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दवा नहीं, ये पत्ते हैं सेहत का खजाना! डायबिटीज से दिल तक फायदेमंद, जानें इसके चमत्कारी फायदे

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Last Updated:April 08, 2026, 13:21 IST आयुर्वेद में शहतूत के पत्तों को बेहद गुणकारी माना गया है. ये न सिर्फ डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य, इम्यूनिटी और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं. शहतूत के पत्ते मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही ये पाचन को बेहतर करते हैं और सूजन कम करने में भी लाभकारी होते हैं. इनका सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, शहतूत के पत्ते मधुमेह को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. ये प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं और टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं. शहतूत के पत्ते हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स भरपूर मात्रा में होते हैं. ये कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने, उच्च रक्तचाप को कम करने, धमनियों की सूजन घटाने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इससे हृदय रोगों, जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस, के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत के पत्ते वजन प्रबंधन के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माने जाते हैं. इनमें मौजूद पॉलीफेनोल और फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, फैट के संचय को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं. शहतूत के पत्ते विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इनमें सूजनरोधी और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को चमकदार बनाने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण से राहत देने में सहायक होते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए वरदान माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को निखारने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं. First Published : April 08, 2026, 13:21 IST

नरसिंहपुर में हनुमान मंदिर से गहने-नकदी चोरी:जैन मंदिर का ताला नहीं तोड़ पाए चोर, ट्रस्टी बोले-CCTV में दिखे दो संदिग्ध

नरसिंहपुर में हनुमान मंदिर से गहने-नकदी चोरी:जैन मंदिर का ताला नहीं तोड़ पाए चोर, ट्रस्टी बोले-CCTV में दिखे दो संदिग्ध

नरसिंहपुर के तेंदूखेड़ा में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात चोरों ने दो मंदिरों को निशाना बनाया। इस घटना में हनुमान मंदिर से लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई, जबकि जैन मंदिर में सेंध लगाने की कोशिश की गई। जैन मंदिर का ताला नहीं तोड़ पाए चोर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, चोर पहले जैन मंदिर पहुंचे और ताले तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य जिनालय में सफल नहीं हुए। इसके बाद वे नगर के बीच स्थित हनुमान मंदिर पहुंचे। यहां चोरों ने ताले तोड़कर भगवान का श्रृंगार, चांदी के छत्र और दान पेटी में रखी नकदी चुरा ली। हनुमान मंदिर से गहने-नकदी चोरी मंदिर के ट्रस्टी और महामंत्री कमल जैन ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में रात करीब 1 बजे दो संदिग्ध मंदिर में घुसते दिखाई दिए। फुटेज के अनुसार, चोरों ने पहले मुख्य गेट से अंदर आकर मुनि सुब्रतनाथ जिनालय के ताले को लगभग पांच मिनट तक तोड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहे। इसके बाद वे बेसमेंट में पहुंचे, जहां का ताला तोड़कर अंदर घुसे और चोरी को अंजाम दिया। एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट टीम को बुलाया गया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। तेंदूखेड़ा थाना के सब-इंस्पेक्टर अभिषेक जैन के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर टीम, एफएसएल टीम और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट को बुलाया गया है। अज्ञात चोरों की तलाश के लिए दो विशेष टीमें भी गठित की गई हैं।

जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का आज सुबह निधन हो गया। एक्ट्रेस की टीम ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। जरीन की मां परवीन बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। कई बार अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी में एडमिट भी करवाया जा चुका था। जरीन खान की टीम ने आधिकारिक स्टेटमेंट में परवीन खान के निधन की पुष्टि करते हुए लिखा है, “यह सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय परवीन खान, जो जरीन खान और सना खान की माता थीं, का 8 अप्रैल को शांतिपूर्वक निधन हो गया।” स्टेटमेंट के अनुसार, परवीन खान का जनाजा अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा मुस्लिम कब्रिस्तान में आज सुबह 10 बजे हुआ। कुछ घंटे पहले ही बिल्ली का भी हुआ निधन जरीन खान की मां के निधन की खबर आने से कुछ घंटों पहले ही एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया ने अपने पालतु बिल्ली के निधन की खबर दी थी। उन्होंने भावुक होकर लिखा था, मेरी बेबी आज सुबह मुझे हमेशा के लिए छोड़कर अपने भाई-बहनों के पास चली गई। तुम्हारी आत्मा को शांति मिले मेरा बच्चा। मेरी रेम्बो। एक्ट्रेस की बिल्ली 15 साल की थी। उसका जन्म 18 जुलाई 2011 को हुआ था और निधन 7 अप्रैल 2026 में हुआ। अक्टूबर 2025 में भर्ती करवाया गया था जरीन खान की मां परवीन खान बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। अक्टूबर 2025 में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर दुआ करने की अपील की थी। इससे पहले मई में एक्ट्रेस ने मां का ख्याल रखने के लिए बॉलीवुड से ब्रेक लिया था। दैनिक भास्कर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जरीन खान ने मां पर बात करते हुए कहा था, “मेरी मां बहुत सिंपल मम्मी हैं। उनको मेरे काम के बारे में इतना ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं है। हम बहुत सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं। अभी भले ही मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, जिसके बारे में लोगों को लगता है कि बहुत ग्लैमरस लाइफ जीते हैं। लेकिन मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं और इतना होने के बावजूद उससे जुड़ी हुई हूं। ग्राउंडेड होने की वजह से मेरी मम्मी हर छोटी-छोटी चीज से खुश हो जाती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे।”

जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

जरीन खान की मां परवीन खान का निधन:लंबे समय से थीं बीमार, जनाजा हुआ; कुछ घंटों पहले ही पालतु बिल्ली की मौत की खबर दी थी

बॉलीवुड एक्ट्रेस जरीन खान की मां परवीन खान का आज सुबह निधन हो गया। एक्ट्रेस की टीम ने इस दुखद खबर की पुष्टि की है। जरीन की मां परवीन बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। कई बार अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इमरजेंसी में एडमिट भी करवाया जा चुका था। जरीन खान की टीम ने आधिकारिक स्टेटमेंट में परवीन खान के निधन की पुष्टि करते हुए लिखा है, “यह सूचित किया जाता है कि हमारी प्रिय परवीन खान, जो जरीन खान और सना खान की माता थीं, का 8 अप्रैल को शांतिपूर्वक निधन हो गया।” स्टेटमेंट के अनुसार, परवीन खान का जनाजा अंधेरी वेस्ट के वर्सोवा मुस्लिम कब्रिस्तान में आज सुबह 10 बजे हुआ। कुछ घंटे पहले ही बिल्ली का भी हुआ निधन जरीन खान की मां के निधन की खबर आने से कुछ घंटों पहले ही एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया ने अपने पालतु बिल्ली के निधन की खबर दी थी। उन्होंने भावुक होकर लिखा था, मेरी बेबी आज सुबह मुझे हमेशा के लिए छोड़कर अपने भाई-बहनों के पास चली गई। तुम्हारी आत्मा को शांति मिले मेरा बच्चा। मेरी रेम्बो। एक्ट्रेस की बिल्ली 15 साल की थी। उसका जन्म 18 जुलाई 2011 को हुआ था और निधन 7 अप्रैल 2026 में हुआ। अक्टूबर 2025 में भर्ती करवाया गया था जरीन खान की मां परवीन खान बीते लंबे समय से बीमार चल रही थीं। अक्टूबर 2025 में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। तब एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पोस्ट शेयर कर दुआ करने की अपील की थी। इससे पहले मई में एक्ट्रेस ने मां का ख्याल रखने के लिए बॉलीवुड से ब्रेक लिया था। दैनिक भास्कर को दिए एक पुराने इंटरव्यू में जरीन खान ने मां पर बात करते हुए कहा था, “मेरी मां बहुत सिंपल मम्मी हैं। उनको मेरे काम के बारे में इतना ज्यादा कुछ नॉलेज नहीं है। हम बहुत सिंपल बैकग्राउंड से आते हैं। अभी भले ही मैं इस इंडस्ट्री का हिस्सा हूं, जिसके बारे में लोगों को लगता है कि बहुत ग्लैमरस लाइफ जीते हैं। लेकिन मैं मिडिल क्लास बैकग्राउंड से आती हूं और इतना होने के बावजूद उससे जुड़ी हुई हूं। ग्राउंडेड होने की वजह से मेरी मम्मी हर छोटी-छोटी चीज से खुश हो जाती हैं। मेरी कोशिश रहती है कि उनके चेहरे पर मुस्कुराहट हमेशा बनी रहे।”

