कान में दर्द से हो रहे हैं परेशान? अदरक और इस पाउडर से बनाएं देसी तेल, तुरंत मिलेगा राहत

Last Updated:April 06, 2026, 20:02 IST आजकल हेडफोन और ईयरबड्स के ज्यादा इस्तेमाल से कान दर्द बढ़ रहा है और आयुर्वेद इसे वात दोष से जोड़ता है. इस दर्द से बचने के लिए होममेड नुस्खा अपनाया जा सकता है. इसके लिए अदरक, सेंधा नमक और सरसों तेल की बूंदें हल्के दर्द में राहत दे सकती हैं. आइए जानते हैं इसके फायदे… ख़बरें फटाफट कान के दर्द से राहत आज के समय में कान का दर्द एक आम समस्या बनता जा रहा है, जिसका एक बड़ा कारण लगातार हेडफोन और ईयरबड्स का इस्तेमाल है. लंबे समय तक तेज आवाज में सुनने से न सिर्फ कानों पर दबाव पड़ता है, बल्कि सुनने की क्षमता पर भी असर पड़ सकता है. कई बार यह समस्या धीरे-धीरे शुरू होती है और लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय के साथ यह दर्द बढ़ सकता है. आयुर्वेद के अनुसार, कान से जुड़ी अधिकतर समस्याएं शरीर में वात दोष के असंतुलन से जुड़ी होती हैं. जब वात बढ़ जाता है, तो कानों में सूखापन, जकड़न और हल्का दर्द महसूस होने लगता है, जो आगे चलकर ज्यादा परेशानी पैदा कर सकता है. ऐसे में आयुर्वेद में कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं, जो शुरुआती और हल्के कान दर्द में राहत देने में मदद कर सकते हैं. पुराने समय से एक खास तेल का इस्तेमाल किया जाता रहा है, जिसे घर पर आसानी से तैयार किया जा सकता है. इसके लिए अदरक का रस, सेंधा नमक और नींबू की कुछ बूंदों को सरसों के तेल में डालकर हल्का गर्म किया जाता है. जब यह मिश्रण अच्छे से पक जाए, तो इसे छानकर ठंडा कर लिया जाता है. इसके बाद इस तेल की दो-दो बूंद प्रभावित कान में डाली जाती है. यह उपाय धीरे-धीरे दर्द को कम करने में सहायक माना जाता है और कानों को आराम पहुंचाता है. आयुर्वेद के अनुसार क्यों होता है कान दर्दआयुर्वेद में कान दर्द को वात दोष की वृद्धि से जोड़ा जाता है. जब शरीर में वात बढ़ता है, तो इसका असर कानों पर भी पड़ता है. इससे सूखापन, खिंचाव और दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं. इसलिए वात को संतुलित रखना जरूरी माना जाता है. अदरक को आयुर्वेद में प्राकृतिक दर्द निवारक माना जाता है. इसकी गर्म तासीर दर्द को कम करने में मदद करती है. साथ ही यह वात को शांत करने में भी सहायक होता है, जिससे कानों में होने वाली परेशानी धीरे-धीरे कम हो सकती है. सेंधा नमक का असरसेंधा नमक भी दर्द और सूजन को कम करने में मददगार माना जाता है. जब इसे अदरक के साथ इस्तेमाल किया जाता है, तो यह मिश्रण और भी प्रभावी हो जाता है और कान के दर्द में राहत देने में सहायक बनता है. इस तेल को इस्तेमाल करने से पहले उसे हल्का गुनगुना कर लें. फिर साफ ड्रॉपर की मदद से प्रभावित कान में एक से दो बूंद डालें. इससे धीरे-धीरे आराम महसूस हो सकता है. इस्तेमाल से पहले रखें सावधानीअगर कान में किसी तरह का घाव है, पस आ रहा है या कान बह रहा है, तो इस तेल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. ऐसी स्थिति में पहले चिकित्सक से सलाह लेना जरूरी है. कान के दर्द से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है. नहाते समय ध्यान रखें कि साबुन या पानी कान के अंदर न जाए. इसके अलावा समय-समय पर कानों की हल्की सफाई करते रहें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 06, 2026, 20:02 IST
सेहत का खजाना है ‘शतावरी’! इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर तनाव दूर करने तक, आयुर्वेद के इस नुस्खे के कायल हुए डॉक्टर

