Sunday, 12 Apr 2026 | 01:29 PM

Trending :

उमरिया में मधुमक्खियों ने किसान पर किया हमला, मौत:खेत में गेहूं काटने के लिए गए थे बुजुर्ग, बोझा बांधते समय हादसा Asha Bhosle Death: क्या सीने में इंफेक्शन के कारण आशा भोसले को आया कार्डियक अरेस्ट? डॉक्टर से समझें कनेक्शन कर्नाटक कांग्रेस में दरार: मुख्यमंत्री के सचिव को हटाया जा सकता है, ‘एसडीपीआई लिंक’ को लेकर मंत्री सवालों के घेरे में | बेंगलुरु-न्यूज़ न्यूज़ एफ-1 टीम मर्सिडीज के बॉस का फलसफा:प्यार करने के लिए कोई अपना हो, कोई सार्थक काम हो और पूरा करने के लिए सपना हो The first 30 seconds of an interview are the most important, start strong; 65% of candidates are rejected due to poor body language. विराट कोहली की जर्सी पाकर खुश हुईं कोरियन कंटेंट क्रिएटर:RCB की जर्सी को किस किया, कहा- मैं कोरियन RCB फैन हूं
EXCLUSIVE

हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 169% अधिक बारिश:तापमान में 11॰C की गिरावट, आज भी 5 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट

हिमाचल में अप्रैल में सामान्य से 169% अधिक बारिश:तापमान में 11॰C की गिरावट, आज भी 5 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में अप्रैल में असामान्य बारिश से दिसंबर-जनवरी जैसी सर्दी लौट आई है। राज्य में बीते एक सप्ताह में सामान्य से 169 फीसदी अधिक बारिश हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। अप्रैल में बर्फबारी के साथ ओलावृष्टि ने कई जगह सेब के बगीचों को तबाह किया है। मौसम विभाग के अनुसार- 2 से 8 अप्रैल के बीच प्रदेश में सामान्य तौर पर 16 मिलीमीटर बारिश होती है, लेकिन इस बार 43 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस असामान्य वर्षा ने पूरे प्रदेश में ठंड का असर बढ़ा दिया है। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जबकि कई शहरों में यह गिरावट 14 डिग्री तक पहुंच गई। कांगड़ा का अधिकतम तापमान सामान्य से 14.1 डिग्री गिरने के बाद 18 डिग्री सेल्सियस रह गया है। मंडी में 11.1 डिग्री की गिरावट के बाद तापमान 18.7 डिग्री दर्ज हुआ। मनाली में पारा 10.8 डिग्री लुढ़ककर 8.6 डिग्री तक पहुंच गया है। ऊना का तापमान 10.4 डिग्री गिरकर 22.4 डिग्री रहा, जबकि शिमला में 8.5 डिग्री की गिरावट के साथ पारा 11.4 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं धर्मशाला का अधिकतम तापमान 11.1 डिग्री गिरकर 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात होने के आसार मौसम विभाग ने आज भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना जताई है। चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में आंधी-तूफान को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्का हिमपात भी हो सकता है। कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा हालांकि राहत की बात यह है कि कल से वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बाद अगले 48 घंटों में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार 12 अप्रैल से प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ हो जाएगा।

वेदविद्या प्रतिष्ठान के सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट का नोटिस:छड़ी से छात्र को पीटने के बाद फिर सुर्खियों में प्रतिष्ठान, जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय

वेदविद्या प्रतिष्ठान के सचिव की नियुक्ति पर हाईकोर्ट का नोटिस:छड़ी से छात्र को पीटने के बाद फिर सुर्खियों में प्रतिष्ठान, जवाब के लिए 6 सप्ताह का समय

महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान में छड़ी से छात्र की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रतिष्ठान के सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को लेकर इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने अहम आदेश जारी करते हुए महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, सचिव विरूपाक्ष जड्डीपाल सहित अन्य के खिलाफ नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। उच्च न्यायालय ने वेद शिक्षक स्वप्निल पाठक द्वारा दायर रिट याचिका में सचिव जड्डीपाल की नियुक्ति को अवैध बताया है। इसके बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब तलब किया है। एडवोकेट गार्गी पाठक ने बताया कि 9 जनवरी 2026 को इंदौर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में विरूपाक्ष जड्डीपाल की नियुक्ति को चुनौती दी गई है। उनके अनुसार वर्ष 2017 में जड्डीपाल की नियुक्ति उज्जैन के सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान में सचिव पद पर हुई थी। हमने आरटीआई के माध्यम से मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन और सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान से नियम और आरआर की प्रतियां मांगीं, लेकिन दोनों जगह से कॉपी नहीं मिली। इसके बाद किए गए शोध में पता चला कि सचिव पद पर जड्डीपाल की नियुक्ति पूरी तरह अवैध है और उन्हें नियम विरुद्ध पद पर रखा गया है। गार्गी पाठक ने बताया कि सचिव पद की नियुक्ति के लिए सेंट्रल यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर होना जरूरी है, जबकि उनकी नियुक्ति उस समय हुई जब वे 2017 में तिरुपति स्थित राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठम नामक डीम्ड विश्वविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थे। उनका डेप्युटेशन पीरियड 2022 में समाप्त हो गया था, इसके बाद भी मंत्रालय से डेप्युटेशन एक्सटेंशन नहीं हुआ, फिर भी वे 2026 तक सचिव पद पर बने हुए हैं। यह सेक्रेटरी पोस्ट ए ग्रेड की पब्लिक ऑफिसर की पोस्ट है, जिस पर नॉन पब्लिक ऑफिसर को बैठा दिया गया है। बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर जमे रहे याचिकाकर्ता स्वप्निल पाठक ने बताया कि वर्ष 2022 में प्रारंभिक प्रतिनियुक्ति समाप्त होने के बाद भी डॉ. जड्डीपाल को उनके मूल संगठन वापस नहीं भेजा गया और वे बिना पूर्व स्वीकृति के पद पर अवैध रूप से बने रहे। बाद में 15 जून 2023 को मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 के शब्दों में कथित हेरफेर कर 10 जुलाई 2024 को उनकी प्रतिनियुक्ति को अगले 5 वर्षों के लिए बढ़ा दिया। भारत सरकार के नियमों में प्रतिनियुक्ति को 7 वर्ष से अधिक बढ़ाने का कोई प्रावधान नहीं है, जिससे यह विस्तार अवैध हो जाता है। प्रतिष्ठान के ज्ञापन के नियम 19 में 10 वर्षों की प्रतिनियुक्ति का कोई उल्लेख नहीं है। भर्ती और प्रशासनिक अनियमितताओं के गंभीर आरोप याचिका में आरोप लगाया गया है कि डॉ. जड्डीपाल प्रतिष्ठान के सचिव के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और संस्थान के उद्देश्यों के विरुद्ध कार्य कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में भारी भर्ती अनियमितताएं, प्रशासनिक धोखाधड़ी और वैदिक विद्वानों तथा वेद पाठशालाओं का उत्पीड़न हुआ है, जो जन नीति के विरुद्ध बताया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि पूर्णतः अपात्र होने के कारण वे इस पद पर बने रहने के अयोग्य हैं और उन्हें तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए। इसी को लेकर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया है। ये खबर भी पढ़ें.. गुरुकुल में छात्र को डंडे से पीटा…दर्द से चीखता रहा,VIDEO उज्जैन में महर्षि सांदीपनी राष्ट्रीय वेदविद्या संस्थान (गुरुकुल) में एक टीचर ने छात्र को डंडे से बेरहमी से पीटा। इस दौरान छात्र दर्द से चीखता रहा, लेकिन टीचर लगातार उसे मारता रहा। घटना का वीडियो शनिवार को सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह छात्र को दूसरे के बिस्तर पर सोने की बात पर पीट रहा था।पूरी खबर पढ़ें

