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GK: शरीर में सबसे मजबूत और कमजोर हड्डी कौन सी होती है? टूट गई तो पूरी जिंदगी तहस-नहस

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Last Updated:April 07, 2026, 18:38 IST हमारे शरीर में कई तरह की हड्डियां होती हैं, जिनमें कुछ बेहद मजबूत होती हैं तो कुछ काफी नाजुक और जल्दी टूटने वाली. इन्हीं में कॉलरबोन यानी हंसली की हड्डी भी शामिल है, जो शरीर के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक होते हुए भी काफी कमजोर मानी जाती है और हल्की चोट या गिरने से भी आसानी से फ्रैक्चर हो सकती है. ख़बरें फटाफट शरीर में 206 हड्डियां होती हैं. हमारे शरीर की संरचना हड्डियों पर टिकी होती है, जो न सिर्फ शरीर को आकार देती हैं बल्कि हमें चलने-फिरने, बैठने और रोजमर्रा के काम करने में मदद करती हैं. मानव शरीर में कुल 206 हड्डियां होती हैं और हर हड्डी का अपना अलग काम और महत्व होता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कुछ हड्डियां बेहद मजबूत होती हैं, जबकि कुछ बहुत नाजुक होती हैं? इन हड्डियों की मजबूती और कमजोरी का सीधा असर हमारे शरीर के संतुलन और स्वास्थ्य पर पड़ता है. दरअसल, शरीर की सबसे मजबूत हड्डी जांघ में पाई जाने वाली फीमर (जांघ की हड्डी) होती है. यह न सिर्फ सबसे लंबी होती है, बल्कि इतनी मजबूत होती है कि यह शरीर के पूरे वजन को संभाल सकती है. फीमर पर काफी दबाव पड़ता है, क्योंकि यह चलने, दौड़ने और कूदने जैसे हर काम में अहम भूमिका निभाती है. इसके बावजूद यह आसानी से नहीं टूटती, लेकिन अगर किसी बड़े हादसे में यह टूट जाए तो व्यक्ति के लिए चलना-फिरना बेहद मुश्किल हो जाता है और लंबे समय तक इलाज की जरूरत पड़ती है. वहीं, अगर सबसे कमजोर हड्डी की बात करें तो कान के अंदर मौजूद स्टेप्स (Stapes) हड्डी को सबसे छोटी और नाजुक हड्डी माना जाता है. यह हड्डी इतनी छोटी होती है कि इसका आकार एक चावल के दाने जितना होता है. यह सुनने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है और ध्वनि को अंदर तक पहुंचाने में मदद करती है. हालांकि यह शरीर के अंदर सुरक्षित रहती है, इसलिए आमतौर पर इसे नुकसान कम ही होता है, लेकिन इसकी संवेदनशीलता इसे बेहद खास बनाती है. कॉलरबोन, जिसे हंसली की हड्डी भी कहा जाता है, शरीर की कमजोर हड्डियों में गिनी जाती है. यह कंधे और छाती के बीच स्थित होती है और हाथों की मूवमेंट में अहम भूमिका निभाती है. इसकी स्थिति शरीर के बाहरी हिस्से के करीब होने के कारण यह चोट लगने के लिए ज्यादा संवेदनशील रहती है. गिरने, खेलते समय टक्कर लगने या सड़क दुर्घटना में सबसे पहले यही हड्डी प्रभावित होती है. खासकर बच्चों और खिलाड़ियों में कॉलरबोन फ्रैक्चर के मामले ज्यादा देखने को मिलते हैं. अगर यह हड्डी टूट जाए तो कंधे और हाथ की सामान्य गतिविधियां प्रभावित हो जाती हैं और ठीक होने में कई हफ्तों का समय लग सकता है. इसके अलावा, रीढ़ की हड्डी भी शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है. यह हमारे पूरे शरीर को सहारा देती है और नसों के जरिए दिमाग से शरीर के बाकी हिस्सों तक संदेश पहुंचाने का काम करती है. अगर रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट लग जाए, तो व्यक्ति को चलने-फिरने में दिक्कत हो सकती है या लकवा तक हो सकता है. यही वजह है कि इसे शरीर का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है, जहां चोट लगने का असर पूरी जिंदगी पर पड़ सकता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 07, 2026, 18:25 IST