Last Updated:April 06, 2026, 18:43 IST Shatavari Benefits in Hindi: बागपत के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी के अनुसार, शतावरी एक ऐसी चमत्कारी और किफायती औषधि है जो इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन शक्ति सुधारने और मानसिक तनाव दूर करने में बेहद कारगर है. यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, विशेषकर स्तनपान कराने वाली माताओं के लिए यह अत्यंत लाभकारी है. शारीरिक कमजोरी दूर करने और निरोगी जीवन जीने के लिए डॉक्टर इसे दूध के साथ लेने की सलाह देते हैं. बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए इसका चिकित्सकीय परामर्श से सेवन करें. बागपत: भागदौड़ भरी जिंदगी और खराब खान-पान के बीच आयुर्वेद एक बार फिर संजीवनी बनकर उभर रहा है. बागपत के प्रसिद्ध आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने ‘शतावरी’ को स्वास्थ्य के लिए एक चमत्कारी औषधि बताया है. बाजार में बेहद किफ़ायती दाम पर मिलने वाली यह जड़ी-बूटी न केवल इम्यूनिटी को फौलादी बनाती है, बल्कि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. मानसिक तनाव से लेकर शारीरिक कमजोरी तक, शतावरी हर मोर्चे पर शरीर को निरोगी बनाने की क्षमता रखती है. शतावरी: एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधिशतावरी एक ऐसी चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो आसानी से बाजार में उपलब्ध होती है. इस औषधि का इस्तेमाल करने से इम्यूनिटी मजबूत होती है, पाचन शक्ति मजबूत होती है और मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है. डॉक्टर बताते हैं कि यह औषधि महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इसका इस्तेमाल कर चिकित्सा के फायदे ले सकते हैं, हालांकि महिलाओं और पुरुषों को इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक के परामर्श जरूर लेना चाहिए. इसका इस्तेमाल महिला-पुरुष जरूरी मात्रा में करके सेहत को बेहतर बना सकते हैं और एक लंबा और निरोगी जीवन जी सकते हैं. डॉक्टर की राय: शरीर पर होते हैं चौंकाने वाले फायदेआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर राघवेंद्र चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि शतावरी एक चमत्कारी आयुर्वेदिक औषधि है, जो बाजार में सस्ते रेट पर उपलब्ध होती है. इसका इस्तेमाल करने से शरीर पर चौंकाने वाले फायदे देखने को मिलते हैं. शतावरी का इस्तेमाल करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शरीर में कोई भी बीमारी आने से रोकी जा सकती है. पाचन तंत्र और शारीरिक कमजोरी में रामबाणशतावरी का उपयोग करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है. शरीर में खाने पीने से ताकत मिलती है और शरीर की कमजोरी को दूर किया जाता है. अक्सर कमजोरी महसूस करने वाले लोगों के लिए यह औषधि अत्यंत प्रभावी है. इसके साथ ही, शतावरी का इस्तेमाल करने से मानसिक तनाव से छुटकारा मिलता है और मानसिक विकारों में यह लाभदायक साबित होती है. महिलाओं के लिए किसी वरदान से कम नहींडॉक्टर के अनुसार, शतावरी का इस्तेमाल महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है. बच्चों को स्तनपान कराने वाली महिलाओं को इसका अत्यधिक सेवन करना चाहिए, जिससे उनके शरीर में किसी प्रकार की कमी नहीं रहती और बच्चों को भी स्तनपान से भरपूर पोषण और लाभ मिलता है. डॉक्टर ने बताया कि महिला, पुरुष और बुजुर्ग सभी इसका इस्तेमाल कर शारीरिक लाभ ले सकते हैं, बस शर्त यह है कि इसका इस्तेमाल चिकित्सक की देखरेख में ही करना चाहिए. कैसे करें सेवन? जानें सही तरीकाडॉक्टर ने बताया कि शतावरी का उपयोग आप चूर्ण के रूप में दूध के साथ सुबह और शाम कर सकते हैं. हालांकि इसका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव नहीं होता, लेकिन इस्तेमाल से पहले चिकित्सक की सलाह और जरूरी मात्रा का निर्धारण करना आवश्यक है. यह एक ऐसी औषधि है जो शरीर पर तेजी से काम करके स्वास्थ्य लाभ देने का काम करती है. About the Author Rahul Goel राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें Location : Baghpat,Uttar Pradesh First Published : April 06, 2026, 18:43 IST
