कीमती लकड़ी ही नहीं, संजीवनी भी हैं सागवान के पत्ते, एक्जिमा से लेकर बवासीर तक में रामबाण!

Last Updated:April 04, 2026, 15:45 IST Teak Leaves Health Benefits: अक्सर हम सागवान को केवल फर्नीचर के लिए इस्तेमाल होने वाली मजबूत लकड़ी के रूप में जानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयुर्वेद में इसके पत्ते किसी ‘सुपरफूड’ या औषधि से कम नहीं हैं? त्वचा की गंभीर बीमारियों जैसे एक्जिमा और एलर्जी से लेकर, बवासीर और पाचन संबंधी विकारों तक, सागवान के पत्ते सेहत का एक बड़ा खजाना समेटे हुए हैं. एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुणों से भरपूर ये पत्ते न केवल घाव भरने में सक्षम हैं, बल्कि शरीर के भीतर छिपे टॉक्सिंस को बाहर निकालकर आपको एक सेहतमंद जीवन प्रदान कर सकते हैं. सागवान के पत्ते त्वचा रोगों (एक्जिमा, एलर्जी), सूजन, घाव भरने, दस्त, बवासीर और बुखार जैसी समस्याओं में औषधीय रूप से बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें प्राकृतिक रूप से एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण पाए जाते हैं. इसके पत्तों का उपयोग आयुर्वेद में मुख्य रूप से घाव सुखाने, त्वचा में निखार लाने और शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को कम करने के लिए सदियों से किया जाता रहा है. विशेषज्ञ डॉक्टर विनीत शर्मा के अनुसार, सागवान के पत्ते त्वचा के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होते हैं. इनमें मौजूद एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजन कम करने वाले) गुण मुँहासे, खुजली, एलर्जी और घावों को तेजी से ठीक करने में मदद करते हैं. यह न केवल त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करते हैं, बल्कि प्राकृतिक चमक लाने में भी सहायक होते हैं. सागवान के पत्ते घाव भरने और त्वचा संबंधी विभिन्न समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें सूजन को कम करने और घाव को जल्दी भरने के प्राकृतिक गुण होते हैं. यदि आपको छोटे घाव, जलन, खुजली या त्वचा का कोई संक्रमण है, तो सागवान के पत्तों का अर्क या लेप इन समस्याओं को कम करने में जादुई भूमिका निभा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google सागवान के पत्ते पाचन में सहायक होते हैं और पेट संबंधी समस्याओं जैसे दस्त, पेचिश और कब्ज के लिए पारंपरिक रूप से फायदेमंद माने जाते हैं. इसमें विशेष कसैले गुण होते हैं जो मल को बांधने में मदद करते हैं, जिससे दस्त जैसी समस्या में तुरंत आराम मिलता है. इसके अतिरिक्त, इनका उपयोग आंतरिक रक्तस्राव को रोकने में भी किया जाता है. सागवान के पत्ते सूजन और दर्द में कमी लाने के लिए बहुत प्रभावी हैं. इनके पत्तों का लेप मांसपेशियों के दर्द और जोड़ों की सूजन में राहत देता है. पुराने घावों या एलर्जी के कारण होने वाली परेशानी में इनके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण राहत प्रदान करते हैं. यह शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाली पुरानी चोटों के दर्द को कम करने के लिए एक सटीक घरेलू उपचार है. सागवान के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं और त्वचा संबंधी समस्याओं, घाव भरने, सूजन कम करने, और पाचन विकारों (दस्त/पेचिश) के उपचार में बहुत फायदेमंद हैं. इनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं. और इनके अर्क का उपयोग बाहरी रक्तस्राव को रोकने व एलर्जी कम करने के लिए किया जा सकता है. सागवान के पत्ते दाग-धब्बे और मुंहासे के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इनमें एंटी-बैक्टीरियल और सूजनरोधी गुण होते हैं. जो मुंहासों को कम करने और त्वचा की सूजन को शांत करने में मदद करते हैं. इन्हें पीसकर लेप लगाने से त्वचा संबंधी समस्याओं (जैसे खुजली, घाव) में आराम मिलता है. First Published : April 04, 2026, 15:45 IST