इसे सिर्फ हरी पत्ती मत समझिए, यह मसाला कई गंभीर बीमारियों में इम्यूनिटी बूस्टर! औषधीय गुणों से भरपूर

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Last Updated:April 07, 2026, 18:05 IST Health News: आज भी हमारे देश के लोग आयुर्वेद पर विश्वास करते हैं, क्योंकि आयुर्वेद में हर मर्ज का इलाज है. ऐसी ही एक औषधि है लेमनग्रास, जो हमारी सेहत के साथ स्वास्थ्य के लिए बेहद ही फायदेमंद है. आइए पोषक तत्वों से भरपूर इसकी खासियत के बारे में जानते हैं. वैसे हरी धनिया एक ऐसी चीज है, जो बाजार में सालभर पाई जाती है. इसकी पत्तियों का उपयोग हर घर में होता है, चाहे सब्जी हो या दाल रायता हो या चटनी, धनिया की पत्तियां हर खाने का स्वाद और खुशबू बढ़ा देती है. ये पत्तियां सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ातीं, बल्कि हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद भी होती हैं. यह एक ऐसी चीज है, जो दिखने में भले ही मामूली लगे, लेकिन इसके अंदर छिपे पोषक तत्व हमारी सेहत और स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं. आयुर्वेद में भी धनिया को औषध‍ि के रूप में माना गया है, जिस कारण धनिया का नियमित रूप से इस्तेमाल कर कई बीमारियों से बचा जा सकता है. जिला अस्पताल बाराबंकी के चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन ) ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि हरी धनिया एक औषधीय पौधा है. इसकी पत्तियां और बीज हमारी सेहत व स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद हैं. इसमें बहुत सारे औषधीय गुण मौजूद होते हैं, जैसे विटामिन ए और सी, पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन-सी और मैग्‍नीशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं. बस इसका सही से इस्तेमाल करने की जरूरत है. आंखों के दर्द में फायदेमंद: धनिया क़े पत्तों के रस को बकरी के दूध में मिला लें. इसे आंख में एक-एक बूंद डालने से आंखों का दर्द ठीक हो जाता है. धनिया बीज और जौ को बराबर-बराबर लेकर पीस लें. इसका गाढ़ा लेप बना लें. इसे आंखों पर बांधने से आंख के दर्द ठीक हो जाते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कब्ज क़ी समस्या में फायदेमंद: जिन लोगों को कब्ज रहती है, वो 20 ग्राम धनिया और 120 मिली पानी को मिट्टी के बर्तन में डालकर, रात भर रहने दें. सुबह इसे छानकर, 13 ग्राम खांड डाल लें. इसे थोड़ा-थोड़ा पीने से कब्ज में लाभ मिलता है. पेट दर्द की समस्या में 2 ग्राम धनिया चूर्ण को, 5 ग्राम मिश्री के साथ मिला लें. इसे दिन में दो-तीन बार देने से गर्मी से होने वाले पेट दर्द में लाभ होता है. इसके अलावा 5 ग्राम धनिया को 100 मिली पानी में रात में भिगो लें. इसे सुबह मसलकर और छानकर रखें. इस पानी को बच्चों को पिलाने से पेट दर्द में लाभ होता है. वहीं 10-20 मिली धनिया के पत्ते के रस को 10 मिली सिरके में मिलाकर लगाने से पेट दर्द ठीक हो जाता है. अगर किसी को हाई कॉलेस्ट्रॉल की शिकायत है, तो उसे धनिया के बीज उबालकर उस पानी को पीना चाहिए. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी धनिया काफी फायदेमंद होता है. यह खून में इंसुलिन की मात्रा को नियमित करता है. पाचन की समस्या में फायदेमंद: पाचन को दुरुस्त करने के लिए हरी धनिया खाएं. यह पेट की समस्याओं को दूर कर पाचनशक्ति बढ़ाता है. धनिया के ताजे पत्तों को छाछ में मिलाकर पीने से बदहजमी, मतली, पेचिश और कोलाइटिस में आराम मिलता है. इसके सेवन से गैस की समस्या से भी छुटकारा मिलता है. First Published : April 07, 2026, 18:05 IST

नरसिंहपुर मंडी शेडों में व्यापारियों का अनाज भरा:किसानों ने गैलरी में रखा गेहूं, बोली लगाने से इनकार पर हंगामा