रागी बनाम बाजरा बनाम ज्वार रोटी: रागी, ज्वार या बाजरा…कौन सी रोटी है सबसे स्वादिष्ट? जानिए खाने की सही मात्रा और विधि

रागी बनाम बाजरा बनाम ज्वार रोटी: रागी, ज्वार या बाजरा...कौन सी रोटी है सबसे स्वादिष्ट? जानिए खाने की सही मात्रा और विधि

कौन सा बाजरा स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है: विभिन्न खाद्य पदार्थों का चलन बढ़ गया है और लोग आटे की रोटी की जगह रागी, ज्वार और बाजरा जैसे मिलेट यानि अनाज को अपने मिश्रण में शामिल कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये है कि इन तीनों में सबसे बड़ा कमाल कौन है? और कैसे खाना चाहिए? जिन लोगों में कैल्शियम की कमी होती है या फिर हड्डियों को मजबूत बनाना चाहते हैं, तो इसके लिए रागी के आटे से बनी रोटी सबसे अच्छी बनी रहेगी। इसके अलावा वजन कम करने के लिए रागी वाली रोटी बेस्ट रहेगी।ऐसा इसलिए क्योंकि रागी में बहुत अधिक मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है और ये सबसे ज्यादा प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है। साथ ही, साथियों के लिए अच्छा विकल्प रहेगा। रागी की रोटी थोड़ी भारी होती है, इसलिए भोजन से पाचन में गड़बड़ी हो सकती है। जिंक से एलर्जी होती है या आप अपने दिल के स्वास्थ्य में सुधार करना चाहते हैं, तो जर्क के आटे से बनी रोटी आपके लिए जादुई साबित हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये मैग्जीन फ्री होता है। किशोरों में एंटीऑक्सीडेंट और एंटीऑक्सीडेंट सबसे ज्यादा होते हैं, जो चॉकलेट कम करने में सहायक होते हैं। ज्वार की रोटी बनाई जा सकती है, इसलिए इसे दाल या सब्जी के साथ खाना बेहतर है। शरीर को गर्म रखने के लिए बाजार से बनी रोटी सबसे अच्छी है। खासतौर पर समुद्री मछली का सेवन सबसे ज्यादा किया जाता है। उदाहरण यानी कि खून की कमी से बचे लोगों के लिए बाजारे से बनी रोटी सबसे अच्छी है। यह ब्रेड आयरन और मैग्नीशियम से भरपूर होता है और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह पाचन के लिए अच्छा पदस्थापित हो सकता है। गर्म तासीर के कारण गर्मी में सीमित मात्रा में बनी रहती है। सबसे बड़ा जादूगर कौन है? वैसे तो तीन ही अपने-अपने तरीके से कमाल हैं। कैल्शियम के लिए रागी इ बनी रोटी सबसे बेहतर रैंकिंग में से एक है। दिल और वजन के लिए ज्वार अच्छा विकल्प हो सकता है। ऊर्जा और आयरन के लिए बाजरे की रोटी सबसे ज्यादा लाजवाब है। यानी आपको अपनी ज़रूरत के हिसाब से चुनाव कराना चाहिए। रागी, ज्वार और बाजरा सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं। यदि आप स्थिर तरीके से और सही मात्रा में अपने-अपने मिश्रण को शामिल करते हैं, तो इससे आपका स्वास्थ्य काफी बेहतर हो सकता है।