इम्यूनिटी बूस्ट करने से लेकर बीपी कंट्रोल करने तक, खरबूज के बीज में छिपा सेहत का राज, फेंकने की भूल न करें

authorimg

Last Updated:April 08, 2026, 23:37 IST Muskmelon Seeds Benefits: खरबूज ही नहीं इसके बीज भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद साबित होते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. ख़बरें फटाफट अच्छी सेहत के लिए रोजाना के खाने में छोटे-छोटे बदलाव करना बहुत फायदेमंद होता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी सलाह देते हैं कि पोषक तत्वों से भरपूर खरबूजे के बीजों को अपने आहार में शामिल करें. ये छोटे-छोटे बीज शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं. National Health Mission के अनुसार, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं. ये शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं. इसलिए इन्हें रोजाना के खाने में शामिल करना एक अच्छा विकल्प है. खरबूज के बीज के फायदेआयुर्वेद के अनुसार, खरबूजे के बीज स्वास्थ्य के लिए बहुत उपयोगी माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत करता है. फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और कब्ज की समस्या को कम करता है. साथ ही, इसमें मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इन बीजों का नियमित सेवन शरीर की रक्षा प्रणाली को मजबूत करता है, जिससे सर्दी-जुकाम जैसी आम बीमारियों से बचाव होता है. ये शरीर में सोडियम का स्तर संतुलित रखते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है. फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण ये पाचन को सही रखते हैं और पेट साफ रखने में मदद करते हैं. साथ ही, ये दिमाग को तेज बनाने और याददाश्त सुधारने में भी सहायक होते हैं. खरबूजे के बीज बालों और नाखूनों के लिए भी फायदेमंद होते हैं. इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाते हैं और नाखूनों को स्वस्थ रखते हैं. डाइट में शामिल करने का तरीकाइन्हें अपनी डाइट में शामिल करना बहुत आसान है. आप इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक की तरह खा सकते हैं. इसके अलावा, सलाद, दही या नाश्ते में भी मिला सकते हैं. कुछ लोग इन्हें चाय या दूध के साथ भी लेना पसंद करते हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर रोज थोड़ी मात्रा में इन बीजों का सेवन किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये एक प्राकृतिक और सस्ता सुपरफूड हैं, जो बिना किसी नुकसान के शरीर को मजबूत बनाते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 08, 2026, 23:37 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

पत्नी के सामने युवक की गोली मारकर हत्या:भिंड में बाजार से लौटते समय बदमाशों ने की फायरिंग, बाइक से पीछा करते आए

भिंड के अटेर थाना क्षेत्र के चंबल बीहड़ में बुधवार रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात रात करीब 8:30 बजे की है, जब बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने युवक के सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। मृतक की पहचान नितेश जाटव (25) पुत्र पातीराम जाटव निवासी खिरिका के रूप में हुई है। वह अपनी पत्नी रूबी के साथ भिंड से खरीदारी कर गांव लौट रहा था। रमता गांव के पास बीहड़ क्षेत्र में पहुंचने पर बाइक पर रखा सामान गिर गया। नितेश ने बाइक रोकी और पत्नी के साथ सामान उठाने लगा, तभी पीछे से आए बदमाशों ने नजदीक से उसके सिर में गोली मार दी। गोली लगते ही उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पूरी वारदात पत्नी के सामने हुई, जिससे वह सदमे में है। सूचना मिलते ही अटेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। आपसी रंजिश में हत्या की आशंका प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित हत्या का प्रतीत हो रहा है। सुनसान बीहड़ में वारदात को अंजाम देने से आरोपियों की पूर्व योजना की आशंका जताई जा रही है। पुलिस आपसी रंजिश समेत सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। एसडीओपी रविंद्र वास्कले ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर तलाश जारी है और पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।

रेलिंग लेकर जा रहा ट्रक सड़क से नीचे गिरा:ड्राइवर की मौत; कंडक्टर शामगढ़ अस्पताल में भर्ती; एक्सप्रेसवे से हटाया वाहन

रेलिंग लेकर जा रहा ट्रक सड़क से नीचे गिरा:ड्राइवर की मौत; कंडक्टर शामगढ़ अस्पताल में भर्ती; एक्सप्रेसवे से हटाया वाहन

