मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े:बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रन आउट, निसांका के 2 कैच छूटे; रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स

अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हरा दिया। DC के पेसर मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े। पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। वहीं जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट ने नीतीश राणा को पवेलियन भेजा। DC vs MI मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. रोहित के दिल्ली के खिलाफ 50 सिक्स पूरे रोहित शर्मा के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 50 सिक्स पूरे हो गए हैं। वे IPL में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। इस सूची में क्रिस गेल टॉप पर काबिज हैं, जिन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 61 और कोलकाता के खिलाफ 54 सिक्स लगाए हैं। 2. रोहित-सूर्या ने 10वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप की रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की जोड़ी ने मुंबई इंडियंस के लिए 10वीं बार 50+ रन की साझेदारी की है। इसके साथ ही यह जोड़ी टीम के लिए सबसे ज्यादा फिफ्टी पार्टनरशिप करने वाली जोड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस मामले में रोहित और ईशान किशन की जोड़ी 18 साझेदारियों के साथ टॉप पर है, जबकि सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा 13 साझेदारियों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स.. 1. रिकेल्टन-रोहित ने चौके से अपना खाता खोला मुंबई के लिए रायन रिकेल्टन और रोहित शर्मा ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही गेंद पर मुकेश कुमार की गुड लेंथ गेंद को रायन रिकेल्टन ने मिड-ऑन के पास गैप में खेलकर चौका लगा दिया। इसके बाद दूसरे ओवर में रोहित शर्मा ने लुंगी एनगिडी की बॉल पर चौका लगा दिया। लुंगी ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। रोहित ने आगे बढ़कर शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर पॉइंट के पीछे गैप में गई और चौके के लिए निकल गई। 2. मुकेश ने खुद की बॉल पर कैच लिया दूसरे ओवर में मुकेश कुमार ने तिलक वर्मा को कैच एंड बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई धीमी गेंद पर तिलक वर्मा ड्राइव खेलने गए, लेकिन टाइमिंग गड़बड़ा गई। गेंद हल्के से उछलकर गेंदबाज की ओर ही चली गई, जहां मुकेश कुमार ने फॉलो-थ्रू में आगे बढ़ते हुए झुककर शानदार कैच लपक लिया। तिलक वर्मा 2 गेंदों में खाता खोले बिना आउट हो गए। 3. मुकेश के रनिंग कैच से रदरफोर्ड आउट 12वें ओवर में मुंबई का चौथा विकेट गिरा। विपराज निगम ने इस ओवर में शेरफेन रदरफोर्ड को आउट कर दिया। रदरफोर्ड ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट में दूरी कम और ऊंचाई ज्यादा थी। गेंद डीप स्क्वायर लेग की ओर गई, जहां मुकेश कुमार ने दाईं ओर तेजी से दौड़ते हुए शानदार कैच लपका। रदरफोर्ड 7 गेंदों में 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 4. सूर्या फिफ्टी की अगली ही बॉल पर आउट 16वें ओवर में लुंगी एनगिडी ने मुंबई के कप्तान सूर्यकुमार यादव को LBW कर किया। बैक ऑफ लेंथ गेंद पर सूर्यकुमार पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद की रफ्तार और उछाल को सही तरह से पढ़ नहीं सके और गेंद सीधे उनके जांघ पर लगी। अंपायर ने काफी सोचने के बाद उन्हें आउट दिया, जिसके बाद सूर्यकुमार ने रिव्यू लिया। रिप्ले में दिखा कि इम्पैक्ट ऑफ स्टंप पर था और गेंद विकेट्स पर जा रही थी, ऐसे में फैसला बरकरार रहा। सूर्यकुमार यादव 36 गेंदों में 51 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। इसके एक बॉल पहले ही उन्होंने फिफ्टी पूरी की थी। 5. बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रनआउट दिल्ली का दूसरा विकेट रनआउट से गिरा। जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट के चलते नीतीश राणा रनआउट हो गए। ऑफ स्टंप की धीमी गेंद को राणा ने मिड-विकेट की ओर खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन बीच में हल्का सा रुकने की वजह से तालमेल बिगड़ गया। बुमराह ने गेंद उठाई और थ्रो मारकर स्टंप्स बिखेर दिए। नीतीश राणा डाइव लगाने के बावजूद क्रीज से काफी दूर रह गए और 3 गेंदों में बिना खाता खोले आउट हो गए। 6. निसांका को 2 जीवनदान मिले दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। चौथे ओवर में दीपक चाहर और 9वें ओवर में नमन धीर से कैच छूटा। चौथे ओवर की चौथी बॉल चाहर ने बैक ऑफ लेंथ फेंकी, पाथुम निसांका ने आगे बढ़कर शॉट खेला। गेंद सीधे गेंदबाज की ओर चली गई। चाहर के पास कैच का मौका था, लेकिन गेंद काफी तेजी से आई और उनके हाथों से छूट गई। 9वें ओवर में फिर नमन धीर ने कैच छोड़ा। ओवर की दूसरी बॉल कॉर्बिन बॉश ने लेग स्टंप पर शॉर्ट पिच फेंकी। निसांका ने शॉट खेला, लेकिन गेंद लॉन्ग लेग बाउंड्री की ओर चली। नमन धीर ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई। निसांका फिर 44 रन बनाकर मिचेल सैंटनर की गेंद पर कैच हुए।
जंग के बीच पैसा बनाने में जुटे ट्रम्प के बेटे:ड्रोन बनाने वाली कंपनी से जुड़े, एक्सपर्ट बोले- युद्ध से फायदा कमाने वाले पहले राष्ट्रपति