गर्मी में कौन सी रोटी खाएं जिससे पेट रहे हल्का ? जानिए 6 आटों की हेल्दी रोटियां जो दूर करेंगी गैस और कब्ज की समस्या

Best Roti For Summer: गर्मियों का मौसम आते ही सबसे ज्यादा असर हमारे पेट पर दिखता है. कभी भारीपन, कभी गैस, तो कभी कब्ज जैसी परेशानी अचानक बढ़ने लगती है. इसकी बड़ी वजह होती है शरीर में पानी की कमी और वही पुराना भारी खाना. ऐसे में अगर आप अपनी रोज की रोटी में थोड़ा सा बदलाव कर लें, तो काफी फर्क महसूस कर सकते हैं. आमतौर पर हम गेहूं की रोटी खाते हैं, लेकिन गर्मियों में कुछ ऐसे आटे भी हैं जो शरीर को ठंडक देते हैं और पेट को हल्का रखते हैं. ये आटे फाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे खाना जल्दी पचता है और पेट साफ रहता है. अच्छी बात ये है कि इन आटों की रोटियां स्वाद में भी अच्छी लगती हैं और इन्हें आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है, अगर आप भी गर्मी में हेल्दी रहना चाहते हैं और पेट की दिक्कतों से दूर रहना चाहते हैं, तो इन खास आटों की रोटियां जरूर ट्राय करें. गर्मियों में क्यों जरूरी है सही आटे का चुनावगर्मी में शरीर जल्दी डिहाइड्रेट होता है, जिससे पाचन धीमा हो जाता है. ऐसे में अगर आप ज्यादा भारी या कम फाइबर वाला खाना खाते हैं, तो कब्ज की समस्या बढ़ जाती है. इसलिए हल्का, ठंडा और फाइबर वाला आटा चुनना जरूरी हो जाता है. 1. जौ का आटाजौ का आटा गर्मियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है और इसमें भरपूर फाइबर होता है. ये मल को नरम करता है और कब्ज को कम करने में मदद करता है. आप इसे गेहूं के आटे में मिलाकर रोटी बना सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. 2. ज्वार का आटाज्वार ग्लूटेन-फ्री होता है और पेट के लिए काफी हल्का होता है. इसे खाने से पेट में ठंडक बनी रहती है और गैस या एसिडिटी जैसी परेशानी कम होती है. गर्मियों में ये एक बढ़िया ऑप्शन है. 3. चने का आटा (सत्तू)सत्तू गर्मियों का सुपरफूड माना जाता है. ये प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है. इसकी रोटी खाने से पेट साफ रहता है और शरीर में एनर्जी भी बनी रहती है. साथ ही ये शरीर को ठंडा भी रखता है. 4. रागी का आटारागी को अक्सर सर्दियों से जोड़ा जाता है, लेकिन अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए तो ये गर्मियों में भी फायदेमंद है. इसमें फाइबर और कैल्शियम ज्यादा होता है, जो पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज से राहत देता है. 5. ओट्स का आटाओट्स आजकल हर घर में इस्तेमाल होने लगा है. इसमें खास तरह का फाइबर होता है जो पेट की सफाई में मदद करता है. सुबह के नाश्ते में ओट्स की रोटी खाना अच्छा विकल्प हो सकता है. 6. सिंघाड़े का आटासिंघाड़े का आटा पानी में उगने वाली फसल से बनता है, इसलिए इसकी तासीर ठंडी होती है. इसे खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और पेट हल्का रहता है. कैसे करें इन आटों का इस्तेमालइन सभी आटों को आप सीधे या गेहूं के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. शुरुआत में मिक्स करके खाना आसान रहता है. धीरे-धीरे आप अपनी पसंद के हिसाब से बदलाव कर सकते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