Machar Bhagane Ka Tarika: मच्छरों से परेशान? घर में लगाएं ये पौधा, दूर-दूर तक नहीं भटकेंगे

Last Updated:April 04, 2026, 15:28 IST गर्मियों में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से लोग काफी परेशान रहते हैं और उनसे बचने के लिए केमिकल वाले उत्पादों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन अब आप मरुआ के पौधे की मदद से इस समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. यह पौधा न सिर्फ मच्छरों को दूर रखता है, बल्कि औषधीय गुणों के कारण सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसे आप आसानी से अपने किचन गार्डन या गमले में उगा सकते हैं. गर्मियों की शुरुआत होते ही जहां लोग तेज धूप और गर्मी से परेशान रहते हैं, वहीं मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ जाता है. दिन में चिलचिलाती धूप और गर्म हवाएं परेशान करती हैं, तो शाम होते ही मच्छरों का आतंक बढ़ जाता है. ग्रामीण हो या शहरी क्षेत्र, हर जगह लोग मच्छरों से काफी परेशान हैं. अप्रैल में गर्म हवाओं के कारण घरों के आसपास जमा पानी सूख जाता है, लेकिन नालियों और कूलरों में मच्छरों का लार्वा तेजी से पनपता है. यही मच्छर मौका मिलते ही घरों में घुसकर लोगों की परेशानी बढ़ा देते हैं. मच्छरों से बचने के लिए लोग अक्सर केमिकल वाली अगरबत्ती या कॉइल का इस्तेमाल करते हैं, जिससे कई बार सांस से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. ऐसे में मच्छरों को भगाने के देसी उपाय ज्यादा फायदेमंद होते हैं. एक ऐसा पौधा है जिसे गमले में लगाकर आसानी से मच्छरों से छुटकारा पाया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google दरअसल, मरुआ का पौधा एक प्राकृतिक मॉस्किटो रिपेलेंट है. तुलसी जैसा दिखने वाला यह पौधा औषधीय गुणों से भरपूर होता है और इसे किचन गार्डन में आसानी से उगाया जा सकता है. एसबीवीपी इंटर कॉलेज, रायबरेली के गृह विज्ञान प्रवक्ता अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मरुआ पुदीना और तुलसी की प्रजाति का पौधा है, जो बच्चों के लिए लाभकारी है, लेकिन मच्छरों और कीट-पतंगों को दूर रखता है. इसकी तेज खुशबू के कारण मच्छर और अन्य कीड़े आसपास नहीं आते. अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मरुआ की तेज खुशबू मच्छरों को भले ही दूर रखती हो, लेकिन यह बच्चों के लिए फायदेमंद होता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं. इसके पत्तों को चाय में उबालकर पीने से नजला, जुकाम और खांसी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. मरुआ मुंह की दुर्गंध दूर करने में कारगर है और मसूड़ों की बीमारियों में भी राहत देता है. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और पेट के कीड़ों को खत्म करने में मदद करता है. इसके अलावा, यह माइग्रेन के दर्द में भी राहत देने में उपयोगी माना जाता है. अरुण कुमार सिंह के अनुसार, मरुआ को किचन गार्डन या गमले में आसानी से उगाया जा सकता है. इसकी पत्तियों का उपयोग चटनी, सलाद और सब्जी में किया जा सकता है. हालांकि, इसका सेवन हमेशा उचित मात्रा में ही करना चाहिए, वरना इसका स्वाद कड़वा लग सकता है. First Published : April 04, 2026, 15:28 IST
खरगोन से 1000 महिलाओं का दल अंबाजी धाम पहुंचा:गरबा किया; संकीर्तन के 50 साल पूरे होने पर 5 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर

खरगोन के टेमला से 1000 महिला श्रद्धालुओं का एक दल शनिवार सुबह अंबाजी धाम पहुंचा। यहां पहुंचने पर महिलाओं ने देवी दर्शन किए और मंदिर परिसर में गरबा किया। समाजसेवी नितिन पाटीदार ने बताया कि महिला श्रद्धालु वाहनों में भजन-कीर्तन करते हुए और जयकारे लगाते हुए अंबाजी धाम पहुंचे। यह यात्रा टेमला में पूर्व कृषिमंत्री बालकृष्ण पाटीदार के नेतृत्व में मनाए जा रहे ‘हरे रामा हरे कृष्णा संकीर्तन’ के 50 वर्ष पूरे होने के स्वर्ण जयंती वर्ष का हिस्सा है। 10 से अधिक बसों में सवार यह दल पावागढ़, अंबिकाधाम और सांवरिया सेठ के दर्शन के लिए 5 दिवसीय धार्मिक यात्रा पर है। स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में वैशाख माह में श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इसके बाद 1000 से अधिक श्रद्धालुओं का एक दल अयोध्या धाम में श्रीरामलला के दर्शन कर चुका है। महिलाओं का यह दल इस आयोजन के तीसरे चरण की धार्मिक यात्रा पर है।
सरसो का तेल और बादाम से घर पर बनाए केमिकल फ्री आर्गेनिक काजल, 15 मिनट में होगा तैयार, आंखों के सेहत के लिए वरदान

Last Updated:April 04, 2026, 15:00 IST घर पर ऑर्गेनिक काजल बनाना आसान और सुरक्षित है. एक दीये में घी या सरसों का तेल डालकर बाती जलाएं और ऊपर प्लेट रख दें. 10–15 मिनट में कालिख जमा हो जाएगी. इसे निकालकर थोड़ा नारियल या बादाम तेल मिलाएं. यह काजल आंखों को ठंडक देता है, केमिकल-फ्री होता है और रोज़ाना इस्तेमाल के लिए अच्छा माना जाता है. आजकल बाजार में मिलने वाले काजल में कई तरह के केमिकल्स मिलाए जाते हैं, जो आंखों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे में पुराने घरेलू नुस्खों से बना ऑर्गेनिक काजल एक सुरक्षित और असरदार विकल्प है. खास बात यह है कि इसे बनाना बहुत आसान है और इसके लिए ज्यादा चीजों की भी जरूरत नहीं पड़ती. घर पर ऑर्गेनिक काजल बनाने के लिए आपको कुछ सामान्य चीजों की जरूरत होती है. एक छोटा दीया, सरसों का तेल या देसी घी रूई की बाती, 1 बादाम एक साफ स्टील या पीतल की प्लेट और थोड़ा सा नारियल तेल या बादाम तेल. ये सारी चीजें आमतौर पर हर घर में आसानी से मिल जाती हैं. सबसे पहले दीये में सरसों का तेल या घी डालें और उसमें रूई की बाती लगाएं. अब उस बाती में एक बादाम भी डाल दें. बादाम डालने से काजल और भी पोषक बनता है. अब दीये को जलाएं और उसके ऊपर एक साफ प्लेट उल्टी करके रख दें. ध्यान रखें कि प्लेट दीये के ऊपर इस तरह रखें कि दीये की लौ सीधे प्लेट को छूती रहे. इससे धीरे-धीरे प्लेट के नीचे कालिख (काजल) जमा होने लगेगी. लगभग 10 से 15 मिनट तक दीया जलने दें. जब पर्याप्त कालिख जमा हो जाए, तो प्लेट को धीरे से हटाएं. Add News18 as Preferred Source on Google अब प्लेट पर जमा हुई कालिख को एक साफ चम्मच या उंगली की मदद से निकाल लें. इसमें थोड़ा सा नारियल तेल या बादाम तेल मिलाएं. इसे अच्छे से मिलाकर एक स्मूद पेस्ट बना लें. बस आपका केमिकल-फ्री, ऑर्गेनिक काजल तैयार है. इसे आप एक छोटे डिब्बे में स्टोर करके रख सकते हैं. घर पर बना यह काजल कई तरह से फायदेमंद होता है. यह पूरी तरह केमिकल-फ्री होता है आंखों को ठंडक देता है, आंखों में जलन या एलर्जी नहीं करता, नियमित इस्तेमाल से आंखों की सफाई में मदद करता है, और बच्चों से लेकर बड़े तक सभी इस्तेमाल कर सकते हैं. 65 साल की नंदी देवी, जो पिछले कई सालों से खुद घर पर काजल बनाकर इस्तेमाल कर रही हैं, वो लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि मैं बचपन से अपनी मां को ऐसे ही काजल बनाते हुए देखती आई हूं. आज भी मैं यही तरीका अपनाती हूं. इस काजल से आंखों में ठंडक मिलती है और कभी कोई जलन नहीं होती. मैंने अपने बच्चों और अब पोते-पोतियों को भी यही काजल लगाया है. बाजार के काजल से अच्छा तो अपना घर का बना काजल ही होता है. काजल लगाने से पहले हाथ साफ रखें, काजल को हमेशा साफ डिब्बे में रखें, अगर आंखों में कोई समस्या हो तो इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह लें और बहुत ज्यादा मात्रा में न लगाएं. First Published : April 04, 2026, 15:00 IST