अमेरिका में एक ड्रोन स्टार्टअप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा की पावरस कंपनी मिडिल ईस्ट के देशों को अपने ड्रोन सिस्टम बेचने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर फरवरी के अंत में इस कंपनी से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, ये वही समय था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। हालांकि दोनों को कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। पावरस से जुड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में अधिकारियों से मुलाकात की है। बातचीत इस बात पर हुई कि UAE को हथियार और ड्रोन डिफेंस सिस्टम बेचे जा सकते हैं, क्योंकि वह ईरान के खिलाफ अपने डिफेंस को और मजबूत करना चाहता है। इस घटना के बाद आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमा रहे हैं। पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि उनकी टीम खाड़ी के कई देशों में ड्रोन डेमो दिखा रही है, ताकि यह समझाया जा सके कि उनके इंटरसेप्टर ड्रोन ईरानी हमलों से बचाव में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। वेलिकोविच ने कहा कि अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से मुकाबले के लिए तेजी से ड्रोन तकनीक विकसित करनी होगी, नहीं तो वह पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पावरस ने गार्डियन-1 ड्रोन लॉन्च किया इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध के चलते ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मांग बढ़ रही है। ईरान सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी महंगे मिसाइल सिस्टम से उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं। इससे लागत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। यही वजह है कि सस्ते और असरदार एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है। पावरस ने हाल ही में ‘गार्डियन-1’ नाम का एक इंटरसेप्टर लॉन्च किया है, जो खास तौर पर आत्मघाती ड्रोन, जैसे ईरान के शाहेद-136 को गिराने के लिए बनाया गया है। पावरस की 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पावरस की नजर पेंटागन द्वारा ड्रोन निर्माण के लिए रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर है। यह फंड अमेरिका में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए रखा गया है। इस कंपनी का कहना है कि यह समय तेजी से तकनीक विकसित करने का है, क्योंकि दुनिया एक तरह की हथियारों की दौड़ में है। पावरस के साथ कुछ पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी जुड़े हैं। इनमें जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग जैसे नाम शामिल हैं, जो कंपनी को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही पावरस पावरस कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वह एक नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी के साथ मर्ज करने जा रही है। इस बिजनेस में ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ने निवेश किया है। दोनों भाई ड्रोन सेक्टर में सक्रिय निवेशक हैं और अमेरिकन वेंचर्स नाम के फंड से जुड़े हैं, जिसने ड्रोन कंपनियों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। वे ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एरिक ट्रम्प ने इस निवेश का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें उन कंपनियों में निवेश करने पर गर्व है, जिन पर उन्हें भरोसा है। उनके मुताबिक, ड्रोन भविष्य की बड़ी तकनीक है। विपक्षी नेता ने रक्षा मंत्री को शिकायती चिट्ठी लिखी पूर्व अमेरिकी एथिक्स अधिकारी रिचर्ड पेंटर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यह पहली बार हो सकता है जब किसी राष्ट्रपति का परिवार युद्ध से इतना पैसा कमाए। पेंटर ने कहा कि खाड़ी देशों पर दबाव हो सकता है कि वे राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी कंपनी से खरीदारी करें, ताकि उन्हें अमेरिकी समर्थन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बेटों की कंपनी ऐसे समय में बिजनेस कर रही है, जब उनके पिता के फैसलों से ही युद्ध की स्थिति बनी। इससे हितों के टकराव का मुद्दा उठ रहा है। ट्रम्प जूनियर के इन निवेशों पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि क्या इन कंपनियों को सरकारी ठेके सही तरीके से दिए जा रहे हैं, या फिर राष्ट्रपति के परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। क्या करती है पॉवरस कंपनी पॉवरस की स्थापना 2025 में की गई थी। यह कंपनी पूर्व सैन्य अधिकारियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने शुरू की है। शुरुआत से ही इसका फोकस एडवांस ड्रोन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर रहा है। यह कंपनी आधुनिक ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाती है। इसके ड्रोन सेना, निगरानी, बॉर्डर सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच हैं, जो अमेरिकी सेना से जुड़े रहे हैं। कंपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए काम करती है, जो एयर, डिफेंस और समुद्री ड्रोन सिस्टम पर फोकस करती हैं। पॉवरस को अब तक करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर का निवेश मिल चुका है। कंपनी में एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे बड़े नाम भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। कंपनी अभी नई है, इसलिए इसकी कमाई (रेवेन्यू) से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल कंपनी का ध्यान प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर है। होटल से लेकर टेक्नोलॉजी तक फैला ट्रम्प परिवार का कारोबार डोनाल्ड ट्रम्प का परिवार लंबे समय से बड़े बिजनेस साम्राज्य के लिए जाना जाता है। ट्रम्प परिवार का मुख्य कारोबार ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के जरिए चलता है, जो कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। ट्रम्प परिवार का पारंपरिक बिजनेस रियल एस्टेट और होटल सेक्टर में रहा है। दुनिया के कई शहरों में उनके लग्जरी होटल, रिसॉर्ट और गोल्फ कोर्स हैं। इसके अलावा वे बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग और प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स में भी निवेश करते हैं। हाल के वर्षों में
आंखों में जलन, ड्राईनेस और थकान से परेशान? ये आसान देसी तरीके देंगे तुरंत राहत और नजर भी होगी तेज!

