। उनका आरोप है कि पंजाब के इतिहास के एक अहम अध्याय को लोगों तक पहुंचने से रोकने के लिए फिल्म को जानबूझकर OTT प्लेटफॉर्म से हटाया गया। उनका कहना है कि अगर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फिल्म नहीं दिखाई जाएगी तो गुरुघरों के माध्यम से इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी खालड़ा के संघर्ष, मानवाधिकारों की लड़ाई और उनके बलिदान से परिचित हो सके। सीनियर वकील बोले- गुरुद्वारों में स्क्रीनिंग गैरकानूनी नहीं OTT से हटाने के बावजूद इसकी सार्वजनिक स्क्रीनिंग को लेकर पठानकोट के सीनियर एडवोकेट विशाल कोहली ने कहा कि गुरुद्वारों में संगत के लिए फिल्म की स्क्रीनिंग करना किसी कानून का उल्लंघन नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म की सामग्री पहले ही अलग-अलग ऑनलाइन माध्यमों पर लोगों तक पहुंच चुकी है। ऐसे में सामाजिक जागरूकता के उद्देश्य से इसका प्रदर्शन करना गैरकानूनी नहीं माना जा सकता। DSGMC का ऐलान- गुरुद्वारों के साथ स्कूल-कॉलेजों में भी दिखाई जाएगी फिल्म दिल्ली सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (DSGMC) भी फिल्म के समर्थन में खुलकर सामने आ गई है। कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर बनी इस फिल्म को रोकना इतिहास को दबाने की कोशिश है। उन्होंने घोषणा की कि दिल्ली के गुरुद्वारों में फिल्म की सार्वजनिक स्क्रीनिंग कराई जाएगी। साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, संघर्ष और मानवाधिकारों पर सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। सभी गुरुद्वारा कमेटियों से फिल्म को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की अपील भी की गई है। दिलजीत की फिल्म में क्या दिखाया गया, जिस पर एतराज? दिलजीत की इस फिल्म में पूर्व CM बेअंत सिंह की बम ब्लास्ट में हत्या का सीन भी दिखाया गया है। फिल्म की कहानी के लिए इस सीन को पुलिस की क्रूरता के एक टर्निंग पॉइंट के रूप में दिखाया गया है। फिल्म में यह भी दिखाया गया है कि कैसे पुलिस की क्रूरता और निर्दोष लोगों पर बढ़ते अत्याचारों के कारण एक आम आदमी अंदर से टूट जाता है और आतंकवाद या इस तरह के कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाता है। इसमें तत्कालीन DGP केपीएल गिल को IPS बिट्‌टा के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म में दिखाया गया है 31 अगस्त 1995 को तत्कालीन सीएम बेअंत सिंह की हत्या होती है और इस घटना के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 6 सितंबर 1995 को जसवंत सिंह खालड़ा का भी अपहरण कर लिया जाता है। मुख्यमंत्री की मौत के बाद जब राजनीतिक माहौल बदला, तो पुलिस को डर था कि खालड़ा उनके इस 25 हजार अवैध दाह-संस्कार के काले राज को दुनिया के सामने न ले आएं, इसलिए वे खालड़ा का अपहरण करने का कदम उठाते हैं। फिल्म हटाने को लेकर केंद्र की क्या चिंता, आगे क्या फैसला लिया? केंद्र ने फिल्म हटाने को लेकर अभी औपचारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। हालांकि सरकारी सोर्सेज के जरिए मीडिया के मुताबिक फिल्म के कुछ हिस्सों का भारत विरोधी ताकतों द्वारा दुरुपयोग किए जाने की आशंका है। सूत्रों के मुताबिक, चिंता है कि फिल्म के कुछ दृश्य और सामग्री का इस्तेमाल खालिस्तान समर्थक आंदोलन के पक्ष में माहौल बनाने के लिए किया जा सकता है। खासकर पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले ऐसा हो सकता है। सरकार का मानना है कि “ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे सबसे ऊपर होते हैं। यह राजनीति का विषय नहीं है। हालांकि केंद्र ने भाजपा के पंजाब प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की अपील के बाद इस पर रिव्यू कमेटी बनाई है। कमेटी फिल्म की सामग्री, तथ्यों और प्रस्तुत किए गए विषयों का अध्ययन करेगी। जसवंत सिंह खालड़ा के बारे में जानिए, जिनके जीवन पर यह फिल्म बनी बैंक में काम करते थे, लावारिश लाशें खोजनी शुरू कर दीं 1990 के दशक के पंजाब के कई इलाकों में खालिस्तान की मांग जोर पकड़ रही थी। ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ में 6 जून 1984 को खालिस्तान समर्थक जरनैल सिंह ‘भिंडरांवाले’ की मौत हो गई। जवाब में 31 अक्टूबर, 1984 को पीएम इंदिरा गांधी की उनके ही 2 सिख बॉडीगार्ड्स ने हत्या कर दी। इसके बाद खालिस्तान मूवमेंट को कुचलने का दौर शुरू हुआ। 1992 में बेअंत सिंह सीएम बने। तब के पंजाब पुलिस के DGP कंवर पाल सिंह गिल (केपीएस गिल) ने एंटी-टेररिज्म अभियान चलाया। पुलिस को खुली छूट थी। पंजाब के कई इलाकों से हजारों नौजवान रातोंरात गायब हो रहे थे। पुलिस पर निहत्थे लोगों को हिरासत में लेने और फर्जी एनकाउंटर के आरोप लग रहे थे। 1952 में अमृतसर जिले के खालड़ा गांव में जन्मे जसवंत सिंह, तब अमृतसर के एक बैंक में काम करते थे। जनवरी 1995 में वे शिरोमणि अकाली दल की मानवाधिकार यूनिट के महासचिव भी थे। लापता लोगों के डेथ सर्टिफिकेट न होने के चलते उनके परिवार वाले न उनकी संपत्ति पर दावा कर सकते थे और न ही बैंक में उनके खातों से पैसा निकाल पा रहे थे। ऐसे में जसवंत ने लापता लोगों, पुलिस हिरासत में हुई मौतों और श्मशानों में

पाकिस्तान का कार्गो प्लेन कराची के पास गायब हुआ:नेविगेशन सिस्टम में खराबी आई, 5 क्रू मेंबर सवार थे, अरब सागर में सर्च ऑपरेशन जारी

पाकिस्तान का कार्गो प्लेन कराची के पास गायब हुआ:नेविगेशन सिस्टम में खराबी आई, 5 क्रू मेंबर सवार थे, अरब सागर में सर्च ऑपरेशन जारी

पाकिस्तान का एक कार्गो विमान मंगलवार रात कराची पहुंचने से पहले लापता हो गया। विमान शारजाह से कराची आ रहा था और उसमें 5 क्रू मेंबर सवार थे। पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी के मुताबिक, रात 9:18 बजे पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को नेविगेशन सिस्टम में खराबी की जानकारी दी। कंट्रोल रूम ने विमान को मार्गदर्शन देने की कोशिश की, लेकिन करीब तीन मिनट बाद उसका संपर्क टूट गया। आखिरी बार विमान कराची से 155 नॉटिकल मील (287 किमी) पश्चिम में ट्रैक किया गया। विमान के लापता होने के बाद अरब सागर में बड़े स्तर पर सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया है। पाकिस्तान नेवी, एयर फोर्स और अन्य एजेंसियां खोज अभियान में जुटी हैं। अधिकारियों ने अभी तक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने या किसी हताहत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।