जाकिर खान बोले- धुरंधर से इंडस्ट्री की जली:भड़कीं अमीषा पटेल बोलीं- नेगेटिविटी मत फैलाओ, शाहरुख-सलमान के पास ज्यादा सुपरहिट, डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी लगाई फटकार

जाकिर खान बोले- धुरंधर से इंडस्ट्री की जली:भड़कीं अमीषा पटेल बोलीं- नेगेटिविटी मत फैलाओ, शाहरुख-सलमान के पास ज्यादा सुपरहिट, डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी लगाई फटकार

स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान के फिल्म इंडस्ट्री पर दिए गए एक बयान पर एक्ट्रेस अमीषा पटेल और जवान डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद भड़क गए हैं। दरअसल, हाल ही में स्क्रीन अवॉर्ड होस्ट करते हुए जाकिर खान ने कहा था कि धुरंधर 2 की फिल्म इंडस्ट्री के लोग कितनी भी तारीफ करें, लेकिन असल में उनकी फिल्म से जली है। अमीषा पटेल ने जाकिर खान के इस बयान पर जवाब देते हुए ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है, ‘नेगेटिविटी फैलाना बंद करो। फिल्म इंडस्ट्री ने धुरंधर को हमेशा महत्व और सम्मान दिया है। शाहरुख खान, सलमान खान, सनी देओल, ऋतिक रोशन, अजय देवगन जैसे सुपरस्टार्स ने सिर्फ एक नहीं बल्कि 25 से ज्यादा मेगा हिट फिल्में दी हैं और आगे भी देते रहेंगे। चिल करो, गदर तो सबने कई सालों से पहले ही मचा रखी है और आगे भी मचाते रहेंगे।’ पठान और फाइटर जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी जाकिर खान के बयान की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘जुहू-बांद्रा के लोगों ने पिछले 50 सालों में सभी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उनके कॉन्ट्रीब्यूशन को कम आंकने के लिए बहुत बड़ा बेवकूफ होना पड़ेगा।’ क्या था जाकिर खान का बयान स्क्रीन अवॉर्ड में जाकिर खान ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा था, लोग कितना भी धुरंधर 2 को बधाई देते हुए पोस्ट डाल दें, रील डाल दें या पब्लिक इंटरव्यू में ये कह दें कि ये उनकी पसंदीदा फिल्म है, लेकिन सच तो ये है दोस्तों कि धुरंधर से सबकी जली तो है। देखिए बम फिल्म में फूटे ल्यारी में, पर धुआं हुआ है जुहू से बांद्रा में। जुहू-बांद्रा से जाकिर का मतलब था, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग। जो ज्यादातर उसी जगह रहते हैं।

जाकिर खान बोले- धुरंधर से इंडस्ट्री की जली:भड़कीं अमीषा पटेल बोलीं- नेगेटिविटी मत फैलाओ, शाहरुख-सलमान के पास ज्यादा सुपरहिट, डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी लगाई फटकार

जाकिर खान बोले- धुरंधर से इंडस्ट्री की जली:भड़कीं अमीषा पटेल बोलीं- नेगेटिविटी मत फैलाओ, शाहरुख-सलमान के पास ज्यादा सुपरहिट, डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी लगाई फटकार