नरसिंहपुर मंडी शेडों में व्यापारियों का अनाज भरा:किसानों ने गैलरी में रखा गेहूं, बोली लगाने से इनकार पर हंगामा

नरसिंहपुर की कृषि उपज मंडी में मंगलवार को अव्यवस्थाओं से परेशान होकर किसानों ने जमकर हंगामा किया। उपज रखने की जगह न मिलने और व्यापारियों के रवैये को लेकर किसानों और मंडी प्रबंधन के बीच काफी देर तक खींचतान चलती रही। किसानों का आरोप है कि मंडी के शेडों में पहले से ही व्यापारियों का पुराना अनाज भरा हुआ है। इसकी वजह से जब किसान अपना गेहूं लेकर पहुंचे, तो उन्हें अनाज रखने के लिए कोई खाली जगह नहीं मिली। मजबूरी में किसानों ने अपना गेहूं मंडी की गैलरी में रख दिया, लेकिन व्यापारियों ने यह कहकर बोली लगाने से मना कर दिया कि वहां बोली नहीं लगेगी। किसान बोले- न तौल हुई, न लगी बोली खैरी गांव से आए किसान रमेश कुमार चौधरी ने बताया कि वे करीब 100 क्विंटल गेहूं लेकर मंडी आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि घंटों इंतजार के बाद भी न तो उनके गेहूं की तौल हुई और न ही व्यापारियों ने बोली लगाई। किसानों ने मांग की है कि मंडी में जगह तय की जाए और सूचना बोर्ड लगाए जाएं ताकि उन्हें पता रहे कि अनाज कहां रखना है। मंडी प्रबंधन की सफाई हंगामे के बाद मंडी सचिव देवेंद्र ठाकुर ने दखल दिया और स्थिति को संभाला। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि कुछ किसानों ने गैलरी में अनाज रख दिया था, जिससे दिक्कत हुई थी। हालांकि, बाद में व्यापारियों को समझाकर गैलरी में रखे माल की भी बोली लगवा दी गई और विवाद शांत कराया गया। किसानों ने भविष्य में ऐसी अव्यवस्था न होने देने की अपील की है।

ऑटिज्म से जूझ रहे युवा बेहतर शेफ साबित हो रहे:कुकिंग जॉब्स में छिपी संभावनाओं को तराशने के लिए ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ पहल

ऑटिज्म से जूझ रहे युवा बेहतर शेफ साबित हो रहे:कुकिंग जॉब्स में छिपी संभावनाओं को तराशने के लिए ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ पहल

ऑटिज्म से पीड़ित जोसेफ वैलेंटिनो 5 साल की उम्र तक बोल तक नहीं पाते थे। उनके लिए शेफ बनने का सपना नामुमकिन सा लगता था। लेकिन आज 27 की उम्र में, वह मैनहट्टन के ‘पॉइंट सेवन’ रेस्तरां में बतौर कुक काम कर रहे हैं। वैलेंटिनो का सफर आसान नहीं था। वे कहते हैं, ‘मैं खुद को एक बोझ के रूप में देखा करता था।’ रिजेक्शन और अवसाद के दौर से गुजरने के बाद अब उनका करियर एक नई पहल ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के लिए प्रेरणा बन गया है। इसका उद्देश्य ऑटिज्म से जूझ रहे लोगों को ट्रेनिंग देकर बेहतरीन डाइनिंग जॉब्स दिलाना है। पॉइंट सेवन के मालिक शेफ फ्रैंकलिन बेकर ने कहते हैं कि यह कार्यक्रम दो समस्याओं को हल करेगा। रेस्तरां में कुशल श्रम की कमी और ऑटिज्म वयस्कों के बीच उच्च बेरोजगारी दर। बेकर कहते हैं कि असली जोखिम इन्हें काम पर रखने में नहीं, बल्कि उनकी अविश्वसनीय प्रतिभा को नजरअंदाज करने में है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटिज्म से पीड़ित लोग किचन के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। टीएसीटी के मार्क फिएरो कहते हैं कि ये बेहद व्यवस्थित होते हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हैं। यदि उन्हें मीट, सब्जी का एक निश्चित कट बनाने को कहा जाए, तो वे हर बार उसे बिल्कुल एक जैसा ही बनाएंगे। ऑटिज्म स्पीक्स के सीईओ कीथ वारगो के अनुसार, इन कर्मचारियों के लिए थोड़े बदलाव जरूरी हैं। जैसे इंटरव्यू के बजाय सीधे काम का ट्रायल लेना या शोर करने वाली फ्लोरोसेंट लाइटों के बजाय एलईडी बल्ब लगाना। स्टेप्स कंपनी की कोर्टनी कोनिन कहती हैं कि किचन में मैप और लेबल लगाने से न केवल ऑटिस्टिक, बल्कि सभी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। वैलेंटिनो अब ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के जरिए दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। वो कहते हैं, मेरा सपना है एग्जीक्यूटिव शेफ बनना है और दिखाना चाहता हूं कि ऑटिज्म के बावजूद शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है।’ किचन में 100% सटीकता और जीरो एक्सीडेंट की गारंटी बन रहे हैं ये खास शेफ शोध के अनुसार, ऑटिस्टिक कर्मचारियों में जटिल रेसिपी और कुकिंग स्टेप्स को याद रखने की अद्भुत क्षमता होती है। वे डेटा और प्रोसेस को बहुत बारीकी से समझते हैं। ये कर्मचारी सेफ्टी प्रोटोकॉल और सफाई के नियमों का सख्ती से पालन करते हैं, जिससे किचन में दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाती है। इनका दिमाग ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ सोचता है। वे फ्लेवर और इंग्रीडिएंट्स के बीच ऐसे संबंध जोड़ सकते हैं, जो अक्सर सामान्य लोग नहीं देख पाते। छोटी से छोटी गलती को पकड़ लेना और काम को व्यवस्थित रखना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।