Glowing Skin Tips: दाग-धब्बे और टैनिंग से छुटकारा पाएं, घर पर ही बनेगा ग्लोइंग चेहरा, जानिए आसान टिप्स

Last Updated:April 04, 2026, 14:48 IST दाग-धब्बे, टैनिंग और डार्क सर्कल्स अक्सर हमारी स्किन की खूबसूरती को प्रभावित करते हैं. लेकिन इसके लिए महंगे प्रोडक्ट्स या टोनर की जरूरत नहीं है. हल्दी-दही, एलोवेरा जेल, बेसन-दूध पैक और खीरे के रस जैसे सरल और प्राकृतिक उपाय अपनाकर आप अपना चेहरा साफ, चमकदार और ग्लोइंग बना सकते हैं. अगर आप दाग-धब्बे और चेहरे की टैनिंग से बचना चाहते हैं, तो इसका उपाय आपके घर पर मौजूद है. इसके लिए बस हल्दी और दही की जरूरत होती है. इन दोनों को मिलाकर पेस्ट बना लें और हल्के हाथों से चेहरे पर 10-15 मिनट तक लगाएं. फिर चेहरे को धो लें. देखते ही देखते दाग-धब्बे और टैनिंग कम हो जाएंगे और चेहरा साफ, चमकदार और सुंदर नजर आएगा. चेहरे के लिए एलोवेरा जेल किसी वरदान से कम नहीं है. बाजार में कई कंपनियां इसके प्रोडक्ट बनाकर खूब कमा रही हैं, लेकिन आप घर पर ही इसका उपयोग करके अपनी त्वचा को नेचुरल बना सकते हैं. रात को सोने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाएं और सुबह उठकर धो लें. इससे आपका चेहरा साफ, ताज़ा और ग्लो करता हुआ दिखाई देगा. फ्रेश और टाइट स्किन की कामना हर कोई करता है, लेकिन कई लोग मार्केट में मिलने वाले टोनर का इस्तेमाल करके अपनी त्वचा को और खराब कर लेते हैं. ऐसे में टोनर से बचें और हर रोज चेहरे पर गुलाब जल का स्प्रे करें. इससे आपकी स्किन फ्रेश, टाइट और स्वस्थ बनी रहेगी. Add News18 as Preferred Source on Google शादी या पार्टी के लिए महिलाएं तरह-तरह का मेकअप करती हैं, लेकिन कभी-कभी चेहरे का निखार नहीं आता. इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है. बेसन और दूध का पैक बनाकर चेहरे पर लगाएं. इससे तुरंत ब्राइटनेस आती है और धीरे-धीरे डेड स्किन भी हटने लगती है. आंखों और चेहरे के डार्क सर्कल से कई लोग परेशान रहते हैं, लेकिन इसके लिए चिंता करने की जरूरत नहीं है. खीरे का रस इन डार्क सर्कल्स को धीरे-धीरे कम करने में मदद करता है. नियमित इस्तेमाल से आंखों के नीचे का कालापन गायब होता है और चेहरा ग्लो करने लगता है. इन आसान उपायों को अपनाकर आप अपना चेहरा सुंदर और चमकदार बना सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 14:48 IST
सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए उद्धव ठाकरे से मांगा समर्थन | भारत समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:41 IST सुनेत्रा, जो वर्तमान में डीसीएम हैं, को डीसीएम के रूप में पद संभालने के छह महीने के भीतर विधायिका के किसी भी सदन में निर्वाचित होना होगा। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार. (फाइल फोटो) महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने 6 अप्रैल को बारामती उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करने से पहले समर्थन मांगने के लिए शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे से संपर्क किया है। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार ने फोन पर ठाकरे से बात की और आगामी चुनाव के लिए समर्थन मांगा। यह घटनाक्रम उन अटकलों के बीच आया है कि कांग्रेस उपचुनाव में उनके खिलाफ उम्मीदवार उतार सकती है। इस आउटरीच ने 6 अप्रैल को नामांकन दाखिल करने के साथ बारामती प्रतियोगिता के लिए राजनीतिक रुचि बढ़ा दी है। जनवरी में एक दुखद हवाई दुर्घटना में उनके पति और पूर्व डिप्टी सीएम अजीत पवार के निधन के कारण सीट खाली होने के बाद वह बारामती से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। सुनेत्राजो वर्तमान में डीसीएम हैं, उन्हें डीसीएम के रूप में पदभार ग्रहण करने के छह महीने के भीतर विधायिका के किसी भी सदन में निर्वाचित होना होगा। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने शनिवार को सभी राजनीतिक दलों से सुनेत्रा पवार का समर्थन करने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य में पहले भी कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं। उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि सभी पार्टियों को सुनेत्रा पवार का समर्थन करना चाहिए। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि अगर यह चुनाव निर्विरोध होता है, तो यह महाराष्ट्र के लिए उचित होगा। इससे पहले भी राज्य में कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं।” नागपुर, महाराष्ट्र: सीएम देवेंद्र फड़णवीस का कहना है, “मेरा मानना है कि सभी पार्टियों को सुनेत्रा पवार का समर्थन करना चाहिए। मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि अगर यह चुनाव निर्विरोध होता है, तो यह महाराष्ट्र के लिए उचित होगा। इससे पहले भी राज्य में कई बार निर्विरोध चुनाव हुए हैं…” pic.twitter.com/DqWnDRpBil– आईएएनएस (@ians_india) 4 अप्रैल 2026 एनसीपी ने बारामती में अपनी तैयारी तेज कर दी है, जो लंबे समय से पवार परिवार का गढ़ माना जाता है। क्षेत्र में पहले ही दो बड़ी बैठकें हो चुकी हैं, जबकि सुनेत्रा पवार के बेटे जय पवार से चुनाव के दौरान अधिक सक्रिय राजनीतिक भूमिका निभाने की उम्मीद है। उनका शनिवार (4 अप्रैल, 2026) को बारामती में समीक्षा बैठक करने का कार्यक्रम है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (सपा) पहले ही घोषणा कर चुकी है कि वह परिवार के किसी सदस्य के खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेगी। विधानसभा सीट परंपरागत रूप से लगातार आठ बार अजित पवार के पास रही। इस बीच, महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने कहा है कि अगर एनसीपी (एसपी) बारामती उपचुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस अपना उम्मीदवार खड़ा करेगी। पार्टी ने इस सीट के लिए संभावित उम्मीदवारों की तलाश भी शुरू कर दी है। शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने कहा, “दो उपचुनाव होने वाले हैं। राहुरी और बारामती में। हम कोशिश करेंगे कि फैसला गठबंधन के तौर पर लिया जाए। राहुरी में एनसीपी एसपी ने पहले चुनाव लड़ा था। वहां उसका दावा है। एमवीए का मूल सिद्धांत है कि जो पार्टी किसी विशेष निर्वाचन क्षेत्र में ताकत रखती है उसे वहां चुनाव लड़ना चाहिए। बारामती में, अजीत पवार की मृत्यु के बाद, पवार परिवार पारिवारिक धर्म के रूप में चुनाव नहीं लड़ सकता है। लेकिन उन्हें दूसरों का विरोध नहीं करना चाहिए जो लड़ना चाहते हैं। वहां चुनाव। यह एक लोकतंत्र है हम एक साथ बैठेंगे और फैसला करेंगे।” जगह : महाराष्ट्र, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 11:41 IST न्यूज़ इंडिया सुनेत्रा पवार ने बारामती उपचुनाव के लिए उद्धव ठाकरे से समर्थन मांगा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुनेत्रा पवार बारामती उपचुनाव(टी)सुनेत्रा पवार(टी)बारामती उपचुनाव(टी)बारामती लोकसभा सीट(टी)उद्धव ठाकरे समर्थन(टी)महाराष्ट्र राजनीति(टी)अजित पवार की मृत्यु(टी)एनसीपी नेतृत्व परिवर्तन