स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान के फिल्म इंडस्ट्री पर दिए गए एक बयान पर एक्ट्रेस अमीषा पटेल और जवान डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद भड़क गए हैं। दरअसल, हाल ही में स्क्रीन अवॉर्ड होस्ट करते हुए जाकिर खान ने कहा था कि धुरंधर 2 की फिल्म इंडस्ट्री के लोग कितनी भी तारीफ करें, लेकिन असल में उनकी फिल्म से जली है। अमीषा पटेल ने जाकिर खान के इस बयान पर जवाब देते हुए ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है, ‘नेगेटिविटी फैलाना बंद करो। फिल्म इंडस्ट्री ने धुरंधर को हमेशा महत्व और सम्मान दिया है। शाहरुख खान, सलमान खान, सनी देओल, ऋतिक रोशन, अजय देवगन जैसे सुपरस्टार्स ने सिर्फ एक नहीं बल्कि 25 से ज्यादा मेगा हिट फिल्में दी हैं और आगे भी देते रहेंगे। चिल करो, गदर तो सबने कई सालों से पहले ही मचा रखी है और आगे भी मचाते रहेंगे।’ पठान और फाइटर जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर सिद्धार्थ आनंद ने भी जाकिर खान के बयान की निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा है, ‘जुहू-बांद्रा के लोगों ने पिछले 50 सालों में सभी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। उनके कॉन्ट्रीब्यूशन को कम आंकने के लिए बहुत बड़ा बेवकूफ होना पड़ेगा।’ क्या था जाकिर खान का बयान स्क्रीन अवॉर्ड में जाकिर खान ने फिल्म इंडस्ट्री पर निशाना साधते हुए कहा था, लोग कितना भी धुरंधर 2 को बधाई देते हुए पोस्ट डाल दें, रील डाल दें या पब्लिक इंटरव्यू में ये कह दें कि ये उनकी पसंदीदा फिल्म है, लेकिन सच तो ये है दोस्तों कि धुरंधर से सबकी जली तो है। देखिए बम फिल्म में फूटे ल्यारी में, पर धुआं हुआ है जुहू से बांद्रा में। जुहू-बांद्रा से जाकिर का मतलब था, फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग। जो ज्यादातर उसी जगह रहते हैं।

रामपाल को देशद्रोह के केस में जमानत:हिसार के सतलोक आश्रम में 6 लोगों की मौत हुई थी; 11 साल से जेल में बंद

रामपाल को देशद्रोह के केस में जमानत:हिसार के सतलोक आश्रम में 6 लोगों की मौत हुई थी; 11 साल से जेल में बंद

सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। देशद्रोह के केस में उम्रकैद की सजा काट रहे रामपाल को जमानत मिल गई है। इस केस में रामपाल 11 साल, 4 महीने और 20 दिन से जेल में है। वह हिसार सेंट्रल जेल में बंद है। संत रामपाल को 19 नवंबर 2014 को हिसार जिले के बरवाला स्थित सतलोक आश्रम से गिरफ्तार किया गया था। हाईकोर्ट ने उसे कोर्ट की अवमानना के एक मामले में पेश होने का आदेश दिया था, लेकिन वह पेश नहीं हुआ। जब पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची, तो समर्थकों से झड़प हो गई। इस टकराव में 5 महिलाओं और डेढ़ साल के बच्चे की मौत हुई थी। इसी मामले में रामपाल पर देशद्रोह का केस दर्ज किया गया था। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