अहमदाबाद में डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत:चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

अहमदाबाद में डोसा खाने से 2 बच्चियों की मौत:चार दिन बाद 3 महीने की बच्ची का शव कब्र से निकाल पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

अहमदाबाद के चांदखेड़ा क्षेत्र में 4 अप्रैल को डोसा खाने के बाद 2 बच्चियों की उल्टी होने से मौत हो गई थी। अगले दिन दोनों बच्चियों के शव दफना दिए गए थे। अब मामला दर्ज होने के चलते पुलिस ने एक बच्ची का शव कब्र से निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। माता-पिता अस्पताल में एडमिट परिजनों का आरोप है कि मारुति प्लाजा सोसायटी में रहने वाला विमल प्रजापति घनश्याम डेयरी से डोसे का तैयार घोल लाए थे। इसी घोल से डोसा बनाकर विमल, उनकी पत्नी और दोनों बेटियों ने खाया था। डोसा खाने के बाद चारों की तबीयत बिगड़ी और 3 महीने की राहा और 4 वर्षीय मिश्री की उल्टी होने के बाद मौत हो गई। वहीं विमल प्रजापति और पत्नी भावना प्रजापति का KD हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने डेयरी से सैंपल लेकर जांच शुरू की चांदखेड़ा पुलिस आकस्मिक मौत का मामला दर्ज कर जांच कर रही है। तैयार घोल की क्वालिटी जानने के लिए FSL टीम ने घनश्याम डेयरी से सैंपल लेकर जांच शुरू की है। परिवार के सदस्य गौरीशंकर प्रजापति ने बताया कि बेटे ने रात 8:00 बजे घनश्याम डेयरी IOC रोड से तैयार घोल लाया था। इसी से बनाए गए डोसा खाने से चारों बीमार पड़ गए थे। डोसे का घोल खरीदने वालों के बयान लिए जा रहे हैं: एसीपी एल डिवीजन के एसीपी डीवी राणा ने बताया कि आरोप है कि डेयरी में तैयार घोल के बने डोसा खाने से दो बच्चियों की मौत हुई है। इसके बाद तीन महीने की बच्ची का शव मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से निकाला गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिवार के अलावा इस डेयरी से घोल खरीदने वाले अन्य लोगों से भी संपर्क कर उनके बयान लिए जा रहे हैं। किसी और ग्राहक से शिकायत नहीं मिली: डेयरी मालिक वहीं, घनश्याम डेयरी के मालिक केतन भाई का कहना है कि 1 अप्रैल को उन्होंने 100 किलो से ज्यादा खीरू (डोसे का घोल) बेचा था, लेकिन किसी अन्य ग्राहक से ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि खीरू पूरी तरह घर पर तैयार किया जाता है और इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज भी जांचे हैं और उस दिन खीरू खरीदने वाले कई ग्राहकों से संपर्क किया है। सभी ने बताया कि उन्होंने कोई परेशानी नहीं हुई। —————– गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… सौतेले पिता ने 2 नाबालिग बेटियों को गर्भवती किया:छोटी बेटी 5 , बड़ी बेटी 2 महीने की गर्भवती गुजरात के नवसारी जिले के चिखली तालुका में एक सौतेले पिता ने अपनी 2 नाबालिग बेटियों के साथ कई बार दुष्कर्म करके उन्हें गर्भवती बना देने का शर्मनाक मामला सामने आया है। पुलिस ने आरोपी को पोस्को के तहत गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पूरी खबर पढ़ें…