शामगढ़ थाना क्षेत्र में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेसवे पर बुधवार रात गरोठ से लोहे की रेलिंग लेकर जा रहा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे गिर गया। हादसा हरिपुरा फंटा के पास हुआ। 25 वर्षीय ट्रक ड्राइवर देवेंद्र बामनिया की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, ट्रक में सवार कंडक्टर राजेंद्र बामनिया (26 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में घायल का इलाज जारी सूचना मिलते ही पुलिस की 112 टीम मौके पर पहुंची और घायल कंडक्टर को तुरंत सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर यातायात प्रभावित हुआ, जिसे बहाल करने के लिए पुलिस, एक्सप्रेसवे कंपनी के कर्मचारी और कुरावन सरपंच की मदद से ट्रक को रास्ते से हटाने का काम शुरू किया गया। जांच में जुटी पुलिस पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार या ड्राइवर का नियंत्रण खोना मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दुर्घटना स्थल पर भीड़ न लगाएं और यातायात सुचारू होने तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें।

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला में 8 एकड़ गेहूं की फसल जली:शॉर्ट सर्किट से तिन्दुआ बम्हनी में हादसा; प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे

मंडला जिले की नैनपुर तहसील के ग्राम तिन्दुआ बम्हनी में शॉर्ट सर्किट से लगी आग से 8 एकड़ में खड़ी गेहूं की तैयार फसल जलकर पूरी तरह राख हो गई। ग्रामीणों ने किया बुझाने का प्रयास यह आग मोहम्मद इकलाख खान के खेत में लगी थी। दोपहर के समय अचानक उठी लपटों को देख ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुएं और बोरवेल के पंप चालू कर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते 8 एकड़ की फसल जल गई। आसपास की फसल कटी होने से आगे नहीं बढ़ी स्थानीय निवासी जहीर खान ने बताया कि आसपास के अधिकांश खेतों की फसल पहले ही काटी जा चुकी थी। खाली खेत होने के कारण आग आगे नहीं बढ़ पाई, अन्यथा गांव के अन्य किसानों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता था। हाई टेंशन लाइन से स्पार्किंग की आशंका आग लगने की प्राथमिक वजह खेत के ऊपर से गुजर रही हाई टेंशन बिजली लाइन को माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि तारों के आपस में टकराने या पेड़ों की टहनियों से रगड़ खाने के कारण निकली चिंगारी ने सूखी फसल को अपनी चपेट में ले लिया। प्रशासनिक अमले ने शुरू किया सर्वे घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और नैनपुर एसडीएम को सूचित किया गया। प्रशासनिक निर्देश पर पटवारी और अन्य राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर नुकसान का पंचनामा तैयार किया है। प्रशासन अब आग के वास्तविक कारणों की जांच कर रहा है ताकि पीड़ित किसान को उचित सहायता दी जा सके।

ईरान से 7 साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत:चीन जा रहा था, बीच रास्ते से लौटा; इसी हफ्ते पूर्वी तट पर पहुंचेगा

ईरान से 7 साल बाद कच्चा तेल खरीद रहा भारत:चीन जा रहा था, बीच रास्ते से लौटा; इसी हफ्ते पूर्वी तट पर पहुंचेगा