Last Updated:April 04, 2026, 18:04 IST गर्मी और बढ़ते स्क्रीन टाइम की वजह से आजकल आंखों में थकान, ड्राईनेस और जलन जैसी समस्याएं बेहद आम हो गई हैं. लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप इस्तेमाल करने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे नजर पर भी असर पड़ने लगता है. ऐसे में कुछ आसान उपाय जैसे आंखों की एक्सरसाइज, सनगैजिंग, खीरे के स्लाइस, त्राटक क्रिया और स्क्रीन टाइम कम करना आंखों को राहत देने के साथ उनकी सेहत सुधारने में मदद कर सकते हैं. ख़बरें फटाफट मौसम में बदलाव के साथ शरीर के अन्य अंगों की तरह आंखों की देखभाल करना भी बेहद जरूरी हो जाता है. खासकर गर्मियों या बदलते मौसम में आंखों में चिपचिपापन, जलन और पानी आने जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. इसके अलावा आज के डिजिटल दौर में लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप और टीवी देखने की आदत ने आंखों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा दिया है, जिससे आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है. ऐसे में जरूरी है कि हम समय रहते कुछ आसान और प्राकृतिक तरीकों को अपनाएं, ताकि आंखों को आराम मिले और उनकी सेहत बेहतर बनी रहे. आजकल स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से आंखें जल्दी थक जाती हैं और ड्राईनेस की समस्या भी बढ़ने लगती है. इससे बचने के लिए आंखों के व्यायाम बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. आप रोजाना कुछ मिनट निकालकर आंखों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं और गोल-गोल घुमाने की एक्सरसाइज करें. इसके बाद कुछ देर आंखें बंद करके उन्हें आराम दें. इस प्रक्रिया को दिन में 4-5 बार दोहराने से आंखों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और थकान कम होती है. इसके साथ ही सनगैजिंग यानी सूरज को देखने की प्रैक्टिस भी की जा सकती है, लेकिन इसे केवल सूर्योदय या सूर्यास्त के समय ही करना चाहिए. इस दौरान कुछ मिनट तक सूरज की ओर देखें और फिर हथेलियों को रगड़कर आंखों पर रखें, जिससे आंखों को गहरा आराम मिलता है. गर्मियों में आंखों का सूखापन और जलन बढ़ जाना एक आम समस्या है. ऐसे में खीरा या ककड़ी का इस्तेमाल एक प्राकृतिक उपाय के रूप में किया जा सकता है. खीरे की ठंडी तासीर आंखों को सुकून देती है और थकान को दूर करती है. इसके लिए आप खीरे या ककड़ी के स्लाइस काटकर आंखों पर रखें और कुछ देर रिलैक्स करें. इससे न केवल आंखों की जलन कम होती है, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है, जिससे आंखें ताजगी महसूस करती हैं. इसके अलावा, आंखों की सेहत के लिए स्क्रीन टाइम को सीमित करना भी बेहद जरूरी है. कोशिश करें कि रात में एक निश्चित समय के बाद मोबाइल और टीवी का इस्तेमाल बंद कर दें, ताकि आंखों को पर्याप्त आराम मिल सके. ज्यादा स्क्रीन देखने से आंखों की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ता है, जिससे सिरदर्द और नजर कमजोर होने की समस्या हो सकती है. इसलिए दिनचर्या में यह छोटा सा बदलाव भी बड़ा असर डाल सकता है. आंखों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए त्राटक क्रिया भी एक प्रभावी योग अभ्यास माना जाता है. इसके लिए अंधेरे कमरे में एक दीपक या मोमबत्ती जलाकर उसकी लौ पर ध्यान केंद्रित किया जाता है. लगातार कुछ देर तक देखने से आंखों की सफाई होती है और आंसुओं के माध्यम से आंखों की गंदगी बाहर निकलती है. साथ ही यह अभ्यास एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है. अगर इन सभी उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में आंखों की थकान कम होने लगती है, नजर में सुधार आता है और आंखों का नंबर बढ़ने की समस्या भी धीरे-धीरे नियंत्रित हो सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 18:04 IST
छावनी विलय और ROB निर्माण की रक्षामंत्री से मांग:नरयावली विधायक ने कहा- विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए

सागर जिले की नरयावली विधानसभा के विधायक प्रदीप लारिया ने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर केंद्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सागर के कैंट एरिया से जुड़े दो मुद्दों पर चर्चा करते हुए पत्र सौंपा। विधायक लारिया ने सागर छावनी परिषद के नगरीय निकाय में विलय की प्रक्रिया पर चर्चा की। रक्षा मंत्री को भूमि स्वामित्व की तकनीकी अड़चनों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विलय के बाद भूमि का मालिकाना हक राज्य सरकार या निकाय को हस्तांतरित किया जाए। ताकि क्षेत्र में सरकारी योजनाओं और बुनियादी ढांचे का विकास हो सके। उन्होंने सुरक्षा मानकों को ध्यान रखते हुए कृषि और बंगला क्षेत्रों को भी विलय प्रक्रिया में शामिल करने की बात कही। दरअसल, केंद्र सरकार ने कैंट सागर के सागर नगर निगम में विलय की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिसंबर-2022 में जारी किया था। इसके बाद कैंट ने अलग-अलग जमीनों के हिसाब से प्रस्ताव तैयार किए और उनको मप्र शासन के साथ रक्षा संपदा को भेजे थे। तभी से छावनी परिषद के नगर निगम में विलय की प्रक्रिया चल रहा है। लेकिन अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण की अनुमति की मांग इसके साथ ही विधायक लारिया ने कैंट क्षेत्र में स्थित डिंपल पेट्रोल पंप के पास बीना-कटनी रेलवे गेट नंबर-25 पर आरओबी का निर्माण कराने अनुमति की मांग को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह मार्ग यातायात की दृष्टि से अत्यधिक व्यस्त है और यहां फ्लाईओवर की आवश्यकता है। निर्माण कार्य की अनुमति के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) रक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन पहले कर चुका है। विधायक ने जनहित में इस परियोजना को जल्द अनुमति देने की मांग की। दोनों ही विषयों पर केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विधायक लारिया को विभागीय स्तर पर उचित समीक्षा कर सकारात्मक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। छावनी का निगम में विलय होने से ये फायदें छावनी के रिहायशी इलाकों का विलय होने से यहां के रहवासियों को शासकीय आवास योजना जैसे कई फायदें मिलना शुरू होंगे। स्ट्रीट लाइट, जल आपूर्ति, डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और सड़क कनेक्टिविटी भी मिलेगी। छावनी परिषद क्षेत्र में भवन निर्माण और अन्य नागरिक कार्यों के लिए सेना से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
गर्मियों में गेहूं नहीं, बल्कि इन आटे की रोटी पेट के हीरा! कैल्शियम और फाइबर से भरपूर, कई रोगों में कारगर

Last Updated:April 04, 2026, 17:51 IST सभी घरों में आमतौर पर रोटी के लिए गेहूं के आटे का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन गर्मियों के दिनों में हमें ऐसे भोजन का सेवन करना चाहिए जो आसानी से डाइजेस्ट हो सके और पेट का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहे. इसके लिए आज हम आपको गेहूं के अतिरिक्त कुछ ऐसे आटे के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बेहद सुपाच्य होते हैं और गर्मियों के दिनों में स्वास्थ्य संबंधी समस्या से बचाव करते हैं. रोटी एक ऐसी चीज है, जो भारत के सभी घरों में खाने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है या लगभग हर दिन खाने में उपयोग की जाती है. ज्यादातर लोग इस दाल या सब्जी के साथ खाना बेहद पसंद करते हैं. आमतौर पर घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं के आटे का उपयोग किया जाता है, लेकिन हर तरह के मौसम में हर तरह की रोटी फायदेमंद नहीं होती है. आयुर्वेदिक दवाओं के सलाहकार डॉक्टर आशीष बताते हैं कि गर्मी में खानपान का ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है. इस मौसम में हमें ऐसे खाने की आवश्यकता होती है, जो आसानी से पच सके और शरीर को ठंडा रखने में भी मददगार हो. गर्मी के तपिश में शरीर को अंदर से ठंडा रखने के लिए हल्के अनाज का चुनाव करना चाहिए. गर्मियों के दिनों में चावल के आटे की रोटी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसकी तासीर ठंडी होती है. इसके कारण इसके सेवन से शरीर अंदर से ठंडा रहता है और यह बेहद सुपाच्य होता है. खाने के बाद यह आसानी से डाइजेस्ट हो जाता है. इसके अलावा यह पेट को लंबे समय तक भरा रखने में भी मददगार होता है. Add News18 as Preferred Source on Google इसके अलावा गर्मी के मौसम में जौ के आटे की रोटी खाने के लिए अच्छी मानी जाती है. इसकी तासीर भी ठंडी होती है, जो गर्मी के दिनों में शरीर के तापमान