‘हिंदू विरोधी टीएमसी’: बीजेपी ने ममता पर ‘एक और पहलगाम’ वाली टिप्पणी से मतदाताओं को खुश करने का आरोप लगाया | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 18:19 IST बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास चुनाव से पहले पहलगाम शैली में एक और हमले का खाका हो सकता है, भाजपा ने उनकी टिप्पणी को अल्पसंख्यक तुष्टीकरण बताया और तृणमूल को हिंदू विरोधी करार दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य विधानसभा चुनाव से पहले नादिया में टीएमसी उम्मीदवारों के समर्थन में एक सार्वजनिक बैठक को संबोधित किया। (पीटीआई फोटो) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हालिया टिप्पणियों पर उन पर निशाना साधा और सवाल उठाया कि क्या पार्टी के पास “चुनाव से पहले एक और पहलगाम हमले” के लिए “खाका तैयार” था। भाजपा ने कहा कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता की टिप्पणी का उद्देश्य उसके मतदाता आधार को खुश करना था और यह “हिंदू विरोधी” रुख को दर्शाता है। नादिया जिले के बेथुदाहारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की कोलकाता को निशाना बनाने की धमकी का जिक्र करते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जिन्होंने पिछले दिन कूच बिहार में एक रैली को संबोधित किया था, ने जवाब क्यों नहीं दिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहलगाम के बर्बर आतंकी हमले को ‘एक स्क्रिप्ट ब्लूप्रिंट’ कहा है! वोट बैंक को खुश करने के लिए टीएमसी पहलगाम को एक स्क्रिप्ट का खाका बताने की हद तक चली गई, जिसमें निर्दोष हिंदुओं को पाक आतंकवादियों ने मार डाला था! हिंदू विरोधी टीएमसी! pic.twitter.com/U6LKeLSA6e — प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 6 अप्रैल 2026 “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा कि वे कोलकाता को निशाना बनाएंगे। नरेंद्र मोदी ने यह क्यों नहीं कहा कि हम कड़ी कार्रवाई करेंगे? क्या कारण है? ब्लूप्रिंट तैयार है? चुनाव से पहले एक और पहलगाम?” उसने पूछा. ममता ने पाकिस्तान की धमकी के बिना पश्चिम बंगाल में चुनावी रैलियों को संबोधित करने के लिए पीएम मोदी की आलोचना की। यह भी पढ़ें: ‘वोट नहीं तो रिश्ता नहीं’: बंगाल के मतदाताओं के लिए ‘भावुक’ ममता बनर्जी का संदेश उन्होंने कहा, “आप (पीएम) चुनावी रैलियों के दौरान बंगाल को निशाना बनाते हैं; लेकिन जब पाकिस्तान बंगाल पर हमला करने की बात करता है, तो आप एक शब्द भी नहीं बोलते हैं। आपको इस्तीफा दे देना चाहिए।” बीजेपी ने बनर्जी की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी. राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने एक्स पर टीएमसी नेता की टिप्पणियों का एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बर्बर पहलगाम आतंकी हमले को ‘एक स्क्रिप्ट ब्लूप्रिंट’ कहा! वोट बैंक को खुश करने के लिए टीएमसी पहलगाम को एक स्क्रिप्ट ब्लूप्रिंट कहने की हद तक चली गई जिसमें निर्दोष हिंदुओं को पाक आतंकवादियों ने मार डाला! हिंदू विरोधी टीएमसी!” पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को भारत को चेतावनी दी कि वह भविष्य में किसी भी दुस्साहस का कोलकाता में हमले से जवाब देगा। आसिफ ने अपने गृहनगर सियालकोट में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, ”अगर भारत इस बार कोई गलत फ्लैग ऑपरेशन करने की कोशिश करता है, तो ईश्वर की इच्छा से, हम इसे कोलकाता ले जाएंगे।” (पीटीआई से इनपुट्स के साथ) जगह : पश्चिम बंगाल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 06 अप्रैल, 2026, 18:19 IST समाचार राजनीति ‘हिंदू विरोधी टीएमसी’: बीजेपी ने ममता पर ‘एक और पहलगाम’ वाली टिप्पणी से मतदाताओं को खुश करने का आरोप लगाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी बीजेपी टिप्पणी(टी)ममता बनर्जी(टी)बीजेपी आलोचना(टी)पहलगाम हमला टिप्पणी(टी)पश्चिम बंगाल की राजनीति(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)अल्पसंख्यक वोटबैंक(टी)हिंदू विरोधी आरोप
