उज्जैन में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। शासकीय जीवाजी वेधशाला के आंकड़ों के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सर्वाधिक स्तर है। न्यूनतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी के कारण दिन में सड़कें और बाजार सूने दिखाई दिए, जबकि शिप्रा के घाटों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। मौसम रिपोर्ट के अनुसार, सुबह की आर्द्रता 41% थी जो शाम को घटकर 17% रह गई। इससे दिन में गर्मी का असर और बढ़ गया। हवा की रफ्तार भी धीमी (लगभग 4 किमी/घंटा) रहने से गर्म हवाओं का प्रभाव अधिक महसूस हुआ। बारिश पूरी तरह शून्य दर्ज की गई। उज्जैन में पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ था। अब इसके 43°C तक पहुंचने से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना जताई है। भीषण गर्मी के मद्देनजर जिला स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। अस्पतालों में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। डॉक्टरों की अतिरिक्त ड्यूटी लगाई गई है और आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। दोपहर के समय शहर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। जो लोग बाहर निकल रहे हैं, वे शरीर को पूरी तरह ढंककर चल रहे हैं। चौराहों पर गन्ने के रस और अन्य ठंडे पेय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, अधिक पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और लू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने को कहा गया है।
















