‘असम पुलिस पाताल से ढूंढेगी…’, दिल्ली आवास पर नहीं मिले कांग्रेस नेता पवन मंडल तो टूटे से लाल टुकड़े असम सीएम हिमंत, ये चेतावनी दे रहे हैं?

'असम पुलिस पाताल से ढूंढेगी...', दिल्ली आवास पर नहीं मिले कांग्रेस नेता पवन मंडल तो टूटे से लाल टुकड़े असम सीएम हिमंत, ये चेतावनी दे रहे हैं?

असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में कांग्रेस प्रवक्ता पवन के सहायक के बाद एसोसिएट पद पर खड़ा हो गया है। अब खुद मुख्यमंत्री सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने मोर्चा संभालते हुए कांग्रेस नेता पर मोर्चा संभाल लिया है। साथ ही राहुल गांधी पर भी मुकदमा करने की चेतावनी दी है. इससे पहले पवन अयोग्य पर असम पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। असम पुलिस के प्रवक्ता पवन गोस्वामी के दिल्ली स्थित घर सॉप था, लेकिन कांग्रेस के प्रवक्ता नहीं मिले। इस पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम पुलिस उन्हें पाताल में भी खोजेगी. खड़गे जी पागलों जैसी बातें करते हैं: हिमंता बिस्वा सरमा असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि विदेश मंत्री से पहले भी कोई आरोप नहीं लगाया जाना चाहिए। खड़गे जी की उम्र हो गयी है. फिर भी वह पागलों जैसी बातें करती हैं. असम पुलिस तो पाताल से भी लोगों को ढूंढ सकती है। मुझे शक है कि राहुल गांधी ने ये दस्तावेज़ नीचे दिए हैं। इस मामले में राहुल गांधी तक की राय हमें देखने की कोशिश मत करो। यह असमंजस है. हम 17 बार इस्लामिक आक्रमण के विरुद्ध युद्ध लड़कियाँ हैं। #घड़ी | जोरहाट | कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पर असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का कहना है, “आरोप लगाने से पहले उन्हें विदेश मंत्री से पूछना चाहिए था। खड़गे जी की उम्र हो गई है, फिर भी वह पागलों की तरह बोलते हैं। असम पुलिस ‘पाताल’ से भी लोगों को ढूंढकर ला सकती है। मैं… pic.twitter.com/EgIOsIFcuv – एएनआई (@ANI) 7 अप्रैल 2026 इससे पहले पवन सहचालक को लेकर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि वह कल गुवाहाटी भाग गए थे। मीडिया से मिली जानकारी से पता चला कि पुलिस उनके दिल्ली वाले आवास पर थी। लेकिन वह भाग गया। कानून अपना काम करेगा. पूरा मामला क्या है? रिश्ता, मामला 5 अप्रैल को हुआ कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस से यात्रा हुई है। इस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता पवन प्रशांत ने आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट हैं. साथ ही पूछा कि तीन पासपोर्ट रखने की आवश्यकता क्यों है? क्या वे कोई अपराधी हैं? इसके अलावा उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास एक से अधिक पासपोर्ट हैं. असम चुनाव के बाद हरियाणा में किस तरह की तैयारी की जा रही है? पवन सह-लेखक ने हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीति को पिशाच के आधार पर सही करार दिया। इसके अलावा पवन महासचिव ने पूछा कि इसकी जानकारी क्या है? शाह ने जवाब दिया कि वो क्या मठवासी इस मामले की जांच कराएंगे? यह भी पढ़ें: पवन परमिट नहीं मिले, घर से क्या जब्त कर ली गई असम पुलिस? अनबन ने ही कहा- ‘जहां से भी ढूंढेंगे’ (टैग्सटूट्रांसलेट)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन खेड़ा(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने पवन खेड़ा दिल्ली में छापा मारा सदन(टी)राजनीतिक खींचतान(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)जोरहाट(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)जोराहाट समाचार(टी)असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा(टी)कांग्रेस नेता पवन जेटली(टी)राहुल गांधी(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)असम पुलिस ने दिल्ली हाउस पर डोनाल्ड ट्रंप के राजनीतिक बयान