असम में कांग्रेस पार्टी वापसी या बीजेपी फिर से मारेगी बाजी? जानिए क्या है ओपिनियन पोल

असम विधानसभा चुनाव (असम विधानसभा चुनाव मैट्रिज़ ओपिनियन पोल 2026) बीजेपी के लिए लेकर आएं फाइनल ओपिनियन पोल से लेकर गुड न्यूज तक। असम में बीजेपी+ को इस विधानसभा चुनाव में 92-102 सीटें मिल सकती हैं. मैट्रिज (मैट्रिज) और चाणक्य (चाणक्य) के सर्वेक्षण के अनुसार असम में आने वाले चुनाव में बीजेपी-नेतृत्व वाला गठबंधन (बीजेपी+) की स्थिति मजबूत है और उनकी सत्ता में आने या सत्ता बनाए रखने की संभावना ज्यादा दिख रही है। दोनों स्टूडियो सर्वे हैं कि वोट शेयर और दोनों पार्टियाँ बीजेपी गठबंधन में आगे हैं। कांग्रेस गठबंधन पीछे है, जबकि छोटे बौद्ध धर्म का असर बहुत कम रहने की उम्मीद है। वोट शेयर में बढ़त (मैट्रिज)बीजेपी+: 46%कांग्रेस+: 36%अन्य: 18% मैट्रिज सर्वे के मुताबिक बीजेपी गठबंधन को ज्यादातर लोगों का समर्थन मिल रहा है। कांग्रेस गठबंधन भी गठबंधन में है, लेकिन वह पीछे है. बाकी छोटे स्कूली बच्चों का वोट कम है। क्वेश्चन का अनुमान (मैट्रिज़)बीजेपी+: 92-102 बीजेपीकांग्रेस+: 22-32 विधानसभाअन्य: 4-7 लाभ पोर्टफोलियो के अनुमान में गठबंधन एलायंस को साफा इंवेस्टमेंट दिख रही है। यह बहुमत के दस्तावेज़ पास या ऊपर जा सकते हैं। कांग्रेस गठबंधन की भूमिका में बने रहेंगे. अन्य दल बहुत कम प्रतियोगी जीत सकते हैं। चाणक का सर्वे सीट अनुमानबीजेपी+: 83-90 बढ़तकांग्रेस+: 30-36 प्रतिशतअन्य: 3-6 पौधे अन्य चाणक के सर्वे में भी बीजेपी गठबंधन आगे दिख रहा है. कांग्रेस गठबंधन में कुछ भी शामिल होना जरूरी है, लेकिन सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। हालांकि चुनाव के नतीजों में पिछले समय के बदलाव और स्थानीय धार्मिक बदलाव भी हो सकते हैं, लेकिन नतीजों के सर्वे से पता चलता है कि मुकाबले में बीजेपी के पक्ष में गिरावट आई है। असम में मोदी ने की आज की रैली असम विधानसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को डिब्रूगढ़ में एक किशोर लड़की को पेश किया। इस दौरान उन्होंने नामांकन पर हमला बोल दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि डिब्रूगढ़ में भारी भीड़ और लोगों का उत्साह कई बार देखने को मिलता है, लेकिन इस बार जो जोश और उत्साह देखने को मिलता है, वह अप्रिय है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह जनसमर्थन के लिए चिंता का विषय है। पहले कांग्रेस से ही हैरान-परेशान है और वोटिंग से ठीक पहले इस तरह की तस्वीरें और पोस्ट कर मांगें. (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)असम चुनाव 2026(टी)चुनाव 2026(टी)ओपिनियन पोल(टी)ओपिनियन पोल 2026(टी)असम(टी)कांग्रेस(टी)बीजेपी(टी)ओपिनियन पोल
महिला से घर में घुसकर बदसलूकी, पति पर हमला:तीन दिन बाद भी आरोपी गिरफ्तार नहीं, एसपी से शिकायत

झाबुआ के थांदला थाना क्षेत्र के वडलीपाड़ा गांव में एक महिला से घर में घुसकर बदसलूकी और उसके पति पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। परेशान होकर सोमवार को महिला दीतू बाई अपने पति मुकेश और परिजनों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। उन्होंने एसपी डॉ. शिवदयाल से सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़ित ने बताया कि घटना 3 अप्रैल की शाम करीब 5:30 बजे की है। वह अपने घर पर अकेली थीं। गांव का निवासी कानू पिता रुमाल भूरिया जबरन घर में घुस आया हाथ पकड़ लिया। जब महिला ने शोर मचाया, तो आरोपी ने मुंह दबाकर जान से मारने की कोशिश की। पीड़िता ने तत्काल थांदला थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी कानू के खिलाफ बीएनएस की धारा 296(a), 