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ऑटिज्म से जूझ रहे युवा बेहतर शेफ साबित हो रहे:कुकिंग जॉब्स में छिपी संभावनाओं को तराशने के लिए ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ पहल

ऑटिज्म से जूझ रहे युवा बेहतर शेफ साबित हो रहे:कुकिंग जॉब्स में छिपी संभावनाओं को तराशने के लिए ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ पहल

ऑटिज्म से पीड़ित जोसेफ वैलेंटिनो 5 साल की उम्र तक बोल तक नहीं पाते थे। उनके लिए शेफ बनने का सपना नामुमकिन सा लगता था। लेकिन आज 27 की उम्र में, वह मैनहट्टन के ‘पॉइंट सेवन’ रेस्तरां में बतौर कुक काम कर रहे हैं। वैलेंटिनो का सफर आसान नहीं था। वे कहते हैं, ‘मैं खुद को एक बोझ के रूप में देखा करता था।’ रिजेक्शन और अवसाद के दौर से गुजरने के बाद अब उनका करियर एक नई पहल ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के लिए प्रेरणा बन गया है। इसका उद्देश्य ऑटिज्म से जूझ रहे लोगों को ट्रेनिंग देकर बेहतरीन डाइनिंग जॉब्स दिलाना है। पॉइंट सेवन के मालिक शेफ फ्रैंकलिन बेकर ने कहते हैं कि यह कार्यक्रम दो समस्याओं को हल करेगा। रेस्तरां में कुशल श्रम की कमी और ऑटिज्म वयस्कों के बीच उच्च बेरोजगारी दर। बेकर कहते हैं कि असली जोखिम इन्हें काम पर रखने में नहीं, बल्कि उनकी अविश्वसनीय प्रतिभा को नजरअंदाज करने में है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटिज्म से पीड़ित लोग किचन के लिए वरदान साबित हो सकते हैं। टीएसीटी के मार्क फिएरो कहते हैं कि ये बेहद व्यवस्थित होते हैं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करते हैं। यदि उन्हें मीट, सब्जी का एक निश्चित कट बनाने को कहा जाए, तो वे हर बार उसे बिल्कुल एक जैसा ही बनाएंगे। ऑटिज्म स्पीक्स के सीईओ कीथ वारगो के अनुसार, इन कर्मचारियों के लिए थोड़े बदलाव जरूरी हैं। जैसे इंटरव्यू के बजाय सीधे काम का ट्रायल लेना या शोर करने वाली फ्लोरोसेंट लाइटों के बजाय एलईडी बल्ब लगाना। स्टेप्स कंपनी की कोर्टनी कोनिन कहती हैं कि किचन में मैप और लेबल लगाने से न केवल ऑटिस्टिक, बल्कि सभी कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ती है। वैलेंटिनो अब ‘शेफ्स ऑन द स्पेक्ट्रम’ के जरिए दूसरों का मार्गदर्शन करेंगे। वो कहते हैं, मेरा सपना है एग्जीक्यूटिव शेफ बनना है और दिखाना चाहता हूं कि ऑटिज्म के बावजूद शीर्ष पर पहुंचा जा सकता है।’ किचन में 100% सटीकता और जीरो एक्सीडेंट की गारंटी बन रहे हैं ये खास शेफ शोध के अनुसार, ऑटिस्टिक कर्मचारियों में जटिल रेसिपी और कुकिंग स्टेप्स को याद रखने की अद्भुत क्षमता होती है। वे डेटा और प्रोसेस को बहुत बारीकी से समझते हैं। ये कर्मचारी सेफ्टी प्रोटोकॉल और सफाई के नियमों का सख्ती से पालन करते हैं, जिससे किचन में दुर्घटनाओं की आशंका कम हो जाती है। इनका दिमाग ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ सोचता है। वे फ्लेवर और इंग्रीडिएंट्स के बीच ऐसे संबंध जोड़ सकते हैं, जो अक्सर सामान्य लोग नहीं देख पाते। छोटी से छोटी गलती को पकड़ लेना और काम को व्यवस्थित रखना इनकी सबसे बड़ी ताकत है।

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