Poplar Leaves Benefits: मुंहासे से लेकर जोड़ों के दर्द तक…. पॉपुलर के पत्तों के चौंकाने वाले फायदे, ऐसे करें इस्तेमाल

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Last Updated:April 07, 2026, 16:36 IST पॉपुलर के पत्ते न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनके औषधीय गुण भी अद्भुत हैं. इसमें पाए जाने वाले एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण मुंहासे, खुजली, घाव और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करते हैं, जिससे यह एक प्राकृतिक और रामबाण घरेलू उपचार बन जाता है. पॉपुलर के पत्ते मुख्य रूप से अपनी लकड़ी (प्लाईवुड, माचिस) के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन इसके औषधीय गुण भी कम नहीं हैं. पत्तों और छाल में सूजनरोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जिन्हें पारंपरिक रूप से त्वचा रोगों या दर्द निवारक के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. यह पेड़ मुख्य रूप से व्यावसायिक उद्देश्य से उगाया जाता है और 5-7 साल में उपयोग के लिए तैयार हो जाता है. डॉक्टर विनीत शर्मा के अनुसार पॉपुलर (चिनार) के पत्ते और विशेषकर उसकी चिपचिपी कलियां औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं. ये श्वसन संबंधी समस्याओं जैसे खांसी और ब्रोंकाइटिस, दर्द निवारण, सूजन कम करने और त्वचा के घाव ठीक करने में सहायक हैं. इनमें सैलिसिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जो जोड़ों के दर्द और गठिया में राहत देते हैं. इसके अर्क का उपयोग त्वचा की जलन और बवासीर के उपचार में भी किया जाता है. पॉपुलर के पत्ते और कलियाँ त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होती हैं. ये मुख्य रूप से सूजन, खुजली, मुंहासे और घावों को ठीक करने में मदद करती हैं. इनमें सैलिसिन, फ्लेवोनोइड्स और फिनोलिक एसिड जैसे सूजन-रोधी और एंटीसेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा की बीमारियों और सनबर्न में राहत प्रदान करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google पॉपुलर के पत्ते और पेड़ मुख्य रूप से कृषि-वानिकी के लिए फायदेमंद हैं, न कि सीधे तौर पर घरेलू उपचार के लिए. यह एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 5-7 साल में अच्छी कमाई देता है. हालांकि, इसके पत्तों का उपयोग मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने (खाद के रूप में) और अन्य कृषि संबंधी लाभों के लिए किया जा सकता है. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते और छाल का उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में खांसी, जुकाम और श्वसन नली की समस्याओं को कम करने के लिए किया जाता है. यह पेट में सूजन, घाव और कुछ मामलों में जोड़ों के दर्द में भी राहत देने में सहायक माना जाता है. इसके अर्क में सूजन-रोधी गुण होते हैं, जो सांस लेने में आसानी प्रदान करते हैं. पॉपुलर के पेड़ के पत्ते, छाल और कलियों में दर्द और सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं, जो मुख्य रूप से सैलिसिन के कारण होते हैं. यह प्राकृतिक दर्द निवारक के रूप में काम करता है और गठिया, मांसपेशियों के दर्द और जोड़ों की सूजन में राहत प्रदान करने के लिए उपयोग किया जा सकता है. पॉपुलर के पत्तों में एंटी-बैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो मुंहासे, खुजली और घाव जैसी त्वचा समस्याओं में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके पत्तों का पेस्ट या रस दाग-धब्बे कम करने, त्वचा को गहराई से साफ करने और प्राकृतिक निखार लाने में मदद करता है. यह त्वचा के रोगों में एक रामबाण घरेलू उपचार माना जाता है. First Published : April 07, 2026, 15:13 IST