एक घर बंट गया? सुनेत्रा पवार के ईसीआई को लिखे पत्र से एनसीपी में फूट की अटकलें तेज | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 14:37 IST हालांकि हाल के घटनाक्रमों ने राकांपा के भीतर दरार की चर्चा को हवा दे दी है, अजित पवार के बेटे पार्थ ने इस चर्चा को कम करने की कोशिश की है और जोर देकर कहा है कि पार्टी एकजुट रहेगी। महाराष्ट्र की डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार. (फाइल फोटो) राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एपी) की ओर से सुनेत्रा पवार द्वारा सौंपा गया पत्र सार्वजनिक होने के बाद भी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पार्टी में शीर्ष नेता एक-दूसरे से सहमत नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख सुनेत्रा पवार द्वारा हस्ताक्षरित और भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को भेजे गए पत्र में पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के पदनाम शामिल नहीं थे। इससे सुनेत्रा पवार, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के बीच दरार की अटकलें लगने लगी हैं। उधर, सुनेत्रा पवार के दिल्ली में रहने के दौरान प्रफुल्ल पटेल ने उनसे मुलाकात नहीं की. हालांकि, सुनेत्रा पवार और उनके बेटे ने पटेल से उनके दिल्ली स्थित आवास पर शिष्टाचार मुलाकात की। पत्र युद्ध किस बारे में है? महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मृत्यु के बाद, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने चुनाव आयोग को एक पत्र भेजा, जिसमें कहा गया कि कार्यकारी अध्यक्ष के पास राष्ट्रपति के बराबर शक्तियां होती हैं और इसलिए, वह पार्टी की कमान संभालेंगे। यह पत्र अजित पवार की मृत्यु के 24 घंटे के भीतर भेजा गया था, जिसके बाद 26 फरवरी को सुनेत्रा पवार को पार्टी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। राष्ट्रपति पद संभालने पर, सुनेत्रा पवार ने पार्टी के संविधान में संशोधन करने और कार्यकारी अध्यक्ष-प्रफुल्ल पटेल को अतिरिक्त शक्तियां देने के प्रस्तावों को खारिज करने के निर्देश जारी किए। इससे प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे में नाराजगी फैल गई. बाद में सुनेत्रा पवार ने चुनाव आयोग को दूसरा पत्र भेजा, जिसमें उन्होंने खुद को राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ-साथ कोषाध्यक्ष पद पर भी बताया। हालाँकि इस पत्र में प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के नामों का उल्लेख था, लेकिन इसमें स्पष्ट रूप से पार्टी के भीतर उनके विशिष्ट पदों का कोई उल्लेख नहीं किया गया था। इन घटनाक्रमों के बीच, शिवसेना (यूबीटी) के संजय राउत ने दावा किया कि अजीत पवार की पार्टी विभाजन के कगार पर है, और उसके 25 से 30 विधायक जल्द ही भाजपा में शामिल हो सकते हैं। उन्होंने आगे सुझाव दिया कि शिवसेना (शिंदे गुट) को भी इसी तरह के भाग्य का सामना करना पड़ सकता है। इस बीच, एनसीपी (शरद पवार गुट) की नेता विद्या चव्हाण ने कहा कि अजीत पवार की मृत्यु के बाद से पार्टी के भीतर चीजें सुचारू नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे पार्टी पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच, अजीत पवार के बेटे पार्थ पवार ने स्पष्टीकरण जारी करने के लिए एक्स, पूर्व में ट्विटर का सहारा लिया, और सभी को आश्वस्त किया कि पार्टी के भीतर सब कुछ वास्तव में ठीक है। प्रफुल्ल पटेल जी और सुनील तटकरे जी को निशाना बनाने वाली आधारहीन रिपोर्टें और काल्पनिक कथाएँ कल्पना के अलावा और कुछ नहीं हैं। उनकी दशकों की अटूट प्रतिबद्धता और नेतृत्व हम सभी का मार्गदर्शन करता रहता है। ऐसे वरिष्ठ नेताओं को मनगढ़ंत विवादों में घसीटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है… – पार्थ सुनेत्रा अजित पवार (@parthagitpawar) 2 अप्रैल 2026 उन्होंने कहा कि पार्टी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलकर काम कर रही है और सभी अटकलें निराधार हैं। पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 14:37 IST समाचार राजनीति एक घर बंट गया? सुनेत्रा पवार के ईसीआई को लिखे पत्र से एनसीपी में फूट की अटकलें तेज हो गई हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुनेत्रा पवार एनसीपी पत्र विवाद(टी)एनसीपी नेतृत्व दरार(टी)सुनेत्रा पवार प्रफुल्ल पटेल(टी)सुनील तटकरे भूमिका(टी)अजित पवार की मृत्यु प्रभाव(टी)एनसीपी चुनाव आयोग पत्र(टी)महाराष्ट्र राजनीतिक संकट(टी)एनसीपी विभाजन अटकलें