भवानीपुर से फिर मैदान में नैतिकता, नामांकित के लिए अखण्ड अखण्ड, नैतिकता हुई तेज

भवानीपुर से फिर मैदान में नैतिकता, नामांकित के लिए अखण्ड अखण्ड, नैतिकता हुई तेज

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना हो गई हैं। भवानीपुर सीट ममता बनर्जी के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि यह उनका पारंपरिक क्षेत्र है। हर बार की तरह इस बार भी वह इसी सीट से चुनाव लड़ने जा रही हैं। नामांकन प्लेसमेंट के लिए उनके नामांकन होने के साथ-साथ राजनीतिक एसोसिएट्स का परीक्षण किया गया है। इस पार्टी के कई नेता और समर्थक भी उनके साथ नजर आ सकते हैं. इस चुनाव को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है और सभी की नजरें अब भवानीपुर सीट पर टिकी हुई हैं। बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से मुकाबला 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कोलकाता की भवानीपुर सीट पर इस बार बड़ा और सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां मुख्यमंत्री और प्रमुख ममता बनर्जी का सामना बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी से है। यह मुकाबला इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि बीजेपी ने सुवेंदु अधिकारी को मैदान में उतारकर 2021 के नंदीग्राम चुनाव में मुकाबले को फिर से दोहराने की कोशिश की है। उस समय भी दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था. भवानीपुर विधानसभा सीट क्यों महत्वपूर्ण है? पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का भवानीपुर विधानसभा सीट से गहरा और पुराना रिश्ता रहा है। यह सीट सिर्फ एक चुनावी क्षेत्र नहीं है, बल्कि उनकी राजनीतिक पहचान का अहम हिस्सा माना जाता है। हर चुनाव में इस सीट पर उनकी मजबूत पकड़ देखने को मिली है, जिससे यह सीट टीएमसी (मूल कांग्रेस) का गढ़ बन गई है। भवानीपुर कोलकाता का एक प्रमुख एवं राजनीतिक रूप से सक्रिय क्षेत्र है, जहाँ शहरी क्षेत्र की संख्या अधिक है। इस क्षेत्र में शिक्षा, व्यापार और मध्यम वर्ग की बड़ी भूमिका है, जो कि निवेशकों को प्रभावित करती है। ममता बनर्जी ने यहां से कई बार लॉगिन कर अपनी पसंद का प्रस्ताव दिया है। ये भी पढ़ें: तमिल चुनाव में नाम का कन्फ्यूजन! एक सीट, तीन-तीन ‘विजय’, वोटर बोले-असली कौन है भाई? (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी भबनीपुर(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव समाचार(टी)ममता नामांकन(टी)भबनीपुर सीट(टी)टीएमसी न्यूज(टी)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)ममता बनर्जी भवानीपुर(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव समाचार(टी)ममता नामांकन(टी)भवानीपुर सीट(टी)टीएमसी समाचार

अवैध पत्थर परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पत्थर से भरी बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी; खनिज विभाग को दी सूचना

अवैध पत्थर परिवहन करते दो आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने पत्थर से भरी बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली पकड़ी; खनिज विभाग को दी सूचना

चंबल अंचल में सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अवैध उत्खनन पर पुलिस की कार्रवाई जारी है। माता बसैया थाना पुलिस ने खैरा कुतवार रोड पर चेकिंग के दौरान अवैध पत्थर का परिवहन करते हुए एक बिना नंबर की लाल रंग की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ अवैध खनन और पत्थर चोरी का मामला दर्ज किया है। वर्तमान में पुलिस ने इस मामले में अग्रिम कार्रवाई के लिए खनिज विभाग को सूचना दे दी है। चेकिंग के दौरान पकड़ी गई बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली माता बसैया पुलिस ने अवैध खनन और परिवहन को रोकने के लिए खैरा कुतवार रोड पर चेकिंग पॉइंट लगाया था। इसी दौरान एक लाल रंग की महिंद्रा ट्रैक्टर-ट्रॉली पत्थर भरकर आती दिखाई दी, जिस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज नहीं था। पुलिस ने ट्रैक्टर को रोककर चालक से पत्थर परिवहन के वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह पुलिस को कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सका। इसके बाद पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर लिया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पुलिस प्रशासन हुआ सख्त चंबल अंचल में अवैध पत्थर और रेत के उत्खनन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मीडिया की खबरों पर स्वतः संज्ञान लिया था। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन के मामले में प्रशासनिक भूमिका पर कड़ी टिप्पणी की थी। इसके बाद से ही एसपी के निर्देश पर जिले के पुलिस और प्रशासन द्वारा अवैध पत्थर और रेत परिवहन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी बोले- दो आरोपियों को किया गिरफ्तार माता बसैया थाना प्रभारी एसआई विवेक तोमर ने इस पूरी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि, “अवैध पत्थर परिवहन करते ट्रेक्टर ट्रॉली पकड़ी है, और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।”