रजनीकांत की 'जेलर 2' में नहीं दिखेंगे शाहरुख:कैमियो ऑफर ठुकराया; बेटी सुहाना की 'किंग' पर फोकस, नहीं चाहते फिल्म से पहले बड़े पर्दे पर दिखें

रजनीकांत की 'जेलर 2' में नहीं दिखेंगे शाहरुख:कैमियो ऑफर ठुकराया; बेटी सुहाना की 'किंग' पर फोकस, नहीं चाहते फिल्म से पहले बड़े पर्दे पर दिखें

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान ने रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ में कैमियो करने से मना कर दिया है। पिंकविला की रिपोर्ट के मुताबिक, शाहरुख फिलहाल अपनी आने वाली फिल्म ‘किंग’ पर पूरा ध्यान देना चाहते हैं। वे नहीं चाहते कि ‘किंग’ की रिलीज से पहले वे किसी भी फिल्म में बड़े पर्दे पर नजर आएं। शाहरुख ने रजनीकांत और फिल्म के मेकर्स से बात कर इस ऑफर को विनम्रता के साथ ठुकरा दिया है। बेटी सुहाना के डेब्यू की वजह से लिया फैसला शाहरुख खान के लिए फिल्म ‘किंग’ कई मायनों में खास है। इसी फिल्म के जरिए उनकी बेटी सुहाना खान बड़े पर्दे पर अपना डेब्यू करने जा रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जेलर 2’ के मेकर्स चाहते थे कि शाहरुख 5 दिनों का कैमियो शूट करें। शाहरुख को यह आइडिया पसंद भी आया था, लेकिन वे ‘किंग’ की एक्सक्लूसिविटी बनाए रखना चाहते हैं। ‘किंग’ में शाहरुख का एक खास लुक है और वे नहीं चाहते कि उस फिल्म से पहले उनका वही लुक किसी और मूवी में दिखे। अगस्त में रिलीज होनी है ‘जेलर 2’ फिल्म ‘जेलर 2’ के मेकर्स इसे अगस्त 2026 में रिलीज करने का प्लान बना रहे हैं, जबकि शाहरुख की फिल्म ‘किंग’ दिसंबर 2026 के लिए शेड्यूल है। दोनों फिल्मों की टाइमलाइन अलग होने की वजह से शाहरुख और मेकर्स ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया। शाहरुख ने खुद रजनीकांत से फोन पर बात की और उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया। शाहरुख ने आश्वासन दिया कि वे भविष्य में उनके साथ काम करने के लिए हमेशा तैयार रहेंगे। रजनीकांत की फिल्म का काम लगभग पूरा नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बन रही ‘जेलर 2’ का काम काफी तेजी से चल रहा है। खुद रजनीकांत ने अप्रैल 2026 में कन्फर्म किया था कि फिल्म की शूटिंग लगभग पूरी हो चुकी है और अब यह पोस्ट-प्रोडक्शन के आखिरी फेज में है। शाहरुख के मना करने के बाद अब मेकर्स इस खास कैमियो के लिए किसी दूसरे बड़े एक्टर के नाम पर विचार कर रहे हैं। ‘किंग’ में नजर आएगी बड़ी स्टारकास्ट सिद्धार्थ आनंद द्वारा निर्देशित फिल्म ‘किंग’ में शाहरुख और सुहाना के अलावा अभिषेक बच्चन, दीपिका पादुकोण, अनिल कपूर, जैकी श्रॉफ और अरशद वारसी जैसे कलाकार नजर आएंगे। शाहरुख इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी सीरियस हैं और अपनी बेटी के लॉन्च में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहते। यही वजह है कि उन्होंने पिछले कुछ समय से किसी भी दूसरी फिल्म का हिस्सा बनने से दूरी बनाई हुई है।

15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

15 महीने में 635 मोबाइल बरामद:बैतूल पुलिस ने साइबर ट्रैकिंग से कई राज्यों से की तलाश