को बैलेंस करने में मदद करती है. यह रोटी फाइबर से भरपूर होती है. इसके कारण डाइजेशन बेहतर बना रहता है. रागी की रोटी बेहद हल्की और पौष्टिक मानी जाती है. इसे गर्मी के दिनों में लंच या डिनर के समय में उपयोग किया जा सकता है. इसमें कैल्शियम और फाइबर की मात्रा भरपूर होती है, जो शरीर को गर्मी के दिनों में ठंडा रखने में और हल्का महसूस करने में मददगार साबित हो सकती है. सबसे खास बात यह है कि यह वजन कंट्रोल करने के साथ-साथ शरीर को पूरा दिन एनर्जेटिक बनाए रखती है. गर्मियों के दिनों में हम अपने डाइट में मल्टीग्रेन आटे का उपयोग कर सकते हैं. इसमें कई तरह के आते मौजूद होते हैं, जैसे गेहूं, ज्वार, रागी, जौ, बेसन आदि कई तरह के ऑटो के मिश्रण के कारण इसमें फाइबर और प्रोटीन की प्रचुर मात्रा उपलब्ध होती है, जो पेट को लंबे समय तक भरा रखने में और शरीर को कई तरह के रोगों से बचाने में बेहद मददगार होती है. गेहूं एक ऐसा आटा है, जो भारत में रोटी के लिए सबसे अधिक उपयोग किया जाता है. इसमें फाइबर की प्रचुर मात्रा मौजूद होती है, जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में फायदेमंद होती है. गर्मी के दिनों में इसे अपने लंच और डिनर दोनों में शामिल किया जा सकता है. यह पेट को हल्का बनाए रखने में फायदेमंद होती है. First Published : April 04, 2026, 17:51 IST
हरे सांप जैसा दिखने वाला ये फल गर्मियों में तन-मन को दे शीतलता, लू से बचाए, पाचन तंत्र रखे दुरुस्त

Kakdi Health benefits: गर्मियों के मौसम में जब गर्मी और लू से परेशानी बढ़ जाती है, तब ककड़ी सबसे अच्छा और सस्ता उपाय साबित होती है. यह न सिर्फ शरीर और मन को ठंडक पहुंचाती है बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी कारगर होती है. ककड़ी को “शीतल फल” भी कहा जाता है क्योंकि इसमें 95 प्रतिशत से ज्यादा पानी होता है. गर्मियों में हेल्थ एक्सपर्ट ककड़ी के सेवन का सुझाव देते हैं, जिससे गर्मी संबंधित समस्याएं दूर रहती हैं और तन के साथ मन को भी कई फायदे मिलते हैं. ककड़ी शरीर में पानी की कमी दूर करती है. गर्मियों में पसीना ज्यादा आने से शरीर डिहाइड्रेट हो जाता है. ककड़ी खाने से शरीर को प्राकृतिक तरीके से पानी मिलता है. यह पानी, इलेक्ट्रोलाइट्स और खनिजों से भरपूर होती है, जो पूरे दिन एनर्जी बनाए रखती है. गर्मी और लू से बचाव में मददगार है. ककड़ी का सेवन शरीर का तापमान नियंत्रित रखता है. गर्मी में लू लगने की आशंका कम हो जाती है. इसे सलाद, रायता या जूस के रूप में लिया जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वजन घटाने में भी ककड़ी सहायक है. ककड़ी में कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. इसमें फाइबर भरपूर होता है, जो भूख को कंट्रोल करता है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए ककड़ी रोजाना का आहार बन सकती है. यही नहीं ककड़ी के सेवन से पाचन शक्ति मजबूत होती है. ककड़ी पाचन तंत्र को सुधारती है. इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और गैस व ब्लोटिंग से राहत देता है. नियमित सेवन से पेट स्वस्थ रहता है. यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद है. ककड़ी त्वचा को साफ और चमकदार बनाती है. इसमें मौजूद पानी और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की सूजन कम करते हैं. गर्मियों में चेहरे पर ककड़ी के टुकड़े रखने से ठंडक मिलती है और सनबर्न से बचाव होता है. ककड़ी के सेवन के अन्य लाभ की बात करें तो यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मददगार और हड्डियों को मजबूत बनाती है, आंखों की थकान कम करती है और इम्युनिटी बढ़ाती है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ककड़ी का जूस लें, सलाद में टमाटर, प्याज और नींबू के साथ मिलाकर खाएं. इसे दही के साथ रायता बनाकर ले सकते हैं, साथ ही सैंडविच या रोल्स में इस्तेमाल कर सकते हैं. एक्सपर्ट्स की सलाह है कि गर्मियों में रोजाना कम से कम एक ककड़ी जरूर खाएं. इसे अच्छी तरह धोकर, छीलकर या बिना छीले दोनों तरह से खा सकते हैं. ककड़ी सस्ती, आसानी से उपलब्ध और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली होती है. गर्मी के मौसम में इसे अपने आहार में शामिल करके आप तन और मन दोनों को शीतल रख सकते हैं साथ ही कई स्वास्थ्य समस्याओं से बच सकते हैं.