115(2) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया। रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय उसी रात आरोपी कानू ने अपने साथियों के साथ मिलकर पीड़िता के पति मुकेश और भतीजे सुभाष पर हमला कर दिया। इस हमले में दोनों को गंभीर चोटें आईं और उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस दूसरे हमले के संबंध में भी थांदला पुलिस ने 4 अप्रैल को आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 126(2), 296(a), 115(2), 351(3) एवं 3(5) के तहत एक और मामला दर्ज किया। पीड़िता का आरोप है कि दो एफआईआर दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। उन्होंने एसपी को बताया कि उनके पति और भतीजे के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। परिवार दहशत में है। एसपी डॉ. शिवदयाल ने पीड़िता को उचित वैधानिक कार्रवाई और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है।
पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का निधन:इंग्लैंड में आया हार्ट अटैक, जालंधर के रहने वाले; ढोला वे ढोला गीत से मिली थी पहचान

जालंधर के दोसांझ कलां के रहने वाले और पंजाबी सिंगर दीपा दोसांझ का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। ढोला वे ढोला गीत से फेम दीपा इन दिनों इंग्लैंड के लीसेस्टर में रहे थे। मशहूर पंजाबी सिंगर और कंपोजर सुखशिंदर शिंदा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर गायक दीपा दोसांझ के निधन पर दुख व्यक्त किया है। उन्होंने पोस्ट शेयर कर लिखा, आज पंजाबी संगीत जगत ने एक सच्चा रत्न खो दिया। दीपा दोसांझ पंजाबी संगीत जगत और यूके भांगड़ा इंडस्ट्री से जुड़े थे। 90 के दशक के सुपरहिट सिंगर रहे हैं। दीपा ने ढोला वे ढोला जैसे सदाबहार गीतों के जरिए घर-घर में पहचान बनाई थी। जानकारी के अनुसार दीपा दोसांझ का निधन अचानक हेल्थ बिगड़ने के कारण हुआ। सोशल मीडिया और संगीत हलकों में उनके निधन का कारण दिल का दौरा बताया जा रहा है। हालांकि परिवार की ओर से अभी कारण की पुष्टि नहीं की गई है। उनके अचानक निधन से न केवल उनके फैंस बल्कि पूरा पंजाबी कलाकार भाईचारा सदमे में है। जालंधर के दोसांझ कलां से था गहरा नाता दीपा दोसांझ मूल रूप से पंजाब के जालंधर जिले के मशहूर गांव दोसांझ कलां से ताल्लुक रखते थे। हालांकि वे लंबे समय से ब्रिटेन में बस गए थे, लेकिन उन्होंने अपनी गायकी में हमेशा पंजाब की मिट्टी की महक को जिंदा रखा। गौरतलब है कि इसी गांव से मशहूर ग्लोबल स्टार दिलजीत दोसांझ भी आते हैं। दीपा ने दिलजीत से पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दोसांझ नाम को बड़ी पहचान दिला दी थी। 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में आए दीपा दोसांझ को उनके हाई-पिच गायन और पारंपरिक बोलियों के लिए जाना जाता था। उन्होंने 90 के दशक के अंत में संगीत की दुनिया में कदम रखा और ढोला वे ढोला एल्बम से रातों-रात स्टार बन गए। उनके नसीबा, जी करदा, वधाइयां और दीपा बोलियां जैसे गाने आज भी शादियों और पार्टियों की जान हैं। उन्होंने बड़े म्यूजिक प्रोड्यूसर्स के साथ मिलकर यूके भांगड़ा सीन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि देने वालों का लगा तांता दीपा के निधन की खबर फैलते ही फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) पर प्रशंसकों और साथी कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि देना शुरू कर दिया है। प्रशंसकों का कहना है कि दीपा दोसांझ की आवाज ने एक पूरे दौर को नई पहचान दी थी और उनके जाने से पंजाबी लोक संगीत के एक युग का अंत हो गया है।
कॉकरोच से गलत नहीं डरती लड़कियां…आज के बाद आप भी खाओगे खौफ, जानिए ये कितने खतरनाक