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच भारत ने 7 साल बाद ईरान से तेल खरीदना फिर शुरू किया है। शिपिंग डेटा के मुताबिक, ‘जया’ नाम का टैंकर ईरानी क्रूड लेकर भारत के पूर्वी तट की ओर आ रहा है। यह टैंकर पहले गुजरात के वाडिनार पोर्ट की ओर आ रहा था। इसमें करीब 6 लाख बैरल कच्चा तेल लदा था। लेकिन फिर यह चीन की तरफ मुड़ गया। तब बताया गया था कि पेमेंट दिक्कत की वजह से यह भारत न आकर चीन जा रहा है। तेल मंत्रालय ने उन रिपोर्ट्स को गलत बताया था। हालांकि अब यह फिर भारत की तरफ मुड़ गया है। फिलहाल इसकी लोकेशन मलेशिया के नजदीक है। माना जा रहा है कि इस सप्ताह के आखिर में यह भारत के पूर्वी तट पर पहुंच जाएगा। अमेरिका ने भारत को 30 दिन की छूट दी है 2018 तक भारत ईरान से बड़ी मात्रा में सस्ता तेल खरीदता था। उस समय भारत रोजाना करीब 5.18 लाख बैरल ईरानी तेल आयात करता था, जो कुल आयात का लगभग 11.5% था। लेकिन अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद भारत ने ईरान से तेल खरीदना बंद कर दिया और अन्य देशों से सप्लाई बढ़ा दी। हाल ही में अमेरिका ने 30 दिन की सीमित छूट दी है, जिसके तहत समुद्र में ईरानी तेल खरीदने की अनुमति है। यह छूट 19 अप्रैल तक लागू है। मंत्रालय के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में सप्लाई बाधित होने के बीच भारतीय रिफाइनरों ने 40 से ज्यादा देशों से कच्चा तेल खरीदा है और पेमेंट की कोई दिक्कत नहीं है। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बाद तेल की कीमतों में भारी उछाल आया था। इससे कई देशों पर असर पड़ा। साथ ही भारतीय तेल कंपनियों को भी नुकसान हुआ था। लेकिन अब ईरान से सस्ता तेल मिलने से भारतीय ऑयल कंपनियों को राहत मिल सकती है। अमेरिका की छूट क्या है और कैसे काम करती है? अमेरिका की ओर से दी गई 30 दिन की छूट पूरी तरह प्रतिबंध हटाने जैसी नहीं है। यह सीमित और कंट्रोल्ड व्यवस्था है। अमेरिका ने 2018 से ईरान के तेल पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं, जिनके तहत कोई भी देश सीधे ईरान से तेल खरीदता है तो उस पर सेकेंडरी सैंक्शन लग सकते हैं। यानी उस देश की कंपनियों पर भी अमेरिकी कार्रवाई हो सकती है। इसी बीच जब वैश्विक हालात बिगड़ते हैं जैसे अभी मिडिल ईस्ट में संघर्ष के कारण सप्लाई पर दबाव बढ़ा तो अमेरिका कुछ समय के लिए राहत देता है। इसका मकसद यह होता है कि तेल बाजार पूरी तरह असंतुलित न हो और कीमतें बेकाबू न बढ़ें। यह छूट पूरी तरह खुली नहीं है। इसमें नए बड़े कॉन्ट्रैक्ट की इजाजत नहीं होती। बल्कि पहले से समुद्र में मौजूद ईरानी तेल को खरीदने की अनुमति मिलती है। इसका मतलब है कि देश सीधे ईरान के साथ नया दीर्घकालिक सौदा नहीं कर सकते। वे केवल सीमित मात्रा में उपलब्ध तेल ही खरीद सकते हैं। पेमेंट सिस्टम इस छूट में अहम भूमिका निभाता है। आमतौर पर डॉलर ट्रांजैक्शन या अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम से दूरी रखी जाती है, ताकि प्रतिबंधों का उल्लंघन न हो। पहले भारत ने रुपया-रियाल जैसे वैकल्पिक सिस्टम का इस्तेमाल किया था, जिससे भुगतान बिना अमेरिकी दखल के हो सके। ऐसी छूट पहले भी दी गई थी। 2018 में प्रतिबंधों के बाद भारत को कुछ समय के लिए राहत मिली थी, लेकिन बाद में अमेरिका ने इसे खत्म कर दिया, जिसके बाद भारत को ईरान से तेल आयात पूरी तरह रोकना पड़ा। अभी दी गई छूट 19 अप्रैल तक सीमित है, यानी यह साफ संकेत है कि अमेरिका फिलहाल केवल अस्थायी राहत देना चाहता है, स्थायी नीति बदलाव नहीं कर रहा। भारत के लिए इसका मतलब यह है कि वह कुछ समय के लिए सस्ता ईरानी तेल खरीदकर लागत घटा सकता है, लेकिन लंबे समय की सप्लाई रणनीति अभी भी अनिश्चित बनी रहेगी।

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

प्रियंका चोपड़ा-महेश बाबू की ‘वाराणसी’ की कहानी लीक:विलेन के मिशन पर टाइम ट्रैवल करेंगे महेश, इतिहास से 2027 तक का दिखेगा सफर