बैतूल पुलिस ने पिछले एक साल में गुम हुए 635 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए हैं। मंगलवार को एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, यह सफलता साइबर ट्रैकिंग और विभिन्न थानों की संयुक्त टीम के प्रयासों से मिली है। गुम हुए इन मोबाइलों को अलग-अलग राज्यों और जिलों से ट्रेस कर बैतूल लाया गया। बरामद किए गए फोनों में सैमसंग, वीवो, ओप्पो, रेडमी और रियलमी जैसी विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2024 के बीच 100 मोबाइल बरामद किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 9 लाख रुपए है। पिछले एक साल में बरामद किए गए कुल 635 मोबाइलों की कीमत लगभग 80 लाख रुपए आंकी गई है। इनमें से 535 से अधिक मोबाइल पहले ही उनके मालिकों को लौटाए जा चुके थे। मोबाइल प्राप्त करने वालों में छात्र, मजदूर, किसान और गृहणियां शामिल हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में अपने खोए हुए सामान की वापसी को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने बताया कि CEIR पोर्टल मोबाइल ट्रैकिंग में काफी सहायक सिद्ध हो रहा है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसे मामलों में जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, मोबाइल मिलने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। इस पूरे अभियान में साइबर सेल और विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी लगातार ट्रैकिंग और फॉलोअप के प्रयासों से यह सफलता संभव हो पाई। पुलिस ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने पर घबराएं नहीं, बल्कि तुरंत नजदीकी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर शिकायत करें। इससे समय रहते मोबाइल को ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

 गर्मी में ये शरबत बनेगा रामबाण, लू से बचाव के साथ पाचन रखेगा दुरुस्त, जानें फायदे

इस हाइब्रिड कार पर मिल रही ₹1.80 लाख की छूट; फैमिली के लिए बेस्ट

Last Updated:April 07, 2026, 16:14 IST आयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है. वहीं नियमित रूप से सौंफ का शरबत पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. दो चम्मच सौंफ को पानी में भिगोकर मिश्री के साथ तैयार किया गया शरबत शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है. जो कि थकान दूर करता है और दिनभर तरोताजा महसूस कराता है गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ताजगी देने वाले पेय पदार्थों की मांग बढ़ जाती है. आमतौर पर लोग नींबू पानी, शर्बत या ग्लूकोज जैसे पेय का सेवन करते हैं, लेकिन सौंफ का शरबत भी एक बेहतरीन और सेहतमंद विकल्प है. यह न केवल शरीर को ठंडक देता है, बल्कि कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करता है. इसकी खुशबूदार महक शरीर को तरोताजा रखती है और गर्मी के दिनों में लू से बचाव में भी मदद करती है. शरीर में बनाए रखता है पानी का संतुलनआयुर्वेद के जानकर पुरुषार्थी पवन आर्य ने बताया कि गर्मी के दिनों में शरीर में पानी की कमी होना आम बात है. वहीं नियमित रूप से सौंफ का शरबत पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है. दो चम्मच सौंफ को पानी में भिगोकर मिश्री के साथ तैयार किया गया शरबत शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है. जो कि थकान दूर करता है और दिनभर तरोताजा महसूस कराता है. इसके सेवन से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. पाचन तंत्र को करता है मजबूतआगे कहा कि सौंफ का शरबत पेट के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट फूलने की समस्या रहती है, उनके लिए यह शरबत काफी फायदेमंद है. इसके नियमित सेवन से पाचन तंत्र मजबूत होता है और भूख भी बढ़ती है. यह आलसपन दूर कर शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है. ठंडक का देता है प्राकृतिक एहसाससौंफ में कैल्शियम, फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करते हैं. रोजाना एक गिलास सौंफ का शरबत पीने से शरीर में ठंडक बनी रहती है. यह हृदय और मस्तिष्क के लिए भी लाभकारी माना जाता है और गर्मी से होने वाली परेशानियों को कम करता है. सौंफ का शरबत बनाने की विधि सौंफ का शरबत बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले सौंफ को धोकर लगभग 30 मिनट तक पानी में भिगो दें. इसके बाद एक बर्तन में पानी उबालें और उसमें भीगी हुई सौंफ, इलायची और केसर डालें. इस मिश्रण को 5 से 10 मिनट तक उबालें और फिर गैस बंद कर ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इसे छान लें. अब इसमें स्वादानुसार चीनी और थोड़ा नींबू का रस मिलाएं. तैयार शरबत को गिलास में ठंडा-ठंडा परोसें. गर्मी के मौसम में यह पेय स्वाद के साथ सेहत भी देगा. Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 07, 2026, 16:14 IST