सुशांत सिंह राजपूत की AI तस्वीरें रणबीर से बेहतर साबित:फैंस बोले- उनकी शांत और दयालु आंखें राम के किरदार के लिए बिल्कुल सही हैं

नितेश तिवारी निर्देशित और रणबीर कपूर अभिनीत महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ का नया टीजर हाल ही में जारी हुआ है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में दिख रहे हैं। इस टीजर ने सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया पैदा की है और दर्शक‑भक्त दोनों ही एक साथ इसे देख रहे हैं। इसी बीच इंटरनेट पर एक AI‑जनित तस्वीरों का सिलसिला वायरल हुआ है, जिसमें दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत को भगवान राम के रूप में दिखाया गया है। एक Reddit उपयोगकर्ता ने ये चित्र साझा किए, जिनका शीर्षक था “वह ज्यादा बेहतर होते”। ये दोनों ही फ्रेम फिल्म के टीजर से लिए गए हैं, लेकिन मूल रूप से रणबीर कपूर के स्थान पर सुशांत की तस्वीरें AI के जरिए जोड़ दी गईं। इन AI निर्मित चित्रों में सुशांत को दो अलग‑अलग दृश्यों में दिखाया गया। जिसमें एक में अयोध्या दरबार की शाही पोशाक पहने और दूसरे में वनवास के दौरान नाव में बैठे हुए। इन पोस्टों के साथ साझा एक गूगल सर्च स्क्रीनशॉट में यह भी बताया गया कि भगवान राम का रंग सांवला था, जो चर्चा का एक और मुद्दा बन गया। सोशल मीडिया यूजर्स ने इन AI चित्रों पर जोरदार प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने सुशांत की दयालु आंखों और शांत स्वभाव को राम के चरित्र के अनुरूप बताते हुए कहा कि वह इस भूमिका में बेहतर दिखते। कुछ ने लिखा कि सुशांत में वह आध्यात्मिक गहराई और भावनात्मक जुड़ाव है जो भगवान राम बनने के लिए जरूरी होता। इसके साथ‑साथ कुछ उपयोगकर्ताओं ने इस तुलना पर असहमति भी जताई, यह कहते हुए कि सुशांत का स्किन टोन भी राम के पारंपरिक वर्णन से मेल नहीं खाता, और इसलिए यह तुलना पूरी तरह न्यायसंगत नहीं है। ये चर्चाएं दर्शाती हैं कि कैसे सोशल मीडिया और AI‑आधारित इमेजिंग अब फिल्मों की आधिकारिक सामग्री के साथ मिलकर ऑडियंस की कल्पनाओं और भावनाओं को प्रभावित कर रही हैं। रामायण का टीजर रिलीज होने के बाद से ही चर्चा तूल पकड़ी है और AI‑जनित छवियों ने इस बहस में एक नया आयाम जोड़ दिया है।
कचरे में मिले स्पीकर ने जेन-जी भाईयों को बनाया करोड़पति:3.5 लाख रुपए में ट्रक खरीदा, घर-ऑफिस से कचरा उठाया, रीसेल कर बढ़ाया बिजनेस

कचरे के ढेर से मिला स्पीकर दो जेन-जी भाइयों की जिंदगी बदल देगा, यह किसी ने नहीं सोचा होगा। अमेरिका के बोस्टन के पास स्थित नॉरवुड शहर के रहने वाले किर्क और जैकब मैकिन्नी ने इसी छोटे से अनुभव से प्रेरित होकर 2021 में ‘जंक टीन्स’ नाम का स्टार्टअप शुरू किया, जिसकी सालाना कमाई अब 28 करोड़ रुपए से ज्यादा है। दोनों भाइयों ने 3.5 लाख रुपए में पुराना पिकअप ट्रक खरीदकर इस बिजनेस को शुरू किया था। अब उनके पास पांच डंप ट्रक हैं और करीब 10-15 कर्मचारी उनके यहां काम करते हैं, जिनमें ज्यादातर छात्र हैं। इस सफल बिजनेस की शुरुआत भी एक छोटे से अनुभव से हुई। बड़ा भाई किर्क मैकिन्नी साइकिल से स्थानीय डंप यार्ड जाते थे, एक दिन उन्हें वहां एक वर्किंग कंडीशन में स्पीकर मिला। इसके बाद वे लगातार वहां जाने लगे और इस्तेमाल लायक सामान इकट्ठा कर सोशल मीडिया पर बेचने लगे। इसी दौरान उन्हें ऐसे लोग भी मिले, जो अपने घरों से कबाड़ हटवाने के लिए पैसे देने को तैयार थे। इसके बाद दोनों भाइयों ने अपनी बचत से पिकअप ट्रक खरीदा और घर-घर जाकर कबाड़ उठाने का काम शुरू किया। उन्होंने तकनीक का उपयोग करके बुकिंग और लॉजिस्टिक्स को इतना आसान बना दिया कि ग्राहकों के लिए कचरा हटवाना एक क्लिक का काम रह गया। शुरुआत में वे लैंडस्केपिंग और मूविंग जैसे काम करते थे, लेकिन धीरे-धीरे जंक रिमूवल (बेकार सामान उठाना) उनका सबसे सफल काम बन गया। अब जैकब मैकिन्नी कहते हैं, ‘शुरुआत में हमें नहीं पता था कि हम बिजनेस बना रहे हैं, लेकिन यही काम सबसे मजेदार और सबसे ज्यादा कमाई वाला साबित हुआ।’ आज “जंक टीन्स’ एक बड़ा जंक रिमूवल और रीसेलिंग बिजनेस बन चुका है। अब वे हर काम के लिए औसतन 40,000 से 50,000 हजार चार्ज करते हैं। ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से आ रहा बड़ा बदलाव इस बिजनेस की खूबी कचरे से कमाई वाला मॉडल है। कबाड़ हटाने के बदले वे फीस तो लेते ही हैं, साथ ही हटाए गए सामान में से रिसाइकिल करने योग्य वस्तुओं को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी करते हैं। दोनों भाई ट्रक में आए सामान को सीधे डंप करने के बजाय पहले उसे छांटते है। वे पुराने स्पीकर, फर्नीचर, साइकिल, फ्रिज और ऐसी मशीनें ढूंढते, जिन्हें थोड़ा साफ या ठीक करके दोबारा इस्तेमाल किया जा सके। इसके बाद वे ऑनलाइन साइट्स पर बेच देते। उनका लक्ष्य अब इस स्टार्टअप को पूरे देश में फैलाना है और ‘जंक रिमूवल’ इंडस्ट्री में तकनीक के माध्यम से बड़े बदलाव लाना है।
गर्मी में शहतूत है सेहत का खजाना! खून बढ़ाने से लेकर इम्यूनिटी तक फायदे, शरीर रहेगा ठंडा और बीमारियां रहेंगी दूर

Last Updated:April 04, 2026, 16:54 IST गर्मियों में मिलने वाला शहतूत सिर्फ स्वादिष्ट ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें मौजूद आयरन, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं. यह खून बढ़ाने, पाचन सुधारने, इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ-साथ त्वचा और बालों के लिए भी लाभकारी है. इसलिए इसे अपनी डाइट में शामिल करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है. शहतूत में आयरन की अच्छी मात्रा होती है, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करती है. एनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए यह खास तौर पर फायदेमंद है. नियमित सेवन से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बेहतर होता है और कमजोरी व चक्कर जैसी समस्याएं कम होती हैं. यह खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए उपयोगी है और खून बढ़ाने का सस्ता व प्राकृतिक उपाय है. डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार, शहतूत में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. रोजाना सेवन से आंतें साफ रहती हैं और पेट हल्का महसूस होता है. गर्मियों में यह फल शरीर को ठंडक देने के साथ पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है. शहतूत में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम और संक्रमण का खतरा कम होता है. बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, यह फल सभी के लिए प्राकृतिक इम्यूनिटी बूस्टर का काम करता है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत में पोटेशियम और फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं. यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और दिल की बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद करता है. साथ ही, यह खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाकर अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक है. नियमित सेवन से दिल मजबूत रहता है और हार्ट अटैक का जोखिम कम होता है. शहतूत ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद करता है और शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है. इससे डायबिटीज के मरीजों को फायदा मिल सकता है. हालांकि, इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए. संतुलित मात्रा में खाने से शुगर लेवल स्थिर रहता है और अचानक बढ़ने का खतरा कम होता है. शहतूत में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं. यह फ्री रेडिकल्स से बचाकर समय से पहले बूढ़ा होने से रोकता है. नियमित सेवन से त्वचा साफ, मुलायम और चमकदार बनती है. गर्मियों में यह धूप के असर से बचाने और दाग-धब्बों को कम करने में भी मदद करता है. शहतूत में विटामिन और मिनरल्स भरपूर होते हैं, जो बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं. इसका सेवन करने से बाल झड़ने की समस्या कम होती है और बाल घने व चमकदार बनते हैं. इसमें मौजूद पोषक तत्व स्कैल्प को पोषण देकर बालों की ग्रोथ बढ़ाते हैं. बालों की कमजोरी या रूखापन दूर करने के लिए शहतूत का सेवन फायदेमंद है. गर्मियों में शहतूत शरीर को ठंडक पहुंचाता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. इसके सेवन से शरीर तरोताजा और ऊर्जावान बना रहता है. यह लू के प्रभाव से बचाने में भी मदद करता है और थकान को दूर करता है. गर्मियों में स्वस्थ और एक्टिव रहने के लिए शहतूत को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है. First Published : April 04, 2026, 16:54 IST