क्या आप भी चीजें रखकर भूल जाते हैं? जानें 3 साइकोलॉजिकल ट्रिक्स, जो याददाश्त को बनाती है लोहे सा मजबूत

Memory Improvement Tricks : अक्सर लोगों के साथ यह समस्या रहती है कि वे कमरे में जाकर भूल जाते हैं कि वहां क्यों आए या फिर चश्मा सिर पर होने के बावजूद उसे पूरे घर में ढूंढते रहते हैं. थकान भरी जिंदगी और ‘डिजिटल डिस्ट्रैक्शन’ ने हमारी याददाश्त को काफी कमजोर कर दिया है. लेकिन अच्छी बात यह है कि भूलने की इस आदत को किसी दवा से नहीं, बल्कि मनोविज्ञान (Psychology) की कुछ सिंपल ट्रिक्स से बदला जा सकता है. दुनिया के बड़े-बड़े विद्वान और ‘मेमोरी चैंपियंस’ जिन तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, आज हम उन्हीं 3 आसान ट्रिक्स के बारे में जानेंगे जो आपकी याददाश्त को कंप्यूटर जैसी रफ्तार दे सकती हैं. 1. चंकिंग मेथड (The Chunking Method)- मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, हमारा मस्तिष्क एक साथ केवल 5 से 9 सूचनाओं को ही याद रख सकता है. ‘चंकिंग’ वह तकनीक है जिसमें बड़ी जानकारी को छोटे-छोटे ‘चंक्स’ या समूहों में बांट दिया जाता है. उदाहरण: अगर आपको 10 अंकों का मोबाइल नंबर याद करना है, तो उसे 9812345678 के बजाय 981-234-5678 के रूप में याद करें. फायदा:हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोध बताते हैं कि यह तकनीक जटिल डेटा और सूचियों को याद रखने में सबसे ज्यादा कारगर है. 2. लोकस मेथड या ‘मेमोरी पैलेस’ (The Method of Loci)- यह दुनिया की सबसे पुरानी और प्रभावी मेमोरी ट्रिक्स में से एक है, जिसका उपयोग प्राचीन ग्रीक विद्वान करते थे. इसमें आप अपनी जानकारी को किसी परिचित स्थान (जैसे आपका घर) से जोड़ते हैं. कैसे करें: कल्पना करें कि आप अपने घर के मुख्य दरवाजे पर खड़े हैं और वहाँ आपने अपनी ‘टू-डू लिस्ट’ की पहली चीज रखी है. फिर सोफे पर दूसरी चीज. जब आपको जानकारी याद करनी होगी, तो आप मन ही मन अपने घर की सैर करेंगे और चीजें खुद-ब-खुद याद आती जाएंगी. ‘जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, इस तकनीक का अभ्यास करने से मस्तिष्क के उन हिस्सों में सक्रियता बढ़ती है जो यादों को सहेजते हैं. 3. स्पेस रिपिटिशन (Spaced Repetition)- हम अक्सर किसी चीज को रटने की कोशिश करते हैं, जिसे ‘क्रैमिंग’ कहा जाता है. मनोविज्ञान कहता है कि रटा हुआ ज्ञान जल्दी भूल जाता है. इसके बजाय ‘स्पेस रिपिटिशन’ अपनाएं. कैसे करें: किसी जानकारी को आज पढ़ें, फिर उसे 24 घंटे बाद दोहराएं, फिर एक हफ्ते बाद और फिर एक महीने बाद.जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस के ‘फॉरगेटेन कर्व’ (Forgetting Curve) सिद्धांत के अनुसार, कुछ अंतराल पर दोहराते रहने से जानकारी ‘शॉर्ट-टर्म मेमोरी’ से निकलकर ‘लॉन्ग-टर्म मेमोरी’ में सुरक्षित हो जाती है. विशेषज्ञों की राय- मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि याददाश्त केवल ट्रिक्स पर निर्भर नहीं करती, बल्कि आपकी जीवनशैली भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) और तनाव मुक्त रहना मस्तिष्क की नई कोशिकाओं के निर्माण (Neurogenesis) के लिए अनिवार्य है. बता दें कि याददाश्त बढ़ाना एक अभ्यास है. अगर आप इन मनोवैज्ञानिक ट्रिक्स को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाते हैं, तो न केवल आपकी एकाग्रता बढ़ेगी बल्कि आप चीजों को लंबे समय तक याद रख पाएंगे. अगली बार जब आप कुछ भूलें, तो परेशान होने के बजाय ‘मेमोरी पैलेस’ में कदम रखें!
तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

IPL 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में कल यानी 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच भिड़ंत होनी है। इस बड़े मैच से पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ियों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की। पिछले सीजन (2025) में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने इसी तरह तिरुपति जाकर मत्था टेका था, जो अब टीम के लिए एक नई परंपरा जैसा बनता जा रहा है। प्रशंसकों की उमड़ी भीड़, मंदिर में ली सेल्फी जब पाटीदार और जितेश मंदिर परिसर के भीतर थे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और खिलाड़ियों के दर्शन में कोई बाधा नहीं आने दी। इस दौरान खिलाड़ियों ने मंदिर समिति के पुजारियों के साथ सेल्फी भी ली और कुछ समय वहां बिताया। 7 दिन के ब्रेक के बाद उतरेगी RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में ‘प्ले बोल्ड’ आर्मी ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। उन्होंने अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर दबदबा बनाया था। इस जीत के बाद टीम को 7 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। अब अपना दूसरा मैच भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने शुरुआती दोनों मैचों में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों में चेन्नई आगे, लेकिन हालिया फॉर्म में बेंगलुरु का पलड़ा भारी RCB और CSK के बीच होने वाले इस मुकाबले को ‘साउदर्न डर्बी’ कहा जाता है, जिसमें दोनों शहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। अगर इतिहास की बात करें तो चेन्नई का पलड़ा भारी रहा है। दोनों के बीच हुए कुल 36 मैचों में से चेन्नई ने 22 जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बिना रिजल्ट का रहा। हालांकि, हालिया रिकॉर्ड बेंगलुरु के पक्ष में जाता दिख रहा है। पिछले 4 मुकाबलों में RCB ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। पूरी खबर
तिरुपति पहुंचे RCB के खिलाड़ी:रजत पाटीदार और जितेश शर्मा ने टेका मत्था; कल चेन्नई से होगा बड़ा मुकाबला

IPL 2026 के हाई-वोल्टेज मुकाबले में कल यानी 5 अप्रैल को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच भिड़ंत होनी है। इस बड़े मैच से पहले बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार और विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम पहुंचकर भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद लिया। दोनों खिलाड़ियों ने मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की और अपनी टीम की सफलता के लिए प्रार्थना की। पिछले सीजन (2025) में भी इन दोनों खिलाड़ियों ने इसी तरह तिरुपति जाकर मत्था टेका था, जो अब टीम के लिए एक नई परंपरा जैसा बनता जा रहा है। प्रशंसकों की उमड़ी भीड़, मंदिर में ली सेल्फी जब पाटीदार और जितेश मंदिर परिसर के भीतर थे, तो उन्हें देखने के लिए प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति को संभाला और खिलाड़ियों के दर्शन में कोई बाधा नहीं आने दी। इस दौरान खिलाड़ियों ने मंदिर समिति के पुजारियों के साथ सेल्फी भी ली और कुछ समय वहां बिताया। 7 दिन के ब्रेक के बाद उतरेगी RCB रजत पाटीदार की कप्तानी में ‘प्ले बोल्ड’ आर्मी ने अपने अभियान की शुरुआत शानदार तरीके से की है। उन्होंने अपने घरेलू मैदान एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) को हराकर दबदबा बनाया था। इस जीत के बाद टीम को 7 दिनों का लंबा ब्रेक मिला है। अब अपना दूसरा मैच भी एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में चेन्नई के खिलाफ खेलेंगे। दूसरी ओर, चेन्नई सुपर किंग्स के लिए इस सीजन की शुरुआत किसी बुरे सपने जैसी रही है। ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी वाली CSK को अपने शुरुआती दोनों मैचों में राजस्थान रॉयल्स और पंजाब किंग्स के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा है। आंकड़ों में चेन्नई आगे, लेकिन हालिया फॉर्म में बेंगलुरु का पलड़ा भारी RCB और CSK के बीच होने वाले इस मुकाबले को ‘साउदर्न डर्बी’ कहा जाता है, जिसमें दोनों शहरों की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। अगर इतिहास की बात करें तो चेन्नई का पलड़ा भारी रहा है। दोनों के बीच हुए कुल 36 मैचों में से चेन्नई ने 22 जीते हैं, जबकि बेंगलुरु को 13 में जीत मिली है। वहीं, एक मैच बिना रिजल्ट का रहा। हालांकि, हालिया रिकॉर्ड बेंगलुरु के पक्ष में जाता दिख रहा है। पिछले 4 मुकाबलों में RCB ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। ——————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… युवराज बोले- धोनी के सच्चाई बताने के बाद लिया रिटायरमेंट:कप्तान विराट, कोच ने स्पष्ट नहीं किया था कि आगे टीम में लेंगे या नहीं 2011 वर्ल्ड कप के हीरो रहे युवराज सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा कि धोनी से पता चला था कि अब चयनकर्ता उनके नाम पर विचार नहीं कर रहे हैं। इसके बाद ही युवराज ने 10 जून 2019 को क्रिकेट के सभी फॉर्मेट सें संन्यास ले लिया था। स्पोर्ट्स तक से बातचीत में युवराज ने कहा कि 36-37 साल की उम्र में जब वे टीम से अंदर-बाहर हो रहे थे, तब न तो नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA), न ही कप्तान विराट कोहली और न ही कोच रवि शास्त्री ने उनसे सीधे बात की। पूरी खबर