Last Updated:April 06, 2026, 16:23 IST Cockroaches Caused Diseases : क्या आप भी कॉकरोच से डरने वालों का मजाक उड़ाते रहे हैं. अगर ऐसा है तो ये न करें. डॉक्टरों के हिसाब से भी कॉकरोच से डरना जरूरी है. लोकल 18 से आगरा के चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल कहते हैं कि कॉकरोच से टाइफाइड, हैजा (कॉलरा), पेचिश, डायरिया और पेट के गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं. इनके मलमूत्र से गंभीर एलर्जी और अस्थमा भी हो सकता है. डॉ. आशीष के मुताबिक, कॉकरोच अपने साथ कई तरह की गंदगी लाते हैं. आगरा. घरों में कॉकरोच दिखना आम बात है. अक्सर कॉकरोच गंदी जगहों से होकर कई बार किचन तक पहुंच जाते है. ये किचन में रखे बर्तन और खाने को दूषित कर सकते हैं, जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं. आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल बताते हैं कि कॉकरोच से टाइफाइड, हैजा (कॉलरा), पेचिश, डायरिया और पेट के गंभीर संक्रमण जैसी बीमारियां हो सकती हैं. कॉकरोच साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया फैलाते हैंजो दूषित भोजन के माध्यम से पेट में संक्रमण, तेज बुखार, उल्टी और पेट दर्द का कारण बन सकते हैं. डॉ. आशीष बताते हैं कि इनके मलमूत्र से गंभीर एलर्जी और अस्थमा भी हो सकता है. इससे बचने के लिए खाने को ढक कर रखें. बर्तन को इस्तेमाल करने से पहले उन्हें अच्छे से जरूर धुलें. कितना जोखिम डॉ. आशीष के मुताबिक, कॉकरोच अपने साथ कई तरह की गंदगी लाते हैं. खाने के बर्तन को गंदा कर सकते हैं. खुले में रखा खाना भी कॉकरोच के संपर्क में आने से दूषित हो सकता है. ऐसे खाने से टाइफाइड होने का डर रहता है. यदि बुखार, पेट दर्द तीन दिनों से ज्यादा समय तक रहे तो अपने नजदीकी चिकित्सक से परामर्श करना बेहद जरूरी है. कई बार मरीज लापरवाही कर देते हैं जो कई बार जोखिम भरा भी हो सकता है. और क्या करें डॉ. आशीष बताते हैं कि खाना खाने से पहले इस्तेमाल करने वाले बर्तन को अच्छे से जरूर धोएं. हाथों को भी धोकर ही खाना खाना चाहिए. पका हुआ या कच्चा खाना, फल आदि को हमेशा किसी बर्तन से ढक कर रखें. घरों ने यदि कॉकरोच हैं तो उनके रास्तों को ब्लॉक कर दें. किचन में दरार, गड्डों आदि जगहों को बंद कर दें ताकि कॉकरोच या दूसरे कोई कीट वहां छुपे न. बाहर मिलने वाले सोल्यूशन का भी इस्तेमाल कर उन्हें भगाया जा सकता है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : April 06, 2026, 16:23 IST
सीधी में 6000 वर्गमीटर में भाजपा का हाईटेक भवन:डेढ़ करोड़ की लागत से बनेगा, सांसद-विधायक ने किया भूमिपूजन

सीधी शहर में भारतीय जनता पार्टी के नए जिला कार्यालय के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सोमवार को भारत होटल के पास स्थित शासकीय जमीन पर विधिवत भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 11:00 बजे शुरू हुआ, जिसमें जिले और प्रदेश स्तर के कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। भूमिपूजन कार्यक्रम में सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, सीधी विधायक रीती पाठक, धौहनी विधायक कुंवर सिंह टेकाम, सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक और भाजपा जिलाध्यक्ष देव कुमार सिंह चौहान प्रमुख रूप से मौजूद थे। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम से जुड़े। उन्होंने एक साथ प्रदेश के 18 जिलों में भाजपा कार्यालयों के भूमिपूजन कार्यक्रमों में सहभागिता की, जिसमें सीधी जिला भी शामिल था। भाजपा के जिला मीडिया प्रभारी सुरेंद्र मणि द्विवेदी ने बताया कि सीधी में बनने वाला यह कार्यालय लगभग डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। यह भवन करीब 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होगा और आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। प्रस्तावित भवन में एक विशाल मीटिंग हॉल, कॉन्फ्रेंस रूम, डिजिटल सुविधाएं, कंप्यूटर कक्ष और कार्यकर्ताओं के लिए व्यवस्थित बैठने की जगह शामिल होगी। इसमें छोटे गेस्ट रूम भी बनेगा। कार्यालय संगठनात्मक गतिविधियों के साथ-साथ पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन का केंद्र भी बनेगा। भवन का निर्माण कार्य करीब एक वर्ष में पूरा होने की उम्मीद है।