एसएस राजामौली के डायरेक्शन में बन रही फिल्म ‘वाराणसी’ फिल्म का प्लॉट लीक हो गया है। प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू स्टारर इस फिल्म की कहानी टाइम ट्रैवल पर आधारित होगी, जिसमें महेश बाबू एक शिव भक्त के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी का खुलासा किसी और ने नहीं, बल्कि इसमें विजुअल इफेक्ट्स का काम देख रही मशहूर कंपनी ‘सिनेसैट’ (Cinesite) ने किया है। यह वही कंपनी है जिसने ‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ जैसी हॉलीवुड फिल्मों में काम किया है। स्टूडियो ने अपने पोर्टफोलियो में राजामौली के इस प्रोजेक्ट को जोड़ा और एक शॉर्ट डिटेल शेयर की, जिसमें फिल्म की कहानी की मुख्य कड़ियां बताई गई हैं। शिव भक्त और प्राचीन रहस्य की कहानी लीक हुए प्लॉट के मुताबिक, महेश बाबू एक शिव भक्त ‘रुद्र’ का किरदार निभा रहे हैं। वह एक ऐसी ब्रह्मांडीय वस्तु की तलाश में समय की यात्रा पर निकलते हैं, जिसमें असीम शक्ति है। सदियों पुराने रहस्यों को सुलझाते हुए उन्हें एहसास होता है कि उन्हें जिस मिशन पर भेजा गया है, उसके पीछे एक बड़ी साजिश है। जिस शक्ति ने उन्हें इस रास्ते पर भेजा है, वह असल में दुनिया पर राज करना चाहती है। पृथ्वीराज सुकुमारन बन सकते हैं विलेन फिल्म में विलेन के तौर पर पृथ्वीराज सुकुमारन नजर आ सकते हैं। चर्चा है कि उनके किरदार का नाम ‘कुंभ’ है, जो महेश बाबू के किरदार रुद्र को इस खतरनाक मिशन पर भेजता है। जैसे-जैसे रुद्र की यात्रा आगे बढ़ती है, उसे पता चलता है कि कुंभ के इरादे नेक नहीं हैं। वह रामायण काल से जुड़ी एक रहस्यमयी वस्तु की मदद से पूरी दुनिया पर कब्जा करना चाहता है। हालांकि, वह वस्तु क्या है, यह अभी सस्पेंस बना हुआ है। प्रियंका बोलीं- भविष्य में जाने वाली कहानी नहीं फिल्म की लीड एक्ट्रेस प्रियंका चोपड़ा ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि यह फिल्म हॉलीवुड की ‘बैक टू द फ्यूचर’ जैसी नहीं है। प्रियंका ने कहा, “फिल्म की कहानी प्राचीन इतिहास से लेकर भविष्य तक फैली हुई है। हम 7200 ईसा पूर्व से लेकर साल 2027 तक के समय में ट्रैवल कर रहे हैं। दर्शक उन अलग-अलग दुनियाओं और दौर को देखेंगे जिनमें किरदार रहते हैं।” नवंबर 2025 में आई थी पहली झलक इस मेगा बजट फिल्म की पहली झलक साल 2025 के नवंबर में सामने आई थी। तब से ही फिल्म के टाइम-ट्रैवल और एक्शन को लेकर कयास लगाए जा रहे थे। एसएस राजामौली अपनी फिल्मों जैसे ‘बाहुबली’ और ‘आरआरआर’ के लिए जाने जाते हैं, इसलिए ‘वाराणसी’ से भी लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘यहां से चलें…’, सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: 'यहां से चलें...', सीईसी और टीएमसी प्रतिनिधिमंडल के बीच बहस, बैठक के बाद चुनाव आयोग का कड़ा रुख