सुबह की चाय से लेकर शाम के नाश्ते तक, अगर आप हर समय खा रहे हैं ब्रेड, तो सावधान! इन बीमारियों का खतरा

Last Updated:April 04, 2026, 16:12 IST Health News: अक्सर आपने देखा होगा कि बच्चों को सुबह चाय के साथ या फिर लंच बॉक्स में ब्रेड दिया जाता है, जो अब उनकी दिनचर्या बन गई है. लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार, ब्रेड सेहत को काफी नुकसान पहुंचाता है. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्रेड से सेहत पर क्या प्रभाव पड़ता है. चंदौली: आज के आधुनिक जीवन में लोगों की खानपान की आदतों में तेजी से बदलाव आया है. व्यस्त दिनचर्या और समय की कमी के कारण लोग ऐसे खाद्य पदार्थों की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिन्हें बनाने में कम समय लगे. इसी वजह से ब्रेड का उपयोग बेहद आम हो गया है. सुबह की चाय के साथ ब्रेड-बटर, बच्चों के टिफिन में ब्रेड, जिम के बाद स्नैक के रूप में ब्रेड हर उम्र के लोग इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना चुके हैं. हालांकि, हाल ही में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ब्रेड के अत्यधिक सेवन को लेकर चिंता जताई है. डॉक्टर रिद्धि पांडे ने इस विषय पर बातचीत करते हुए लोकल 18 से बताया कि ब्रेड मूलरूप से सुविधा के लिए बनाया गया खाद्य पदार्थ है, न कि स्वास्थ्य के लिए है. उन्होंने कहा कि लोग रोटी बनाने में लगने वाले समय और मेहनत से बचने के लिए ब्रेड का विकल्प चुनते हैं, लेकिन यह आदत लंबे समय में नुकसानदायक साबित हो सकती है. बीमारियों का बन सकता है कारण डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा अधिक होती है. यदि इसे रोजाना और अधिक मात्रा में खाया जाए, तो यह शरीर में अतिरिक्त कैलोरी के रूप में जमा होने लगता है. खासकर जब लोग ब्रेड को बटर, घी या पीनट बटर के साथ खाते हैं, तो शरीर में फैट का स्तर तेजी से बढ़ता है. यह जमा हुआ फैट आगे चलकर मोटापा, उच्च कोलेस्ट्रॉल और हृदय संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है. शरीर में बढ़ाता है कोलेस्ट्रॉल कई लोग यह सोचकर ब्राउन ब्रेड का सेवन करने लगते हैं कि यह ज्यादा हेल्दी है. हालांकि डॉक्टर पांडे ने बताया कि ब्राउन ब्रेड में सफेद ब्रेड की तुलना में थोड़ा कम कार्बोहाइड्रेट हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे रोजाना बिना सोचे-समझे खाया जाए. यदि ब्राउन ब्रेड का सेवन भी नियमित रूप से बटर या अन्य फैट के साथ किया जाए, तो यह भी शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने का काम करता है. पौष्टिक विकल्पों को दें प्राथमिकता इसके अलावा, ब्रेड को फ्राई करके खाना या बार-बार सेवन करना पाचन तंत्र पर भी असर डाल सकता है. लंबे समय तक ऐसी आदतें अपनाने से शरीर में ऊर्जा असंतुलन और वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है. डॉक्टर ने बताया कि लोग अक्सर सुविधा के लिए ब्रेड को अपनी दिनचर्या का स्थायी हिस्सा बना लेते हैं, जो सही नहीं है. उन्होंने सलाह दी कि ब्रेड का सेवन पूरी तरह से बंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन इसे सीमित मात्रा में और कभी-कभार ही खाना चाहिए. उन्होंने कहा कि इसके बजाय, पारंपरिक और ताजा बने खाद्य पदार्थ जैसे रोटी, दलिया या अन्य पौष्टिक विकल्पों को प्राथमिकता देनी चाहिए. बता दें कि यह समझना जरूरी है कि हर आसान विकल्प स्वास्थ्य के लिए सही नहीं होता है. ब्रेड भले ही समय बचाने में मदद करे, लेकिन इसे रोजमर्रा की आदत बना लेना शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है. संतुलित आहार और सही जीवनशैली ही अच्छे स्वास्थ्य की कुंजी है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Chandauli,Uttar Pradesh First Published : April 04, 2026, 14:41 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.