राज्यसभा में 19 नए सदस्यों ने शपथ ली:शरद पवार व्हीलचेयर पर पहुंचे; 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) प्रमुख शरद पवार समेत 19 नए और दोबारा चुने गए राज्यसभा सदस्यों ने सोमवार को शपथ ली। शरद पवार व्हीलचेयर पर शपथ लेने के लिए संसद पहुंचे। शपथ लेने वालों में 5 महाराष्ट्र, 3 ओडिशा, 6 तमिलनाडु और 5 पश्चिम बंगाल के सदस्य है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन की मौजूदगी में सभी सदस्यों को शपथ दिलाई गई। 16 अप्रैल से तीन दिन का विशेष सत्र बुलाया गया है। दरअसल, 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटें 2 अप्रैल को खाली हुई थीं। इन सीटों के 26 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग हुई। शपथग्रहण की दो तस्वीरें… इन सदस्यों ने शपथ ली… 16 अप्रैल से राज्यसभा का विशेष सत्र सांदसों के शपथ ग्रहण का आयोजन ऐसे समय हुआ, जब संसद का सत्र नहीं चल रहा है। हालांकि इस मौके पर उप सभापति हरिवंश और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू भी मौजूद थे। किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर सभी दलों से साथ आने की अपील की। महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को लेकर संसद का विशेष सत्र 16 अप्रैल से बुलाया जाएगा। 16, 17 और 18 अप्रैल को सदन में महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े अहम बिल पर चर्चा की जाएगी। वर्तमान में लोकसभा में 543 सीटें हैं। प्रस्तावित 50% की बढ़ोतरी के साथ सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिसमें से 273 (करीब एक तिहाई) सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। सरकार ने 2023 में संसद के विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पेश किया था। उसी दौरान इस बिल को आधिकारिक रूप से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ कहा गया। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह मुद्दा किसी एक दल का नहीं, बल्कि पूरे देश का है और इसमें राजनीति नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस और कुछ अन्य दल अभी आगे नहीं आए हैं, लेकिन उनसे विरोध की उम्मीद नहीं है। 16 मार्च: राज्यसभा चुनाव में NDA ने 11 में 9 सीटें जीतीं, 26 सांसद निर्विरोध चुने गए थे हरियाणा, बिहार और ओडिशा की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुआ था। इनमें 9 सीटों पर NDA कैंडिडेट्स या NDA समर्थित कैंडिडेट्स ने जीत दर्ज की थी। कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की। राज्यवार सीटों की बात करें तो बिहार की सभी पांचों सीटों पर NDA प्रत्याशी विजयी रहे। ओडिशा की 4 सीटों में से 3 NDA और 1 बीजद उम्मीदवार ने जीती। हरियाणा की दो सीटों में से एक पर भाजपा और एक पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की। पूरी खबर पढ़ें… ———– ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव:इनमें 25 सीटें विपक्ष, एनडीए की 12; पवार, सिंघवी का कार्यकाल अप्रैल में खत्म हो रहा चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। जो सीटें खाली हो रही हैं उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। पूरी खबर पढ़ें…