चुनाव आयोग ने अप्लायंस को दो टूक स्ट्रेंथ दी है। बाकायदा लेकर आयोग की ओर से एक पोस्ट भी जारी किया गया है। इस पोस्ट में इलेक्शन कमिश्नर ने एक तस्वीर भी शेयर की है. इस पोस्ट में चुनाव आयोग ने लिखा है कि चुनाव आयोग की दो टूक कांग्रेस. पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव भय अनुपयोगी, हिंसा अनुपयोगी, अनुपयुक्त अनुपयोगी, अनुपयोगी अनुपयोगी और बूथ एवं मौलिक जैमिंग अनुपयोगी ही रखा जाएगा। यह दावा एक सिद्धांत के होने के नाते और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स आयोग की पूर्ण पृष्टभूमि के बीच बुधवार को हुई बैठक के कुछ देर बाद मोहरा का अंत आया है। इससे पहले लीडरशिप लीडर्स ने आरोप लगाया था कि चीफ इंस्पेक्टर कमिश्नर ने ‘यहाँ से चले जाओ’ कहा था, जबकि कमीशन ने भी लीडरशिप लीडर्स पर चिल्लाने का आरोप लगाया था। इससे पहले समाजवादी पार्टी के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, उप नेता सागरिका घोष, सांसद साकेत गोखले और मेनका गुरुस्वामी वाले एक संगीतकार ने पश्चिम बंगाल चुनाव से कुछ दिन पहले इलेक्ट्रोनिक आयोग की पूरी जानकारी ली थी। मीडिया से क्या बोले नेताबैठक के बाद ओ’ब्रायन ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नौ पत्र में मुख्य परिवहन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को संबोधित जिन पर ध्यान नहीं दिया। इलेक्ट्रानिक कंपनी में कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें इलेक्ट्रानिक कंपनियों के कुछ मामले भी शामिल हैं, जिनमें कुछ इलेक्ट्रोरेक्टर अधिकारियों के भाजपा से जुड़े होने का आरोप लगाया गया है और उनकी शेखी बघारने की मांग की गई है। यहां पूरे मामले में ओब्रायन ने कहा है कि हमने उन्हें छह उदाहरण दिए हैं, जिनमें अधिकारी चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा भी शामिल है। उनके बीजेपी के साथ बातचीत चल रही है. नंदीग्राम में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक स्थानीय भाजपा नेता के साथ होने का उदाहरण दिया गया है। यूक्रेनी समाजवादी पार्टी ने कहा कि इस संबंध में एक सिद्धांत स्थापित किया गया है। ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि हमने मुख्य इलेक्ट्रॉनिक्स आयुक्त (सीईसी) से पूछा कि जब बंगाल में ऐसे सरकारी अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी तो वे सहायक और स्वतंत्र चुनाव कैसे करा सकते हैं। इस पर उनका जवाब था ‘यहां से चलें।’ चुनाव आयोग की ओर से दो टूक पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव:भय,उपायहिंसा,अनुपयोगीख़तरनाक,उत्पादअनुलग्नक, अनुपयोगीनमूना,अनुप्रयोगबूथ एवं परमाणु जैमिंग उत्पाद ही खरीदें ECI की तृणमूल कांग्रेस से सीधी बात इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव जरूर होंगे:… pic.twitter.com/p5fM8Uu337 – भारत निर्वाचन आयोग (@ECISVEEP) 8 अप्रैल 2026 आयोग ने नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया इस बीच आयोग ने पौराणिक नेताओं पर चिल्लाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि आयोग में राज्य के कर्मचारी और स्वतंत्र चुनाव के नेता थे। आयोग ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि ‘वैश्विक कांग्रेस के सिद्धांत से’ सीधी बात की। इलेक्ट्रोरेक्टर आयोग ने कहा कि। आयोग के अधिकारी ने ओ’ब्रायन पर कमिश्नरों पर चिल्लाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सीईसी से कहा कि वह बोलें नहीं। सीईसी ने ओब्रायन से कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया उन्होंने कहा कि सीईसी ने डेरेक ओब्रायन से आयोग के कक्ष में गरिमा बनाए रखने का आग्रह किया है। चिल्लाना और अभद्र व्यवहार नहीं हैं. बैठक में एक सूत्र के अनुसार बताया गया, जैसे कि ऑलसोल की बैठक में सीईसी ने अपने प्रतिनिधि के शामिल होने की ओर इशारा नहीं किया। इस पर ओ’ब्रायन ने पूछा कि क्या वे अनुचित हैं और उन्हें क्या जाना चाहिए। अपना अधिकार दिए जाने के बाद, ऑर्थोडॉक्स लीडर्स ने सीईसी से कहा कि वे सिर्फ बातें नहीं, बल्कि जमीनी कार्रवाई चाहते हैं। औद्योगिक नेताओं ने आयोग के मठाधीश को खारिज कर दिया है। सागरिका घोष ने एक्स पर आयोग के दावे पर सारासर झूठ बताया और कहा, ‘चार सदस्यों वाले संस्थान से यह सब कुछ नहीं कहा गया।’ यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: वोट से पहले ‘कैश फॉर वोट’ का हंगामा, वीडियो से अनमोल गरमाई; कांग्रेस ने EC पर भी कसा तंज